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सिर्फ एक साधारण ब्लड टेस्ट से पता चलेगा आप कितने दिन जिएंगे

नई दिल्ली ब्लड टेस्ट भले सुनने में साधारण लग सकता है लेकिन यह बहुत ही असरदार होता है. एक ब्लड टेस्ट सिर्फ आपके हेल्थ की अपडेट्स नहीं देता बल्कि यह भी बताता है कि आप कितना और जीने वाले हैं. हाल ही में इस संबंध में ब्रिटेन स्थित सरे यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने एक स्टडी की है. अब तक डॉक्टर किसी की उम्र, वजन, ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग की आदत और कुछ सामान्य ब्लड टेस्ट के आधार पर ही खतरे का अनुमान लगाते रहे हैं. ये तरीके अक्सर बहुत ही सामान्य होते हैं और सही जानकारी नहीं दे पाते.  नई स्टडी में क्या खास है? इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने यह जानने की कोशिश की कि क्या हमारे खून में पहले से ऐसे संकेत मौजूद हैं जो भविष्य की सेहत के बारे में बता सकें. इस स्टडी में खून में मौजूद प्रोटीन पर फोकस किया गया क्योंकि यह शरीर के अंदर चल रहे प्रोसेस की जानकारी देता है. अध्ययन में उम्र, BMI और स्मोकिंग जैसी आदतों को ध्यान में रखा जिससे सटीक नतीजे निकले. प्रोटीन पैनल और मौत का जोखिम इसके बाद वैज्ञानिकों ने सैकड़ों ऐसे प्रोटीन की पहचान की जिनका संबंध कैंसर, दिल की बीमारी और किसी भी वजह से होने वाली मौत के जोखिम से जुड़ा पाया गया. एक पैनल में 10 ऐसे प्रोटीन थे जो अगले 10 साल में मौत के कुल जोखिम से जुड़े थे. वहीं, दूसरे पैनल में 6 प्रोटीन रखे गए थे जो पांच साल के जोखिम का संकेत देते थे. यह मॉडल सिर्फ उम्र और लाइफस्टाइल पर आधारित पुराने तरीकों से बेहतर निकले.  कौन देता है शरीर में बदलाव की जानकारी? खून में मौजूद प्रोटीन शरीर के अंदर हो रहे बदलावों की रियल-टाइम जानकारी देते हैं. ये सूजन, अंगों पर दबाव या ऊतकों (Tissue) के खराब होने जैसे बदलावों को दिखा सकते हैं जो लक्षण के तौर पर सामने नहीं आते. लेकिन, वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किया कि इस स्टडी का ये मतलब नहीं है कि कोई ब्लड टेस्ट मौत की तारीख बता देगा. यह भविष्यवाणी नहीं बल्कि एक चेतावनी की तरह है. इस टेस्ट में 39 से 70 साल के करीब 38 हजार लोगों को शामिल किया गया था.  

आधार कार्ड अपडेट करना हुआ आसान! UIDAI नंबर से घर बैठे करें सुधार

नई दिल्ली आधार कार्ड आज हर जरूरी काम के लिए अहम दस्तावेज बन चुका है, ऐसे में उसमें छोटी-सी गलती भी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। नाम, पता या मोबाइल नंबर की गलती के कारण लोगों को बार-बार दफ्तरों और साइबर कैफे के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अगर आपके आधार कार्ड में नाम, पता या मोबाइल नंबर गलत है, तो अब उसे ठीक कराने के लिए न आधार सेंटर जाना पड़ेगा और न ही साइबर कैफे। कई लोग फर्जी एजेंट्स की वजह से अपना समय और पैसा बर्बाद कर देते हैं, जबकि आधार से जुड़ी ज़्यादातर समस्याएं सिर्फ एक फोन कॉल से हल हो सकती हैं। UIDAI ने इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1947 जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके आप आधार में सुधार, अपडेट और जरूरी जानकारी पा सकते हैं। यह सेवा हिंदी, अंग्रेजी समेत 12 भाषाओं में उपलब्ध है। इस नंबर से आपको सही और भरोसेमंद जानकारी मिलती है, खर्च बचता है और गलत जानकारी से होने वाली परेशानी नहीं होती। यह नंबर पूरे भारत में मुफ्त है और याद रखना भी आसान है। कॉल करने का समय सोमवार से शनिवार सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक, और रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल कर सकते हैं।

सिंदूर से बिछिया तक जानिए स्त्रियों के श्रृंगार का राज

शादी के बाद सुहागन स्त्रियां मांग में सिंदूर सजाती हैं क्योंकि यह सुहाग का चिन्ह माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे पति की उम्र लंबी होती है। जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण यह है कि सिंदूर माथे पर उस स्थान पर लगाया जाता है जहां भावनाओं को नियंत्रित करने वाली ग्रंथी मौजूद होती है। इससे मन और भावनाओं पर नियंत्रण बढ़ता है। साथ ही सिंदूर में मौजूद तत्व रक्त संचार के साथ ही यौन क्षमताओं को भी बढ़ाने का भी काम करते हैं जो वैवाहिक जीवन के लिए जरुरी माना जाता है। महिलाएं अपने पैरों का श्रृंगार करने के लिए पाजेब और पायल पहनती हैं। इसका कारण यह है कि पायल न सिर्फ उनके पैरों की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करता है बल्कि यह पैरों में एक रिंग का काम भी करता है। इस रिंग की वजह से शरीर से निकले वाली विद्धुत उर्जा वापस शरीर में लौट जाती है और पैरों में होने वाली कई परेशानियों से भी बचाती है। यह भी माना जाता है कि पायल पेट और शरीर के पिछले भाग में चर्बी को बढ़ने से रोकता है जिससे उनका शरीरिक गठन आकर्षक बना रहता है। कानों में बाली और झुमके इसलिए नहीं पहनती हैं लड़कियां कि उनकी सुंदरता की तारीफ हो। असल में इसका वैज्ञानिक कारण है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार कान में ईयर रिंग धारण करने से चेहरे की त्वचा में कसापन आता है जिससे त्वचा पर ग्लो आता है। कर्ण छेदन करवाने से बौद्धिक क्षमता और सोचने समझने की क्षमता बढ़ जाती है। आपने देखा होगा कि सुहागन स्त्रियां हाथों में अंगूठी पहने या नहीं पहने पैरों में अंगूठी जैसे दिखने वाला गहना जिसे बिछुआ कहा जाता है जरुर पहनती हैं। इसका धार्मिक कारण सुहाग की लंबी उम्र से है जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण यह कहता है कि पैरों में अंगूठे के बाद जो दूसरी उंगली होती है उसकी ग्रंथी गर्भाशय और हृदय से होकर गुजरती है। बिछुआ पहनने से गर्भाशय को बल मिलता है और यौन क्षमता बढ़ती है साथ ही मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानियों में कमी आती है। शादी हो या तीज त्योहार महिलाएं अपने हाथों और पैरों में मेंहदी जरुर लगाती हैं। इसका कारण सिर्फ सौंदर्य बढ़ाना नहीं है बल्कि इसका संबंध स्वास्थ्य से है। मेंहदी का इस्तेमाल आयुर्वेद में कई रोगों की औषधी के रुप में किया जाता है। यह तनाव को दूर करने में कारगर होता है। यौन इच्छाओं को भी नियंत्रित करता है जो इन अवसरों पर आवश्यक माना जाता है। महिलाएं अपनी कलाई को सजाने के लिए चूड़िया पहनती हैं। लेकिन महिलाओं के अन्य श्रृंगार साधन की तरह चूड़ियां धारण करने का भी वैज्ञानिक कारण है। विज्ञान के अनुसार चूड़ियों के कारण कलाई में एक घर्षण उत्पन्न होता है जिससे कलाइयों में सुचारु रुप से रक्त संचार होता है। जिससे कलाईयों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाव होता है। साथ ही चूड़ियां शरीर से निकलने वाली उर्जा को वापस शरीर के अंदर पहुंचाने का भी काम करती है।  

एंड्रायड को ऐसे रखें सेफ

  स्मार्टफोन और अन्य मोबाइल डिवाइस आज हर किसी के लिए लाइफलाइन जैसे हो गए हैं। मोबाइल फोन का इस्तेमाल लोग न सिर्फ एक-दूसरे से कनेक्ट रहने के लिए करते हैं, बल्कि ये अब दैनिक जीवन की तमाम जरूरी एक्टिविटीज, जैसे-फिटनेस, न्यूज, इंटरनेट, पेशेगत कामकाज से भी जुड़ गए हैं। आपके मोबाइल फोन में फोटो, करियर इंफॉर्मेशन, हॉबीज, कॉन्टैक्ट, एंटरटेनमेंट और शॉपिंग प्रिफरेंस आदि के रूप में बेशकीमती अंडर-प्रोटेक्टेड डिजिटल एसेट रखे होते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने इस संसाधन को चोरी और मालवेयर से बचाकर रखें। आइए जानते हैं कि आप अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन को कैसे सुरक्षित बना सकते हैं… स्मार्टफोन को सीक्रेट पिन से रखें लॉक:- सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि आपके फोन तक आपके अलावा किसी और की पहुंच न हो। इसलिए आपको अपने फोन को पिन या किसी पैटर्न कोड से लॉक रखना चाहिए। इसके लिए अपने डिवाइस की सेटिंग में जाएं और लॉक स्क्रीन का विकल्प देखें। स्क्रीन लॉक ऑप्शन में आपसे यह पूछा जाएगा कि आप पिन चाहते हैं, पैटर्न या कोई पासवर्ड। खोए फोन को तलाशने की सुविधा:- यदि आपका मोबाइल डिवाइस कहीं गायब हो जाता है, तो आप गूगल मैप की मदद से अपने फोन की लोकेशन का पता लगा सकते हैं। यही नहीं, आसपास के ऐसे लोकेशन पर पहुंच कर आप एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर की मदद से अपने डिवाइस को फुल वॉल्यूम में पांच मिनट तक रिंग भी करा सकते हैं। इस सुविधा से आप मैप पर यह देख सकते हैं कि आपका फोन कहां है। इससे आप अपने एंड्रॉयड डिवाइस को दूर से ही लॉक कर सकते हैं, रिंग कर सकते हैं या चाहें तो सारे डेटा इरेज कर सकते हैं। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए गूगल सेटिंग-लोकेशन में जाएं और इसके बाद एक्सेस लोकेशन ऑप्शन चुनें। इसके लिए आपको रिमोट डिलीशन और लॉकिंग को ऑन करना होगा। आप किसी पर्सनल कंप्यूटर की मदद से भी अपने स्मार्ट फोन के डेटा डिलीट कर सकते हैं। शेयर्ड यूजर्स के लिए एक्सेस को रखें लिमिटेड:- एंड्रॉयड 4.3 या उससे ऊंचे वर्जन के टैबलेट के लिए आप रेस्ट्रिक्टेड प्रोफाइल तैयार कर सकते हैं ताकि दूसरे लोग आपके सभी गेम या ऐप तक न पहुंच सकें। इसके लिए सेटिंग में जाएं और अपने फोन के लिए यूजर्स को सलेक्ट करें। संदिग्धएप से सुरक्षित रखें फोन:- आपके फोन में गूगल प्ले से आने वाले किसी भी ऐप को गूगल स्कैन करता है और हानिकारक ऐप को ब्लॉक कर देता है। कोई ऐप यदि किसी अज्ञात लोकेशन से आता है, तो एक पॉप-अप दिखेगा, जो आपसे यह कहेगा कि फाइल को स्कैन करें और यह सुनिश्चित करें कि वह आपके डिवाइस के लिए सुरक्षित हो। गूगल प्ले से परचेज को करें कंट्रोल:- एपल और अमेजन की तरह ही गूगल को भी एक्सिडेंटल परचेज की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। इससे बचने के लिए आप गूगल प्लेज में एक पासवर्ड का विकल्प चुन सकते हैं, जो हर आधे घंटे पर या जब भी कुछ खरीद होती हो, तो पासवर्ड मांगे। शेयर्ड एप को फिल्टर करें:- आप एप्स को फिल्टर करने के लिए पिन का इस्तेमाल कर सकते हैं और चार एप रेटिंग लेवल डिस्प्ले करने का विकल्पि चुन सकते हैं। इससे सिर्फ वही ऐप डाउनलोड होंगे, जो आपके लिए उपयुक्त हैं। सेफ सर्च ऑप्शन को इनेबल करें:- अगर आपका डिवाइस आपके बच्चे इस्तेमाल करते हैं, तो उसे सेफ सर्च इनेबल कर ज्यादा किड्स फ्रेंडली बनाएं। गूगल के होमपेज में सर्च सेटिंग में जाकर आप ऐसा कर सकते हैं।  

डायबिटीज के मरीजों के लएि फायदेमंद है यह आसन

  डायबिटीज के दौरान शरीर में ग्लूकोज और इन्सुलिन के संतुलन को बनाए रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में पैंक्रियाज का फिट रहना डायबिटिक लोगों के लिए और भी जरूरी है। गोमुख आसन के नियमित अभ्यास से पैंक्रियाज सही तरह से काम करता है जिससे डायबिटीज पर नियंत्रण करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इस आसने के अभ्यास से कमर, कंधे, गर्दन और रीढ़ की हड्डी की जकड़न को खत्म करता है और मांसपेशियां मजबूत होते हैं। यह ज्वाइट्स के बीच रक्त संचार बढ़ाता है जिससे जोड़ों में होने वाली परेशानियों में आराम होता है। ऐसे करें गोमुख आसन:- -इसे करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं। अगर आप गठिया के मरीज हैं तो पद्मासन में बैठें। -अब अपने बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और कोहनी मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं। वहीं दाएं हाथ को कोहनी से मोड़ें और बाएं हाथ की उंगलियां पकड़ने की कोशिश करें। -इस प्रक्रिया के दौरान रीढ़ की हड्डी सीधे रखें और श्वास सामान्य रखें। -कुछ सेकंड बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं और इस प्रक्रिया को दूसरे हाथ से दोहराएं।  

गिनीज रिकॉर्ड वाला AI सुपरकंप्यूटर: कैसे छोटी-सी डिवाइस में समाई डेटा सेंटर जितनी ताकत?

 अमेरिका की एक नई कंपनी टाइनी AI ने एक ऐसा छोटा डिवाइस बनाया है जो दुनिया का सबसे छोटा पर्सनल AI सुपरकंप्यूटर है। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी मान्यता दी है। इस डिवाइस का नाम टाइनी AI पॉकेट लैब है। यह पावर बैंक जैसा दिखता है और जेब में आसानी से रखा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि यह 120 अरब पैरामीटर वाले बड़े AI मॉडल को बिना क्लाउड, सर्वर या महंगे GPU के खुद पर चला सकता है। कंपनी ने इसे 10 दिसंबर को लॉन्च किया। इसकी मदद से आम लोग भी डेटा सेंटर जैसी ताकत अपने हाथ में पा सकते हैं। डेटा सेंटर जैसी पावर कैसे देगा? इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि टाइनी AI के GTM डायरेक्टर समर भोज ने कहा कि क्लाउड AI ने बहुत फायदा दिया, लेकिन अब पर्यावरण की चिंता बढ़ गई है। उनके मुताबिक, इंटेलिजेंस डेटा सेंटर में नहीं बल्कि लोगों के पास होनी चाहिए। पॉकेट लैब इसी सोच से बनाया गया है। यह डिवाइस इंटरनेट के बिना काम करता है, डेटा को डिवाइस पर ही रखता है और बैंक जैसी मजबूत सुरक्षा देता है। इससे निजता पूरी तरह सुरक्षित रहती है और बिजली की खपत भी बहुत कम होती है। किस काम आएगा यह सुपरकंप्यूटर? यह छोटा सुपरकंप्यूटर डेवलपर्स, रिसर्चर, क्रिएटर्स, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए बनाया गया है। यह वर्कफ्लो, कंटेंट बनाने और संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में मदद करता है। सब कुछ ऑफलाइन होता है, इसलिए इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती। डिवाइस में यूजर का डेटा, चॉइस और डॉक्यूमेंट्स लोकल स्टोर होते हैं। यह 10 अरब से 100 अरब पैरामीटर वाले मॉडल अच्छे से चलाता है, जो ज्यादातर रोज के कामों के लिए काफी हैं। यह 120 अरब पैरामीटर तक के मॉडल भी चला सकता है, जो GPT-4 जैसी इंटेलिजेंस देता है। कम बिजली खाएगा यह AI सुपरकंप्यूटर पॉकेट लैब में ARMv9.2 का 12 कोर CPU है और यह 65 वाट बिजली में काम करता है। आम GPU वाले सिस्टम से बहुत कम बिजली खाता है। इसमें दो खास तकनीकें हैं – टर्बोस्पार्स और पावरइन्फर। टर्बोस्पार्स सिर्फ जरूरी न्यूरॉन्स को सक्रिय करता है, जिससे स्पीड बढ़ती है। पावरइन्फर CPU और NPU पर काम बांटता है, जिससे कम बिजली में अच्छा परफॉर्मेंस मिलता है। यह छोटा डिवाइस GPU जैसी ताकत देता है। ये मॉडल झट से हो जाएंगे इंस्टॉल कंपनी ओपन सोर्स सिस्टम देती है। इसमें लामा, क्वेन, डीपसीक, मिस्ट्रल, फाई जैसे मॉडल एक क्लिक में इंस्टॉल हो जाते हैं। AI एजेंट्स जैसे ओपनमैनस, कॉम्फीUI भी आसानी से सेट होते हैं। नियमित अपडेट मिलते रहेंगे। जनवरी 2026 में CES में इसे दिखाया जाएगा। यह डिवाइस AI को हर किसी के लिए प्राइवेट और पर्सनल बनाता है।

बड़ा डेटा ब्रीच: 63 करोड़ पासवर्ड हुए लीक, एक क्लिक में जानें आपका अकाउंट सेफ है या नहीं

अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने एक बड़े साइबर अपराधी के कई डिवाइसेस से 63 करोड़ से ज्यादा चोरी हुए पासवर्ड बरामद किए हैं। ये पासवर्ड अलग-अलग जगहों से चुराए गए थे, जैसे डार्क वेब की मार्केटप्लेस, टेलीग्राम चैनल और खतरनाक मैलवेयर हमलों से। इतनी बड़ी संख्या में पासवर्ड एक ही हैकर के पास मिलना हैरान करने वाला है। FBI पिछले चार साल से ऐसे चोरी हुए पासवर्ड सुरक्षा विशेषज्ञ ट्रॉय हंट को दे रही है, जो 'हैव आई बीन प्वन्ड' नाम की वेबसाइट चलाते हैं। इस बार की सूची सबसे बड़ी है और ये सभी पासवर्ड अब उस वेबसाइट पर जांच के लिए उपलब्ध हैं। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि उनका पासवर्ड सुरक्षित है या नहीं। ये पासवर्ड कहां से आए? फोर्ब्स की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि 63 करोड़ पासवर्ड पुरानी डेटा चोरी की घटनाओं से आए हैं, लेकिन इनमें से करीब 7.4 प्रतिशत यानी 4.6 करोड़ पासवर्ड पहले कभी उनकी वेबसाइट पर नहीं देखे गए थे। बाकी पासवर्ड पहले से मौजूद थे, लेकिन अब उनकी गिनती बढ़ गई है। इससे साफ है कि साइबर अपराधी एक-दूसरे से डेटा खरीदते-बेचते हैं। ये पासवर्ड इन्फोस्टीलर नाम के मैलवेयर से भी चुराए गए थे, जो कंप्यूटर में घुसकर पासवर्ड चुपके से ले लेता है। कहीं आपका पासवर्ड तो लीक नहीं हुआ? आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपका पासवर्ड इन चोरी हुए पासवर्ड में है या नहीं। ट्रॉय हंट की 'Pwned Passwords' से सर्विस पर जाएं और अपना पासवर्ड डालें। ये पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि आपका पासवर्ड किसी ईमेल या नाम से नहीं जुड़ा होता। पासवर्ड को एक विशेष कोड में बदलकर जांचती है, जिसे SHA-1 हैश कहते हैं। अगर आपका पासवर्ड मिलता है, तो तुरंत उसे बदल दें। ऐसा न करने पर हैकर क्रेडेंशियल स्टफिंग हमले से आपके अकाउंट हैक कर सकते हैं। इसके अलावा, जहां संभव हो वहां पासकी का इस्तेमाल करें और सभी अकाउंट पर टू फेक्टर वाली सुरक्षा चालू करें। ये कदम उठाकर आप खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल क्यों जरूरी है? पासवर्ड मैनेजर एक ऐसा ऐप है जो आपके सभी पासवर्ड को सुरक्षित रखता है और मजबूत पासवर्ड खुद बनाता है। लोग अक्सर कमजोर या एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल करते हैं, जो हैकर के लिए आसान बनाता है। पासवर्ड मैनेजर से आपको सिर्फ एक पासवर्ड याद रखना होता है, बाकी सब वो संभाल लेता है। अगर एक अकाउंट हैक होता है, तो बाकी सुरक्षित रहते हैं। कई बार पासवर्ड मैनेजर कंपनियों में भी चोरी हुई है, लेकिन फिर भी ये सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि कमजोर पासवर्ड से खतरा ज्यादा होता है। गूगल पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल कर सकते हैं अगर आप गूगल का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, तो गूगल पासवर्ड मैनेजर अच्छा है। ये आपके सेव किए पासवर्ड को चेक करता है और बताता है कि कोई पासवर्ड चोरी हुआ है, कमजोर है या कई जगह इस्तेमाल हो रहा है। आईफोन यूजर्स के लिए ऐपल की पासवर्ड ऐप है, जो बिना आपके पासवर्ड ऐपल को बताए चेक करती है कि कोई लीक हुआ है या नहीं। कोई भी भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर चुनें, लेकिन इस्तेमाल जरूर करें। ब्राउजर वाले से अलग ऐप बेहतर होता है।

रूखी और बेजान त्वचा को कहें अलविदा, इन 4 घरेलू फेस स्क्रब से मिलेगा सॉफ्ट-ग्लोइंग स्किन

सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं और सुहावना मौसम लेकर आता है, लेकिन यह त्वचा के लिए कई चुनौतियां भी लाता है। ठंड और शुष्क हवा के कारण त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है, जिसके कारण डेड सेल्स जमा होने लगते हैं। इन डेड सेल्स के कारण त्वचा का रूखापन और बढ़ सकता है। ऐसे में, फेस स्क्रब का इस्तेमाल त्वचा की इन समस्याओं को दूर करने में बेहद कारगर साबित हो सकता है। बाजार में मिलने वाले स्क्रब्स में केमिकल्स हो सकते हैं, जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, प्राकृतिक और होम-मेड फेस स्क्रब्स सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए एक बेहतर विकल्प हैं। आइए जानें ऐसे ही होम-मेड फेस स्क्रब्स के बारे में। दही और ओटमील स्क्रब यह स्क्रब सर्दियों की रूखी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो डेड सेल्स को हटाने और त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करता है। वहीं, ओटमील एक प्राकृतिक एक्सफोलिएंट है, जो त्वचा को कोमलता से साफ करता है। इसे बनाने के लिए दो चम्मच ओटमील को एक चम्मच दही के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथों से 2-3 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मसाज करें और फिर ठंडे पानी से धो लें। यह स्क्रब त्वचा की गंदगी और डेड सेल्स को साफ करके उसे प्राकृतिक चमक देगा। शहद और ब्राउन शुगर स्क्रब शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर और एंटीबैक्टीरियल एजेंट है, जो त्वचा को पोषण देता है और उसे मुलायम बनाता है। ब्राउन शुगर के दाने त्वचा से डेड सेल्स को आसानी से हटाते हैं। इस स्क्रब को तैयार करने के लिए एक चम्मच शहद में एक चम्मच ब्राउन शुगर मिलाएं और इसे चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। 5 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। यह स्क्रब न सिर्फ त्वचा के डेड सेल्स को हटाएगा, बल्कि उसमें नमी बनाए रखने में भी मदद करेगा। केला और दालचीनी स्क्रब केला विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो त्वचा को पोषण देता है और उसे हाइड्रेट रखता है। दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं और डेड सेल्स को हटाने में सहायता करते हैं। आधा केला मैश करके उसमें आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट तक सूखने दें, फिर हल्के हाथों से रगड़ते हुए धो लें। इस स्क्रब के नियमित इस्तेमाल से त्वचा कोमल और चमकदार बनेगी। नारियल तेल और कॉफी स्क्रब नारियल तेल सर्दियों में त्वचा के लिए एक बेहतरीन मॉइस्चराइजर है, जो त्वचा की गहराई से नमी पहुंचाता है। कॉफी में मौजूद कैफीन त्वचा के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और डेड सेल्स को हटाने में मदद करता है। एक चम्मच नारियल तेल में एक चम्मच बारीक पिसी कॉफी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर 5-7 मिनट तक मसाज करें और फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें। यह स्क्रब त्वचा को एक्सफोलिएट करने के साथ-साथ उसे पोषण भी देगा।  

दो दिन की बैटरी लाइफ का वादा! Realme ने उतारे 7000mAh बैटरी वाले 2 स्मार्टफोन

नई दिल्ली Realme Narzo 90 Series के दो स्मार्टफोन Narzo 90x और Narzo 90 भारतीय बाजार में लॉन्च हो गए हैं। फोन्स में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले दिया गया है। इससे यूजर्स को फोन्स के साथ स्मूथ स्क्रॉलिंग और गेमिंग का एक्सपीरियंस मिलेगा। रियलमी के इन दोनों फोन्स में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है। कंपनी ने हैंडसेट्स में 7000mAh की तगड़ी बैटरी दी है। स्मार्टफोन पहली सेल में डिस्काउंट के साथ उपलब्ध होंगे। इनकी कीमत 13,999 रुपये से शुरू है। फोन्स को कई वेरिएंट में लाया गया है। Realme Narzo 90x में मिलती है बड़ी स्क्रीन रियलमी के इस फोन में 6.8 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है। इसका रिफ्रेश रेट 144Hz, पीक ब्राइटनेस 1200 निट्स है। इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर लगा है, जो VC कूलिंग के साथ आता है। VC कूलिंग का मतलब है कि फोन गेमिंग के समय में भी ज्यादा गर्म नहीं होगा। फोन का खास फीचर स्मार्टफोन में 8GB तक की रैम के साथ 10GB तक की डायनामिक रैम भी मिलती है। डायनामिक रैम का मतलब है कि फोन जरूरत पड़ने पर स्टोरेज का कुछ हिस्सा रैम की तरह इस्तेमाल कर सकता है, जिससे परफॉर्मेंस और बेहतर हो जाती है। AI Edit Genie के साथ आया फोन कैमरे की बात करें तो Narzo 90x में 50MP का मेन रियर कैमरा है। इसमें AI एडिट जिनी (AI Edit Genie) जैसा फीचर भी हैं, जो आपकी तस्वीरों को बेहतर बनाने में मदद करता है। फोन में सेल्फी के लिए 8MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन IP69 रेटिंग के साथ आता है। Realme Narzo 90 है पतला और स्टाइलिश Realme Narzo 90 में 6.57 इंच की FHD+ AMOLED स्क्रीन दी गई है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। यह फोन MediaTek Dimensity 6400 Max 5G चिपसेट के साथ आता है। इसमें 6050mm² का बड़ा एयरफ्लो VC कूलिंग सिस्टम दिया गया है। फोन IP65 रेटिंग के साथ आता है। इसकी मोटाई सिर्फ 7.79mm है। फोन में मिलते हैं तीन कैमरे इसमें 50MP का मेन रियर कैमरा और 2MP का सेकेंडरी कैमरा भी लगा है। सेल्फी के लिए इसमें 50MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। यह फोन कई AI फीचर्स के साथ आता है। इसमें AI एडिट जिनी, AI स्नैप मोड, AI लैंडस्केप, AI इरेजर और AI स्मार्ट इमेज मैटिन शामिल हैं। एक चार्ज पर दो दिन चलेगी बैटरी दोनों फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर 2 दिन तक चल सकती है। इनमें 60W की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। साथ ही, Narzo 90x में 6.5W की रिवर्स वायर्ड चार्जिंग के साथ आता है। फोन में सिंगल बॉटम-पोर्टेड स्पीकर है। एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं दोनो फोन्स रियलमी के ये दोनों स्मार्टफोन्स Android 15 पर बेस्ड realme UI 6.0 पर चलते हैं। इसके साथ 3 एंड्रॉइड OS अपडेट और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे। फोन्स के अन्य फीचर्स दोनों स्मार्टफोन्स में कनेक्टिविटी के लिए डुअल 4G VoLTE, Wi-Fi 802.11 ac (2.4GHz + 5GHz), ब्लूटूथ 5.3, GPS, GLONASS, Galileo, QZSS, USB Type-C जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इनमें फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है। Realme Narzo 90x 5G की कीमत फोन के 6GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये है। 8GB + 128 GB वेरिएंट वाले की कीमत 15,499 रुपये है। इस फोन की सेल 23 दिसंबर से शुरू हो जाएगी। Realme Narzo 90 5G की कीमत इस फोन के 6GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपये और 8GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 18,499 रुपये है। यह फोन 24 दिसंबर से खरीदा जा सकेगा। पहली सेल में मिलेगा तगड़ा डिस्काउंट Realme Narzo 90x पर पहली सेल में 2000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिलेगा। वहीं, Realme Nazo 90 पर 1000 रुपये का बैंक डिस्काउंट होगा। दोनों फोन्स को realme.com और अमेजन से खरीद पाएंगे।

अगर रोज चबाएं 4–5 नीम की पत्तियां, तो सेहत में दिखेंगे ये 9 चौंकाने वाले फायदे

सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां चबाना आयुर्वेद में एक बेहद चमत्कारी और नेचुरल उपाय माना गया है। नीम अपने कड़वे स्वाद के लिए मशहूर है, लेकिन इसके औषधीय गुण इतने हैरान करने वाले हैं। यह कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। खासकर जब इसे सुबह खाली पेट खाया जाए। जी हां, खाली पेट नीम की पत्तियां चबाना आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। यह शरीर को अंदर से शुद्ध करता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव करता है। आइए जानते हैं सुबह खाली पेट नीम की पत्तियां चबाने के कुछ चमत्कारी फायदों के बारे में। सुबह के समय खाली पेट नीम की पत्तियां खाने के फायदे     शरीर का नेचुरल डिटॉक्सिफिकेशन- नीम की पत्तियां शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालती हैं। रोज सुबह खाली पेट इन्हें चबाने से खून साफ होता है और स्किन पर नेचुरल ग्लो आता है।     इम्युनिटी को मजबूत बनाना- नीम में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। यह शरीर को इन्फेक्शन और मौसमी बीमारियों से बचाता है।     डायबिटीज कंट्रोल- नीम ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। नियमित रूप से इन्हें खाने से इंसुलिन सेंसटिविटी बढ़ती है और ब्लड शुगर बैलेंस करने में मदद मिलती है।     पाचन शक्ति में सुधार- खाली पेट नीम की पत्तियां खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है।     स्किन संबंधी समस्याओं से बचाव- नीम की पत्तियां खाने से मुंहासे, फोड़े-फुंसी और एक्जिमा जैसी प्रॉब्लम्स को जड़ से ठीक करता है। अंदर से खून साफ होने पर स्किन ग्लोइंग और हेल्दी दिखती है।     ओरल हेल्थ के लिए लाभकारी- नीम की पत्तियों को चबाने से मसूड़े मजबूत होते हैं, बदबू की समस्या खत्म होती है और कैविटी से बचाव होता है।     बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाना- नीम खून को शुद्ध करके बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है। यह डैंड्रफ और हेयर फॉल प्रॉब्लम को भी कम करता है।     वजन कम करने में सहायक- नीम मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे एक्स्ट्रा चर्बी धीरे-धीरे घटने लगती है और वजन कंट्रोल में रहता है।     कैंसर और गंभीर बीमारियों से सुरक्षा- नीम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। यह शरीर में सेल डैमेज को रोककर लंबी उम्र प्रदान करता है।