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सोनाली चिकन: ब्रायलर और देसी मुर्गे के बीच का नया हेल्दी विकल्प

 आज के समय में चिकन की काफी डिमांड है क्योंकि नॉनवेजिटेरियन लोगों के लिए वो एक प्रोटीन का अच्छा सोर्स है. मार्केट में चिकन की बढ़ती कीमतों और ब्रायलर चिकन के बारे में सोशल मीडिया पर आए दिन आ रही खबरों के कारण अक्सर लोग कुछ नए ऑपशंस की तलाश में रहते हैं. यदि आप नॉनवेज के शौकीन हैं तो बाजार में इन दिनों एक ऐसे चिकन की चर्चा है जिसका नाम सुनते ही लोग काफी शॉक होते हैं. हम बात कर रहे हैं 'सोनाली चिकन' की. इसके नाम के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है. यदि आप भी चिकन खाने के शौकीन हैं और हेल्थ के साथ समझौता किए बिना बजट में बेस्ट स्वाद चाहते हैं तो सोनाली चिकन आपके लिए सबसे सही चॉइस हो सकता है. इसका कारण है कि यह चिकन न केवल दिखने में बल्कि स्वाद में भी पूरी तरह देसी मुर्गे जैसा होता है लेकिन इसकी कीमत काफी कम होती है. तो आइए जानते हैं ये चिकन की कौन सी ब्रीड है और देसी चिकन की तुलना में कितनी फायदेमंद है. क्या है सोनाली चिकन ब्रीड? इस अनोखी ब्रीड के मुर्गों के पंख सुनहरे-पीले और चमकीले होते हैं जो देखने में बिल्कुल सोने की तरह चमकते हैं. इसी गोल्डन वाइब के कारण इसका नाम सोनाली रखा गया है. सोनाली चिकन कोई साधारण ब्रीड नहीं है बल्कि यह रोड आइलैंड रेड (RIR) और फायौमी (Fayoumi) मुर्गों का एक स्पेशल क्रॉस-ब्रीड है. इस ब्रीड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से नेचुरल और देसी चिकन की तरह फील देता है. जहां एक तरफ नॉर्मल ब्रायलर चिकन के पेट और स्किन के पास काफी ज्यादा फैट जमा होता है वहीं सोनाली चिकन में एब्डोमिनल फैट (पेट की चर्बी) न के बराबर होता है. फैट न होने के कारण इसके मांस को लीन और हाई-क्वालिटी का माना जाता है. कम फैट होने के कारण जिम जाने वाले और अपनी फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोग इसे काफी पसंद करते हैं. सोनाली चिकन के न्यूट्रिशन रोड आइलैंड रेड + फेयूमी के क्रॉस ब्रीड सोनाली चिकन की 100 ग्राम मात्रा में कपरीब 165-175 कैलोरीज होती हैं. इसके अलावा 20-23 ग्राम प्रोटीन, 7-9 ग्राम कुल फैट, सैचुरेट फैट-2-2.5 ग्राम, कोलेस्ट्रॉल 70-80 मिग्रा, आयरन 1.2-1.5 मिग्रा, कैल्शियम 10-15 मिग्रा, विटामिन बी12- 0.3-0.5 मिग्रा होता है. सोनाली मुर्गी के अंडे में प्रति अंडा (50g) 70-75 कैलोरी, 6-7 ग्राम प्रोटीन, फैट 5 ग्राम होता है. यदि मुर्गी को कीड़े-मकोड़े खिलाए जाएं तो अंडों में प्रोटीन और बढ़ जाता है. 3 महीने में मांस के लिए और 4 महीने बाद अंडे देना शुरू करती है. क्या कहती है रिसर्च? पबमेड सेंट्रल (PMC) में पब्लिश्ड रिसर्च के अनुसार, सोनाली चिकन का मीट ब्रायलर के मुकाबले इंसानी शरीर के लिए ज्यादा बेहतर पाया गया है. रिसर्च में देखा गया कि सोनाली चिकन खाने से ब्लड में कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कंट्रोल रखने में काफी मदद मिलती है जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर रहती है और हार्ट की बीमारियों का जोखिम भी कम होता है. सोनाली चिकन में खतरनाक लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले फैक्टर्स बहुत कम होते हैं. डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि कम फैट और बेहतर लिपिड प्रोफाइल की वजह से यह चिकन दिल की बीमारियों और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए ब्रायलर के मुकाबले एक सेफ चॉइस है. कैसे तैयार होती है ये ब्रीड? रिपोर्ट के मुताबिक, सोनाली चिकन सिर्फ खाने वालों के लिए ही नहीं बल्कि इसे पालने वाले किसानों के लिए भी फायदे का सौदा साबित हो रहा है. यह ब्रीड भारत और बांग्लादेश के गर्म और ट्रॉपिकल क्लाइमेट में बहुत आसानी से सरवाइव कर लेती है. ब्रायलर मुर्गों की तुलना में इन्हें बहुत ज्यादा केयर, महंगी दवाओं या स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती. हालांकि, इनका ग्रोथ रेट ब्रायलर से थोड़ा धीमी होता है और इन्हें तैयार होने में करीब 60 दिन का समय लगता है. लेकिन मार्केट में इनकी अच्छी और स्टेबल कीमत मिलने के कारण किसानों का नेट प्रॉफिट मार्जिन काफी ज्यादा रहता है.

गर्मियों में टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं एलोवेरा और मिल्क पाउडर फेस पैक

 तेज धूप और गर्म हवाओं का सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर पड़ता है. लंबे समय तक धूप में रहने से चेहरे पर टैनिंग, कालापन और रूखापन नजर आने लगता है. गर्मियों में लोग सनटैन से सबसे ज्यादा परेशान होते हैं और कुछ लोग तो इसे हटाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, मगर घर में मौजूद चीजों से आप आसानी से अपनी काली पड़ी स्किन को चमका सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप भी टैनिंग से परेशान हैं तो आज हम आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताने जा रहे हैं, जो आपके काफी काम आ सकता है. मिल्क पाउडर और एलोवेरा का फेस पैक तेज धूप से काली पड़ी स्किन को साफ करने में काफी असरदार उपाय माना जाता है. एलोवेरा-मिल्क पाउडर फेस पैक के फायदे एलोवेरा त्वचा को ठंडक देने और हाइड्रेट रखने में मदद करता है. वहीं मिल्क पाउडर में मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन हटाकर चेहरे की रंगत निखारने में मदद करता है. इन दोनों का कॉम्बिनेशन सनटैन हटाने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, इसलिए दादी-नानी के जमाने यह नुस्खा इस्तेमाल किया जा रहा है. फेस पैक बनाने का तरीका     1 बड़ा चम्मच मिल्क पाउडर     2 बड़े चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल     आधा चम्मच शहद     कुछ बूंदें गुलाब जल इन सभी चीजों को एक बाउल में अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. कैसे करें इस्तेमाल सबसे पहले चेहरे को फेस वॉश से साफ कर लें. अब तैयार फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं. करीब 15 से 20 मिनट तक इसे सूखने दें. इसके बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. हफ्ते में 2 से 3 बार इस पैक का इस्तेमाल करने से स्किन की टैनिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है और चेहरा साफ, मुलायम और ग्लोइंग नजर आने लगता है. त्वचा को मिल सकते हैं ये फायदे     सनटैन और कालापन कम करने में मदद     स्किन को ठंडक और हाइड्रेशन     डेड स्किन हटाने में सहायक     चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद     स्किन को मुलायम और फ्रेश बनाएगी इन बातों का रखें ध्यान अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है, तो इस फेस पैक को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. साथ ही धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना न भूलें, ताकि आपकी स्किन को दोबारा नुकसान न पहुंचे.

गर्मी से राहत दिलाने वाला गुलाब-मिश्री शरबत: घर पर बनाएं नेचुरल कूल ड्रिंक

चिलचिलाती गर्मी और झुलसाती लू शरीर को बेहाल कर देती है. ऐसे मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना और पेट को ठंडक पहुंचाना सबसे जरूरी होता है. बाजार में मिलने वाले केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स युक्त कोल्ड ड्रिंक्स कुछ देर के लिए तो राहत देते हैं लेकिन सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आप इस गर्मी खुद को और अपने परिवार को एकदम तरोताजा रखना चाहते हैं, तो घर पर प्राकृतिक गुणों से भरपूर गुलाब और मिश्री का ठंडा-ठंडा शरबत बनाएं. आयुर्वेद में गुलाब और मिश्री दोनों की तासीर बेहद ठंडी मानी गई है जो न सिर्फ शरीर का तापमान सामान्य करती है बल्कि आपको दिनभर के लिए गजब की एनर्जी भी देती है. आइए जानते हैं इस रिफ्रेशिंग और खुशबूदार शरबत को बनाने की बेहद आसान रेसिपी. गुलाब और मिश्री के शरबत की रेसिपी ताजा लाल गुलाब की पंखुड़ियां: 1 कप (अच्छी तरह धुली हुई) धागे वाली मिश्री: 1/2 कप (पिसी हुई) ठंडा पानी: 3 से 4 गिलास नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच तुलसी या सब्जा के बीज: 1 छोटा चम्मच (पानी में भिगोए हुए) बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका गुलाब का पेस्ट बनाएं: सबसे पहले साफ की हुई गुलाब की पंखुड़ियों को मिक्सी के जार में थोड़ा सा पानी डालकर दरदरा या स्मूथ पीस लें. एक बड़े जग या बर्तन में ठंडा पानी लें और उसमें पिसी हुई धागे वाली मिश्री डालकर अच्छी तरह चम्मच से तब तक घोलें जब तक मिश्री पूरी तरह पानी में मिल न जाए. मिश्री चीनी का एक हेल्दी और ठंडा विकल्प है. अब इस मिश्री के पानी में पिसा हुआ गुलाब का पेस्ट और नींबू का रस मिलाएं. नींबू का रस डालने से गुलाब का रंग बहुत खूबसूरत निखर कर आता है और शरबत में एक बढ़िया खट्टा-मीठा ट्विस्ट मिलता है. अगर आप शरबत को और अधिक सेहतमंद और ठंडा बनाना चाहते हैं, तो इसमें पहले से भीगे हुए सब्जा मिला दें. यह पेट की गर्मी को शांत करने में बहुत मददगार होते हैं. तैयार शरबत को अच्छी तरह मिक्स करें और छलनी की मदद से गिलासों में छान लें. ऊपर से बर्फ के टुकड़े और कुछ ताजी गुलाब की पंखुड़ियां डालकर एकदम ठंडा-ठंडा सर्व करें.

घर पर बनाएं देसी उबटन: बेसन, चंदन और केसर से पाएं ग्लोइंग स्किन

 हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन साफ,  चमकदार और बेदाग दिखे. इसके लिए लोग कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे भी बेहद असरदार साबित होते हैं. उन्हीं में से एक है उबटन, जिसका इस्तेमाल पुराने समय से ही चेहरे की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. अगर आप भी नेचुरल तरीके से अपनी स्किन में निखार लाना चाहते हैं तो घर पर आसानी से बनने वाला यह देसी उबटन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यह उबटन न सिर्फ आपकी डेड स्किन में मदद करता है, बल्कि चेहरे को गहराई से साफ करके उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करता है. आइए जानते हैं कि घर पर देसी उबटन कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2 चम्‍मच बेसन 1 चम्मच चंदन पाउडर 1 चम्मच केसर पाउडर 2 चम्‍मच चावल का आटा 1 चम्‍मच मसूर दाल का पाउडर देसी उबटन कैसे बनाएं ? इस देसी उबटन को बनाने के लिए एक बाउल में सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर एक स्मूथ पेस्ट बना लें. इसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोकर उबटन को पूरे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें. जब उबटन सूख जाए तो हल्के हाथों से रगड़ते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इस उबटन को इस्तेमाल हफ्ते में 1 से 2 बार करें. देसी चीजों से बना यह उबटन स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इनके रेगुलर इस्‍तेमाल से त्‍वचा साफ, ग्‍लोइंग और हेल्‍दी बनती है. इस उबटन में मौजूद बेसन, चंदन, केसर, चावल का आटा और मसूर दाल डेड स्किन को हटाकर चेहरे को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाते हैं. इन बातों का रखें ध्यान कभी भी उबटन लगाने के बाद चेहरे को जोर-जोर से न रगड़ें. उबटन का इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर किसी भी तरह की एलर्जी, खुजली या जलन महसूस हो तो इसे चेहरे पर लगाने से बचें.  

गर्मी में भी नहीं फटेंगे होंठ: अपनाएं ये 4 आसान घरेलू उपाय

 अक्सर लोग सोचते हैं कि होंठ फटने की समस्या सिर्फ सर्दियों के मौसम में होती है लेकिन ऐसा नहीं है. मई-जून की इस चिलचिलाती गर्मी, तेज धूप और धूल-भरी गर्म हवाओं के कारण होंठों की नाजुक त्वचा अपनी नमी खो देती है. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने से होंठ न सिर्फ फटने और बेजान होने लगते हैं, बल्कि कई बार धूप के संपर्क में आने से इनका रंग भी काला पड़ने लगता है. अगर आप भी फटे और रूखे होंठों से परेशान हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप गर्मी में भी अपने होंठ को एकदम सॉफ्ट, हाइड्रेटेड और नेचुरल गुलाबी रख सकते हैं. 1. हाइड्रेशन है बेहद जरूरी पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होंठ फटने के सबसे बड़े कारणों में से एक है. शरीर में पानी की कमी होने पर होंठों की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है जिससे वो रूखे और पपड़ीदार होकर फटने लगते हैं. इसलिए आपको हमेशा हाइड्रेट रहना चाहिए और रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. 2. मलाई और हल्दी का इस्तेमाल रात को सोने से पहले होंठों पर ताजी दूध की मलाई में एक चुटकी हल्दी मिलाकर लगाएं. मलाई में मौजूद फैटी एसिड्स होंठों को डीप मॉइश्चराइज करते हैं और हल्दी अपने एंटी-बैक्टीरियल गुणों से फटी हुई त्वचा को तेजी से ठीक करती है. सुबह उठते ही आपको लिप्स एकदम सॉफ्ट मिलेंगे. 3. चीनी और शहद का स्क्रब अगर होंठों पर पपड़ी जम रही है तो आधा चम्मच शहद में थोड़ी सी पिसी हुई चीनी मिलाकर उंगली से होंठों पर 2 मिनट के लिए हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्क्रब करें. यह ट्रिक डेड स्किन को तुरंत हटाकर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है जिससे होंठों का नेचुरल गुलाबीपन वापस आ जाता है. 4. नारियल तेल और चुकंदर अगर आपके होंठ ड्राई होने के साथ ही बहुत काले भी हो गए हैं तो बाजार के केमिकल वाले लिप बाम की जगह नारियल तेल में चुकंदर का रस मिलाकर एक छोटी डिब्बी में रख लें. दिन में जब भी होंठ सूखे लगें तो इसे लगाएं. नारियल तेल होंठों की नमी को लॉक करेगा और चुकंदर का रस आपके लिप्स को बिना किसी नुकसान के खूबसूरत गुलाबी रंग देगा.

आधार कार्ड की ये गलती बन सकती है बड़ी परेशानी!

कई लोगों को अपने आधार कार्ड की याद तभी आती है, जब बैंक में KYC करवानी हो, नया अकाउंट खोलना हो, मोबाइल नंबर अपडेट करना हो या किसी सरकारी योजना का फायदा लेना हो. लेकिन यहीं एक बड़ी समस्या छिपी होती है. कई आधार कार्ड में छोटी-छोटी गलतियां सालों तक नजर ही नहीं आतीं. रोजमर्रा के काम तो चलते रहते हैं, लेकिन जैसे ही दोबारा KYC वेरिफिकेशन या किसी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच होती है, यही मामूली गलती अचानक बड़ी परेशानी बन सकती है. अगर आपके आधार कार्ड में दर्ज जानकारी और बैंक के रिकॉर्ड में मौजूद डिटेल्स मेल नहीं खाते हैं, तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है. इसलिए समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर लेना बेहतर रहता है. नाम का मेल न होना बढ़ा सकता है मुश्किलें आधार और बैंक खाते में नाम का मेल न होना सबसे आम समस्याओं में से एक है. अगर आपके आधार कार्ड पर लिखा नाम बैंक रिकॉर्ड में दर्ज नाम से अलग है, तो KYC या अकाउंट वेरिफिकेशन के दौरान परेशानी आ सकती है. कई बार यह अंतर बहुत छोटा होता है, जैसे नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती, मिडिल नेम का छूट जाना, कहीं पूरे नाम की जगह सिर्फ इनिशियल्स का इस्तेमाल होना या फिर सरनेम अलग तरीके से दर्ज होना. आमतौर पर लोग इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन KYC जांच के दौरान यही वजह रुकावट बन सकती है. आधार से जुड़ा पुराना नंबर कर सकता है जरूरी कामों में रुकावट आजकल आधार से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं OTP के जरिए ही पूरी होती हैं. चाहे आधार डाउनलोड करना हो, डिटेल्स अपडेट करनी हो, e-KYC करवानी हो या फिर अपनी पहचान वेरिफाई करनी हो, हर जगह OTP उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है जो आधार से लिंक होता है. समस्या तब आती है जब लोग अपना मोबाइल नंबर बदल तो लेते हैं, लेकिन उसे आधार में अपडेट करना भूल जाते हैं. शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल लगता है, लेकिन जैसे ही किसी जरूरी काम के लिए OTP की जरूरत पड़ती है, पता चलता है कि OTP उस पुराने नंबर पर जा रहा है जो अब उनके पास है ही नहीं. डेट ऑफ बर्थ, जेंडर समेत इन डिटेल्स को जरूर चेक करें अगर आपके आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ गलत है, तो आगे चलकर यह छोटी सी गलती बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. खासकर तब, जब आपके आधार की जानकारी PAN कार्ड, बैंक खाते, बीमा पॉलिसी या इनवेस्टमेंट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स से मैच न करे. ऐसे सिचुएशन में वेरिफिकेशन का प्रोसेस अटक सकता है या उसमें देरी हो सकती है. सिर्फ डेट ऑफ बर्थ ही नहीं, जेंडर या अन्य पर्सनल डिटेल्स में हुई गलती भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

45°C गर्मी में फोन खतरे में! ये गलती मत करना

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी लोगों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए भी चुनौती बन गई है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद स्मार्टफोन यूजर्स को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. फोन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना, चार्जिंग का अचानक रुक जाना, बैटरी का तेजी से खत्म होना और कैमरा ऐप का अपने आप बंद हो जाना जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं. कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ओवरहीटिंग स्मार्टफोन के कई अहम पार्ट्स को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है. गर्मी में फोन क्यों करने लगता है धीमा काम? जब स्मार्टफोन का तापमान लगातार बढ़ता है तो उसका सिस्टम खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्रदर्शन कम कर देता है. तकनीकी भाषा में इसे थर्मल थ्रॉटलिंग कहा जाता है. इस स्थिति में प्रॉसेसर अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं करता, जिससे फोन की स्पीड कम हो जाती है. ऐप्स धीरे खुलते हैं, गेमिंग का अनुभव खराब होता है और कई बार फोन हैंग भी होने लगता है. विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अत्यधिक तापमान में रहने से बैटरी की हेल्थ तेजी से गिर सकती है, जिसका असर फोन की कुल लाइफ पर पड़ता है. धूप से आने के तुरंत बाद चार्जिंग करना पड़ सकता है भारी कई लोग बाहर से लौटते ही फोन को चार्जर से जोड़ देते हैं. यही आदत कई बार सबसे बड़ी गलती साबित होती है. यदि फोन पहले से गर्म है और उसी समय चार्जिंग शुरू कर दी जाए तो बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. चार्जिंग के दौरान भी बैटरी गर्म होती है. ऐसे में पहले से गर्म डिवाइस में तापमान और बढ़ सकता है. यही वजह है कि कई स्मार्टफोन सुरक्षा कारणों से गर्म होने पर चार्जिंग स्पीड कम कर देते हैं या चार्जिंग अस्थायी रूप से रोक देते हैं. कार में फोन छोड़ना बन सकता है महंगा सौदा गर्मी के मौसम में बंद कार के अंदर का तापमान बाहर की तुलना में काफी ज्यादा हो सकता है. ऐसे माहौल में स्मार्टफोन छोड़ना जोखिम भरा साबित हो सकता है. अत्यधिक तापमान बैटरी को फुला सकता है, डिस्प्ले पर दाग या लाइनें ला सकता है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है. कई मामलों में फोन अचानक बंद हो जाता है या दोबारा चालू होने में समस्या आने लगती है. इसलिए वाहन पार्क करते समय स्मार्टफोन को हमेशा अपने साथ रखना बेहतर विकल्प है. फोन गर्म हो जाए तो क्या करें? अगर आपका स्मार्टफोन जरूरत से ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है तो सबसे पहले उसे सीधी धूप से हटाएं. चार्जिंग बंद करें और कैमरा, वीडियो रिकॉर्डिंग या भारी ऐप्स का इस्तेमाल कुछ समय के लिए रोक दें. फोन का कवर हटाने से भी गर्मी तेजी से बाहर निकलने में मदद मिलती है. हालांकि एक गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. कई लोग फोन को ठंडा करने के लिए फ्रिज में रख देते हैं या बर्फ के संपर्क में ले आते हैं. अचानक तापमान बदलने से फोन के अंदर नमी बन सकती है, जो सर्किट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है. ये छोटे बदलाव भी बचा सकते हैं आपका स्मार्टफोन गर्मी के मौसम में बैटरी सेवर मोड का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे बैकग्राउंड में चल रही कई प्रक्रियाएं सीमित हो जाती हैं. डार्क मोड भी बैटरी की खपत कम करने में मदद करता है, जिससे फोन अपेक्षाकृत कम गर्म होता है. इसके अलावा जहां 5जी नेटवर्क कमजोर हो, वहां 5जी बंद करके 4जी का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है. कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों में फोन लगातार नेटवर्क खोजता रहता है, जिससे बैटरी और प्रॉसेसर दोनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. सिर्फ बैटरी नहीं, पूरे फोन की उम्र पर पड़ता है असर लगातार ओवरहीटिंग का प्रभाव केवल बैटरी तक सीमित नहीं रहता. समय के साथ प्रोसेसर की क्षमता प्रभावित हो सकती है, डिस्प्ले की गुणवत्ता खराब हो सकती है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता भी कम हो सकती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ गर्मियों में स्मार्टफोन को सामान्य तापमान पर रखने और उपयोग के दौरान सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

Motorola Edge 70 Pro+ भारत में 4 जून को होगा लॉन्च, दमदार फीचर्स लीक

अगर आप Motorola के नए स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. कंपनी जल्द ही भारत में Motorola Edge 70 Pro+ लॉन्च करने जा रही है. लॉन्च से पहले ही इसके कई बड़े फीचर्स सामने आ चुके हैं. हाल ही में यह फोन एक बेंचमार्किंग प्लेटफॉर्म पर देखा गया, जहां इसके प्रोसेसर समेत कई जरूरी डिटेल्स सामने आईं. आइए जानते हैं इस फोन में हमें क्या खास देखने को मिलने वाला है. फोन में मिलेगा MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर Motorola Edge 70 Pro+ को लेकर कंपनी लगातार नई जानकारियां सामने ला रही है. अब इसके कुछ दमदार फीचर्स भी कन्फर्म हो गए हैं. यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर के साथ आएगा, जो 4nm टेक्नोलॉजी पर बना है. कंपनी का दावा है कि फोन ने AnTuTu बेंचमार्क पर 24 लाख से ज्यादा का स्कोर हासिल किया है. इसके साथ ही फोन में 16GB तक LPDDR5x RAM का सपोर्ट भी मिलेगा. 4,600 sq mm का बड़ा वेपर कूलिंग चैंबर हीटिंग को कंट्रोल में रखने के लिए Motorola Edge 70 Pro+ में 4,600 sq mm एरिया वाला बड़ा वेपर कूलिंग चैंबर दिया जाएगा, जो लंबे समय तक यूज के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद करेगा. इसमें 6,500mAh की बड़ी बैटरी मिलेगी, जिसे लेकर कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर 2 दिन से ज्यादा का बैकअप दे सकती है. चार्जिंग के लिए इसमें 90W फास्ट वायर्ड चार्जिंग और 15W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलेगा. कैसे होगा डिस्प्ले? फोन में 6.8 इंच का 1.5K Extreme AMOLED डिस्प्ले दिया जाएगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5,200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस के साथ आएगा. स्क्रीन की सेफ्टी के लिए Corning Gorilla Glass 7i का प्रोटेक्शन भी मिलेगा. Motorola का दावा है कि Edge 70 Pro+ को IP68 और IP69 रेटिंग मिली है. साथ ही MIL-810H सर्टिफिकेशन इसे रोजमर्रा के कठिन इस्तेमाल के लिए और भी भरोसेमंद बनाता है. सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट्स सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह स्मार्टफोन Android 16 बेस्ड Hello UI पर चलेगा. कंपनी इसके लिए 3 साल तक Android अपडेट्स और 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा कर रही है. कैमरा फोन के पीछे ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा Sony LYT-710 सेंसर के साथ आएगा. खास बात यह है कि इसमें 3.5-डिग्री ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) मिलेगा. इससे फोटो और वीडियो ज्यादा शार्प और स्टेबल नजर आएंगे. इसके अलावा, फोन में 50MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा भी होगा. कंपनी का दावा है कि यह कैमरा 50x तक डिजिटल जूम सपोर्ट करेगा. कब होगा लॉन्च? Motorola Edge 70 Pro+ को भारत में 4 जून को लॉन्च किया जाएगा. लॉन्च के बाद यह स्मार्टफोन Flipkart के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. डिजाइन की बात करें तो फोन को तीन शानदार कलर ऑप्शन (Pantone Chicory Coffee, Pantone Stormy Sea और Pantone Zinfandel) में पेश किया जाएगा. इसमें स्कल्प्टेड वुड, ट्विल-इंस्पायर्ड और सैटिन-लक्स जैसी यूनिक फिनिश देखने को मिलेंगे.  

क्या सच में तेल लगाने से बढ़ते हैं बाल? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट की राय

भारत में बालों में तेल लगाने की परंपरा सालों पुरानी है. अक्सर कहा जाता है कि नियमित तेल मालिश से बाल तेजी से लंबे और घने होते हैं. लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? डर्मेटोलॉजिस्ट्स और इंटरनेशनल रिसर्च के मुताबिक, बालों में तेल लगाने से सीधे तौर पर नए बाल उगने या उनकी ग्रोथ स्पीड बढ़ने का पक्का वैज्ञानिक सबूत अभी तक नहीं मिला है. हालांकि कुछ तेल स्कैल्प को हेल्दी रखने, बालों को टूटने से बचाने और ड्रायनेस कम करने में जरूर मदद कर सकते हैं. यानी तेल बालों को मजबूत दिखा सकता है लेकिन इसे जादुई हेयर ग्रोथ इलाज मानना सही नहीं होगा. तेल बालों को कैसे फायदा पहुंचाता है? हेयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऑयलिंग का सबसे बड़ा फायदा मॉइश्चर और प्रोटेक्शन है. अमेरिका की क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, हेयर ऑयलिंग स्कैल्प को हाइड्रेट रखने और बालों को टूटने से बचाने में मदद कर सकती है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑलिव ऑयल और दूसरे नेचुरल ऑयल बालों को मुलायम और कम फ्रिजी बना सकते हैं, लेकिन इससे बाल तेजी से बढ़ेंगे, इसका मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अभी नहीं है. डर्मेटोलॉजिस्ट क्या कहते हैं? कई डर्मेटोलॉजिस्ट मानते हैं कि तेल बालों की क्वालिटी बेहतर कर सकता है, लेकिन हेयर ग्रोथ का मुख्य रोल जेनेटिक्स, हार्मोन, डाइट और हेल्थ का होता है. अमेरिकन ब्यूटी मैग्जीन Allure के मुताबिक, कैस्टर ऑयल को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ कि इससे बाल तेजी से बढ़ते हैं. कैस्टर ऑयल बालों को शाइनी बना सकता है, लेकिन हेयर ग्रोथ बढ़ाने के दावों के पीछे मजबूत रिसर्च नहीं है. कौन-से तेल थोड़ी मदद कर सकते हैं? कुछ रिसर्च में रोजमेरी ऑयल को लेकर पॉजिटिव रिजल्ट जरूर मिले हैं. रोजमेरी ऑयल स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर कर सकता है और कुछ मामलों में हेयर फॉल कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि किसी भी तेल को “मैजिक हेयर ग्रोथ सॉल्यूशन” नहीं माना जाना चाहिए. सही डाइट, प्रोटीन, आयरन, नींद और स्ट्रेस कंट्रोल भी उतने ही जरूरी हैं. ज्यादा तेल लगाना भी नुकसानदायक डॉक्टर्स का कहना है कि जरूरत से ज्यादा तेल लगाने से स्कैल्प में गंदगी, डैंड्रफ और फंगल इन्फेक्शन की समस्या बढ़ सकती है. कई बार भारी तेल पोर्स ब्लॉक कर देते हैं, जिससे स्कैल्प पर पिंपल्स या खुजली हो सकती है. इसलिए हफ्ते में 1-2 बार हल्की मालिश और सही तरीके से शैंपू करना बेहतर माना जाता है.

RBI ला रहा ‘किल स्विच’, एक क्लिक में बंद होंगे बैंक ट्रांजैक्शन

डिजिटल पेमेंट्स ने लोगों की जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. खासकर पिछले कुछ वर्षों में फर्जी पुलिस कॉल, डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग फ्रॉड जैसी घटनाओं ने लाखों लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है. अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एक ऐसे सुरक्षा सिस्टम पर काम कर रहा है जो किसी भी संदिग्ध स्थिति में बैंकिंग ट्रांजैक्शन को तुरंत रोक सकता है. इसे ‘किल स्विच’ नाम दिया गया है. अगर यह सुविधा लागू होती है तो यूजर्स को अपने खाते की सुरक्षा पर पहले से कहीं ज्यादा नियंत्रण मिल सकता है. क्या है आरबीआई का ‘किल स्विच’ सिस्टम? ‘किल स्विच’ एक इमरजेंसी सुरक्षा फीचर होगा, जिसकी मदद से कोई भी ग्राहक अपने बैंक खाते से होने वाले सभी डिजिटल ट्रांजैक्शन को तुरंत रोक सकेगा. यदि किसी व्यक्ति को लगे कि वह साइबर ठगी का शिकार बन सकता है या उसके खाते से अनधिकृत लेनदेन होने का खतरा है, तो वह बैंकिंग ऐप के जरिए एक बटन दबाकर सभी वित्तीय गतिविधियों को अस्थायी रूप से बंद कर सकेगा. इसका उद्देश्य फ्रॉड के दौरान होने वाले नुकसान को शुरुआती चरण में ही रोकना है, ताकि अपराधियों को पैसा ट्रांसफर करने का मौका न मिले. डिजिटल अरेस्ट जैसे फ्रॉड ने बढ़ाई चिंता हाल के वर्षों में डिजिटल अरेस्ट नाम का साइबर अपराध तेजी से सामने आया है. इसमें ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं. फर्जी दस्तावेज, नकली गिरफ्तारी वारंट और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पीड़ितों से बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई जाती है. ऐसे मामलों में कई लोग अपनी जीवनभर की बचत गंवा चुके हैं. इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार और आरबीआई नये सुरक्षा उपायों पर विचार कर रहे हैं. सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए आयेगा ऑन-ऑफ फीचर आरबीआई सिर्फ किल स्विच तक सीमित नहीं रहना चाहता. केंद्रीय बैंक सभी प्रमुख डिजिटल पेमेंट माध्यमों के लिए स्विच ऑन-स्विच ऑफ सुविधा लाने की संभावना भी तलाश रहा है. इस व्यवस्था के तहत ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, एटीएम निकासी और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन जैसी सेवाओं को कभी भी बंद या चालू कर सकेंगे. उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति रोज यूपीआई का उपयोग नहीं करता है, तो वह इसे बंद रख सकता है और जरूरत पड़ने पर कुछ सेकंड में दोबारा सक्रिय कर सकता है. ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा नियंत्रण और सुरक्षा वर्तमान में कई बैंक कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए ऑन-ऑफ सुविधा देते हैं, जिससे ग्राहक अपने कार्ड को सुरक्षित रख पाते हैं. आरबीआई अब इसी मॉडल को पूरे डिजिटल बैंकिंग इकोसिस्टम तक विस्तार देने पर विचार कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल धोखाधड़ी के मामलों में कमी आयेगी, बल्कि ग्राहकों का डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत होगा. साथ ही यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर पाएंगे. डिजिटल पेमेंट्स का भविष्य और नयी सुरक्षा रणनीति भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट बाजारों में शामिल हो चुका है. यूपीआई ट्रांजैक्शन लगातार नये रिकॉर्ड बना रहे हैं. ऐसे में सुरक्षा को मजबूत बनाना समय की जरूरत बन गया है. किल स्विच और ऑन-ऑफ बैंकिंग कंट्रोल जैसी सुविधाएं आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बना सकती हैं. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या डिजिटल फ्रॉड की आशंका होने पर यूजर तुरंत अपने खाते को सुरक्षित मोड में डाल सकेगा और आर्थिक नुकसान से बच सकता है.