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आंखों का फड़कना महज अंधविश्वास नहीं, शरीर में छिपी इन 5 कमियों का हो सकता है संकेत

आंखों के फड़कने को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई मामलों में यह शरीर का संकेत हो सकता है कि आपको थोड़ा आराम करना चाहिए या शरीर के इशारे को समझना चाहिए। आंखों का फड़कना आमतौर पर हानिकारक नहीं होता, लेकिन बार-बार या अधिक समय तक ऐसा होना शरीर में किसी असंतुलन का संकेत हो सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि शरीर आपको क्या संकेत दे रहा है। अगर आंखों का फड़कना कई दिनों या हफ्तों तक बना रहे, आंखों में लालिमा, सूजन या दर्द हो, आंखें बार-बार अपने आप बंद हो जाएं या चेहरे के अन्य हिस्सों में हलचल महसूस हो, तो गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत अपनी जांच कराएं। आंख फड़कने के कारण आमतौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी इन गलत आदतों के कारण आंख फड़कती है-     नींद की कमी- पर्याप्त आराम न मिलने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे वे फड़कने लगती हैं।     तनाव- स्ट्रेस लेवल बढ़ने पर शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसका असर मांसपेशियों पर पड़ता है। इसमें आंखों का फड़कना भी शामिल है।     ज्यादा स्क्रीन टाइम- फोन और लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने से आंखें थक जाती हैं और फड़कने लगती हैं।     चाय-कॉफी या शराब का अधिक सेवन- कैफीन या शराब के ज्यादा सेवन से नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे मांसपेशियों की गति प्रभावित हो सकती है और आंख फड़कने की समस्या शुरू हो जाती है।     पोषण की कमी- हेल्दी डाइट न लेने से भी आंखें फड़कने की समस्या हो सकती है। मैग्नीशियम, विटामिन बी12 और पोटेशियम की कमी से आंखें फड़कने की तकलीफ हो सकती है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, मेवे और डेयरी प्रोडक्ट शामिल करें। आंख फड़कने के गंभीर संकेत आंख फड़कना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार ऐसा गंभीर समस्या के कारण भी हो सकता है। यदि आंखों का फड़कना चेहरे के अन्य हिस्सों में फैल जाए या आंख अपने आप बंद होने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। कई बार आंखों के फड़कने की वजह निम्नलिखित रोग भी हो सकते हैं-     ब्लेफेरोस्पाज्म     पार्किंसंस     मल्टीपल स्केलेरोसिस     फेशियल नर्व डिसऑर्डर शरीर के इन संकेतों नजरअंदाज न करें शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। मन और शरीर आपस में गहरा संबंध है। अगर मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं तो इसके लक्षण शरीर पर भी नजर आते हैं। काम या निजी जीवन का तनाव, लगातार चिंता या गहरी सोच, पर्याप्त आराम न मिलने से होने वाली मानसिक थकान, ये सभी समस्याएं सूक्ष्म रूप से शरीर को प्रभावित कर सकती हैं, जिसके कारण आंखों का फड़कना शुरू हो सकता है। शरीर के इन संकेतों नजरअंदाज नहीं करना चाहिए-     आंखों में ड्राइनेस- लंबे समय तक स्क्रीन के इस्तेमाल से आंखों में ड्राईनेस की समस्या हो सकती है।     आखों में एलर्जी या जलन- धूल और प्रदूषण के कारण आखों में एलर्जी या जलन हो सकती है।     थकान- शरीर पर ज्यादा जोर डालने से मांसपेशियों के फड़कने की समस्या हो सकती है। आंखों का फड़कना बहुत ज्यादा थकान का संकेत हो सकता है। आंखों का फड़कना कैसे रोकें आंखों का फड़कना रोकने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं-     7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें     स्क्रीन टाइम से ब्रेक लें     कैफीन और शराब से परहेज करें     मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें     हेल्दी डाइट लें आंख फड़कने के संकेत समझें आंखों की मांसपेशियां बेहद संवेदनशील होती हैं। ये मामूली परेशानी से भी फड़कने लगती हैं। आंखों का फड़कना भले ही मामूली लगे, लेकिन कई बार ये शरीर की शुरुआती चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। इस पर ध्यान देने से बड़ी समस्याओं को बढ़ने से पहले ठीक किया जा सकता है। पर्याप्त नींद, हेल्दी डाइट, मेडिटेशन, चाय-कॉफी और शराब से दूरी और स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करके आंखों के फड़कने की समस्या को रोका जा सकता है।  

Redmi A7 Pro 5G की लॉन्च डेट कंफर्म, 6300mAh बैटरी और ‘iPhone जैसी नॉच’ के साथ 13 अप्रैल को देगा दस्तक

Xiaomi का रेडमी ब्रांड भारत में नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Redmi A7 Pro 5G है. कंपनी ने कंफर्म कर दिया है कि 13 अप्रैल को यह हैंडसेट लॉन्च होगा और कंपनी ने इसके साथ किंग ऑफ पावर एंड स्टाइल टैगलाइन का यूज किया है. Xiaomi के ऑफिशियल पोर्टल पर एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां पर Redmi A7 Pro 5G को लेकर डिटेल्स शेयर की है. यह एक अफोर्डेबल 5G फोन है. कंपनी ने स्मार्टफोन का बैक पैनल, प्रोसेसर और बैटरी आदि के बारे में डिटेल्स शेयर की है. Xiaomi ने अनवील कर दिया है कि Redmi A7 Pro 5G में 6300mAh की बैटरी दी गई है. कंपनी ने बताया है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद यह हैंडसेट पूरे दिन आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि चार्जिंग कैपिसिटी को लेकर कोई ऑफिशियली जानकारी नहीं दी गई है. Redmi A7 Pro 5G का डिस्प्ले Redmi A7 Pro 5G में 6.9 इंच का डिस्प्ले दिया जाएगा. ऑफिशियल पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स में बताया गया है कि यह सेगमेंट का सबसे बड़ा और स्मूद डिस्प्ले मिलेगा. ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें शाओमी हाइपरलैंड दिया जाएगा. जहां आईफोन की तरह की तरह नॉच के पास नोटिफिकेशन्स और कुछ कंट्रोल्स नजर आएंगे. Redmi A7 Pro 5G का कैमरा Redmi A7 Pro 5G के बैक पैनल को दिखाया जा चुका है, जिससे पता चलता है कि इसमें डुअल कैमरा लेंस मिलेगा. साथ ही कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें 32MP का डुअल AI कैमरा है. ऑफिशिल पोर्टल पर इस हैंडसेट के जरिए दिखाया गया है कि यह एक ड्यूरेबल हैंडसेट है. हालांकि अभी ड्यूरेबिलिटी की रेटिंग और सर्टिफिकेशन आदि के बारे में डिटेल्स नहीं दी है.

क्या आपके नाखून भी हो रहे हैं पीले या नीले? जानें शरीर में छिपी किन बीमारियों की ओर है यह इशारा

हमारे नाखून न सिर्फ हाथों की खूबसूरती को बढ़ाते हैं, बल्कि ये आपकी सेहत का राज भी बताते हैं। जी हां, भले ही ये सुनने में अजीब लगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर बैठे आप अपने नाखूनों को देखकर यह अंदाजा लगा सकते हैं कि आपका शरीर किस स्थिति में है। जी हां, नाखूनों का रंग, बनावट, मोटाई और आकार सभी महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। अगर आपको इस बारे में जानकारी नहीं है तो इस लेख में हम आपको बताएंगे कि नाखूनों के कौन-कौन से संकेत स्वास्थ्य की गहन जानकारी देते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। नाखून का रंग नाखून का रंग हमारे शरीर की आंतरिक स्थिति का संकेत देता है। अगर नाखून पीले हो रहे हैं तो यह अक्सर विटामिन या मिनरल की कमी की ओर इशारा करता है। कभी-कभी यह ज्यादा धूम्रपान, फंगल संक्रमण या लिवर की समस्या का संकेत भी हो सकता है। नाखूनों पर सफेद धब्बे अक्सर जिंक की कमी से जुड़े होते हैं, जबकि नीला रंग ऑक्सीजन की कमी या फेफड़ों की समस्या की तरफ इशारा कर सकता है। नाखून की बनावट और मोटाई नाखून का बहुत नरम होना या बहुत मोटा होना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। नरम या टूटने वाले नाखून एनीमिया या लो ब्लड सेल्स की ओर इशारा कर सकते हैं। बहुत मोटे या उभरे हुए नाखून थायरॉइड या फंगल इन्फेक्शन का संकेत हो सकते हैं। नाखूनों का आकार नाखूनों का आकार और घुमाव स्वास्थ्य की जानकारी देते हैं। अगर नाखून सामान्य आकार से अलग फैल रहे हैं या नीले-गहरे रंग के हो रहे हैं, तो यह दिल की बीमारी या फेफड़ों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। कब डॉक्टर से मिलें ? अगर नाखूनों में अचानक बदलाव आए, दर्द या सूजन हो, लगातार टूट रहे हों, या रंग बदल रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

गर्मियों में खो गया है चेहरे का ग्लो, नारियल के इन देसी फेस पैक्स से पाएं पार्लर जैसा निखार

 गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं. तेज धूप, पसीना, धूल और प्रदूषण के कारण चेहरे की नेचुरल चमक धीरे-धीरे कम होने लगती है. हर कोई साफ, ग्लोइंग और फ्रेश स्किन चाहता है, लेकिन गर्मियों में स्किन का ग्लो कम हो जाता है और इसी चाहत में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेने लगते हैं, जिनमें केमिकल्स भी मौजूद होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद एक आम-सी चीज नारियल आपकी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. नारियल है स्किन के लिए बेस्ट नारियल में मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को गहराई से पोषण देने का काम करते हैं. नारियल में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और मॉइश्चराइजिंग प्रॉपर्टीज होती हैं, जो स्किन को न सिर्फ हेल्दी बनाती हैं बल्कि उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग भी बनाती हैं. खासतौर पर गर्मियों में जब त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है, तब नारियल से बना फेस पैक काफी असरदार साबित हो सकता है. इस तरीके से बनाएं नारियल का फेस पैक आपको बाजार से नारियल फेस पैक खरीदकर लाने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि घर पर नारियल फेस पैक बनाना बेहद आसान है. इसके लिए आपको 2 चम्मच नारियल तेल, 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच दही चाहिए . इन तीनों चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. अब इस फेस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और लगभग 15 से 20 मिनट तक लगाकर रखें और जब यह सूख जाए. तब ठंडे पानी से चेहरा धो लें. ऑयली स्किन वाले ऐसे बनाएं फेस पैक नारियल फेस पैक स्किन को अंदर से हाइड्रेट करता है और उसे फ्रेश लुक देता है.अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आप नारियल पानी का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. नारियल पानी में थोड़ा सा बेसन मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे चेहरे पर लगाएं. यह पैक एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करता है और स्किन को साफ और टोन करने में मदद करता है. नारियल फेस पैक लगाने के फायदे नियमित रूप से इस तरह के होममेड फेस पैक का इस्तेमाल करने से त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें किसी तरह के केमिकल्स नहीं होते, जिससे स्किन को कोई नुकसान नहीं होता. इस गर्मी में अगर आप बिना ज्यादा खर्च किए अपनी त्वचा को चमकदार बनाना चाहती हैं, तो नारियल फेस पैक को जरूर ट्राई करें. यह न सिर्फ आपकी त्वचा को ठंडक देगा, बल्कि उसे हेल्दी और खूबसूरत भी बनाएगा. देसी नुस्खा अपनाकर आप अपनी सुंदरता को और निखार सकती हैं.

वनप्लस के अपकमिंग फ्लैगशिप किलर OnePlus Nord 6 के लॉन्च और इसके दमदार स्पेसिफिकेशन से जुड़ी खबर के लिए यहाँ 3 शीर्षक और 2 टैग्स दिए गए हैं:

OnePlus का ऑलराउंडर फोन अब भारत में धूम मचाने आ रहा है। फोन 7 अप्रैल को शाम 7PM लॉन्च होगा और 9 अप्रैल दोपहर 12PM से खरीदने के लिए उपलब्ध हो जाएगा। चलिए एक नजर डालते हैं कि वनप्लस के इस धाकड़ फोन में क्या-क्या खास मिलेगा… OnePlus Nord 6: पावरफुल कैमरा OnePlus Nord 6 में डुअल रियर कैमरा होगा, जिसमें 50MP का Sony Lytia प्राइमरी कैमरा होगा, जिसमें 2x जूम, डुअल-एक्सिस ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन और एक मल्टी-फोकस सेंसर होगा। मेन कैमरे के साथ 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा भी होगा, जो 112-डिग्री का फील्ड ऑफ व्यू देगा। सेल्फी के लिए 32MP का कैमरा होगा, जो होल-पंच डिस्प्ले कटआउट के अंदर लगा होगा। यह फोन पीछे के मेन कैमरे से 4K/60 fps पर वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम होगा। यह फोन धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए IP66+IP68+IP69+IP69K रेटिंग के साथ आएगा। OnePlus Nord 6: बड़ा और स्मूद डिस्प्ले OnePlus Nord 6 में एक फ्लैट 1.5K AMOLED 'Sunburst HDR' डिस्प्ले होगा, जिसका रिफ्रेश रेट 165Hz तक, पीक ब्राइटनेस 3600 निट्स तक, मिनिमम ब्राइटनेस 2 निट्स और PWM डिमिंग 3840Hz होगी। इस टचस्क्रीन में Aqua Touch 2.0 भी होगा, जिससे यूजर्स गीली या नम उंगलियों से भी आसानी से फोन चला सकेंगे। OnePlus Nord 6: तेजतर्रार प्रोसेसर OnePlus Nord 6 में क्वालकॉम का ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 चिपसेट होगा, साथ ही एड्रेनो 835 जीपीयू, 12GB तक LPDDR5x रैम और 256GB तक UFS 4.1 ऑनबोर्ड स्टोरेज भी मिलेगी। फोन में G2 वाई-फाई चिप भी है, जो इसके फ्लैगशिप फोन OnePlus 15 में भी मौजूद है। इस चिप में चार एफिशिएंसी कोर, तीन परफॉर्मेंस कोर और एक प्राइम कोर हैं, जो 3.2GHz की पीक क्लॉक स्पीड देते हैं। दावा है कि इस फोन ने AnTuTu बेंचमार्किंग प्लेटफॉर्म पर 2,503,854 पॉइंट्स हासिल किए हैं, और यह 136% तक बेहतर सीपीयू परफॉर्मेंस, 64% बेहतर जीपीयू परफॉर्मेंस और 25% बेहतर AI परफॉर्मेंस देने का दावा करता है। फोन Android 16 पर बेस्ड ऑक्सीजनओएस 16 के साथ आएगा। OnePlus Nord 6: बड़ी बैटरी और लंबी बैटरी लाइफ यह भी कंफर्म हो गया है कि OnePlus Nord 6 में 9,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी होगी, जो 80W सुपरवूक वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। दावा है कि सामान्य इस्तेमाल पर यह 2.5 दिन तक का बैटरी बैकअप देगी। एक बार चार्ज करने पर यह लगभग 16.6 घंटे तक गूगल मैप्स नेविगेशन, 26.9 घंटे तक यूट्यूब पर वीडियो देखने या 6.3 घंटे तक 4K/60 fps पर वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा देगा। OnePlus Nord 6: कीमत और कलर ऑप्शन्स यह फोन देश में Amazon के जरिए फ्रेश मिंट, पिच ब्लैक और क्विक सिल्वर कलर ऑप्शन में बेचा जाएगा। भारत में इसकी कीमत 35,000 रुपये से 40,000 रुपये के बीच होगी। जानकारी के लिए बता दें कि OnePlus Nord 5 को भारत में जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था। इसके बेस मॉडल (8GB+128GB) की शुरुआती कीमत 31,999 रुपये थी। वहीं, इसके हायर-एंड ऑप्शन (12GB+256GB) की कीमत 34,999 रुपये रखी गई थी। इसका टॉप मॉडल (12GB+512GB) 37,999 रुपये में आया था।

इंस्टाग्राम लॉन्च करेगा ‘Instagram Plus, प्रीमियम फीचर्स के साथ पेड सर्विस की टेस्टिंग शुरू

नई दिल्ली  ऐसा लग रहा है कि Instagram एक नए पेड सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग कर रहा है, जिसका नाम Instagram Plus है। इसमें Stories पर फोकस करते हुए कुछ प्रीमियम फीचर्स मिल सकते हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसमें Stories की ऑडियंस को मैनेज करने, रीवॉच इनसाइट्स को ट्रैक करने और Instagram Stories की समय सीमा को 24 घंटे से ज्यादा बढ़ाने जैसे टूल्स शामिल हो सकते हैं। यूजर्स को नए इंटरैक्शन के जरिए अपनी Stories की विजिबिलिटी और एंगेजमेंट बढ़ाने के ऑप्शन भी मिल सकते हैं। ये फीचर अभी टेस्टिंग फेज में है, जिससे पता चलता है कि Instagram अपने प्लेटफॉर्म पर पेड फीचर्स एड करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। Instagram Plus की टेस्टिंग सोशल मीडिया कंसल्टेंट Matt Navarra के Threads पर किए गए एक पोस्ट के मुताबिक, Instagram Plus, Snapchat Plus जैसा ही होगा और इसमें यूजर्स के लिए कुछ खास फीचर्स मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस नए फीचर की टेस्टिंग अभी फिलीपींस में की जा रही है, जिसकी कीमत PHP 65 (लगभग 100 रुपये) प्रति महीना है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ये भी दिख रहा है कि सब्सक्रिप्शन अपने आप रिन्यू होने से पहले एक महीने का फ्री ट्रायल भी मिलेगा। Stories फीचर पर रहेगा फोकस शेयर की गई इमेज के आधार पर, ऐसा लगता है कि Instagram Plus मुख्य रूप से इस सोशल मीडिया साइट के Stories फीचर पर ही फोकस कर रहा है। यूजर्स अपनी Stories को लोगों के अलग-अलग ग्रुप के साथ शेयर कर पाएंगे और ये देख पाएंगे कि उनकी Stories को कितनी बार दोबारा देखा गया है। वे Stories देखने वालों की लिस्ट में से किसी को भी सर्च कर पाएंगे और Story पोस्ट करने से पहले उसका प्रीव्यू भी देख पाएंगे। कुछ देशों में चल रही टेस्टिंग Navarra का ये भी दावा है कि Instagram ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि वह इस सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग 'दुनिया के कुछ देशों में' कर रहा है। ये अभी यूजर्स Stories के लिए ऑडियंस की अनलिमिटेड लिस्ट बना सकते हैं (Close Friends के अलावा) और अपनी Story की समय सीमा को 24 घंटे और बढ़ा सकते हैं। दोबारा किसने देखी Story सब्सक्राइबर Stories का प्रीव्यू भी देख सकते हैं और ऐसा करने पर उनका नाम Stories देखने वालों की लिस्ट में नहीं दिखेगा। इसके अलावा, वे ये भी देख सकते हैं कि किसी Instagram Story को कितने लोगों ने दोबारा देखा है। वे हर हफ्ते अपनी किसी एक Story को 'Spotlight' में डाल सकते हैं, ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें और उन्हें Stories के लिए एक 'Superlike' बटन भी मिलेगा। मिलेगा 24 घंटे से ज्यादा समय Instagram Plus के सब्सक्राइबर अपनी Stories को ज्यादा समय तक, यानी 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक लाइव रख पाएंगे। साथ ही, वे अपनी भावनाओं को स्ट्रॉन्ग तरीके से जाहिर करने के लिए 'Super Hearts' भेज पाएंगे और ज्यादा लोगों तक अपनी Story पहुंचाने के लिए उसे 'Spotlight' में डाल पाएंगे। कहा जा रहा है कि ये सभी फीचर्स यूजर्स को अपनी Stories पर ज्यादा कंट्रोल देंगे और उनकी एंगेजमेंट बढ़ाने में मदद करेंगे। इस फीचर को इस साल की शुरुआत में, जब ये डेवलपमेंट फेज़ में था, तब देखा गया था। Instagram ने अभी तक Instagram Plus के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कंपनी ने ये भी नहीं बताया है कि वह इसे बड़े पैमाने पर कब तक लॉन्च करने की योजना बना रही है। Instagram ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 8 मई से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट्स के लिए सपोर्ट खत्म कर देगा। इस तारीख के बाद, यूजर्स मौजूदा एन्क्रिप्टेड कन्वर्सेशन का एक्सेस खो देंगे। प्लेटफर्म ने यूजर्स से डेडलाइन से पहले अपने मैसेज और मीडिया डाउनलोड करने के लिए कहा है। कुछ यूजर्स को इस ऑप्शन को एक्सेस करने एप अपडेट करने की जरूरत पड़ सकती है।

Xiaomi Pad 8 Review,144Hz डिस्प्ले और दमदार परफॉर्मेंस, क्या यह टैबलेट बन पाएगा आपका मिनी लैपटॉप?

Xiaomi ने एंड्रॉयड टैबलेट मार्केट में पिछले कुछ सालों में काफी तेज़ी से अपनी पकड़ मजबूत की है. हाल ही में कंपनी ने Xiaomi Pad 8 लॉन्च किया है. मैं इस टैबलेट को पिछले कुछ समय से लगातार इस्तेमाल कर रहा हूं, जिसमें डेली वर्क, कंटेंट कंजम्प्शन, गेमिंग और प्रोडक्टिविटी शामिल है. इस रिव्यू में आपको इस टैबलेट के तमाम ऐस्पेक्ट्स पर बात करेंगे. बताएंगे कि ये खरीदने लायक है भी या नहीं. Xiaomi Pad 8: डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी Xiaomi Pad 8 को हाथ में लेते ही सबसे पहले इसका प्रीमियम लुक और फील ध्यान खींचता है. बिल्ड क्वॉलिटी सॉलिड है. कंपनी ने इसमें एल्युमिनियम अलॉय यूनिबॉडी डिजाइन दिया है, जो इसे मजबूत और सॉलिड बनाता है. बैक पैनल स्मूद है और मैट फिनिश के साथ आता है, जिससे फिंगरप्रिंट्स कम दिखाई देते हैं. फ्रेम फ्लैट है, जो आजकल के मॉडर्न डिजाइन ट्रेंड को फॉलो करता है, और इसे पकड़ना भी काफी आरामदायक लगता है. इसमें कीबोर्ड अटैच करना काफी आसान है, क्योंकि मैग्नेटिक सिस्टम है. ट्रैकपैड का भी फीडबैक इस सेग्मेंट के हिसाब से अच्छा है. यह टैबलेट काफी पतला है और वजन भी बैलेंस्ड रखा गया है, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर हाथों में ज्यादा थकान महसूस नहीं होती. चाहे आप इसे सोफे पर बैठकर इस्तेमाल करें या बेड पर लेटकर, इसकी ग्रिप और फील दोनों ही अच्छे लगते हैं. कैमरा मॉड्यूल पीछे की तरफ थोड़ा उभरा हुआ है, जिसमें सिंगल कैमरा सेटअप दिया गया है, लेकिन डिजाइन के हिसाब से यह क्लीन और मिनिमल लगता है. पावर बटन और वॉल्यूम बटन की प्लेसमेंट सही जगह पर है और इनका फीडबैक भी अच्छा है. स्पीकर्स चारों तरफ दिए गए हैं, जो स्टीरियो आउटपुट के साथ आते हैं. Xiaomi Pad 8: डिस्प्ले Xiaomi Pad 8 में लगभग 11 इंच का बड़ा IPS LCD पैनल दिया गया है, जिसका रिजॉल्यूशन 3.2K के आसपास है और रिफ्रेश रेट 144Hz तक जाता है. इसका मतलब यह है कि स्क्रीन काफी शार्प और स्मूद दोनों लगती है. ऑन करते ही स्क्रीन भी आपको प्रीमियम महसूस होगी. रियल लाइफ इस्तेमाल में चाहे आप वीडियो देख रहे हों, वेब ब्राउज़िंग कर रहे हों या गेम खेल रहे हों, स्क्रीन हर जगह अच्छा परफॉर्म करती है. कलर्स वाइब्रेंट हैं लेकिन ओवरसैचुरेटेड नहीं लगते, और ब्राइटनेस भी इतनी है कि इंडोर के साथ-साथ आउटडोर में भी स्क्रीन पढ़ने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती. Dolby Vision और HDR सपोर्ट की वजह से OTT प्लेटफॉर्म पर कंटेंट देखना एक अलग ही अनुभव देता है. लंबे समय तक वीडियो देखने के बाद भी आंखों पर ज्यादा जोर नहीं पड़ता. Xiaomi Pad 8: परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस के मामले में Xiaomi Pad 8 मिक्स्ड बैग की तरह रहा. इसमें Qualcomm Snapdragon 8 सीरीज का चिपसेट दिया गया है, जो फ्लैगशिप लेवल का माना जाता है. साथ में 8GB या 12GB रैम और तेज़ UFS स्टोरेज मिलता है, जिससे ऐप्स जल्दी खुलते हैं और मल्टीटास्किंग स्मूद रहती है. मेरे इस्तेमाल में, मैंने इस टैबलेट पर हैवी गेमिंग से लेकर मल्टीपल ऐप्स के बीच स्विच करना सब कुछ किया, और ज्यादातर समय यह बिना किसी लैग के काम करता रहा. हाई ग्राफिक्स गेम्स भी आसानी से चल जाते हैं और फ्रेम ड्रॉप बहुत कम देखने को मिलता है. लंबे समय तक मल्टीटास्किंग और गेमिंग में ये थोड़ा गर्म होने लगता है. हीटिंग का मुद्दा भी बहुत बड़ा नहीं लगा, हालांकि लंबे गेमिंग सेशन के दौरान हल्की गर्माहट जरूर महसूस होती है, लेकिन यह नॉर्मल है और परफॉर्मेंस पर ज्यादा असर नहीं डालती. Xiaomi Pad 8: कैमरा टैबलेट में कैमरे का यूज लिमिटेड होता है. वीडियो कॉलिंग सबसे बड़ा यूजकेस है. क्योंकि मोबाइल की तरह इसे आप हर जगह ले जा कर फोटोज या वीडियोज नहीमं बना सकते हैं. इसलिए किसी टैबलेट में कैमरा उतना बड़ा फोकस नहीं होता. हालांकि Xiaomi ने यहां भी ठीक-ठाक काम किया है. पीछे की तरफ 13 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है, जो अच्छी लाइट में डिसेंट फोटो ले लेता है. डॉक्यूमेंट स्कैन करना हो या कभी-कभी फोटो क्लिक करनी हो, यह काम अच्छे से कर देता है. वीडियोज भी डिसेंट बन जाते हैं. फ्रंट में 8 मेगापिक्सल का कैमरा है, जो वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स के लिए बेहतरीन है. खास बात यह है कि कैमरा की पोजिशन ऐसी है कि वीडियो कॉल के दौरान फ्रेमिंग सही रहती है, जो वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन क्लासेस के लिए जरूरी है. Xiaomi Pad 8: सॉफ्टवेयर सॉफ्टवेयर की बात करें तो Xiaomi Pad 8 में एंड्रॉयड बेस्ड HyperOS दिया गया है, जिसे खास तौर पर बड़े स्क्रीन के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है. मल्टीटास्किंग फीचर्स जैसे स्प्लिट स्क्रीन और फ्लोटिंग विंडो काफी काम के हैं. मैंने इसे डेली वर्क प्रोडक्टिविटी के लिए यूज किया, जैसे डॉक्यूमेंट पढ़ना, नोट्स बनाना और वेब ब्राउज़िंग, और यहां इसका एक्सपीरिएंस काफी स्मूद रहा. हालांकि, कुछ जगहों पर अभी भी ऐप ऑप्टिमाइजेशन की कमी महसूस होती है, जो लगभग सभी एंड्रॉयड टैबलेट्स में देखने को मिलती है. प्री लोडेड ऐप्स कई बार मुश्किल का सबब बनते हैं. स्टायलस और कीबोर्ड सपोर्ट इसे एक मिनी लैपटॉप जैसा बना देते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से लैपटॉप रिप्लेसमेंट अभी भी नहीं बन पाता. Xiaomi Pad 8: बैटरी बैटरी के मामले में भी Xiaomi Pad 8 निराश नहीं करता. इसमें लगभग 9200mAh के बीच की बड़ी बैटरी दी गई है, जो आराम से दो दिन तक का बैकअप दे देती है. 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट इसे जल्दी चार्ज कर देता है. अगर आप इसे नॉर्मल इस्तेमाल जैसे वीडियो देखना, ब्राउज़िंग और हल्का काम करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो दो दिन चलेगा, वर्ना 1.5 दिन. iaomi Pad 8: बॉटम लाइन कुछ दिनों के इस्तेमाल के बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि Xiaomi Pad 8 एक वेल बैलेंस्ड टैबलेट है. इसका डिस्प्ले शानदार है, परफॉर्मेंस दमदार है और डिजाइन प्रीमियम फील देता है. यह कंटेंट कंजम्प्शन के लिए बेहतरीन है और प्रोडक्टिविटी भी अच्छे से संभाल लेता है. लेकिन अगर आप इसे पूरी तरह से लैपटॉप के ऑल्टरनेटिव के के रूप में देख रहे हैं, तो अभी इसमें थोड़ी कमी है, खासकर सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन के मामले में. फिर भी, अपने प्राइस सेगमेंट में यह … Read more

जिम में घंटों पसीना बहाने के बाद भी नहीं घट रहा वजन? कहीं आप भी ‘फिटनेस प्लेटो’ के शिकार तो नहीं!

बढ़ती बीमारियों के बीच लोग अपनी सेहत का खास ख्याल रखना शुरू कर दिया है और सही लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया है. फिट होने के लिए लोग जिम जाकर घंटों एक्सरसाइज भी करते हैं और काफी वेट लॉस भी कर लेते हैं. शुरुआत में एक्सरसाइज करने पर तेजी से रिजल्ट मिलते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वही मेहनत करने के बावजूद बदलाव रुक जाता है. ऐसा होता है कि पसीना पहले जितना ही बहता है, मेहनत भी कम नहीं होती, फिर भी वजन कम नहीं होता या बॉडी टोन नहीं होती. यह स्थिति अक्सर कंफ्यूजन पैदा करती है, लेकिन असल में यह शरीर की एक नॉर्मल प्रोसेस है. फिटनेस प्लेटो क्या होता है? हमारा शरीर बहुत जल्दी चीजों को अपनाने की शक्ति रखता है. जब आप पहली बार वर्कआउट शुरू करते हैं, तो हर मूवमेंट नया होता है. मसल्स पर प्रेशर पड़ता है, वे टूटते हैं और फिर मजबूत बनते हैं. लेकिन जब आप लंबे समय तक एक ही तरह की एक्सरसाइज करते रहते हैं तो शरीर उसे सीख जाता है और कम एनर्जी में वही काम करने लगता है. इसी को फिटनेस प्लेटो कहा जाता है. समय के साथ मसल्स ज्यादा एफिशिएंट हो जाती हैं यानी पहले जो एक्सरसाइज आपको चुनौती देती थी,अब वही शरीर के लिए आसान हो जाती है. इससे कम मसल फाइबर एक्टिव होते हैं और कैलोरी बर्न भी कम होती है. बाहर से देखने पर लगता है कि आप वही मेहनत कर रहे हैं, लेकिन अंदर से असर कम हो जाता है. उम्र का होता है अहम रोल हर इंसान के शरीर में 30 साल के बाद हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं, टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन कम होने लगते हैं. जबकि स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) बढ़ सकता है, इससे मसल्स बनना धीमा हो जाता है और रिकवरी में ज्यादा समय लगता है. यानी पहले जितनी मेहनत से जो रिजल्ट मिलता था, अब उससे कम मिलता है. क्यों रूक जाती है प्रोग्रेस? एक और बड़ी वजह है कंफर्ट जोन में फंसे रहना. कई लोग महीनों तक एक ही वजन, एक ही स्पीड और एक ही रेप्स करते रहते हैं. जब शरीर को नई चुनौती नहीं मिलती, तो उसे बदलने की जरूरत भी महसूस नहीं होती. यही कारण है कि प्रोग्रेस रुक जाती है. यह चीजें डालती हैं असर रिकवरी भी उतनी ही जरूरी है जितनी एक्सरसाइज. नींद की कमी, स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन सीधे आपके परफॉर्मेंस को इफेक्ट करते हैं. अगर शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता, तो मसल्स सही तरीके से रिपेयर नहीं हो पाती है. न्यूट्रिशन की कमी शरीर में न्यूट्रिशन की कमी भी एक बड़ा कारण हो सकती है, कम प्रोटीन लेने से मसल्स नहीं बनतीं, और विटामिन D, B12 या आयरन की कमी से थकान बनी रहती है. कई बार रिपोर्ट्स नॉर्मल होने के बावजूद हल्की कमी भी असर डालती है. इस स्थिति से बाहर कैसे निकलें? सबसे पहला तरीका है प्रोग्रेसिव ओवरलोड अपनाना, जिसका मतलब है धीरे-धीरे वजन बढ़ाना, रेप्स बढ़ाना या एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ाना. हर 4 से 6 हफ्ते में अपनी वर्कआउट रूटीन बदलें. नई एक्सरसाइज ट्राई करें ताकि शरीर को नई चुनौती मिले. इन बातों का भी रखें ध्यान     प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं     हफ्ते में कम से कम एक दिन पूरा आराम करें     पर्याप्त नींद लें (7-8 घंटे)     पानी खूब पिएं     स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को प्रायोरिटी दें  

महंगे कॉस्मेटिक्स को कहें अलविदा, घर पर इन 4 चीजों से बनाएं शुद्ध विटामिन C सीरम

आज के समय में विटामिन C सीरम स्किन केयर का अहम हिस्सा बन गया है. यह चेहरे के दाग-धब्बों को कम कर स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. वैसे तो बाजार में कई तरह के विटामिन C सीरम आसानी से मिल जाते हैं लेकिन वे अक्सर काफी महंगे होते हैं. ऐसे में आप चाहें तो इसे घर पर ही आसानी से नेचुरल तरीके से बना सकते हैं. आइए जानते हैं कि घर पर विटामिन C सीरम बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है, इसे कैसे बनाया जाता है और इसका सही तरीके से कैसे इस्तेमाल कैसे किया जाता है. विटामिन C सीरम बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है? 1 चम्मच संतरा पाउडर 2 बड़ा चम्मच गुलाब जल 2 चम्मच एलोवेरा जेल आधा कप उबला पानी डार्क ग्लास की बोतल (सीरम सूरज की रोशनी से सेफ रहेगा) घर पर विटामिन C सीरम कैसे बनाएं?     विटामिन C सीरम बनाने के लिए संतरे के पाउडर को एक कटोरे में लें और इसमें 2 चम्मच गुलाब जल और 2 चम्मच एलोवेरा जेल अच्छे से मिलाएं.     अब इसमें उबले पानी को ठंडा करके डालें. हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि पानी अधिक न हो.     अब आप इस सीरम को एयरटाइट बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें.     अब आपका केमिकल फ्रि विटामिन C सीरम तैयार है जिसे स्किन को अच्छे से साफ करने के बाद लगना है.     आप इस सीरम को  7-10 दिन तक उपयोग कर सकते हैं. संतरे का पाउडर आप बाजार से खरीद सकते हैं या चाहें तो इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. इसके लिए 2 संतरे के छिलके  को अच्छी तरह से धूप में सुखा लें. जब ये पूरी तरह सूख जाएं तो इन्हें मिक्सी में डालकर बारीक पीस लें और पाउडर तैयार कर लें.  

आयुष मंत्रालय की सलाह: पीरियड्स के दर्द और तनाव से राहत के लिए करें ये योगासन

नई दिल्ली   पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान, मूड स्विंग्स और अनियमित चक्र जैसी परेशानियां कई महिलाओं को प्रभावित करती हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट कुछ विशेष योगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग इन समस्याओं को प्राकृतिक तरीके से कम करने में बहुत मददगार साबित हो सकता है। नियमित योग अभ्यास से मासिक धर्म चक्र सही रहता है, दर्द कम होता है और मानसिक तनाव भी घटता है। साथ ही मंत्रालय ने मासिक धर्म के दौरान सेहत सुधारने के लिए कुछ आसान और प्रभावी योगासनों को अपनाने की सलाह महिलाओं को दी है। ये आसान आसन घर पर भी किए जा सकते हैं और पीरियड्स के दौरान होने वाली असुविधाओं को काफी हद तक कम करने में प्रभावी भी हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, इन आसनों को नियमित रूप से करने से न सिर्फ मासिक धर्म संबंधी शारीरिक समस्याएं कम होती हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। योग अभ्यास के साथ माइंडफुलनेस रखना भी जरूरी है। हालांकि पीरियड्स के दौरान अगर दर्द बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद के साथ योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। बेहतर मासिक धर्म स्वास्थ्य के लिए सुप्त बद्ध कोणासन करें, यह आसन पेल्विक क्षेत्र को खोलता है, रक्त संचार बढ़ाता है और पेट व कमर के दर्द को कम करता है। पश्चिमोत्तानासन यह आसन पीठ और पैरों की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मासिक धर्म संबंधी ऐंठन और दर्द में राहत मिलती है। यह तनाव भी कम करता है। वहीं, वक्रासन रीढ़ की हड्डी को मोड़ने वाला यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में मदद करता है। बालासन या बच्चे की मुद्रा कहलाने वाला यह आसन शरीर को गहरी छूट देता है। पीरियड्स के दौरान होने वाली थकान और मूड स्विंग्स को शांत करता है। सेतु बंधासन, जिसे पुल मुद्रा भी कहते हैं, आसन कमर और पेल्विक क्षेत्र को मजबूत बनाता है व हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में सहायक है। साथ ही विपरीत करणी भी राहत देता है। दीवार के सहारे पैर ऊपर करके लेटने वाला यह आसन रक्त प्रवाह को सुधारता है और पैरों में सूजन तथा थकान को कम करता है।