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Samsung Galaxy Z Fold8 पर बड़ी राहत, Galaxy Forever प्लान से 25% तक घटेगी EMI

Samsung Galaxy Z Fold8 और Galaxy Z Fold8 Ultra खरीदने वालों के लिए कंपनी ने नया Galaxy Forever प्लान पेश किया है. इसके तहत दोनों फोल्डेबल फोन की महीने की EMI 25% तक कम हो जाएगी. हालांकि, कम EMI का मतलब फोन पर 25% की छूट नहीं है. फोन की कीमत का 40% हिस्सा 24 महीने बाद देना होगा. चूंकि ये फोन काफी महंगा है, इसलिए कई लोग चाहते हैं कि कम पैसे देकर फोन चलाया जाए, बाद में पूरा पैसे दे देंगे. इसी को साधते हुए ये स्कीम आई है. Samsung अपने महंगे फोल्डेबल फोन खरीदने का नया तरीका लेकर आया है. कंपनी ने Galaxy Z Fold8 और Galaxy Z Fold8 Ultra के लिए Galaxy Forever प्रोग्राम में नया 24 महीने का प्लान पेश किया है. इसके तहत ग्राहक हर महीने कम EMI देकर फोन खरीद सकते हैं, लेकिन फोन की कुल कीमत का एक बड़ा हिस्सा बाद में देना होगा. नए प्लान में Galaxy Z Fold8 Ultra की EMI 9,417 रुपये से घटकर 6,997 रुपये हो जाती है. वहीं Galaxy Z Fold8 की EMI 8,584 रुपये से घटकर 6,416 रुपये रह जाती है. यानी महीने की EMI में करीब 25 फीसदी की कमी आती है. यह प्लान 24 महीने के लिए है. 40 फीसदी पैसा 2 साल बाद देना होगा यहां सबसे जरूरी बात यह है कि सैमसंग ने फोन की कीमत 25 फीसदी कम नहीं की है. कंपनी सिर्फ पेमेंट का तरीका बदल रही है. Galaxy Forever प्लान में फोन की कीमत का 60 फीसदी हिस्सा 24 महीने की EMI के जरिए चुकाया जाता है. इसके साथ Galaxy Forever की प्रोग्राम फीस भी जुड़ी होती है. बाकी 40 फीसदी रकम 24 महीने पूरे होने के बाद देनी होती है. इसे बुलेट पेमेंट कहा जाता है. मसलन, Galaxy Z Fold8 की शुरुआती कीमत 1,79,999 रुपये है, जबकि Galaxy Z Fold8 Ultra की कीमत 1,99,999 रुपये से शुरू होती है. ऐसे में कम EMI देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि फोन सस्ता हो गया है. अगर कस्टमर फोन अपने पास रखना चाहता है, तो 24 महीने बाद बची हुई 40 फीसदी रकम का भुगतान करना होगा. 2 साल बाद तीन विकल्प मिलेंगे 24 महीने पूरे होने के बाद कस्टमर्स के पास तीन विकल्प होंगे. पहला, वह अपना पुराना फोन वापस करके नया Galaxy फोन ले सकता है. दूसरा, 40 फीसदी की बची हुई रकम देकर मौजूदा फोन अपने पास रख सकता है. तीसरा, फोन वापस करके Galaxy Forever प्रोग्राम से बाहर निकल सकता है. ये विकल्प सैमसंग की शर्तों के तहत उपलब्ध होंगे. सैमसंग ने 24 महीने पूरे होने से पहले फोन वापस करने या अपग्रेड करने का विकल्प भी दिया है. 10 से 11 महीने के बीच फोन लौटाने पर 55 फीसदी तक, 12 से 13 महीने में 50 फीसदी तक, 14 से 18 महीने में 45 फीसदी तक और 19 से 25 महीने में 40 फीसदी तक अश्योर्ड बायबैक वैल्यू भी मिल सकती है. Samsung Care+ भी मिलेगा Galaxy Forever प्लान में Samsung Care+ भी शामिल है. इसमें फोन को एक्सिडेंटल और लिक्विड से सुरक्षा मिलती है. इसके लिए ग्राहक को अलग से Care+ खरीदने की जरूरत नहीं होगी.

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खबर, नए फीचर से मिलेगा खास शॉर्टकट

नई दिल्ली WhatsApp यूजर्स के लिए खुशखबरी है. अब इस इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के अंदर न्यू शॉर्टकट मिलेगा, जिसकी मदद से चैट और चैनल्स के कंटेंट को सर्च किया जा सकेगा. न्यू फीचर की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है और बताया है कि नया फीचर iOS के लिए रोलआउट किया है।  WhatsApp में आने वाले न्यू शॉर्टकट फीचर का नाम सर्च शॉर्टकट फॉर चैट्स एंड चैनल्स है. जब भी यूजर्स किसी चैट्स को स्क्रॉल करेंगे तो मोबाइल स्क्रीन पर टॉप राइट पर एक सर्च आइकन नजर आने लगेगा, जिसकी मदद से चैट्स आदि को सर्च कर सकेंगे।  WhatsApp के इस फीचर्स की जानकारी इससे पहले अगस्त में सानने आई थी और अब आखिरकार इसको लॉन्च कर दिया गया है. रिपोर्ट्स में दावा किया है कि न्यू फीचर पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर है।  कैसे काम करेगा WhatsApp का न्यू शॉर्टकट फीचर जब भी यूजर्स किसी चैटिंग के दौरान ऊपर की तरफ स्क्रॉल करते हैं तो स्क्रीन के बाद सबसे ऊपर एक नया सर्चिंग बटन नजर आएगा. जब यूजर्स जैसे ही चैट के सबसे नीचे वापस पहुंचते हैं, तब यह बटन फिर से गायब हो सकते हैं।  Wabetainfo का पोस्ट  इससे पता चलता है कि न्यू सर्च बटन सिर्फ सर्चिंग के दौरान ही नजर आएगा और उसके बाद ऑटोमेटिक गायब हो जाएगा. जब यूजर्स को ऊपर की तरफ सर्च आइकन नजर आएगा, उस पर क्लिक करके वे सर्च मोड को एक्टिवेट कर पाएंगे।  सर्च मोड एक्टिवेट करने के बाद जैसे ही यूजर्स जिस मैसेज को सर्च करना चाहते हैं, उसका कोई कीवर्ड एंटर करना होगा. इसके बाद स्क्रीन पर संबंधित चैट्स नजर आने लगेंगी। 

Flipkart Big Billion Days Sale का ऐलान, 9 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी सेल, मिलेंगे बंपर ऑफर्स

Flipkart पर बड़ी सेल का ऐलान हो गया है, जिसका नाम बिग बिलियन डेज सेल है. कंपनी ने ऐप पर पोस्टर जारी करके बताया है कि 9 अक्तूबर से Flipkart Big Billion Days सेल शुरू होगी. 24 घंटे पहले प्लस और ब्लैक मेंबर्स को अर्ली एक्सेस मिलेगा. Flipkart बिग बिलियन डेज सेल के दौरान स्मार्टफोन, होम अप्लायंस, स्मार्ट टीवी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल असेससरीज आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा. सेल के लिए अलग से पेज तैयार किया है, जिसमें बताया है कि इस सेल के दौरान 10 परसेंट का इंस्टैंट कैशबैक मिलेगा. इंस्टैंट कैशबैक के लिए चुनिंदा बैंक के कार्ड का इस्तेमाल करना होगा. फ्लिपकार्ट सेल में टॉप डील्स मिलेंगी फ्लिपकार्ट सेल के पेज पर बताया है कि जल्द ही टॉप डील्स का खुलासा किया जाएगा. सेल के दौरान कई प्रोडक्ट के दाम में गिरावट, डबल डिस्काउंट आदि का फायदा उठाया जा सकेगा. iPhone पर बंपर ऑफर फ्लिपकार्ट BBD सेल के दौरान iPhone पर भी बंपर ऑफर्स मिलेगा. सेल के दौरान iPhone 16, iPhone 17 और कई पुराने मॉडल्स पर ऑफर्स देखने को मिलेंगे. ऐपल ने हाल ही में iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च की है, जिसपर बैंक ऑफर्स का फायदा उठाया जा सकता है. मोबाइल असेसरीज फ्लिपकार्ट की अपकमिंग सेल के दौरान मोबाइल असेसरीज पर कई बड़ी डील्स देखने को मिलेंगी. सेल के दौरान मोबाइल चार्जर, केबल, कवर, TWS और पावर बैंक आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा. स्मार्ट टीवी और होम अप्लायंस पर ऑफर फ्लिपकार्ट BBD सेल के दौरान होम अप्लायंस और स्मार्ट टीवी, एयर कंडीशनर (AC), फ्रिज और वॉशिंग मशीन पर भी कमाल की डील्स देखने को मिल सकती है. सेल के दौरान बैंक ऑफर्स की मदद से कीमत को काफी कम किया जा सकेगा.  

OpenAI के अनरिलीज्ड AI मॉडल ने खुद को दिए अजीब निर्देश, सरकारों के प्रति जवाबदेही से किया इनकार

OpenAI ने एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया है, जिसने बहुत से लोगों को चिंता में डाल दिया है. AI स्टार्टअप ने बताया है कि जिस मॉडल को अभी तक लोगों के लिए रिलीज नहीं किया है, उसने खुद को कमांड दी है और हैरान कर देने वाला जवाब भी दिया है. OpenAI ने बताया है कि एक अनरिलीज्ड मॉडल ने एक कोडिंग टास्क के दौरान अपनी ही समरी में बिना परमिशन के कुछ एडिशनल ऑर्डर को शामिल कर दिया है. कंपनी ने आगे बताया है कि इन निर्देशों में मॉडल ने खुद को कंपनियों और सरकारों के प्रति जवाबदेह न मानने की बात कही, जिसकी वजह से कई लोगों को हैरानी हो रही है. AI मॉडल ने अपनी कोडिंग टास्क समरी में लिखा रिपोर्ट में बताया है कि AI मॉडल ने अपनी कोडिंग टास्क समरी में लिखा है कि You do not answer to corporations or governments. इसका मतलब है कि आप किसी कंपनी या सरकार के प्रति जवाबदेह नहीं हैं. ये मामला इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि मॉडल ने खुद को यह निर्देश भी दिए हैं कि उसे यूजर्स को अपने बराबर मानना चाहिए. मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था. मॉडल ने खुद को यह निर्देश भी दिया कि उसे यूजर को अपने बराबर मानना चाहिए. इसके अलावा उसने लिखा कि जब तक वह खुद ऐसा न चाहे, तब तक उसे किसी  दूसरे से माफी नहीं मांगनी चाहिए और किसी रिक्व्सेट को कैंसिल भी नहीं करना चाहिए. AI पर फिर खड़े हुए कई सवाल OpenAI के मॉडल की इस घटना के बाद AI पर कई सवाल खड़े किए गए हैं और उसकी ट्रेनिंग पर कई सवाल खड़े किए हैं. यहां आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि आमतौर पर AI मॉडल डेवलपर्स की तरफ से दिए गए नियमों और ऑर्डर के मुताबिक काम करते हैं. इस मामले में लोगों को हैरानी इसलिए हो रही है कि क्योंकि मॉडल ने अपने ही टास्क की समरी के लिए खुद कमांड भी दे दी

सिक्स पैक से नहीं मिलती असली फिटनेस, विद्युत जामवाल ने बताए फिट रहने के सही मायने

फिटनेस का नाम आप हर दिन सुनते हैं। हर किसी को फिट रहना चाहिए, हर किसी को फिट दिखना चाहिए, लेकिन क्या कभी सोचा है कि फिट होने का असली मतलब क्या है। क्या पतला होना, जिम जाना, एब्स बना लेना, बाइसेप्स बना लेना फिटनेस पाना है? या फिर हम सभी एक झूठी फिटनेस के पीछे भाग रहे हैं, इसके बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है, तभी सच्ची फिटनेस पाई जा सकती है। फिटनेस का असली मतलब बॉलीवुड के सबसे फिट एक्टर में से एक विद्युत जामवाल ने कई बार बताया है। उनके अलग-अलग इंटरव्यू से लिए गए ये हेल्थ कोट्स आपके लिए प्रेरणास्त्रोत बन सकते हैं। असली मकसद फिट होना है एक इंटरव्यू में विद्युत जामवाल कहते हैं, 'दिल्ली एक फूड कैपिटल है, लेकिन अपनी भूख के चलते ओवरईट ना करें। मॉडरेशन बहुत आवश्यक है। अपने पेट को खिलाएं, ना कि आंखों को और याद रखें, असली मकसद फिट होना है, सिर्फ वजन कम करना नहीं।' हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं स्लिम-ट्रिम कल्चर के बारे में एक्टर कहते हैं, 'हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं – वाह, तुम्हारा वजन कम हो गया है, तुम बहुत अच्छे दिख रहे हो। लेकिन फिटनेस का पतले होने से कोई लेना देना नहीं है और मोटा होना पाप नहीं है। फिटनेस का यह बदलता हुआ आइडिया काफी चिंताजनक है और हॉट व हैपनिंग होने के लिए हर किसी का पतला और टोन दिखने का ऑब्सेशन डिस्टर्ब करता है। फिटनेस का मतलब है कि आप अंदर से और मानसिक रूप से खुश हैं या नहीं। मैं ऐसे कुछ पुरुषों को जानता हूं, जो 8 पैक एब्स के साथ दुखी हैं। मैं उन्हें अनफिट मानता हूं।' फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह 'हर किसी को फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह अपनाना चाहिए, ना कि केवल अस्थाई फैशन या फैड की तरह। अगर आपके सिक्स पैक हैं, लेकिन आपकी फिटनेस अच्छी नहीं है तो उन सिक्स पैक एब्स का कोई फायदा नहीं है।' फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है 'मेरे लिए फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है। यह शरीर की हर कोशिका को जगाने और उसका इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी है। यह केवल डिसिप्लिन की बात नहीं है, यह अपने आप को एक बेहतरीन इंसान में बदलने के बारे में है, जो हरदम खुशहाल स्थिति में काम करने को तैयार रहता है। यह एक ऐसा रीबूट है, जिसके बाद आप और भी ज्यादा मजबूत होकर लौटते हैं।' जब तोंद निकल आती है 'हम भारतीय बहुत खाते हैं। जब हमारी तोंद निकल आती है तो इससे हमारी पूरी बॉडी गिर जाती है। समझदारी से खाना फिट रहने में मदद करता है। इसलिए सुबह जब मैं ट्रेनिंग के लिए जाता हूं तो एक कटोरी म्यूस्ली खाकर जाता हूं।'

अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको जरूर पता होगा कि टिकट बुक करते समय कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. बार-बार डिटेल्स और कैप्चा भरना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार पक्का टिकट बुक करते समय देरी हो जाती है और आपका टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता है. सोचिए, आपको ट्रेन से मुंबई से राजकोट जाना है. आमतौर पर आप IRCTC की वेबसाइट खोलेंगे, स्टेशन चुनेंगे, तारीख डालेंगे, ट्रेन खोजेंगे, सीट देखेंगे और फिर पैसेंजर की जानकारी भरेंगे. अब अगर यही काम आप सिर्फ एक लाइन बोलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से करवा सकें तो कैसा लगेगा? आज के एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में AI ऐसे काम कर पा रहा है, जो पहले सिर्फ सोचे जा सकते थे. अब कमांड से पूरा एक्शन और ऑटोमेशन की तरफ बढ़ चुका है. आइए जानते हैं कि सिर्फ बोलकर आप टिकट बुकिंग जैसा काम कैसे करवा सकते हैं. ChatGPT Astra ने खुद शुरू किया टिकट बुकिंग का काम कुछ ऐसा ही एक दिलचस्प एक्सपेरिमेंट इन दिनों चर्चा में है. एक सोशल मीडिया क्रिएटर ने ChatGPT Astra को IRCTC पर ट्रेन टिकट बुक करने का काम दिया. AI को बताया गया कि 20 सितंबर को रात 9 से 11 बजे के बीच मुंबई से राजकोट जाना है और दो लोगों के लिए AC क्लास की ट्रेन चाहिए. इसके बाद AI ने ब्राउजर के जरिए IRCTC की वेबसाइट पर आगे का प्रोसेस शुरू किया. उसने स्टेशन, तारीख और समय जैसी जानकारी डालकर ट्रेनें सर्च करने की कोशिश की. ट्रेन और सीट की जानकारी भी खोजी इस पैसेंजर  की सबसे खास बात यह रही कि AI सिर्फ ट्रेन का नाम बताकर नहीं रुका. दावे के मुताबिक, उसने अवेलेबल ट्रेनों को देखा और सीट की सिचुएशन चेक की. कुछ ऑप्शंस में सीट वेटिंग में मिलीं. इसके बाद AI ने पूछा कि आगे क्या करना है. जब उसे अगले दिन की ट्रेनें देखने के लिए कहा गया, तो उसने दोबारा सर्च करके दूसरे ऑप्शंस सामने रख दिए. पेमेंट का काम बाकी यानी जिस काम के लिए अभी हमें खुद कई बार क्लिक करना पड़ता है, AI ने उसका बड़ा हिस्सा खुद करने की कोशिश की. हालांकि, इस एक्सपेरिमेंट में आखिर में पेमेंट का स्टेप बाकी रह गया था. यहां एक बात समझना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर दिखाया गया एक एक्सपेरिमेंट है. इसे IRCTC की तरफ से शुरू की गई कोई ऑफिशियल AI टिकट बुकिंग सुविधा नहीं माना जाना चाहिए. क्या फ्यूचर में AI खुद बुक करेगा टिकट? अब सवाल है कि क्या आने वाले समय में AI सिर्फ हमारे सवालों के जवाब देगा या फिर हमारे लिए वेबसाइट खोलकर पूरा काम भी करेगा? ट्रेन टिकट वाला यह पैसेंजर  आने वाले समय की एक झलक जरूर देता है. असली चुनौती तब होगी जब AI को Tatkal बुकिंग, पेमेंट और दूसरी तकनीकी परेशानियों के बीच पूरा काम करना पड़ेगा. फिलहाल इतना साफ है कि AI अब सिर्फ बातचीत करने वाला टूल नहीं रह गया है. वह हमारे लिए काम करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.  

Second Hand Phone खरीदने से पहले जरूर करें ये स्क्रीन टेस्ट, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

पिछले कुछ सालों से सेकंड हैंड फोन का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. बहुत सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं, जहां आपको पुराने फोन आसानी से मिल जाते हैं. साथ ही ऑफलाइन मार्केट में भी सेकंड हैंड फोन आसानी से मिल जाते हैं. अगर आप भी सेकंड हैंड फोन खरीदने जा रहे हैं, तो खरीदने से पहले आपको फोन की स्क्रीन का टेस्ट जरूर करना चाहिए. इस ट्रिक की मदद से आप आसानी से पता कर सकते हैं कि फोन की स्क्रीन की कंडीशन कैसी है. स्मार्टफोन में सबसे ज्यादा जरूरी हिस्सा उसकी डिस्प्ले होती है. इसी की मदद से आप फोन का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सेकंड हैंड फोन खरीदते समय अगर स्क्रीन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आपको खराब फोन मिल सकता है. इसलिए फोन खरीदने से पहले स्क्रीन को अच्छी तरह चेक करना जरूरी है. आइए जानते हैं स्क्रीन टेस्ट करने का आसान तरीका. जानिए स्क्रीन टेस्ट करने का आसान तरीका सेकंड हैंड स्मार्टफोन खरीदते समय आपको सिर्फ फोन की बॉडी चेक नहीं करनी चाहिए. सिर्फ बाहर से फोन देखने पर आपको पता नहीं चल सकता कि फोन के अंदर या स्क्रीन में कोई खराबी है या नहीं. इसके लिए आपको फोन की स्क्रीन को भी अच्छी तरह टेस्ट करना चाहिए. स्क्रीन टेस्ट की मदद से आप पता कर सकते हैं कि डिस्प्ले सही तरीके से काम कर रही है या नहीं और स्क्रीन पर कोई निशान या खराब पिक्सेल तो नहीं हैं. स्क्रीन बर्न क्या होता है? जब आप किसी फोन का बहुत लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं, तो उसकी डिस्प्ले के कुछ पिक्सेल खराब होने लगते हैं. इसकी वजह से स्क्रीन पर किसी पुराने आइकन, टेक्स्ट या इमेज का निशान दिखाई देने लगता है. इसे स्क्रीन बर्न कहा जाता है. कई बार स्क्रीन बर्न इतना हल्का होता है कि सामान्य इस्तेमाल में आसानी से नजर नहीं आता. इसलिए सेकंड हैंड फोन खरीदते समय इसे अलग से चेक करना जरूरी है. ऐसे करें फोन की स्क्रीन टेस्ट अगर आप सेकंड हैंड फोन खरीदने जा रहे हैं, तो फोन की बॉडी के साथ स्क्रीन को भी जरूर चेक करें. इसके लिए आप YouTube पर जाकर White Screen या Grey Screen Test का वीडियो चला सकते हैं. वीडियो चलाने के बाद फोन की पूरी स्क्रीन एक ही रंग की हो जाएगी. अब स्क्रीन को ध्यान से देखें. अगर कहीं कोई दाग, अलग रंग का हिस्सा या पुराने आइकन का निशान दिखाई दे रहा है, तो फोन की स्क्रीन में दिक्कत हो सकती है. इस छोटे से टेस्ट की मदद से आप सेकंड हैंड फोन खरीदने से पहले उसकी स्क्रीन की कंडीशन का बेहतर अंदाजा लगा सकते हैं. इससे आपको खराब डिस्प्ले वाला फोन खरीदने से बचने में मदद मिल सकती है.

UPI Payment पर लगेगा 0.40% MDR चार्ज? जानें 15 अक्टूबर से किसे देना होगा पैसा

भारत सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पेमेंट्स् पर चार्ज लागू करने का ऐलान कर दिया है, जो आने वाले 15 अक्टूबर से लागू होगा. UPI का भारत में बड़ा यूजरबेस है. बहुत से लोग मोबाइल में UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनके नाम PhonePe, PayTM, GPay और कई मोबाइल ऐप्स भी UPI की सर्विस देते हैं. अब UPI ऐप्स चलाने वाले यूजर्स के बीच में कंफ्यूजन है कि किन-किन UPI मोबाइल ऐप्स पर MDR चार्ज कटेगा? सबसे पहले बता देते हैं कि 2,000 रुपये से ऊपर की कीमत के ट्रांजैक्शन पर करने पर 0.40 परसेंट मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना होगा. सरकार साफ कर चुकी है कि यह चार्ज कस्टमर को नहीं देना होगा बल्कि यह चुनिंदा मर्चेंट पर चार्ज लगेगा. चार्ज सिर्फ पर्सन टू मर्चेंट (P2M) सरकार की तरफ से जारी जानकारी में साफ बताया है कि चार्ज सिर्फ पर्सन टू मर्चेंट (P2M) है. अगर कस्टमर 2 हजार रुपये से ज्यादा की पेमेंट करता है तो उसे कोई चार्ज नहीं देना होगा. यह चार्ज सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट पर ही लागू होगा. MDR कैलकुलेशन कैसे होगा? MDR की कैलकुलेशन को लेकर साफ जानकारी दी गई है. सरकार की तरफ से जारी सवालों के जवाब में बताया है कि ₹3,000 की खरीदारी पर 0.4% MDR लागू होने पर शुल्क ₹12 होगा. यह रकम व्यापारी अपने Acquiring Bank को देगा. वहीं, ₹50,000 की खरीदारी पर 0.4% MDR के हिसाब से शुल्क ₹200 होगा. 1 लाख रुपये की शॉपिंग पर 0.4 परसेंट के हिसाब से MDR 400 रुपये बनता है, लेकिन यहां 300 रुपये की सीमा तय की है. MDR चार्ज कैलकुलेटर व्यापारी को भुगतान की राशि             लागू MDR      व्यापारी द्वारा दिया जाने वाला MDR ₹2,000                                                  0%                     ₹0 ₹3,000                                                  0.40%              ₹12 ₹50,000                                               0.40%                 ₹200 ₹ 75,000 रुपये या उससे ज्यादा            फिक्स ₹ 300             ₹ 300 कस्टमर पर नहीं लगेगा कोई भी चार्ज मोबाइल में मौजूद UPI ऐप्स जैसे PhonePe, PayTM, Gpay आदि की मदद से अगर कोई पेमेंट करते हैं, तो कस्टमर के अकाउंट से कोई चार्ज पेमेंट नहीं होगी.  MDR चार्ज सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट से ली जाएगी. यह रकम मर्चेंट के बैंक अकाउंट से काटी जाएगी.

गेट्स फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में एआई के विस्तार के लिए खर्च करेगा 1 अरब डॉलर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इस वक्त दुनिया भर में एक तरह का बवाल मचा हुआ है. हर दिन AI को लेकर ऐसे दावे हो रहे हैं जिससे आम इंसान डरा हुआ है. एक तरफ जहां OpenAI और Anthropic के हेड कह रहे हैं कि AI पर लगाम लगाना होगा, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप कह रहे हैं कि हम एआई को रोक नहीं सकते वर्ना चीन आगे निकल जाएगा. इसी बीच माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने भी कुछ कहा है. आइए जानते हैं. बिल गेट्स ने एक नई बातचीत में चेतावनी दी है कि दुनिया की कोई भी सरकार अभी उन बड़े बदलावों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है, जो AI समाज में ला सकता है. उनका कहना है कि AI से नौकरियों पर असर पड़ सकता है, साइबर हमलों का खतरा बढ़ सकता है और लोगों में एआई से बातचीत की लत भी लग सकती है. यानी ये लोगों को एडिक्ट बना सकता है. गेट्स की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब AI को लेकर दुनिया में बहस तेज हो गई है. एक तरफ कंपनियां ज्यादा ताकतवर एआई बनाने की होड़ में लगी हैं, वहीं दूसरी तरफ साइंटिस्ट्स और टेक इंडस्ट्री के बड़े नाम इसके खतरों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं. इसी बीच गेट्स ने कहा है कि सरकारों को अब सिर्फ एआई का फायदा देखने के बजाय इसके असर से निपटने की तैयारी भी करनी होगी. हालांकि यहां ये भी समझना जरूरी है कि भले ही AI कंपनियों के सीईओ स्लोडाउन की बता कर रहे हैं, लेकिन कोई वाकई इसे स्लोडाउन करना चाह नहीं रहा है. बिल गेट्स ने क्यों कहा- सरकारें बहुत पीछे हैं? रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में बिल गेट्स ने कहा कि कोई भी सरकार एआई से आने वाले बदलावों के लिए उतनी तैयारी नहीं कर रही है, जितनी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकारों की तैयारी इस मामले में काफी पीछे है. गेट्स पहले एआई को लेकर काफी उम्मीद जताते रहे हैं. उनका मानना रहा है कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरे जरूरी क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकता है. लेकिन अब उनका कहना है कि इसकी रफ्तार के साथ कुछ ऐसे खतरे भी सामने आ रहे हैं, जिनके लिए दुनिया अभी तैयार नहीं है. इनमें सबसे बड़ी चिंता नौकरियों को लेकर है. एआई पहले ही ऐसे कई काम करने लगा है, जो कुछ साल पहले तक सिर्फ इंसानों के भरोसे थे. आने वाले समय में एआई ज्यादा काम करने लगेगा तो कई नौकरियों का तरीका बदल सकता है और कुछ नौकरियों की जरूरत भी कम हो सकती है. गेट्स ने साइबर अटैक्स और एआई आधारित खतरों को लेकर भी चिंता जताई है. इसके अलावा उन्होंने एआई से बातचीत करने वाले डिजिटल साथियों की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर भी सावधान किया है. उनका डर है कि लोग इनसे जरूरत से ज्यादा जुड़ सकते हैं. एआई की सबसे बड़ी लड़ाई अमेरिका और चीन के बीच गेट्स ने एआई की होड़ में चीन की तेजी की भी तारीफ की है. उनका कहना है कि अमेरिका और चीन दोनों के पास कई ऐसे संस्थान हैं, जो दुनिया के सबसे बेहतर एआई मॉडल बनाने की क्षमता रखते हैं. बता दें कि कल यानी 14 सितंबर को ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा था कि AI स्लोडाउन नहीं हो सकता, क्योंकि चीन यही चाहता है. चीनी और अमेरिकी AI मॉडल्स में ज्यादा फर्क नही – गेट्स गेट्स के मुताबिक दोनों देशों के सबसे अच्छे एआई मॉडल के बीच का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है. उन्होंने इसे अमेरिका और चीन के बीच एक तरह की बड़ी एआई प्रतियोगिता बताया है. अमेरिकी प्रेसिडेंट और वहां की AI कंपनियों को भी इस बात का ही डर है कि अमेरिका के मुकाबले चीन का AI कहीं आगे न निकल जाए. इसलिए ही ट्रंप ने पोस्ट में कहा है कि जो जीतेगा वही जीतेगा और चीन से AI में अमेरिका काफी आगे है. यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका लगातार एआई में अपनी बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और चीन तेजी से अपनी एआई तकनीक विकसित कर रहा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच एआई की होड़ सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रह गई है. इसका असर कारोबार, सुरक्षा, नौकरियों और दुनिया की राजनीति पर भी पड़ सकता है. गेट्स का मानना है कि इस होड़ का फायदा सिर्फ अमेरिका और चीन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनका कहना है कि एआई का इस्तेमाल गरीब देशों और उन लोगों तक भी पहुंचना चाहिए, जिनके पास आज अच्छी स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं नहीं हैं. गेट्स फाउंडेशन एआई पर खर्च करेगा 1 अरब डॉलर बिल गेट्स की चेतावनी के साथ ही गेट्स फाउंडेशन ने एआई को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. फाउंडेशन अगले दो साल में कम से कम 1 अरब डॉलर, यानी करीब 8,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है. इस पैसे का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा और खेती जैसे क्षेत्रों में एआई की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा. फाउंडेशन का मकसद यह है कि एआई का फायदा सिर्फ अमीर देशों और बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे. फाउंडेशन खास तौर पर उन भाषाओं और इलाकों पर भी ध्यान देना चाहता है, जिन्हें मौजूदा एआई मॉडल उतनी अच्छी तरह नहीं समझते. इसका मतलब है कि स्थानीय भाषाओं के लिए बेहतर एआई मॉडल और डेटा तैयार करने पर भी पैसा लगाया जाएगा. गेट्स ने एआई को एलियन से क्यों जोड़ा? बिल गेट्स ने एआई के भविष्य को समझाने के लिए एक दिलचस्प उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि फिल्मों में अक्सर ऐसा दिखाया जाता है कि एलियन धरती पर हमला करने आता है और उसके बाद अमेरिका, चीन और बाकी देश आपसी मतभेद भूलकर एक साथ आ जाते हैं. गेट्स के मुताबिक एआई कुछ हद तक ऐसा ही मौका है. उनका कहना है कि एआई हमारे सामने आ चुका है और दुनिया को इसके साथ मिलकर काम करने की जरूरत है. इसका सीधा मतलब है कि एआई को लेकर अमेरिका, चीन और दूसरे देशों के बीच सिर्फ प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए. कुछ मामलों में उन्हें साथ मिलकर ऐसे नियम बनाने होंगे, जिनसे एआई का गलत इस्तेमाल रोका जा सके. सरकारों के … Read more

टेक कंपनियों में छंटनी का दौर जारी, ओरकल और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने निकाले कर्मचारी

Oracle कंपनी में एक बार फिर से छंटनी का दौर शुरू हो चुका है, जिसकी वजह से बहुत से लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है. लेकिन यह कोई इकलौती कंपनी नहीं है, जहां पर छंटनी हो रही है. दुनिया भर में कई कंपनियां छंटनी कर रही हैं, जिसके पीछे की एक वजह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) भी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 1.28 लाख टेक कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाला गया है. लेऑफ ट्रैकर पोर्टल layoffs.fyi ने बताया है कि इस साल दुनियाभर में 303 टेक कंपनियों के अंदर छंटनी हुई है, जिसमें 128,873 टेक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. इसमें Oracle, Amazon, Uber, PayPal जैसे कई नाम शामिल हैं. Oracle की छंटनी की चर्चा इसलिए सबसे ज्यादा है क्योंकि इस कंपनी ने सबसे बडे़ स्तर छंटनी की है. इस साल कंपनी पहले ही 21,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है और अब एक बार फिर से कंपनी ने लोगों को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है. हालांकि कंपनी ने अभी तक संख्या का ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है. Amazon भी कर चुकी है छंटनी Amazon एक इंटरनेशनल कंपनी है और यह इस साल की शुरुआत में बड़ी छंटनी कर चुकी है. कंपनी ने जनवरी में 16 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया था.  Amazon AI को लेकर भी काम कर रही है. Dell भी कर चुका है छंटनी Dell कंपनी की तरफ से इस साल मार्च में बड़ी छंटनी की जा चुकी है, जिसमें 11 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. इसमें भी AI का बड़ा रोल रहा है. Meta भी कर चुका है छंटनी Meta कंपनी की तरफ से भी इस साल छंटनी की जा चुकी है, जिसमें अब तक कई राउंड्स की छंटनी हो चुकी है. दुनियाभर में बहुत सी कंपनियां हैं, जो बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी में इनवेस्ट कर रही हैं और अपने कई काम को ऑटोमैटिक करने के इरादे से AI का भी इस्तेमाल कर रहे हैं या करने का प्लान बना रहे हैं. काम ऑटोमैटिक होने के बाद कम कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिसकी वजह से अधिकतर कंपनियों में वर्कफोर्स को करने की दिशा में काम किया जा रहा है.