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कम प्रोडक्ट्स, ज्यादा निखार: क्यों ट्रेंड में है ‘स्किनिमलिज्म’ स्किनकेयर

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर '10-स्टेप कोरियन स्किनकेयर' जैसे भारी-भरकम रूटीन काफी ट्रेंड में थे। हर कोई बेहतर स्किन के लिए तमाम तरह के प्रोडक्ट्स स्किन केयर में शामिल कर रहे थे। लेकिन वहीं अब एक नया और असरदार बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसे स्किनिमलिज्म कहते हैं। यह शब्द 'Skin' और 'Minimalism' से मिलकर बना है। इसका सीधा सा मतलब है, अपनी स्किन की जरूरतों के मुताबिक कम प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके स्किन की देखभाल करना। आइए जानते हैं कि यह ट्रेंड क्या है और आप इसे अपने जीवन में कैसे शामिल कर सकते हैं। स्किनिमलिज्म क्या है? स्किनिमलिज्म का मकसद ‘Less is More’ के प्रिंसपल पर चलना है। यह आपकी त्वचा पर लेयर-दर-लेयर प्रोडक्ट्स थोपने के बजाय, केवल उन्हीं चीजों का इस्तेमाल करने पर जोर देता है जिनकी आपकी त्वचा को वास्तव में जरूरत है। इसका मकसद त्वचा के नेचुरल बैरियर को सुरक्षित रखना और उसे सांस लेने का मौका देना है। इसे अपने रूटीन में कैसे शामिल करें? अपने स्किनकेयर को 'मिनिमल' बनाने के लिए आपको बस इन बुनियादी स्टेप्स पर ध्यान देना होगा- अपनी जरूरतों को पहचानें सबसे पहले यह समझें कि आपकी स्किन टाइप क्या है (ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन)। बाजार में दिखने वाले हर नए सीरम या मास्क को खरीदने की जरूरत नहीं है। अपनी त्वचा की मुख्य समस्याओं, जैसे- मुंहासे, पिग्मेंटेशन या ड्राइनेस के आधार पर प्रोडक्ट्स लें। बेसिक 'ABC' रूटीन अपनाएं स्किनिमलिज्म में तीन सबसे महत्वपूर्ण चीजें होती हैं-     क्लींजिंग- एक सौम्य क्लींजर से दिन में दो बार चेहरा साफ करें।     मॉइस्चराइजिंग- त्वचा की नमी बरकरार रखने के लिए अपनी स्किन टाइप के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं।     सनस्क्रीन- यह सबसे जरूरी स्टेप है। चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, सनस्क्रीन कभी न भूलें। मल्टी-टास्किंग प्रोडक्ट्स चुनें ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जो एक साथ दो काम करते हों। जैसे-ऐसा ऐसा लिप बाम जो गालों पर टिंट का काम भी करे। इससे आपके पास प्रोडक्ट्स की संख्या कम होगी और समय भी बचेगा। स्किनिमलिज्म के फायदे     त्वचा की बेहतर सेहत- जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स त्वचा के pH लेवल को बिगाड़ सकते हैं। कम प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से जलन और ब्रेकआउट्स की संभावना कम हो जाती है।     समय और पैसे की बचत- जब आपको 10 स्टेप्स फॉलो नहीं करने होंगे, तो आपका कीमती समय बचेगा और साथ ही गैर-जरूरी खर्चों पर भी लगाम लगेगी।     पर्यावरण के अनुकूल- कम प्रोडक्ट्स खरीदने का मतलब है-कम प्लास्टिक वेस्ट और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल।  

क्या आपके पैर 40 के बाद हो रहे हैं पतले? आज से अपनाएं ये 5 असरदार एक्सरसाइज

40 की उम्र पार करते ही हमारे शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव आने लगते हैं। इनमें से सबसे प्रमुख है सार्कोपेनिया, यानी मांसपेशियों की डेंसिटी और ताकत में धीरे-धीरे कमी आना। अगर ध्यान न दिया जाए, तो इसका सबसे ज्यादा असर पैरों में नजर आता है। अगर पैर कमजोर हो जाएं, तो घुटनों में दर्द, बैलेंस बिगड़ने और जल्दी थकान होने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही एक्सरसाइज की मदद से आप न केवल इस गिरावट को रोक सकते हैं, बल्कि अपने पैरों को दोबारा मजबूत बना सकते हैं। आइए जानें इन एक्सरसाइज के बारे में। बॉडीवेट स्क्वॉट्स स्क्वॉट्स पैरों के लिए काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि यह एक साथ आपकी जांघों, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग पर काम करता है।     कैसे करें- पैरों को कंधों की चौड़ाई के बराबर खोलकर खड़े हों। अब धीरे-धीरे ऐसे नीचे बैठें जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों। ध्यान रहे कि आपके घुटने पंजों से आगे न निकलें। फिर वापस सामान्य स्थिति में आएं।     फायदा- यह पैरों की मांसपेशियों को टोन करता है और घुटनों के जोड़ों को सहारा देता है। काफ रेजेस     पिंडलियों की मांसपेशियां हमारे शरीर के 'दूसरे दिल' की तरह काम करती हैं, क्योंकि ये ब्लड को वापस दिल तक पंप करने में मदद करती हैं।     कैसे करें- सीधे खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपनी एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाएं, ताकि पूरा वजन पंजों पर आ जाए। दो सेकंड रुकें और फिर एड़ियों को वापस नीचे ले जाएं। संतुलन के लिए आप दीवार का सहारा ले सकते हैं।     फायदा- यह टखनों को मजबूती देता है और चलने-दौड़ने की क्षमता बढ़ाता है। वॉकिंग लंजेस     लंजेस बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज है। यह पैरों के बीच के तालमेल को सुधारती है।     कैसे करें- एक पैर को आगे बढ़ाएं और घुटने को 90 डिग्री के एंगल तक मोड़ें। पीछे वाला घुटना जमीन के करीब होना चाहिए। फिर खड़े होकर दूसरे पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं।     फायदा- यह कूल्हों के जोड़ों के लचीलेपन को बढ़ाता है और शरीर का बैलेंस बेहतर करता है। स्टेप-अप्स     सीढ़ियां चढ़ना पैरों की स्ट्रेंथ बढ़ाने का सबसे नेचुरल तरीका है।     कैसे करें- किसी मजबूत बेंच या सीढ़ी के पहले पायदान का इस्तेमाल करें। एक पैर ऊपर रखें और शरीर को ऊपर उठाएं, फिर धीरे से वापस नीचे आएं। 10-12 बार एक पैर से करने के बाद दूसरे पैर से करें।     फायदा- यह एक्सरसाइज घुटनों के आसपास की छोटी मांसपेशियों को मजबूत करती है, जिससे बुढ़ापे में गठिया का खतरा कम होता है। वॉल सिट     यह एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो बिना हिले-डुले मांसपेशियों की सहनशक्ति बढ़ाती है।     कैसे करें- दीवार से पीठ सटाकर खड़े हों और धीरे-धीरे नीचे झुकें जैसे आप कुर्सी पर बैठे हों। आपकी जांघें जमीन के पैरेलल होनी चाहिए। इस स्थिति में 20 से 30 सेकंड तक रुकने की कोशिश करें।     फायदा- यह जांघों की मांसपेशियों को बिना जोड़ों पर दबाव डाले गहरा तनाव देती है। सावधानियां 40 के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सिर्फ बॉडी बनाने के लिए नहीं, बल्कि मोबिलिटी बनाए रखने के लिए जरूरी है। इन एक्सरसाइज को हफ्ते में कम से कम 3 बार करें। शुरुआत हमेशा वॉर्म-अप से करें और अगर आपको घुटने या पीठ में कोई पुरानी चोट है, तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

इलेक्ट्रिक व्हीकहिलर में बड़ा गेमचेंजर! 500 किलोमीटर रेंज वाली ओला बाइक को सरकार की हरी झंडी

नई दिल्ली  ओला इलेक्ट्रिक ने मंगलवार को अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Roadster X+ (9.1 kWh) को लेकर बड़ी जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि इस बाइक को सेंट्रल मोटर व्हीकल रुल्स (CMVR), 1989 के तहत सरकारी सर्टिफिकेशन मिल गया है। यह मंजूरी इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (iCAT), मानेसर की ओर से दी गई है। खास बात यह है कि Roadster X+ में इस्तेमाल किया गया 4680 भारत सेल बैटरी पैक पूरी तरह Ola Electric द्वारा देश में ही विकसित किया गया है। इस सर्टिफिकेशन के साथ ही अब कंपनी इसकी डिलीवरी शुरू करने जा रही है।   500 km तक रेंज का दावा कंपनी का कहना है कि Roadster X+ भारत की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बन गई है जिसे पूरी तरह इन-हाउस डेवलप की गई 4680 बैटरी टेक्नोलॉजी के साथ सर्टिफिकेशन मिला है। यह बाइक एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करती है जो फिलहाल इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इतनी लंबी रेंज के चलते यह इलेक्ट्रिक बाइक सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि लंबी दूरी और इंटर-सिटी ट्रैवल के लिए भी एक मजबूत ऑप्शन बनकर सामने आ सकती है। क्या कहती है कंपनी कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि Roadster X+ को मिला यह सरकारी सर्टिफिकेशन Ola Electric के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। उनके अनुसार, यह मंजूरी भारत में एंड-टू-एंड EV टेक्नोलॉजी तैयार करने की दिशा में कंपनी के सफर को और मजबूत करती है। बता दें कि 9.1 kWh बैटरी के साथ Roadster X+ बेहतर परफॉर्मेंस, सेफ्टी और भरोसेमंद ड्राइविंग एक्सपीरियंस देने का दावा करती है। ओला का मानना है कि यह बाइक भारत जैसे मोटरसाइकिल-प्रधान टू-व्हीलर मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने में अहम भूमिका निभाएगी। कई सख्त टेस्ट से गुजरना पड़ा ओला इलेक्ट्रिक ने यह भी बताया कि इस सर्टिफिकेशन से पहले बाइक को कई सख्त टेस्ट से गुजरना पड़ा। इनमें कंस्ट्रक्शन और फंक्शनल सेफ्टी, रेंज, चढ़ाई पर परफॉर्मेंस, नॉइज लेवल, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी (EMC) और ब्रेकिंग टेस्ट शामिल हैं। इसके अलावा, 9.1 kWh बैटरी पैक को ARAI से AIS-156 Amendment 4 के तहत अलग से मंजूरी मिली है। इस दौरान बैटरी ने पानी में डूबने, थर्मल रनअवे, आग से सुरक्षा, वाइब्रेशन और मैकेनिकल शॉक जैसे सेफ्टी और ड्यूरैबिलिटी टेस्ट सफलतापूर्वक पास किए हैं।

बोरिंग आउटफिट को दें फैशन ट्विस्ट, स्कार्फ पहनने के ये 7 तरीके आएंगे खूब काम

  सर्दियों में स्कार्फ हर किसी का, खासकर महिलाओं का पसंदीदा एक्सेसरी बन जाता है। यह न सिर्फ आपको ठंड से बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि एकदम सिंपल-सोबर कपड़ों को भी स्टाइलिश बनाने का काम करता है। सबसे अच्छी बात यह है कि स्कार्फ को स्टाइल करने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती। आप बस इसे गले में लपेटकर बाहर निकल सकते हैं, लेकिन अगर आप अपने विंटर लुक में थोड़ा 'फ्लेयर' और कॉन्फिडेंस जोड़ना चाहते हैं, तो इसे वियर करने के कई आसान और फैशनेबल तरीके मौजूद हैं। इस सीजन में अपने वॉर्डरोब को नया रूप देने के लिए, आप स्कार्फ पहनने के लिए यहां बताए 7 ट्रेंडी तरीके आजमाकर देख सकते हैं। द क्लासिक ड्रेप यह सबसे आसान और सदाबहार तरीका है। बस स्कार्फ को अपनी गर्दन के चारों ओर रखें और दोनों सिरों को सामने की ओर खुला लटकने दें। यह स्टाइल वूलन कोट्स और ब्लेजर्स के साथ बहुत अच्छा लगता है। यह आपको एक ही समय में आरामदायक और 'सोफिस्टिकेटेड' लुक देता है, साथ ही आपको गर्म भी रखता है। द स्नग रैप स्कार्फ को एक बार अपनी गर्दन के चारों ओर लपेटें और सिरों को अपनी जैकेट के अंदर टक कर लें। यह स्टाइल आपको बहुत गर्म रखता है और देखने में बहुत साफ-सुथरा लगता है। यह उन दिनों के लिए बेहतरीन है जब आप ऑफिस जा रहे हों या लंबी सर्दियों की यात्रा कर रहे हों। द पेरिसियन लूप अगर आप अपने लुक में थोड़ा यूरोपियन टच देना चाहते हैं, तो यह स्टाइल आपके लिए है। स्कार्फ को बीच से मोड़कर आधा कर लें, इसे अपनी गर्दन के चारों ओर घुमाएं और खुले सिरों को बने हुए लूप के बीच से निकालें। यह स्टाइल बहुत एलिगेंट लगता है और फॉर्मल विंटर वियर या स्ट्रक्चर्ड कोट्स के साथ खूब जंचता है। द रैप-अराउंड यह तरीका बड़े और मुलायम स्कार्फ के लिए आदर्श है। स्कार्फ को अपनी गर्दन के चारों ओर दो या तीन बार ढीला लपेटें ताकि यह एक 'कोकून' जैसा प्रभाव दे। यह वीकेंड्स, कैजुअल आउटिंग या छुट्टियों में घूमने के लिए एकदम सही है, खासकर जब आपने ओवरसाइज्ड कोट या मोटे स्वेटर पहने हों। द बेल्टेड ड्रेप एक स्टाइलिश और 'स्ट्रीट-स्टाइल' लुक के लिए, स्कार्फ को सामने की ओर सीधा गिरने दें और कमर पर एक बेल्ट लगाकर इसे सुरक्षित करें। यह एक बहुत ही अनोखा लेयर्ड इफेक्ट देता है। यह स्टाइल लंबे कोट्स और एक ही रंग के कपड़ों के साथ सबसे अच्छा लगता है। लूज थ्रो-ऑन एक आरामदायक और रिलैक्स्ड लुक के लिए, स्कार्फ को शॉल की तरह अपने कंधों पर डाल लें। यह कैफे डेट्स, ऑफिस के हल्के दिनों या घर से काम करते समय पहनने के लिए बेहतरीन है। यह स्टाइल स्कार्फ के टेक्सचर और सर्दियों के गहरे रंगों को भी अच्छे से उभारता है। टक्ड-इन लुक स्कार्फ को एक बार गर्दन के चारों ओर लपेटें और सिरों को अपने कोट या जम्पर के नीचे सफाई से टक कर लें। यह आपको एक स्लीक और पॉलिश्ड लुक देता है जो पूरे दिन अपनी जगह पर बना रहता है। यह सर्दियों के लिए एक बिना झंझट वाला बेहतरीन ऑप्शन है। सर्दियों में गर्म रहने के साथ-साथ अगर आप अपने वॉर्डरोब में चार चांद लगाना चाहते हैं, तो ये सात तरीके आपके लुक को तुरंत बदल देंगे। ये स्टाइल्स न केवल गर्मी और आराम देते हैं, बल्कि फैशन का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।  

बिना वजह बढ़ रहा वजन और एनर्जी हो रही लो? थायराइड के 7 संकेत न करें नजरअंदाज

आजकल थायराइड बहुत कॉमन समस्या होती जा रही है, लेकिन यह कोई आम बीमारी नहीं, बल्कि एक साइलेंट डिसऑर्डर है, जो धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है। यह समस्या अब सिर्फ महिलाओं तक ही नहीं सीमित है, बल्कि पुरुषों में भी तेजी से बढ़ रही है। अक्सर लोग थायराइड के लक्षणों को थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी-छोटी अनदेखियां आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती हैं। अगर समय रहते इसके संकेत पहचान लिए जाएं, तो इलाज आसान हो जाता है। आइए जानते हैं थायराइड के मुख्य लक्षणों के बारे में। अचानक वजन का बढ़ना या घटना अगर आप अचानक से मोटे या ज्यादा पतले होने लगे हैं, तो यह थायराइड का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते इसका इलाज कराना जरूरी है। थकान और कमजोरी थायराइड के मुख्य लक्षणों में से एक थकान और कमजोरी भी है। अगर नींद पूरी होने के बावजूद शरीर में एनर्जी नहीं रहती और हर समय सुस्ती बनी रहती है, तो यह थायराइड हार्मोन के असंतुलन की ओर इशारा करता है। दिल की धड़कन का तेज या धीमा होना अगर बिना किसी वजह के दिल तेजी से धड़कने लगे या असामान्य रूप से धीमी धड़कन महसूस हो, तो यह थायराइड की गंभीर संकेत हो सकती है। मूड स्विंग्स और डिप्रेशन थायराइड की समस्या बढ़ने पर बार-बार चिड़चिड़ापन, घबराहट, एंग्जायटी या डिप्रेशन महसूस होने लगता है। कई बार लोग इसे सिर्फ मानसिक तनाव समझ लेते हैं। बालों का झड़ना और स्किन ड्राई थायराइड से पीड़ित लोगों के बाल अचानक से झड़ने लगते हैं और भौंहों के बाल भी पतले हो जाते हैं। वहीं, स्किन रूखी और बेजान दिखने लगती है। अगर ये लक्षण दिखे तो तुरंत जांच कराएं। ठंड या गर्मी को सहन न कर पाना थायराइड के सबसे आम लक्षणों में से एक शरीर का तापमान बढ़ना या घटना भी है। इसमें आपको बहुत ज्यादा ठंड या हल्की गर्मी में पसीने भी आने लगते हैं। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म पर असर का संकेत है। पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं थायराइड में महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, ज्यादा या कम ब्लीडिंग और फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, पुरुषों में भी हार्मोनल असंतुलन देखने को मिलता है।

डायबिटीज बिना लक्षण देती है दस्तक, बचाव के लिए ये तीन जरूरी टेस्ट जरूर कराएं

नई दिल्ली डायबिटीज यानी ब्लड शुगर बढ़े रहने की समस्या सभी उम्र के लोगों में आम होती जा रही है। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण होने वाली ये समस्या अब 20 से कम आयु वालों को भी अपना शिकार बनाती जा रही है। जिन लोगों के परिवार में जैसे माता-पिता या करीबी रिश्तेदारों में किसी को हाई शुगर की समस्या रही हो ऐसे लोगों को अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह ही जाती है। डायबिटीज को लेकर चिंता की बात यह है कि शुरुआती स्थिति में इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं, कि लोग समय पर बीमारी की पहचान नहीं कर पाते। अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक सामान्य से अधिक बना रहता है तो इसके कारण धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है। डॉक्टर कहते हैं, अगर समय रहते शुगर को नियंत्रित करने के उपाय कर लिए जाएं, तो यह कई गंभीर जटिलताओं से बचाव हो सकता है। पर इसके लिए जरूरी है कि आपको अपनी बीमारी के बारे में पता हो। डॉक्टर कहते हैं, अगर समय रहते कुछ जांच करा लिए जाएं तो इससे बहुत आसानी से स्पष्ट हो सकता है कि आपको डायबिटीज है या नहीं? या फिर इसका खतरा तो नहीं है? क्या कहते हैं विशेषज्ञ? अमर उजाला से बातचीत में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ वसीम गौहरी कहते हैं, समय पर डायबिटीज की पहचान मौजूदा समय में बहुत जरूरी है क्योंकि ये बीमारी भारतीय आबादी में तेज रफ्तार से बढ़ती जा रही है। डायबिटीज का समय पर इलाज शुरू करने के लिए कुछ जरूरी टेस्ट सभी लोगों को करा लेने चाहिए। अगर आपको डायबिटीज का शक है या परिवार में पहले से किसी को डायबिटीज की दिक्कत रही है तो समय रहते अपनी जांच जरूर कराएं। कुछ जरूरी जांचों से शुगर की समस्या को समय रहते पकड़ा जा सकता है। फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट, पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर टेस्ट और HbA1c टेस्ट से शरीर में शुगर की स्थिति का सही आकलन होता है। फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट शरीर में खाली पेट शुगर के स्तर को मापने में मदद करती है। इस जांच के लिए कम से कम 8 से 10 घंटे तक कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए। सामान्य ब्लड टेस्ट से यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर बिना भोजन के शुगर को कितनी अच्छी तरह नियंत्रित कर पा रहा है। पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर टेस्ट पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर टेस्ट भोजन करने के लगभग 2 घंटे बाद किया जाता है। इस टेस्ट से पता चलता है कि खाना खाने के बाद शरीर शुगर को कैसे मैनेज कर रहा है। सामान्य स्थिति में पोस्ट प्रांडियल ब्लड शुगर 140 mg/dL से कम होना चाहिए। 180 या उससे अधिक की रीडिंग होने पर डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। HbA1c टेस्ट HbA1c टेस्ट पिछले 2 से 3 महीनों की औसत ब्लड शुगर की जानकारी देता है। डायबिटीज के मरीजों को हर 3 महीने के अंतराल पर ये टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। इस टेस्ट का सामान्य स्तर 5.7 प्रतिशत से कम होना चाहिए। 6.5 प्रतिशत या उससे अधिक होने पर डायबिटीज की पुष्टि होती है। ग्लूकोमीटर और शुगर के अन्य जांच की तुलना में इस टेस्ट को अधिक विश्वसनीय माना जाता है। इसके लिए फास्टिंग की जरूरत भी नहीं होती और यह रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता। यह टेस्ट डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं के जोखिम को समझने में बेहद उपयोगी साबित होता है।

जिद्दी दाग-धब्बों से छुटकारा पाने का आसान तरीका: चावल का घरेलू नुस्खा

चेहरे के दाग-धब्बे, मुंहासों के निशान या पिगमेंटेशन आजकल एक आम समस्या बन गई है। प्रदूषण, गलत खान-पान और तनाव के कारण त्वचा की चमक फीकी पड़ने लगती है। ऐसे में कई लोग महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्राकृतिक उपाय अक्सर ज्यादा असरदार और सुरक्षित साबित हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है चावल से बनाया गया फेस पैक। सदियों से एशियाई संस्कृतियों में चावल के पानी और आटे का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। आइए जानें कैसे बनाएं चावल का फेस पैक और यह आपकी स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है। चावल फेस पैक बनाने की विधि सामग्री-     1/2 कप चावल (अच्छे से धुले हुए)     2 बड़े चम्मच दही     1 चम्मच शहद     आधा नींबू का रस  बनाने की विधि-     चावल को 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें।     इसके बाद चावल को पीसकर महीन पेस्ट बना लें।     इसमें दही, शहद और नींबू का रस मिलाएं।     अच्छी तरह मिलाकर चिकना पेस्ट तैयार कर लें। लगाने का तरीका- चेहरे को अच्छी तरह साफ करके इस पैक को लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें। हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्क्रब करते हुए धो लें। सप्ताह में 2 बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। चावल फेस पैक के फायदे     दाग-धब्बों को कम करना- चावल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन-बी त्वचा के काले धब्बों, हाइपरपिगमेंटेशन और मुंहासों के निशान को हल्का करने में मदद करते हैं। नींबू का रस विटामिन-सी से भरपूर होता है जो त्वचा को ब्राइटनिंग इफेक्ट देता है।     त्वचा की रंगत में निखार- चावल के पानी में फेरुलिक एसिड और एलेन्टोइन पाया जाता है जो त्वचा को पोषण देकर उसकी रंगत में सुधार लाता है। यह प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट की तरह काम करता है।     त्वचा को कोमल और मुलायम बनाना- चावल में मौजूद स्टार्च त्वचा को मुलायम बनाता है, जबकि शहद प्राकृतिक मॉइश्चराइजर का काम करता है। दही में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा को एक्सफोलिएट करता है।     ऑयल कंट्रोल- चावल का पैक ऑयली स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को सोख लेता है और पोर्स को साफ रखता है।     एंटी-एजिंग इफेक्ट- चावल में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा पर उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने में मदद कर सकते हैं।     त्वचा में कसाव- चावल का पेस्ट त्वचा को टाइट करने में मदद करता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक और ताजगी आती है। इन बातों का रखें ध्यान     अगर स्किन सेंसिटिव है तो नींबू का रस न मिलाएं।     पहली बार इस्तेमाल से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।     पैक लगाने के बाद त्वचा पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।  

सेहत का खजाना है यह आम-सा मसाला, इसके पानी से शरीर को मिलती है जबरदस्त ताकत

 नई दिल्ली हम सुबह उठकर सबसे पहले क्या खाते-पीते हैं, इसका सीधा असर सेहत पर नजर आता है। अजवाइन एक ऐसा भारतीय मसाला है, जो औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। अजवाइन सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। खासकर जब इसे पानी में भिगोकर या उबालकर पिया जाए, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। आप इसे हर मौसम में अपनी डाइट में शामिल करके सेहत में कई बदलाव देख सकते हैं। पाचन तंत्र को रखें दुरुस्त पेट की समस्याओं के लिए अजवाइन का पानी बेहतरीन उपाय है। यह पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। अगर आपको कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, तो सुबह खाली पेट अजवाइन पानी पीना पेट को साफ और हल्का बनाता है। वजन कम करने के लिए अच्छा अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो अजवाइन का पानी बेहतरीन ऑप्शन है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे कैलोरी जल्दी बर्न होती है और शरीर हल्का महसूस होता है। शरीर से निकलते हैं टॉक्सिन्स अजवाइन पानी एक तरह का नेचुरल डिटॉक्सिफायर है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। हार्मोन और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद ब्लड शुगर और हार्मोन बैलेंस को कंट्रोल करने के लिए अजवाइन पानी पिएं। यह डायबिटीज और हार्मोनल इंबैलेंस से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। सूजन की परेशानी में राहत अजवाइन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसका पानी पीने से हाथ या पैरों के सूजन से राहत पा सकते हैं। साथ ही, यह बैक्टीरिया और वायरस को रोकने की क्षमता रखता है। त्वचा और बालों के लिए अच्छा अजवाइन का पानी शरीर को अंदर से साफ करता है, जिससे त्वचा की डेड स्किन हटती है और नेचुरल ग्लो आता है। बालों के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है। यह ड्राईनेस कम करता और नए बालों को मजबूत बनाता है। अजवाइन पानी कैसे बनाएं?     1-2 चम्मच अजवाइन लें।     रातभर पानी में भिगो दें या हल्का उबालें।     सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं।     स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू या शहद मिला सकते हैं।  

सोने से पहले कब करें डिनर? आयुर्वेद ने बताया आदर्श समय

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में देर रात खाना खाना और उसके तुरंत बाद सो जाना आम आदत बन गई है। कभी काम की व्यस्तता तो कभी मोबाइल और टीवी की वजह से लोगों को समय का ध्यान ही नहीं रहता। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रात के खाने का समय आपकी नींद, पाचन और कुल सेहत पर सीधा असर डालता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा, दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि खाने और सोने के बीच पर्याप्त अंतर होना जरूरी है। सोने से कितनी देर पहले खाना चाहिए? आयुर्वेद के अनुसार, बेहतर पाचन और अच्छी नींद के लिए रात का खाना सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए। इससे भोजन को पचने का पूरा समय मिलता है और गैस, एसिडिटी व सीने में जलन जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या GERD की शिकायत रहती है, उनके लिए यह अंतर 3 घंटे या उससे ज्यादा रखना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप रात 10 बजे सोते हैं तो 7–8 बजे तक खाना खा लेना बेहतर है। खाने और सोने के बीच अंतर क्यों जरूरी है? खाना खाने के बाद शरीर पाचन प्रक्रिया में लगा रहता है और उसे समय चाहिए। तुरंत लेटने से पाचन प्रभावित होता है और पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकार की समस्या हो सकती है। पेट हल्का रहने पर नींद गहरी आती है, शरीर को सही तरीके से आराम मिलता है और वजन बढ़ने का खतरा भी कम रहता है। रात में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? रात के समय हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए, जैसे उबली या हल्की पकी सब्जियां, दाल, खिचड़ी, थोड़ी मात्रा में रोटी या चावल, हल्का गर्म दूध और सीमित मात्रा में सूखे मेवे। वहीं तला-भुना, ज्यादा मसालेदार खाना, मिठाइयां, कैफीन वाली चीजें और भारी फल खाने से बचना चाहिए। सही समय और सही भोजन अपनाकर नींद और सेहत दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।

iPhone लेने का सुनहरा मौका! ‘Apple Days Sale’ शुरू, iPhone 17 Pro हुआ सस्ता

नई दिल्ली  अगर आप लंबे समय से Apple के सबसे प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 17 Pro को अपना बनाने का सपना देख रहे हैं, तो अब अपनी जेब ढीली करने का सही समय आ गया है। मशहूर रिटेलर विजय सेल्स ने आज से अपनी बहुप्रतीक्षित ‘Apple Days Sale’ की शुरुआत कर दी है। इस सेल की सबसे हॉट डील iPhone 17 Pro पर मिल रही है, जहाँ फ्लैट डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स को मिलाकर आप भारी बचत कर सकते हैं। ₹1.35 लाख वाला फोन अब ₹1.25 लाख के करीब Apple ने जब अपनी फ्लैगशिप iPhone 17 सीरीज लॉन्च की थी, तब इसके प्रो मॉडल (बेस वेरिएंट) की शुरुआती कीमत ₹1,34,900 रखी गई थी। लेकिन विजय सेल्स की इस स्पेशल सेल में बिना किसी तामझाम के, आपको सीधे ₹9,410 का फ्लैट डिस्काउंट मिल रहा है। इसके बाद फोन की प्रभावी कीमत गिरकर ₹1,25,490 रह जाती है। बैंक ऑफर्स का तड़का: ₹5000 की अतिरिक्त बचत फ्लैट डिस्काउंट के ऊपर विजय सेल्स ने कई बैंकों के साथ हाथ मिलाया है, जिससे आपकी बचत और बढ़ जाती है:     ICICI बैंक: क्रेडिट और डेबिट कार्ड EMI ट्रांजेक्शन पर ₹5,000 का इंस्टेंट डिस्काउंट।     HDFC बैंक: क्रेडिट कार्ड EMI पर ₹4,500 तक की छूट।     SBI और IDFC First बैंक: इन कार्ड्स पर भी ₹4,000 तक का डिस्काउंट और No-Cost EMI की सुविधा उपलब्ध है।     कुल मिलाकर: अगर आप सभी ऑफर्स का सही इस्तेमाल करते हैं, तो आप इस लेटेस्ट आईफोन पर ₹14,000 से ज्यादा की कुल बचत कर सकते हैं। क्यों खास है iPhone 17 Pro? महज डिस्काउंट ही नहीं, यह फोन अपनी परफॉर्मेंस के दम पर भी मार्केट में छाया हुआ है। इसके मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं:     A19 Pro चिपसेट: यह Apple का अब तक का सबसे एडवांस और पावरफुल प्रोसेसर है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग को मक्खन जैसा स्मूथ बनाता है।     एडवांस AI फीचर्स: इसमें नए 'Apple Intelligence' का सपोर्ट मिलता है जो आपके डेली टास्क को आसान बनाता है।     प्रो-डिस्प्ले: इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट वाली सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले दी गई है।     प्रो-कैमरा: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसमें 48MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जो सिनेमैटिक लेवल की वीडियो और फोटो कैप्चर करता है। देर न करें, स्टॉक सीमित है! विजय सेल्स की यह सेल साल के अंत तक या स्टॉक रहने तक चलेगी। ऐसे में अगर आप नए साल की शुरुआत एक नए आईफोन के साथ करना चाहते हैं, तो यह मौका हाथ से न जाने दें। आईफोन के अलावा ऐपल वॉच, आईपैड और मैकबुक पर भी शानदार ऑफर्स उपलब्ध हैं।