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रीड हेस्टिंग्स का बड़ा फैसला: नेटफ्लिक्स से पूरी तरह अलग होने का ऐलान

ओवर द टॉप (OTT) इंडस्ट्री के दिग्गज प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के को-फाउंडर रीड हेस्टिंग्स ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. आने वाले जूम महीने में उनके चेयरमैन पद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से भी इस्तीफा दे देंगे. इसकी जानकारी खुद कंपनी की तरफ से दी गई है. को-फाउंडर इस्तीफे के बाद लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं. हालांकि वह क्या काम होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. साल 2023 में भी उन्होंने सीईओ पद से इस्तीफा दिया था, जो काफी चर्चा में रह चुका है. रीड हेस्टिंग ने 1997 में अपने दोस्त और सह-संस्थापक मार्क रैंडोल्फ के साथ इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2023 तक यानी करीब 20 साल तक उन्होंने नेटफ्लिक्स की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद हेस्टिंग ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया. रीड हेस्टिंग ने कहा रीड हेस्टिंग ने कहा कि Netflix में मेरा असली योगदान कोई एक फैसला नहीं था. असल में यह मेंबर्स की खुशी पर फोकस करना और एस ऐसे कल्चर को बनाना, जिसे लोग आगे बेहतर बना सकें. नेटफ्लिक्स क्या है? नेटफ्लिक्स, असल में एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है. अब यह इंटरनेट के माध्यम से काम करता है, जबकि शुरुआत DVD के जरिए हुई थी. अब नेटफ्लिक्स वेब सीरीज, टीवी शो और डॉक्यूमेंट्रीज आदि उपलब्ध कराता है और यह प्लेटफॉर्म दुनियाभर में पॉपुलर है. कंपनी अपने इस प्लेटफॉर्म को सब्सक्रिप्शन बेस्ड सर्विस के रूप में देती है. भारत समेत दुनियाभर में इसके करोड़ों यूजर्स हैं. भारत में टीवी के लिए शुरुआती वर्जन 199 रुपये का है, जो विज्ञापन के साथ आता है. आज यह 190 से अधिक देशों में उपलब्ध है. OTT प्लेटफॉर्म क्या होते हैं? ओवर द टॉप (OTT), असल में वे प्लेटफॉर्म होते हैं, जो इंटरनेट के जरिए सीधे स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और टैबलेट आदि पर वीडियो कंटेंट स्ट्रीमिंग की सुविधा देते हैं. इसमें नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, जियो हॉटस्टार, जी5 आदि का नाम शामिल है.

WhatsApp ने लॉन्च किया नया सेक्शन, बिजनेस मैसेज अब होंगे और भी आसान

नई दिल्ली इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप एक नया फीचर पर काम कर रहा है, जिसका काम बिजनेस चैट को ऑर्गनाइज करने का है. इस फीचर का नाम ऑटो ऑर्गनाइज बिजनेस चैट है. वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाले पोर्टल Wabetainfo ने इस फीचर की जानकारी दी है।  वॉट्सऐप के लेटेस्ट फीचर की मदद से यूजर्स अपने बिज़नेस अकाउंट्स के साथ होने वाली बातचीत को आसानी से ढूंढ सकेंगे. एक डेडिकेटेड लिस्ट के जरिए WhatsApp अपने आप सभी बिजनेस अकाउंट्स के चैट्स को बिना किसी मैनुअली सेटअप के फिल्टर कर लेगा. न्यू अपडेट के बाद यूजर्स को एक ही जगह पर बिजनेस चैट्स एक्सेस करना आसान हो जाएगा।  रिपोर्ट के मुताबिक, अभी यह फीचर डेवलमेंट स्टेज में है, जिसको अभी बेहतर बनाने की दिशा काम हो रहा है. इस बीच, WhatsApp बिज़नेस मैनेजमेंट को और आसान बनाने के नए तरीके भी तलाश रहा है।  Wabetainfo ने किया है पोस्ट  एंड्रॉयड 2.26.15.9 बीटा अपडेट के बाद यह सामने आया है कि WhatsApp एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जो बिजनेस चैट्स को ऑटोमेटिक ऑर्गनाइज़ करेगा और स्पैम को कम करेगा।  मौजूदा समय में यूजर्स को उनके बिजनेस अकाउंट्स के मैसेज नॉर्मल चैट लिस्ट में नजर आते हैं. हालांकि जब बिजनेस मैसेज की संख्या ज्यादा हो जाती है तो जरूरी चैट्स को को खोजना मुश्किल हो जाता है।  कैसे काम करेगा नया बिज़नेस चैट मैनेजमेंट फीचर न्यू फीचर के आने के बाद यूजर्स तय कर सकेंगे कि कौन से बिज़नेस चैट्स मुख्य चैट लिस्ट में रहें और कौन से नहीं. बिज़नेस मैसेज मिलने के 24 घंटे बाद उन्हें नए बिज़नेस सेक्शन में मूव किया जा सकेगा।  बिज़नेस सेक्शन क्या है WhatsApp का बिजनेस सेक्शन किस रूप में नजर आएगा, उसको लेकर अभी कोई क्लियर जानकारी नहीं है. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक अलग चैट लिस्ट हो सकती है. यह WhatsApp एक नया इनबॉक्स पेश करे, जैसा कि Archived Chats या थर्ड-पार्टी चैट्स के लिए होता है। 

सहजन के छिलकों से बनाएं सुपरफूड मोरिंगा टी, जानें तरीका और फायदे

 आजकल सुपरफूड को लेकर जब भी चर्चा होती है, मोरिंगा का नाम सबसे पहले आता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहजन को एक सुपरफूड बताया था और यह भी कहा है कि वे अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हफ्ते में दो बार सहजन की पत्तियों से बने परांठे खाते हैं. मोरिंगा को आमतौर पर लोग सहजन भी कहते हैं और यह पोषण का पावरहाउस भी कहलाता है. इसका कई तरीके से यूज किया जाता है. कोई इसकी सब्जी बनाता है तो कोई इसका अचार भी डालता है. हालांकि लोग सहजन के छिलकों को लोग बेकार समझकर निकालकर कचरे में फेंक देते हैं, लेकिन अधिकतर लोग इस बात से अनजान है कि सहजन का छिलका भी बहुत काम की चीज है, क्योंकि उससे आप अपने काफी पैसे बचा सकते हैं. सहजन के छिलका भी पोषण तत्वों से भरा होता है और इसलिए इसका यूज आप मोरिंगा टी बनाने में कर सकते हैं. मोरिंगा के छिलकों से बनाएं चाय     मोरिंगा के छिलकों को आप छीलने के बाद एक प्लेट में फैलाकर अलग रख लीजिए और इसे धूप में सुखाने के लिए रख दीजिए. जब मोरिंगा के छिलके ड्राई हो जाएं तो आप इनको मिक्सर जार में डालकर बारीक पीस लें और इनका पाउडर बना लें. मोरिंगा के छिलकों को पीसते समय आप उनके साथ ही दालचीनी और इलायची  के साथ पीसना है. इस तरह आप घर पर ही सुपर हेल्दी मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं और फिर इस पाउडर को आप गर्म पानी में मिलाकर पिएं. इतने समय तक कर सकते हैं स्टोर इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसे घर पर बनाकर लगभग 2 महीने के लिए स्टोर भी कर सकते हैं. पाउडर को स्टोर करने के लिए आप एक एयरटाइट कंटेनर में रखें, ताकि इसमें बिल्कुल भी नमी ना आए. इस तरह हर दो महीने के लिए पहले से ही मोरिंगा का छिलकों को सुखाकर घर पर ही मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं. मोरिंगा टी पीने से क्या फायदे मिलते हैं? मोरिंगा से बनी मोरिंगा टी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि इसमें विटामिन C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन घटाने में मददगार भी होती है और ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में भी काम आती है, खासकर टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए.  मोरिंगा टी डाइजेशन को सुधारती है, शरीर को डिटॉक्स करती है और स्किन के साथ बालों को भी हेल्दी और शाइनी बनाती है, नियमित सीमित मात्रा में सेवन करने से एनर्जी बढ़ती है और थकान कम होती है.

मिड-रेंज सेगमेंट में आया नया Vivo T5 Pro 5G, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

वीवो ने भारत में नया स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Vivo T5 Pro 5G है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है और कंपनी का दावा है कि 9020mAh बैटरी वाला यह सबसे स्लिम हैंडसेट है. इसमें और भी कमाल के फीचर्स हैं. वीवो के इस हैंडसेट में 144Hz का रिफ्रेश रेट्स दिया है, जो गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर करता है. स्मूद परफॉर्मेंस के लिए अमेरिकी चिपसेट कंपनी क्वालकॉम का Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर यूज किया है. Vivo T5 Pro 5G की शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है, जिसमें 8GB + 128GB स्टोरेज मिलती है. वहीं, 8GB + 256GB मॉडल की कीमत 33,999 रुपये है. इसके टॉप एंड वेरिएंट की कीमत 39,999 रुपये है. 21 अप्रैल से Vivo T5 Pro 5G की सेल शुरू होगी. इसको ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट, वीवो इंडिया ई स्टोर और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा. लॉन्च ऑफर के तहत  3 हजार रुपये का इंस्टैंट कैशबैक मिलेगा. Vivo T5 Pro 5G के स्पेसिफिकेशन्स Vivo T5 Pro 5G में 6.83-inch का 1.5K (1.5 हजार रेजोल्युशन) AMOLED डिस्प्ले मिलता है. इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जिसमें 5 हजार निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी. Vivo T5 Pro 5G का प्रोसेसर Vivo T5 Pro 5G  में Snapdragon 7s Gen 4 (4nm) चिपसेट का यूज किया गया है. ग्राफिक्स के लिए Adreno 810 GPU का यूज किया है. इसमें डुअल सिम सपोर्ट और एंड्रॉयड 16 बेस्ड OriginOS 6 का यूज किया है. सिक्योरिटी के लिए इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है. Vivo T5 Pro 5G का कैमरा सेटअप Vivo T5 Pro 5G में डुअल कैमरा लेंस सेटअप है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर है और 2MP का डेप्थ सेंसर दिया गया है. इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. इस हैंडसेट से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है. Vivo T5 Pro 5G  की बैटरी Vivo T5 Pro 5G में 9020mAh की बैटरी और 90W का फास्ट चार्जिंग मिलता है. कंपनी पहले ही दावा कर चुकी है कि 9020mAh बैटरी

चाय के बाद तुरंत पानी पीना सही या गलत? जानें सेहत पर असर

 अक्सर कई लोग खाने की तरह ही चाय पीने के तुरंत बाद पानी पी लेते हैं लेकिन विज्ञान और आयुर्वेद इस आदत को सेहत के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं मानता है. ऐसे में चाय पीने से पहले या बाद में पानी पीना चाहिए या नहीं, या कितनी देर तक पीना चाहिए, यह जानना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि एक गलत आदत आपके पाचन तंत्र को बिगाड़ सकती है. चाय से पहले पानी पीना चाहिए या नहीं चाय पीने से पहले पानी पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है और इससे आपको बहुत बेनेफिट्स मिलते हैं. एसिडिटी से बचाव: चाय की तासीर एसिडिक (अम्लीय) होती है. खाली पेट चाय पीने से शरीर में एसिड का स्तर बढ़ जाता है. अगर आप चाय से 10-15 मिनट पहले एक गिलास पानी पीते हैं तो ये पेट में एक सुरक्षा परत बना देता है जिससे एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या कम होती है. दांतों की सुरक्षा: चाय में टैनिन नामक तत्व होता है जो दांतों पर पीलेपन की परत जमा सकता है. पहले पानी पीने से दांतों पर एक हाइड्रेटेड लेयर बन जाती है जो दाग-धब्बों को रोकने में मदद करती है. हाइड्रेशन: चाय एक डाइयूरेटिक है जो शरीर से पानी को बाहर निकालती है. पहले पानी पी लेने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती. चाय के बाद पानी पीना सही है? चाय पीने के तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार इसके कई नुकसान होते हैं. दांतों की सेंसिटिविटी: चाय गर्म होती है और पानी आमतौर पर सामान्य या ठंडा. अचानक तापमान बदलने से दांतों की इनेमल  पर बुरा असर पड़ता है जिससे दांतों में झनझनाहट शुरू हो सकती है. पाचन में गड़बड़ी: आयुर्वेद के अनुसार, बहुत गर्म के बाद तुरंत बहुत ठंडा लेने से शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है. गर्म चाय के बाद तुरंत पानी पीने से पेट का तापमान अचानक गिर जाता है. इससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है और भारीपन या गैस की समस्या हो सकती है.

Airtel 5G यूजर्स के लिए जरूरी गाइड: डेटा लिमिट क्यों खत्म हो रही है?

 क्या आपने भी अनलिमिटेड 5G वाला प्लान रिचार्ज कराया है लेकिन बावजूद इसके इंटरनेट डेटा की डेली लिमिट खर्च हो रही है? दरअसल X पर विपेंद्र कुमार नाम के शख्स ने अपनी आप बीती शेयर की है, जहां उन्होंने Airtel का 979 वाला प्लान रिचार्ज कराया है लेकिन फिर भी इंटरनेट उनके डेली डेटा लिमिट में से खर्च हो रहा है। गौरतलब है कि यह प्लान अनलिमिटेड 5G के साथ आता है और अगर यूजर 5G नेटवर्क एरिया में 5G फोन इस्तेमाल करे, तो वह अनलिमिटेड 5G इंटरनेट इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि यहां गौर करने वाली बात है कि इसके लिए फोन में कुछ जरूरी सेटिंग्स का ऑन या सेट होना जरूरी हो जाता है। आपका फोन 5G नेटवर्क का इस्तेमाल कर सके, इसके लिए आपको फोन में 5G Standalone मोड को ऑन करना पड़ सकता है ताकि नेटवर्क बार-बार 4G पर न शिफ्ट हो। दूसरा, अपने फोन के Data Saver और Wi-Fi Assist जैसे फीचर्स चेक कर लें, जो फोन को 5G इंटरनेट इस्तेमाल करने से रोक सकते हैं। इस तरह की सेटिंग्स अगर सही तरह से सेट हैं, तो आपका फोन अनलिमिटेड 5G का सही तरह से इस्तेमाल कर पाएगा। 5G Standalone मोड को चुनें अनलिमिटेड 5G वाले रिचार्ज प्लान की एक मात्र शर्त यह होती है कि आप 5G नेटवर्क का इस्तेमाल करें। इसके बाद आपकी डेली लिमिट का डेटा तब तक खर्च नहीं होता, जब तक आपका नेटवर्क 4G पर शिफ्ट न हो। यहां गौर करने वाली बात है कि अगर आप नॉन-स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क से कनेक्ट होंगे, तो फोन सिग्नल में आपको 5G दिखेगा लेकिन फोन का इंटरनेट 4G इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चल रही होती हैं। इसकी वजह से आपका डेली डेटा खर्च होने लगता है। इसके लिए अपने फोन की नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर उसे SA यानी कि स्टैंड अलोन 5G या Only 5G पर सेट कर लें। इससे फोन सिर्फ और सिर्फ 5G नेटवर्क का ही इस्तेमाल करेगा। Data Saver या Battery Saver जैसे फीचर बंद करें अगर आपके फोन में डेटा सेवर या बैटरी सेवर जैसी फीचर्स ऑन है, तो वे आपके फोन को 5G नेटवर्क इस्तेमाल करने से रोकते हैं। दरअसल, उन फीचर्स का काम डेटा और फोन की बैटरी को बचाना होता है। ऐसे में वे फोन को 5G नेटवर्क पर काम करने से रोकते हैं। नतीजतन आपका डेटा डेली लिमिट में से इस्तेमाल होने लगता है और आप प्लान के अनलिमिटेड 5G इंटरनेट का फायदा नहीं उठा पाते। Preferred Network Type चेक करें अगर आपके मोबाइल नेटवर्क का Preferred Network Type 5G की जगह किसी और नेटवर्क मोड पर सेट है, तो भी आपका फोन 5G की जगह 4G या 4G LTE पर काम करता है। ऐसे में फोन की सेटिंग्स में जाकर Preferred Network Type को 5G पर सेट कर दें। इससे फोन 5G नेटवर्क पर काम करेगा। ध्यान रखने वाली बात अगर आप 4G और 5G नेटवर्क एरिया के बीच आते-जाते हैं, तो आपके फोन को काम करते रहने के लिए नेटवर्क स्विच करना ही पड़ता है। ऐसे में जब-जब फोन 5G से 4G पर स्विच होगा, तब-तब आपकी डेली डेटा लिमिट खर्च होगी।  

यूट्यूब ला रहा है Auto Speed और On-the-go फीचर, वीडियो देखने का तरीका बदलेगा

यूट्यूब अपने प्रीमियम यूज़र्स के लिए एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए-नए प्रयोग करता रहता है और नए फीचर्स को पेश करता रहता है. इस बार यूट्यूब दो नए फीचर्स को टेस्ट कर रहा है, जिसका नाम "Auto Speed" और "On-the-go" को टेस्ट करना शुरू किया है, जो खासतौर पर मोबाइल यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. फिलहाल, ये दोनों फीचर्स एंड्रॉयड ऐप में एक्सपेरिमेंटल रूप में उपलब्ध हैं और यूज़र्स को इन फीचर्स को मैनुअली ऑन करना होगा. पहला अपकमिंग फीचर "Auto Speed" फीचर वीडियो देखने के तरीके और एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल सकता है. अभी तक यूज़र्स को खुद से 1.5x या 2x जैसी स्पीड चुननी पड़ती थी, लेकिन इस नए फीचर में वीडियो की स्पीड आप कंटेंट के अनुसार बदलती रहती है. इसका मतलब है कि जहां वीडियो में स्लो और समझने वाली जानकारी होगी, वहां स्पीड सामान्य रहेगी और जगां पर कम जरूरी जानकारी या रिपीट होने वाला हिस्सा होगा, वहां पर स्पीड अपने-आप तेज हो जाएगी. यह फीचर कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, खासतौर पर कुकिंग, ट्यूटोरियल या एक्सप्लेनेशन वीडियो देखने वाले यूज़र्स इसका काफी फायदा उठा सकते हैं. ऐसे यूज़र्स कई बार वीडियो की प्लेबैक स्पीड को फास्ट करके वीडियो देखते हैं, लेकिन उसी वीडियो में किसी जरूरी हिस्से को समझने के दौरान उन्हें प्ले स्पीड को स्लो करनी पड़ती है. ऐसे में अब ऑटो-स्पीड नाम का फीचर यूज़र्स की इस समस्या को खत्म कर सकता है. दूसरा अपकमिंग फीचर यूट्यूब प्रीमियम में आने वाले दूसरे फीचर का नाम "On-the-go" है. इस फीचर का भी टेस्ट किया जा रहा है. इस फीचर को कंपनी ने उन यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किया है, जो चलते-फिरते वीडियो देखते हैं. यह फीचर फोन की मूवमेंट को पहचानकर अपने आप एक्टिव हो सकता है, या फिर यूज़र इसे मैन्युअली भी ऑन कर सकते हैं. एक्टिव होने के बाद वीडियो का इंटरफेस काफी सरल हो जाता है, जिससे प्ले, पॉज़ और टाइमलाइन जैसे जरूरी कंट्रोल्स आसानी से एक्सेस किए जा सकते हैं. इसके अलावा डाउनलोड जैसे ऑप्शन भी ज्यादा स्पष्ट तरीके से दिखाई दे सकते हैं. हालांकि, ये दोनों फीचर्स अभी टेस्टिंग स्टेज में हैं, इसलिए इनकी परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी पूरी तरह फाइनल नहीं है. रिपोर्ट्स के अनुसार "Auto Speed" ठीक से काम कर रहा है, जबकि "On-the-go" अभी थोड़ा अनस्टेबल लग रहा है. यूट्यूब ने इन्हें सीमित समय के लिए उपलब्ध कराया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 27 अप्रैल के बाद फैसला लेगी कि इन फीचर्स को सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जाएगा या नहीं.

ज्यादा तीखा खाना पड़ सकता है भारी, पेट और पाचन पर डालता है असर

अगर आप भी खाने में ज्यादा मिर्च-मसाले के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। भारत में तीखा खाना पसंद करने वालों की कमी नहीं है, खासकर मोमो की लाल चटनी और चटपटे गोलगप्पे तो हर किसी की पहली पसंद बन चुके हैं। लेकिन स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता करना भारी पड़ सकता है। दरअसल, हम सभी को ये समझने की जरूरत है कि जरूरत से ज्यादा तीखा खाना न सिर्फ पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ाता है, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक अधिक मिर्च-मसाले का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने खान-पान में संतुलन बनाए रखें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ज्यादा तीखा खाने से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं और क्यों आपको सावधान रहने की जरूरत है।  पेट में जलन और एसिडिटी जब आप जरूरत से ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना खाते हैं, तो पेट में एसिड का स्तर बढ़ जाता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकारें और गैस की समस्या होने लगती है। लंबे समय तक ऐसा खान-पान रखने से एसिडिटी क्रॉनिक (पुरानी) समस्या बन सकती है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है। पाचन तंत्र पर असर अत्यधिक तीखा भोजन पाचन तंत्र को उत्तेजित कर देता है। इससे आंतों में जलन, अपच, पेट दर्द और कभी-कभी दस्त भी हो सकते हैं। जिन लोगों का पाचन पहले से कमजोर होता है, उनके लिए यह और भी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। मुंह और गले में जलन ज्यादा तीखा खाना जीभ, मसूड़ों और गले की अंदरूनी सतह को प्रभावित करता है। इससे जलन, छाले और सूजन हो सकती है। लगातार ऐसा खाने से स्वाद की क्षमता भी कम हो सकती है। अल्सर का खतरा लगातार तीखा और मसालेदार भोजन पेट की परत को नुकसान पहुंचाता है। इससे गैस्ट्रिक अल्सर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लक्षणों में तेज दर्द, उल्टी और कभी-कभी खून आना भी शामिल हो सकता है, जो गंभीर स्थिति बन सकती है।

गूगल का बड़ा अपडेट: अब आपकी ऐप्स से जुड़कर जवाब देगा AI

गूगल ने इस साल की शुरुआत में सर्चिंग को बेहतर बनाने के लिए पर्सनल इंटेलीजेंस फीचर को लॉन्च किया था. साल की शुरुआत में इसको अमेरिका में लॉन्च किया था और अब इसको भारत में लॉन्च कर दिया गया है. Gemini के लिए पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर की मदद से यूजर्स को बेहतर सर्चिंग एक्सपीरियंस मिलेगा. ये लेटेस्ट फीचर गूगल के ऐप्स जैसे जीमेल, गूगल फोटोज, यूट्यूब और गूगल सर्च से जानकारी को सुरक्षित तरीके से जोड़ता है, जिसके बाद यूजर्स की पसंद के आधार पर जवाब देता है. उदाहरण के तौर पर समझें तो आप जयपुर घूमने का प्लान बनाते हैं और ट्रिप को लेकर सर्च करते हैं. इसके बाद पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर जीमेल पर रिसीव टिकट और होटल की डिटेल्स को लेगा, जिसके बाद वह यूट्यूब पर देखे वीडियो के आधार पर घूमने की सलाह देगा. साथ लगने वाले समय को भी बताएगा. दो कैपिबिलिटीज पर काम करता है पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर असल में दो कैपिबिलिटीज पर काम करता है. इसमें एक कॉम्प्लैक्स और अलग-अलग सोर्स से आने वाली को समझना है. दूसरा कनेक्टेड ऐप्स से खास जानकारी निकालना है.  यह सिस्टम टेक्स्ट, फोटो और वीडियो डेटा को मिलाकर AI ज्यादा सटीक जवाब देने की कोशिश करता है. डेटा प्राइवेसी का रखा है ध्यान Google का दावा है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वैसे तो इस फीचर बंद करके रखा जाता है, जिसे यूजर्स को खुद मैनुअली जाकर ऑन करना होता है. इसमें यूजर्स को पूरा कंट्रोल मिलता है, जिसमें यूजर्स तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से ऐप्स से डेटा ले सकते हैं. यहां गौर करने वाली बात यह है कि यह सिस्टम थर्ड पार्टी ऐप्स के पास जाता नहीं है. यहां सोर्स को एकदम ट्रांस्परेंट रखा है, जहां AI बता सकता है कि जवाब किस स्रोत से आया है. मॉडल ट्रेनिंग कैसे होती है गूगल ने साफ कर दिया है कि जेमिनाई सीधे यूजर के जीमेल या फोटोज के डेटा पर ट्रेन नहीं होगा. ये ट्रेनिंग लिमिटेड डेटा पर होगी, जिसमें प्रॉम्प्ट और AI के जवाब पर होती है. बताते चलें कि मौजूदा वर्जन अभी बीटा फेज में है, जिसमें कुछ लिमिटेशन मौजूद हैं. भारत में यह फीचर अभी सिर्फ गूगल एआई प्लस, प्रो और अल्ट्रा सब्सक्राइबर के लिए रोलआउट हो रहा है. जल्द ही फ्री वर्जन यूजर्स के लिए भी यह उपलब्ध होगा. यह वेब और स्मार्टफोन पर काम करेगा. AI पर्सनालाइज को कैसे करें ऑन गूगल का पर्सनल इंटीलेंज फीचर को ऑन करना बहुत ही सिंपल है. एलिजिबल यूजर्स को जेमिनाई ऐप्स को ओपन करना होगा, फिर सेटिंग्स में जाना होगा. इसके बाद पर्सनल इंटेलीजेंस पर क्लिक करें, जिसके बाद कनेक्टेड ऐप्स को चुनना होगा.

गर्मी में कितना पानी पीना चाहिए? उम्र के हिसाब से जानें सही मात्रा

गर्मी का मौसम आते ही शरीर में पानी की जरूरत कई गुना बढ़ जाती है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर समय पर और सही मात्रा में पानी नहीं पिया जाए, तो इसका असर सीधे सेहत पर पड़ता है। दरअसल, कई लोग अपनी उम्र और शरीर की जरूरत के अनुसार पानी नहीं पीते, जिससे थकान, चक्कर, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी उम्र, वजन और दिनभर की गतिविधियों के अनुसार पानी का सेवन करें। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किस उम्र के लोगों को कितना पानी पीना चाहिए और क्यों यह आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है।  बच्चे (5–12 साल) इस उम्र में बच्चों का शरीर तेजी से एक्टिव रहता है और वे ज्यादा खेलकूद करते हैं, जिससे उनके शरीर से पसीने के रूप में पानी जल्दी निकलता है। इसलिए बच्चों को रोजाना 1 से 1.5 लीटर पानी देना जरूरी होता है। अगर बच्चा बाहर खेलता है या गर्मी ज्यादा है, तो पानी की मात्रा और बढ़ानी चाहिए। ध्यान रखें कि बच्चों को जूस या कोल्ड ड्रिंक के बजाय सादा पानी या प्राकृतिक पेय जैसे नारियल पानी देना ज्यादा फायदेमंद होता है। किशोर (13–18 साल) किशोरावस्था में शरीर का विकास तेजी से होता है, इसलिए पानी की जरूरत भी बढ़ जाती है। इस उम्र में 1.5 से 2.5 लीटर पानी पीना जरूरी है। स्कूल, स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटी के कारण शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है। अगर पानी की कमी हो जाए तो थकान, ध्यान में कमी और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वयस्क (18–50 साल) वयस्कों के लिए रोजाना 2.5 से 3.5 लीटर पानी पीना जरूरी माना जाता है। जो लोग धूप में काम करते हैं या ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उन्हें इससे भी ज्यादा पानी की जरूरत हो सकती है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, पाचन तंत्र सही काम करता है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। बुजुर्ग (50+ साल) बढ़ती उम्र में प्यास लगने की क्षमता कम हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को पानी की जरूरत कम हो जाती है। बुजुर्गों को रोजाना कम से कम 2 से 2.5 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी की कमी से उन्हें चक्कर, कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उन्हें समय-समय पर पानी पीने की आदत डालनी चाहिए, भले ही प्यास न लगे।