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सल्फोनिल्यूरिया दवा से डायबिटीज कंट्रोल करने में दिक्कत, नई रिसर्च में आया बड़ा खुलासा

 नई दिल्ली डायबिटीज को शुगर की बीमारी कहा जाता है. इसमें शरीर में शुगर यानी ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है. यह दुनिया के साथ-साथ भारत में भी सबसे तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक है. टाइप 2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर बढ़ जाती है. इंसुलिन अग्न्याशय की बीटा कोशिकाएं बनाती हैं जो ब्लड शुगर कंट्रोल करती हैं. लेकिन हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ बार्सिलोना की रिसर्च में सामने आया है कि टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आमतौर पर जो दवा दी जाती है, वही दवा लंबे समय में टाइप 2 डायबिटीज को और भी बदतर कर सकती है. क्या कहती हैं रिसर्च? Diabetes, Obesity and Metabolism में पब्लिश हुई रिसर्च के मुताबिक, टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में सल्फोनिल्यूरिया कैटेगरी की दवाएं जैसे ग्लिबेनक्लामाइड सालों से उपयोग की जा रही हैं. स्टडी के लीड प्रोफेसर एडुआर्ड मोंटान्या ने समझाया, 'टाइप 2 डायबिटीज में सालों से सल्फोनिल्यूरिया दवाएं दी जाती रही हैं जो बीटा कोशिकाओं को अधिक इंसुलिन रिलीज के लिए स्टिम्युलेट करती हैं.' 'ग्लिबेनक्लामाइड इन्हीं में से एक कॉमन दवा है जो कई देशों में जेनरिक फॉर्म में उपलब्ध है. लेकिन हमारी रिसर्च बताती है कि जब बीटा कोशिकाएं लंबे समय तक ऐसी दवा के संपर्क में रहती हैं तो उनकी सेहत और पहचान दोनों पर नेगेटिव असर पड़ सकता है.' बीटा सेल्स खो रहे हैं अपनी पहचान प्रोफेसर मोंटाण्या के अनुसार, बीटा कोशिकाएं दवाओं के कारण मरती नहीं हैं बल्कि वे अपनी पहचान खो देती हैं. टेस्टिंग में पाया गया है कि ग्लिबेनक्लामाइड के लंबे समय तक प्रयोग से उनकी जीन एक्टिविटी कम हो जाती है जो इंसुलिन प्रोडक्शन के लिए जरूरी होते हैं.' 'रिसर्च में पाया गया कि यह दवाएं कोशिकाओं के भीतर 'एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम' में तनाव पैदा करती है, जिससे उनकी पहचान खत्म होने लगती है.' दवा का असर कम होने की मिली वजह! प्रोफेसर मोंटाण्या ने कहा, 'अक्सर देखा जाता है कि शुरुआत में बेहतर असर दिखाने वाली दवाएं बाद में बेअसर हो जाती हैं और मरीजों को उसके बाद हैवी खुराक या नई दवाएं देनी पड़ती हैं.' 'दरअसल, कोशिकाओं की पहचान खोने से धीरे-धीरे ब्लड शुगर पर कंट्रोल कम होने लगता है जिससे शुगर और बढ़ने लगती है. सेल्स आइडेंटिटी लॉस, सेल डेथ की तरह स्थायी नहीं होती यानी सही ट्रीटमेंट से बीटा कोशिकाओं की पहचान और इंसुलिन बनाने की क्षमता दोबारा लौटाई जा सकती है. दवा की डोज बढा़ने का कारण आया सामने विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना बंद न करें लेकिन यह रिसर्च बताती है कि लंबे समय तक सल्फोनिल्यूरिया इस्तेमाल करने से ब्लड शुगर कंट्रोल धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है. यही वजह है कि कई मरीजों को समय के साथ दवा की खुराक बढ़ानी या दूसरी दवा जोड़नी पड़ती है.

ग्लूकोमा: बिना दर्द के आंखों को बना सकता है अंधा, जानिए किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा

ग्लूकोमा, जिसे आम भाषा में 'काला मोतिया' कहा जाता है, आंखों की एक गंभीर स्थिति है जो ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाती है। इसे अक्सर साइलेंट थीफ कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसके कोई साफ लक्षण नहीं दिखाई देते। इसलिए अगर समय पर इसका पता न चले, तो यह स्थायी अंधापन का कारण बन सकता है। इसलिए इस बारे में लोगों को जानकार बनाने के लिए हर साल जनवरी को Glaucoma Awareness Month की तरह मनाया जाता है। इसलिए हमने डॉ. पवन गुप्ता (सीनियर कैटेरेक्ट एंड रेटिना सर्जन, आई 7 हॉस्पिटल लाजपत नगर एंड विजन आई क्लीनिक नई दिल्ली) से ग्लूकोमा के लक्षण और रिस्क फैक्टर्स के बारे में जानने की कोशिश की। आइए जानें उन्होंने क्या बताया। ग्लूकोमा के लक्षण कैसे होते हैं? ग्लूकोमा की सबसे खतरनाक बात यह है कि ज्यादातर मरीजों को तब तक पता नहीं चलता जब तक कि उनकी दृष्टि काफी हद तक कम न हो जाए। इसके लक्षणों को स्टेज के अनुसार समझा जा सकता है- शुरुआती और मीडियम स्टेज     कोई लक्षण नहीं- शुरुआत में आंखों में न तो दर्द होता है और न ही दृष्टि में कोई अचानक बदलाव आता है।     पेरिफेरल विजन का कम होना- इसमें सबसे पहले पेरिफेरल विजन यानी साइड का दिखना कम होने लगता है। मरीज को सामने की चीजें तो साफ दिखती हैं, लेकिन अगल-बगल का हिस्सा धुंधला या काला दिखाई देने लगता है।     कंट्रास्ट में कमी- रंगों और परछाइयों के बीच अंतर कर पाना मुश्किल होने लगता है।     अंधेरा महसूस होना- मरीज को ऐसा लग सकता है कि उनके आसपास रोशनी कम हो गई है। एक्यूट स्टेज जब आंखों का दबाव बहुत तेजी से बढ़ता है, तो ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं-     आंखों में तेज दर्द और रेडनेस।     सिर में तेज दर्द और जी मिचलाना।     रोशनी के चारों ओर इंद्रधनुष जैसे घेरे दिखाई देना।     दृष्टि का अचानक धुंधला हो जाना। एडवांस्ड स्टेज     अगर इलाज न मिले, तो टनल विजन (सिर्फ सामने का थोड़ा सा हिस्सा दिखना) की स्थिति बन जाती है और फिर आंखों की रोशनी पूरी तरह जा सकती है। ग्लूकोमा के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं? हालांकि, ग्लूकोमा किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है।     पारिवारिक इतिहास- अगर आपके परिवार में किसी को ग्लूकोमा है, तो आपको इसका खतरा काफी बढ़ जाता है।     उम्र- 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है।     आंखों की बीमारियां- हाई मायोपिया वाले लोगों को इसका खतरा रहता है।     मेडिकल कंडीशन- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को नियमित जांच करानी चाहिए।     स्टेरॉयड का इस्तेमाल- लंबे समय तक स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स या दवाओं के इस्तेमाल से आंखों का दबाव बढ़ा सकता है।     चोट या सर्जरी- आंखों में पुरानी चोट या आंखों की बार-बार हुई सर्जरी भी ग्लूकोमा का कारण बन सकती है। बचाव के लिए क्या करें?     ग्लूकोमा से होने वाला नुकसान ठीक नहीं किए जा सकते, यानी जो दृष्टि चली गई उसे वापस नहीं लाया जा सकता। इसलिए, जल्दी पहचान ही एकमात्र बचाव है।     40 की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार आंखों के डॉक्टर से 'प्रेशर चेक' और 'फंडस जांच' जरूर करवाएं।  

Realme Pad 3 और Redmi Pad 2 Pro भारत में लॉन्च, 12000mAh बैटरी के साथ जानें कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली  भारत में पहली बार 12 हजार एमएएच बैटरी वाले 2 टैबलेट लॉन्‍च हुए हैं। खास बात है कि रियलमी और रेडमी ने इन टैबलेट को लॉन्‍च किया है। दोनों कंपनियां एक दूसरे की प्रतिद्वंदी हैं और इन्‍होंने एक ही दिन अपने प्रोडक्‍ट पेश किए हैं। realme Pad3 में 12200mAh बैटरी है, जबकि Redmi Pad 2 Pro में 12000mAh बैटरी दी गई है। रियलमी ने अपने टैब में मीडियाटेक का चिपसेट लगाया है और रेडमी पैड में स्‍नैपड्रैगन प्रोसेसर मिलता है। इनकी कीमतें भी आसपास हैं। आइए दोनों टैबलेट के दाम और इनके फीचर्स को जानते हैं। Redmi Pad 2 Pro की शुरुआती कीमत 22,999 रुपये है। यह इसके 8GB + 128GB स्टोरेज वाले वाईफाई वेरिएंट की है। टॉप वेरिएंट 27,999 रुपये में आया है। ध्यान रखें कि ये कीमतें 2000 रुपये के बैंक डिस्काउंट के साथ हैं। इसकी सेल 12 जनवरी से शुरू हो जाएगी। realme Pad3 की शुरुआती कीमत 24999 रुपये है। यह 8GB+128GB Wifi मॉडल के दाम हैं। इसी रैम और स्‍टोरेज के साथ 5जी मॉडल की कीमत 27999 रुपये है। अगर आप 8 जीबी और 256 जीबी स्‍टोरेज मॉडल लेना चाहते हैं तो वह 5जी कनेक्‍ट‍िविटी में आएगा और कीमत 29999 रुपये है। याद रहे क‍ि यह कीमत 2 हजार रुपये के बैंक ऑफर के साथ है। realme Pad3 फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस realme Pad3 को स्‍टूडेंट्स, प्रोफेशनल्‍स और रोजाना इस्‍तेमाल के लिए तैयार किया गया है। डिजाइन इसकी बड़ी ताकत है। यह कॉम्‍पैक्‍ट होने के साथ-साथ बुक स्‍टाइल डिस्‍प्‍ले ऑफर करता है। दावा है कि यह किसी लैपटॉप की तरह काम करता है और एआई की तरह सोच सकता है। realme Pad3 में 2.8K बुक व्‍यू डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह 11.6 इंच की स्‍क्रीन है। शार्प टेक्‍स्‍ट और क्‍लीयर विजुअल्‍स पेश करती है। टीयूवी रीनलैंड सर्टिफ‍िकेशन डिस्‍प्‍ले को मिला है यानी यह आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली ब्‍लू लाइट का कम उत्‍सर्जन करता है। दावा है कि यह डिस्‍प्‍ले पढ़ाई के साथ-साथ एंटरटेनमेंट में भी जबरदस्‍त रहने वाला है। realme Pad3 में 12200mAh की टाइटन बैटरी लगी है। यह 45W की फास्‍ट चार्जिंग के साथ 10 वॉट की रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इतनी बड़ी बैटरी के बावजूद यह टैब सिर्फ 6.6mm स्‍ल‍िम है और इसका वजन 560 ग्राम है। realme Pad3 में मीडियाटेक डाइमेंस‍िटी 7300 मैक्‍स चिपसेट की ताकत है। क्‍वाड स्‍टीरियो स्‍पीकर्स दिए गए हैं। यह 5जी मोबाइल कनेक्‍ट‍िविटी को सपोर्ट करता है। Redmi Pad 2 Pro फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस Redmi Pad 2 Pro का डिस्‍प्‍ले साइज रियलमी के टैब से अधि‍क है। यह 12.1 इंच डिस्‍प्‍ले के साथ आता है, जो 2.5K रेजॉलूशन ऑफर करता है। डिस्‍प्‍ले में 120 हर्त्‍ज का रिफ्रेश रेट दिया गया है। डॉल्‍बी विजन सपोर्ट है। यह डिस्‍प्‍ले भी टीयूवी रीनलैंड सर्टिफाइड है और 600 निट्स की ब्राइटनैस ऑफर करता है। Redmi Pad 2 Pro में स्‍नैपड्रैगन 7एस जेन 4 चिपसेट की ताकत दी गई है। इस टैब में 12 हजार एमएएच की बैटरी लगी है जो 27 वॉट की रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इस टैब में भी कुल 4 स्‍पीकर्स दिए गए हैं जो डॉल्‍बी एटमॉस साउंड को सपोर्ट करते हैं। यह वाईफाई और 5जी कनेक्‍ट‍िविटी में आता है। दावा है कि इसके 5जी वेरिएंट को सिर्फ इंटरनेट नहीं, बल्कि कॉलिंग के लिए भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है। रेडमी टैब में ढेर सारे एआई फीचर्स लाए गए हैं। कंपनी इस टैब के साथ कीबोर्ड और स्‍टायलस पेन भी लेकर आई है, ज‍िन्‍हें आपको अलग से खरीदना होगा।

सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है खजूर, अगर आप इन 5 में से हैं

खजूर एक ऐसा ड्राई फ्रूट है, जो खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी होता है। खजूर में विटामिन-बी6, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो सेहत को कई लाभ पहुंचाते हैं। इसके नियमित सेवन से इम्यूनिटी बूस्ट हो सकती है। साथ ही, यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने से लेकर हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार होता है। लेकिन इतने फायदों के बावजूद कुछ लोगों को खजूर का सेवन करने से बचना चाहिए। जी हां, कुछ लोगों के लिए खजूर का सेवन नुकसानदायक साबित हो सकता है। जरूरत से ज्यादा खजूर का सेवन करने से शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। तो आइए, डाइट्रीफिट की डायटीशियन अबर्ना माथीवानन से जानते हैं किन लोगों को खजूर का सेवन नहीं चाहिए? किडनी से जुड़ी समस्या से ग्रसित लोग जिन लोगों को किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है, उन्हें खजूर का सेवन करने से बचना चाहिए। दरअसल, इसमें पोटैशियम की अधिक मात्रा पाई जाती है, जो किडनी रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें। मोटापे से जूझ रहे लोग मोटापे से ग्रस्त लोगों को भी खजूर का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, इसमें कैलोरी और शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे आपका वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा, अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपको इसका सेवन करने से बचना चाहिए। कमजोर पाचन वाले लोग पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को भी खजूर का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, इसमें लैक्सेटिव गुण होता है, जो मल त्याग को बढ़ावा देता है। ऐसे में, इसका सेवन करने से डायरिया की समस्या हो सकती है। इसमें ज्यादा फाइबर की मौजूदगी और तासीर गर्म होने के कारण पेट की समस्याएं बढ़ सकती हैं। डायबिटीज के मरीज डायबिटीज के मरीजों को भी खजूर का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, इसमें प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में, इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से आपका ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है। अगर आपको शुगर है, तो खजूर का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। एलर्जी कुछ लोगों को खजूर का सेवन करने से एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसके कारण उन्हें त्वचा पर खुजली, रैशेज, बार-बार छींक आना और आंखों में खुजली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, जिन लोगों को खजूर से एलर्जी है, उन्हें इसका सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

108MP कैमरा से लेकर कर्व्ड AMOLED स्क्रीन तक: भारत में आया Redmi Note 15 5G, जानें कीमत

नई दिल्ली   शाओमी के सब ब्रैंड रेडमी ने अपना नया स्‍मार्टफोन Redmi Note 15 5G भारत में लॉन्‍च कर दिया है। यह खूबसूरत डिजाइन, स्‍ल‍िम बॉडी के साथ आता है। फोन कर्व्‍ड एमोलेड डिस्‍प्‍ले दिया गया है। क्‍वॉलकॉम स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 3 चिपसेट इसमें मिलता है। 5520mAh की बैटरी है, जिसे लेकर दावा है कि यह 5 साल चलने के बाद भी 80% लाइफ साइकल के साथ डटी रहती है। Redmi Note 15 5G में 108 मेगापिक्‍सल का डुअल एआई कैमरा है। दावा है कि इस सेंसर को सैमसंग ने खास शाओमी के लिए बनाया है। फोन में 20 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा मिलता है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस। भारत में प्राइस, उपलब्‍धता Redmi Note 15 5G स्मार्टफोन की कीमत 19,999 रुपये से शुरू है। इसमें 8GB RAM के साथ 128GB स्टोरेज दिया गया है। वहीं, 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 21,999 रुपये है। बता दें कि ये कीमतें बैंक डिस्काउंट के साथ हैं। फोन की सेल 9 जनवरी से शुरू हो जाएगी। फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस Redmi Note 15 5G कंपनी का अबतक का सबसे स्‍ल‍िम और लाइटवेट स्‍मार्टफोन है। यह 7.35mm स्‍लीक है और इसका वजन 178 ग्राम है। Redmi Note 15 5G में 6.77 इंच का कर्व्‍ड एमोलेड डिस्‍प्‍ले है, जो 120 हर्त्‍ज के रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें 3200 निट्स की ब्राइटनैस मिलती है। इन-डिस्‍प्‍ले फ‍िंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा है। यह डिस्‍प्‍ले टीयूवी ट्रिपल सर्टिफाइड है और आंखों को कम नुकसान पहुंचाता है। रेडमी का कहना है कि इस डिस्‍प्‍ले को गीली उंगल‍ियों से भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है। प्रोसेसर, ओएस Redmi Note 15 5G में क्‍वॉलकॉम स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 3 चिपसेट दिया गया है। यह फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्‍ड शाओमी हाइपर 2 ओएस पर रन करता है। कंपनी ने 4 ओएस अपग्रेड और 6 साल के सिक्‍यो‍रिटी अपडेट्स का वादा किया है। फोन में डॉल्‍बी एटमॉस साउंड सपोर्ट, एआई कॉल नॉइस रिडक्‍शन, आईआर रिमोट कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह गूगल के जेमिनी एआई की खूबियों से भी पैक है।  बैटरी, कैमरा Redmi Note 15 5G में 5520mAh की बैटरी दी गई है। यह 45 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कंपनी दावा कर रही है कि 5 साल इस्‍तेमाल किए जाने के बाद भी फोन की बैटरी हेल्‍थ 80 फीसदी बनी रहेगी। रेडमी के इस फोन में 108MP का सैमसंग ISOCELL HM9 कैमरा सेंसर है। यह ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन और 4K वीडियो सपोर्ट के साथ आता है। 20 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा इस डिवाइस में दिया गया है। कंपनी ने बताया है कि 108MP का यह सेंसर किसी और ब्रैंड के स्‍मार्टफोन में नहीं मिलेगा, क्‍योंकि इस सेंसर को शाओमी-रेडमी फोन्‍स के लिए बनाया गया है, जो अच्‍छी क्‍वॉलिटी की फोटो ले सकता है।

LG का नया OLED TV, मोबाइल जितनी पतली थिकनेस और शानदार फीचर्स, CES 2026 में हुआ लॉन्च

 नई दिल्ली  LG ने एक कमाल का OLED TV लॉन्च कर दिया है, जिसको लेकर कंपनी ने दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे स्लिम OLED टीवी है. इसको कंपनी ने कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक शो (CES) 2026 के लिए लॉन्च किया है.  LG के इस मॉडल का नाम LG OLED evo W6 है, इसके लिए कंपनी ने LG के वॉलपेपर डिजाइन का यूज किया है, जिसको सबसे पहले साल 2017 में इंट्रोड्यूस्ड किया था. अब इस टेक्नोलॉजी को ट्रू वायरलेस कनेक्टिविटी के साथ मिलाकर बनाया गया है.  9mm थिकनेस के साथ आता है LG का यह लेटेस्ट टीवी 9mm थिकनेस के साथ आता है, जबकि सैमसंग गैलेक्सी एस 24 एफई की थिकनेस 8mm की है. ऐसे में कहा जा सकता है कि इस टीवी की थिकनेस करीब एक स्मार्टफोन के बराबर है.  पोर्ट्स के लिए अलग से जीरो कनेक्ट बॉक्स मिलेगा LG ने इस टीवी को लेकर एक अन्य दावा यह भी किया है कि यह कंपनी का सबसे एडवांस्ड पिक्चर इनोवेशन है. कंपनी ने इसको वायरलेस बनाने के लिए सभी पोर्ट्स को Zero Connect Box में शिफ्ट कर दिया है, जिसको टीवी से 10 मीटर तक रखा जा सकता है, जिसकी वजह से यह टीवी सभी वायर से दूर रहता है. न्यू डिस्प्ले सिस्टम का यूज किया गया है  LG के इस न्यू टीवी में न्यू डिस्प्ले सिस्टम का यूज किया गया है, जिसको रेडियंट कलर टेक्नोलॉजी का नाम दिया है. यह टेक्नोलॉजी ब्राइटनेस और कलर को बेहतर करती है, जिसकी वजह से रिफ्लेक्शन डाउन होता है.  पुराने OLED मॉडल की तुलना में कई गुना ज्यादा ब्राइट LG ने इसको लेकर एक अन्य दावा किया है कि पुराने OLED मॉडल की तुलना में 3.9 गुना ज्यादा ब्राइट हैं. इसके लिए कंपनी ने Brightness Booster Ultra फीचर का यूज किया है. LG टीवी के स्पेसिफिकेशन्स  LG के इस टीवी में 4K रेजोल्युशन और 165Hz रिफ्रेश रेट्स का सपोर्ट मिलेगा. इसमें 0.1ms पिक्सल रिस्पोंस टाइम मिलता है. इसमें एनवीडिया G-SYNC कंपेटेबिलिटी, AMD FreeSync प्रीमियम और ऑटो लो लेटेंसी का सपोर्ट मिलता है.  LG TV में यूज होने वाला प्रोसेसर  LG के इस लेटेस्ट टीवी में Alpha 11 AI Processor Gen3 प्रोसेसर का यूज किया गया है, जिसके साथ Neural Processing Unit (NPU) दिया है. यह पुराने वर्जन की तुलना में 5.6 गुना ज्यादा पावरफुल वर्जन है. यह टीवी webOS पर काम करता है. हालाकि कीमत को लेकर कोई जानकारी नहीं है.   

बैकफुट पर एलन मस्‍क! भारत सरकार की सख्‍ती के बाद Grok AI के दुरुपयोग पर सख्‍त संदेश

नई दिल्ली एलन मस्‍क के ग्राेक एआई की मदद से लोगों की आपत्त‍िजनक तस्‍वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार के सख्‍त रवैये के बाद मस्‍क भी ऐसे मामलों पर बैकफुट पर द‍िखाई दे रहे हैं। शुरुआत में ऐसी तस्‍वीरों पर मजाक‍िया प्रतिक्र‍िया देने वाले मस्‍क अब कानून की दुहाई दे रहे हैं। उन्‍होंने कहा है कि Grok AI का इस्तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाने वालों को वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने वालों को मिलती है। याद रहे कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म X से 72 घंटों के अंदर पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। क्‍या है पूरा मामला एलन मस्‍क के सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स (X) पर बीते कई दिनों से महिलाओं की अश्‍लील तस्‍वीरें बनाई जा रही थीं। हद तो तब हो गई जब एक यूजर ने एआई की मदद से मस्‍क की बिकनी पहने हुए तस्‍वीर बनाई और उसे पोस्‍ट किया। इस पोस्‍ट पर गंभीरता बरतने के बजाए मस्‍क मजे लेते हुए नजर आए, जिसने कई लोगों को गुस्‍से से भर दिया। पूरे मामले पर राज्‍यसभा सदस्‍य प्रि‍यंका चतुर्वेदी ने भी केंद्रीय मंत्री अश्चिनी वैष्‍णव को चिट्ठी लिखकर एक्‍शन लेने की मांग की थी, जिसके बाद सरकार की तरफ से एक्‍स को नोटिस भेजकर 72 घंटों में जवाब देने काे कहा गया कि कंपनी ने इस मामले में क्‍या कार्रवाई की है। कानूनी कार्रवाई का डर सरकार ने एक्‍स से कहा था कि वह अपने प्‍लेटफॉर्म से सभी आपत्‍त‍िजनक कंटेंट को हटाए। ऐसा नहीं किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, एक्‍स को कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा था। X पर पोस्‍ट हो रहे ऐसे कंटेंट पर एलन मस्‍क ने प्रतिक्र‍िया देते हुए लिखा (ref.) कि जो भी ग्रोक का इस्‍तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाता है उसे वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने पर मिलती है। यह भी कहा गया था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि ग्रोक गलत तस्‍वीरें बना रहा है। यह ऐसा है कि किसी मामले में कुछ बुरा लिखने के लिए पेन को दोषी ठहराया जाए। पेन खुद यह तय नहीं करता कि क्‍या लिखा जाए। ग्रोक भी यही करता है। जो उससे कहा जाता है, वही वो करता है। पहले भी विवादों में रहा है ग्रोक एआई चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी एआई के मुकाबले ग्रोक एआई अपने जवाबों से विवादों में रहा है। प‍िछले साल उसने तमाम नेताओं और मंत्र‍ियों को कोसा था। यहां तक कि उनके लिए गाली और अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल किया था। तब भी ग्रोक एआई को लेकर विवाद हुआ था। अपने विवादित बयानों में Grok, इस्राइल और अमेरिका पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगा चुका है। Grok ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत और एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट्स का हवाला दिया। इसके अलावा Grok ने ट्रंप को इशारों ही इशारों में पीडोफाइल तो नेतन्याहू को वॉर क्रिमिनल बता दिया था।

BlackBerry की तरह डिजाइन और iPhone के फीचर्स, लॉन्च हुआ नया स्मार्टफोन

 नई दिल्ली एक वक्त था जब मार्केट में BlackBerry के स्मार्टफोन्स को बिजनेस क्लास का फोन माना जाता था. कंपनी के एक के बाद एक मॉडल्स हिट हो रहे थे. लोगों की चाहत हुआ करती थी कि एक दिन वे ब्लैकबेरी खरीदेंगे. हालांकि, कंपनी एंड्रॉयड और iPhone के एंट्री के बाद मार्केट से गायब हो गई है.  एक बार फिर BlackBerry जैसा ही एक स्मार्टफोन मार्केट में लॉन्च हुआ है. हम बात कर रहे हैं Clicks Communicator की. Clicks स्मार्टफोन्स के लिए कीबोर्ड केस बनाती है. खासकर ऐपल और फ्लिप फोन्स के लिए कंपनी ने केस बनाया है, जो कीबोर्ड्स के साथ आते हैं. कितनी है कीमत? अब ब्रांड ने अपना पहला स्मार्टफोन लॉन्च किया है, जिसका नाम Communicator है. ये एक कीबोर्ड वाला फोन है, जो किसी समय में काफी पॉपुलर हुआ करते थे. इस फोन को अनवील करते हुए कंपनी एक बार फिर Blackberry वाला दौर वापस लाना चाहती है, लेकिन ये सब एक मॉर्डन ट्विस्ट के साथ आएगा. हालांकि, कंपनी इस फोन को सिर्फ रेगुलर स्मार्टफोन के रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं लाना चाहती है. बल्कि कंपनी का फोकस एक कंपैनियन फोन देना है, जो जरूरी फीचर्स पर फोकस करे. इसमें BlackBerry जैसा डिजाइन और iPhone के एक्शन बटन जैसा फीचर मिलता है. Clicks Communicator को 499 डॉलर (लगभग 45 हजार रुपये) की कीमत पर लॉन्च किया गया है. इस फोन को 199 डॉलर में रिजर्व किया जा सकता है. फोन का अर्ली बर्ड प्राइस 399 डॉलर (लगभग 36 हजार रुपये) है. इस पर उन लोगों को फोन मिलेगा, जिन्हें इसे रिजर्व किया होगा.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Clicks Communicator में बैकलिट, टच सेंसिटिव QWERTY कीबोर्ड मिलता है, जो स्क्रॉलिंग भी सपोर्ट करता है. फोन में USB-C, 3.5mm हेडफोन जैक, MicroSD कार्ड स्लॉट मिलते हैं. इसमें Airplane Mode के लिए एक स्पेशल बटन दी गई है. साथ ही एक प्रोग्रामेबल साइड बटन मिलती है (ये फीचर iPhone के एक्शन बटन जैसा है).  फोन में डुअल सिम सपोर्ट (फिजिकल और eSIM) मिलता है. इसमें 4.03-inch का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. डिवाइस को पावर देने के लिए 4000mAh की बैटरी दी गई है. इसमें 50MP का रियर और 24MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. MediaTek 5G प्रोसेसर के साथ आता है. फोन Android 16 पर काम करता है. इसके कवर को आप बदल सकते हैं.  

iPhone Fold: Apple का पहला फोल्डेबल फोन इस साल लॉन्च, जानें क्या होंगे इसके नए फीचर्स

मुंबई  ऐपल के फोल्डेबल iPhone का इंतजार ऐपल फैंस को काफी समय से है. हालांकि सैमसंग इस स्पेस में नंबर-1 है, लेकिन इस साल इक्वेशन बदल सकता है. वजह ये है कि इसी साल Apple iPhone Fold ला सकता है. कंपनी ने हालांकि फोल्ड को लेकर कोई हिंट नहीं दिया है, लेकिन टिप्सटर और एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इस साल कंपनी अपना पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन लेकर आएगी. 2026 ऐपल की हिस्ट्री का एक बड़ा साल हो सकता है. क्योंकि इस साल ना सिर्फ फोल्डेबल बल्कि कंपनी AI ग्लासेसज भी लॉन्च कर सकती है. Apple के AI ग्लासेज के प्रोटोटाइप पहले भी देखे गए हैं और कुछ लीक्स भी सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक iPhone Fold में 5.25 इंच की कवर स्क्रीन दी जाएगी, जबकि इंटर्नल डिस्प्ले 7.6 इंच की होगी. दोनों ही AMOLED पैनल होंगे. हालांकि ये भी बताया जा रहा है कि फोल्डेबल आईफोन में Face ID नहीं होगा. वजह ये है कि कंपनी इसे पतला बनाना चाहेगी. गौरतलब है कि सैमसंग ने अब तक सबसे पतला फोल्डेबल स्मार्टफोन Galaxy Fold 7 के रूप में लॉन्च किया है. ये फोन अनफोल्ड करने के बाद Apple के सबसे पतले iPhone Air से भी थिन है. इसलिए ऐपल पर एक दबाव ये भी है कि कंपनी पतला फोल्डेबल फोन लेकर आए. इसलिए कंपनी फोल्डेबल फोन को पतला करने के लिए Face ID हटा सकती है. ऑथेन्टिकेशन के लिए इस फोन में टच आईडी देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल अपने फोल्ड के लिए टाइटैनियम और स्टेनलेस स्टील का मिक्स यूज कर सकता है. इस फोन में क्वॉड कैमरा सेटअप देखने को मिल सकता है. प्राइमरी लेंस 48 मेगापिक्सल का हो सकता है और प्राइमरी डिस्प्ले पर अंडर डिस्प्ले कैमरा दिया जाएगा.   

ठंड के मौसम में दिल की सेहत पर मंडराता खतरा, हार्ट अटैक से बचाएंगे ये 5 योगासन

सर्दियों का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। सर्दियों में जुकाम, खांसी, बुखार और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं होना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते यहीं कि सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। जी हां, कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि सर्दी का मौसम दिल की सेहत के लिए काफी कठिन होता है। दरअसल, सर्दियों में तापमान में गिरावट, सर्द हवाएं, नमी और एयर प्रेशर में बदलाव के कारण दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ठंड के मौसम में ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाती हैं, जिससे ब्लड फ्लो कम हो जाता है हार्ट को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऐसे में, बेहद जरूरी है कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए सही कदम उठाएं जाएं। हार्ट अटैक से बचाव के लिए आपको अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिए। इसके अलावा, कुछ योगासन भी हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दिल को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं। ताड़ासन इस योगासन को करने के लिए जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं। इस दौरान अपनी कमर को सीधा रखें और आपके पैर आपस में जुड़े होने चाहिए। अब हाथ जोड़ने की मुद्रा में खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपने हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। अब अपनी एड़ियों पर उठने की कोशिश करें और शरीर का भार अपने निचले हिस्से पर डालें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 10-15 बार दोहराएं। भुजंगासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें। अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं। उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें। अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं। इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं। वीरभद्रासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अब अपने दोनों पैरों 2-3 फीट की दूरी पर रखें। फिर अपने सीधे पैर को आगे लेकर आए और उल्टे पैर को पीछे की ओर स्ट्रेच करें। इस दौरान हाथों को 180 डिग्री पर फैला कर रखें। इस अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें। फिर प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं। अर्ध मत्स्येन्द्रासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें। दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें। बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें। अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें। धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं। इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं। धनुरासन इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को सीधा रखें। अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें। अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं। अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें। अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं। इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।