samacharsecretary.com

वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, रजा नंबर-1 और नबी पहुंचे हार्दिक के नजदीक

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा बुधवार को जारी की गई खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग में हलचल हुई। जिम्बाब्वे के अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा को बादशाहत मिल गई है। वह नए नंबर-1 वनडे ऑलराउंडर बन गए हैं। उनके खाते में फिलहाल 302 रेटिंग अंक हैं। रजा अफगानिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नबी (292 अंक) और अजमतुल्लाह उमरजई (296) को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचे हैं। नबी तीसरे और उमरजई दूसरे पायदान पर हैं। रजा ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ दो वनडे मैचों की सीरीज में 92 और नाबाद 59 रनों की पारी खेली। उन्होंने एक विकेट भी चटकाया। 39 वर्षीय रजा साथ ही बल्लेबाजी रैंकिंग में नौ स्थान ऊपर चढ़कर 22वें पर चले गए हैं। जिम्बाब्वे के विरुद्ध हरारे स्पोर्ट्स क्लब में दोनों वनडे जीतने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने भी रैंकिंग में छलांग लगाई है। पथुम निसांका (654 अंक) बल्लेबाजी रैंकिंग में सात स्थान ऊपर 13वें पर पहुंच गए। उन्होंने सीरीज में 122 और 76 रनों की पारी खेली। जनिथ लियानागे (13 स्थान चढ़कर 29वें पर) की रैंकिंग में सुधार हुआ है। गेंदबाजी रैंकिंग में असिथ फर्नांडो (छह पायदान ऊपर 31वें पर) और दिलशान मदुशंका (आठ स्थान ऊपर 52वें पर) को फायदा मिला है। दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज नंबर-1 वनडे गेंदबाज हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में चार विकेट लेने के बाद 31 रेटिंग अंकों की बढ़त (कुल 690 अंक) बना ली। भारत के शुभमन गिल नंबर-1 वनडे बल्लेबाज हैं। उनके 784 अंक हैं। मोहम्मद नबी को जहां वनडे रैंकिंग में नुकसान हुआ वहीं अफगान खिलाड़ी टी20 ऑलराउंडर्स रैंकिग में हार्दिक पांड्या के करीब पहुंच गया। नबी 231 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हार्दिक शीर्ष पर हैं। उनके खाते में फिलहाल 252 अंक हैं। नबी ने शारजाह में पिछले हफ्ते तीन मैचों में चार विकेट लिए। अफगानिस्तान टीम इन दिनों यूएई में टी20 इंटरनेशनल ट्राई सीरीज खेल रही है, जिसमें पाकिस्तान भी सामिल है। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान दो अर्धशतक लगाने के बाद टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में 12 स्थान चढ़कर 20वें पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के सूफियान मुकीम टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में 11 स्थान ऊपर 22वें स्थान पर आ गए।  

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, कपिल परमार ने अर्जुन सम्मान ठुकराया!

भोपाल  पिछले साल फ्रांस पैरालंपिक्स में भारत का नाम रोशन करने वाले कपिल परमार ने अर्जुन पुरस्कार लौटाने का फैसला किया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने उन्हें नौकरी नहीं दी। परमार पैरा-जूडो खिलाड़ी हैं। उन्होंने फ्रांस में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने जूडो में भारत के लिए पहला पैरालंपिक पदक जीतकर इतिहास रचा था। परमार के अलावा, देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स एथलीट, प्राची यादव ने भी सरकार पर नौकरी न देने का आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक अपना अर्जुन पुरस्कार लौटाने का फैसला नहीं किया है। दोनों खिलाड़ियों को 2024 में अर्जुन पुरस्कार मिला था। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप कपिल परमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने उनसे नौकरी का वादा किया था। मध्य प्रदेश खेल विभाग का कहना है कि उनकी नौकरी का अनुरोध प्रक्रिया में है। उचित जांच के बाद नौकरी दी जाएगी। परमार का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्हें सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। डीएसपी का पद किया गया था ऑफर परमार का कहा है कि यह पूरा मामला दबा दिया गया है। मुझसे सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था जब शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे। वादा डीएसपी पद का था। मुझे 50 लाख रुपये मिले, और नौकरी कभी नहीं आई। पिछले एक महीने से, मैं अधिकारियों से मिलने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन कोई मुझे फोन नहीं करता है। कोई मुझे सरकारी कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करता है। वे केवल हमारे साथ तब तस्वीरें खिंचवाते हैं जब हम पदक जीतते हैं और हमारी जरूरत के समय हमें छोड़ देते हैं। कौन है कपिल परमार सीहोर में जन्मे परमार ने 2009 में एक बिजली के झटके में अपनी दृष्टि खो दी थी। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करते थे जबकि उनके सबसे बड़े भाई होम गार्ड के रूप में तैनात थे। उनका दूसरा भाई परमार के प्रशिक्षण में मदद करता है। कपिल परमार ने 2024 पैरालंपिक्स में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने जूडो में भारत के लिए पहला पैरालंपिक पदक जीता था। उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, 2023 ग्रां प्री में स्वर्ण पदक, 2023 वर्ल्ड गेम्स में कांस्य पदक और 2022 एशियाई पैरा गेम्स में रजत पदक भी जीता था।  

क्रिकेट कंपनियों के लिए बड़ा मौका! BCCI ने रखीं टाइटल स्पॉन्सर की शर्तें

मुंबई  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने नेशनल क्रिकेट टीम के लिए लीड स्पॉन्सरशिप के आवेदन खोले हैं और "नामी कंपनियों" को अधिकारों के लिए बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया है. इच्छुक कंपनियां 2 सितंबर से Expression of Interest दस्तावेज़ ले सकेंगे और आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर रखी गई है. पिछले महीने आजतक ने अपनी रिपोर्ट में बताया था  कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशिया कप (9 सितंबर से शुरू) बिना लीड स्पॉन्सर खेलेगी, क्योंकि Dream11 ने करार खत्म कर दिया था. BCCI का नया विज्ञापन इस बात की पुष्टि करता है, जिसमें बोली लगाने की आखिरी तारीख सितंबर के बीच तय की गई है. महिला राष्ट्रीय टीम भी अपना महिला वनडे वर्ल्ड कप घरेलू मैदान पर 30 सितंबर से शुरू करेगी, और देखना होगा कि तब तक BCCI नया लीड स्पॉन्सर ढूंढ पाता है या नहीं. बोर्ड का लक्ष्य एक लंबे समय का साझेदारी करार करना है, खासकर पुरुषों का 2027 वर्ल्ड कप देखते हुए. 28 अगस्त को अंतरिम अध्यक्ष राजीव शुक्ला की अगुवाई में हुई आपातकालीन एपेक्स काउंसिल बैठक में फैसला हुआ कि बोर्ड सिर्फ एशिया कप के लिए जल्दबाज़ी में स्पॉन्सर नहीं चुनेगा. Dream11 का करार अचानक खत्म हुआ क्योंकि सरकार ने 2025 के Promotion and Regulation of Online Gaming Act के तहत रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया. Dream11 ने 2023-2026 के चक्र के लिए टीम इंडिया का टाइटल स्पॉन्सर बनने का 44 मिलियन अमेरिकी डॉलर (358 करोड़ रुपये) का करार किया था, लेकिन एक साल बाकी रहते ही यह करार खत्म कर दिया गया. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कहा था कि अब बोर्ड किसी भी रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ाव नहीं रखेगा. उन्होंने कहा, 'हमारा रुख बिल्कुल साफ है. सरकारी नियम लागू होने के बाद, BCCI Dream11 या ऐसी किसी दूसरी गेमिंग कंपनी से करार जारी नहीं रख सकता. नए प्रतिबंधों के तहत कोई गुंजाइश नहीं है और हमें Dream11 के साथ समस्या का सामना करना पड़ा.” BCCI लीड स्पॉन्सर आमंत्रण: पात्रता शर्तें वित्तीय पात्रता * पिछले तीन सालों में औसत टर्नओवर 300 करोड़ रुपये होना चाहिए, या * पिछले तीन सालों में औसत नेटवर्थ 300 करोड़ रुपये होना चाहिए. फिट एंड प्रॉपर पर्सन शर्तें * धोखाधड़ी, आर्थिक अपराध या गंभीर अपराध में दोषी न हो. * BCCI नियमों के हिसाब से हितों का टकराव न हो. * 2 साल या उससे ज्यादा की सज़ा वाले अपराध में दोषी न हो. * RBI द्वारा “wilful defaulter” घोषित न हो. * अच्छी ईमानदारी और साख हो. इन क्षेत्रों की कंपनियां बोली नहीं लगा सकतीं – * ऑनलाइन मनी गेमिंग, सट्टेबाज़ी या जुआ (भारत या विदेश में) * क्रिप्टोकरेंसी कारोबार (ट्रेडिंग, एक्सचेंज, टोकन) * 2025 के Online Gaming Act के तहत प्रतिबंधित गतिविधियां * सट्टेबाज़ी/जुआ से जुड़ी कंपनियों में निवेश या स्वामित्व रखने वाले * ब्लॉक्ड ब्रांड कैटेगरी (जब तक उस कैटेगरी का मौजूदा स्पॉन्सर न हो):  प्रतिबंधित ब्रांड कैटेगरी * शराब उत्पाद * सट्टेबाज़ी या जुआ सेवाएं * क्रिप्टोकरेंसी * ऑनलाइन मनी गेमिंग * तंबाकू * अश्लील सामग्री या सार्वजनिक नैतिकता के खिलाफ कंटेंट * सरोगेट ब्रांडिंग (दूसरे नाम या ब्रांड से छिपकर बोली लगाना)  मुख्य तारीखें * आवेदन की अंतिम तारीख: 16 सितंबर 2025

‘द ग्रेटेस्ट’ माने जा चुके खिलाड़ी को मिला मौका, पहली बार खेलेंगे SKY की कप्तानी में

नई दिल्ली 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव ने रोहित शर्मा की जगह भारत के टी20I कप्तान का पद संभाला। हालांकि, हार्दिक पांड्या लंबे समय तक रोहित शर्मा के उप-कप्तान रहे थे। वह कप्तान बनने की रेस में सबसे आगे थे। हालांकि, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार को ही चुना। पदभार संभालने के बाद से उन्होंने अपनी कप्तानी से प्रभावित किया है। भारत को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका सहित अन्य देशों के खिलाफ टी20I सीरीज में जीत दिलाई है। इन जीतों ने न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि आगामी एशिया कप और 2026 टी20 विश्व कप के लिए एक मजबूत नींव भी रखी है।   10 सितंबर को भारत खेलेगा पहला मैच गौरतलब है कि भारत अपने एशिया कप अभियान की शुरुआत 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ करेगा। भारतीय टीम 4 सितंबर को फिर से मैदान पर उतरेगी और अगले दिन से ट्रेनिंग कैंप शुरू होगा। उससे पहले जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता पर बड़ा सवाल बना हुआ है। पहली बार सूर्या की कप्तानी में खेलेंगे बुमराह दिलचस्प बात यह है कि बुमराह एकमात्र ऐसे भारतीय क्रिकेटर हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी भी सूर्यकुमार की कप्तानी में नहीं खेला। इस आक्रामक बल्लेबाज ने मुंबई इंडियंस की भी कप्तानी की है, लेकिन बुमराह उन मैचों में भी नहीं खेले। एशिया कप के दौरान बुमराह पहली बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेलेंगे। बता दें कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने भारत की सलामी जोड़ी के रूप में खुद को साबित किया है। पिछले एक साल में उन्होंने लगभग सभी विरोधियों पर दबदबा बनाया है और मध्यक्रम में अपनी बादशाहत कायम की है। हालांकि, शुभमन गिल को टीम का उप-कप्तान बनाए जाने के बाद इस जोड़ी पर खतरा मंडरा रहा है। सैमसन तीन नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। थिंक टैंक से सामने चुनौती ऐसे में सूर्यकुमार चौथे, तिलक वर्मा पांचवें और हार्दिक पांड्या छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। हालांकि, यह देखने वाली बात होगी कि भारतीय टीम प्रबंधन और थिंक टैंक ने क्या प्लान बनाया है। यह तो एशिया कप शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।  

दो साल से नहीं खेल पाए थे इंटरनेशनल मैच, आसिफ अली ने कहा क्रिकेट को अलविदा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के बल्लेबाज आसिफ अली ने अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने टी20 एशिया कप 2025 में नजरअंदाज किए जाने के बाद यह निर्णय किया। 33 वर्षीय आसिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रिटायरमेंट के बारे में बताया। उन्होंने पिछले दो साल से पाकिस्तान टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला था। वह आखिरी बार पाकिस्तान की जर्सी में अक्टूबर 2023 में मैदान पर उतरे थे। आसिफ ने पाकिस्तान के लिए 21 वनडे (382 रन) और 58 T20I मैच (577 रन) खेले, जिनमें मुख्य रूप से मध्यक्रम में फिनिशर की भूमिका निभाई। हालांकि, आसिफ ने पुष्टि की कि वह घरेलू क्रिकेट और दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीगों में खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, "आज मैं इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान करता हूं। पाकिस्तान की जर्सी पहनना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और क्रिकेट के मैदान पर अपने देश की सेवा करना मेरे लिए सबसे गौरव की बात रही। मैं अपार कृतज्ञता के साथ संन्यास ले रहा हूं। मैं दुनियाभर में घरेलू और लीग क्रिकेट खेलकर खेल के प्रति अपने जुनून को जारी रखूंगा।" उन्होंने अप्रैल 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू किया था। आसिफ के करियर में कई यादगार कैमियो रहे। पाकिस्तान को जब टी20 वर्ल्ड कप 2021 में अफगानिस्तान के खिलाफ 12 गेंदों पर 24 रनों की जरूरत थी तो आसिफ ने करीम जनत के आखिरी ओवर में चार छक्के जड़े। उन्होंने सिर्फ सात गेंदों पर 25 रन बनाकर एक ओवर बाकी रहते पाकिस्तान की जीत पक्की कर दी थी। यह पारी पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने में अहम साबित हुई। उन्होंने एक साल बाद एशिया कप में अहम कैमियो किया। उन्होंने तब भारत के खिलाफ अंतिम ओवर में 8 गेंदों पर 16 रन बनाकर पाकिस्तान को 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की। पाकिस्तान को 5 विकेट से जीत मिली थी।  

T20I में सबसे ज्यादा विकेट अब राशिद खान के नाम, साउथी को पीछे छोड़ा

अफगानिस्तान UAE के खिलाफ त्रिकोणीय श्रृंखला के तीसरे मैच 189 रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान ने बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। राशिद तीन विकेट लेकर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।  त्रिकोणीय श्रृंखला के तीसरे मैच में 189 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए UAE की टीम 8 ओवरों के बाद 76/1 के स्कोर पर आराम से जीत की और बढ़ रही थी, जब राशिद ने कप्तान मुहम्मद वसीम और एथन डिसूजा के बीच खतरनाक दिख रही 61 रनों की साझेदारी को 9वें ओवर की पहली ही गेंद पर तोड़ दिया और डिसूजा को 12 रन पर LBW आउट कर दिया। राशिद ने अपने अगले ओवर में फिर से कमाल दिखाया और यूएई के पांचवें नंबर के बल्लेबाज आसिफ खान को एक रन पर आउट कर दिया। उनका तीसरा विकेट 15वें ओवर में आया जब ध्रुव पाराशर एक रन पर आउट हो गए। राशिद ने 21 रन देकर 3 विकेट लिए और इस तरह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा 165 विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।  बाएं हाथ के स्पिनर शराफुद्दीन अशरफ ने वसीम को 37 गेंदों में 67 रनों पर आउट कर यूएई की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और अफगानिस्तान की जीत लगभग पक्की कर दी। उन्होंने 24 रन देकर 3 विकेट लिए और अपनी टीम को 38 रनों से जीत दिलाई। पहली पारी में सेदिकुल्लाह अटल (54) और इब्राहिम ज़द्रान (63) के दोहरे अर्धशतकों ने इस जीत की नींव रखी।  राशिद अपनी 98वीं पारी में टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेटों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गए। पिछले रिकॉर्ड धारक टिम साउथी ने राशिद से 25 पारियां ज्यादा खेलकर 164 विकेट लिए थे। राशिद ने ये विकेट 13.75 के शानदार औसत से लिए हैं, जबकि साउथी का औसत 22.38 है। यह उन पूर्ण सदस्य खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ है जिन्होंने कम से कम 50 विकेट लिए हैं। केवल एक अन्य पूर्ण सदस्य खिलाड़ी (श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा, जिनका स्ट्राइक रेट 13.2 है) ने राशिद के 13.5 के स्ट्राइक रेट से बेहतर स्ट्राइक रेट से कम से कम 100 विकेट लिए हैं।   

DPL की सफलता ने बढ़ाया नीतीश राणा का हौंसला, बोले- मैं बड़े मैच के लिए तैयार

नई दिल्ली  नीतीश राणा के लिए साल 2024 कुछ ख़ास नहीं रहा था। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के ख़िताबी जीत अभियान में पहले चोट और फिर टीम कॉम्बिनेशन के कारण उन्हें सिर्फ़ दो मैचों में खेलने का मौका मिला। इसके बाद जब घरेलू सीजन आया तो रणजी ट्रॉफी के शुरूआती चार मैचों की छह पारियों में सिर्फ़ एक अर्धशतक आने के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश की रणजी टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के नौ मैच जरूर खेले, लेकिन उसमें भी उनका औसत सिर्फ़ 13.88 और स्ट्राइक रेट 114.43 का रहा। विजय हजारे ट्रॉफी में भी एक मैच के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और जब रणजी ट्रॉफी का दूसरा चरण शुरू हुआ, तब भी वह टीम में नहीं थे। आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उनके नाम दो अर्धशतक जरूर थे, लेकिन 11 में से आधा दर्जन पारियों में वह दहाई के अंक को भी नहीं छू पाए थे। इसके बाद राणा ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपने घर लौटने का फ़ैसला किया और कहा कि 2025-26 का घरेलू सीजन वह दिल्ली की तरफ से खेलेंगे। अब राणा ने इस घर वापसी का जश्न दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) सीजन-2 की ख़िताबी जीत से मनाया है, जहां वह वेस्ट दिल्ली राइडर्स टीम के कप्तान थे। उन्होंने तीन प्ले ऑफ मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक के साथ तीन नाबाद मैच-जिताऊं पारियां (135*, 45*, 79*) खेलीं और बताया कि वह बड़े मैच के खिलाड़ी हैं। इस ख़िताबी जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राणा ने कहा, “बड़े मैच में बड़े खिलाड़ियों का चलना बहुत जरूरी होता है क्योंकि इन मैचों में दबाव बहुत ज्यादा होता है। बड़े खिलाडियों को दबाव से निपटना थोड़ा बेहतर आता है और मैं अपने आपको उसी श्रेणी में रखता हूं जो दबाव वाली परिस्थितियों में आसानी से मैच को निकाल सकते हैं।” डीपीएल में भी राणा की शुरूआत सही नहीं रही थी। पहले मैच में 15 गेंदों में 39 रनों की पारी खेलने के बाद वह लगातार असफल रहे और अगली छह पारियों में सिर्फ़ एक बार उनसे 20 से अधिक का स्कोर बना। आख़िरी लीग मैच में आठ गेंदों में 25 रन बनाकर उन्होंने फ़ॉर्म वापसी के संकेत जरूर दिए, लेकिन जब पहले क्वालिफ़ायर में टीम को सबसे अधिक जरूरत थी तो उन्होंने 55 गेंदों में आठ चौकों और 15 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 134 रनों की पारी खेल वह अपनी टीम को ख़िताब के क़रीब लाए। राणा कहते हैं, "एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में आपको पता होता है कि आप अच्छी लय में हैं या नहीं। मुझे पता था कि मैं अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहा हूं, बस रन बोर्ड पर नहीं आ रहे थे। लेकिन मैं अपने आपको लगातार बैक कर रहा था। मैं अपने फ़ॉर्म से बस एक बड़ी पारी दूर था और मुझे यह पता था कि यह जल्द ही आने वाला है। भाग्य से यह तभी आया, जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। अब मैं कह सकता हूं कि देर आए, दुरूस्त आए और हम चैंपियन बने। हालांकि मैं फ़ॉर्म वापसी की कोशिश पहले मैच से कर रहा था।" पहले प्लेऑफ में राणा की शतकीय पारी के दौरान साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज़ के स्पिनर दिग्वेश राठी से नोकझोंक भी हुई, जो तुरंत ही सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गई। हालांकि राणा इस पर कुछ अधिक बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, "यह बहुत अनुचित होगा कि अगर इस मामले पर मैं अपनी बात रखूं और राठी का पक्ष नहीं आए। अगर सिर्फ़ मेरी बात छपेगी तो इससे यही ही लगेगा कि मैं सही हूं और वह गलत। हां, मैं बस इतना कह सकता हूं कि उसने शुरूआत की और मुझे छेड़ा तो मैंने भी उसका जवाब दिया। मैं भी दिल्ली का पला बढ़ा हूं और मेरे अंदर भी गर्म खून है। कोई मुझे छेड़ेगा तो मैं चुप बैठने वालों में से नहीं हूं। मेरे मां-बाप ने भी मुझे यही सिखाया है कि अगर आप गलत नहीं हो तो अपनी आवाज उठाओ और मैं वही करता हूं और आगे भी करता रहूंगा। वह मुझे छेड़कर आउट करना चाहता था, तो मैंने भी उसे छेड़ा। वह इससे डिस्टर्ब हुआ और मैंने फिर छक्के मारकर उसको जवाब दिया।" आईपीएल 2017 से आईपीएल 2023 तक लगातार सात साल हर आईपीएल सीजन में कम से कम 300 रन बनाने वाले कुछ दुर्लभ खिलाड़ियों में से एक राणा 2021 के कोविड समय में भारतीय टीम में भी आ गए थे। उन्होंने श्रीलंका में एक वनडे और दो टी20 भी खेला। लेकिन इसके बाद उन्हें फिर कभी भारतीय टीम में मौका नहीं मिला। हालांकि इस दौरान वह लगातार घरेलू क्रिकेट और आईपीएल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते रहे और अपनी रणजी व आईपीएल टीमों के लिए कप्तानी भी की। राणा ने कहा कि यह अनुभव है, जो कि ऐसी मैच परिस्थितियों में उन्हें एक मजबूत क्रिकेटर बनाता है। उन्होंने कहा, "क्रिकेट, अनुभव का खेल है। जब आप अपने आपको रगड़ते हो, बुरे टाइम से गुजरते हो तो उस समय पर यह बहुत जरूरी हो जाता है कि आप उससे कितना सीखने की कोशिश कर रहे हो। मैंने भी यह सारी चीज़ें समय के साथ सीखी हैं। मेरा कई बार फ़ॉर्म खराब हुआ है, कई बार मैंने ख़ुद से लड़ाई लड़ी है, अपने आपको दंड भी दिया है। लेकिन मैं अपने आप पर बहुत भरोसा रखता हूं और और इसी ढंग से अपनी क्रिकेट खेलता हूं। इसमें कई बार मुझे सफलता भी मिलती है और कई बार मैं असफल भी हो जाता हूं। लेकिन यह सब तो इस खेल का हिस्सा है।"  

T20 इंटरनेशनल में नया रिकॉर्ड, यूएई के कप्तान ने रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा

मुंबई  भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान रोहित शर्मा का एक बड़ा टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड टूट गया है. उनके नाम इस फॉर्मेट में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड था. जिसे यूएई के कप्तान मुहम्मद वसीम ने तोड़ दिया है. रोहित के नाम टी20 इंटरनेशनल में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा 105 छक्के लगाने का रिकॉर्ड था.  लेकिन, अब वसीम ने कल खेले गए अफगानिस्तान के खिलाफ एक टी20 मैच में बतौर कप्तान 110 छक्के जड़ने का रिकॉर्ड बना लिया. उन्होंने अफगानी टीम के खिलाफ 6 छक्के लगाकर यह मुकाम हासिल किया. मुहम्मद वसीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ 37 गेंदों में 67 रन की पारी खेली. लेकिन बावजूद उसके टीम को 38 रन से हार झेलनी पड़ी.  वसीम की कप्तानी पारी टीम के नहीं आई काम यूएई में खेली जा रही टी20 ट्राई सीरीज के तीसरे मैच में अफगानिस्तान ने यूएई को 38 रन से हराया. यूएई ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. अफगान टीम ने बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 4 विकेट खोकर 188 लगाए. टीम के लिए सेदिकुल्लाह अटल  (54 रन) और इब्राहिम जादरान (63 रन) की अर्धशतकीय पारी खेली. लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूएई की टीम सिर्फ 150 रन पर ही सिमट गई. टीम की ओर से कप्तान मुहम्मद वसीम ने 67 रन और राहुल चोपड़ा ने नाबाद 52 रन बनाए. अफनिस्तान के लिए राशिद खान और शरफुद्दीन अशरफ ने 3-3 विकेट झटके. कौन हैं बतौर कप्तान टॉप-6 सिक्स हिटर ?  1. मुहम्मद वसीम (यूएई) – 110 छक्के 2. रोहित शर्मा (भारत) – 105 छक्के 3. ऑएन मॉर्गन (इंग्लैंड) – 86 छक्के 4. एरॉन फिंच (ऑस्ट्रेलिया) – 82 छक्के 5. कडोवाकी फ्लेमिंग (जापान) – 79 छक्के 6. जॉस बटलर (इंग्लैंड) – 69 छक्के टी20 इंटरनेशनल में अब-भी आगे हैं रोहित शर्मा क्रिकेट की दुनिया में हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा इस समय टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज हैं. उनके बाद इस लिस्ट में मुहम्मद वसीम का नाम आता है. जिन्होंने 80 मैचों में 176 छक्के मारे हैं. रोहित ने इस फॉर्मेट में 159 मैचों में सर्वाधिक 205 छक्के जड़े हैं. उनके टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड की बात करें तो रोहित ने 159 मैचों में 32.05 की एवरेज से 4232 रन बनाए हैं.  कौन हैं टी20 इंटरनेशनल के टॉप- 6 सिक्स हिटर ? 1. रोहित शर्मा (भारत) – 205 छक्के 2. मुहम्मद वसीम (यूएई) – 176 छक्के 3. मार्टिन गप्टिल (न्यूजीलैंड) – 173 छक्के 4. जॉस बटलर (इंग्लैंड) – 160 छक्के 5. निकोलस पूरन (वेस्टइंडीज) – 149 छक्के 6. ग्लेन मैक्सवेल (ऑस्ट्रेलिया) – 148 छक्के

भारत दौरे से बाहर हुए पैट कमिंस, ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जो टीम के शीर्ष तेज गेंदबाज और टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस से जुड़ी है। पैट कमिंस चोट के कारण भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली महत्वपूर्ण सीमित ओवरों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि कमिंस पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं और उन्हें रिहैबिलिटेशन की सलाह दी गई है। बोर्ड ने यह फैसला इस साल के अंत में इंग्लैंड के खिलाफ घर पर होने वाली प्रतिष्ठित एशेज सीरीज को ध्यान में रखते हुए लिया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पैट कमिंस के वर्कलोड मैनेजमेंट और उनकी फिटनेस को प्राथमिकता दी जा रही है। बोर्ड के बयान के अनुसार, "पैट कमिंस को भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीमित ओवरों की सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना जाएगा और वह इस बीच अपने रिहैबिलिटेशन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।" बोर्ड का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कमिंस एक गेंदबाज और कप्तान के तौर पर एशेज सीरीज के लिए पूरी तरह फिट रहें। 21 नवंबर से एशेज की शुरुआत होनी है। कमिंस की गैरमौजूदगी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह न केवल गेंदबाजी आक्रमण की अगुआ हैं, बल्कि एक कप्तान के तौर पर भी टीम को मजबूती प्रदान करते हैं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का आने वाला कैलेंडर काफी व्यस्त है, क्योंकि टीम को सबसे पहले 1 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है और इसके बाद भारत की मेजबानी करनी है। 3 टी20 और 3 वनडे मैच इस सीरीज में खेले जाने हैं। ये दोनों सीरीज टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम हैं। टीम के संतुलन पर पड़ेगा असर पैट कमिंस का टीम में न होना टीम के संतुलन को निश्चित रूप से प्रभावित करेगा। उनकी आक्रामक गेंदबाजी और कप्तानी कौशल की कमी टीम को निश्चित तौर पर खलेगी। अब देखना यह होगा कि उनकी अनुपस्थिति में टीम की कमान किसे सौंपी जाती है और कौन सा युवा गेंदबाज उनकी जगह लेता है। मिचेल मार्श अभी तक कप्तानी कर रहे थे, क्या वही आगे भी वनडे टीम की कमान संभालेंगे या फिर किसी अन्य खिलाड़ी को मौका दिया जाएगा।  

MPCA में महाआर्यमन सिंधिया का दबदबा, निर्विरोध अध्यक्ष घोषित

इंदौर  मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) की कमान अब सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के हाथों में आ गई है. 29 साल की उम्र में महानार्यमन सिंधिया ने एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालकर नया इतिहास रच दिया है. पदभार ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री और पूर्व अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित एमपीसीए के तमाम सदस्य मौजूद रहे. MPCA के चुनाव में महानआर्यमन को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है. इसे पहले 37 वर्ष की उम्र में माधवराव सिंधिया MPCA के अध्यक्ष बने थे. उनके बाद 35 वर्ष की उम्र में उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमान संभाली. अब कमान सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी संभालेगी. माधवराव सिंधिया ने 37 साल की उम्र में संभाला पद माधवराव सिंधिया ने 37 साल की उम्र में जब MPCA अध्यक्ष का पद संभाला था, तब वे अपने वक्त के एक सक्रिय और दूरदर्शी नेता के रूप में जाने जाते थे. उन्होंने मध्य प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई. उनके बाद उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस जिम्मेदारी को संभाला और अपने सक्रिय नेतृत्व से संगठन को नई दिशा दी.अब महानआर्यमन सिंधिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए 29 वर्ष की कम उम्र में MPCA अध्यक्ष बनकर अपने परिवार के गौरव को और बढ़ाया है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर 26 की उम्र में बने अध्यक्ष देश में सबसे युवा प्रदेश क्रिकेट संगठन अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर थे, जिन्होंने मात्र 26 वर्ष की उम्र में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष का पद संभाला था. उन्होंने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ की अध्यक्षता करते हुए खेल को नए आयाम दिए. उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने बेहतर परिणाम हासिल किए और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. इससे पहले गोवा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल फड़के सबसे युवा माने जाते थे. वे 32 वर्ष की उम्र में यह पद संभाल रहे थे, उन्होंने इस पद पर रहते हुए गोवा में क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाई. अब महानआर्यमन सिंधिया 29 वर्ष की उम्र में यह मुकाम हासिल कर चुके हैं. इससे यह साफ जाहिर होता है कि भारतीय क्रिकेट संगठन में युवा नेतृत्व को अब अधिक अवसर मिल रहे हैं. अब महानआर्यमन सिंधिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए 29 वर्ष की कम उम्र में MPCA अध्यक्ष बनकर अपने परिवार के गौरव को और बढ़ाया है. उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि युवा नेतृत्व के लिए रास्ते खोलने की जरूरत है ताकि देश के खेल और खिलाड़ियों को बेहतर मौका मिल सके. अनुराग ठाकुर का नाम भी इस लिस्ट में महत्वपूर्ण है, जो अपने समय में देश के सबसे युवा प्रदेश क्रिकेट अध्यक्ष थे. उन्होंने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ की अध्यक्षता करते हुए खेल को नए आयाम दिए. उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने बेहतर परिणाम हासिल किए और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. विपुल फड़के भी गोवा क्रिकेट एसोसिएशन के सबसे युवा अध्यक्ष माने जाते थे. 32 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस पद पर रहते हुए गोवा में क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाई. लेकिन अब महानआर्यमन सिंधिया ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर सिंधिया परिवार का यह लगातार तीसरा दौर है. इससे यह भी पता चलता है कि परिवार में क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि और प्रतिबद्धता है. महानआर्यमन सिंधिया के नेतृत्व में MPCA से मध्य प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को नए अवसर मिलेंगे और राज्य का क्रिकेट विकास और भी मजबूत होगा. युवा और ऊर्जा से भरपूर महानआर्यमन सिंधिया ने क्रिकेट संगठन में नए तरीके से सुधार और विकास की उम्मीद जगाई है. उनकी कम उम्र और आधुनिक सोच से MPCA के कार्यों में नई जान आएगी. इससे मध्य प्रदेश के क्रिकेट के स्तर में सुधार होगा और प्रदेश से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभर कर आएंगे. इस तरह, भारत में क्रिकेट संगठन के नेतृत्व में युवा नेताओं की भागीदारी बढ़ रही है, जो देश के खेल क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कारण बनेगी. महानआर्यमन सिंधिया की यह उपलब्धि न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है. तीसरी पीढ़ी को मिली कमान आपको बता दें कि, क्रिकेट प्रशासन में सिंधिया परिवार का दशकों से दबदबा रहा है। सिंधिया परिवार का क्रिकेट की राजनीति से नाता तीन पीढ़ियों से है। स्वर्गीय माधवराव सिंधिया एमपीसीए की कमान संभाल चुके हैं। जबकि, महाआर्यमन से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस पद की कमान संभाल चुके हैं। ऐसे में अब युवा नेतृत्व को इसकी कमान सौंपी गई है। महाआर्यमन बने सबसे युवा अध्यक्ष, दादा-पिता का रिकॉर्ड तोड़ा महाआर्यमन सिंधिया 29 साल की उम्र में एमपीसीए के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने अपने दादा स्व. माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस मामले में पीछे छोड़ा है। अब तक एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष का रिकॉर्ड ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम था। लेकिन, ज्योतिरादित्य 35 साल की उम्र में अध्यक्ष बने थे। वहीं स्व. माधवराव सिंधिया ने 37 साल की आयु में पहली बार एमपीसीए के अध्यक्ष बने थे। गौरतलब है कि वर्तमान में महाआर्यमन सिंधिया जीडीसीए के उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश क्रिकेट प्रीमियर के चेयरमैन बने हैं।