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कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर फिशिंग स्कैम, पंजाब पुलिस ने जारी की चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नाम पर ठगी होने लगी है. साइबर ठग सीजेपी के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और फेक मैसेज तैयार किए हैं, जिनको लोगों को भेजा जा रहा है. ये मैसेज वॉट्सऐप पर वायरल हो रहा है. पंजाब पुलिस ने इससे बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है. पंजाब की लुधियाना पुलिस ने आम लोगों को इससे बचाने के लिए जागरुक अभियान चलाया है. साथ ही आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है. 42 सेकेंड के वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने डिटेल्स में बताया है कि कैसे एक छोटी सी गलती उस शख्स को कंगाल बना रही है. फेक मैसेज युवाओं को भेजा रहे हैं पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग आम लोगों को फेक मैसेज भेज रहे हैं. मैसेज में युवाओं के लिए कुछ खास बातें लिखी हैं, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी जॉइन करने की फर्जी अपील की जाती है और नीचे एक लिंक दिया जाता है. पुलिस ने वीडियो में साफ किया है कि वॉट्सऐप मैसेज के जरिए भेजा रहा लिंक खतरनाक है. जैसे ही यूजर्स उस फिशिंग लिंक पर क्लिक करते हैं तो मोबाइल तुरंत हैक हो जाता है.   एक बार फोन हैक होते ही विक्टिम के फोन में मौजूद बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी को चोरी कर लिया जाता है. इसके बाद विक्टिम ना सिर्फ बैंक खाता खाली कर दिया जाता है बल्कि उसके नाम पर लोन तक ले लिया जाता है. फिशिंग लिंक से ऐसे बचें फिशिंग लिंक या खतरनाक लिंक से बचाने के लिए कई तरीकों को फॉलो कर सकते हैं. अनजान नंबर से आने वाले मैसेज में कोई लिंक है तो उस पर क्लिक करने से पहले लिंक चेक कर लें. वेबसाइट का नाम, डोमेन नेम आदि को चेक कर लें. Short URL से सावधान रहें फिंशिंग लिंक में अगर कोई शॉर्ट यूआरएल दिया गया है तो उससे सावधान रहना चाहिए. ये शॉर्ट लिंक 4-6 कैरेक्टर के होते हैं. OTP शेयर ना करें अनजान शख्स या अनजान पोर्टल पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) शेयर ना करें. पहले मैसेज को कंफर्म करें कि वह कहां से आया है और बैंकिंग ओटीपी को किसी भी दूसरे शख्स के साथ शेयर ना करें. बैंकिंग डिटेल्स शेयर ना करें अनजान पोर्टल या संदिग्ध पोर्टल पर कभी भी बैंकिंग डिटेल्स आदि को शेयर ना करें. बैंक खाता नंबर, कार्ड डिटेल्स आदि को किसी के साथ शेयर ना करें. थर्ड पार्टी से ऐप डाउनलोड न करें साइबर ठगों से बचाव के लिए जरूरी है कि थर्ड पार्टी स्टोर से या APK फाइल आदि को फोन में इंस्टॉल ना करें. ऐप हमेशा ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें.

बिना तेल और बिना गैस वाला हेल्दी पोहा, फिटनेस फ्रीक्स के लिए बना परफेक्ट नाश्ता

आजकल लोग खाने में स्वाद के साथ-साथ सेहत भी ढूंढ रहे हैं. आलम ये है कि ये लोग मुंह में कुछ भी देने से पहले हजार बार सोचते हैं. इसी वजह से उनका नाश्ते से लेकर डिनर करने तक का स्टाइल बदल गया है. भारी-भरकम नाश्ते की जगह अब ऐसी चीजें पसंद की जा रही हैं जो जल्दी बन जाएं, पेट भी हल्का रखें और शरीर को जरूरी पोषण भी दें. यूं तो ऐसे बहुत से फूड्स हैं, लेकिन इनमें बिना तेल से बनने वाला पोहा लोगों का फेवरेट बनता जा रहा है. जी हां, पोहा बिना तेल के भी बन जाता है. खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए आपको गैस जलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे बनाने के लिए ना कड़ाही चाहिए और ना ही ज्यादा मेहनत. कुछ ताजी सब्जियां, भीगा हुआ पोहा और हल्के मसाले मिलाकर आप कुछ ही मिनटों में टेस्टी और हेल्दी नाश्ता तैयार कर सकते हैं. ये बेशक बिना तेल के बनता हो, लेकिन खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है. वजन कम करने वाले लोग, फिटनेस फॉलो करने वाले और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं हेल्दी पोहा. इंग्रेडिएंट्स:     1 कप पतला पोहा     1 बारीक कटा प्याज     1 छोटा टमाटर     1 हरी मिर्च     थोड़ा हरा धनिया     1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर     स्वादानुसार काला नमक     1 नींबू का रस     थोड़ी मूंगफली     चाहें तो अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी डाल सकते हैं ऐसे बनाएं बिना गैस वाला पोहा 1. बिना कड़ाही चढ़ाए और बिना तेल के पोहा बनाने के लिए सबसे पहले पोहे को हल्के पानी से धो लें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि वो अच्छे से सॉफ्ट हो जाए. 2. जब पोहा फूलकर सॉफ्ट हो जाए तब इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. सभी चीजें डालने के बाद खूब अच्छे से मिलाएं. 3. इसके बाद इसमें काला नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाकर अच्छे से मिक्स करें. ऊपर से मूंगफली, अंकुरित मूंग या अनार डाल दें. बस आपका हेल्दी और टेस्टी पोहा तैयार है. फिटनेस फ्रीक्स को क्यों आ रहा पसंद? ये पोहा बिना तेल और कम कैलोरी वाला होता है, इसलिए डाइट फॉलो करने वाले लोग इसे अपने मील प्लान में शामिल कर रहे हैं. इसमें फाइबर और ताजी सब्जियां होने की वजह से डाइजेशन भी बेहतर रहता है.    

4 जून को भारत में लॉन्च होगा Xiaomi 17T, मिलेगा 6500mAh बैटरी और 67W फास्ट चार्जिंग

शाओमी भारत में अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप सीरीज का स्मार्टफोन लेकर आ रहा है. भारत में इस हैंडसेट की लॉन्चिंग 4 जून को होगी. इसका नाम शाओमी 17टी होगा. उससे पहले इस हैंडसेट को ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया जाएगा, जिसकी तारीख 28 मई है. शाओमी की तरफ से टीजर वीडियो जारी हो चुका है, जिसमें बैक पैनल को साफ तौर पर दिखाया गया है. इससे पता चलता है कि बैक पैनल पर ट्रिपल कैमरा सेटअप होगा, जिसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा होगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ऑफिशियल लॉन्चिंग से पहले इस हैंडसेट के स्पेसिफिकेशन सामने आ चुके हैं. इस हैंडसेट का डिस्प्ले, बैटरी और चार्जिंग स्पीड आदि की डिटेल्स सामने आ चुकी हैं. इस हैंडसेट को भारत में ऐमेजॉन इंडिया, मी डॉट कॉम और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा. शाओमी 17टी के स्पेसिफिकेशन्स शाओमी 17टी में 6.59 इंच का 1.5K+ रेजोल्युशन का डिस्प्ले होगा, जिसमें 144 हर्ट्स का रिफ्रेश रेट्स होगा. इसमें एलटीपीओ स्क्रीन मिलेगी. शाओमी के अपकमिंग हैंडसेट में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8500 चिपसेट का यूज किया जाएगा. इसके साथ पावरफुल रैम और स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा. लॉन्चिंग के बाद रैम और स्टोरेज की जानकारी का खुलासा होगा. शाओमी 17टी का कैमरा सेटअप शाओमी 17टी में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप देखने को मिलेगा. इसमें 50MP का मेन कैमरा है और 12MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस है. 50 मेगापिक्सल का लीका 5X पेरिस्कॉप टेलीफोटो लेंस मिलेगा. स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए इसमें IP68 रेटिंग दी गई है, जो इसको डस्ट और पानी से बचाने का काम करता है. इसमें 6500mAh की बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके साथ 67W का हाइपर चार्जिंग सपोर्ट काम करेगा. हालांकि भारत में इसकी क्या कीमत होगी, वो तो आने वाले भविष्य में ही पता चलेगा.

गर्मियों के लिए परफेक्ट तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता, स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन

 गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और लू से शरीर बेहाल होने लगता है. तब दोपहर के खाने में ठंडी-ठंडी चीजें पेट को सुकून देती हैं. ऐसे में प्याज-टमाटर के तड़के वाला रायता एक ऐसा परफेक्ट ऑप्शन है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद दोगुना करता है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गर्मियों में इस रायते को खाने के कई बेमिसाल फायदे हैं. दही में भरपूर मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो चिलचिलाती गर्मी में आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद प्याज शरीर को लू से बचाने का काम करती है और टमाटर बॉडी को हाइड्रेट रखकर जरूरी विटामिन्स देता है. जब इस कॉम्बिनेशन में राई, कढ़ी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का देसी तड़का लगता है, तो इसकी तासीर और पाचक गुण दोनों और बढ़ जाते हैं. यह रायता गर्मियों में छाछ और सादे रायते से बोर हो चुके लोगों के लिए एक रिफ्रेशिंग और लजीज चॉइस है. तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता रेसिपी सामग्री: ताजा दही: 2 कप (अच्छे से फेंटा हुआ) प्याज: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ) टमाटर: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ, बीज निकाले हुए) हरी मिर्च: 1 (बारीक कटी हुई) हरा धनिया: बारीक कटा हुआ काला नमक व सादा नमक: स्वादानुसार भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटा चम्मच तड़के के लिए: तेल या घी: 1 छोटा चम्मच राई- 1/2 छोटा चम्मच कढ़ी पत्ता: 5-6 साबुत सूखी लाल मिर्च: 1 बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन में फेंटे हुए दही को लें. इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर मिक्स करें. तड़का पैन में 1 चम्मच तेल या घी गर्म करें. गर्म होने पर राई चटकाएं, फिर कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें. इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत दही के मिक्चर के ऊपर डालें और ढक दें ताकि तड़के की खुशबू रायते में समा जाए. आपका टेस्टी तड़का रायता तैयार है, इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.

Xiaomi 17T भारत में लॉन्च: 4 जून को आएगा फ्लैगशिप कैमरा फोन

शाओमी भारत में अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप सीरीज का स्मार्टफोन लेकर आ रहा है. भारत में इस हैंडसेट की लॉन्चिंग 4 जून को होगी. इसका नाम शाओमी 17टी होगा. उससे पहले इस हैंडसेट को ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया जाएगा, जिसकी तारीख 28 मई है. शाओमी की तरफ से टीजर वीडियो जारी हो चुका है, जिसमें बैक पैनल को साफ तौर पर दिखाया गया है. इससे पता चलता है कि बैक पैनल पर ट्रिपल कैमरा सेटअप होगा, जिसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा होगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ऑफिशियल लॉन्चिंग से पहले इस हैंडसेट के स्पेसिफिकेशन सामने आ चुके हैं. इस हैंडसेट का डिस्प्ले, बैटरी और चार्जिंग स्पीड आदि की डिटेल्स सामने आ चुकी हैं. इस हैंडसेट को भारत में ऐमेजॉन इंडिया, मी डॉट कॉम और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा. शाओमी 17टी के स्पेसिफिकेशन्स शाओमी 17टी में 6.59 इंच का 1.5K+ रेजोल्युशन का डिस्प्ले होगा, जिसमें 144 हर्ट्स का रिफ्रेश रेट्स होगा. इसमें एलटीपीओ स्क्रीन मिलेगी. शाओमी के अपकमिंग हैंडसेट में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8500 चिपसेट का यूज किया जाएगा. इसके साथ पावरफुल रैम और स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा. लॉन्चिंग के बाद रैम और स्टोरेज की जानकारी का खुलासा होगा. शाओमी 17टी का कैमरा सेटअप शाओमी 17टी में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप देखने को मिलेगा. इसमें 50MP का मेन कैमरा है और 12MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस है. 50 मेगापिक्सल का लीका 5X पेरिस्कॉप टेलीफोटो लेंस मिलेगा. स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए इसमें IP68 रेटिंग दी गई है, जो इसको डस्ट और पानी से बचाने का काम करता है. इसमें 6500mAh की बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके साथ 67W का हाइपर चार्जिंग सपोर्ट काम करेगा. हालांकि भारत में इसकी क्या कीमत होगी, वो तो आने वाले भविष्य में ही पता चलेगा.

Realme 16T लॉन्च: 8000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले के साथ नया मिड-रेंज फोन

रियलमी ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Realme 16T है. इसमें 8000mAh की बैटरी, 144Hz का रिफ्रेश रेट्स और AI फीचर्स को शामिल किया है. यह एक मिड रेंज हैंडसेट है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है. आइए इसके बारे में जानते हैं. रियलमी 16टी की शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है, जिसमें 6जीबी रैम और 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज मिलती है. बैंक ऑफर के तहत 3 हजार रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है. 31,999 रुपये में 8जीबी रैम और 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज वाला हैंडसेट मिलेगा. टॉप एंड वेरिएंट में 8जीबी रैम और 256जीबी इंटरनल स्टोरेज मिलती है, जिसकी कीमत 34,999 रुपये है. रियलमी 16टी के स्पेसिफिकेशन्स रियलमी के न्यू हैंडसेट में 6.8 इंच का एचडी प्लस आईपीएस एलसीडी स्क्रीन दी गई है, जिसके साथ 144 हर्ट्स का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा. इसमें 1200 निट्स की पीक ब्राइनेटस दी है.   रियलमी 16टी का प्रोसेसर और अन्य फीचर्स रियलमी के इस हैंडसेट में ऑक्टाकोर मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 6एनएम प्रोसेसर का यूज किया है. इसके साथ एआरएम माली जी57 एमसी2 जीपीयू का यूज किया है. इसके साथ 6जीबी रैम और 80जीबी रैम का ऑप्शन मिलता है. रियलमी 16टी का कैमरा रियलमी 16टी में 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें सोनी आईएणएक्स 852 सेंसर का यूज किया है. 2 मेगापिक्सल मोनोक्रोम सेंसर है. इसमें 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया है. रियलमी 16टी की बैटरी रियलमी 16टी में 8000mAh की बैटरी दी है, जो 45W के फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है. कंपनी का दावा है कि यह मैक्सिमम 3 दिन की बैटरी बैकअप दे सकती है. इसमें 7 साल के लिए बैटरी हेल्थ की गारंटी दी है. इसमें IP 69 की रेटिंग दी है, जो इसको वॉटर रेसिस्टेंस बनाता है.

कश्मीरी ब्यूटी सीक्रेट्स: केसर और कहवा से पाएं नेचुरल ग्लोइंग स्किन

 कश्मीर अपनी सुंदर वादियों और खूबसूरत नजारों के साथ-साथ वहां के लोगों की खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है. खासकर कश्मीरी महिलाओं की हेल्दी और ग्लोइंग स्किन हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है. वैसे तो इसके पीछे वहां का सुहाना मौसम, साफ पानी और खान-पान बड़ी वजह माने जाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि कश्मीरी महिलाएं अपनी स्किन को बेदाग और खूबसूरत बनाए रखने के लिए कुछ खास घरेलू और पारंपरिक तरीकों का भी अपनाते हैं? आज हम आपको कुछ पांरपरिक कश्‍मीरी स्किन केयर टिप्‍स बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप भी अपनी स्किन पर नेचुरल ग्लो ला सकते हैं. केसर से चेहरे पर आता है निखार कश्मीरी केसर को स्किन के लिए काफी हेल्दी माना जाता है. पहले कश्मीरी महिलाएं केसर को दूध या गुलाब जल में भिगोकर चेहरे पर लगाती थीं. माना जाता है कि इससे चेहरे की चमक बढ़ती है और स्किन फ्रेश नजर आती है. आज के समय में भी केसर का इस्तेमाल फेस मास्क, सीरम, फेस ऑयल और आयुर्वेदिक स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में खूब किया जाता है, क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. कहवा को माना जाता है ब्यूटी ड्रिंक वहीं कश्मीरी कहवा एक खुशबूदार चाय होती है, जिसे केसर, ग्रीन टी, बादाम, दालचीनी और इलायची से बनाया जाता है. यह शरीर को गर्माहट देने, डाइजेशन को बेहतर रखने और शरीर को तरोताजा महसूस कराने में मदद करती है. आजकल कई लोग इसे ब्यूटी ड्रिंक भी कहते हैं, क्योंकि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकते हैं. बादाम तेल से स्किन होती है सॉफ्ट बादाम का तेल लंबे समय से कश्मीरी ब्यूटी रूटीन का हिस्सा रहा है. पहले कश्मीरी महिलाएं सर्दियों में चेहरे पर बादाम तेल से मसाज करती थीं, ताकि चेहरे में नमी बनी रहे और स्किन सॉफ्ट दिखे. आजकल कोल्ड-प्रेस्ड बादाम तेल काफी पसंद किया जा रहा है. लोग इसका इस्तेमाल फेस मसाज, आंखों के नीचे की ड्रायनेस कम करने और बालों को पोषण देने के लिए करते हैं. अखरोट स्क्रब से हटती है डेड स्किन सेल्स वहीं कश्मीर अखरोट के लिए भी काफी मशहूर है. यहां अखरोट के छिलकों का इस्तेमाल पुराने समय से स्क्रब बनाने में किया जाता रहा है. यह स्क्रब चेहरे से डेड स्किन हटाने और स्किन को साफ व स्मूद बनाने में मदद करता है. खास बात यह है कि इसमें किसी तरह के हार्श केमिकल की जरूरत नहीं पड़ती. अब कई स्किनकेयर ब्रांड भी अखरोट वाले स्क्रब और फेस क्लेंजर बना रहे हैं.

गर्मी में टिफिन पैकिंग गाइड: खाने को जल्दी खराब होने से बचाने के आसान तरीके

मई में भारत का तापमान 45 डिग्री पार कर चुका है. बाहर हो या घर के अंदर सभी जगह किसी जलती भट्टी की तरह लग रही हैं. ऐसी सड़ी गर्मी में खाने-पीने की चीजों को खराब होने से बचाना सबसे बड़ा चैलेंज बन जाता है. खासकर जब बात स्कूल या ऑफिस के टिफिन की हो, तो थोड़ी सी लापरवाही भी खाने को जल्दी खराब कर सकती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस की वजह से खाने में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे वो जल्दी ही सड़ने लगता है. यहां तक की कई बार तो उसमें बदबू आने लगती है. अगर गलती से किसी भी बच्चे या बड़े ने ये खाना खा लिया तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार सुबह बनाया गया खाना दोपहर तक ही खराब होने लगता है, खासकर अगर उसे सही तरीके से पैक न किया गया हो. ऐसे में जरूरी है कि लंच बॉक्स पैक करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए. कुछ छोटी-छोटी आदतें आपके खाने को लंबे समय तक फ्रेश बनाए रख सकती हैं और उसे खराब होने से भी बचा सकती हैं. अच्छी क्वालिटी के डिब्बे का करें इस्तेमाल: गर्मियों में हमेशा अच्छी क्वालिटी के मजबूत लंच बॉक्स का इस्तेमाल करना चाहिए. इंसुलेटेड या एयरटाइट कंटेनर खाने को ज्यादा देर तक ताजा रखने में मदद करते हैं. इससे बाहर की गर्म हवा और नमी खाने तक जल्दी नहीं पहुंचती. गर्म खाना तुरंत पैक न करें: बहुत से लोग खाना बनते ही टिफिन में पैक कर देते हैं, लेकिन ये आदत सही नहीं मानी जाती है. गर्म खाना बंद डिब्बे में रखने से अंदर भाप बनती है, जिससे नमी बढ़ती है और खाना जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए खाना थोड़ा ठंडा होने के बाद ही पैक करें. कटे हुए फल ले जाने से बचें: अगर आप टिफिन में फल रख रहे हैं, तो कोशिश करें कि उन्हें पूरा ही रखें. कटे हुए फल जल्दी काले पड़ जाते हैं और लंबे समय तक बाहर रहने पर उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. केला, संतरा या सेब जैसे फल पूरे रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है. बचा हुआ खाना पैक करने में सावधानी रखें: रात का बचा हुआ खाना अगले दिन टिफिन में रखना सही नहीं होता, खासकर अगर वो जल्दी खराब होने वाली चीज हो. ज्यादा देर रखा खाना इंफेक्शन का कारण बन सकता है. कोशिश करें कि हमेशा ताजा बना खाना ही पैक करें. खाने को दोबारा गर्म करना हो सकता है फायदेमंद: अगर ऑफिस या स्कूल में माइक्रोवेव है, तो खाना खाने से पहले उसे हल्का गर्म जरूर कर लें. इससे खाने में मौजूद बैक्टीरिया खत्म होने में मदद मिलती है और फूड पॉइजनिंग का खतरा कम होता है. गीले और सूखे खाने को अलग रखें: रोटी, सलाद और सूखी सब्जी जैसी चीजों को हमेशा ग्रेवी वाले खाने से अलग पैक करें. इससे खाना गीला नहीं होता और लंबे समय तक स्वाद भी बना रहता है.

भीषण गर्मी में राहत: जानिए ठंडक देने वाली पुदीना कांजी वड़ा की आसान रेसिपी

मई और जून के महीने में जब पारा 45 डिग्री के पार पहुंचने लगता है तो मैदानी इलाकों में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं इंसानी शरीर को बेहाल कर देती हैं. इस भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है जिससे भूख न लगना, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं काफी कॉमन हो जाती हैं. ऐसे में सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा होना चाहिए जो न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट हो बल्कि पेट को दिनभर के लिए एसी जैसी ठंडक भी दे. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं उत्तर भारत और राजस्थान की पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय रेसिपी पुदीना कांजी वड़ा. पुदीने के एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों और राई के पाचक पानी से तैयार यह कांजी वड़ा गर्मियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आइए जानते हैं इसे बनाने का बेहद आसान तरीका. पुदीना कांजी के फायदे पुदीने की प्राकृतिक तासीर ठंडी होती है जो भीषण गर्मी में भी पेट की गर्मी को शांत कर शरीर के तापमान को संतुलित रखती है. कांजी के पानी में मौजूद राई और हींग पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं जिससे गर्मियों में होने वाली गैस, एसिडिटी और बदहजमी से बचाव होता है. सामग्री मूंग दाल: 1 कप (3-4 घंटे भीगी हुई) ताजा पुदीना पत्ती: 1 कप हरा धनिया: आधा कप हरी मिर्च: 2-3 पीली या काली राई (सरसों के दाने): 2 बड़े चम्मच (पीसी हुई) हींग: आधा छोटा चम्मच काला नमक: 1 बड़ा चम्मच सफेद नमक: स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर: आधा छोटा चम्मच तेल: वड़ा तलने के लिए बनाने का तरीका चटपटी कांजी का पानी तैयार करें: एक बड़े कांच या मिट्टी के बर्तन में 1.5 लीटर उबला और ठंडा किया हुआ पानी लें. मिक्सी जार में पुदीना, हरा धनिया और हरी मिर्च डालकर थोड़ा सा पानी मिलाकर बारीक पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को पानी में मिला दें. अब इस पानी में पिसी हुई राई, हींग, काला नमक, सफेद नमक, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह चम्मच से चलाएं. बर्तन का मुंह एक सूती कपड़े से बांधकर इसे 1 से 2 दिन के लिए धूप में या किसी गर्म जगह पर रख दें ताकि राई के कारण पानी में बढ़िया खट्टापन और पाचक गुण खमीर आ जाएं. भीगी हुई मूंग दाल को बिना पानी या बिल्कुल कम पानी के साथ मिक्सी में दरदरा पीस लें. इस पिसी हुई दाल में एक चुटकी हींग, थोड़ा सा नमक और बारीक कटा पुदीना मिलाएं. दाल को 5 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें ताकि वड़े एकदम सॉफ्ट और स्पंजी बनें. कढ़ाई में तेल गर्म करें. हाथों को थोड़ा गीला करके छोटे-छोटे वड़े गरम तेल में डालें और मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तल लें. तले हुए वड़ों को सीधे गुनगुने पानी के एक बर्तन में 10 मिनट के लिए डाल दें ताकि उनका एक्स्ट्रा तेल निकल जाए और वे सॉफ्ट हो जाएं. 10 मिनट बाद वड़ों को हथेलियों के बीच हल्के से दबाकर पानी निचोड़ लें और इन्हें तैयार पुदीना कांजी के खट्टे पानी में डाल दें. आधे घंटे के लिए इन्हें फ्रिज में रख दें. आपका ठंडा-ठंडा, चटपटा पुदीना कांजी वड़ा सर्व करने के लिए तैयार है.  

सांपों से बचाव में मदद करेगा ‘Big 4 Mapper’ ऐप: खतरे वाले इलाकों की मिलेगी जानकारी

सांपों के खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अब एक खास मोबाइल ऐप मददगार साबित हो सकता है. Big 4 Mapper नाम का यह ऐप लोगों को सांपों से जुड़े खतरे को समझने और उससे बचने में मदद करता है. यह ऐप खास तौर पर उन जगहों के लिए यूजफुल है जहां सांपों का खतरा ज्यादा रहता है, जैसे गांव, खेत या जंगल के पास के इलाके. इस ऐप का मकसद लोगों को यह जानकारी देना है कि उनके आसपास किस तरह के सांप पाए जाते हैं और किन जगहों पर सांप देखे गए हैं. इससे लोग पहले से सतर्क हो सकते हैं और ऐसे इलाकों से बच सकते हैं. मैप के जरिए मिलती है सांप की लोकेशन इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मैप के जरिए सांपों की लोकेशन दिखाई जाती है. यानी अगर किसी इलाके में पहले सांप देखा गया है, तो उसकी जानकारी यहां दर्ज रहती है. इससे यूजर को अंदाजा हो जाता है कि कौन-सी जगह ज्यादा जोखिम वाली है. यह फीचर खास तौर पर रात के समय या खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी हो सकता है. सांप कितना जहरीला है ये भी बताएगा ऐप इसके अलावा यह ऐप सांपों की पहचान में भी मदद करता है. कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि सामने दिख रहा सांप जहरीला है या नहीं. ऐसे में यह ऐप अलग-अलग सांपों की जानकारी और तस्वीरों के जरिए यूजर को समझने में मदद करता है. इससे घबराहट कम होती है और सही फैसला लेने में आसानी होती है. ऐप में सांप के काटने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है. इसमें आसान भाषा में बताया गया है कि तुरंत कौन-से कदम उठाने चाहिए और क्या गलती नहीं करनी चाहिए. यह जानकारी कई बार जान बचाने में अहम रोल निभा सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां तुरंत अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है. भारत के चार जहरीले सांपों पर फोकस करता है ये ऐप इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि यह Big 4 यानी भारत के चार सबसे खतरनाक जहरीले सांपों पर फोकस करता है. इनमें कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं. यही वो सांप हैं जिनकी वजह से देश में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं. ऐप इन सांपों के बारे में आसान तरीके से जानकारी देता है, ताकि आम लोग भी उन्हें पहचान सकें. SERPENT ऐप में मैपिंग फीचर भी दिया गया है, जिससे यूजर यह देख सकते हैं कि उनके आसपास किन इलाकों में सांप देखे गए हैं या कहां ज्यादा खतरा है. यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जो खेतों में काम करते हैं या रात में बाहर निकलते हैं. इससे लोग पहले से सावधान रह सकते हैं और जोखिम वाली जगहों से बच सकते हैं.  कई बार लोग डर के कारण गलत इलाज करने लगते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है. यह ऐप बताता है कि ऐसे समय में शांत रहना, तुरंत अस्पताल पहुंचना और सही फर्स्ट एड क्या है. SERPENT ऐप सिर्फ एक जानकारी देने वाला प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह एक सेफ्टी टूल की तरह काम करता है. खासकर उन लोगों के लिए जो सांपों के खतरे वाले इलाकों में रहते हैं, यह ऐप जान बचाने में भी मदद कर सकता है. इस तरह के ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जागरूकता बढ़ाता है. भारत जैसे देश में हर साल कई लोग सांप के काटने की वजह से प्रभावित होते हैं. ऐसे में अगर लोगों को पहले से सही जानकारी मिल जाए और वे सतर्क रहें, तो इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.