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गर्मी में ठंडक का शाही उपाय: घर पर बनाएं केसर-पिस्ता शरबत

गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप और उमस से राहत पाने के लिए लोग अक्सर मार्केट में मिलने वाले पैक्ड जूस या कोल्ड ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में अगर आप बिना चीनी के कुछ बेहद शाही, पौष्टिक और रिफ्रेशिंग ट्राई करना चाहते हैं तो घर पर बनाएं केसर-पिस्ता का यह खास शरबत. 2 हजार रुपये किलो मिलने वाले प्रीमियम केसर और पिस्ता से तैयार यह होममेड ड्रिंक आपके शरीर को अंदर से AC जैसी ठंडक देगी. यह न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि डायबिटीज के मरीजों और वेट लॉस करने वालों के लिए भी एक बेहतरीन समर ड्रिंक है. आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान और क्विक रेसिपी.केसर-पिस्ता शरबत रेसिपी केसर-पिस्ता शरबत बनाने की सामग्री पिस्ता: 1/2 कप (बिना नमक वाले) केसर के धागे: 15-20 (एक चम्मच गुनगुने पानी या दूध में भीगे हुए) दूध: 1 लीटर (लो-फैट या टोंड) हरी इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच भीगा हुआ बादाम गोंद (Almond Gum): 2 चम्मच (वैकल्पिक, एक्स्ट्रा ठंडक के लिए) मीठे के लिए नेचुरल विकल्प: 1/2 कप धागे वाली मिश्री का पाउडर या शहद/स्टीविया (स्वादानुसार) बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार बनाने का तरीका सबसे पहले पिस्ता को 2 से 3 घंटे के लिए गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें. इसके बाद उनका छिलका उतार लें. छिले हुए पिस्ता को मिक्सी के जार में डालें और थोड़े से ठंडे दूध के साथ पीसकर एकदम स्मूथ और बारीक पेस्ट बना लें. अब एक भारी तले वाले बर्तन में दूध को उबलने के लिए रखें. जब दूध में एक उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें और इसमें तैयार किया हुआ पिस्ता का पेस्ट मिला दें. दूध को लगातार चलाते हुए 5-7 मिनट तक पकाएं. अब इसमें भीगा हुआ केसर (रंग और खुशबू के लिए) और हरी इलायची पाउडर डालें. अगर आप धागे वाली मिश्री का इस्तेमाल कर रहे हैं (जो पेट के लिए ठंडी होती है) तो इस स्टेज पर मिला लें. अगर शहद या स्टीविया का उपयोग कर रहे हैं तो दूध के पूरी तरह ठंडा होने के बाद मिलाएं. जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसे रूम टेम्परेचर पर आने दें. इसके बाद शरबत को 2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. सर्विंग ग्लास में बर्फ के टुकड़े और भीगा हुआ बादाम गोंद डालें. ऊपर से चिल्ड केसर-पिस्ता शरबत डालकर ठंडे-ठंडे स्वाद का आनंद लें.

गर्मी में पेट के लिए रामबाण: चुकंदर-राई कांजी बनाने की आसान रेसिपी

 उत्तर भारत में चिलचिलाती गर्मी दस्तक दे चुकी है और तेज धूप और लू कहर बनकर लोगों को सता रही है. इस मौसम में अक्सर हमारा पेट सुस्त पड़ जाता है, भूख कम लगती है और कुछ ठंडा-खट्टा पीने का मन करता है. आज के समय में लोग पेट को ठीक रखने के लिए बाजार के महंगे प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स या डिब्बाबंद जूस की तरफ भागते हैं, मगर हमारी रसोई में छुपा एक पुराना खजाना आपकी इस समस्या का रामबाण इलाज है. रसोई में मौजूद कुछ चीजें पेट से जुड़ी बीमारियोंं में बहुत असरदार साबित होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. गर्मी में शरबत, जूस के अलावा कांजी भी लोग खूब पीते हैं, लेकिन इस गर्मी आप चुकंदर-राई की कांजी ट्राई कीजिए. यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है, बल्कि दादी-नानी के जमाने का एक ऐसा पारंपरिक अमृत है, जो टेस्ट में जितना चटपटा है, सेहत के लिए उतना ही वरदान. आइए जानते हैं चुकंदर और राई के पोषण से भरपूर इस देसी प्रोबायोटिक ड्रिंक को बनाने का आसान तरीका. चुकंदर-राई कांजी के लिए आपको यह सारी चीजें लेनी हैं.     काली राई : 2 बड़े चम्मच     पीली सरसों : 1 बड़ा चम्मच     गाजर (लंबे टुकड़ों में कटी हुई): 1 कप     चुकंदर (लंबे टुकड़ों में कटा हुआ): 1 कप     हरी मिर्च: 2 (स्वादानुसार)     हींग: एक चुटकी     काला नमक: 1 ½ छोटा चम्मच     सादा नमक: स्वादानुसार     पानी: 4 कप     सर्विंग के लिए: 2 बड़े चम्मच खारी बूंदी और कुछ ताजी पुदीने की पत्तियां कांजी बनाने का आसान तरीका कांजी बनाने की असली खूबसूरती इसके फर्मेंटेशन में है, अगर आप घर पर देसी स्टाइल में राई वाली कांजी बनाना चाहते हैं तो इन स्टेप्स को जरूर फॉलो करें. मसाला तैयार करें: सबसे पहले काली राई और पीली सरसों को मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें. इसका बारीक पाउडर नहीं बनाना है, क्योंकि दरदरा टेक्सचर ही इसे असली स्वाद देता है. पानी गुनगुना करें: पानी को अच्छी तरह उबाल लें और फिर उसे थोड़ा ठंडा होने दें. पानी गर्म होना चाहिए, लेकिन खौलता हुआ नहीं. जार में सामग्री मिलाएं: एक कांच के साफ और सूखे जार में कटी हुई गाजर, चुकंदर, हरी मिर्च, हींग, काला नमक, सादा नमक और पिसी हुई राई-सरसों का पाउडर डालें. फर्मेंटेशन की शुरुआत: अब इस जार में गुनगुना पानी डालें और चम्मच से अच्छी तरह मिला लें. जार के मुंह को एक साफ मलमल के कपड़े से बांध दें. धूप का जादू: इस जार को दो दिनों के लिए तेज धूप में रख दें. धूप की गर्मी से राई एक्टिव होगी और पानी में खट्टापन आना शुरू होगा. देखभाल: इन दो दिनों के दौरान रोजाना जार को एक बार हिलाएं और अगर ऊपर कोई सफेद झाग या परत दिखे, तो उसे साफ चम्मच से हटा दें. सर्विंग: 2 दिन बाद कांजी का कलर गहरा गुलाबी हो जाएगा और इसमें से एक तीखी-खट्टी खुशबू आने लगेगी. अब इसे फ्रिज में रखकर ठंडा करें, सर्व करते समय ऊपर से कुरकुरी खारी बूंदी और पुदीने की पत्तियां डालें.

तेज चलने से बढ़ सकती है उम्र: लीसेस्टर स्टडी में बड़ा खुलासा

हेल्दी रहने के लिए पैदल चलना सबसे आसान तरीका है। यह आपके पूरे शरीर की फिटनेस को सही रखने में मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके चलने की स्पीड से उम्र की लंबाई पर असर पड़ता है। लीसेस्टर बायोकेमिकल रिसर्च सेंटर की स्टडी ने पता लगाया कि तेज चलने वालों या धीमा चलने वालों में से कौन ज्यादा जीते हैं? इसी सेंटर की दूसरी रिसर्च इसके पीछे का कारण भी बताती है। तेज या धीमी गति, कैसे चलने वाले लोग जीते हैं लंबा? लीसेस्टर सेंटर की रिसर्च ने यूके बायोबैंक के 474,919 लोगों के चलने की आदत का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि तेज स्पीड से चलने की आदत वाले लोगों की संभावित उम्र (लाइफ एक्सपेक्टेंसी) धीमा चलने वालों के मुकाबले ज्यादा होती है। उन्होंने यह पता भी लगाया कि संभावित उम्र का शारीरिक वजन से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी से गहरा नाता है। उन्होंने पाया कि जो अंडरवेट (जरूरत से ज्यादा पतले) लोग धीमी स्पीड से चलते हैं, उनकी उम्र सबसे कम देखी जाती है। धीमा चलने वाले अंडरवेट पुरुषों की संभावित उम्र औसतन 64.8 साल और ऐसी अंडरवेट महिलाओं की औसतन उम्र 72.4 साल होती है। शारीरिक वजन से बेहतर है ये इंडिकेटर इस रिसर्च के प्रमुख लेखक प्रोफेसर टॉम येट्स कहते हैं कि हमारा शोध यह साफतौर पर दिखाता कि संभावित उम्र को देखने के लिए बॉडीवेट स्टेटस से ज्यादा बेहतर इंडिकेटर फिजिकल एक्टिविटी स्टेटस है। हमारा शोध लोगों को तेज चलकर अपनी उम्र बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। आपको बता दें कि यह शोध साल 2019 में प्रकाशित हुआ था। दूसरा शोध: टेलोमेयर है कारण 2022 में कम्युनिकेशन बायोलॉजी पर प्रकाशित लीसेस्टर के दूसरे शोधकर्ताओं की रिसर्च तेज चलने और लंबी उम्र के कारण के बारे में बताती है। इसमें यूके बायोबैंक के 405,981 लोगों का अध्ययन किया गया। जिसमें पाया कि चलने की स्पीड हेल्थ के बारे में जानने का मजबूत संकेत है। अध्ययन में तेज गति से चलने वाले लोगों के ल्यूकोसाइट टेलोमेयर की लंबाई धीमा चलने वालों के मुकाबले ज्यादा मिली। इसी की वजह से उनकी संभावित उम्र में बढ़ोतरी का संबंध पाया गया। टेमोमेयर और लंबी उम्र का रिश्ता कई सारे शोधों के बाद टेलोमेयर को लाइफ एक्सपेक्टेंसी और उम्र संबंधी बीमारियों के साथ मजबूती से जोड़कर देखा गया। साइंस डायरेक्ट पर मौजूद शोध बताता है कि टेलोमेयर लीनियर क्रोमोजोमल डीएनए के आखिरी सिरे पर मौजूद कैप होती है। जो क्रोमोजोम को डैमेज होने से बचाती है और इनकी स्टेबिलिटी को बढ़ाती है। 100 साल से ज्यादा जीने वाले लोगों में टेलोमेयर की लंबाई कम उम्र में किसी बीमारी से मरने वाले लोगों की तुलना में अधिक पाई गई है।  

बिना Seen हुए देखें WhatsApp Status, जानें 3 आसान और सुरक्षित तरीके

अगर आप कभी किसी का WhatsApp स्टेटस देखना चाहते हैं, लेकिन सामने वाले को इसकी भनक भी न लगे, तो इसके लिए कुछ आसान तरीके मौजूद हैं. खास बात यह है कि इसके लिए आपको किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी. WhatsApp में ही कुछ ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप किसी का स्टेटस चुपचाप देख सकते हैं. आइए अब जानते हैं ऐसे 3 आसान तरीके, जिनसे आप बिना अपना नाम दिखाए किसी का स्टेटस देख सकते हैं. पहला तरीका: Read Receipts बंद करें     अपने फोन में WhatsApp खोलें.     Android में ऊपर दिख रहे तीन डॉट्स पर टैप करें, जबकि iPhone में Settings में जाएं.     अब Privacy वाले ऑप्शन पर जाएं.     यहां जाकर Read Receipts को बंद कर दें.     इसके बाद आप आराम से सामने वाले का स्टेटस देख सकते हैं, और उसे पता भी नहीं चलेगा. ध्यान रखें कि Read Receipts को तब तक बंद ही रहने दें, जब तक वह स्टेटस 24 घंटे बाद अपने आप गायब न हो जाए. अगर आपने इसे उससे पहले ऑन कर दिया, तो आपका नाम व्यूअर लिस्ट में दिख जाएगा. दूसरा तरीका: Airplane Mode का यूज करें     सबसे पहले WhatsApp खोलें और कुछ सेकंड रुकें, ताकि स्टेटस अपने आप लोड हो जाए.     इसके बाद फोन में Airplane Mode ऑन कर दें और मोबाइल डेटा या Wi-Fi बंद कर दें.     अब जिस व्यक्ति का स्टेटस देखना है, उसे खोलकर आराम से देख लें.     स्टेटस देखने के बाद WhatsApp को पूरी तरह बंद कर दें.     फिर Airplane Mode ऑफ करके इंटरनेट दोबारा चालू कर लें. ध्यान रखें कि यह तरीका तभी काम करता है जब स्टेटस देखने के बाद आप WhatsApp को पूरी तरह बंद कर दें और उसके बाद ही इंटरनेट चालू करें. तीसरा तरीका: एंड्रॉयड फोन में फाइल मैनेजर का यूज करें अगर आप WhatsApp स्टेटस बिना खोले देखना चाहते हैं, तो एंड्रॉयड फोन में एक आसान ट्रिक है. दरअसल, स्टेटस की फोटो कुछ समय के लिए फोन के एक छिपे हुए फोल्डर में सेव हो जाती है.     सबसे पहले अपने फोन में Files या File Manager ऐप खोलें.     फिर ऐप की सेटिंग्स में जाएं.     वहां Show hidden files या छिपी हुई फाइलें दिखाने वाला ऑप्शन ऑन करें.     इसके बाद इस रास्ते पर जाएं: Internal Storage > WhatsApp > Media > Statuses     यहां आपको स्टेटस की फोटो सीधे दिख जाएंगी, जिन्हें आप बिना WhatsApp खोले देख सकते हैं. ध्यान रखें, यह तरीका ज्यादातर सिर्फ फोटो वाले स्टेटस पर काम करता है, वीडियो स्टेटस हर बार यहां नहीं मिलते.

गर्मियों में ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान उपाय

गर्मियों के इन दिनों में हमें स्किन से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम्स होनी शुरू हो जाती है. इन्हीं प्रॉब्लम्स में से एक प्रॉब्लम है चेहरे का बार-बार ऑयली हो जाना. कुछ लोगों के साथ तो ऐसा भी होता है कि घर से बाहर निकलने के थोड़ी देर बाद ही उनके चेहरे पर इतना ज्यादा पसीना और ऑयल आ जाता है कि पूरा लुक ही बिगड़कर रह जाता है. इसके अलावा ज्यादा ही ऑयली स्किन होने की वजह से आपके चेहरे पर कई बार पिंपल्स और एक्ने भी निकलने लगते हैं. इसके अलावा एक ऑयली चेहरा धूल और मिट्टी को भी ज्यादा एब्जॉर्ब करने लगता है. अगर आपके साथ भी गर्मियों के इन दिनों में ऐसा हो रहा है, तो अब आपको टेंशन लेने की जरूरत बिलकुल भी नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी स्किन को ज्यादा लंबे समय तक सिर्फ ऑयल फ्री नहीं, बल्कि फ्रेश भी बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं. दिन में दो बार जरूर करें फेस वॉश गर्मियों के इन दिनों में आपके चेहरे को सफाई की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. जब आपके चेहरे पर ऑयल, धूल और पसीना इकठ्ठा होने लग जाता है, तो वह काफी ज्यादा चिपचिपा और बेजान सा दिखाई देने लग जाता है. ऐसा न हो इसलिए आपको दिन में दो बार जरूर फेस वॉश करना चाहिए. एक सुबह के समय और दूसरा रात को सोने से पहले. अपने लिए हमेशा एक ऐसा फेस वॉश चुनें जो आपकी स्किन को ऑयल फ्री तो बनाए लेकिन उसे ज्यादा ड्राई भी न करे. ऑयल फ्री मॉइश्चराइजर का करें इस्तेमाल कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो ऑयली स्किन होने की वजह से मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना ही छोड़ देते हैं. अगर आप भी इन्हीं में से हैं तो आपकी यह आदत आपके लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकती है. आपकी स्किन को सही मात्रा में मॉइस्चर मिलता रहे, इस बात का ख्याल आपको जरूर रखना चाहिए. जब आपकी स्किन खुद को ड्राई महसूस करती है तो वह हाइड्रेशन के लिए ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करना शुरू कर देती है. ऐसा न हो इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप हमेशा एक लाइट, जेल बेस्ड और ऑयल फ्री मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करें. ठंडे पानी से धोएं अपना चेहरा गर्मियों के इन दिनों में जब आप अपने चेहरे को ठंडे पानी से धोते हैं तो आपको एक इंस्टेंट रिलीफ का एहसास होता है. जब भी आप बाहर से आएं तो अपने चेहरे को ठंडे पानी से जरूर धोएं. जब आप ऐसा करते हैं तो पसीना, धूल और एक्स्ट्रा ऑयल आसानी से साफ हो जाता है. इसके अलावा ठंडे पानी की वजह से आपकी स्किन फ्रेश भी फील करती है और साथ ही चेहरा पहले से ज्यादा साफ भी नजर आने लगता है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि आप ज्यादा बर्फीले पानी का इस्तेमाल न करें. ज्यादा फ्राइड और मसालेदार खाना खाने से बचें हम जो भी चीजें खाते हैं उसका सीधा असर हमारी स्किन और चेहरे पर देखने को मिलता है. जब आप काफी ज्यादा ऑयली, मसालेदार और जंक फूड्स खाना शुरू करते हैं तो आपके शरीर के अंदर गर्मी बढ़ने लग जाती है. ऐसा होने की वजह से भी आपकी स्किन ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करने लग जाती है. गर्मियों के इन दिनों में जितना हो सके लाइट और हेल्दी डाइट लेने की कोशिश करें. आपको अपनी डाइट में खीरे, तरबूज, नारियल पानी, सलाद और फ्रेश फलों को भी शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. चेहरे पर बर्फ लगाने से मिलेगा फायदा अगर आपका चेहरा बहुत ही ज्यादा ऑयली हो जाता है तो इस कंडीशन में बर्फ का इस्तेमाल करना आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके लिए आपको एक साफ कपड़ा लेकर उसके बर्फ को लपेट लेना है. इसके बाद हल्के हाथों से इस बर्फ को अपने चेहरे पर कुछ देर तक मसाज करें. जब आप यह उपाय अपनाते हैं तो आपकी स्किन को इंस्टेंट रिलीफ मिलता है और साथ ही चेहरा ज्यादा फ्रेश भी दिखने लगता है. जब आप चेहरे पर बर्फ लगाते हैं तो पसीने और एक्स्ट्रा ऑयल की प्रॉब्लम से आपको छुटकारा मिल सकता है. हमेशा साथ रखें ब्लॉटिंग पेपर अगर आपका ज्यादातर समय ऑफिस, कॉलेज या फिर घर से बाहर बीतता है, तो आपको अपने साथ ब्लोटिंग पेपर जरूर रखना चाहिए. जब भी आपको लगे कि आपका चेहरा बहुत ही ज्यादा ऑयली हो गया है तो इसे हल्के से अपने चेहरे पर प्रेस करें. यह ब्लोटिंग पेपर एक्स्ट्रा ऑयल को एब्जॉर्ब करता है और वह भी मेकअप को खराब किये बिना. यह ब्लोटिंग पेपर आपके चेहरे को इंस्टेंट साफ और फ्रेश बना देता है.

Moto Buds 2 भारत में लॉन्च: 2999 रुपये में 48 घंटे बैटरी और दमदार ANC फीचर्स

Motorola ने भारत में अपने नए TWS earbuds Moto Buds 2 लॉन्च कर दिए हैं. कंपनी ने इन्हें तीन आकर्षक Pantone-curated कलर ऑप्शंस में पेश किया है. Moto Buds 2 को भारत में Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा. बैटरी की बात करें तो चार्जिंग केस के साथ ये कुल 48 घंटे तक का प्लेबैक देने का दावा करते हैं. वहीं, हर ईयरबड में 62mAh की बैटरी दी गई है, जो अकेले एक बार चार्ज पर करीब 11 घंटे तक चल सकती है. आइए इसके अन्य फीचर्स और कीमत पर एक नजर डालते हैं. Moto Buds 2 की कीमत और उपलब्धता भारत में इसकी कीमत 2,999 रुपये रखी गई है. हालांकि यह लॉन्च के समय मिलने वाली प्रभावी (नेट इफेक्टिव) कीमत है. यानी असली रिटेल प्राइस इससे थोड़ा ज्यादा भी हो सकता है. ये नए ईयरबड्स 25 मई से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. आप इन्हें Flipkart के साथ-साथ Motorola India की ऑफिसियल वेबसाइट पर खरीद सकेंगे. कंपनी ने इन्हें तीन आकर्षक रंगों (Pantone Carbon, Pantone Gray Mist और Pantone Violet Ice) में पेश किया है. Moto Buds 2 के फीचर्स इनमें ड्यूल 11mm डायनामिक ड्राइवर्स दिए गए हैं, जिनके बारे में कंपनी का दावा है कि ये गहरा बास और ज्यादा क्लियर हाई नोट्स देते हैं. सिर्फ साउंड ही नहीं, ये TWS IP54 रेटिंग के साथ आते हैं, जिससे धूल और हल्की पानी की छींटों से भी सेफ्टी मिलती है. कनेक्टिविटी की बात करें, तो Moto Buds 2 में Bluetooth 6.0 सपोर्ट मिलता है. साथ ही ड्यूल कनेक्शन और ऑटो स्विचिंग फीचर भी है, यानी आप एक साथ दो डिवाइस से कनेक्ट कर सकते हैं और बिना झंझट के उनके बीच स्विच कर सकते हैं. इसके अलावा AAC, SBC, LHDC5 और LHDC4 जैसे ऑडियो कोडेक्स के साथ Hi-Res ऑडियो सपोर्ट भी मिलता है. इन ईयरबड्स में जेस्चर कंट्रोल मिलता है. यानी सिर्फ हल्के से टच या मूवमेंट से आप म्यूजिक प्ले या पॉज कर सकते हैं. खास बात यह है कि ये Moto AI सपोर्ट के साथ आते हैं, जो मोटोरोला के चुनिंदा डिवाइसेज के साथ मिलकर स्मार्ट एक्सपीरियंस देता है. कॉलिंग के लिए इसमें 6 माइक्रोफोन का सेटअप दिया गया है, जो High SNR के साथ आवाज को ज्यादा साफ रखने में मदद करता है. इसके अलावा, Dynamic Active Noise Cancellation (ANC) फीचर भी मौजूद है, जो कंपनी के मुताबिक आसपास के शोर को 55dB तक कम कर सकता है. हर ईयरबड में 62mAh की बैटरी दी गई है, जिसे लेकर कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर ये करीब 11 घंटे तक चल सकते हैं. कंपनी के मुताबिक, केस के साथ मिलाकर Moto Buds 2 कुल 48 घंटे तक का इस्तेमाल ऑफर करते हैं. आसान शब्दों में कहें तो एक बार चार्ज करके कई दिनों तक आराम से काम चल सकता है.

Motorola ने लॉन्च किए Moto G37 और G37 Power: 20 हजार से कम में 5G स्मार्टफोन

अगर आप 20 हजार से कम बजट में लंबी बैटरी लाइफ और 5G कनेक्टिविटी वाला नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Motorola ने भारतीय बाजार में अपने दो नए बजट मॉडल्स Moto G37 और Moto G37 Power लॉन्च कर दिए हैं.खासियत की बात करें, तो Moto G37 Power में बड़ी बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल का दावा करती है. वहीं दोनों फोन लेटेस्ट Android 16, 120Hz डिस्प्ले और MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर जैसे फीचर्स के साथ आते हैं. कंपनी ने इन स्मार्टफोन्स को खासतौर पर एंट्री-लेवल और बजट 5G यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया है. Moto G37 सीरीज की कीमत Moto G37 को एक ही 4GB RAM + 64GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत 13,999 रुपये है. Moto G37 Power दो वेरिएंट में लॉन्च हुआ है, जिसमें 4GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये और 8GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये है. दोनों मॉडल्स की बिक्री 25 मई दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. ग्राहक इसे Flipkart से खरीद सकेंगे. डिस्प्ले और कलर ऑप्शन Motorola ने खासतौर पर पंच-होल डिस्प्ले पर जोर दिया है, क्योंकि इस प्राइस रेंज में कई स्मार्टफोन्स अब भी पुराने वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं. दोनों फोन में 6.6 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. साथ ही इसमें 1050 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 120Hz टच सैंपलिंग रेट और Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन भी दिया गया है. इसके साथ Dolby Atmos सपोर्ट वाले स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं, जिससे वीडियो और गेमिंग का एक्सपीरियंस बेहतर होता है. Moto G37 और G37 Power को तीन कलर ऑप्शन Impenetrable Black, Capri Blue और Nautical Blue में पेश किया गया है. Capri Blue और Nautical Blue वेरिएंट्स में वीगन लेदर फिनिश मिलेगा, जबकि Impenetrable Black कलर PMMA फिनिश के साथ आता है, जो ज्यादा मजबूत माना जाता है. मजबूत बिल्ड और परफॉर्मेंस फोन IP64 रेटिंग और MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन के साथ आता है, जिससे यह हल्के झटकों, धूल और पानी की छींटों से सुरक्षित रहता है. परफॉर्मेंस के लिए, दोनों मॉडल्स में MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर दिया गया है. यह चिपसेट रोजमर्रा के इस्तेमाल और हल्की गेमिंग के लिए अच्छा माना जाता है. Moto G37 में 4GB LPDDR4x RAM और 64GB UFS 2.2 स्टोरेज मिलता है, जबकि Moto G37 Power में 8GB तक RAM और 128GB तक स्टोरेज दिया गया है. दोनों फोन RAM Boost फीचर के जरिए 12GB तक वर्चुअल RAM सपोर्ट करते हैं. साथ ही microSD कार्ड की मदद से स्टोरेज को 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. दोनों मॉडल्स Android 16 पर काम करेंगे और कंपनी ने Android 17 अपडेट देने का वादा किया है. इसके अलावा तीन साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स भी मिलेंगे. कैमरा फीचर्स फोटोग्राफी के लिए, दोनों फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50MP प्राइमरी कैमरा और 2-in-1 लाइट सेंसर शामिल है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. बेहतर फोटोग्राफी के लिए इसमें Shot Optimisation और Auto Smile Capture जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. बैटरी और चार्जिंग Moto G37 में 20W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5200mAh की बैटरी दी गई है, जबकि Moto G37 Power की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh बैटरी है, जो 30W फास्ट चार्जिंग के साथ आती है. दोनों फोन 6W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं. कनेक्टिविटी फीचर्स दोनों स्मार्टफोन में 5G, 4G LTE, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.4, GPS, USB Type-C पोर्ट और 3.5mm हेडफोन जैक जैसे फीचर्स मिलते हैं. सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है.

गर्मी में राहत देगा प्याज का ठंडा रायता, 5 मिनट में बनकर होगा तैयार

मई की इस झुलसाने वाली गर्मी और कड़कती धूप में दोपहर के वक्त कुछ भी भारी या मसालेदार खाने का मन नहीं करता. भारी खाना गैस की समस्या को भी दावत दे सकता है. ऐसे में दोपहर के लंच में सादे दाल-चावल या दाल-रोटी के साथ अगर कुछ ठंडा-ठंडा मिल जाए तो खाने का स्वाद और बढ़ जाता है. गर्मियों के इस हैवी लंच को लाइट और रिफ्रेशिंग बनाने का सबसे बेस्ट तरीका है प्याज का ठंडा-ठंडा रायता. दही की ठंडी तासीर पेट को अंदर से राहत देती है और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होने के कारण खाने को आसानी से पचाती है. वहीं दूसरी ओर प्याज को आयुर्वेद में लू से बचने का अच्छा तरीका माना जाता है. ऐसे में यहां हम आपको सिर्फ 5 मिनट में तैयार होने वाले इस प्याज के रायते की बेहद आसान और टेस्टी रेसिपी बता रहे हैं जो इस समर सीजन में आपको लू और डिहाइड्रेशन से कोसों दूर रखेगी. प्याज का रायता बनाने की सामग्री ताजा गाढ़ा दही – 2 कप प्याज – 1 बड़ा (बारीक कटा हुआ) हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई) पुदीने के पत्ते – 8-10 (बारीक कटे हुए) बारीक कटा हरा धनिया – 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच काला नमक – आधा छोटा चम्मच सादा नमक – स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला – एक चुटकी (सजाने के लिए) बनाने का तरीका सबसे पहले एक बड़े मिक्सिंग बाउल में ताजा और गाढ़ा दही लें. व्हिस्कर या मथनी की मदद से दही को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि वह एकदम स्मूद और मलाईदार न हो जाए. अगर दही बहुत ज्यादा गाढ़ा हो तो आप इसमें 2-3 चम्मच ठंडा पानी भी मिला सकते हैं. अब फेंटे हुए दही में बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और पुदीने के पत्ते डालें. पुदीना डालने से रायते का स्वाद और इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज दोनों बढ़ जाती हैं. इसके बाद बाउल में भुना जीरा पाउडर, काला नमक और सादा नमक डालकर सभी चीजों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिक्स कर लें. तैयार रायते को कम से कम 15-20 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें ताकि यह एकदम चिल्ड हो जाए. सर्व करते समय ऊपर से एक चुटकी भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला और पुदीने की पत्ती से गार्निश करें. इसे दोपहर के लंच में गरमा-गरम दाल-रोटी या बिरयानी के साथ ठंडा-ठंडा परोसें.

प्याज की बदबू से पाएं छुटकारा, सेब से लेकर नींबू तक ये तरीके आएंगे काम

 खाने में प्याज का इस्तेमाल स्वाद को दोगुना कर देता है. दूसरे मौसमों की अपेक्षा गर्मी के मौसम में प्याज की खपत अधिक होती है क्योंकि ये नेचुरल तरीके से शरीर को अंदर से ठंडा करने में मदद करती है. लेकिन प्याज खाने या काटने की सबसे बड़ी समस्या ये है कि उसमें काफी तेज बदबू आती है. दरअसल, प्याज काटने और खाने के बाद उसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड्स मुंह के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं, जिससे सांसों से लंबे समय तक स्मेल आती रहती है. हाथों से प्याज काटते वक्त यह स्मेल स्किन में समा जाती है जो साधारण साबुन से नहीं जाती. इसे दूर करने के लिए कुछ साइंटिफिक और घरेलू तरीके बेहद कारगर हैं.   सेब का कमाल हेल्थलाइन के मुताबिक, प्याज खाने के बाद अगर आप एक सेब खाते हैं तो यह काफी मददगार होता है. सेब में मौजूद नेचुरल एंजाइम्स प्याज के सल्फर कंपाउंड्स को ब्रेक करने का काम करते हैं. यदि आप प्याज खाने की थोड़ी देर बाद सेब जैसे फल का सेवन करते हैं तो सांसों की दुर्गंध को कम करने में मदद मिल सकती है. नींबू और साइट्रस फ्रूट्स केयर फ्री डेंटल के मुताबिक, हाथों की बदबू दूर करने के लिए नींबू का रस एक बेहतरीन ऑपशन है. नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड न केवल बैक्टीरिया को मारता है बल्कि प्याज की स्मेल को भी खत्म करता है. नींबू पानी से कुल्ला करना या हाथों पर इसे रगड़ना बदबू को तुरंत कम कर सकता है. ग्रीन टी का सेवन Vinmec Health की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स नाम के पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. ये कंपाउंड प्याज में मिलने वाले गंध पैदा करने वाले कंपाउंड्स को खत्म करने में मदद करते हैं. इसलिए खाने के बाद 1 कप गर्म ग्रीन टी पीने से मुंह की ताजगी बनी रहती है और बैक्टीरिया का असर कम होता है. स्टेनलेस स्टील और नमक क्या आप जानते हैं कि हाथों को स्टेनलेस स्टील पर रगड़ने से प्याज की गंध गायब हो जाती है. इसका कारण है कि स्टील के मॉलिक्यूल्स प्याज के सल्फर के साथ बाइंड होकर उसे स्किन से हटा देते हैं. साथ ही हाथों पर थोड़ा नमक रगड़कर धोने से भी स्मेल काफी हद तक कम हो जाती है. बेकिंग सोडा और विनेगर मुंह की स्मेल के लिए एप्पल साइडर विनेगर या बेकिंग सोडा का पानी से कुल्ला करना एक अच्छा उपाय है. यह मुंह के pH लेवल को बैलेंस करता है जिससे बैक्टीरिया नहीं पनपते. WebMD के मुताबिक, बेकिंग सोडा ओरल हाइजीन बनाए रखने और बदबू को कंट्रोल करने में काफी प्रभावी हो सकते हैं.

मोबाइल स्क्रीन और गिरता बर्थ रेट! रिसर्च के दावे से दुनिया में हलचल

 नई दिल्ली दुनिया के कई देशों में एक बड़ी समस्या तेजी से बढ़ रही है. लोग पहले के मुकाबले कम बच्चे पैदा कर रहे हैं. कई देशों में हालात ऐसे हो गए हैं कि वहां की आबादी धीरे-धीरे घटने लगी है। पहले माना जाता था कि इसकी सबसे बड़ी वजह महंगाई, नौकरी का दबाव, छोटे घर और बदलती लाइफस्टाइल है. लेकिन अब रिसर्च में एक नया और चौंकाने वाला एंगल सामने आ रहा है. साइंटिस्ट्स और रिसर्चर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या स्मार्टफोन और सोशल मीडिया भी जन्म दर घटने की बड़ी वजह बन चुके हैं।  सोशल मीडिया बदल रहा है लाइफ फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के दो-तिहाई से ज्यादा देशों में बर्थ रेट उस स्तर से नीचे जा चुकी है, जिसे आबादी को स्टेबल रखने के लिए जरूरी माना जाता है।  आसान शब्दों में कहें तो अब कई देशों में लोग इतने बच्चे पैदा नहीं कर रहे कि अगली पीढ़ी पुरानी आबादी की जगह ले सके. साउथ कोरिया, जापान, चीन, यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में यह प्रॉब्लम पहले से थी, लेकिन अब लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट और एशिया के कई देशों में भी यही ट्रेंड तेजी से दिख रहा है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 10-15 साल में बर्थ रेट में अचानक आई गिरावट सिर्फ आर्थिक वजहों से नहीं समझाई जा सकती. रिसर्चर्स का मानना है कि स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने लोगों की जिंदगी जीने का तरीका बदल दिया है।  अब लोग पहले की तरह बाहर मिलना-जुलना कम कर रहे हैं. रिलेशनशिप बनाना मुश्किल हो रहा है और अकेलापन बढ़ रहा है. यही चीज आगे चलकर शादी और बच्चों पर असर डाल रही है।  जहां इंटरनेट फास्ट वहां बर्थ रेट स्लो! एक स्टडी में अमेरिका और ब्रिटेन में 4G इंटरनेट नेटवर्क आने के बाद के डेटा को देखा गया. इसमें पाया गया कि जिन इलाकों में तेज मोबाइल इंटरनेट पहले पहुंचा, वहां बर्थ रेट ज्यादा तेजी से गिरी. रिसर्चर्स का कहना है कि स्मार्टफोन आने के बाद यंगसटर्स का ज्यादा समय ऑनलाइन जाने लगा और आमने-सामने मिलने का समय कम हो गया।  एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब डेटिंग, दोस्ती और रिश्तों का बड़ा हिस्सा स्क्रीन तक सीमित होता जा रहा है. सोशल मीडिया पर लोग लगातार दूसरों की परफेक्ट लाइफ देखते रहते हैं, जिससे रिश्तों को लेकर उम्मीदें बदल रही हैं. कई लोग लंबे रिश्ते बनाने से बच रहे हैं. अकेले रहने वाले युवाओं की संख्या भी बढ़ रही है।  रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पहले जन्म दर इसलिए घटती थी क्योंकि शादीशुदा जोड़े कम बच्चे पैदा करते थे. लेकिन अब सबसे बड़ा कारण यह बन रहा है कि रिश्ते ही कम बन रहे हैं. यानी बड़ी संख्या में लोग शादी या लंबे रिलेशनशिप तक पहुंच ही नहीं रहे।  हालांकि एक्सपर्ट्स सिर्फ स्मार्टफोन को ही पूरी तरह जिम्मेदार नहीं मानते. महंगे घर, नौकरी का दबाव, बच्चों की पढ़ाई का खर्च और भविष्य को लेकर डर भी बड़ी वजहें हैं. कई देशों में युवाओं को स्थायी नौकरी और घर खरीदना मुश्किल लग रहा है. ऐसे में वे शादी और बच्चों का फैसला टाल रहे हैं।  सोशल मीडिया का असर मेंटल हेल्थ पर भी देखा जा रहा है. कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लगातार स्क्रीन पर रहने से अकेलापन, तनाव और डिप्रेशन बढ़ रहा है. इससे लोगों की सोशल लाइफ प्रभावित हो रही है।  कुछ देशों में सरकारें इस गिरती जन्म दर को रोकने के लिए पैसे भी दे रही हैं. जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों में बच्चों के लिए आर्थिक मदद, टैक्स छूट और दूसरी योजनाएं चलाई जा रही हैं. लेकिन इसके बावजूद जन्म दर में खास सुधार नहीं दिख रहा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ पैसे देने से समस्या हल नहीं होगी, क्योंकि असली बदलाव लोगों की लाइफस्टाइल और सोशल बिहेवियर में आया है।