samacharsecretary.com

AI की दुनिया में भारत सबसे आगे, जानें टॉप पर पहुंचने के कारण

नई दिल्ली भारत ने 'वर्ल्ड एआई एडवांटेज' स्कोर में 53 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। यह स्कोर दुनिया के औसत 34 अंकों से काफी ज्यादा है। यह स्कोर दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से काम करने वाले लोगों को कितना समय बच रहा है। यह जानकारी ईवाई कंपनी की 2025 वर्क रीइमेजिंड सर्वे से आई है। इस सर्वे में पता चला है कि भारत में एआई का असली फायदा काम की जगह पर साफ दिख रहा है। हाल ही स्टैनफोर्ड की ओर से जारी हुए AI इंडेक्स में भारत ने तीसरी रैंक हासिल की थी। AI से काम आसान और अच्छा होता है रिपोर्ट बताती है कि भारत जेनरेटिव एआई को अपनाने में सबसे तेज देशों में शामिल है। यहां के कई कर्मचारी कहते हैं कि इस तकनीक से उनका काम ज्यादा अच्छा और जल्दी हो जाता है। करीब 62 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी काम पर नियमित रूप से इस तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। बॉस और कर्मचारी दोनों मानते हैं कि एआई से फैसले लेना आसान होता है और काम की क्वालिटी भी अच्छी है। टैलेंट हेल्थ स्कोर रहा सबसे अच्छा भारत का टैलेंट हेल्थ स्कोर 82 अंक है, जो सर्वे में शामिल सभी देशों में सबसे ज्यादा है। यह स्कोर देखता है कि कर्मचारी अपनी कंपनी के कल्चर, मिलने वाले इनाम और सीखने के मौकों के बारे में कैसा महसूस करते हैं। दुनिया का औसत स्कोर सिर्फ 65 है। भारत में ज्यादातर कर्मचारी कहते हैं कि उनके मैनेजर उन्हें भरोसा देते हैं और ज्यादा अधिकार देते हैं। इससे वे खुद को मजबूत महसूस करते हैं। तेजी से अपनाया गया है AI ईवाई इंडिया के पार्टनर अनुराग मलिक ने कहा कि भारत ने AI अपनाने में बड़ी प्रगति की है। कंपनियां अब सोच-समझकर प्रोडक्शन, कर्मचारियों की स्किल्स और उनके अनुभव को बैलेंस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि असली फायदा तब मिलता है जब कंपनियां तकनीक का इस्तेमाल कर्मचारियों की सेहत और काम करने की ताकत बढ़ाने के लिए करती हैं। कंपनियां एआई सिखाने के काम पर ध्यान दे रही हैं रिपोर्ट के अनुसार, रिवॉर्ड टैलेंट हेल्थ स्कोर में करीब 32 प्रतिशत हिस्सा देते हैं। भारत में कर्मचारी बोनस (40 प्रतिशत), फ्लेक्सिबल वर्क के समय (33 प्रतिशत), रहन-सहन के हिसाब से वेतन (32 प्रतिशत) और हेल्थ बेनेफिट्स (31 प्रतिशत) को सबसे जरूरी मानते हैं। लेकिन कंपनियां बोनस के साथ-साथ एआई स्किल्स सिखाने पर भी बराबर ध्यान दे रही हैं (34 प्रतिशत)। इससे कर्मचारी ज्यादा खुश रहते हैं।

2026 में iPhone 18 नहीं? रिपोर्ट ने फैंस को किया निराश

नई दिल्ली Apple iPhone 18 का इंतजार करने वालों के लिए एक बुरी खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईफोन 18 अगले साल यानी 2026 में नहीं बल्कि 2027 में लॉन्च किया जाएगा। खबरों के मुताबिक, ऐपल आईफोन 18 का ट्रायल प्रोडक्शन अगले साल यानी 2026 की शुरुआत में शुरू होगा। इस कारण कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नेक्स्ट जनरेशन आईफोन सीरीज का बेस मॉडल प्रो मॉडल्स के साथ नहीं बल्कि उनके बाद 2027 में लॉन्च किया जाएगा। आइये, पूरा मामला जानते हैं। दो चरणों में लॉन्च हो सकती है आईफोन 18 सीरीज इस बार ऐपल अपनी आईफोन सीरीज की लॉन्चिंग प्रोसेस में बदलाव कर सकती है। हर बार से अलग इस बार अगली आईफोन सीरीज यानी आईफोन 18 सीरीज दो चरणों में लॉन्च की जाने की उम्मीद है। आईफोन 18 प्रो मॉडल सितंबर, 2026 में लॉन्च हो सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी अपना पहला फोल्डेबल फोन भी पेश कर सकती है। वहीं, सीरीज का बेस मॉडल आईफोन 18, 2027 की शुरुआत में आ सकता है। लेटेस्ट लीक से पता चला है कि आईफोन 18 का ट्रायल प्रोडक्शन अभी शुरू नहीं हुआ है। इसकी शुरुआत 2026 में होगी। वीबो पर टिप्सटर फिक्स्ड फोकस डिजिटल के अनुसार, आईफोन 18 का ट्रायल प्रोडक्शन चीनी नव वर्ष के बाद ही शुरू होने की उम्मीद है। बता दें कि चीन में चीनी नव वर्ष की छुट्टी आमतौर पर फरवरी के अंत में खत्म होती है। इसके बाद फैक्ट्रियां सामान्य रूप से काम करना शुरू कर देती हैं और बड़े पैमाने पर नए प्रोजेक्ट लेती हैं। इस खबर ने उन अफवाहों को और भी मजबूत कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा है कि आईफोन 18 अगले साल नहीं बल्कि 2027 में लॉन्च होगा। हालांकि, अभी ऐपल ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। यह भी कहा जा रहा है कि इसके साथ कंपनी आईफोन 18e और अगली पीढ़ी के आईफोन एयर लॉन्च होगा। 2026 में लॉन्च होंगे ये आईफोन एक और टिप्सटर का दावा है कि आईफोन 18 प्रो मॉडल के लिए प्रोडक्शन लाइनें पहले ही स्थापित हो चुकी हैं। इससे पता चलता है कि प्रो हार्डवेयर का डिजाइन पहले ही फाइनल हो चुका है। हालांकि, पोस्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि आईफोन 18 प्रो और 18 प्रो मैक्स में उम्मीद से कम हार्डवेयर बदलाव होंगे। यही कारण है आईफोन 18 प्रो मॉडल पहले यानी हर साल की तरह 2026 सितंबर में आने की उम्मीद है और आईफोन 18 को 2027 में पेश किया जा सकता है।

WhatsApp यूजर्स के लिए अलर्ट: GhostPairing से खतरा, सरकार ने दी सुरक्षा टिप्स

 नई दिल्ली WhatsApp यूजर्स के लिए एक सरकारी एजेंसी ने जरूरी वॉर्निंग जारी की है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-In) ने एक नए खतरे के बारे में  बताया है और उससे सावधान रहने को कहा है.  ये हाई रिस्क GhostPairing को लेकर है, जिसमें हैकर्स का ग्रुप बड़ी ही चालाकी के साथ WhatsApp अकाउंट को टेकओवर कर सकता है. वॉर्निंग में बताया है कि हैकर WhatsApp के डिवाइस-लिंकिंग फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. बिना किसी ऑथेंटिकेशन के पेयरिंग कोड के जरिए अकाउंट को हाइजैक कर सकते हैं. यह इतना ज्यादा खतरनाक है कि हैकर्स रियल टाइम चैटिंग को पढ़ सकते हैं और सीक्रेट्स को लीक कर सकते हैं.   साइबर ठग ऐसे हाइजैक करते हैं WhatsApp  WhatsApp हैकिंग की शुरुआत एक सिंपल से मैसेज से होती है. जब विक्टिम को किसी जान-पहचान वाले कॉन्टैक्ट की तरफ से एक सिंपल सा मैसेज भेजा जाता है कि Hi, check this photo. मैसेज में एक लिंक होता है, जिसके अंदर फेसबुक जैसा प्रीव्यू नजर आता है.  CERT-In का पोस्ट  जब विक्टिम उस प्रीव्यू को देखने की कोशिश करते हैं तो प्रोसेस के दौरान वह फोन नंबर की डिमांड करता है और वेरिफिकेशन करने को कहते हैं. वॉर्निंग में बताया है कि साइबर अटैकर्स इस तरह से विक्टिम के WhatsApp अकाउंट को हाइजैक कर लेते हैं.  WhatsApp यूजर्स ना करें ये गलती  कोई भी परिचित शख्स ऐसा मैसेज भेजता है और उस मैसेज में मोबाइल नंबर एंटर करने को कहता है तो सतर्क होने की जरूरत है. ऐसे किसी भी लिंक पर मोबाइल नंबर को वेरिफाई ना करें, जिसमें आपका WhatsApp हैक हो सकता है.  WhatsApp की सेटिंग्स में है खास ऑप्शन WhatsApp की सेटिंग्स के अंदर लिंक्ड डिवाइस नाम का फीचर है, जिसको चेक करके जान सकते हैं कि WhatsApp अकाउंट कहां-कहां लॉगइन है. अनजान जगह लॉगइन होने पर उसे तुरंत लॉगआउट भी कर सकते हैं. यह सर्विस एंड्रॉयड और iOS दोनों में है.

दूध नहीं, ये 7 फूड्स हैं हड्डियों के लिए कैल्शियम के पावरहाउस, जानें क्या हैं वो

 सर्दियां शुरू होते ही जोड़ों में दर्द की दिक्कत शुरू हो जाती है. अब यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि जवान लोग भी इस परेशानी से पीड़ित हो रहे हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह कैल्शियम की कमी है. बॉडी बनाने के लिए लोग प्रोटीन तो जमकर ले रहे हैं, लेकिन इसके चलते वो कैल्शियम को अनदेखा कर देते हैं.  विटामिन डी भी लोग अब सही से नहीं लेते हैं, जिसकी वजह से कम उम्र में ही हड्डियां कमजोर होने लगी हैं. कई लोग दूध और पनीर खाना पसंद नहीं करते हैं और उनको लगता है कि सबसे ज्यादा कैल्शियम इन दोनों से ही मिलता है, जबकि ऐसे भी फूड्स हैं, जो जिनमें इनसे कई गुना अधिक कैल्शियम मौजूद होता है.आइए आपको इस आर्टिकल में ऐसे ही टॉप 7 चीजों के बारे में बताते हैं, जिन्हें आप इस ठंड अपनी डाइट में शामिल करके कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते हैं.  बादाम  ड्राईफ्रूट में काजू और अखरोट के अलावा बादाम भी लोगों को खाना पसंद होता है, लेकिन वो नहीं जानते हैं कि बादाम खाने से उनके शरीर में कैल्शियम की कमी भी दूर होती है. बादाम दिमाग के साथ-साथ हड्डियों के लिए भी बेहतरीन है, 100 ग्राम बादाम में लगभग 260 mg कैल्शियम पाया जाता है. सर्दियों में 5–7 बादाम रोज भिगोकर खाना बेहद फायदेमंद है.  तिल  तिल को सर्दियों का सुपरफूड माना जाता है और तिल में 6 गुना ज्यादा मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है. 100 ग्राम तिल में करीब 975 mg कैल्शियम होता है. आप तिल को लड्डू, चटनी, गजक या सलाद में मिला सकते हैं, सर्दियों में नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं. दिखने में भले ही तिल के दाने छोटे होते हैं, मगर कैल्शियम का इन्हें पावरहाउस कहा जाता है, अगर आप रोज थोड़ी मात्रा में ही तिल खाते हैं तो आपकी हड्डियों की कमजोरी की समस्या नहीं होगी.  रागी  तिल के अलावा रागी कैल्शियम का शानदार नेचुरल सोर्स माना जाता है,  सौ ग्राम रागी तीन गिलास दूध जितना फायदा करती है, क्योंकि महज 100 ग्राम रागी से शरीर को 350 mg कैल्शियम मिलता है. यह बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सभी के लिए फायदेमंद होत है और इसे रोटी, डोसा, खीर या दलिया के रूप में खाया जा सकता है.  सोया और सोया प्रोडक्ट्स पनीर और दूध के बिना भी कैल्शियम की पूर्ति हो सकती है, बस आपको अपनी डाइट में सोयाबीन, टोफू और सोया दूध शामिल करने होंगे. यह सभी कैल्शियम का बढ़िया ऑप्शन है, 100 ग्राम टोफू में करीब 350 mg कैल्शियम होता है. यह खासकर उन लोगों के लिए बेहतर है जो दूध नहीं पीना चाहते या लैक्टोज इंटॉलरेंट हैं.  अंजीर सूखे अंजीर में कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं.  रोजाना 4–5 सूखे अंजीर खाने से शरीर की कैल्शियम की जरूरत आसानी से पूरी हो जाती है.  यह कब्ज की समस्या को भी कम करता है और खून बढ़ाने में मदद करता है, इसके अलावा नियमित सेवन से स्वास्थ्य लाभ मिलता है. राजमा और चना  कई लोग जानते ही नहीं कि राजमा और चना भी कैल्शियम का अच्छा सोर्स है. 1 कप उबले हुए चने में 80–100 mg कैल्शियम मिलता है. साथ ही ये प्रोटीन, फाइबर और आयरन भी देते हैं, सर्दियों में चना-राजमा की गर्मागर्म डिश हड्डियों के लिए वरदान से कम नहीं है. हरी पत्तेदार सब्जियां  सर्दियों की हरी सब्जियां कैल्शियम से भरपूर होती हैं, पालक, मेथी और बथुआ में कैल्शियम और विटामिन K होता है. जो हड्डियों को मजबूती देता है. इनका नियमित सेवन जोड़ो के दर्द को भी कम करता है. 

स्क्रब vs पॉलिश: क्या आप भी कंफ्यूज हैं? यहां समझें दोनों का फर्क

चेहरे के साथ-साथ बॉडी को खास केयर देना चाहते हैं तो बॉडी स्क्रब और बॉडी पॉलिश काफी कारगर हो सकते हैं। एक जैसे तत्वों के साथ दोनों ही प्रोडक्ट्स ड्राई पैचेस, सेल्युलाइट्स को कम करते हैं। बॉडी पॉलिश एक्स्ट्रा केयर देते हुए स्किन को पल्म्प और हाइड्रेट करने का भी काम करता है। बॉडी पॉलिश और बॉडी स्क्रब में काफी कुछ एक जैसा होता है। इन दोनों में ही लगभग एक जैसे तत्वों का इस्तेमाल होता है, फिर भी दोनों अलग-अलग तरह का काम करते हैं। आइए जानते हैं दोनों के बीच का फर्क और इनके फायदे।  ये हैं अंतर     नेचुरल एक्सफोलिएट्स में शुगर और सॉल्ट जैसी सामग्री का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, जबकि बॉडी पॉलिश में इसकी मात्रा कम होती है।     बॉडी पॉलिश में बॉडी स्क्रब की तुलना में मॉइश्चराइज करने वाली चीजें ज्यादा होती हैं जैसे शीया बटर, ग्रीन टी, विटामिन सी। किसे चाहिए बॉडी स्क्रब और किसे बॉडी पॉलिश यह चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी स्किन को किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर आपकी स्किन बेहतर तरीके से मॉइश्चराइज है तो फिर उसे डीप क्लींजिंग की जरूरत है। ऐसे में बॉडी स्क्रब ज्यादा बेहतर ऑप्शन है। वहीं, स्किन बैरियर में रुकावट होने और ड्राई पैचेस की समस्या होने पर बॉडी पॉलिश का विकल्प चुना जाना चाहिए। इस तरह मिलेगा ज्यादा फायदा     बॉडी स्क्रब को पहले एक्सफोलिएट और फिर मॉइश्चराइज करने के लिए बनाया गया है। वैसे तो हर स्किन टाइप के लिए बॉडी स्क्रब सही है लेकिन सेंसिटिव स्किन वालों इसके इस्तेमाल सावधानी बरतना चाहिए।     बॉडी स्क्रब का इस्तेमाल करने के दौरान डार्क पैचेस, सेल्युलाइट, डैड स्किन सेल्स वाले हिस्से पर ज्यादा फोकस करें।     बॉडी स्क्रब को सर्कुलर मोशन में लगाने पर ब्लड फ्लो बढ़ता है और बेहतर सफाई होती है। इसे आप स्ट्रेच मार्क्स, चोट के पुराने दागों पर भी अप्लाय कर सकते हैं।     नहाने के बाद बॉडी ऑयल या मॉइश्चराइजर लगाना ना भूलें, इससे स्किन को आराम मिलेगा। इस तरह लगाएं बॉडी पॅालिश     साफ स्किन पर इसे सीधे अप्लाई करें।     ड्राई हिस्से, स्ट्रेच मार्क्स, जख्मों के निशान, असमान रंगत वाले हिस्से या फिर उन हिस्सों पर लगाएं जहां आप शेविंग करना चाह रही हैं।     बॉडी पॉलिश लगाने के बाद साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे मॉइश्चराइजिंग वाला इफेक्ट भी खत्म हो जाएगा।  

2026 में सरप्राइज देने आ रहा है ऐपल का ये खास डिवाइस, आईफोन नहीं फिर भी सबकी नजर

 नई दिल्ली  नए साल का आगाज होने वाला है। टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में साल 2026 कई बदलाव लेकर आ सकता है। टेक‍ दिग्‍गज ऐपल को लेकर कहा जा रहा है कि नए साल में कंपनी आईफोन या मैकबुक से ज्‍यादा किसी और प्रोडक्‍ट पर ध्‍यान दे रही है। ऐपल सीईओ टिम कुक के लिए कंपनी के टेक डेवलपमेंट की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐपल ग्‍लासेज हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा हो सकता है कि नए साल में कंपनी एक बड़ा लॉन्‍च आयोजित करे। 2026 में हो सकता है बड़ा लॉन्‍च 9to5Mac की रिपोर्ट (ref.) के मुताबिक, ऐसा हो सकता है कि ऐपल साल 2026 में बड़े लॉन्‍च की तैयारी कर रही है और ऐपल ग्‍लासेज उसका हाइलाइट हो सकते हैं। अन्‍य रिपोर्टों की मानें तो कंपनी ‘अनवील्‍ड’ शब्‍द पर अधिक जोर दे रही है जो संकेत हो सकता है कि ऐपल ग्‍लासेज को सिर्फ प्रदर्शित किया जाएगा, लॉन्‍च को टाला जा सकता है। ऐसा हुआ तो कंपनी वियरेबल सेगमेंट में एक और डिवाइस तो ले आएगी, लेकिन उसे लोगों के बीच पहुंचने में वक्‍त लग सकता है। हर दिन पहनने वाले चश्‍मे हालांकि ऐपल ग्‍लास ेज के लॉन्‍च होने की संभावनाएं इसलिए भी बन रही हैं, क्‍योंकि गूगल भी अपने ग्‍लासेज नए साल में ला सकती है और मेटा के मेटा ग्‍लास पहले से ही मार्केट में मौजूद हैं। यह सेगमेंट ऐसा है, जिसमें चीनी स्‍मार्टफोन कंपनियों की मौजूदगी अधिक नहीं है। ऐपल इस सेगमेंट में कदम रखकर अपना दबदबा बना सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, ऐपल का मकसद पूरी तरह से ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) ग्लासेज देना है, जिसे लोग हर दिन पहन सकें। कहा जाता है कि ऐपल ग्‍लास को पहनने के बाद उससे ही कई सारे काम किए जा सकेंगे, ठीक वैसे ही जैसा रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेज (Ray-Ban Meta smart glasses) में मुमकिन है। ऐपल ग्‍लासेज के फीचर्स ऐपल ग्‍लासेज को बिना डिस्‍प्‍ले के पेश किया जा सकता है। वह आईफोन से कनेक्‍ट होकर काम करेगा। कहा जाता है कि ऐपल ग्‍लासेज में सिरी, ऐपल इंटेलिजेंस और बिल्‍ट इन ओपन ईयर स्‍पीकर्स का सपोर्ट होगा। हालांकि चश्‍मों को पूरी तरह से कंट्रोल करने के लिए आईफोन चाहिए होगा। कहा जाता है कि कंपनी एक ऐसा गैजेट पेश करना चाहती है जिसे यूजर अपने रोजाना इस्‍तेमाल में पहन सके। कंपनी मेटा से मुकाबला करना चाहती है, जिसने अपने स्‍मार्ट ग्‍लासेज को एक के बाद एक लॉन्‍च करके पॉपुलर बनाने की कोशिश की है।

हार्ट हेल्थ का देसी फॉर्मूला: रोज़ पीने से कम हो सकता है हार्ट अटैक का रिस्क

गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना और अंदर से ठंडक पहुंचाना बेहद जरूरी हो जाता है। ऐसे में नारियल पानी एक नेचुरल और न्यूट्रीशन से भरपूर ऑप्शन है, जो न सिर्फ प्यास बुझाता है बल्कि शरीर को आवश्यक मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भी प्रदान करता है। ताजे हरे नारियल से प्राप्त यह ड्रिंक शरीर की कई जरूरतों को पूरा करते हैं। ऐसे में रोजाना इसका सेवन करने से सेहत को कई तरह के फायदे मिलते हैं। तो फिर देर किस बात कि आइए जानते हैं कि रोजाना नारियल पानी पीने से क्या-क्या लाभ होते हैं। शरीर को हाइड्रेट रखता है नारियल पानी में पोटैशियम, सोडियम, मैग्नीशियम जैसे नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं। गर्मियों में या वर्कआउट के बाद यह नेचुरल एनर्जी ड्रिंक की तरह काम करता है। डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाए इसमें पाए जाने वाले बायोएक्टिव एंजाइम्स पेट की समस्याओं जैसे गैस, अपच और एसिडिटी से राहत दिलाते हैं। सुबह खाली पेट नारियल पानी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और पाचन सुधरता है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करे नारियल पानी में पोटैशियम अधिक मात्रा में होता है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। वेट लॉस करने में सहायक कम कैलोरी और जीरो फैट होने के कारण यह वजन घटाने की प्रक्रिया में मदद करता है। यह पेट को भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। स्किन और बालों को बनाए हेल्दी इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण स्किन को डीटॉक्स करते हैं और नेचुरल ग्लो लाते हैं। साथ ही बालों की ग्रोथ को बेहतर बनाते हैं और डैंड्रफ की समस्या में भी राहत देते हैं। किडनी और यूरिन को रखे स्वस्थ नारियल पानी एक नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक है, जो शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है। यह किडनी स्टोन बनने की संभावना को कम करता है और यूरीन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है। डायबिटीज में सुरक्षित और फायदेमंद इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाता। डायबिटीज पेशेंट्स भी सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं। नारियल पानी एक सरल लेकिन प्रभावशाली नेचुरल ड्रिंक है, जो शरीर, स्किन और ऑर्गन्स की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसे रोजाना अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप लंबे समय तक स्वस्थ और एनर्जेटिक रह सकते हैं।  

Xiaomi 17 Ultra लॉन्च डेट और डिजाइन हुआ रिवील, 200 मेगापिक्सल Leica कैमरा लाएगा धमाका

नई दिल्ली लॉन्च से पहले कंपनी ने इसके डिजाइन की झलक भी दिखा दी है। डिजाइन के मामले में यह फोन काफी हद तक अपने पिछले मॉडल जैसा है, खासकर पीछे की तरफ दिया गया बड़ा गोल कैमरा मॉड्यूल। कैमरा और फोटोग्राफी इस फोन के सबसे बड़े हाइलाइट्स माने जा रहे हैं, जिसे Leica के साथ मिलकर और बेहतर बनाया गया है। इस फोन से क्लिक किया गया एक फोटो सैंपल भी इंटरनेट पर सामने आया है। चीन में कब लॉन्च होगा Xiaomi 17 Ultra Xiaomi ने Weibo पर पोस्ट के जरिए बताया कि Xiaomi 17 Ultra को चीन में 25 दिसंबर शाम 7 बजे (भारतीय समय अनुसार 4:30 बजे) लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने इशारों में बताया है कि फोन में नया टेलीफोटो ऑप्टिकल सिस्मट मिलेगा जो कि लो-लाइट फोटोग्राफी में यह एक “बड़ा जंप” देगा। हालांकि, अभी तक इसके सभी फीचर्स से पर्दा नहीं उठाया गया है। Xiaomi 17 Ultra का डिजाइन, रंग और डिस्प्ले Xiaomi 17 Ultra के टीजर इमेज में फोन के ब्लैक और व्हाइट कलर ऑप्शन पेश किए गए हैं, जिनका डिजाइन Xiaomi 15 Ultra से काफी मिलता-जुलता है। इस फोन में पीछे की तरफ बड़ा सर्कुलर कैमरा आइलैंड मिलेगा, जिसके अंदर Leica ब्रांडिंग दिखाई देती है। इसके अलावा एक वीडियो में Xiaomi 17 Ultra का नया Starry Sky Green कलर वेरिएंट भी दिखाया गया है। Xiaomi प्रेसिडेंट Lu Weibing के मुताबिक, इसमें ऐसे ore particles हैं जो तारों भरे आसमान जैसा लुक देते हैं। इस वेरिएंट में पुराने iPhone जैसे सेगमेंटेड और गोल वॉल्यूम बटन मिलेंगे। इसके अलावा इसमें बड़ा फ्लैट डिस्प्ले भी दिया गया है। Xiaomi 17 Ultra की कैमरा, मोटाई और अन्य स्पेसिफिकेशन कंपनी का दावा है कि 8.29mm मोटाई के साथ Xiaomi 17 Ultra अब तक का सबसे पतला Ultra मॉडल होगा। फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा होगा। बता दें कि Xiaomi 15 Ultra भी अपने कैमरा के लिए खास तौर पर पॉपुलर हुआ था। कैमरा ही आने वाले इस फ्लैगशिप फोन की सबसे बड़ी हाइलाइट होगा। इसमें 1-इंच OmniVision OV50X सेंसर और Leica-ब्रांडेड 200MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा दिया जाएगा। सेंसर का अपर्चर f/1.67 है, जो कम रोशनी में बेहतर फोटो लेने में मदद करेगा। लॉन्च के करीब आते-आते इसके और फीचर्स सामने आने की उम्मीद है।

बालों में तेल लगाना काफी नहीं! चंपी करने का सही तरीका ही रोकता है गंजापन

बाल झड़ना और सिर पर गंजेपन की समस्या आजकल बहुत नॉर्मल बात हो गई है। इसका कारण स्ट्रेस, पॉल्यूशन, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, असंतुलित खान-पान और हार्मोनल बदलाव हो सकता है। जब बाल लगातार गिरने लगते हैं तो गंजेपन की समस्या हो सकती है, जो पर्सनैलिटी और सेल्फ कॉन्फिडेंस दोनों को प्रभावित करती हैं। जबकि सही देखभाल और घरेलू उपायों से बालों की ग्रोथ को फिर से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए सबसे असरदार और सुरक्षित तरीका है तेल की मालिश (Hair Massage)। तेल की मालिश न केवल खोपड़ी को पोषण देती है, बल्कि जड़ों को मजबूत करती है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर नए बालों के उगने में मदद करती है। आइए जानते हैं तेल की मालिश करने का सही तरीका और इसके फायदों के बारे में। कैसे करें बालों की मालिश?     सही तेल का चुनें- बालों की नई ग्रोथ के लिए कुछ तेल खासतौर से फायदेमंद होते हैं,जैसे कि-     भृंगराज तेल- इसे आयुर्वेद में "केशराज" यानी बालों का राजा कहा गया है। यह जड़ों को मजबूत कर नए बाल उगाने में मदद करता है।     कैस्टर ऑयल- इसमें राइसिनोलिक एसिड होता है, जो बालों की जड़ों को स्टीमूलेट कर तेजी से ग्रोथ बढ़ाता है।     नारियल तेल- यह खोपड़ी को गहराई तक पोषण देकर सूखापन और डैंड्रफ को रोकता है।     रोजमेरी ऑयल-यह ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर बालों के पोर्स को एक्टिव करता है।     तेल को गुनगुना करना- मालिश से पहले तेल को हल्का गुनगुना कर लें। गुनगुना तेल स्कैल्प में गहराई तक आसानी से पहुंचता है। इससे जड़ों तक पोषण पहुंचता है और बालों के विकास में मदद मिलती है।     मालिश की तकनीक- उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से स्कैल्प पर गोल-गोल घुमाते हुए मसाज करें। कम से कम 10–15 मिनट तक मालिश करें, जिससे ब्लड सर्कुलेशन तेज हो। लेकिन ध्यान रहे, ज्यादा दबाव न डालें, वरना जड़ें कमजोर हो सकती हैं।     लगाने का सही समय- तेल की मालिश रात में करना सबसे अच्छा है। पूरी रात तेल स्कैल्प में रहकर काम करता है और जड़ों को मजबूती देता है। अगली सुबह माइल्ड शैम्पू से वॉश करें।     नियमितता- बाल उगने में समय लगता है। इसलिए तेल की मालिश हफ्ते में कम से कम 3-4 बार करें। लगातार 2-3 महीने तक नियमित रूप से करने पर परिणाम दिख सकते हैं।     एक्स्ट्रा केयर- डाइट में प्रोटीन, आयरन, ओमेगा-3 और विटामिन-ई से भरपूर फूड्स शामिल करें। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने के लिए योग व ध्यान करें।  

सुपर पॉवर स्मार्टफोन: 10,000mAh बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग के साथ 26 दिसंबर को आएगा नया मॉडल

नई दिल्ली Honor Win स्मार्टफोन की लॉन्च डेट आ गई है। फोन 26 दिसंबर, 2025 को लॉन्च होने वाला है। लॉन्च से पहले, कंपनी ने इस नए फोन के कुछ फीचर्स कन्फर्म कर दिए हैं। स्मार्टफोन को तगड़े स्पेसिफिकेशन के साथ लाया जा रहा है। हालांकि, इसमें दी जाने वाली बैटरी सबका ध्यान खींच रही है। फोन में 10,000mAh की बैटरी दी जाएगी। इतना ही नहीं, Honor ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि Honor Win में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जाएगा। यह प्रोसेसर बहुत पावरफुल है। इससे फोन तेज और स्मूथ चलाता है। पूरी डिटेल के लिए नीचे पढ़ें। हेवी गेम्स खेलने से भी नहीं आएगी दिक्कत Honor के इस स्मार्टफोन को चीन में 26 दिसंबर, 2025 को लॉन्च किया जाएगा। भारत समेत अन्य मार्केट में इसकी लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं है। इस स्मार्टफोन में LPDDR5x Ultra RAM का मिलेगी, जिसकी स्पीड 10.7Gbps तक होगी। यह RAM फोन को मल्टीटास्किंग और हेवी ऐप्स चलाने में मदद करेगी। इसके साथ UFS 4.1 स्टोरेज भी मिलेगा, जिससे ऐप्स और फाइल्स जल्दी लोड होंगी। Honor Win में 10,000mAh की बड़ी बैटरी होगी। यह बैटरी फोन को लंबे समय तक चलाने में मदद करेगी, ताकि आपको बार-बार चार्ज करने की चिंता न हो। लीक रिपोर्ट की मानें तो Honor Win में 16GB RAM और 16GB वर्चुअल RAM भी मिल सकती है। Honor का कहना है कि इस फोन पर बिना किसी रुकावट या फ्रेम ड्रॉप के 5 घंटे तक लगातार हेवी गेम्स खेल सकते हैं। फोन में मिलेगा बड़ा डिस्प्ले हाल ही में लीक हुई तस्वीरों से पता चला है कि इस फोन में 6.83 इंच की OLED डिस्प्ले होगी, जिसका रेजोल्यूशन 1.5K होगा। इसकी रिफ्रेश रेट 185Hz है। फोन की मोटाई 1.4mm होगी। Digital Chat Station नाम के जाने-माने टिप्सटर के अनुसार, Honor Win में मिलने वाली 10,000mAh की बैटरी 100W वायर्ड चार्जिंग और 80W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। इसका मतलब है कि फोन बहुत जल्दी चार्ज हो जाएगा। कैमरे की बात करें तो, Honor Win में 50MP का ट्रिपल-कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें एक टेलीफोटो लेंस भी शामिल होगा। Honor ने यह भी बताया है कि Win सीरीज ब्लैक, व्हाइट और ब्लू कलर में उपलब्ध होगी। आने वाले हफ्तों में इसके और भी स्पेसिफिकेशन्स सामने आएंगे।