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ऑस्ट्रेलिया ओपन में अल्काराज और सबालेंका ने चौथे दौर में बनाई जगह, अल्काराज की टक्कर अब टॉमी से

मेलबर्न  विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के तीसरे दौर में कोरेंटिन माउटेट पर जीत दर्ज की. स्पेन के 22 वर्षीय अल्काराज यहां करियर ग्रैंडस्लैम की कोशिश में जुटे हैं उन्होंने 32वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी माउटेट से मिली चुनौती से निपटते हुए 6-2, 6-4, 6-1 से जीत दर्ज की. अल्काराज ने कोर्ट पर टीवी इंटरव्यू में कहा, ‘जब आप कोरेंटिन जैसे किसी खिलाड़ी के साथ खेलते हैं तो आपको नहीं पता होता कि आगे क्या होने वाला है. जैसा कि आप देख सकते हैं, हम दोनों ने शानदार शॉट्स लगाए. शानदार अंक जुटाए.’ अल्काराज अब रविवार को दुनिया के 19वें नंबर के खिलाड़ी टॉमी पॉल से भिड़ेंगे, जिन्होंने एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के चोट के कारण रिटायर होने के कारण अगले दौर में प्रवेश किया. पॉल ने पहले दो सेट 6-1, 6-1 से अपने नाम कर लिए थे. महिलाओं के एकल में शीर्ष रैंकिंग की खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने अनास्तासिया पोटापोवा को 7-6 (4), 7-6 (7) से हराया. सबालेंका चार साल में अपना तीसरा ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीतने की कोशिश कर रही हैं. सबालेंका ने 2023 और 2024 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब जीता और एक साल पहले वह मैडिसन कीज से हारकर उपविजेता रही थीं. सबालेंका ने दो बार अमेरिकी ओपन भी जीता है. अब चौथे दौर में सबालेंका का सामना उभरती हुई स्टार विक्टोरिया म्बोको के खिलाफ होगा, जिन्होंने 14वीं वरीयता प्राप्त क्लारा टौसन को 7-6 (5), 5-7, 6-3 से हराया. पुरुषों के अन्य मुकाबलो में दानिल मेदवेदेव ने दो सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए फैबियन मारोजसन पर 6-7 (5), 4-6, 7-5, 6-0, 6-3 से जीत हासिल की. यह पांचवीं बार है, जब मेदवेदेव ने 0-2 से पिछड़ने के बाद ग्रैंड स्लैम मैच जीता है. 2021 के अमेरिकी ओपन चैंपियन और तीन बार के ऑस्ट्रेलियाई ओपन उप विजेता मेदवेदेव अब अमेरिकी खिलाड़ी लर्नर टिएन से भिड़ेंगे, जिन्होंने उन्हें पिछले साल यहां दूसरे दौर के पाच सेट चले मैच में हराया था. 25वीं वरीयता प्राप्त टिएन ने नूनो बोर्गेस को 7-6 (9), 6-4, 6-2 से हराकर चौथे दौर में जगह बनाई.

Playing XI में बड़ा फेरबदल संभव: अक्षर पटेल बाहर, ईशान किशन पर आखिरी दांव खेल सकती है टीम इंडिया

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड 5 मैच की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज रायपुर में खेला जाना है। सीरीज का पहला मैच 48 रनों से जीतकर टीम इंडिया ने 1-0 की बढ़त बना ली है। आज भारत अपनी बढ़त दोगुना करना चाहेगा, वहीं न्यूजीलैंड की नजरें सीरीज में वापसी करने पर होगी। टीम इंडिया के सामने इस मैच से पहले एक बड़ी मुश्किल खड़ी है, अक्षर पटेल चोट के चलते दूसरे टी20 से बाहर हो सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर टी20 के दौरान उनके हाथ में चोट लगी थी, जिस वजह से उन्होंने अपने कोटे के पूरे ओवर भी नहीं किए थे।   पहले और दूसरे टी20 के बीच ज्यादा गैप नहीं था, इस वजह से अक्षर पटेल को रिकवर होने के लिए प्रयाप्त समय नहीं मिल पाएगा। ऐसे में अगर वह आज का मैच मिस करते हैं उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी की एंट्री हो सकती है। कुलदीप यादव अक्षर पटेल को रिप्लेस करने के प्रबल दावेदार हैं, हालांकि उनकी टीम में एंट्री से भारतीय टीम की बैटिंग डेप्थ पर असर पड़ेगा। गौतम गंभीर हरफनमौलाओं को ज्यादा तवज्जों देते हैं। इस सीरीज में अक्षर पटेल के लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट वॉशिंगटन सुंदर हो सकते थे, जो बॉलिंग के साथ बैटिंग में भी गहराई दे सकते थे, मगर वह भी चोट के चलते बाहर हैं। ऐसे में भारत को रिस्क लेना होगा। इसके अलावा एक बार फिर नजर ईशान किशन पर रहेगी। तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी में उन्हें पहले टी20 में मौका मिला, मगर वह इसका फायदा नहीं उठा सकते। बता दें, तिलक वर्मा पहले तीन टी20 से ही बाहर हुए हैं। वह आखिरी दो मुकाबलों के लिए वापसी कर सकते हैं। ऐसे में अब ईशान किशन के पास वर्ल्ड कप से पहले ज्यादा मौके नहीं रह गए हैं। भारतीय संभावित XI- अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह  

सरफराज का बल्ला गरजा, डबल सेंचुरी से मुंबई की पकड़ मजबूत, पंजाब को मिला 320 रन का टारगेट

नई दिल्ली रणजी ट्रॉफी राउंड-6 के दूसरे दिन के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। मुंबई ने हैदराबाद के खिलाफ सरफराज खान के दोहरे शतक के दम पर 560 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं। वहीं पंजाब के सामने सौराष्ट्र ने 320 रनों का टारगेट रखा है। पिच को देखकर शुभमन गिल की टीम के लिए यह टारगेट काफी मुश्किल नजर आ रहा है। गिल पहली पारी में बिना खाता खोले मात्र 2 गेंदे खेलकर आउट हुए थे। चौथी पारी में पंजाब को अपने कप्तान से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। वहीं एमपी के खिलाफ कर्नाटक की टीम भी मुश्किल में है। रणजी ट्रॉफी लाइव एक्शन के लिए साथ बने रहें-   बंगाल ने खड़ा किया रनों का अंबार सर्विसेज के खिलाफ बंगाल ने रनों का अंबार खड़ा किया है। सुदीप चटर्जी के दोहरे शतक, अभिमन्यु ईश्वरन और हबीब गांधी के अर्धशतकों की बदौलत बंगाल ने पहली पारी में 519 रन बनाए हैं। पंजाब को मिला 320 का टारगेट सौराष्ट्र की टीम दूसरी पारी में 286 के स्कोर पर आउट हुई। इस तरह उन्होंने शुभमन गिल की अगुवाई वाली पंजाब की टीम के सामने 320 का टारगेट रखा। 560 पर सिमटी मुंबई की टीम मुंबई की पहली पारी 560 रनों पर सिमट गई है। अगर हैदराबाद को पहली पारी में बढ़त के आधार पर जीत दर्ज करनी है तो मुंबई से एक रन ज्यादा बनाना होगा। कर्नाटक मुश्किल में एमपी के 323 रनों के सामने कर्नाटक मुश्किल में है। करुण नायर के रूप में टीम को तीसरा झटका 19 के स्कोर पर लगा है। नायर को रजत पाटीदार ने रनआउट किया। इससे पहले मयंक अग्रवाल और देवदत्त पडिक्कल सस्ते में पवेलियन लौटे। मुंबई का स्कोर 500 के पार दूसरे दिन लंच ब्रेक तक मुंबई का स्कोर 8 विकेट के नुकसान पर 533 रन है। सरफराज खान के दोहरे शतक के अलावा सिद्धेश लाड ने शतक जड़ा। वहीं सुवेद परकर ने 75 रनों की पारी खेली।

BCCI से टकराव अब नहीं रुकेगा! बांग्लादेश को ‘NO’ का क्या असर पड़ेगा?

 नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां से वापसी आसान नहीं. टी20 वर्ल्ड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, यह वो मंच है, जहां टीमें अपनी पहचान, क्षमता और भविष्य गढ़ती हैं… और बांग्लादेश? वह आज वर्ल्ड क्रिकेट की मुख्यधारा से कटने की कगार पर है. सवाल सिर्फ इतना नहीं कि बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप खेलेगा या नहीं.असली सवाल यह है- खेलेगा तो कैसे? और न खेले तो फिर बचेगा क्या? सरकार की ‘ना’, BCB की मजबूरी और खिलाड़ियों के सपनों की बलि ढाका की काबिना ने सुरक्षा के नाम पर टीम को भारत भेजने से मना कर दिया है. BCB हाथ बांधे खड़ा है और खिलाड़ी? वे सिर्फ तमाशा देख रहे हैं- क्योंकि फैसला उनके हाथ में है ही नहीं. मेहदी हसन का बयान कि 'सरकार और BCB ही हमारे अभिभावक हैं. 'साफ समझाता है कि खिलाड़ियों के सपने किसी और की राजनीति में कुर्बान हो रहे हैं. 2000 में टेस्ट दर्जा पाया, अब क्या फिर हाशिए पर चला जाएगा? बांग्लादेश अभी तक कोई ICC खिताब नहीं जीत पाया. ऐसे में वर्ल्ड कप से बाहर होना सिर्फ एक टूर्नामेंट गंवाना नहीं-यह उनकी क्रिकेट इकोसिस्टम पर खुली चोट है. यह चोट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगी-  – स्पॉन्सर हटेंगे – रैंकिंग गिरेगी – भविष्य के टूर्नामेंट खतरे में पड़ेंगे – 2031 में भारत के साथ संयुक्त मेजबानी का सपना भी धराशायी (इस विवाद की आंच 2031 ODI World Cup तक पहुंच सकती है, जिसे भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से होस्ट करने वाले हैं.) ये चेतावनी कोई आम आलोचक नहीं- क्रिकेट इंडस्ट्री के अंदर बैठे लोग दे रहे हैं, जो जानते हैं कि वर्ल्ड कप जैसे मंच का ‘बैक-अप’ नहीं होता. ICC से टकराव, वैश्विक अलगाव का जोखिम…और समय निकलता जा रहा अगर बांग्लादेश मैदान में नहीं उतरा तो सबसे बड़ा सवाल उठेगा- आगे कैसे क्वालिफाई करेगा? निचली रैंकिंग वाले बोर्डों का हश्र सब जानते हैं. क्वालिफायर की कठिन राह, ICC से संबंधों में तनाव और वैश्विक क्रिकेट मंच पर कम होती मौजूदगी- ये दोनों खतरे बांग्लादेश के सामने खड़े हैं. खिलाड़ी सबसे बड़े शिकार- सपने टूट रहे, करियर डूब रहे सबसे ज्यादा नुकसान किसका? सरकार का? ICC का? नहीं, खिलाड़ियों का. परवेज इमोन, सैफ हसन- जिन्होंने कभी वर्ल्ड कप नहीं खेला… उनका सपना किसी और की लड़ाई में राख हो रहा है. और यह बात सच है- बांग्लादेशी खिलाड़ियों के पास IPL, BBL या काउंटी जैसी वैकल्पिक लीग नहीं. वर्ल्ड कप = एक्सपोजर + अनुभव + अस्तित्व…और वह छिन रहा है. क्या राजनीति ने क्रिकेट को निगल लिया? जवाब है- हां यह भ्रम छोड़ दीजिए कि खेल और राजनीति अलग हैं.यहाँ राजनीति ने क्रिकेट को सीधा जमीन पर पटक दिया है. सब कुछ तब शुरू हुआ जब KKR ने मुस्ताफिजुर रहमान को सुरक्षा के नाम पर IPL से बाहर किया. सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया और अब पूरा बोर्ड उसी रास्ते पर खड़ा है. उधर, ढाका-नई दिल्ली रिश्तों में दरार अब क्रिकेट में भी छलक रही है— – भारत का पुरुषों का दौरा रद्द – महिला टीम का दौरा रद्द – अब वर्ल्ड कप पर ताला! पश्चिमी देशों के दोहरे मानदंड भी आग में घी BCB अंदर से कहां तर्क ले रहा है? वही जगह जहां पश्चिमी क्रिकेट बोर्डों की पाखंड राजनीति है-  – ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान दौरे बार-बार रद्द किए – ICC ने सिर हिलाया – सबने सुरक्षा को प्राथमिकता माना तो फिर बांग्लादेश सुरक्षा बोले तो अपराध क्यों? यही बांग्लादेश का सबसे बड़ा सवाल और शायद सबसे आक्रामक हथियार भी. क्रिकेट को आगे करना होगा- वरना देश क्रिकेट से पीछे छूट जाएगा. बांग्लादेश क्रिकेट हमेशा विवादों में रहा है, लेकिन मैदान पर कभी-कभार चमक भी दिखाई है गवर्नेंस हालांकि अस्थिर रही है. नजमुल हसन पापोन के 12 साल के कार्यकाल में बांग्लादेश ने वनडे विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचा और टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया तथा इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीमों को हराने वाली उपलब्धियां दर्ज कीं.' लेकिन पिछले डेढ़ साल में प्रगति रुक गई. आज हालत यह है कि BCB, सरकार और ICC की तीन दिशाओं में खींचतान ने टीम को रस्साकशी की रस्सी बना दिया है.  यह सिर्फ बॉयकॉट नहीं, क्रिकेट का आत्मघात है विश्व क्रिकेट में अपनी जगह बनाना कठिन है, खोना बेहद आसान. बांग्लादेश इस समय उसी किनारे खड़ा है. अगर बांग्लादेश वर्ल्ड कप छोड़ता है, तो दुनिया कहेगी- 'खेल से नहीं, राजनीति से हार गए.'

विजय के रास्ते पर भारत! 2nd T20I में नजरें इन स्टार्स पर

रायपुर पहले मैच में बड़ी जीत से उत्साह से भरी भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी जीत की लय बरकरार रखने के लिए मैदान पर उतरेगी जिसमें शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और ईशान किशन की भूमिका पर निगाह टिकी रहेगी। वनडे श्रृंखला में हारने के बाद भारत ने नागपुर में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 48 रन से शानदार जीत हासिल की थी लेकिन उस मैच में सैमसन और किशन बल्ले से कोई कमाल नहीं दिखा पाए थे। सैमसन हाल में अंतिम एकादश से अंदर बाहर होते रहे हैं लेकिन अब अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप से पहले उन्हें निश्चित रूप से लंबा मौका मिलेगा। श्रृंखला के पहले मैच में आसानी से अपना विकेट गंवाने वाले सैमसन अपने विभिन्न तरह के शॉट का शानदार नमूना पेश करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे जिनके दम पर उन्होंने सबसे छोटे प्रारूप में तीन शतक बनाए हैं। एक और बल्लेबाज जिसे टीम प्रबंधन के भरोसे को सही साबित करने की जरूरत है, वह है किशन, जिन्हें विश्व कप के लिए टीम में शामिल किया गया है और नागपुर में पहले मैच में श्रेयस अय्यर पर उन्हें प्राथमिकता दी गई थी। कवर पर कैच आउट होने से पहले बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी संक्षिप्त पारी में अच्छा प्रदर्शन किया। भारत के अधिकतर खिलाड़ी शुरू में ही हर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने की कोशिश में पूरी ताकत से बल्लेबाजी करते हैं। किशन भी इसी निडर रवैये को जारी रखेंगे और उम्मीद कर सकते हैं कि इसका उन्हें फायदा मिले। आईसीसी टूर्नामेंट से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव के फॉर्म पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं और भले ही वह कोई बड़ा योगदान नहीं दे सके, लेकिन 22 गेंदों में बनाए गए 32 रन ने उनके आत्मविश्वास को कुछ हद तक जरूर बढ़ाया होगा। पहले टी20 में मिली शानदार जीत से व्यक्तिगत तौर पर सुधार के कई क्षेत्र सामने आए, इसके बावजूद टीम के प्रदर्शन ने विश्व कप से पहले अपने प्रतिद्वंद्वियों को खतरनाक संकेत दिए हैं, जहां भारत मौजूदा चैंपियन के रूप में उतर रहा है। अगर भारत को टी20 विश्व कप खिताब का बचाव करने वाली पहली टीम बनना है तो अभिषेक शर्मा को बुधवार रात की तरह ही शीर्ष क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखनी होगी। यह बाएं हाथ का बल्लेबाज अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नजर आ रहा है और उन्होंने लगभग हर गेंद को मैदान से बाहर पहुंचाने की शानदार क्षमता दिखाई है। निचले क्रम में रिंकू सिंह की टीम में वापसी और आते ही शानदार प्रदर्शन करना भारत के लिए एक और बड़ा सकारात्मक पहलू है। कुलदीप यादव की अनुपस्थिति में भी गेंदबाजी विभाग काफी संतुलित नजर आता है। अगर अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या पावरप्ले में विकेट लेते रहते हैं तो जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले के बाद तीन ओवरों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे टीम को बीच के ओवरों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल जाएगा। भारत ने नागपुर में बड़ा स्कोर बनाया था जिससे वह ओस का प्रभाव कम करने में सफल रहा। यहां भी ओस पड़ने की संभावना है और कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होगा, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका ने पिछले महीने दिखाया था, जब उन्होंने एक वनडे मैच में भारत के खिलाफ 359 रन का पीछा काफी आसानी से कर लिया था। न्यूजीलैंड जानता है कि गेंदबाजी के मोर्चे पर उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था लेकिन उसकी टीम जल्द ही संभल जाती है और इसलिए वह वापसी करने के लिए बेताब होगी। डेवोन कॉनवे के हाल में आउट होने के तरीके को लेकर वे थोड़ा चिंतित होंगे, जिसमें वे बाहर जाती हुई गेंदों पर स्लिप कॉर्डन में कैच आउट हो जाते हैं। टीम इस प्रकार हैं : भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड : मिचेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कॉनवे, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम रॉबिन्सन, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी, जैक फाउल्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रैसवेल, रचिन रविंद्र, काइल जैमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी। समय : शाम 7 बजे।  

न्यूजीलैंड को T20 वर्ल्ड कप से पहले तगड़ा झटका, प्रमुख तेज गेंदबाज टीम से बाहर

 नई दिल्ली T20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने में कुछ ही दिनों का समय रह गया है। ऐसे में न्यूजीलैंड के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज एडम मिलने चोट के चलते पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट की रिलीज के अनुसार एडम मिलने को यह चोट SA20 लीग के दौरान लगी। उनके रिप्लेसमेंट के रूप में काइल जैमीसन को स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जो इस समय भारत में 5 मैच की टी20 सीरीज खेल रहे हैं। जैमीसन पहले से ही न्यूजीलैंड की ट्रैवलिंग रिजर्व का हिस्सा थे। क्रिकेट न्यूजीलैंड ने अपना अपडेटेड स्क्वॉड भी जारी कर दिया है। न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप-डी का हिस्सा है। उनका पहला मैच 8 फरवरी को अफगानिस्तान के खिलाफ है। न्यूजीलैंड क्रिकेट की रिलीज के अनुसार, एडम मिलने बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट के कारण ICC T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह ब्लैककैप्स टीम में काइल जैमीसन को शामिल किया गया है। मिलने को रविवार को SA20 में बॉलिंग करते समय चोट लगी थी और बाद में स्कैन से चोट की गंभीरता का पता चला। जैमीसन, जो अभी भारत के ब्लैककैप्स व्हाइट-बॉल दौरे का हिस्सा हैं, उन्हें T20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया है। पहले उन्हें भारत और श्रीलंका में फरवरी-मार्च में होने वाले टूर्नामेंट के लिए ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर चुना गया था। ब्लैककैप्स के कोच रॉब वाल्टर ने मिल्ने के प्रति सहानुभूति जताई। उन्होंने कहा, "हम सब एडम के लिए बहुत दुखी हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार करने के लिए बहुत मेहनत की थी और ईस्टर्न केप सनराइजर्स के लिए अपने आठ मैचों में वह अपने बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे थे। यह एडम के लिए दुर्भाग्यपूर्ण समय है और हम उनके जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।" वाल्टर ने कहा कि जैमीसन एक काबिल रिप्लेसमेंट हैं। "यह बहुत अच्छी बात है कि काइल पहले से ही भारत में हमारे साथ हैं। वह हमारे पेस-बॉलिंग ग्रुप के एक अहम सदस्य हैं और इस दौरे पर उन्होंने शानदार शुरुआत की है। वह एक मेहनती खिलाड़ी हैं जिनके पास अच्छे स्किल्स और अनुभव हैं जो टूर्नामेंट में उनके काम आएंगे।" वाल्टर ने पुष्टि की कि T20 वर्ल्ड कप के लिए एक रिप्लेसमेंट ट्रैवलिंग रिजर्व की घोषणा जल्द ही की जाएगी। न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड- मिशेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम सीफर्ट, ईश सोढ़ी

CJI भड़के, Team India के नाम पर आपत्ति को BCCI के खिलाफ याचिका फालतू करार दी

नई दिल्ली BCCI यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के खिलाफ याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता को जजों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। एक ओर जहां याचिकाकर्ता की मांग थी कि नेशनल क्रिकेट टीम को भारतीय क्रिकेट टीम कहने से रोका जाए। याचिका पर सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने फटकार लगाई कि अदालतों पर बेकार का बोझ न डालें। साथ ही याचिका पर भी सवाल उठाए। याचिकाकर्ता क्या चाहता था याचिकाकर्ता रीपक कंसल इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दाखिल कर चुके हैं। वहां, भी जज ने उन्हें फटकार लगाई थी। कंसल का कहना था कि BCCI एक निजी संस्था है, जिसका रजिस्ट्रेशन तमिलनाडु सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत हुआ है। यह कोई सरकारी संस्था नहीं है। इसमें कहा गया कि कई बार RTI के जवाब में खेल मंत्रालय ने साफ किया है कि BCCI को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के तौर पर मान्यता प्राप्त नहीं है। साथ ही इसे सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती है। याचिका में कहा गया कि इसके बाद भी सरकारी मीडिया प्लेटफॉर्म BCCI की क्रिकेट टीम को 'टीम इंडिया' या 'इंडियन नेशनल टीम' कहते हैं। साथ ही सवाल उठाया गया कि तिरंगे जैसे भारतीय प्रतीकों का इस्तेमाल प्रसारणों में किया जाता रहा है। सुप्रीम कोर्ट भड़का बेंच में सीजेआई के साथ जस्टिस जॉयमाला बागची भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसी ही याचिका पहले खारिज कर दी थी। साथ ही कहा कि हाईकोर्ट को जुर्माना लगाना चाहिए था। सीजेआई ने कहा, 'आप घर पर बैठे हैं और याचिकाएं तैयार कर रहे हैं। इसमें समस्या क्या है। नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल (National Sports Tribunal) के लिए भी एक नोटिफिकेशन आ गया है जिसमें बहुत ही काबिल सदस्य शामिल हैं। कोर्ट पर बोझ मत बढ़ाइए।' अदालत ने याचिका को फालतू करार दिया। उन्होंने कहा, 'हाईकोर्ट ने गलत दिया। मिसाल कायम करने वाला कोई जुर्माना नहीं लगाया गया। सुप्रीम कोर्ट में ऐसी फालतू याचिकाओं को आने से कैसे रोकेंगे।' बेंच ने कहा कि जुर्माना नहीं लगाए जाने के चलते ही याचिकाकर्ता को शीर्ष न्यायालय तक आने की हिम्मत मिली। दिल्ली हाईकोर्ट लगाने वाली थी जुर्माना अक्तूबर 2025 में यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था। खबर है कि तब हाईकोर्ट 10 लाख रुपये जुर्माना लगाने वाला था, लेकिन वकील के अनुरोध के बाद इसे माफ कर दिया गया। हाईकोर्ट ने कहा था, 'क्या आप कह रहे हैं कि टीम भारत को रिप्रेजेंट नहीं करती। यह टीम जो हर जगह जाकर भारत का नाम बढ़ा रही है, आप कह रहे हैं कि वे भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करते? क्या यह 'टीम इंडिया' नहीं है? अगर नहीं है, तो हमें बताइए कि यह 'टीम इंडिया' क्यों नहीं है।' चीफ जस्टिस उपाध्याय ने कहा कि यह याचिका कोर्ट के समय की सरासर बर्बादी है।

क्या टी20 विश्व कप तक फिट हो जाएंगे तिलक वर्मा? स्टार बल्लेबाज का इमोशनल मैसेज आया सामने

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के लिए राहत भरी खबर है। पेट से जुड़ी समस्या की वजह से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती तीन मैचों से बाहर हुए तिलक वर्मा तेजी से ठीक हो रहे हैं। फिलहाल बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में रिहैब प्रॉसेस से गुजर रहे वर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करके जल्द कमबैक की उम्मीद जताई है। तिलक वर्मा ने ऐसे ही एक वीडियो क्लिप को शेयर किया है जिसमें वह एक्सरसाइज करते दिख रहे हैं। उसके साथ उन्होंने लिखा- कोई कसर नहीं छोड़ रहे, कमबैक सून। तिलक वर्मा काफी समय से भारतीय टी20 बल्लेबाजी का अहम स्तंभ बने हुए हैं। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होम सीरीज में भी उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का जलवा दिखा था। सीरीज में वर्मा 187 रनों के साथ टॉप स्कोर रहे। इस दौरान उन्होंने 2 फिफ्टी भी जड़ी। 23 साल के तिलक वर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज की तैयारी के तहत विजय हजारे ट्रॉफी के 2 मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 109 और 34 रन की पारियां खेली। तिलक वर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज की तैयारी में जुटे हुए थे तभी उन्हें पेट से जुड़ी समस्या से जूझना पड़ा, जिसमें सर्जरी की जरूरत थी। इस वजह से वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच की टी20 सीरीज के शुरुआती 3 मुकाबलों से बाहर हो गए। उनकी जगह पर श्रेयस अय्यर को स्क्वाड में जगह दी गई। बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा नंबर तीन पर भारत के लिए शानदार खेल दिखाते आए हैं। विश्व कप में उनकी मौजूदगी टीम इंडिया के लिए काफी अहम है। उनके अंदर दबाव को सोखने और परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी करने की शानदार क्षमता है। इसका मुजाहिरा उन्होंने एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ किया था। तिलक वर्मा के टी20 इंटरनेशनल करियर पर निगाह डालें तो उन्होंने अब तक 40 मैचों की 37 पारियों में 49.29 की औसत से 1,183 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 144.09 है। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 2 शतक और 6 अर्धशतक दर्ज हैं। नंबर 3 पर वह उसी तरह की भूमिका निभा रहे हैं जिस तरह की भूमिका विराट कोहली निभाया करते थे। उन्होंने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 पारियों में 60.22 की औसत और 160 के स्ट्राइक रेट से 542 रन ठोके हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके दोनों शतक तीन पर बल्लेबाजी करते हुए ही आएं हैं। इसके अलावा इस नंबर पर उन्होंने 3 अर्धशतक भी जड़े हैं।  

डब्ल्यूपीजीटी 2026: दूसरे लेग के पहले दिन रिद्धिमा ने स्नेहा पर बढ़त बनाई

अहमदाबाद विमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) 2026 के पहले चरण में एक सप्ताह पहले उपविजेता रहीं रिद्धिमा दिलावरी ने अहमदाबाद के कल्हार ब्लूज एंड ग्रीन्स में खेले जा रहे दूसरे चरण के पहले राउंड में एक शॉट की बढ़त हासिल कर ली है। बुधवार को रिद्धिमा ने अंतिम 8 होल्स में संयमित खेल का प्रदर्शन किया। सीजन के दूसरे टूर्नामेंट की शुरुआत में रिद्धिमा ने दो बार लगातार बर्डी लगाईं। उन्होंने पहले 7वें और 8वें होल पर बर्डी लगाईं, जिसके बाद फिर 14वें और 15वें होल पर ऐसा किया। हालांकि, उन्होंने 5वें और 10वें होल पर एक-एक शॉट गंवाया, लेकिन इसके बावजूद वह 2 अंडर 70 के स्कोर के साथ राउंड पूरा करने में सफल रहीं। स्नेहा सिंह पहले लेग में अच्छे प्रदर्शन न कर पाने की भरपाई करना चाहती थीं। उन्होंने बोगी-फ्री राउंड खेला, लेकिन सिर्फ एक बर्डी के साथ, वह 1-अंडर 71 पर रहीं और रिद्धिमा से दूसरे स्थान पर रहीं। छह खिलाड़ी, जिनमें 2025 ऑर्डर ऑफ मेरिट विजेता वाणी कपूर, जहान्वी बख्शी, नयनिका सांगा, एमेच्योर महरीन भाटिया, करिश्मा गोविंद और रूकी प्रो सान्वी सोमू शामिल हैं, सभी 1-ओवर 73 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। रिद्धिमा इस साल वीमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) और आईजीपीएल के घरेलू इवेंट्स पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने पार-5 पांचवें होल पर एक शॉट गंवाने से पहले चार पार के साथ शुरुआत की। रिद्धिमा ने 7वें और 8वें होल पर बर्डी बनाकर इसकी भरपाई की। 10वें होल पर एक और शॉट गंवाने का मतलब था कि वह फिर से इवन पार पर थीं। 14वें और 15वें होल पर लगातार बढ़त ने अंडर-पार राउंड और बढ़त सुनिश्चित की। 2025 में दो खिताब जीत चुकीं स्नेहा सिंह ने लगातार 15 होल पार खेले, इसके बाद पार-3 16वें होल पर बर्डी लगाकर राउंड की अपनी एकमात्र बर्डी हासिल की। उन्होंने अंतिम दो होल भी पार खेले और 71 के स्कोर के साथ राउंड समाप्त किया। अमनदीप ने दो बर्डी लगाईं, हालांकि एक डबल बोगी के कारण उनका स्कोर प्रभावित हुआ, जबकि एमेच्योर जारा ने बोगी के साथ शुरुआत की और राउंड में 17वें होल पर एक और बोगी लगाई। संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं छह खिलाड़ियों में शामिल नयनिका सांगा ने सबसे ज्यादा पांच बर्डी लगाईं, लेकिन उनके नाम चार बोगी भी रहीं। इनमें से तीन बोगी पहले चार होल में आईं, इसके अलावा पार-3 सातवें होल पर उन्हें ट्रिपल बोगी का सामना करना पड़ा। वाणी कपूर की शुरुआत भी खराब रही, लेकिन नौवें और 11वें होल पर बर्डी लगाकर उन्होंने वापसी की। हालांकि, पार-5 14वें होल पर उन्होंने फिर एक शॉट गंवाया। पिछले सप्ताह की विजेता जैस्मिन शेखर की शुरुआत निराशाजनक रही। उन्होंने 7-ओवर 79 का स्कोर बनाया, जिसमें चार बोगी, दो डबल बोगी शामिल रहीं, जबकि उन्हें एकमात्र बर्डी आखिरी होल पर मिली।

ऑस्ट्रेलिया ओपन: स्वियातेक ने रचा नया इतिहास, सेलेखमेतेवा ने बाडोसा को दिया बड़ा झटका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियन ओपन में वर्ल्ड नंबर 2 इगा स्वियातेक ने मैरी बुजकोवा के खिलाफ 6-2, 6-3 से सीधे सेटों में जीत हासिल करते हुए लगातार 24वें ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाई। सोमवार को स्वियातेक 2006–12 के दौरान स्वेतलाना कुजनेत्सोवा (26) के बाद लगातार 25 ग्रैंड स्लैम में दूसरे दौर में पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। वह अब ओपन एरा में किसी भी दशक के पहले 24 मेजर्स में तीसरे दौर में पहुंचने वाली एकमात्र महिला हैं। वह पिछली बार यूएस ओपन 2019 के दौरान दूसरे दौर में बाहर हुई थीं। जहां उन्हें अनास्तासिजा सेवस्तोवा से हार का सामना करना पड़ा। जॉन केन एरिना में बुजकोवा के खिलाफ मुकाबले में स्वियातेक ने सर्व ब्रेक करके पहला सेट 6-2 से जीता। स्वियातेक का आक्रामक बेसलाइन खेल बेहद शक्तिशाली साबित हुआ, उनके ग्राउंडस्ट्रोक की गति 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही थी, जिससे बुजकोवा लगातार डिफेंसिव पोजीशन में जाने के लिए मजबूर होती रहीं। पहले सेट की जीत ने स्वियातेक को पूरा कंट्रोल दे दिया, और उन्होंने शांत होकर सर्व करते हुए मैच खत्म किया। दूसरे सेट में 6-3 से जीत हासिल करके सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से जीत पूरी की। दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने शुरुआती कुछ तनाव भरे पलों के बावजूद मजबूत इरादे दिखाए। एक अनफोर्स्ड एरर से पहला प्वाइंट गंवाने के बाद, स्वियातेक ने शक्तिशाली सर्व और आक्रामक बेसलाइन खेल से कंट्रोल वापस हासिल कर लिया।हालांकि, बुजकोवा ने शानदार शॉट लगाकर दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन स्वियातेक की क्वालिटी निर्णायक साबित हुई। 9 शॉट की एक शानदार रैली फोरहैंड विनर के साथ खत्म हुई, जिससे ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड में उनकी जगह पक्की हो गई। इसके बाद ओक्साना सेलेखमेतेवा ने अपने करियर की पहली टॉप 30 जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन में पिछले साल की सेमीफाइनलिस्ट पाउला बाडोसा को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाई। सेलेखमेतेवा अब तीसरे राउंड में नंबर 6 वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला से भिड़ेंगी। वह अपने करियर में पहली बार टॉप 20 खिलाड़ी का सामना करने जा रही हैं। दूसरी ओर, लॉरा सीगमंड को 6-4, 6-7(3), 7-6 (7) से मात देकर लोकल क्वालीफायर मैडिसन इंग्लिस भी तीसरे राउंड में पहुंच गई हैं। यह मुकाबला 3 घंटे और 20 मिनट तक चला, जो टूर्नामेंट का दूसरा सबसे लंबा मैच था।