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गर्मी में बढ़ा किडनी स्टोन का खतरा, डिहाइड्रेशन बन रहा बड़ा कारण

गर्मियों का मौसम आ गया है और देश के कई राज्यों-शहरों का तापमान 40-42 डिग्री से ऊपर जा चुका है. ऐसे में इस मौसम में कई लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं भी होने लगती हैं लेकिन हमेशआ की तरह इस बार भी गर्मी का मौसम आते ही किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामलों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. डॉक्टरों का मानना है कि तापमान में बढ़ोतरी और लाइफस्टाइल की कुछ गलतियां सीधे तौर पर हमारी किडनी पर भारी पड़ रही हैं. दरअसल, जब बाहर का पारा बढ़ता है तो शरीर को ठंडा रखने के लिए हमें सामान्य से कहीं ज्यादा पानी की जरूरत होती है. अगर इसमें चूक हुई तो किडनी में मिनरल्स जमा होने लगते हैं जो बाद में दर्दनाक पथरी का रूप ले लेते हैं. इससे बचने के लिए क्या करें, इस बारे में जानना काफी जरूरी है. पसीना और डिहाइड्रेशन का कनेक्शन हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, तापमान बढ़ने पर शरीर में कैल्शियम का संतुलन बिगड़ता है जिससे स्टोन का रिस्क बढ़ता है इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजनाथ कश्यप के अनुसार, पसीने के माध्यम से शरीर का तरल पदार्थ निकल जाता है, जिससे यूरिन में कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे तत्वों का कंसंट्रेशन बढ़ जाता है. आसान शब्दों में समझें तो गर्मी में किडनी स्टोन होने का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन है. जब हमें बहुत ज्यादा पसीना आता है तो शरीर का पानी कम हो जाता है. ऐसी स्थिति में किडनी कम यूरिन बनाती है जो काफी गाढ़ी होती है. यूरिन में कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे तत्व जब पानी की कमी के कारण बाहर नहीं निकल पाते तो वे आपस में जुड़कर क्रिस्टल बनाने लगते हैं. यही क्रिस्टल धीरे-धीरे बड़े होकर पथरी बन जाते हैं. खान-पान की इन गलतियों से बचें गर्मियों में लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक्स या ज्यादा नमक वाले स्नैक्स अधिक खा लेते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा नमक (सोडियम) यूरिन में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा देता है, जो स्टोन का मुख्य कारण है. इसके अलावा, रेड मीट और ज्यादा शुगर वाली ड्रिंक्स भी इस खतरे को दोगुना कर देती हैं. अगर आप गर्मियों में एक्सरसाइज ज्यादा करते हैं और उस अनुपात में पानी नहीं पीते तो भी रिस्क बढ़ जाता है. बचाव के लिए क्या करें? मेयो क्लिनिक की रिसर्च के मुताबिक, किडनी स्टोन से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप दिन भर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं. नींबू पानी का सेवन भी बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें मौजूद साइट्रेट पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकता है. साथ ही भोजन में नमक की मात्रा कम रखें और ताजी हरी सब्जियों को प्राथमिकता दें. अगर यूरिन का रंग गहरा पीला है, तो समझ लीजिए कि आपके शरीर को तुरंत पानी की जरूरत है.

प्रीपेड बिजली मीटर रिचार्ज के ये जरूरी नियम जान लें, नहीं तो घंटों तक रह सकते हैं बिना बिजली के

 हाल ही में कई राज्यों में बड़ी संख्या में प्रीपेड बिजली मीटर इंस्टॉल किए गए हैं। इनके साथ बड़ी समस्या जो लोगों को आ रही वो ये कि प्रीपेड मीटर का बैलेंस माइनस में जाने से कनेक्शन तुरंत कट जाता है। ऐसे मे अगर मीटर को रिचार्ज करवाते समय सावधानी ना बरती जाए, तो घंटों बिना बिजली के रहना पड़ सकता है। दरअसल प्रीपेड मीटर का बैलेंस माइनस में जाने पर बिजली कट जाए, तो लोग आनन-फानन में किसी भी पेमेंट ऐप से मीटर रिचार्ज करवा लेते हैं। ऐसा करने पर बिजली विभाग के सर्वर पर आपके अकाउंट में राशि तुरंत अपडेट नहीं होती। इसमें कुछ समय लगता है और अगर सर्वर पर लोड अधिक हो, तो समय ज्यादा भी लग सकता है। गौर करने वाली बात है कि बिजली विभाग के सर्वर पर जब तक आपके खाते की राशि अपडेट ना हो, तब तक आपका कनेक्शन शुरू नहीं हो पाता। ऐसे में माइनस में बैलेंस चले जाने की वजह से कनेक्शन कटे, तो रिचार्ज करवाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए? बिजली कट जाए, तो जल्दी कैसे होगी शुरू? प्रीपेड बिजली मीटर का बैलेंस माइनस में जाने की वजह से अगर आपका कनेक्शन कट जाए, तो रिचार्ज किसी थर्ड पार्टी ऐप से ना कराएं। यह बात सही है कि कई पेमेंट ऐप्स पर प्रीपेड मीटर रिचार्ज करने का ऑप्शन मिल जाता है लेकिन थर्ड पार्टी ऐप्स से रिचार्ज कराने पर राशि तुरंत अकाउंट में अपडेट नहीं होती। ऐसे में जरूरी है कि आप रिचार्ज मीटर की ऑफिशियल ऐप या सरकारी वेबसाइट पर जाकर करवाएं। इससे आपका बैलेंस अपडेट होने में समय कम लगता है और आपका कनेक्शन जल्द शुरू कर दिया जाता है। सही राशि चुनना जरूरी कई बार लोग बैलेंस माइनस में जाने पर सिर्फ उतनी अमाउंट का ही रिचार्ज करवाते हैं, जितनी राशि माइनस में गई होती है। ऐसा करना गलत है और इससे आपके मीटर का बैलेंस पॉजिटिव नहीं हो पाता और बिजली शुरू होने में काफी समय लग जाता है। अगर आपके बिजली मीटर का बैलेंस -100 है, तो आपको 100 से ज्यादा रुपये का रिचार्ज कराना चाहिए। इसे आप 125 या 150 रुपये तक रखें ताकि आपका बैलेंस पॉजिटिव हो और बिजली जल्द से जल्द शुरू की जा सके। 1912 पर जानकारी देना ना भूलें कई बार सर्वर पर लोड ज्यादा होने से ऑफिशियल ऐप से भी रिचार्ज कराने पर अमाउंट को खाते में अपडेट होने में समय लग सकता है। इस स्थिति में आप 1912 पर कॉल करके अपने अकाउंट को अपडेट करवा सकते हैं। यह कॉल आपको रजिस्टर्ड नबंर से करना होगा और कॉल पर आपसे आपकी कस्टमर आईडी और रिचार्ज की ट्रांजैक्शन आईडी मांगी जा सकती है। ये तमाम डिटेल्स पास रखकर ही 1912 पर कॉल करें। इन तमाम बातों का ध्यान रखकर आप अपना कनेक्शन तुरंत चालू करवा सकते हैं।  

कूलर चलाने का सही समय: सुबह 5–6 बजे शुरू करें, पूरे दिन घर रहेगा ठंडा और बिजली की होगी बचत

 क्या आप जानते हैं कि कूलर आपका कमरा ही नहीं पूरे घर का ठंडा रख सकता है, अगर उसे सही समय पर चलाया जाए। दरअसल कूलर के काम करने की टेक्नोलॉजी AC से काफी अलग है। एयर कंडीशनर कमरे में मौजूद गर्म हवा को बाहर निकालता है और ठंडा और शुष्क बनाकर कमरे में वापस छोड़ता है। यही वजह है कि AC को किसी भी समय चलाया जाए, वह कमरा ठंडा कर सकता है। वहीं कूलर अलग तरह से काम करता है। वह बाहर की हवा को ठंडा करके कमरे में छोड़ता है। ऐसे में कूलर के लिए ठंडक देने के लिए जरूरी हो जाता है कि उसके आस-पास का माहौल बहुत ज्यादा गर्म ना हो। ऐसे में कूलर को अगर कूलर सही समय पर चलाया जाए, तो वह गर्मी बढ़ने से पहले दीवारों, फर्श और छत को ठंडा कर देता है। ऐसे में दिनभर ठंडा माहौल घर में बना रहेगा। इससे AC चलाने की जरूरत भी कम महसूस होगी और लंबी अवधि में आप पैसों की बचत भी कर पाएंगे। किस समय चलाना चाहिए कूलर? अगर आप चाहते हैं कि आपका कूलर दिनभर घर या कमरे को (जहां तक कूलर की हवा की रेंज है) को ठंडा करे, तो उसे तब चलाएं जब बाहर मौसम गर्म ना हो। इसके लिए आप सुबह 5-6 बजे का समय चुन सकते हैं। इस समय कूलर बाहर से हवा खींचकर उसे काफी ज्यादा ठंडा कर पाएगा क्योंकि बाहर ज्यादा गर्मी नहीं होगी। यह समय कूलर चलाने के लिए बेस्ट समझा जाता है और इसके बाद अगर 9-10 बजे तक कूलर को चलने दिया जाए, तो आपके घर या कमरे का तापमान दिनभर मेंटेन रहने के लिए सेट हो जाता है।(REF.) कूलर की टेक्नोलॉजी का कनेक्शन जैसा कि हमने बताया कूलर बाहर की हवा खींचकर उसे पानी से गुजाकर ठंडा करता है और उस ठंडी हवा को कमरे में छोड़ता है। अगर कूलर को बाहर गर्म हवा मिले, तो पानी से गुजारने के बावजूद वह ठंडी नहीं हो पाती और नतीजतन कूलर ठंडक नहीं दे पाता। यही वजह है कि कूलर उस समय चलाने की सलाह दी जाती है, जब बाहर वातावरण में गर्मी न हो। दिनभर कैसे बनी रहती है ठंडक? दिन के समय में कूलर चलाने की वजह से घर का फर्श, दीवारें और छंत ठंडक अपने भीतर स्टोर कर लेती हैं। इसके बाद जब दिन में तापमान बढ़ता है, तो वे पहले से ठंडी दीवारों और छत को उस तरह से नहीं तपा पाता, जैसे कि साधारण दीवारें या छत तप जाती हैं। इसका नतीजा यह रहता है कि आपका कूलर पूरा दिन घर का तापमान मेंटेन रख पाता है। इसके चलते आपको AC चलाने की जरूरत भी महसूस नहीं होती या 1-2 घंटे AC चलाकर और बाकी समय कूलर के साथ घर को चिल्ड रख सकते हैं। शाम और रात को चलाना कैसा? लोग कूलर को शाम या रात में चलाने की सलाह भी देते हैं और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। हालांकि यह गर्मियों में झुलसने वाले उत्तर भारत के लिए ज्यादा ठीक समय नहीं है। दरअसल उत्तर भारत में तापमान 40-45 या कई बार 50 डिग्री तक भी पहुंचता है। ऐसे में कूलर दिन में ना चलाकर अगर शाम या रात में चलाया जाए, तो वह बुरी तरह से तप चुकी दीवारों और छत को ठंडा नहीं कर पाता। इसका सबसे ज्यादा फायदा तभी मिलता है, जब आप सुबह से ही दीवारों और छत का तापमान ठंडा कर लें। वहीं जहां गर्मी का ऐसा प्रकोप नहीं पड़ता, उनके लिए शाम या रात में कूलर चलाना भी अच्छा रहता है।  

इन 7 फलों से बनाएं नेचुरल फेस पैक, चेहरा रहेगा फ्रेश और हेल्दी

 गर्मी के मौसम में तेज धूप और गर्म हवाएं चेहरे को नुकसान पहुंचाती हैं. डिहाइड्रेशन की वजह से स्किन ड्राई, बेजान और रफ दिखने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने चेहरे का खास ख्याल रखें. इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय आप घर में मौजूद मौसमी फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपकी स्किन को नेचुरल तरीके से हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करते हैं. पपीता पपीते में मौजूद एंजाइम्स स्किन को एक्सफोलिएट करते हैं और कोलेजन बढ़ाने में मदद करते हैं. पपीते को मैश करके चेहरे पर लगाएं, इससे चेहरा सॉफ्ट और ग्लोइंग बनेगा. स्ट्रॉबेरी स्ट्रॉबेरी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो किल-मुहांसों को कम करने में मदद करते हैं. इसे मैश करके शहद के साथ मिलाएं और फेस पैक की तरह लगाएं. तरबूज तरबूज त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है. इसके गूदे को सीधे चेहरे पर लगाएं या टोनर की तरह इस्तेमाल करें. ब्लूबेरी ब्लूबेरी स्किन को डैमेज से बचाती है और चमक बढ़ाती है. इसे दही के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से बेहतर रिजल्ट मिलते हैं. अनानास अनानास डार्क स्पॉट्स को कम करने में मदद करता है. इसका रस निकालकर पिंपल या दाग वाली जगह पर लगाएं. कीवी कीवी स्किन को सॉफ्ट बनाती है और एजिंग के लक्षण कम करती है. इसे मैश करके नारियल तेल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं. आम आम त्वचा को मॉइश्चराइज करता है और एक्ने को कम करने में मदद करता है. इसे मैश कर फेस मास्क की तरह इस्तेमाल करें. इन आसान घरेलू उपायों को अपनाकर आप गर्मियों में अपनी चेहरे को हेल्दी, फ्रेश और ग्लोइंग बनाए रख सकते हैं.  

आम से बनाएं असरदार फेस पैक, स्किन बनेगी मुलायम और चमकदार

 गर्मियों के मौसम में सिर्फ लू और कब्ज जैसी दिक्कतें ही परेशान नहीं करती हैं, बल्कि इस मौमस में चेहरा भी मुरझा जाता है. यह मौसम अपने साथ धूप, पसीना और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां लेकर आता है. तेज धूप की वजह से चेहरा बेजान दिखने लगता है, स्किन टैन हो जाती है और उसका नेचुरल ग्लो कहीं खो जाता है. इन सबकी वजह से लोग फिर बाजार में मिलनेव वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदार साबित होते हैं. अगर आप इस गर्मी अपनी स्किन को ठंडक, पोषण और नेचुरल चमक देना चाहती हैं, तो आम आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आम सिर्फ फलों का राजा नहीं है, बल्कि इसमें कुछ ऐसे पोषण तत्व मौजूद होते हैं जो आपकी स्किन की खोई हुई चमक वापस लाने में मदद कर सकते हैं. इसलिए गर्मी के दिनों में आप आम से बना फेस पैक ट्राई कर सकते हैं. स्किन के लिए वरदान है आम आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन यह सिर्फ स्वाद के लिए ही मशहूर नहीं है. इसमें विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्किन को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं. आम त्वचा को हाइड्रेट करता है, डेड स्किन हटाने में कारगार है और चेहरे पर एक प्राकृतिक निखार लाता है. गर्मियों में आम आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए इसे ब्यूटी रूटीन में शामिल करना काफी आसान होता है. ड्राई स्किन वाले ऐसे बनाएं मैंगो फेस पैक     अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो पके हुए आम का दो चम्मच गूदा लें.     उसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच दही मिलाकर अच्छी तरह पेस्ट तैयार करें.     इस फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें.     बाद में ठंडे पानी से धो लें. इससे त्वचा को गहराई से नमी मिलेगी और चेहरा मुलायम बनेगा. ऑयली स्किन वाले ऐसे करें इस्तेमाल     जिन लोगों की स्किन ऑयली होती है वो आम का गूदा, एक चम्मच बेसन और थोड़ा गुलाबजल मिलाकर पैक तैयार करें.     यह उनके फेस के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करेगा और स्किन को फ्रेशनेस देगा.     चेहरे पर टैनिंग हो गई है, तो आम के गूदे में थोड़ा नींबू रस और दही मिलाकर लगाएं.     नींबू, आम और दही के मिक्सर से स्किन टोन को बेहतर बनाने में मदद करेगा. फेस पैक के बाद लगाएं ये चीजें फेस पैक लगाने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. पैक हटाने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं. यदि आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट करना न भूलें.

मोबाइल बंद करें, दिमाग को राहत दें: टेंशन कम, मेमोरी बढ़े

 नई दिल्ली आज की भागती-दौड़ती दुनिया में हमारा दिमाग हर समय फोन, टीवी, कंप्यूटर और आसपास के शोर से भरा रहता है. लेकिन वैज्ञानिकों ने अब एक बहुत सरल और मुफ्त तरीका खोज निकाला है जो दिमाग को नया जीवन दे सकता है. बस डिवाइस बंद कर दो और दो घंटे पूरी तरह शांति में बैठ जाओ।  न्यूरोसाइंटिस्ट्स कहते हैं कि पूरी शांति दिमाग की सेल्स को रिजनरेट करती है. यह प्रोसेस दिमाग को इतना मजबूत बनाती है कि याद्दाश्त बेहतर होती है. रोजमर्रा की भावनाएं भी संतुलित रहती हैं. आधुनिक जीवन में हर समय डिजिटल चैटर और शोर रहता है. इससे हमारा नर्वस सिस्टम थक जाता है क्योंकि दिमाग लगातार सेंसरी इनफॉर्मेशन प्रोसेस करता रहता है।  लेकिन जब हम डिवाइस बंद करके पूरी तरह शांति चुनते हैं तो दिमाग को आराम मिलता है. शांति में शरीर की सारी ऊर्जा दिमाग के अंदर हिप्पोकैंपस नाम के हिस्से की तरफ जाती है. हिप्पोकैंपस वह जगह है जहां नई ब्रेन सेल्स बनती हैं. शांति इन नई सेल्स को पोषण देती है ताकि वे जीवित रहें और पुराने नर्व नेटवर्क में जुड़ जाएं।  ड्यूक यूनिवर्सिटी का रिसर्च क्या कहता है? ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने हाल ही में एक बड़ा अध्ययन किया. उन्होंने पाया कि रोजाना सिर्फ दो घंटे की पूरी शांति दिमाग में गहरे बदलाव लाती है. इस दौरान दिमाग अपनी सारी ऊर्जा हिप्पोकैंपस में लगाता है. वहां तेजी से नई ब्रेन सेल्स बनने लगते हैं. शोर की वजह से ये नई सेल्स मर जाती हैं लेकिन शांति में वे सुरक्षित रहती हैं।  दिमाग का हिस्सा बन जाती हैं. यह प्रोसेस न्यूरोजेनेसिस कहलाता है. न्यूरोजेनेसिस लंबी याद्दाश्त को मजबूत करता है और रोज की भावनाओं को नियंत्रित रखता है।  जब हम बैकग्राउंड म्यूजिक या नॉइज सुनते रहते हैं तो दिमाग को सिर्फ टेम्पररी उत्तेजना मिलती है लेकिन असली फायदा नहीं होता. शांति इन नई ब्रेन सेल्स को बचाती है. उन्हें स्थाई रूप से जोड़ती है. इससे दिमाग में सेलुलर डैमेज की मरम्मत होती है. शांति एक नेचुरल रीसेट बटन की तरह काम करती है. इससे कॉग्निटिव हेल्थ यानी सोचने-समझने की क्षमता सुधरती है. मानसिक ताकत बढ़ती है।  कैसे अपनाएं पूरी शांति का तरीका? यह तरीका बहुत आसान है. रोजाना दो घंटे फोन, टीवी और कंप्यूटर बंद रखो. कमरे में अकेले बैठो जहां कोई आवाज न हो. शुरू में थोड़ा मुश्किल लग सकता है लेकिन धीरे-धीरे दिमाग खुद शांति का आदी हो जाएगा. इससे दिमाग की सेल्स रिजनरेट होंगी, मेमोरी बढे़गी और रोजमर्रा का तनाव कम होगा।  वैज्ञानिक कहते हैं कि यह छोटा बदलाव लंबे समय तक दिमाग को स्वस्थ और मजबूत रख सकता है. आजकल हर कोई व्यस्त है लेकिन शांति का यह साधारण तरीका बिना किसी खर्च के दिमाग को नया जीवन दे सकता है।  न्यूरोसाइंटिस्ट्स का मानना है कि शांति सिर्फ आराम नहीं बल्कि दिमाग की बायोलॉजिकल मरम्मत है. अगर हम इसे अपनी आदत बना लें तो हमारा दिमाग ज्यादा स्वस्थ, ज्यादा याद रखने वाला और ज्यादा खुश रहेगा। 

iPhone 18 Pro में होगा शानदार कैमरा अपग्रेड, नए फीचर्स से आएगा बड़ा बदलाव

मुंबई  Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी।   कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी।  स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है।  ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा।  वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा?  कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है।  यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है।  क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा  iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं।  ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी।   

डेंगू और मलेरिया में क्या फर्क है? जानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

 गर्मी और बारिश का मौसम आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इनमें डेंगू और मलेरिया सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. अक्सर लोगों को तेज बुखार, शरीर दर्द या कमजोरी होने पर यह समझ नहीं आता कि यह आम बुखार है या फिर डेंगू या मलेरिया. शुरुआत में डेंगू और मलेरिया के लक्षण काफी हद तक एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन असल में इनके कारण, फैलने का तरीका और इलाज अलग होता है. समय पर सही पहचान न हो तो दोनों ही बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं, इसलिए इनके बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है. डेंगू और मलेरिया में क्या है अंतर डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके पीछे का कारण अलग होता है. मलेरिया एक परजीवी (Plasmodium parasite) के कारण होता है, जबकि डेंगू एक वायरस से फैलता है. मच्छरों की बात करें तो मलेरिया मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर रात में एक्टिव होता है. वहीं डेंगू एडीस (Aedes aegypti) मच्छर से फैलता है, जो दिन के समय काटता है. यही वजह है कि दोनों बीमारियों से बचाव के तरीके भी अलग-अलग समय पर ध्यान देने की मांग करते हैं. लक्षण और इलाज में क्या फर्क डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में कुछ समानता जरूर होती है, लेकिन इनके पैटर्न अलग होते हैं. मलेरिया में ठंड लगना, कंपकंपी के साथ बुखार आना और पसीना आना आम लक्षण हैं. यह बुखार एक निश्चित अंतराल पर बार-बार आ सकता है. वहीं डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द और स्किन पर रैश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इलाज की बात करें तो मलेरिया के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में मौजूद परजीवी को खत्म करती हैं. दूसरी तरफ डेंगू का कोई खास एंटीवायरल इलाज नहीं होता, इसमें मरीज को आराम, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है, ताकि शरीर खुद वायरस से लड़ सके. डेंगू और मलेरिया दोनों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह होता है. दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव करना जरूरी है, इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल भी काफी मददगार होता है. अगर बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके. डेंगू और मलेरिया दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इनसे बचा जा सकता है. याद रखें, हर बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और सही इलाज ही इन बीमारियों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है.

गर्मी से राहत,घर पर बनाएं ठंडा और हेल्दी जलजीरा ड्रिंक

 गर्मी के मौसम में जब धूप सिर चढ़कर बोलती है और लू के थपेड़े लगते हैं तो पूरे शरीर की एनर्जी डाउन हो जाती है. तेज धूप और लू की वजह से शरीर में थकान महसूस होने लगती है और उस समय बस कुछ ठंडा-ठंडा पीने का दिल करता है और ऐसे में बाजार की कोल्ड ड्रिंक्स लोग पीते हैं जो उनकी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है क्योंकि उसमें अधिक मात्रा में शुगर होती है. अगर आप भी गर्मियों के दिनों में कुछ हेल्दी और टेस्टी पीना चाहते हैं तो आप घर पर जलजीरा बना सकते हैं. तेज धूप के बाद एक गिलास ठंडा-ठंडा जलजीरा राहत देने का काम करता है. बाजार में मिलने वाला जलजीरा भले ही अच्छा लगे, लेकिन घर पर बना ताजा जलजीरा ज्यादा हेल्दी, टेस्टी और हाइजीनिक होता है. खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है. जलजीरा पीने के फायदे जलजीरा सिर्फ एक टेस्टी ड्रिंक नहीं, बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला सदियों-पुरानी ड्रिंक है.  इसमें इस्तेमाल होने वाला जीरा डाइजेशन को बेहतर बनाता है, वहीं पुदीना और धनिया शरीर को ताजगी देते हैं. काला नमक और अमचूर इसका टेस्ट बढ़ाने के साथ-साथ पेट को भी आराम पहुंचाते हैं और इस वजह से जलजीरा पीने से पेट की सभी दिक्कतों से आराम मिलता है. शेफ संजीव कपूर के स्टाइल में बनाएं जलजीरा शेफ संजीव कपूर ने घर पर जलजीरा बनाने की रेसिपी शेयर की थी, जो बेहद आसान है और उसे आप भी ट्राई कर सकते हैं. स्टेप बॉय स्टेप ऐसे बनाएं जलजीरा     जब जीरे से खुशबू आने लगे, तो उसे ठंडा करके मिक्सर में पीस लें.     अब इसमें काला नमक, थोड़ा सा अमचूर पाउडर, एक मुट्ठी पुदीना की पत्तियां डालें.     जार में ही थोड़ा धनिया, दो से तीन हरी मिर्च, और दो बड़े चम्मच नींबू का रस भी मिलाएं.     अब इन सभी चीजों में थोड़ा पानी मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.     एक बड़े जग या ग्लास में बर्फ के टुकड़े और तैयार पेस्ट डालें और ऊपर से ठंडा पानी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें.     अगर चाहें तो इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, चाट मसाला या बूंदी भी डाल सकते हैं. इससे इसका जलजीरा का टेस्ट और भी बढ़ जाएगा. घर पर बना जलजीरा न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है. बाहर से महंगे ड्रिंक्स खरीदने के बजाय अगर आप यह देसी ड्रिंक घर पर बनाएंगे, तो पूरा परिवार इसे पसंद करेगा. वो आप से इसे बार-बार बनाने की जिद्द भी करेंगे.

iPhone 18 Pro में बड़ा कैमरा अपग्रेड,मिलेगा वेरिएबल अपर्चर फीचर

Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी.    कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी. स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है. ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा. वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा? कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है. यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है. क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं. ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी.