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रूखी और बेजान त्वचा को कहें अलविदा, इन 4 घरेलू फेस स्क्रब से मिलेगा सॉफ्ट-ग्लोइंग स्किन

सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं और सुहावना मौसम लेकर आता है, लेकिन यह त्वचा के लिए कई चुनौतियां भी लाता है। ठंड और शुष्क हवा के कारण त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है, जिसके कारण डेड सेल्स जमा होने लगते हैं। इन डेड सेल्स के कारण त्वचा का रूखापन और बढ़ सकता है। ऐसे में, फेस स्क्रब का इस्तेमाल त्वचा की इन समस्याओं को दूर करने में बेहद कारगर साबित हो सकता है। बाजार में मिलने वाले स्क्रब्स में केमिकल्स हो सकते हैं, जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, प्राकृतिक और होम-मेड फेस स्क्रब्स सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए एक बेहतर विकल्प हैं। आइए जानें ऐसे ही होम-मेड फेस स्क्रब्स के बारे में। दही और ओटमील स्क्रब यह स्क्रब सर्दियों की रूखी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो डेड सेल्स को हटाने और त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करता है। वहीं, ओटमील एक प्राकृतिक एक्सफोलिएंट है, जो त्वचा को कोमलता से साफ करता है। इसे बनाने के लिए दो चम्मच ओटमील को एक चम्मच दही के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथों से 2-3 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मसाज करें और फिर ठंडे पानी से धो लें। यह स्क्रब त्वचा की गंदगी और डेड सेल्स को साफ करके उसे प्राकृतिक चमक देगा। शहद और ब्राउन शुगर स्क्रब शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर और एंटीबैक्टीरियल एजेंट है, जो त्वचा को पोषण देता है और उसे मुलायम बनाता है। ब्राउन शुगर के दाने त्वचा से डेड सेल्स को आसानी से हटाते हैं। इस स्क्रब को तैयार करने के लिए एक चम्मच शहद में एक चम्मच ब्राउन शुगर मिलाएं और इसे चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। 5 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। यह स्क्रब न सिर्फ त्वचा के डेड सेल्स को हटाएगा, बल्कि उसमें नमी बनाए रखने में भी मदद करेगा। केला और दालचीनी स्क्रब केला विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो त्वचा को पोषण देता है और उसे हाइड्रेट रखता है। दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं और डेड सेल्स को हटाने में सहायता करते हैं। आधा केला मैश करके उसमें आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट तक सूखने दें, फिर हल्के हाथों से रगड़ते हुए धो लें। इस स्क्रब के नियमित इस्तेमाल से त्वचा कोमल और चमकदार बनेगी। नारियल तेल और कॉफी स्क्रब नारियल तेल सर्दियों में त्वचा के लिए एक बेहतरीन मॉइस्चराइजर है, जो त्वचा की गहराई से नमी पहुंचाता है। कॉफी में मौजूद कैफीन त्वचा के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और डेड सेल्स को हटाने में मदद करता है। एक चम्मच नारियल तेल में एक चम्मच बारीक पिसी कॉफी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर 5-7 मिनट तक मसाज करें और फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें। यह स्क्रब त्वचा को एक्सफोलिएट करने के साथ-साथ उसे पोषण भी देगा।  

दो दिन की बैटरी लाइफ का वादा! Realme ने उतारे 7000mAh बैटरी वाले 2 स्मार्टफोन

नई दिल्ली Realme Narzo 90 Series के दो स्मार्टफोन Narzo 90x और Narzo 90 भारतीय बाजार में लॉन्च हो गए हैं। फोन्स में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले दिया गया है। इससे यूजर्स को फोन्स के साथ स्मूथ स्क्रॉलिंग और गेमिंग का एक्सपीरियंस मिलेगा। रियलमी के इन दोनों फोन्स में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है। कंपनी ने हैंडसेट्स में 7000mAh की तगड़ी बैटरी दी है। स्मार्टफोन पहली सेल में डिस्काउंट के साथ उपलब्ध होंगे। इनकी कीमत 13,999 रुपये से शुरू है। फोन्स को कई वेरिएंट में लाया गया है। Realme Narzo 90x में मिलती है बड़ी स्क्रीन रियलमी के इस फोन में 6.8 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है। इसका रिफ्रेश रेट 144Hz, पीक ब्राइटनेस 1200 निट्स है। इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर लगा है, जो VC कूलिंग के साथ आता है। VC कूलिंग का मतलब है कि फोन गेमिंग के समय में भी ज्यादा गर्म नहीं होगा। फोन का खास फीचर स्मार्टफोन में 8GB तक की रैम के साथ 10GB तक की डायनामिक रैम भी मिलती है। डायनामिक रैम का मतलब है कि फोन जरूरत पड़ने पर स्टोरेज का कुछ हिस्सा रैम की तरह इस्तेमाल कर सकता है, जिससे परफॉर्मेंस और बेहतर हो जाती है। AI Edit Genie के साथ आया फोन कैमरे की बात करें तो Narzo 90x में 50MP का मेन रियर कैमरा है। इसमें AI एडिट जिनी (AI Edit Genie) जैसा फीचर भी हैं, जो आपकी तस्वीरों को बेहतर बनाने में मदद करता है। फोन में सेल्फी के लिए 8MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन IP69 रेटिंग के साथ आता है। Realme Narzo 90 है पतला और स्टाइलिश Realme Narzo 90 में 6.57 इंच की FHD+ AMOLED स्क्रीन दी गई है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। यह फोन MediaTek Dimensity 6400 Max 5G चिपसेट के साथ आता है। इसमें 6050mm² का बड़ा एयरफ्लो VC कूलिंग सिस्टम दिया गया है। फोन IP65 रेटिंग के साथ आता है। इसकी मोटाई सिर्फ 7.79mm है। फोन में मिलते हैं तीन कैमरे इसमें 50MP का मेन रियर कैमरा और 2MP का सेकेंडरी कैमरा भी लगा है। सेल्फी के लिए इसमें 50MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। यह फोन कई AI फीचर्स के साथ आता है। इसमें AI एडिट जिनी, AI स्नैप मोड, AI लैंडस्केप, AI इरेजर और AI स्मार्ट इमेज मैटिन शामिल हैं। एक चार्ज पर दो दिन चलेगी बैटरी दोनों फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर 2 दिन तक चल सकती है। इनमें 60W की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। साथ ही, Narzo 90x में 6.5W की रिवर्स वायर्ड चार्जिंग के साथ आता है। फोन में सिंगल बॉटम-पोर्टेड स्पीकर है। एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं दोनो फोन्स रियलमी के ये दोनों स्मार्टफोन्स Android 15 पर बेस्ड realme UI 6.0 पर चलते हैं। इसके साथ 3 एंड्रॉइड OS अपडेट और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे। फोन्स के अन्य फीचर्स दोनों स्मार्टफोन्स में कनेक्टिविटी के लिए डुअल 4G VoLTE, Wi-Fi 802.11 ac (2.4GHz + 5GHz), ब्लूटूथ 5.3, GPS, GLONASS, Galileo, QZSS, USB Type-C जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इनमें फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है। Realme Narzo 90x 5G की कीमत फोन के 6GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये है। 8GB + 128 GB वेरिएंट वाले की कीमत 15,499 रुपये है। इस फोन की सेल 23 दिसंबर से शुरू हो जाएगी। Realme Narzo 90 5G की कीमत इस फोन के 6GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपये और 8GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 18,499 रुपये है। यह फोन 24 दिसंबर से खरीदा जा सकेगा। पहली सेल में मिलेगा तगड़ा डिस्काउंट Realme Narzo 90x पर पहली सेल में 2000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिलेगा। वहीं, Realme Nazo 90 पर 1000 रुपये का बैंक डिस्काउंट होगा। दोनों फोन्स को realme.com और अमेजन से खरीद पाएंगे।

अगर रोज चबाएं 4–5 नीम की पत्तियां, तो सेहत में दिखेंगे ये 9 चौंकाने वाले फायदे

सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां चबाना आयुर्वेद में एक बेहद चमत्कारी और नेचुरल उपाय माना गया है। नीम अपने कड़वे स्वाद के लिए मशहूर है, लेकिन इसके औषधीय गुण इतने हैरान करने वाले हैं। यह कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। खासकर जब इसे सुबह खाली पेट खाया जाए। जी हां, खाली पेट नीम की पत्तियां चबाना आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। यह शरीर को अंदर से शुद्ध करता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव करता है। आइए जानते हैं सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां चबाने के कुछ चमत्कारी फायदों के बारे में। सुबह के समय खाली पेट नीम की पत्तियां खाने के फायदे     शरीर का नेचुरल डिटॉक्सिफिकेशन- नीम की पत्तियां शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालती हैं। रोज सुबह खाली पेट इन्हें चबाने से खून साफ होता है और स्किन पर नेचुरल ग्लो आता है।     इम्युनिटी को मजबूत बनाना- नीम में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। यह शरीर को इन्फेक्शन और मौसमी बीमारियों से बचाता है।     डायबिटीज कंट्रोल- नीम ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। नियमित रूप से इन्हें खाने से इंसुलिन सेंसटिविटी बढ़ती है और ब्लड शुगर बैलेंस करने में मदद मिलती है।     पाचन शक्ति में सुधार- खाली पेट नीम की पत्तियां खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है।     स्किन संबंधी समस्याओं से बचाव- नीम की पत्तियां खाने से मुंहासे, फोड़े-फुंसी और एक्जिमा जैसी प्रॉब्लम्स को जड़ से ठीक करता है। अंदर से खून साफ होने पर स्किन ग्लोइंग और हेल्दी दिखती है।     ओरल हेल्थ के लिए लाभकारी- नीम की पत्तियों को चबाने से मसूड़े मजबूत होते हैं, बदबू की समस्या खत्म होती है और कैविटी से बचाव होता है।     बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाना- नीम खून को शुद्ध करके बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है। यह डैंड्रफ और हेयर फॉल प्रॉब्लम को भी कम करता है।     वजन कम करने में सहायक- नीम मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे एक्स्ट्रा चर्बी धीरे-धीरे घटने लगती है और वजन कंट्रोल में रहता है।     कैंसर और गंभीर बीमारियों से सुरक्षा- नीम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। यह शरीर में सेल डैमेज को रोककर लंबी उम्र प्रदान करता है।  

बढ़ते प्रदूषण में खांसी ने किया बेहाल? अपनाएं गले की खराश दूर करने के 5 अचूक उपाय

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। राजधानी को चारों ओर से धुंध की चादर घेरे हुए है, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण के कारण गले में खराश और खांसी की समस्या आम हो गई है। घर के अंदर भी गले में खराश, जलन और खांसी की समस्या बनी रहती है। ऐसे में इन समस्याओं से राहत पाने के लिए प्राकृतिक और घरेलू उपाय कारगर साबित हो सकते हैं। ये उपाय न सिर्फ गले की तकलीफ से राहत दिलाएंगे, बल्कि इम्युनिटी भी बढ़ाते हैं, जिससे प्रदूषण के दुष्प्रभावों से लड़ने में मदद मिलती है। आइए जानें गले की खराश दूर करने के 5 नेचुरल उपाय। गर्म पानी और नमक के गरारे यह सबसे पुराना और भरोसेमंद उपाय है। एक कप गर्म पानी में एक चौथाई चम्मच नमक मिलाकर दिन में 2-3 बार गरारे करें। नमक में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो गले की सूजन कम करते हैं और हानिकारक कणों को साफ करते हैं। गर्म पानी गले की ऐंठन में आराम देता है और बलगम को पतला करता है। शहद और अदरक का कॉम्बो शहद प्राकृतिक एंटीबायोटिक है, तो अदरक एंटी-इंफ्लेमेटरी। एक छोटा टुकड़ा अदरक पीसकर उसे एक चम्मच शहद में मिलाएं और दिन में दो बार खाएं। इसके अलावा, अदरक की चाय बनाकर शहद मिलाकर पी सकते हैं। यह कॉम्बो गले की खराश को शांत करता है और प्रदूषण के कारण जमे हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। हल्दी वाला दूध रात को सोने से पहर एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पिएं। हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी है। यह गले में जलन कम करता है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है। तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा 10-12 तुलसी के पत्ते, 5-6 काली मिर्च के दाने और एक चम्मच मुलेठी को दो कप पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो छानकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं। तुलसी इम्युनिटी बूस्ट करती है, काली मिर्च बलगम कम करती है और मुलेठी गले की खराश में आराम देती है। प्रदूषण के कारण होने वाली जलन में यह काढ़ा रामबाण की तरह काम करता है। भाप लेना एक बर्तन में गर्म पानी लें, उसमें पुदीने का तेल की 2-3 बूंदें डालकर भाप लें। सिर पर तौलिया रखकर 5-10 मिनट तक भाप लेने से गले और नाक के मार्ग खुलते हैं, जिससे प्रदूषण के फंसे कण बाहर निकलते हैं। यह सूखी खांसी और गले की खराश में तुरंत आराम देता है। इन बातों का रखें ध्यान     दिनभर में भरपूर मात्रा में गर्म पानी पिएं ताकि गले की अंदरुनी परत नरम रहे।     बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें।     विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे, संतरा, आंवला आदि खाएं।     बिना जरूरत के घर से बाहर निकलने से बचें।  

भारतीयों की स्मार्टफोन की लत: ये काम करते वक्त सबसे अधिक होता है फोन का उपयोग

 नई दिल्ली  Vivo ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि माता-पिता और बच्चों में स्मार्टफोन चलाने की आदत इतनी ज्यादा बढ़ चुकी हैं कि अब वे साथ में खाना खाने के दौरान भी मोबाइल का यूज करते हैं. कंपनी ने अपनी एनुअल स्विच ऑफ रिपोर्ट का 7वां एडिशन जारी किया है. रिसर्च के बाद कंपनी ने स्विच ऑफ इनिसिएट की शुरुआत की है.   इस पहले के तहत लोगों को डिजिटल की बजाय रियल लाइफ लाइफ के रिश्ते को ज्यादा मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. रिपोर्ट में बताया है कि 72 पेरेंट्स और 30 परसेंट बच्चे माता-पिता से बात करने की बजाय खाने की टेबल पर स्मार्टफोन में बिजी रहना पसंद करते हैं. रिपोर्ट में बताया है कि 72 परसेंट बच्चे ऐसे होते हैं, जो डिनर के समय अपने पेरेंट्स के साथ होते हैं.  Vivo के रिसर्च में हुआ खुलासा  Vivo  के रिसर्च में यह समझने की कोशिश हुई है कि परिवार बदलते डिजिटल दुनिया के साथ कैसे तालमेल बैठा रहे हैं. रिसर्च में दो अहम रिजल्ट सामने आए हैं कि पहला खाने का समय परिवार के लिए जरूरी समय बन गया है, जब वे एक दूसरे से बातचीत कर सकते हैं. दूसरा बच्चे अब ये महसूस करते हैं कि उनके माता-पिता बहुत बिजी रहते हैं.      खाना-खाने के दौरान 72 परसेंट पेरेंट्स और 30 परसेंट चिल्ड्रन अपने स्मार्टफोन को चेक करते हैं.        पेरेंट्स 4.4 घंटेऔर बच्चे 3.5 डेली स्मार्टफोन का यूज करते हैं.      पेरेंट्स और बच्चों दोनों अलग-अलग प्रकार से स्मार्टफोन में बिजी रहते हैं, जहां पेरेंट्स थोड़े-थोड़े समय के लिए मोबाइल को चेक करते हैं. वहीं बच्चे इसको एंटरटेनमेंट के लिए यूज करते हैं.      67 परसेंट बच्चे ऐसे हैं, जो अपने माता-पिता के बिजी होने की वजह से AI का यूज करते हैं. AI से बातचीत करते हैं.   रिसर्च में पाया गया है कि 72 परसेंट बच्चे ऐसे हैं जो अपने पेरेंट्स के साथ खाना खाते हैं, लेकिन ज्यादातर समय वे फोन चलाते हुए नजर आते हैं. वहीं, 91% किड्स का कहना है कि जब फोन एक तरफ रख दिए जाते हैं, तो बातचीत ज्यादा आसान और अच्छी हो जाती है. ये समय ऐसा बन जाता है जब परिवार के लोग एक दूसरे पर ध्यान देते हैं और बातचीत करते हैं.  AI टूल्स के प्रति बच्चों का झुकाव  रिपोर्ट में इस साल एक बच्चों का AI टूल्स के प्रति झुकाव भी देखा गया है. बदलते एजुकेशन जरूरतों को देखते हुए 10–16 साल के 54 परसेंट बच्चे AI को डेली यूज में खुलकर यूज कर रहे हैं. इसका यूज वे होमवर्क और खुद के डेवलपमेंट में यूज कर रहे हैं.  बच्चे ले रहे हैं AI चैटबॉट का सहारा आजकल के समय में बच्चे माता-पिता की जगह AI चैटबॉट का सहारा लेने लगे हैं क्योंकि बच्चों के लगता है कि उनके माता-पिता बहुत बिजी रहते हैं और उनके पास समय नहीं है.  4 में से 1 बच्चा साफ-तौर पर कहता है कि AI की वजह से वे अपने माता-पिता से कम बात करते हैं.  वीवो इंडिया के कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी हेड ने बताया है कि उनका मानना है कि तकनीक को रिश्तों को मजबूत करना चाहिए ना कि उनको दूर करने का काम करना चाहिए.  इस साल की Switch Off स्टडी बताती है कि परिवार संतुलन बनाना चाहते हैं.

महिलाओं में पेशाब की नली के इंफेक्शन की वजह, जलन और दर्द से परेशान होने का कारण जानें

युवा महिलाओं में होने वाली सबसे आम स्वास्थ्य दिक्कतों में से एक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन है। इसकी वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसमें पेशाब करते समय जलन और बदबू आना भी शामिल है। लोगों को लगता है कि यह समस्या अचानक होती है। अधिकतर महिलाएं इसके पीछे मौसम में होने वाले बदलाव के बारे में नहीं जानती हैं। न्यूरो यूरोलॉजी, एकेडेमिक्स और सीनियर कंसल्टेंट के डीन डॉक्टर का कहना है कि यूटीआई अचानक नहीं होती। यह मौसम में होने वाले बदलाव और हमारी कुछ रोजाना की आदतों की वजह से बढ़ती है। सही रोकथाम के लिए इन कारणों को रोकना जरूरी है, जिससे आप आने वाली समस्या से बच सकती हैं। गर्मी का असर कैसे पड़ता है? गर्मी में ज्यादा पसीना आता है और कई बार महिलाएं पानी कम पीती हैं। इससे शरीर में पानी की कमी होती है और पेशाब भी कम बनता है। पेशाब कम करने की वजह से अंदर बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा रहता है। ये बैक्टीरिया गीले या तंग कपड़े पहनने की वजह से भी बढ़ते हैं। सर्दी का असर कैसे पड़ता है? ठंड के दौरान महिलाओं को प्यास कम लगती है। इस वजह से उनका वाटर इनटेक काफी कम हो जाता है। शरीर में पानी की कमी से पेशाब का उत्पादन कम होता है और इस तरह यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। लाइफस्टाइल से जुड़ी वजहें     पेशाब रोककर रखने से ब्लैडर में बैक्टीरिया जमा होते हैं     यौन गतिविधि के बाद पेशाब ना करने से बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में आ जाते हैं     प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई के गलत तरीके से बैक्टीरिया अंदर जा सकते हैं, साथ ही तेज सुगंध, केमिकल वाले उत्पाद के इस्तेमाल से भी खतरा बढ़ता है​ बचने का तरीका     पूरे दिन में बार बार पानी पीएं     जब भी पेशाब का प्रेशर लगे, टॉयलेट जरूर जाएं     गीले कपड़े ना पहनें और सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें​ डॉक्टर से सलाह लें डॉक्टर का कहना है कि इन कारणों से बचकर आप यूरिनरी ट्रैक्ट की हेल्थ को बेहतर बना सकती हैं। लेकिन अगर किसी महिला को पेशाब में जलन, बार बार पेशाब आना या पेशाब में खून आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।  

न्यू ईयर सेल का बड़ा धमाका: JBL के 220W पावरफुल स्पीकर 50% तक सस्ते

2026 New Year पार्टी में धमाल मचाने के लिए दमदार साउंड वाला स्पीकर खरीदने का प्लान है, तो Amazon पर आपके लिए बहुत कुछ है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पॉपुलर ब्रांड JBL के स्पीकर्स भारी डिस्काउंट के साथ मिल रहे हैं। ऑफर में महंगे स्पीकर्स लगभग आधी कीमत में मिल रहे हैं। लिस्ट में साउंडबार और पॉकेट स्पीकर्स भी शामिल हैं। देखें आपके बजट में कौन सा मॉडल फिट बैठ रहा है। 35,999 रुपये एमआरपी वाला यह पार्टी स्पीकर 44 फीसदी छूट के साथ मात्र 19,998 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 160W का पावरफुल साउंड मिलता है। आप इसे उठाकर किसी भी जगह ले जा सकते हैं और उस जगह को पार्टी फ्लोर में बदल सकते हैं। इसमें आगे की तरह RGB लाइट्स लगी हैं, जो इसके लुक को खूबसूरत बना देते हैं। दावा है कि इसमें 12 घंटे तक का प्लेटाइम मिलता है। इसमें गिटार और माइक का इनपुट भी मिलता है। यह पूल पार्टी के लिए भी परफेक्ट है। 13,999 रुपये एमआरपी वाला यह स्पीकर 46 फीसदी छूट के साथ मात्र 7,499 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 30W का साउंड आउटपुट मिलता है। कॉम्पैक्ट साइज होने की वजह से इसे बैग में रखकर कहीं भी ले जा सकते हैं। दावा है कि इसमें 12 घंटे तक का प्लेटाइम मिलता है। वॉटरप्रूफ होने की वजह से यह पूल पार्टी के लिए भी परफेक्ट है। 3,999 रुपये एमआरपी वाला यह स्पीकर 50 फीसदी छूट के साथ मात्र 1,998 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 4.2W का साउंड आउटपुट मिलता है। इसका साइज बेहद कॉम्पैक्ट है और आप इसे जेब में रखकर भी म्यूजिक का मजा सकते हैं। दावा है कि इसमें 5 घंटे तक का प्लेटाइम मिलता है। यह फुली वॉटरप्रूफ और डस्टप्रूफ है। 18,999 रुपये एमआरपी वाला यह साउंडबार 53 फीसदी छूट के साथ मात्र 8,998 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 220W का साउंड आउटपुट मिलता है। इसे टीवी से कनेक्ट करके घर पर ही थिएटर जैसे साउंड का मजा लिया जा सकता है। घर पर होने वाली छोटी मोटी पार्टी के लिए भी यह परफेक्ट है। आप इसे मोबाइस से कनेक्ट करके भी म्यूजिक का मजा ले सकते हैं। इसके साथ रिमोट कंट्रोल मिलता है, जिससे इसे दूर से भी कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें वायरलेस सबवूफर है। 18,999 रुपये एमआरपी वाला यह साउंडबार 50 फीसदी छूट के साथ मात्र 9,499 रुपये में मिल रहा है। बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसकी कीमत को कम किया जा सकता है। इसमें 200W का साउंड आउटपुट मिलता है। यह डोल्बी एटमॉस साउंडबार है, जिसमें बिल्ट-इन सबवूफर है। इसे टीवी से कनेक्ट करके घर पर ही थिएटर जैसे साउंड का मजा लिया जा सकता है। आप इसे मोबाइस से कनेक्ट करके भी म्यूजिक का मजा ले सकते हैं। घर पर होने वाली छोटी मोटी पार्टी के लिए भी यह परफेक्ट है। इसके साथ रिमोट कंट्रोल मिलता है, जिससे इसे दूर से भी कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें वायरलेस सबवूफर है।

ठंड में दिल पर बढ़ता खतरा: सर्दियों में हृदय रोग क्यों होते हैं आम, जानें कौन लोग सबसे ज्यादा रिस्क में

जालंधर  सर्दियों के आगमन के साथ ही देश भर में हृदय रोगों के मामलों में बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट दिल की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है और इस वजह से बुजुर्गों को अतिरिक्त सतर्कता रखनी होगी। क्यों बढ़ते हैं हृदय रोग सर्दियों में? रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना : तापमान कम होने के कारण शरीर गर्मी बचाने के लिए रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, जिससे ब्लड प्रैशर बढ़ जाता है। ब्लड का गाढ़ा होना : सर्दियों में खून गाढ़ा हो सकता है, जिससे खून का बहाव धीमा पड़ता है और क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। शारीरिक गतिविधि में कमी : ठंड के कारण लोग सुबह-शाम की सैर या व्यायाम कम कर देते हैं, जिससे हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। संक्रमण का बढ़ा खतरा : सर्दियों में वायरल और फ्लू जैसी बीमारियां बढ़ जाती हैं, जो पहले से हृदय रोगियों की स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं। बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी क्यों जरूरी? विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों की प्रतिरक्षा क्षमता कम होती है और उम्र बढ़ने के साथ दिल की कार्यक्षमता भी घटती जाती है। ठंड में शरीर पर अचानक बढ़ने वाला दबाव बुजुर्गों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। हाई ब्लड प्रैशर, डायबिटीज, कोलैस्ट्रॉल, मोटापा या पहले से हुए हार्ट अटैक वाले लोगों को जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। कैसे रखें अपना हार्ट सुरक्षित? गर्म कपड़े पहनें और सिर, कान व पैर को ठंड से बचाकर रखें। नियमित ब्लड प्रैशर और शुगर मॉनिटरिंग करें। हल्की एक्सरसाइज, योग और स्ट्रेचिंग रोजाना करें। धूम्रपान से पूरी तरह बचें, क्योंकि ठंड और स्मोकिंग का मिलाजुला असर दिल की बीमारी को और बढ़ाता है। संतुलित और गरम भोजन लें जिसमें सब्जियां, सूप, सूखे मेवे और फाइबर युक्त आहार। जल का सेवन ज्यादा करें, क्योकि ठंड में लोग पानी कम पीते हैं जिससे ब्लड गाढ़ा होने का खतरा रहता है। दवाइयां समय पर लें और डाक्टर द्वारा निर्धारित मात्रा को न छोड़ें। हार्ट के लक्षणों को नजरअंदाज करना घातक टैगोर अस्पताल के चेयरमैन डा. विजय महाजन ने कहा कि हृदय रोग से संबंधित लक्षणों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। जिनमें सीने में दर्द या भारीपन, सांस लेने में दिक्कत, अचानक पसीना आना, चक्कर आना या बेहोशी, हाथों, कंधे या जबड़े में दर्द आदि होने पर तुरंत विशेषज्ञ डाक्टरों से सम्पर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊपरी पेट में दर्द, साथ में मितली और उल्टी लोग अक्सर इसे अपच समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह हार्ट अटैक हो सकता है। गर्दन में दर्द, जो एक या दोनों बाजुओं तक फैल सकता है, इसे लोग आमतौर पर सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस समझ लेते हैं। कुछ मरीजों में, विशेषकर डायबिटीज वाले मरीजों में, हार्ट अटैक का लक्षण केवल सांस फूलना (सांस लेने में तकलीफ) भी हो सकता है।

कॉल रिकॉर्डिंग फीचर के साथ Lyne की नई ब्लूटूथ कॉलिंग वॉच भारत में लॉन्च

 नई दिल्ली Lyne ओरिजनल्स ने अपने स्मार्ट वियरेबल पोर्टफोलियो को एक्सपैंड किया है. कंपनी ने अपनी लेटेस्ट स्मार्टवॉच Lyne Lancer 19 Pro को लॉन्च किया है, जो कम कीमत में दमदार फीचर्स के साथ आती है. इसमें आपको ब्लूटूथ 5.3 कनेक्टिविटी मिलती है. इसकी मदद से यूजर्स वॉच के जरिए ही कॉल कर सकते हैं.  स्मार्टवॉच में हार्ट रेट सेंसर और SpO2 मॉनिटरिंग का फीचर मिलता है. इसमें मल्टीपल स्पोर्ट्स मोड दिए गए हैं. वॉच IPX4 रेटिंग के साथ आती है. सिंगल चार्ज में इसमें 12 दिनों तक का स्टैंडबाय टाइम मिलता है. आइए जानते हैं इसकी कीमत और दूसरी खास बातें.  कितनी है कीमत?  Lyne Lancer 19 Pro को कंपनी ने 1299 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. इस वॉच को आप प्रमुख ऑफलाइन रिटेल आउटलेट से खरीद सकते हैं. ये अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है. ये वॉच कम कीमत पर स्मार्ट फीचर्स चाहने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है. हालांकि, इस बजट में बोट, Noise और कई दूसरे ब्रांड्स के भी विकल्प मिलते हैं.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Lyne Lancer 19 Pro में 2.01-inch का टच स्क्रीन मिलती है. वॉच ब्लूटूथ 5.3 कनेक्टिविटी के साथ आती है. इसे iOS 12 या उससे ऊपर के वर्जन और Android 9 या उससे ऊपर के वर्जन के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग का फीचर मिलता है. आप कॉल कर सकते हैं और रिसीव भी कर सकते हैं.  वॉच में बिल्ट-इन माइक्रोफोन और स्पीकर मिलते हैं, जो वॉयस ट्रांसमिशन के लिए दिए गए हैं. Lyne Lancer 19 Pro में हार्ट रेट मॉनिटरिंग और ब्लड ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO2) ट्रैकिंग मिलता है. इसमें स्पोर्ट्स मोड्स दिया गया है. वॉच में मल्टीपल हेल्थ और फिटनेस मॉनिटरिंग फीचर्स मिलते हैं.  Lyne Lancer 19 Pro में कॉल रिकॉर्डिंग का भी फीचर दिया गया है. साथ ही इस पर नोटिफिकेशन अलर्ट भी मिलती है. डिवाइ को पावर देने के लिए 210mAh की बैटरी दी गई है. ब्लूटथ कॉलिंग के साथ ये वॉच तीन से चार दिन इस्तेमाल की जा सकती है. वहीं इसमें 12 दिनों का स्टैंडबाय टाइम मिलेगा.

गले में दर्द, सूजन और खराश? अपनाएं ये आसान आयुर्वेदिक उपाय

भोपाल   मौसम के बदलाव के साथ ही गले में खराश और सूजन एक आम समस्या बन जाती है। यह शुष्क हवा, हीटर का अधिक उपयोग, ठंडी हवा में सांस लेना, प्रदूषण और अनियमित खान-पान जैसे छिपे कारणों से भी ट्रिगर होती है। आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में कफ दोष का संचय बढ़ता है, जो गले में जलन और सूजन पैदा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू उपाय कफ को संतुलित कर गले को राहत प्रदान करते हैं। सर्दियों में हवा सूखी हो जाती है, जिससे गले की म्यूकस लेयर ड्राई होकर वायरस के प्रवेश को आसान बनाती है। हीटर के सामने बैठना गले को और शुष्क करता है, जबकि सुबह ठंडी हवा और ठंडे-गर्म पेय का मिश्रित सेवन सूजन बढ़ाता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे उपाय प्रभावी हैं जो कफ निकालकर गले को नमी और गर्माहट देते हैं। इनमें हींग-शहद का लेप है। हींग के एंटीवायरल गुण कफ को ढीला कर जलन कम करते हैं। मिश्री-सौंफ-काली मुनक्का को उबालकर काढ़ा बनाएं और इसे पीने से गला नम रहता है, सूजन शांत होती है। गुनगुने पानी में हल्दी और कुचली लौंग मिलाकर गरारा करना भी लाभदायी होता है। हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो सूजन घटाता है, जबकि लौंग दर्द में राहत देता है। अदरक और गुड़ गर्म कर उसका भाप लेने से कफ ढीला होता है और खराश में तुरंत आराम मिलता है। नींबू के छिलके गर्म कर गर्दन पर रखें। इसके लिमोनीन से गला मॉइस्चराइज होता है। तुलसी का चूर्ण शहद में मिलाकर लें। तुलसी के एंटीसेप्टिक गुण वायरस रोकते हैं। इसके साथ ही गुनगुना तिल का तेल नाक में 2-2 बूंद डालें। यह गले के सूखेपन को दूर कर नमी प्रदान करता है। ये उपाय न केवल लक्षणों को कम करते हैं, बल्कि कफ असंतुलन की समस्या भी दूर करते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, इन देसी नुस्खों को मौसम के अनुसार अपनाएं। गंभीर मामलों में डॉक्टर से परामर्श लें।