samacharsecretary.com

U-19 क्रिकेट में बड़ा एक्शन: रोहित यादव समेत 65 खिलाड़ियों पर उम्र फर्जीवाड़े को लेकर बैन

नई दिल्ली भारतीय अंडर-19 टीम के खिलाड़ी रोहित यादव को बीसीसीआई ने दो साल के लिए बैन कर दिया है। उन्होंने यह बैन उम्र में फर्जीवाड़ा करने के लिए लगाया गया है। रोहित ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी महीने होने वाली अंडर-19 वनडे और मल्टी-डे मैच की सीरीज के लिए चुने गए थे। उम्र को लेकर यह गड़बड़ी क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल की प्री-सीजन डॉक्यूमेंट जांच के दौरान सामने आई। इसके बाद रोहित को भारत की अंडर-19 टीम से बाहर कर दिया गया है। भारत के लिए तीन अंडर-19 मैच खेल चुके रोहित लेग स्पिनर रोहित यादव ने बंगाल के लिए एज-ग्रुप क्रिकेट में हिस्सा लिया है। कैब के मुताबिक, उनके दस्तावेजों में 27 महीने की उम्र का अंतर पाया गया। इसके बाद बीसीसीआई से जुड़े सभी राज्य क्रिकेट संघों को उनके बैन की जानकारी दे दी गई है। यह बैन तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। रोहित यादव ने श्रीलंका दौरे पर जुलाई में भारत की अंडर-19 टीम के लिए एक यूथ टेस्ट और दो वनडे खेले थे। इसमें उन्होंने 7 विकेट लिए थे। अंडर-19 के विश्व चैंपियन पर भी लगा बैन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी बैन लगाया है। इनमें अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे रवि कुमार का नाम भी शामिल है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि कुमार ने 2022 अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। रवि कुमार ने अंडर-19 विश्व कप 6 मैच खेले थे और 10 विकेट लिए थे। वह सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में भारतीय गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर थे। फाइनल में रवि ने इंग्लैंड के खिलाफ 9 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। 2022 में ही उन्होंने बंगाल के लिए डेब्यू किया था, लेकिन 2023 के बाद वह कोई मैच नहीं खेल पाए हैं। रवि कुमार के मामले में उम्र का अंतर 40 महीने से ज्यादा बताया जा रहा है। उनकी अंडर-19 क्रिकेट में डेब्यू से लेकर 2025-26 सीजन तक की सभी रिकॉर्डिंग को अमान्य माने जाएंगे।      

PCB के फैसलों से भड़के नासिर हुसैन, बोले- पाकिस्तान क्रिकेट को और खराब कर दिया

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम का इन द‍िनों बेड़ागर्क चल रहा है, उसे हर तरफ से आलोचना सहनी पड़ रही है. ताजा घटनाक्रम में इंग्लैंड इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ओर कमेंटेटर नास‍िर हुसैन का भी एक बयान आया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ही अपनी टीम को हंसी का पात्र बना द‍िया है. ध्यान रहे इंग्लैंड दौरे पर गई पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को हेड‍िंग्ले और लॉर्ड्स में दो टेस्ट में हार म‍िली. 0-2 से प‍िछड़ने के बाद अब पाकिस्तानी टीम अब एजबेस्टन में 9 स‍ितंबर को खेलने उतरेगी l इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भी PCB और उसके चेयरमैन मोहसिन नकवी के फैसलों पर जमकर नाराजगी जताई है. नासिर हुसैन ने साफ कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन पर वह पहले से ही निराश थे, लेकिन PCB ने जिस तरह पूरी स्थिति को संभाला, उससे पाकिस्तान क्रिकेट की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गईं l 'दुनिया पाकिस्तान पर नहीं हंस रही थी' हेडिंग्ले और लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद PCB ने इंग्लैंड दौरे से सात खिलाड़ियों और दो कोचों को वापस भेजने का फैसला किया. मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा और इमाम-उल-हक जैसे खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया. इसके अलावा टेस्ट कोच सरफराज अहमद की जगह बर्मिंघम में होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए माइक हेसन को जिम्मेदारी दी गई l नास‍िर हुसैन को लगाई लताड़ PCB के इन फैसलों पर सवाल उठाते हुए नासिर हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान की हालत पहले ही खराब थी, लेकिन उस समय लोग उसका मजाक नहीं बना रहे थे. स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट पर बात करते हुए हुसैन ने कहा- मुझे नहीं लगता कि हेडिंग्ले के बाद दुनिया पाकिस्तान पर हंस रही थी l उन्होंने आगे कहा कि लॉर्ड्स में उनकी नाराजगी पाकिस्तान के प्रदर्शन को लेकर थी. वह इस बात से निराश थे कि टीम ने मुकाबले में वापसी के लिए पर्याप्त संघर्ष नहीं किया. साथ ही भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के एकतरफा होते जाने और पाकिस्तान के खराब क्रिकेट खेलने पर भी उन्होंने अपनी निराशा जताई थी.लेकिन उनके मुताबिक, PCB के हालिया फैसलों ने पूरी स्थिति बदल दी l 'पाकिस्तान को Laughingstock बनाया' नासिर हुसैन ने कहा कि उनकी पिछली नाराजगी पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति देखकर पैदा हुई निराशा थी. लेकिन PCB ने जिस तरह हालात को संभाला, उससे मामला और बिगड़ गया. उन्होंने कहा- यह उस निराशा की वजह से था कि इतनी महान क्रिकेटिंग नेशन अब कहां पहुंच गई है. उन्होंने अब जो किया है, उससे पाकिस्तान हंसी का पात्र (Laughingstock) बन गया है. उन्होंने स्थिति को और खराब कर दिया है l इमाम विवाद पर भी PCB को घेरा नासिर हुसैन ने सबसे ज्यादा सवाल इमाम-उल-हक के मामले को लेकर उठाए. लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन इमाम को पिंडली में खिंचाव (calf strain) हुआ था. इस चोट के कारण वह मैच की दोनों पारियों में पाकिस्तान के लिए बल्लेबाजी नहीं कर सके. हालांकि चौथे दिन मैच शुरू होने से पहले इमाम को नेट्स में बल्लेबाजी करते हुए देखा गया. इसके बाद उनकी चोट की गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगे. इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने तो इसे कथित तौर पर 'सिर्फ दिखावा' तक बता दिया l इसी बीच PCB के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने लाइव टीवी पर इमाम की टीम के प्रति प्रतिबद्धता (commitment) पर सवाल उठा दिए. जावेद ने इमाम की आलोचना करते हुए उनकी स्थिति को लेकर सार्वजनिक तौर पर सवाल खड़े किए. यही बात नासिर हुसैन को सबसे ज्यादा नागवार गुजरी l 'खिलाड़ी को बस के नीचे कैसे फेंक सकते हैं?' हुसैन ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर अपने ही खिलाड़ी को सार्वजनिक मंच पर इस तरह कैसे निशाना बना सकता है. उन्होंने कहा- मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर टीवी पर जाकर सही या गलत तरीके से अपने ही खिलाड़ी को बस के नीचे कैसे फेंक सकता है. वह चोटिल है या नहीं है. इमाम के मामले में जिस तरह सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी हुई, उससे उन्होंने पूरी प्रक्रिया को हास्यास्पद बताया l

किदांबी श्रीकांत का तीन साल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, चाइना मास्टर्स क्वार्टर फाइनल में ली से हारे

नई दिल्‍ली किदांबी श्रीकांत का शुक्रवार को चाइना मास्‍टर्स में सफर समाप्‍त हो गया। भारतीय शटलर को शेनझेन में जारी बीडब्‍ल्‍यूएफ वर्ल्‍ड टूर सुपर 750 इवेंट में हांगकांग के ली चियुक ईयु के हाथों सीधे गेम्‍स में शिकस्‍त मिली। ली के हाथों पूर्व वर्ल्‍ड नंबर-1 को 16-21, 16-21 की शिकस्‍त मिली। श्रीकांत ने मैच की सकारात्‍मक शुरुआत करते हुए दो अंक तेजी से हासिल किए, लेकिन ली ने जल्‍दी ही बराबरी करके स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। हांगकांग के शटलर ने पहले गेम के दौरान अपनी बढ़त कायम रखी और पांच अंकों के अंतर से जीत दर्ज की। हां, श्रीकांत ने वापसी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन वो बढ़त का अंतर पाट नहीं सके। बढ़त के बावजूद गंवाया गेम श्रीलंका ने दूसरे गेम में मजबूत शुरुआत करते हुए 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन फिर लगातार चार गलतियां करके अपनी बढ़त गंवा दी। इस तरह ली को वापसी का मौका मिल गया। श्रीकांत ने दूसरे गेम में तगड़ी फाइट दी और एक समय 15-14 की बढ़त बना ली थी। मगर ली ने भारतीय शटलर की कमजोरी का फायदा उठाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। ली ने बेहतर किया रिकॉर्ड इस जीत के साथ ही हांगकांग के ली चियुक ईयु ने किदांबी श्रीकांत के खिलाफ अपना रिकॉर्ड बेहतर कर लिया है। श्रीकांत ने ली के खिलाफ लगातार चौथा मुकाबला गंवाया। भारतीय शटलर ने केवल 2018 इंडिया ओपन के पहले राउंड में ली को मात दी थी। श्रीकांत का तीन साल में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन बहरहाल, किदांबी श्रीकांत का तीन सालों में यह सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा। श्रीकांत ने चाइना मास्‍टर्स में अपने अभियान की शुरुआत चीनी ताइपे के ची यू-जेन को 35 मिनट में मात देकर की थी। श्रीकांत ने वर्ल्‍ड नंबर-21 को 21-16, 21-15 से मात दी थी। इसके बाद श्रीकांत ने वर्ल्‍ड नंबर-9 विक्‍टर लाई को मात देकर बड़ा उलटफेर किया। भारतीय शटलर ने प्री-क्‍वार्टर फाइनल में लाई को 21-18, 21-19 से मात दी थी।  

US Open में रिबाकिना का बड़ा लक्ष्य, सेमीफाइनल तक पहुंचना भी मानेंगी सफलता

नई दिल्ली  इस वर्ष शुरुआत ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने के साथ करने वाली एलिना रिबाकिना ने कहा कि ग्रैंडस्लैम चैंपियन बनने के बाद बढ़ी उम्मीदों ने उन पर दबाव बढ़ाने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वर्ष की शुरुआत उनके लिए बेहद अच्छी रही और वह इसी लय को वर्ष के अंतिम ग्रैंडस्लैम यूएस ओपन में जारी रखते हुए खिताब जीतना चाहती हैं। जियोस्टार द्वारा दैनिक जागरण से विशेष रूप से साझा किए गए साक्षात्कार में रिबाकिना ने बताया कि टोरंटो और सिनसिनाटी ओपन के बाद टीम के साथ उनकी तैयारी अच्छी रही और शारीरिक रूप से भी वह बेहतर महसूस कर रही थीं। हालांकि, व्यस्त शेड्यूल के कारण पर्याप्त नींद और रिकवरी नहीं मिल पाई। पिछले साल यूएस ओपन में चौथे दौर तक पहुंचने वाली रिबाकिना ने कहा कि इस वर्ष अगर वह सेमीफाइनल तक पहुंचती हैं तो इसे सफलता मानेंगी और उससे आगे जाना और भी शानदार होगा। यूएस ओपन के शोरगुल को लेकर उन्होंने कहा कि उनका ध्यान कोर्ट पर रहता है और वह अपनी टीम की आवाज सुनने की कोशिश करती हैं। न्यूयार्क में खाली समय मिलने पर उन्होंने अच्छे रेस्तरां में डिनर और सिनेमा का आनंद लिया, लेकिन फिलहाल उनका पूरा ध्यान विश्राम और मैच की तैयारी पर है।

‘बेबी बॉस’ पर BCCI की खास नजर, वैभव सूर्यवंशी समेत 10-15 युवा खिलाड़ियों का बनेगा भविष्य

नई दिल्ली महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है. बोर्ड अब 'बेबी बॉस' के मौजूदा प्रदर्शन के बजाय उनके लंबे इंटरनेशनल करियर पर ध्यान दे रहा है. बीसीसीआई चाहता है कि वैभव अपनी प्रतिभा को सही दिशा में आगे बढ़ाएं और आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के लिए लगातार योगदान दें l   गुरुवार (3 सितंबर) को मुंबई में हुई बीसीसीआई की हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने वैभव के भविष्य को लेकर बोर्ड की सोच स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि बीसीसीआई इस युवा खिलाड़ी को बेहद गंभीरता से देख रहा है और उसके करियर के हर कदम पर नजर रखी जा रही है l   देवजीत सैकिया ने कहा, 'हम चाहते हैं कि वैभव सूर्यवंशी या उनके जैसे किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का करियर आगे बढ़े और वह सचिन तेंदुलकर या अतीत के दूसरे दिग्गज खिलाड़ियों की तरह लंबे समय तक देश की सेवा करें l   वैभव पर दबाव ना बने: सैकिया देवजीत सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड वैभव से तुरंत नतीजे हासिल करने के बजाय उनके विकास को प्राथमिकता दे रहा है. बीसीसीआई की कोशिश है कि कम उम्र में मिली सफलता के बाद वैभव पर जरूरत से ज्यादा दबाव ना आए और वह लगातार अपने खेल में सुधार करते रहें l देवजीत सैकिया कहते हैं, 'हम बहुत सावधानी बरत रहे हैं कि वह हर सही कदम आगे बढ़ाएं, ताकि यह सिर्फ एक सीरीज या एक साल की कहानी बनकर न रह जाए.' IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में जगह मिली. इसके बाद वैभव भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने. इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 151 रन बनाकर जोरदार वापसी की l घरेलू क्रिकेट में भी वैभव सूर्यवंशी का शानदार फॉर्म जारी है. दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ 81 गेंदों में 92 रन बनाए. इस पारी के दौरान वह टूर्नामेंट के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने. दूसरी पारी में भी उन्होंने 40 रन बनाए और ईस्ट जोन को फाइनल में पहुंचाने में योगदान दिया l वैभव एक खास टागेट ग्रुप में बीसीसीआई की योजना केवल वैभव सूर्यवंशी तक सीमित नहीं है. देवजीत सैकिया के मुताबिक बोर्ड ने करीब 10-15 उभरते खिलाड़ियों को एक खास टारगेट ग्रुप में रखा है. इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट की लगातार निगरानी की जा रही है l देवजीत सैकिया ने बताया, 'हम सिर्फ वैभव को नहीं देख रहे हैं. हमारे टारगेट ग्रुप में करीब 10-15 खिलाड़ी हैं. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण उनके भविष्य, ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं. l वैभव सूर्यवंशी फिलहाल 13 सितंबर से शुरू होने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं. इसके अलावा वह एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी शामिल हैं, जहां वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की भूमिका निभाएंगे l

भारत ने ग्रुप-A में किया टॉप, सेमीफाइनल की तस्वीर साफ; जानें किस टीम से होगा मुकाबला

नई दिल्ली विमेंस एशिया कप 2026 में टीम इंडिया का दबदबा जारी है। थाइलैंड को 94 रनों से रौंदने के बाद भारत ने अपने दूसरे मुकाबले में स्मृति मंधाना के शतक के दम पर हॉन्ग-कॉन्ग को 137 रनों से धूल चटाई। इस धमाकेदार जीत से भारत ने ना सिर्फ विमेंस एशिया कप ग्रुप-ए पॉइंट्स टेबल में अपनी नंबर-1 की पोजिशन मजबूत कि बल्कि सेमीफाइनल के लिए भी क्वालीफाई किया। भारत विमेंस एशिया कप 2026 सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली टीम बन गई है। टीम इंडिया ने हॉन्ग-कॉन्ग के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए 194 रनों का टारगेट रखा था, जिसके सामने विपक्षी टीम ने 16.2 ओवर में महज 56 के स्कोर पर हथियार डाल दिए। भारत का लीग स्टेज का तीसरा और आखिरी मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से है। यह भारतीय टीम के लिए अब सिर्फ एक औपचारिक मैच ही होगा क्योंकि टीम इंडिया को पहले ही सेमीफाइनल का टिकट मिल चुका है। विमेंस एशिया कप 2026 ग्रुप-ए पॉइंट्स टेबल हॉन्ग-कॉन्ग पर 137 रनों की इस बड़ी जीत का असर भारत के नेट रन रेट पर साफ देखने को मिल रहा है। विमेंस एशिया कप 2026 पॉइंट्स टेबल में टीम इंडिया के खाते में 2 मैच के बाद 4 अंक है और भारत का नेट रन रेट 5 के पार है, जबकि दूसरा सर्वश्रेष्ठ नेट रन रेट श्रीलंका का 4.129 का है। भारत ने लगातार दूसरी जीत के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। ग्रुप-ए से दूसरी टीम पाकिस्तान सेमीफाइनल में कदम रख सकती है। भारत को 5 सितंबर को होने वाली बहुप्रतीक्षित मुकाबले के बाद उन्हें ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ खेलना है। पाकिस्तान पॉइंट्स टेबल में इस समय दूसरे पायदान पर है। टीम    मैच    जीत    हार    नो रिजल्ट    पॉइंट्स    नेट रन रेट भारत    2    2    0    0    4    +5.775 पाकिस्तान    1    1    0    0    2    +1.750 थाइलैंड    3    1    2    0    2    -2.050 हॉन्ग-कॉन्ग    2    0    2    0    0    -3.575 विमेंस एशिया कप 2026 ग्रुप-बी पॉइंट्स टेबल ग्रुप-बी में इस समय श्रीलंका का राज चल रहा है। श्रीलंका ने भी भारत की तरह लगातार दो मुकाबले जीत लिए हैं, हालांकि उनकी अधिकारिक रूप से सेमीफाइनल में जगह कन्फर्म नहीं हुई है। उनका आखिरी मैच बांग्लादेश से बाकी है, जो 6 सितंबर को खेला जाएगा। बांग्लादेश ने अभी तक टूर्नामेंट में एक ही मैच खेला है, जिसमें इंडोनेशिया के खिलाफ 71 रनों से जीत दर्ज कर टीम दूसरे पायदान पर बनी हुई है। ये दोनों टीमें ही सेमीफाइनल की प्रबल दावेदार हैं। टीम    मैच    जीत    हार    नो रिजल्ट    पॉइंट्स    नेट रन रेट श्रीलंका    2    2    0    0    4    +4.129 बांग्लादेश    1    1    0    0    2    +3.550 इंडोनेशिया    2    0    2    0    0    -3.650 यूएई    1    0    1    0    0    -6.263 भारत का विमेंस एशिया कप 2026 सेमीफाइनल मैच किस टीम से? विमेंस एशिया कप 2026 में भारत का लीग स्टेज का तीसरा और आखिरी मैच पाकिस्तान से 5 सितंबर को है। अगर टीम इंडिया इस मुकाबले को जीतने में कामयाब रहती है तो वह जीत की हैट्रिक लगाकार सेमीफाइनल खेलने उतरेगी। भारत सेमीफाइनल में कदम ग्रुप-ए की टॉपर टीम बनकर रखेगा, ऐसे में नियमों के अनुसार उनका मुकाबले ग्रुप-बी में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम से होगा। ज्यादातर संभावना है कि इस पोजिशन पर बांग्लादेश की टीम रहेगी। अगर बांग्लादेश की टीम श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में कुछ बड़ा उलटफेर करने में कामयाब रहती है तो इक्वेशन थोड़ी बदल सकती है। इस स्थिति में भारत-श्रीलंका सेमीफाइनल देखने को मिल सकता है। नियमों के अनुसार विमेंस एशिया कप 2026 पहला सेमीफआइनल ग्रुप-ए की नंबर-1 टीम और ग्रुब-बी में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीमों के बीच होगा। वहीं दूसरे सेमीफाइनल ग्रुप-ए में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम और ग्रुप-बी की टॉपर के बीच होगा।

श्री चरणी का बड़ा कमाल, दीप्ति शर्मा को पछाड़ा; पूनम यादव के रिकॉर्ड पर नजर

नई दिल्ली   भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई में खेले जा रहे एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। लगातार 2 मैच जीतकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया को पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच खेलना है। गुरुवार को भारतीय टीम ने हांगकांग को 137 रनों से हराया। इस मैच में स्मृति मंधाना के विस्फोटक शतक के साथ ही श्री चरणी ने भी अपनी गेंदबाजी के खास उपलब्धि हासिल की। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए थे। हांगकांग 16.2 ओवर में 56 रन पर सिमट गई और 137 रन से हार गई। हांगकांग को 56 पर समेटने में श्री चरणी का अहम योगदान रहा।  बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 3.2 ओवर में 16 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा, दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लिए, जबकि नंदिनी शर्मा और प्रेमा रावत को भी 2-2 विकेट लिए। श्री चरणी ने 2 विकेट लेकर एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने के वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ दिया। चरणी ने 2026 में अब तक 31 टी20 विकेट लिए है। दीप्ति शर्मा ने 2024 में 30 और 2022 में 29 विकेट लिए थे। एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने का महिला भारतीय रिकॉर्ड पूनम यादव के नाम है। पूनम ने 2018 में 35 विकेट लिए थे। श्री चरणी के पास इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का भरपूर अवसर है। पूरी संभावना है कि जारी एशिया कप में ही चरणी एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने वाली भारतीय महिला गेंदबाज होने का भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी। हांगकांग के खिलाफ हुए इस मैच का मुख्य आकर्षण स्मृति मंधाना की शतकीय पारी रही। मंधाना ने 64 गेंदों पर 7 छक्कों और 14 चौकों की मदद से 124 रन की पारी खेली। मंधाना का टी20 क्रिकेट का यह दूसरा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 18वां शतक था। मंधाना अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। 

100 किमी दौड़कर फेंकी सिर्फ 1 गेंद, इंग्लिश क्रिकेटर ने रचा अनोखा विश्व रिकॉर्ड

लंदन  क्या आप भरोसा करते हैं कि किसी गेंदबाज ने एक गेंद  फेंकने के लिए 100 किमी. की दौड़ लगाई! आप कहेंगे कि भला यह क्या बात हुई! बिल्कुल बात आपकी सही है. इस पर एक बार को भरोसा करना मुश्किल है, लेकिन यह बात एकदम दो सौ फीसद सही है. इंग्लैंड में एक स्थानीय क्रिकेटर  सैम बोडोआनो ने यह हैरान कर देने वाली उपलब्धि हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया. उसने सिर्फ एक गेंद फेंकने के लिए 100 किमी. की दौड़ लगाई.  सैम बोडोआनो ने अपना रन-अप लॉर्ड्स से शुरू किया और सरे के वोकिंग में वैली एंड क्रिकेट क्लब में गेंद फेंकी. इसके साथ ही, उन्होंने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने के लिए भी आवेदन किया है।  100 किमी के रन अप में लगा इतना समय  सैम बोडोआनो को इस रन-अप में 14 घंटे का समय लगा. बोडोआनो का यह प्रयास दान (चैरिटी) के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से था. उन्होंने कैंसर चैरिटी 'द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन' के लिए कुल £6,000 जुटाए, जिसकी स्थापना इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने अपनी दिवंगत पत्नी रूथ की याद में की थी।  . रिकॉर्ड को आधिकारिक बनाने के लिए उन्हें क्रिकेट की सफेद पोशाक पहनकर हाथ में गेंद लेकर दौड़ना था. साथ ही फिर उस ऐतिहासिक गेंद को फेंकने के बाद एक मैच भी खेलना था. बोडोआनो के इस प्रयास ने टॉम डन के 24 किलोमीटर के रन-अप को पीछे छोड़ दिया है, जिसे साल 2024 में बनाया गया था।  'बयां किया- कैसा रहा अनुभव' 'द टेलीग्राफ' में उद्धृत बयानों के अनुसार, अपनी इस उपलब्धि के बाद बोडोआनो ने कहा, 'पूरे समय गेंद को पकड़े रहना काफी परेशान करने वाला था, लेकिन लेकिन मुझे आश्चर्य हुआ कि सफेद कपड़े पहनना उतना असुविधाजनक नहीं था जितना मैंने सोचा था. मुझे लगा था कि त्वचा छिलना बहुत खराब होगा. यह बहुत कठिन था, मेरे पैर पूरी तरह से थककर टूट चुके थे, लेकिन मैं इसे पूरा करने में सफल रहा और रास्ते में मुझे बहुत अच्छा समर्थन मिला।  उन्होंने आगे कहा, 'मैं बहुत थका हुआ हूं. मेरी नींद पूरी नहीं हुई, लेकिन यह सब एक अद्भुत उद्देश्य के लिए था. मैं सोशल मीडिया पर कई चुनौतियां लेता रहता हूं. कोई भी ऐसी चीज जहां मैं अपने जुनून को एक साथ जोड़ सकूं. मैं अपनी जिंदगी के अधिकांश हिस्से में क्रिकेट खेलता रहा हूं. इसलिए अल्ट्रा-मैराथन जैसी चीजों को क्रिकेट के साथ जोड़ना कुछ ऐसा था जिसके लिए मैं बहुत उत्सुक था.' गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के नियमों के अनुसार, बोडोआनो का प्रयास अब एक औपचारिक सत्यापन प्रक्रिया से गुजरेगा. इसके बाद बाद रिकॉर्ड को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी जाएगी। 

एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत तैयार, 758 सदस्यीय दल मैदान में दिखाएगा दम; बनेगा नया रिकॉर्ड?

 नई दिल्ली आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय दल पूरी तरह तैयार है. युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस महाकुंभ के लिए 758 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी है. इसमें 503 खिलाड़ी और 246 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं।  भारत 43 में से 35 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा. भारत ने पिछले एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार किया था. हांगझोउ में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 107 मेडल अपने नाम किए थे. अब जापान में इस प्रदर्शन को और बेहतर करने की कोशिश होगी।  भारतीय दल में 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. शुरुआती सूची में 492 खिलाड़ियों को मंजूरी मिली थी, लेकिन बाद में 11 और खिलाड़ियों को शामिल किया गया. इनमें एथलेटिक्स के छह, सर्फिंग के चार और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) का एक खिलाड़ी शामिल है।  एथलेटिक्स में प्रवीण कुमार, हरिता भद्रा, किरण पहल, आशा इलांगो, सिंधुश्री गणेशा और सान्या यादव को जगह मिली है. वहीं MMA में वरुण सन्याल, जबकि सर्फिंग में किशोर कुमार, शिवराज बाबू, कमाली प्रकाश और शुगर शांति गायेन भारतीय दल का हिस्सा होंगे। क्रिकेट में 50 सदस्यीय दल क्रिकेट इवेंट (पुरुष एवं महिला) के लिए भारत का दल 50 सदस्यों का होगा. इनमें कुल 20 सपोर्ट स्टाफ भी शामिल हैं. पुरुष टीम के हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण होंगे, जबकि महिला टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी अमोल मजूमदार संभालेंगे. क्रिकेट में भारत की दोनों टीमें मजबूत दावेदार के रूप में उतरेंगी।  हॉकी (पुरुष एवं महिला) में भारत कुल 54 सदस्यीय दल भेजेगा. इसमें 40 खिलाड़ी और 14 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं. एशियन गेम्स में हॉकी भारत के लिए पदक की अहम उम्मीदों में शामिल रहेगा।  भारतीय दल में सबसे बड़ा नाम जो नजर नहीं आएगा, वो नीरज चोपड़ा का है. स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज एंकल लिगामेंट की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. नीरज ने जकार्ता (2018) और हांगझोउ (2023) एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीते थे. ऐसे में उनके बाहर होने से भारत के एथलेटिक्स अभियान को बड़ा झटका लगा है।  भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से 19 अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी जापान जाएगा. वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के प्रमुख सहदेव यादव को शेफ डी मिशन बनाया गया है, जबकि चार डिप्टी शेफ डी मिशन उनकी मदद करेंगे. डॉ. दिनशॉ पारदीवाला को चीफ मेडिकल ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

2027 वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटा BCCI, साउथ अफ्रीका में टीम इंडिया खेलेगी 4-6 वनडे; तैयार होगा बड़ा रोडमैप

 नई दिल्ली टीम इंडिया  वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज खेल सकती है. BCCI और CSA के बीच 4 से 6 मैचों की सीरीज को लेकर बातचीत चल रही है. टीम मैनेजमेंट ने अफ्रीकी परिस्थितियों में गेम टाइम मांगा है. नई FTP अभी तैयार नहीं है, इसलिए वर्ल्ड कप से ठीक पहले इस सीरीज के आयोजन की संभावना बनी हुई है।  भारतीय क्रिकेट टीम 2027 में होने जा रहे वनडे वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका का दौरा कर सकती है, यह दौरान वनडे वर्ल्ड कप के ल‍िहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।  टीम इंडिया के पास 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों में खुद को ढालने का मौका मिल सकता है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) के बीच वर्ल्ड कप से ठीक पहले एक वनडे सीरीज करवाने लेकर बातचीत चल रही है. टीम मैनेजमेंट ने खुद इस तरह की सीरीज की मांग की है।  दरअसल, 2027 का वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर की विंडो में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है. ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट चाहता है कि विश्व कप शुरू होने से पहले टीम को अफ्रीकी परिस्थितियों में पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिले।  कितने मैचों की हो सकती है सीरीज? मौजूदा बातचीत के मुताबिक भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 4 से 6 वनडे मैचों की सीरीज कराए जाने पर विचार हो रहा है. अभी इसका  शेड्यूल या मैचों की  संख्या तय नहीं हुई है।  इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम मैनेजमेंट के अनुरोध के बाद BCCI ने CSA से संपर्क किया है. मकसद साफ है- वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों को अफ्रीकी परिस्थितियों में ज्यादा से ज्यादा गेम टाइम देना और टीम को वहां के हालात के लिए तैयार करना।  यानी यह सिर्फ एक सामान्य द्विपक्षीय सीरीज नहीं होगी. टीम इंडिया इसे वर्ल्ड कप की तैयारी के हिस्से के तौर पर देख सकती है।  अफ्रीका में खेलने का फायदा क्या होगा? वनडे वर्ल्ड कप के दौरान टीमों को दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों का सामना करना होगा. ऐसे में वहां जाकर खेलने से भारतीय खिलाड़ियों को पिच, उछाल, मौसम और तेज गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी जैसे पहलुओं को समझने का मौका मिलेगा।  खास तौर पर वर्ल्ड कप से ठीक पहले सीरीज होने का फायदा यह होगा कि खिलाड़ी परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बिठा सकेंगे. यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट ने अफ्रीका में मैच खेलने की जरूरत BCCI के सामने रखी है।  रिपोर्ट के मुताबिक, नया फ्यूचर  टूर प्रोग्राम (FTP)अभी तैयार नहीं हुई है. ऐसे में वर्ल्ड कप से ठीक पहले इस सीरीज को शेड्यूल करने में फिलहाल कोई बड़ी अड़चन नहीं दिख रही है।  मौजूदा FTP में क्यों नहीं है यह दौरा? 2023-27 के मौजूदा FTP में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच वर्ल्ड कप से पहले ऐसी कोई वनडे सीरीज निर्धारित नहीं है. मौजूदा FTP के तहत भारत के द्विपक्षीय कार्यक्रम लगभग मार्च 2027 तक चलते हैं।  इसके बाद 2027 वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में होना है. इस लंबे अंतराल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज फिट करने की गुंजाइश बन सकती है. नई FTP अभी तय नहीं हुई है, इसलिए BCCI और CSA के पास शेड्यूल  लेकर बदलाव की जगह मौजूद है।  भारत के 2026-27 के घरेलू कार्यक्रम में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे, न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और फिर श्रीलंका तथा जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन-तीन वनडे शामिल हैं. इसके अलावा अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ T20I मुकाबले भी हैं।  इसके बाद भारत को न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज और घर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी खेलनी है. इतना बिजी शेड्यूल होने की वजह से खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस को लेकर भी BCCI चिंतित है।  2023 में भी अफ्रीका में जीती थी ODI सीरीज भारत ने आखिरी बार साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज दिसंबर 2023 में खेली थी. उस दौरे पर भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी. जोहान‍िसबर्ग में खेले गए पहले वनडे में भारत ने साउथ अफ्रीका को 116 रन पर समेटकर 8 विकेट से जीत दर्ज की थी. दूसरे वनडे में साउथ अफ्रीका ने वापसी करते हुए 8 विकेट से मुकाबला जीता. इसके बाद पार्ल में तीसरे वनडे में भारत ने 78 रन से जीत हासिल कर सीरीज अपने नाम कर ली।  इस सीरीज में संजू सैमसन ने निर्णायक तीसरे वनडे में शतक लगाया था, जबकि अर्शदीप सिंह ने सीरीज में शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 विकेट हासिल किए थे. साई सुदर्शन ने भी उस सीरीज में प्रभावित किया था और तीन मैचों में 127 रन बनाए थे।  भारत ने इसके बाद नवंबर 2024 में साउथ अफ्रीका का T20I दौरा जरूर किया, लेकिन मौजूदा FTP में वर्ल्ड कप को-होस्ट के खिलाफ कोई वनडे सीरीज नहीं खेली है।  फिलहाल साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज की तारीखों या मैचों की संख्या पर अंतिम मुहर नहीं लगी है. लेकिन अगर BCCI और CSA के बीच बात बनती है, तो वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक पहले अफ्रीकी धरती पर टीम इंडिया की यह सीरीज उसकी तैयारियों के लिए बड़ा बूस्टर साबित हो सकती है।