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एशियन गेम्स में Team India के नए कोच होंगे VVS लक्ष्मण, गंभीर की गैरमौजूदगी में संभालेंगे कमान

नई दिल्ली जापान में होने जा रहे एशियन गेम्स 2026 को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं. 24 सितंबर से शुरू होने वाले मेन्स क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम की अगुवाई श्रेयस अय्यर करेंगे. मगर टीम के साथ हेड कोच गौतम गंभीर जापान नहीं जाएंगे. एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की मल्टी-फॉर्मेट सीरीज की तारीखें आपस में टकरा रही हैं. इसी वजह से भारतीय क्रिकेट टीम को दो अलग-अलग मोर्चों पर उतरना होगा. नियमित टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलेगी, जबकि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।  गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे. समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी सामने आई है. लक्ष्मण के साथ सुनील जोशी, ऋषिकेश कनितकर और सुभदीप घोष सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा होंगे. वहीं मारूफ फजंदर टीम के सपोर्ट स्टाफ के लीडर की भूमिका निभाएंगे. भारत की टीम में कई बड़े टी20 सितारे शामिल हैं, ऐसे में उसे स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।  टीम इंडिया सीधे क्वार्टर फाइनल खेलेगी भारत के सपोर्ट स्टाफ में कोचिंग और अन्य भूमिकाओं के लिए कई सदस्य होंगे. एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल में एथलेटिक्स के बाद क्रिकेट का सपोर्ट स्टाफ सबसे बड़ा होगा. भारतीय टीम को एशियन गेम्स में ग्रुप स्टेज खेलने की जरूरत नहीं होगी. भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है।  श्रेयस अय्यर ब्रिगेड टूर्नामेंट का दूसरा क्वार्टर फाइनल खेलेगी और यही उसका एशियन गेम्स 2026 में पहला मुकाबला होगा. उधर पाकिस्तान पहले क्वार्टर फाइनल में उतरेगा. भारत और पाकिस्तान के अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश को भी सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है. हालांकि, क्वार्टर फाइनल में इन टीमों के सामने कौन होगा, इसका फैसला बाद में होगा।  भारत की टीम में अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण है. कप्तान श्रेयस अय्यर के अलावा अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी यूनिट को मजबूती देते हैं. ऑलराउंड डिपार्टमेंट में शिवम दुबे, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर मौजूद हैं. वहीं वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन डिपार्टमेंट में मोर्चा संभालेंगे. तेज गेंदबाजी यूनिट में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्प टीम को खासा मजबूत बनाते हैं।  वैसे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर सबकी निगाहें होंगी. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) और घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव को अब एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलेगा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टी20 क्रिकेट में मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं. यही वजह है कि भारत को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है।  भारतीय टीम:  श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी। 

एशिया कप में गेंदबाज का कहर! 5 रन देकर झटके 7 विकेट, हैट्रिक समेत बना डाला रिकॉर्ड

 दुबई दुबई में खेले जा रहे विमेंस एशिया कप में बुधवार (2 अगस्त) को श्रीलंकाई टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू ने इतिहास रच दिया. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इंडोनेशिया के खिलाफ आयोजित ग्रुप बी के मुकाबले में अटापट्टू ने सिर्फ 5 रन देकर 7 विकेट झटक लिए. इसके साथ ही अटापट्टू किसी एशिया कप (महिला या पुरुष) मैच में सात विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज बन गईं।  चमारी अटापट्टू ने 3.3 ओवर्स की गेंदबाजी में इंडोनेशियाई बल्लेबाजी यूनिट की कमर तोड़ दी. 19वें ओवर में शुरुआती तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर अटापट्टू ने हैट्रिक भी बनाई. उनकी इस घातक गेंदबाजी के चलते इंडोनेशिया की पूरी टीम 18.3 ओवरों में महज 49 रनों पर ढेर हो गई और श्रीलंका ने 75 रनों से मुकाबला जीत लिया।  इससे पहले किसी एशिया कप मैच में सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग का रिकॉर्ड पाकिस्तान की जावेरिया खान के नाम था. जवेरिया ने विमेंस एशिया कप 2008 में बांग्लादेश के खिलाफ 8 रन देकर छह विकेट लिए थे. अब चमारी अटापट्टू के नाम एक एशिया कप मैच में 7 विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।  अजंता मेंडिस का भी रिकॉर्ड तोड़ा चमारी अटापट्टू का यह प्रदर्शन सिर्फ एशिया कप तक सीमित नहीं रहा. टी20 इंटरनेशनल में किसी श्रीलंकाई गेंदबाज (पुरुष या महिला) का ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है. अटापट्टू ने अजंता मेंडिस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने सितंबर 2012 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 8 रन देकर 6 विकेट झटके थे।  चमारी अटापट्टू टी20I एशिया कप (महिला या पुरुष) मैच में छह या उससे अधिक विकेट लेने वाले पहली गेंदबाज भी हैं. इससे पहले टी20I एशिया कप के विमेंस संस्करण में पाकिस्तान की तीन और थाईलैंड की एक गेंदबाज पांच-पांच विकेट हॉल ले चुकी थीं. मेन्स टी20I एशिया कप में भुवनेश्वर कुमार पांच विकेट हॉल लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं।  चमारी अटापट्टू किसी टी20 इंटरनेशनल मैच में सात विकेट लेने वाली दुनिया की सिर्फ दूसरी कप्तान बनी हैं. उनसे पहले यह कारनामा अर्जेंटीना की एलिसन स्टॉक्स ने किया था. स्टॉक्स ने 14 अक्टूबर 2022 को पेरू के खिलाफ 3.4 ओवर्स में 3 रन देकर 7 विकेट हासिल किए थे। 

Vaibhav Suryavanshi रचेंगे इतिहास! भारत में डेब्यू करते ही बनाएंगे बड़ा रिकॉर्ड, उम्र सिर्फ 15 साल

मुंबई  अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है. टी-20 टीम में वैभव सूर्यवंशी का भी नाम है, हाल ही में वैभव ने इंग्लैंड दौरे पर टी-20 टीम में खेलकर भारत के लिए डेब्यू किया था. ऐसा कर वैभव भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने हैं. वैभव ने सचिन तेंदुलकर के सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था. तेंदुलकर ने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच 16 साल और 75 दिन की उम्र में खेला था. वहीं, वैभव ने साल 2026 में इग्लैंड के खिलाफ जब अपना पहला मैच खेला तो वैभव की उम्र 15 साल और 99 दिन थी।  अब एक बार फिर वैभव इतिहास रचने वाले हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज में जैसे ही वैभव कोई मैच खेलेंगे तो वह भारत में भारत की ओर से सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. इस समय यह कारनामा पीयूष चावला के नाम है. पीयूष ने अपना डेब्यू भारत में ही खेलकर दिया था. पीयूष चावला ने जब अपना पहला मैच खेला था तो उनकी उम्र 17 साल और 75 दिन थी. पीयूष ने मोहाली में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलकर अपना पहला मैच भारत में खेला था।    भारत में सबसे कम उम्र में पहला मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी     पीयूष चावला 17 साल 75 दिन- मोहाली में, 9 मार्च, 2006 vs इंग्लैंड (टेस्ट)      हरभजन सिंह- 17 साल 265 दिन- बेंगलुरु, 25 मार्च 1998 vs ऑस्ट्रेलिया(टेस्ट)     विजय मेहरा- 16 साल 265 दिन- मुंबई, 2 दिसंबर 1955 vs न्यूजीलैंड (टेस्ट) अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी*, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर*, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह*, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा

महिलाओं के हुनर को मिलेगा मंच, आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर  नारी सशक्तीकरण के संकल्प के साथ सुशासन की सरकार प्रदेश की माताओं-बहनों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में प्रदेशभर में महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसी क्रम में आज अंबिकापुर के ग्राम खम्हरिया और ग्राम उदयपुर में महतारी सदन निर्माण कार्य का भूमिपूजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि महतारी सदन हमारी माताओं-बहनों के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का केंद्र होगा। यह महिलाओं को एक ऐसा सशक्त मंच उपलब्ध कराएगा, जहां वे बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न सामाजिक और आर्थिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। महिलाओं को संगठित कर उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाएगा महतारी सदन मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि महतारी सदन गांव की मातृशक्ति को संगठित करने और उनकी प्रतिभा एवं हुनर को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में अनेक पारंपरिक कौशल और प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्हें उचित मंच और अवसर मिलने पर वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि परिवार और समाज की आर्थिक मजबूती में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक, प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के संचालन की सुविधा मिलेगी। इससे महिलाओं के बीच आपसी सहभागिता और समन्वय बढ़ेगा तथा उन्हें सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। महिला सशक्तीकरण से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना परिवार और समाज की मजबूती का आधार है। जब महिलाएं अपने हुनर और क्षमता के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। महतारी सदन महिलाओं के सामाजिक सशक्तीकरण के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बनेगा। इसके जरिए मातृशक्ति को अपनी क्षमताओं को पहचानने, उन्हें निखारने और नए अवसरों से जुड़ने का मंच मिलेगा। नारी सम्मान और सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता  राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नारी सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तीकरण को विकास की प्राथमिकता से जोड़कर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी विकास के समान अवसर मिलें और वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महतारी सदनों का निर्माण इसी सोच का हिस्सा है। यह पहल महिलाओं को एकजुट करने, उनके कौशल को प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। खम्हरिया और उदयपुर की मातृशक्ति को मिली सौगात अंबिकापुर क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया और ग्राम उदयपुर में महतारी सदन के निर्माण का भूमिपूजन क्षेत्र की मातृशक्ति के लिए महत्वपूर्ण सौगात है। इन सदनों के निर्माण से स्थानीय महिलाओं को अपनी गतिविधियों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा और वे सामूहिक रूप से सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकेंगी। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर दोनों ग्रामों के समस्त क्षेत्रवासियों एवं मातृशक्ति को महतारी सदन की महत्वपूर्ण सौगात के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खम्हरिया और उदयपुर के महतारी सदन आने वाले समय में महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, सशक्तीकरण, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित होंगे।  

Gill-Bumrah का डाउनफॉल, Padikkal का उछाल; ICC Ranking के बाद शुभमन गिल के T20 भविष्य पर सवाल

नई दिल्ली भारतीय कप्तान शुभमन गिल और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ताजा ICC टेस्ट रैंकिंग में झटका लगा है. गिल बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान फिसलकर 9वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि बुमराह गेंदबाजों की रैंकिंग में दूसरे से तीसरे नंबर पर खिसक गए. दूसरी ओर, देवदत्त पडिक्कल ने 5 स्थान की छलांग लगाकर 54वां स्थान हासिल किया है।  श्रीलंका दौरे पर तीन पारियों में गिल के बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला था. वह अब भी भारत के दूसरे सबसे ऊंची रैंकिंग वाले बल्लेबाज हैं, जबकि ऋषभ पंत 7वें स्थान पर कायम हैं. यशस्वी जायसवाल 11वें नंबर पर बरकरार हैं।  पडिक्कल के लिए श्रीलंका दौरा शानदार रहा. दो टेस्ट में 328 रन और दो शतक के साथ वह भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, जिसका फायदा उन्हें रैंकिंग में भी मिला।  वहीं बुमराह श्रीलंका दौरे पर घुटने की चोट के कारण नहीं खेल सके थे. वह अब गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं, जहां ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और न्यूजीलैंड के मैट हेनरी उनसे आगे हैं।  श्रीलंका के सोनल दिनुषा ने भी रैंकिंग में जबरदस्त छलांग लगाई है. भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में शानदार शतक के बाद वह 29 पायदान ऊपर चढ़कर बल्लेबाजों की रैंकिंग में 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं।  2028 वर्ल्ड कप प्लान से बाहर हो चुका है ‘प्रिंस’? वर्ल्ड कप 2026 जीतने से ठीक पहले जो बल्लेबाज तीनों फॉर्मेट का कप्तान माना जा रहा था वो आज फटाफट क्रिकेट में हाशिए पर चढ़ाया जा चुका है. वैसे भारतीय क्रिकेट टीम जब भी किसी नए दौर में कदम रखती है, तो कुछ फैसले प्रशंसकों और विश्लेषकों को हैरान कर देते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला फैसला हाल ही में देखने को मिला, जब अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम से सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल का पत्ता फिर से कट गया।  शुभमन गिल को तीनों फॉर्मेट में भारत का अगला बल्लेबाजी स्तंभ माना जा रहा था. वनडे और टेस्ट में उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी देकर ‘भविष्य का कप्तान’ घोषित किया जा चुका है. ऐसे में टी20 टीम से उनका बाहर होना महज एक आराम देना नहीं, बल्कि भारतीय चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के एक बड़े रणनीतिक बदलाव का सीधा संकेत है. यह फैसला साफ करता है कि टी20 इंटरनेशनल में अब गिल की जगह पक्की नहीं है और टीम मैनेजमेंट आगामी बड़े टूर्नामेंट्स के लिए नए विकल्पों को आजमा रहा है।  4 ओपनर्स की मौजूदगी: 2028 वर्ल्ड कप प्लान से गिल बाहर? भारतीय चयनकर्ताओं ने अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ सीरीज में चार बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों को टीम में शामिल किया है. इनमें वैभव सूर्यवंशी , ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे आक्रामक नाम शामिल हैं. टीम में इन चार ओपनर्स की मौजूदगी सीधा इशारा करती है कि 2028 टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती खाके से शुभमन गिल फिलहाल बाहर हो चुके हैं. चयनकर्ताओं की इस रणनीति के पीछे मुख्य वजहों को समझने की कोशिश करते हैं. आज का टी20 क्रिकेट पहली ही गेंद से प्रहार करने वाले बल्लेबाजों की मांग करता है. टीम मैनेजमेंट शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों जैसे वैभव और अभिषेक को प्राथमिकता दे रहा है, जो पावरप्ले का भरपूर फायदा उठा सकें. रोहित शर्मा और विराट कोहली के युग के बाद, टीम अब ‘एंकर’ (पारी संभालने वाले) बल्लेबाजों के बजाय ‘इम्पैक्ट’ (तेज रन बनाने वाले) खिलाड़ियों पर दांव लगा रही है. गिल की शैली पारी को बुनने की है, जो इस नए एप्रोच में फिट नहीं बैठ रही।  दो फॉर्मेट के कप्तान का टी20 स्ट्राइक रेट कमजोर कड़ी शुभमन गिल को टेस्ट और वनडे क्रिकेट का कप्तान (या उप-कप्तान) बनाकर बोर्ड ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है। लेकिन टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन और विशेषकर उनका स्ट्राइक रेट उनके लिए सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है. वैभव, संजू और अभिषेक के मुकाबले गिल का टी20 इंटरनेशनल में करियर स्ट्राइक रेट लगभग 135 से 139 के बीच झूलता रहा है. आज के दौर में जहां ओपनर्स 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं, वहां गिल का यह आंकड़ा काफी साधारण नजर आता है.शुरुआती ओवर्स में गिल को क्रीज पर सेट होने के लिए गेंदे चाहिए होती हैं. इससे पावरप्ले में टीम का रन रेट धीमा हो जाता है, जिसका दबाव आने वाले बल्लेबाजों पर पड़ता है. हलांकि आईपीएल में गिल ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत गेंदबाजी आक्रमण और कड़े हालात में वे लगातार तेज गति से रन बनाने में संघर्ष करते दिखे हैं।  क्या गिल के लिए रास्ते बंद हो चुके हैं? अफ़ग़ानिस्तान सीरीज से बाहर होने का मतलब यह कतई नहीं है कि शुभमन गिल का टी20 करियर खत्म हो गया है. हालांकि, इसने उनके लिए खतरे की घंटी जरूर बजा दी है यदि उन्हें टी20 टीम में दोबारा वापसी करनी है और 2028 वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा बनना है, तो उन्हें अपने खेल के तरीके में बड़ा बदलाव करना होगा. उन्हें आईपीएल और घरेलू टी20 मैचों में खुद को एक आक्रामक और निडर बल्लेबाज के रूप में साबित करना होगा, जो पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर हावी हो सके. फिलहाल के लिए, ‘प्रिंस’ को यह समझना होगा कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ क्लास नहीं, बल्कि ‘इम्पैक्ट’ और ‘स्पीड’ ही राज करती है। 

US Open में Aryna Sabalenka की ड्रेस बनी चर्चा का विषय, बोलीं- ‘लोग क्या सोचते हैं, किसे परवाह?’

न्यूयॉर्क 2026 यूएस ओपन पहले से ही यादगार खेल क्षण पेश कर रहा है, लेकिन विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबलेंका यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सुर्खियां केवल उनके शक्तिशाली बेसलाइन खेल तक ही सीमित न रहें। बेलारूसी टेनिस स्टार ने हाल ही में टूर्नामेंट के सबसे चर्चित फैशन प्रदर्शनों में से एक को अंजाम देते हुए न्यूयॉर्क के हार्ड कोर्ट को अपने निजी रैंप पर उतारकर, उच्च फैशन के चरमवाद को विशिष्ट स्पोर्ट्सवियर के साथ मिश्रित किया। दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका एक बार फिर अपने खेल के साथ-साथ अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं. US Open में उनके बोल्ड आउटफिट ने खूब सुर्खियां बटोरीं. ऑरेंज और ब्लैक रंग की जालीदार ड्रेस में कोर्ट पर उतरीं सबालेंका की स्पोर्ट्स ब्रा और शॉर्ट्स साफ नजर आ रहे थे. उनके इस लुक को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ फैन्स ने सवाल भी उठाए।  हालांकि, 28 साल की बेलारूसी बाला सबालेंका को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आलोचनाओं पर उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘लोग क्या सोचते हैं, किसे परवाह? मुझे यह पसंद है।  हर ग्रैंड स्लैम में अलग अंदाज सबालेंका ने बताया कि इस साल Nike के उनके आउटफिट्स को अलग-अलग ग्रैंड स्लैम के मेजबान शहर और वहां के खेलों से जोड़कर तैयार किया गया है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए सर्फिंग, फ्रेंच ओपन के लिए बैले और Wimbledon के लिए क्रिकेट से प्रेरणा ली गई थी।  US Open के लिए उनकी ड्रेस का थीम बास्केटबॉल रखा गया है. न्यूयॉर्क में इस थीम को चुनना भी खास है, क्योंकि इसी साल शहर की NBA टीम न्यूयॉर्क निक्स ने 53 साल बाद खिताब जीता था।  सबालेंका ने कहा कि न्यूयॉर्क में बास्केटबॉल थीम बिल्कुल फिट बैठती है. उनके मुताबिक, आउटफिट की यही विशिष्टता उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है।  सिर्फ ड्रेस नहीं, ज्वेलरी ने भी खींचा ध्यान सबालेंका के इस लुक को और खास बनाया न्यूयॉर्क के Material Good की ज्वेलरी ने. उनकी ज्वेलरी की कुल कीमत करीब 127 कैरेट बताई गई. इससे पहले फ्रेंच ओपन में भी वह पारदर्शी अंदाज वाली ड्रेस और महंगी ज्वेलरी के साथ नजर आई थीं।  यानी सबालेंका का US Open लुक सिर्फ कोर्ट पर पहना गया एक आउटफिट नहीं था, बल्कि न्यूयॉर्क की स्पोर्ट्स संस्कृति को अपने अंदाज में पेश करने का एक फैशन स्टेटमेंट भी था।  कोर्ट पर नतीजा रहा मिला-जुला मिक्स्ड डबल्स में सबालेंका ने नोवाक जोकोविच के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन दोनों को राउंड ऑफ 16 में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद महिला सिंगल्स में सबालेंका ने अपने ऑरेंज आउटफिट के साथ जीत से शुरुआत की।  कोर्ट पर अपने बेखौफ अंदाज के साथ वह अपने बोल्ड और अनोखे फैशन स्टाइल के लिए भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।  आर्यना सबालेंका ने मार्च 2026 में ब्राजीलियाई कारोबारी जॉर्जियोस फ्रैंगुलिस से सगाई की. दोनों 2024 से साथ हैं और फ्रैंगुलिस अक्सर उनके मैचों में उन्हें सपोर्ट करते नजर आते हैं. सबालेंका ने सोशल मीडिया पर सगाई का ऐलान करते हुए लिखा था, 'You & me, forever  अप्रैल 2026 में टेनिस स्टार ने सोशल मीडिया पर एक रोमांटिक वीडियो शेयर किया था, जिसमें फ्रैंगुलिस उन्हें पूल के किनारे घुटनों पर बैठकर प्रपोज करते नजर आए. सफेद गुलाब की पंखुड़ियों और फूलों से सजे इस खूबसूरत माहौल में सबालेंका ने उनका प्रपोजल स्वीकार किया।  अब उनकी नजर सिर्फ फैशन पर नहीं, बल्कि लगातार तीसरी बार US Open खिताब जीतने पर है. अगर वह ऐसा करने में सफल रहती हैं तो 2012 से 2014 तक सेरेना विलियम्स के बाद लगातार तीन US Open खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन जाएंगी।  ऐसे में सबालेंका का संदेश साफ है- कोर्ट पर उनका फैशन चाहे जितनी चर्चा बटोरे, उनका असली जवाब ट्रॉफी के साथ आएगा।   

BBL में Ben Stokes का धमाका, बने सबसे महंगे खिलाड़ी; IPL में भी हासिल कर चुके हैं महारिकॉर्ड

लंदन  इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने बिग बैश लीग (BBL) में धमाकेदार वापसी की है. स्टोक्स को एडिलेड स्ट्राइकर्स ने 2026-27 सीजन के लिए साइन किया है. इसके साथ ही वह BBL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं।  स्टोक्स पूरे सीजन के लिए उपलब्ध रहेंगे. यह BBL में उनकी दूसरी एंट्री होगी. वह इससे पहले 2014-15 सीजन में मेलबर्न रेनेगेड्स की ओर से खेले थे. तब उन्होंने चार मुकाबलों में हिस्सा लिया था. स्टोक्स को अपने साथ जोड़ने के लिए BBL की कई फ्रेंचाइजियां इच्छुक थीं, लेकिन आखिरकार एडिलेड स्ट्राइकर्स ने बाजी मार ली।  नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में पहले विदेशी खिलाड़ी BBL में हाल ही में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव किया गया है. लीग ने दोबारा डायरेक्ट-साइनिंग मॉडल (Direct Signing Model) अपनाया है, जिससे फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों पर अपना पैसा खर्च करने की ज्यादा आजादी मिली है. इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद स्टोक्स पूरे सीजन के लिए साइन किए जाने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी हैं।  एडिलेड स्ट्राइकर्स ने स्टोक्स के साथ एक साल का करार किया है. टीम के कोच पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन हैं. दिलचस्प बात यह है कि 2019 में जब स्टोक्स ने हेडिंग्ले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेली थी, उस समय पेन ही ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के कप्तान थे।  'ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा पसंद रहा' एडिलेड स्ट्राइकर्स से जुड़ने के बाद स्टोक्स ने कहा कि वह BBL 16 में टीम का हिस्सा बनने को लेकर काफी उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा पसंद रहा है और जब स्ट्राइकर्स के साथ जुड़ने का मौका मिला तो वह इसे छोड़ नहीं सकते थे।  स्टोक्स ने एडिलेड ओवल को शानदार क्रिकेट ग्राउंड बताया और कहा कि वह टीम के खिलाड़ियों से मिलने, मैदान पर उतरने और सफल सीजन में योगदान देने के लिए उत्साहित हैं. उन्होंने स्ट्राइकर्स के फैन्स के लिए भी खास संदेश देते हुए कहा कि वह कुछ खास यादें बनाने और फैन्स को जश्न मनाने के कई मौके देने का इंतजार कर रहे हैं।  टिम पेन बोले- स्टोक्स महान ऑलराउंडरों में से एक एडिलेड स्ट्राइकर्स के कोच टिम पेन ने भी स्टोक्स की जमकर तारीफ की. पेन ने कहा कि स्टोक्स क्रिकेट इतिहास के महान ऑलराउंडरों में से एक हैं. वह साबित कर चुके हैं कि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं और दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हैं।  12 साल बाद BBL में लौटेंगे स्टोक्स स्टोक्स का BBL से रिश्ता काफी पुराना है, लेकिन वह इस लीग में लंबे समय से नहीं खेले हैं. उन्होंने आखिरी बार 2014-15 सीजन में मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए चार मैच खेले थे. अब करीब 12 साल बाद वह बिग बैश में वापसी करेंगे।  स्ट्राइकर्स के लिए स्टोक्स का पहला मुकाबला 16 दिसंबर को सिडनी थंडर के खिलाफ कैनबरा में होगा. इस मैच में डेविड वॉर्नर भी सिडनी थंडर की ओर से खेलते नजर आएंगे।  इसके बाद स्टोक्स पहली बार एडिलेड ओवल में अपनी नई टीम के होम ग्राउंड पर 23 दिसंबर को सिडनी थंडर के खिलाफ ही उतरेंगे।  7News की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी डील साढ़़े तीन करोड़ रुपए (US$360,000 लगभग) के आस-पास है, जो ड्राफ्ट के प्लैटिनम लेवल पर पिछले सबसे ऊंचे बैंड AU$420,000 (2 करोड़ 84 लाख) से काफी ज्यादा है.  आने वाले हफ्तों में दूसरे विदेशी खिलाड़ियों को भी अच्छी रकम मिल सकती है।   इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद BBL में एंट्री स्टोक्स का BBL में लौटना इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने जून 2026 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. पिछले सीजन की एशेज सीरीज उनके इंटरनेशनल करियर पर भारी पड़ी थी. ऑस्ट्रेलिया ने एशेज में इंग्लैंड को 4-1 से हराया था.इसके बाद स्टोक्स ने जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के बाद नाइट क्लब की घटना के चलते उन्हें एक टेस्ट मैच के लिए निलंबित भी किया गया था. अब स्टोक्स फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपना फोकस बढ़ा रहे हैं।  लंबे समय से नहीं खेले T20 क्रिकेट स्टोक्स ने आखिरी बार 2024 के 'द हंड्रेड' में T20 क्रिकेट खेला था. उस टूर्नामेंट में उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई थी. इसके बाद उन्हें 2025 की शुरुआत में एमआई केपटाउन के लिए SA20 में खेलना था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ लगी एक और हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह उस टूर्नामेंट से बाहर हो गए।  IPL में भी रहा है स्टोक्स का जलवा स्टोक्स IPL में तीन अलग-अलग टीमों के लिए खेल चुके हैं. वह आखिरी बार 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बने थे. 2017 में वह IPL के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने थे. तब राइज‍िंग पुणे सुपरजायंट्स ने उन्हें 14.5 करोड़ रुपये में खरीदा था. 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स ने स्टोक्स के लिए इससे भी ज्यादा 16.25 करोड़ रुपये खर्च किए थे. हालांकि चोट के कारण वह उस सीजन सिर्फ दो मैच ही खेल सके. स्टोक्स के दोनों T20 शतक IPL में ही आए हैं।  लेकिन T20 क्रिकेट में उनका सबसे यादगार प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में ही आया था. 2022 T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 52 रन बनाकर इंग्लैंड को खिताब दिलाया था।  BBL में क्यों अहम होगी स्टोक्स की मौजूदगी? आगामी 2026-27 सीजन में बड़ी T20 लीग्स के कार्यक्रम में पहले की तुलना में कम टकराव है. SA20 की शुरुआत 18 जनवरी तक आगे बढ़ा दी गई है, क्योंकि इंग्लैंड की ODI सीरीज के साथ उसका शेड्यूल एडजस्ट किया गया है. वहीं UAE की ILT20 लीग 20 दिसंबर को खत्म होगी, यानी BBL के दौरान इसका ओवरलैप सीमित रहेगा. BBL का नया सीजन 12 दिसंबर से शुरू होगा. पहला मुकाबला मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच चेन्नई में खेला जाएगा।  रेगुलर सीजन 17 जनवरी को खत्म होगा, जबकि प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले 19 से 26 जनवरी के बीच खेले जाएंगे. ऐसे में एडिलेड स्ट्राइकर्स को उम्मीद होगी कि स्टोक्स की पूरी सीजन उपलब्धता टीम को खिताब की दौड़ में मजबूत बनाएगी। 

BCCI का खिलाड़ियों को नया फरमान, फिटनेस में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त; IND vs AFG से पहले नियम बदले

मुंबई अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है.हालांकि, खिलाड़ियों के चयन के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी थीं. नितीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस साबित करनी होगी, तभी उन्हें टी- 20 सीरीज में खेलने का मौका म्लेगा. बोर्ड उनकी फिटनेस को लेकर 100% आश्वस्त नहीं है, हाल ही में चोटिल खिलाड़ियों के मामले को संभालने के तरीके पर हुई आलोचना के बीच, एक रिपोर्ट में BCCI की ओर से खिलाड़ियों के चयन को लेकर अपनाए गए नए तरीके के बारे में बताया गया है. पिछले कुछ महीनों में, चोटिल खिलाड़ियों के खराब मैनेजमेंट को लेकर BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoE) की काफी आलोचना हुई है. हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और यहां तक ​​कि नितिश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को इंटरनेशनल मैचों के लिए बुलाया गया, लेकिन मैदान पर कुछ समय बिताने के बाद ही वे बाहर हो गए।  क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई ने अब यह तय किया है कि जब तक मैनेजमेंट किसी खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर 200 प्रतिशत पक्का नहीं हो जाता, तब तक उसे टीम में शामिल नहीं किया जाएगा. इस पॉलिसी की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, "वे सिर्फ 100 प्रतिशत ही नहीं, बल्कि किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने से पहले उसकी उपलब्धता को लेकर 200 प्रतिशत आश्वस्त होना चाहते हैं" हाल ही में, CoE के हेड VVS लक्ष्मण ने बोर्ड का रुख साफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के सेलेक्शन में पूरी पारदर्शिता लाने की कोशिश की जा रही।  बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने कुछ खिलाड़ियों के नामों के आगे लगे स्टार (*) के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि चूंकि इंटरनेशनल असाइनमेंट से 3-4 हफ्ते पहले ही खिलाड़ियों को चुना जाता है, इसलिए बोर्ड यह पक्का करना चाहता है कि चुने जाने की शर्तें साफ तौर पर बताई जाएं।  सैकिया ने कहा, "अगर उन्हें उस 21 या 28 दिन के समय में चुन लिया जाता है, तो उन्हें टीम में शामिल कर लिया जाएगा. इसीलिए हम उन्हें सीधे तौर पर रिजेक्ट नहीं करते हैं. क्योंकि जिस दिन सिलेक्शन होता है, उस दिन वे फिट नहीं होते, इसलिए हम उन्हें रिजेक्ट करते हैं. लेकिन, जब तक ट्रैवल करने या मैच खेलने की असल में जरूरत पड़ती है, तब तक वे पूरी तरह फिट हो सकते हैं।  जहां तक ​​अफगानिस्तान सीरीज़ के लिए सिलेक्शन की बात है, तो बुमराह और रेड्डी दोनों ही 13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले सीरीज के पहले मैच के लिए पूरी तरह फ़िट और उपलब्ध होने की राह पर हैं। 

Argentina vs Egypt: मेसी की टीम क्वार्टर फाइनल में, VAR विवाद पर मिस्र का बड़ा आरोप- FIFA नहीं चाहता था बाहर हों अर्जेंटीना

अटलांटा फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना का शानदार प्रदर्शन जारी है. 7 जुलाई (मंगलवार) को अटलांटा के अटलांटा स्टेडियम में आयोजित राउंड ऑफ 16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराया. इस जीत के साथ ही अर्जेंटीना की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई. क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना 12 जुलाई को कैनसस सिटी के कैनसस सिटी स्टेडियम में कोलंबिया/स्विट्जरलैंड से होगा।  इस मुकाबले में 78वें मिनट तक अर्जेंटीना 0-2 से पिछड़ रहा था, लेकिन इसके बाद लियोनेल मेसी की अगुवाई में मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन टीम ने जोरदार वापसी की. 13 मिनट के अंदर तीन गोल कर अर्जेंटीना ने मिस्र की टीम पूरी तरह पस्त कर दिया।  अर्जेंटीना की जीत के हीरो कप्तान लियोनेल मेसी रहे, जिन्होंने एक गोल दागने के अलावा एक गोल में असिस्ट दिया. मेसी ने 79वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो को गोल करने में असिस्ट दिया. इसके बाद मेसी ने 83वें मिनट में गोंजालो मोंटिएल के पास पर बेहतरीन गोल दागा. वहीं इंजरी टाइम (90+2वें मिनट) में एनजो फर्नांडीज ने लौटारो मार्टिनेज के पास पर गोल दाग अर्जेंटीना को 3-2 की निर्णायक लीड दिला दी।  FIFA नहीं चाहता था अर्जेंटीना बाहर हो फुटबॉल में साजिश की कहानियां नई नहीं हैं, लेकिन जब बात लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की होती है तो यह बहस खत्म होने का नाम नहीं लेती. 2022 के कतर विश्व कप में शुरू हुई 'रेफरी की मेहरबानी' वाली चर्चा अब 2026 फीफा विश्व कप में फिर भड़क उठी है. इस बार वजह बना प्री-क्वार्टर फाइनल, जहां अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. लेकिन मुकाबले के बाद जीत से ज्यादा चर्चा रेफरी और VAR (Video Assistant Referee) के फैसलों की होने लगी।  मिस्र का आरोप- FIFA मेसी को बाहर नहीं होने देना चाहता था मुकाबले में मिस्र ने 2-0 की बढ़त बनाने वाला गोल कर दिया था. 58वें मिनट में मुस्तफा जिको ने गेंद नेट में पहुंचाई, लेकिन VAR ने बिल्ड-अप में मारवान अटिया द्वारा लिसांद्रो मार्टिनेज पर कथित फाउल दिखाया. रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर ने ऑन-फील्ड रिव्यू के बाद गोल रद्द कर दिया।  यहीं से विवाद शुरू हुआ. अर्जेंटीना ने इसके बाद अंतिम 13 मिनट में तीन गोल दागकर मैच पलट दिया। मैच के बाद मिस्र के कोच होसम हसन ने बेहद गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था, 'शायद वे चाहते थे कि विश्व चैम्पियन टूर्नामेंट में बना रहे. शायद वे चाहते थे कि मेसी की दौड़ जारी रहे.' उन्होंने यहां तक कह दिया, 'अब मैं कभी विश्व कप नहीं देखूंगा, क्योंकि इस प्रतियोगिता में न्याय नहीं है।  गोल करने वाले मुस्तफा जिको भी रेफरी पर भड़क उठे. उनका कहना था कि रेफरी के फैसलों ने मिस्र की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया और टूर्नामेंट को अर्जेंटीना की ओर मोड़ दिया गया।  क्या VAR प्रोटोकॉल का गलत इस्तेमाल हुआ? विवाद सिर्फ गोल रद्द होने तक सीमित नहीं है. पूर्व प्रीमियर लीग रेफरी ग्राहम स्कॉट ने माना कि यह सामान्य फुटबॉल संपर्क था और इतनी दूर हुई घटना पर VAR को दखल नहीं देना चाहिए था. उनके अनुसार जिस फाउल के आधार पर गोल रद्द किया गया, उसके बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के पास गेंद वापस हासिल करने के कई मौके थे. ऐसे में इसे Attacking Possession Phase (APP) का हिस्सा मानना VAR प्रोटोकॉल के खिलाफ था।  पूर्व FIFA रेफरी फर्नांडो ग्युरेरो ने भी इसी राय का समर्थन किया. उनका कहना था कि रेफरी और VAR दोनों ने प्रोटोकॉल की गलत व्याख्या की, जिसका सीधा नुकसान मिस्र को हुआ।  यही नियम बाकी टीमों पर क्यों नहीं? यहीं से बहस और गहरी हो जाती है. कुछ ही दिन पहले FIFA के रेफरिंग प्रमुख पियरलुइजी कोलिना ने कहा था कि अधिकारियों को सामान्य शारीरिक संपर्क पर खेल नहीं रोकने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मैच की रफ्तार बनी रहे।  लेकिन अगर यही मानक है, तो फिर मिस्र का गोल क्यों रद्द हुआ? इसी सवाल ने पुराने विवाद भी फिर जिंदा कर दिए हैं।  कतर से शुरू हुई बहस, 2026 में फिर भड़की     2022: पोलैंड के खिलाफ मेसी को मिला विवादित पेनल्टी     2022: सऊदी अरब मैच में लंबे स्टॉपेज टाइम पर सवाल     2026: ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी के गोल से पहले कथित फाउल पर VAR ने दखल नहीं दिया     2026: अल्जीरिया के खिलाफ मेसी की चुनौती पर रेड कार्ड की समीक्षा नहीं हुई इन सभी घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया पर लंबे समय से यह नैरेटिव बनाया जाता रहा है कि अर्जेंटीना को अहम मौकों पर रेफरी का फायदा मिलता है।  मिस्र को पेनल्टी भी नहीं मिली मिस्र का दावा है कि मैच के अंतिम दौर में मोहम्मद सलाह बॉक्स के अंदर संपर्क के बाद गिरे थे, जबकि एक अन्य खिलाड़ी की जर्सी भी खींची गई थी. इसके बावजूद VAR ने समीक्षा तक नहीं की।  पूर्व इंग्लैंड स्टार इयान राइट ने कहा कि यदि अर्जेंटीना के खिलाफ दूर हुई घटना पर गोल वापस लिया जा सकता है, तो मिस्र की पेनल्टी अपील की भी कम से कम समीक्षा होनी चाहिए थी।  क्या सचमुच अर्जेंटीना को मिल रही है विशेष छूट? फिलहाल इसका कोई ठोस सबूत नहीं है कि FIFA किसी टीम का पक्ष ले रहा है. बड़े टूर्नामेंटों में विवादित फैसले हमेशा बहस का विषय रहे हैं. लेकिन जब एक जैसी परिस्थितियों में अलग-अलग फैसले दिखते हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।  मिस्र की हार के बाद यह बहस पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गई है. अब अर्जेंटीना के हर बड़े मैच में रेफरी और VAR के फैसले पहले से ज्यादा बारीकी से परखे जाएंगे. सवाल सिर्फ इतना है कि यह महज संयोग है या फिर वास्तव में विश्व चैम्पियन टीम को बाकी देशों से अलग नजरिए से देखा जा रहा है।  मेसी ने मिस की पेनल्टी मुकाबले के पहले हाफ में अर्जेंटीना को कई मौके मिले, लेकिन गोल दागने में मिस्र की टीम कामयाब रही. यासर इब्राहिम ने 15वें मिनट में गोल कर मिस्र को 1-0 से आगे कर दिया. इस गोल में असिस्ट मरवान अत्तिया ने दिया था. इसके बाद लियोनेल मेसी 21वें मिनट में पेनल्टी मिस कर गए।  मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने इस मौके पर शानदार बचाव किया. दूसरे हाफ में … Read more

जापान एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश का जलवा, 19 खिलाड़ी टीम में शामिल; 30 रिजर्व में चयनित

भोपाल  जापान में होने वाले आगामी एशियन गेम्स को लेकर मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 19 स्थान पक्के कर लिए हैं. इस बार एथलेटिक्स, शूटिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों में राज्य की दावेदारी सबसे मजबूत दिख रही है. प्रदेश के 50 संभावित खिलाड़ियों में से 19 ने मुख्य सूची में जगह बना ली है, जबकि 30 खिलाड़ियों को अभी भी रिजर्व रखा गया है।  वाटर स्पोर्ट्स में दबदबा, कैनो स्लैलम में रिकॉर्ड 9 चयन मध्य प्रदेश की वाटर स्पोर्ट्स टीम ने इस बार इतिहास रच दिया है. सबसे ज्यादा सफलता कैनो स्लैलम स्पर्धा में मिली है, जहां एक साथ 9 खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया है. इनमें विशाल केवट, पल्लवी जगताप, भरत केवट, हितेश केवट, शिखा चौहान, विशाल वर्मा, प्रद्युमन सिंह राठौड़, भूमि बघेल और रीना सेन शामिल हैं. इसके अतिरिक्त कयाक एंड कैनो में प्रोहित बारोई ने भी अपनी जगह सुरक्षित की है।  शूटिंग और एथलेटिक्स में भी चमके सितारे शूटिंग में प्रदेश के स्टार शूटरों से एक बार फिर पदक की उम्मीदें हैं. रायफल कैटेगरी से ऐश्वर्य प्रताप सिंह और आशी चौकसे ने क्वालिफाई किया है, जबकि शॉटगन कैटेगरी से नीरु ठंडा और मनीषा कीर ने अपना स्थान पक्का किया है. वहीं एथलेटिक्स की बात करें तो शाटपुट (गोला फेंक) में समरदीप सिंह ने दमदार प्रदर्शन किया है. पोल वाल्ट स्पर्धा में देव मीणा और निकिता आकरे ने देश का प्रतिनिधित्व करने की पात्रता हासिल की है।  समान अवसर की मिसाल, ब्लाइंड जूडो में कपिल परमार चयन प्रक्रिया की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि इसमें समाज के हर वर्ग को समान अवसर दिए गए. इसी कड़ी में दिव्यांग वर्ग से आने वाले कपिल परमार ने ब्लाइंड जूडो में क्वालिफाई कर प्रदेश का मान बढ़ाया है. वहीं एशियन गेम्स के पिछले संस्करणों की बात करें तो मध्य प्रदेश के इन खिलाड़ियों का ट्रैक रिकार्ड शानदार रहा है. ग्वांगझू एशियन गेम्स में ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था. वहीं महिला शूटर आशी चौकसे ने भी दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया था।  दो महीने की स्पेशल ट्रेनिंग और फिटनेस का दिखा असर कोच जेपी सिंह के अनुसार "इस बड़ी सफलता के पीछे खेल विभाग की दो महीने की कड़ी मेहनत है. विभाग ने विभिन्न अकादमियों से शार्टलिस्ट किए गए खिलाड़ियों की फिटनेस, फार्म और तकनीक को सुधारने के लिए विशेष रणनीति बनाई थी. हर खिलाड़ी की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग शेड्यूल डिजाइन किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सबके सामने है।