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14 साल बाद सैमसंग को पीछे छोड़ ऐपल ने बनाई स्मार्टफोन बाजार में सबसे बड़ी स्थिति

नई दिल्ली Apple ने सैमसंग और दूसरे एंड्रॉयड प्लेयर्स को पछाड़ दिया है. इसके साथ ही Apple 2025 में दुनिया का टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. इसकी वजह iPhone 17 सीरीज की जबरदस्त डिमांड है. पिछले 14 सालों में ये पहला मौका है जब अमेरिकी स्मार्टफोन ब्रांड Apple ने सैमसंग को पीछे छोड़ते हुए टॉप स्पॉट हासिल किया है.  काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, टॉप 5 ब्रांड्स की लिस्ट में ऐपल ने सबसे ज्यादा ईयर-ऑन-ईयर (पिछले साल के मुकाबले इस साल) ग्रोथ हासिल की है. कंपनी 20 परसेंट ग्लोबल मार्केट शेयर के साथ टॉप स्पॉट पर पहुंच गई है.  2025 में जमकर हुई iPhone की बिक्री रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले 2025 में ऐपल की ग्रोथ 10 परसेंट हुई है. इसका मुख्य कारण iPhone 17 सीरीज की सफलता है, जो सितंबर 2025 में लॉन्च हुई है. इसके साथ ही iPhone 16 सीरीज की सेल भी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से ऐपल को इतनी ग्रोथ मिलती है.  हर बार ये देखा गया है कि ऐपल के नए मॉडल्स के लॉन्च होने पर पुराने मॉडल्स की सेल बढ़ जाती है. इसकी वजह iPhone के पुराने मॉडल्स की कीमत का कम होना और उन पर मिलने वाली डील्स हैं. पिछले साल iPhone 16 भारत का बेस्ट सेलिंग फोन रहा है.  2025 की आखिरी तिमाही में ऐपल ने सबसे ज्यादा बिक्री की है. ऐपल को प्रीमियम डिवाइसेस की मांग बढ़ने का भी फायदा मिला है. पिछले कुछ वक्त से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था कि ऐपल बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन की रेस में सैमसंग को पछाड़ देगा. वहीं सैमसंग का मार्केट शेयर अब 19 परसेंट रह गया है.   सैमसंग के अलावा टॉप-5 में कौन से ब्रांड हैं? पिछले साल के मुकाबले इस साल कंपनी ने 5 परसेंट की ग्रोथ हासिल की है. कंपनी की A-सीरीज और Galaxy S25 सीरीज की अच्छी डिमांड की वजह से ब्रांड की सेल बढ़ी है. प्रीमियम सेगमेंट में Galaxy Z Fold 7 की मांग ठीक-ठाक रही है. हालांकि, दुनिया के कुछ एरिया में कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.  सैमसंग और ऐपल के अलावा टॉप 5 लिस्ट में चीनी ब्रांड्स शामिल हैं. तीसरी पोजिशन पर Xiaomi है जिसका ग्लोबल मार्केट शेयर 13 फीसदी है. वहीं Vivo और Oppo क्रमशः चौथे और पांचवे नंबर पर हैं. Vivo की 3 परसेंट ग्रोथ हुई है, जबकि ओपो का मार्केट शेयर गिरा है.

Vivoo स्मार्ट टॉयलेट का नया फीचर: अब हर फ्लश के बाद मिलेगा हेल्थ चेकअप रिपोर्ट

नई दिल्ली अब तक आपने स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड को अपनी सेहत पर नजर रखते देखा था. लेकिन टेक्नोलॉजी अब एक कदम और आगे बढ़ चुकी है. अब आपका टॉयलेट भी आपकी हेल्थ मॉनिटर कर सकता है. CES 2026 में पेश हुई नई स्मार्ट टॉयलेट टेक्नोलॉजी ने दिखा दिया है कि आने वाले समय में बाथरूम सिर्फ साफ होने की जगह नहीं, बल्कि डेली हेल्थ चेक-अप पॉइंट बन सकता है. इस पूरे ट्रेंड में सबसे ज्यादा चर्चा में रही अमेरिकी हेल्थ-टेक कंपनी Vivoo. आप इसे स्मार्टफोन मेकर Vivo ना समझें, क्योंकि Vivoo एक अलग अमेरिकी कंपनी है. बहरहाल, कंपनी यानी Vivoo ने CES में Vivoo Smart Toilet Sensor पेश किया है. यह कोई पूरा नया टॉयलेट नहीं, बल्कि एक छोटा डिवाइस है जिसे किसी भी सामान्य टॉयलेट के रिम पर क्लिप किया जा सकता है. हर बार जब यूज़र टॉयलेट इस्तेमाल करता है, यह सेंसर पेशाब के सैंपल को ऑटोमैटिकली स्कैन करता है. इसके अंदर लगे ऑप्टिकल सेंसर यूरिन की डेंसिटी और कलर को पढ़ते हैं और इससे पता चलता है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है या नहीं. यह सेंसर ब्लूटूथ से मोबाइल ऐप से जुड़ता है. हर फ्लश के बाद ऐप पर हाईड्रेशन रिपोर्ट आ जाती है. दिन, हफ्ते और महीने का ट्रेंड भी दिखता है कि कब शरीर में पानी की कमी हुई और कब हाईड्रेशन सही रहा. कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस खासतौर पर फिटनेस फॉलो करने वाले लोगों, बुजुर्गों और उन यूज़र्स के लिए बनाया गया है जिन्हें किडनी या यूरिन से जुड़ी हेल्थ पर लगातार नजर रखनी होती है. कीमत करीब 100 अमेरिकी डॉलर के आसपास रखी गई है, यानी भारतीय बाजार के हिसाब से 8-9 हजार रुपये.  बेसिक ऐप फ्री है, जबकि एडवांस्ड ट्रेंड एनालिसिस के लिए बाद में सब्सक्रिप्शन मॉडल भी रखा गया है. CES में कुछ दूसरी कंपनियों ने इससे भी आगे की टेक्नोलॉजी दिखाई. ऐसे फुल स्मार्ट टॉयलेट सिस्टम, जो सिर्फ हाईड्रेशन ही नहीं बल्कि यूरीन और स्टूल से हेल्थ पैटर्न भी पहचान सकते हैं. इससे शुरुआती स्तर पर किडनी प्रॉब्लम, इंफेक्शन या डाइजेशन से जुड़ी गड़बड़ी के संकेत मिल सकते हैं. आसान भाषा में कहें तो बाथरूम से निकलने वाला डेटा अब शरीर के अंदर की कहानी बता सकता है. अब एक नया सवाल भी उठ रहा है. जब स्मार्टवॉच, स्मार्ट स्पीकर और हेल्थ ऐप पहले ही हमारा पर्सनल डेटा इकट्ठा कर रहे हैं, तो स्मार्ट टॉयलेट से निकलने वाला हेल्थ डेटा भी प्राइवेसी का मुद्दा बनेगा. कंपनियां दावा कर रही हैं कि डेटा एन्क्रिप्टेड रहेगा और यूज़र की अनुमति के बिना शेयर नहीं होगा. लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि हेल्थ डेटा सबसे संवेदनशील जानकारी में से एक है, इसलिए इस पर भरोसा और नियम दोनों जरूरी होंगे. फिलहाल इतना तय है कि टेक्नोलॉजी अब शरीर के सबसे निजी हिस्सों तक पहुंच चुकी है. आने वाले समय में डॉक्टर के पास जाने से पहले पहला हेल्थ चेक-अप शायद आपके अपने बाथरूम में ही हो जाएगा. और यह बदलाव हेल्थकेयर की दुनिया में उतना ही बड़ा हो सकता है, जितना कभी स्मार्टवॉच का आना था ये देखना दिलचस्प होगा.   

बार-बार पेशाब की समस्या पुरुषों के लिए खतरे की घंटी, जानलेवा रोग का हो सकता है शुरुआती लक्षण

नई दिल्ली अगर किसी पुरुष को बार-बार पेशाब आने की समस्या हो रही है और वह इसे बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर रहा है, तो यह लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, खासतौर पर 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में यह प्रोस्टेट कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इलाज जटिल हो सकता है। शुरुआती दौर में नहीं दिखते साफ लक्षण प्रोस्टेट कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर साफ नजर नहीं आते। कई मामलों में बीमारी बिना किसी खास परेशानी के धीरे-धीरे बढ़ती रहती है। यही कारण है कि थोड़ी-सी भी शंका होने पर जांच कराना जरूरी माना जाता है। इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज बार-बार पेशाब आना, पेशाब की धार कमजोर होना, पेशाब शुरू या बंद करने में दिक्कत और यह महसूस होना कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ—इन संकेतों को अक्सर लोग सामान्य बुढ़ापे से जोड़ देते हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ये प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती चेतावनी भी हो सकते हैं। खून आना हो सकता है गंभीर संकेत पेशाब या वीर्य (स्पर्म) में खून आना एक गंभीर लक्षण है, जिसे किसी भी हालत में हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई पुरुष इसे अस्थायी समस्या मानकर टाल देते हैं, जबकि यह कैंसर की ओर इशारा कर सकता है।   मिलते-जुलते लक्षण, लेकिन फर्क समझना जरूरी प्रोस्टेट बढ़ने (BPH), यूरिन इंफेक्शन और प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं। फर्क यह है कि इंफेक्शन में जलन, बुखार या पेशाब में बदबू हो सकती है। BPH में आमतौर पर खून नहीं आता, जबकि कैंसर में समय के साथ लक्षण लगातार गंभीर होते जाते हैं। देर से दिखने वाले संकेत कुछ लक्षण ऐसे भी होते हैं जो अक्सर नजर से छूट जाते हैं, जैसे कूल्हे या कमर में लगातार दर्द, बिना वजह वजन कम होना और हमेशा थकान महसूस होना। ये संकेत आमतौर पर तब सामने आते हैं, जब बीमारी आगे बढ़ चुकी होती है। किन लोगों में ज्यादा खतरा प्रोस्टेट कैंसर के सटीक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन उम्र, जेनेटिक कारण और हार्मोनल बदलाव इसकी अहम वजह माने जाते हैं। इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, शराब और खराब जीवनशैली भी जोखिम बढ़ा सकती है। जांच ही है सबसे बड़ा बचाव विशेषज्ञों की सलाह है कि 50 साल की उम्र के बाद पुरुषों को नियमित जांच जरूर करानी चाहिए, चाहे कोई लक्षण हों या नहीं। अगर परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है, तो जांच और भी पहले शुरू करनी चाहिए। समय पर जांच और सतर्कता से इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है।  

मुसीबत में काम आएगा मोबाइल का ‘इमरजेंसी लोकेशन सर्विस’ फीचर, जानें फायदे और ऑन करने का तरीका

नई दिल्ली आज के स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने या सोशल मीडिया चलाने के साधन भर नहीं हैं। इनके जरूरी फीचर्स के बारे में पता हो, तो मुसीबत के समय में जान भी बच सकती है। दरअसल हम बात कर रहे हैं इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर के बारे में, जिसे गूगल ने कुछ समय पहले भारत में शुरू किया था। यह फीचर अगर आपके फोन में ऑन हो, तो इमरजेंसी लोकेशन पर कॉल करते ही आपकी लोकेशन से जुड़ी डिटेल्स इमरजेंसी सर्विसेज के पास पहुंच जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि यह सुरक्षा फीचर हर किसी के फोन में ऑन हो। चलिए आज इसके बारे में डिटेल में समझते हैं और जानते हैं कि कैसे आप अपने फोन में इस सर्विस को ऑन कर सकते हैं? इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर क्या है? गूगल का यह फीचर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए पेश किया गया है। यह फीचर तब एक्टिवेट होता है, जब यूजर 112 नंबर पर कॉल करता है। इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर के ऑन रहने पर इमरजेंसी सर्विसेज तो आपकी लोकेशन की डिटेल्स खुद ब खुद मिल जाती है। यह फीचर GPS, Wi-Fi और मोबाइल नेटवर्क की मदद से लोकेशन का पता लगाता है। ऐसे में आप अगर आप किसी संकट में हैं और इमरजेंसी सर्विस से मदद चाहते हैं, तो आपको अपनी सटीक लोकेशन बताने की जरूरत नहीं रहेगी। इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर को कैसे करें ऑन? इस फीचर को ऑन करने के लिए आपके पास एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन होना चाहिए। अब क्योंकि यह फीचर गूगल की ओर से उपलब्ध कराया गया है, तो iPhone पर यह उपलब्ध नहीं है। इस फीचर को ऑन करन के लिए आपको:     सबसे पहले फोन की सेटिंग्स में जाना होगा।     इसके बाद Safety and Emergency ऑप्शन को सर्च करके उस पर क्लिक करें।     इसके बाद खुलने वाले मेन्यू में Emergency location Service पर टैप करें और उसे ऑन कर दें। अब आपके फोन पर इमरजेंसी लोकेशन सर्विस ऑन हो चुकी है और आप अगर 112 नंबर पर कॉल करते हैं, तो आपकी लोकेशन भी इमरजेंसी सर्विसेज के पास खुद ही पहुंच जाएगी। फिलहाल इस राज्य में एक्टिव यह सर्विस फिलहाल उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है और इसे पूरे भारत में उपलब्ध कराने के लिए काम किया जा रहा है। बता दें कि इसे उत्तर प्रदेश पुलिस और Pert Telecom Solutions की मदद से 112 इमरजेंसी सिस्टम से लिंक किया गया है। इस सर्विस की टेस्टिंग के दौरान जो खास बात सामने आई थी, उसके मुताबिक अगर इस फीचर को ऑन रखने के बाद 112 नंबर पर की गई कॉल जल्द अचानक कट भी जाए, तो भी इमरजेंसी सर्विसेज के पास कॉल करने वाले की लोकेशन से जुड़ी डिटेल्स पहुंच गई थी। ध्यान रखने वाली बातें अगर आप अपने फोन पर इस फीचर को सुरक्षा के नजरिए से ऑन करते हैं, तो बता दें कि इसके बेहतर तरीके से काम करने के लिए अपने फोन की लोकेशन सर्विसेज को ऑन रखें। इसके अलावा हो सकता है कि पहली बार इसका इस्तेमाल करने पर आपको अपने डिवाइस की लोकेशन इस्तेमाल करने की अनुमति देनी पड़े। ऐसे में 112 नंबर पर कॉल करने पर अगर आपसे लोकेशन एक्ससे करने की अनुमति मांगी जाए, तो तमाम अनुमतियां जरूर दें।

सफेद बाल उखाड़ने का सच: फैलते हैं या नहीं? एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं और बाल काले करने के देसी नुस्खे

आजकल लोग कई तरह की समस्या का शिकार होने लगे हैं। सेहत से लेकर स्किन और बालों तक की समस्याएं इन दिनों लोगों के लिए परेशानी की वजह बनी हुई है। इन्हीं में से एक बालों का असमय सफेद होना है। बदलती लाइफस्टाइल और खानपान में लापरवाही अक्सर सफेद बालों की वजह बनते हैं। सफेद बालों के नजर आते ही कई लोग इन्हें तोड़कर फेंक देते हैं, लेकिन कई लोग ऐसा मानते हैं कि सफेद बालों को तोड़ने पर यह बढ़ सकते हैं। हालांकि, इस बात में कितनी सच्चाई है, यह कोई नहीं जानता है। असल में यह बात सच नहीं है और ऐसा खुद एक्सपर्ट्स का मानना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सफेद बालों से छुटकारा पाने के लिए इन्हें तोड़ना ही एक उपाय है। आप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से भी अपने बालों का रंग नेचुरली काला कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनाएं बालों को नेचुरली काला- मेहंदी और कॉफी मेहंदी और कॉफी भी बालों का काला करने का रामबाण उपाय माना जाता है। बालों को लाल-भूरा रंग देने वाली मेहंदी में जब आप कॉफी मिलाते हैं, तो इससे बालों को काला रंग मिलता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक कप गर्म कॉफी में ठंडा होने के बाद मेहंदी पाउडर मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। रात भर इस पेस्ट को ऐसे ही रखा रहने दें और फिर अगले दिन बालों में लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। बाद में बालों को धो लें। चाय का पानी चाय कई लोगों की पसंदीदा ड्रिंक होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मन को शांति देने वाली यही चाय आपके बालों को भी काला कर सकती है। अगर आप नेचुरली अपने बाल काले करना चाहते हैं, तो इसके चाय के पानी का इस्तेमाल फायदेमंद रहेगा। इसमें मौजूद टैनिक एसिड बालों को नेचुरल काला रंग देता है। इसके लिए चाय की पत्तियों को एक कप पानी में उबालें और ठंडा होने पर इसे छान लें। अब शैंपू करने के बाद अपने बालों को इस पानी से धो लें। इसे 10-15 मिनट लगा रहने दें और फिर नॉर्मल पानी से धो लें। आंवला और शिकाकाई अगर आप अपने बालों के लिए नेचुरली काला बनाना चाहते हैं, तो आंवला और शिकाकाई एक बढ़िया विकल्प है। इसके पाउडर को बराबर मात्रा लें और फिर इसमें पानी या दही मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाकर 25-30 मिनट के लिए छोड़ दें। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करने से फायदा नजर आएगा।  

अगर नहीं हटाया रात का मेकअप तो बढ़ सकती हैं त्वचा की परेशानियां, अपनाएं ये 4 जरूरी स्टेप्स

आज के समय में मेकअप हर लड़की की जिंदगी का एक छोटा-सा लेकिन बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। शायद ही कोई लड़की ऐसी होगी, जिसे मेकअप करना पसंद न हो। मेकअप आपकी पर्सनालिटी और पूरे लुक को बदल देता है। हालांकि, कुछ लोग दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरा साफ किए ही सो जाते हैं, खासकर जब उन्होंने मेकअप लगाया हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी लापरवाही आपकी स्किन को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है? जी हां, आइए जानते हैं रात को बिना मेकअप हटाए सोने के कुछ भारी नुकसानों के बारे में। फ्री रेडिकल्स मेकअप लगाकर सोने से स्किन में फ्री रेडिकल्स बढ़ जाते हैं। ये ऐसे एलिमेंट होते हैं, जो स्किन में सूजन, रेडनेस और निखार को कम करते हैं। इतना ही नहीं, ये कोलेजन को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे समय से पहले झुर्रियां और फाइन लाइन्स जैसी परेशानी होने लगती हैं। पोर्स होते हैं बंद जब मेकअप पूरी रात चेहरे पर रहता है, तो पोर्स बंद हो जाते हैं। इससे मुंहासे, ब्लैकहेड्स और एक्ने की समस्या बढ़ सकती है। कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो रातभर स्किन पर रहने से जलन और पिंपल्स का कारण बन सकते हैं। आंखों के लिए खतरा अगर आप आईशैडो, आईलाइनर या मस्कारा लगाकर सोते हैं, तो इससे आंखों के आसपास की स्किन को नुकसान और पलकों में खुजली, रेडनेस और सूजन हो सकती हैं। साथ ही, पलकों के पोर्स बंद होने के कारण स्टाई बनने का खतरा बढ़ जाता है। सही तरीके से मेकअप कैसे हटाएं? सही रिमूवर चुनें कुछ मेकअप रिमूवर में खुशबू और काफी केमिकल्स होते हैं, जो स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। चेहरे से मेकअप हटाने के लिए आप नॉन फ्रेगरेंस रिमूवर और जेंटल प्रोडक्ट्स चुनें। डबल क्लींजिंग अपनाएं अगर आप सिर्फ फेसवॉश से मेकअप हटाने की कोशिश करते हैं, तो इससे मेकअप पूरी तरह से साफ नहीं होता। पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर या माईसेलर वॉटर से मेकअप हटाएं, फिर माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोएं। इससे स्किन पूरी तरह साफ होती है। स्किन को न रगड़ें मेकअप हटाने के बाद चेहरे को अच्छी तरह से धो लें और तौलिये से स्किन को हल्के से थपथपाएं ताकि कुछ नमी बनी रहे। ध्यान रखें कि चेहरा क्लीन करते समय स्किन न रगड़ें। मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें रात को सोने से पहले चेहरा साफ करने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। यह स्किन में नमी बनाए रखता है और रिपेयर प्रोसेस को तेज करता है।

सिर्फ चुटकीभर हल्दी और दूध! जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे जो सर्दियों में रखेंगे आपको फिट

अक्सर कुछ लोग स्वाद के चक्कर में हल्दी वाला दूध पीने से कतराते हैं, लेकिन अगर आप इसके जादुई फायदों को जान लेंगे, तो आज रात से ही इसे पीना शुरू कर देंगे। आइए जानते हैं वो 5 बड़े कारण कि क्यों चुटकीभर हल्दी आपकी सेहत बदल सकती है। जोड़ों के दर्द का रामबाण इलाज सर्दियों में अक्सर पुराने दर्द फिर से उभर आते हैं, खासकर घुटनों और जोड़ों का दर्द। हल्दी में प्राकृतिक रूप से 'एंटी-इंफ्लेमेटरी' गुण होते हैं, यानी यह शरीर की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करती है। रोज रात को गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने से यह एक नेचुरल पेनकिलर का काम करती है और आपकी हड्डियों को मजबूती देती है। सर्दी-जुकाम और खांसी की छुट्टी बदलते मौसम में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम जल्दी पकड़ लेता है। हल्दी वाला दूध शरीर में गर्मी पैदा करता है और कफ को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की खराश और सीने की जकड़न से तुरंत राहत दिलाते हैं। यह आपको अंदर से इतना मजबूत बना देता है कि छोटी-मोटी बीमारियां पास भी नहीं आतीं। नींद की गोली से बेहतर है यह उपाय क्या आप रात भर करवटें बदलते रहते हैं और नींद नहीं आती? तो दवाइयां लेने के बजाय आज रात हल्दी वाला दूध पीकर देखें। जी हां, दूध में ट्रिप्टोफैन और हल्दी में मौजूद तत्व दिमाग को शांत करते हैं और तनाव को कम करते हैं। इसे पीने के कुछ ही देर बाद आपको गहरी और सुकून भरी नींद आ जाएगी। चेहरे पर आएगा कुदरती निखार महंगी क्रीम लगाने से बेहतर है कि आप अपने शरीर को अंदर से साफ करें। हल्दी एक बेहतरीन 'ब्लड प्यूरीफायर' है। यह खून से विषैले पदार्थों को बाहर निकालती है, जिससे कील-मुंहासे कम होते हैं। लगातार इसके सेवन से त्वचा में एक अलग ही चमक आ जाती है, जो किसी भी मेकअप से ज्यादा सुंदर लगती है। पेट रहेगा फिट, तो आप रहेंगे हिट सर्दियों में हम अक्सर तला-भुना खाना खा लेते हैं, जिससे पाचन गड़बड़ा जाता है। हल्दी वाला दूध पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है। यह पेट में गैस और अपच जैसी समस्याओं को रोकता है। इतना ही नहीं, यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे सर्दियों में वजन बढ़ने का डर भी कम हो जाता है। सेहतमंद रहने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं है, बस रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाएं और पी लें। यह छोटी-सी आदत आपको सर्दियों में बीमारियों और दर्द से दूर रखेगी।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज: हाई ब्लड प्रेशर बन सकता है गंभीर बीमारियों की वजह

नई दिल्ली आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हाई ब्लड प्रेशर एक बेहद आम और खतरनाक स्वास्थ्य समस्या बन गई है। तनाव और खराब खान-पान से भी यह लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि अक्सर इसके गंभीर लक्षण तब तक सामने नहीं आते जब तक यह धमनियों (Arteries) को नुकसान न पहुंचा दे। अनियंत्रित हाई बीपी दिल की बीमारियों, किडनी फेलियर और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ा देता है। इसलिए, इसे नियंत्रित करने के लिए नियमित चेकअप और सही डाइट बहुत आवश्यक हैं। ज्यादातर मामलों में, शुरुआती हाई बीपी के लक्षण महसूस नहीं होते। हालांकि, जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर ये गंभीर संकेत दे सकता है, जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए।       तेज सिरदर्द, सिर के पिछले हिस्से में लगातार भारीपन या तेज दर्द।     चक्कर आना, थकान, बिना कारण कमजोरी महसूस होना, सिर चकराना।     धुंधली दृष्टि, अचानक सामने धुंधलापन छा जाना।     सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ, थोड़ा चलने पर भी सांस फूलना।     अचानक नाक से खून आना किन चीजों से करें सख्ती से परहेज? नमक की ज्यादा मात्रा नमक में मौजूद सोडियम ब्लड वॉल्यूम को बढ़ाकर धमनियों पर दबाव बढ़ाता है। (पापड़, अचार, और नमकीन स्नैक्स से बचें)। प्रोसेस्ड और डिब्बाबंद फूड्स चिप्स, फ्रोजन फूड और डिब्बाबंद सूप में प्रिजरवेशन के लिए भारी मात्रा में सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। चीनी ज्यादा चीनी मोटापा बढ़ाती है और ब्लड वेसल्स को सख्त कर सकती है। इस वजह से कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस हानिकारक हैं।

iPhone Air पर भारी छूट, 32,410 रुपये सस्ते में मिल रहा सबसे पतला ऐपल फोन, जानें खरीदने का सही तरीका

नई दिल्ली  Apple ने इस साल अपना सबसे पतला फोन iPhone Air पेश किया था। अब इसकी कीमत कम हो गई है। जी हां, फोन सस्ते में मिल रहा है। VijaySales पर आईफोन एयर कम कीमत में बिक रहा है। यहां आईफोन एयर की कीमत 24910 रुपय कम है। साथ ही, 7500 रुपये का डिस्काउंट भी मिल रहा है। इस तरह फोन कुल मिलाकर 32,410 रुपये कम में खरीदा जा सकता है। आईफोन एयर ना सिर्फ ऐपल का सबसे पतला फोन है, बल्कि इसमें कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं, जिसमें बेहर कैमरा और बैटरी शामिल है। आइये, डिटेल में जानते हैं। 32,410 रुपये कम में मिल रहा आईफोन एयर आईफोन एयर की कीमत भारत में काफी कम हो गई है। अब यह लेटेस्ट आईफोन खरीदने का एक अच्छा ऑफर है। विजय सेल्स इस फोन पर भारी छूट दे रहा है। बता दें कि ऐपल की आधिकारिक वेबसाइट पर फोन की कीमत 1,19,900 रुपये से शुरू है। वहीं, VijaySales पर फोन अभी 94,990 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहा है। इसका मतलब है कि फोन की कीमत 24,910 रुपये कम हो गई है। इतना ही नहीं, फोन पर 7,500 रुपये का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। हालांकि, यह ऑफर American Express बैंक के कार्ड पर पेमेंट करने पर मिलेगा। इस तरह फोन की कीमत कुल मिलाकर 32,410 रुपये कम हो जाएगी और आप आईफोन ऐयर को 87,490 रुपये में खरीद सकते हैं।बता दें कि ICICI बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड, Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड या HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से EMI पर खरीदते हैं तो 4,000 रुपये की छूट मिलेगी। अगर आप इस डील का फायदा उठाना चाहते हैं, तो जल्दी करें क्योंकि ये ऑफर ज्यादा समय के लिए नहीं होते। iPhone 17 Pro वाले चिपसेट के साथ आता है फोन फीचर्स की बात करें तो आईफोन एयर में 6.5 इंच का सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले दिया गया है। इसमें प्रोमोशन टेक्नोलॉजी और 120Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है। फोन का डिजाइन भी काफी अच्छा है। इसमें टाइटेनियम फ्रेम और सिरेमिक शील्ड 2 फ्रंट कवर लगा है, जिसे कंपनी सबसे मजबूत बताती है। इस फोन में ऐपल का नया A19 प्रो चिप लगा है, जो आईफोन 17 प्रो मॉडल में भी है। इसके साथ C1x मॉडेम भी है, जो कंपनी के मुताबिक पिछले मॉडेम से दोगुना तेज है। कैमरे की बात करें तो इसमें 48MP का फ्यूजन कैमरा दिया गया है। साथ में 12MP का टेलीफोटो लेंस भी है। सेल्फी के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा है, जिसमें 'सेंटर स्टेज' फीचर है। इससे वीडियो कॉल के दौरान आप फ्रेम में ही रहते हैं, भले ही आप थोड़ा हिलें-डुलें। अच्छी बात यह है कि आप फ्रंट और रियर कैमरे से एक साथ वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 6 और थ्रेड जैसी नई टेक्नोलॉजी हैं। यह सब ऐपल के नए N1 चिप से चलता है। बैटरी की बात करें तो यह एक बार चार्ज करने पर 40 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकती है। दुनिया भर में यह फोन ई-सिम (e-SIM) के साथ ही आता है, ताकि अंदर ज्यादा जगह बन सके। इसमें एक 'एक्शन बटन' भी है, जिससे आप किसी भी ऐप या फंक्शन को जल्दी से खोल सकते हैं। 'कैमरा कंट्रोल' फीचर से आप तुरंत कैमरा खोल सकते हैं या विजुअल इंटेलिजेंस फीचर्स को एक्टिवेट कर सकते हैं।  

गहरी नींद में सोते समय मुंह से लार बहने पर रहें अलर्ट?

अकसर दिन भर की थकान के बाद बिस्तर में पहुंचते ही लोगों को गहरी नींद आ जाती है। लेकिन कई बार गहरी नींद से जागने पर सुबह तकिए पर लगे लार के निशान व्यक्ति को असहज और शर्मिंदगी महसूस करवा सकते हैं। हो सकता है ऐसा कुछ कई बार खुद आपके साथ भी हुआ हो। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गहरी नींद में बहने वाली यह लार महज एक इत्तेफाक है या आपके शरीर की तरफ से दिया जाने वाला कोई खास इशारा? तो बता दें, डॉक्टरी भाषा में इस समस्या को 'सियलोरिया' (Sialorrhea) कहा जाता है। वैसे तो सोते समय लार निकलना इस बात का संकेत हो सकता है कि आप बहुत गहरी और सुकून भरी नींद में थे, लेकिन कई बार यह गलत पॉस्चर, एसिडिटी या साइनस जैसी समस्याओं की दस्तक भी हो सकती है। आइए समझते हैं कि आखिर रात के सन्नाटे में हमारा शरीर इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों देता है और इसके पीछे की असली वजह क्या है। क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट शारदाकेयर हेल्थसिटी में हेड ऑफ न्यूरोसाइंस डॉ. अतामप्रीत सिंह कहते हैं कि नींद में कभी-कभी लार टपकना आम बात है। यह अक्सर चेहरे की मांसपेशियों के ढीले होने, मुंह से सांस लेने या गलत सोने की मुद्रा के कारण होता है और आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे, तो यह नाक के लगातार बंद रहने, एसिड रिफ्लक्स, दांतों या मसूड़ों की समस्या, या नींद में निगलने की क्षमता कम होने का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में यह नसों या मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियों से भी संबंधित हो सकता है। ऐसे में रोगी को चाहिए कि नाक को साफ रखें, सही तरीके से सोना और किसी भी छुपी हुई बीमारी का इलाज करने से इस समस्या को कम किया जा सकता है। अगर लार टपकने की समस्या ज्यादा या लगातार बनी रहे, तो कारण जानने और आगे की परेशानियों से बचने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।                                 नींद में लार टपकने के पीछे छिपे 5 बडे़ कारण ​मस्तिष्क संबंधी विकार कई बार कुछ मस्तिष्क संबंधी विकारों के चलते मांसपेशियों पर कंट्रोल रखना मुश्किल हो जाता है, जिसकी वजह से व्यक्ति के मुंह से लार टपकने लगती है। इन विकारों में स्ट्रोक,सेरेब्रल पाल्सी, पार्किंसंस रोग, एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS),मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस), डाउन सिंड्रोम और ऑटिज्म शामिल हैं। इंफेक्शन कई बार किसी संक्रमण की वजह से भी मुंह से लार टपकने लगती है। जिसमें खराब गला या मोनोन्यूक्लिओसिस, साइनस इंफेक्शन, तोंसिल्लितिस, पेरिटोनसिलर फोड़ा जैसे संक्रमण शामिल होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें टॉन्सिलिटिस आपकी गर्दन और छाती तक फैल जाता है, जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति के मुंह से लार बहने लगती है। एलर्जी यदि आपको किसी चीज से एलर्जी है तो भी सोते वक्त आपके मुंह से लार बह सकती है। दरअसल, एलर्जी होने पर लार ग्रंथि ज्यादा मात्रा में लार बनाकर शरीर से विषाक्त पदार्थों बाहर निकालती है। बंद नाक कई बार जुकाम, एलर्जी या साइनस इंफेक्शन की वजह से व्यक्ति की नाक बंद हो जाती है। नाक बंद होने से भी सोते समय मुंह से लार आने की परेशानी हो सकती है। इस स्थिति में नाक को साफ रखें और स्टीम के साथ गर्म पानी से भाप लें। एसिडिटी जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है उनके मुंह से भी सोते समय लार बह सकती है। कैसे रोकें लार बहना ? -पीठ के बल सोने की आदत डालें। -बंद नाक का इलाज करवाएं। इसके लिए सोने से पहले स्टीम ले सकते हैं। -पानी ज्यादा पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। -दवाओं की वजह से लार आने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर को दिखाना कब है जरूरी? अगर लार बहुत ज्यादा बनने के साथ सांस लेने में दिक्कत, निगलने में परेशानी या नींद पूरी न होने की समस्या परेशान करती है तो, डॉक्टर से संपर्क करें।