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मुझे हटाओ मत…: वर्ल्ड कप जीत के बाद अगरकर ने उठाया बड़ा दांव, BCCI क्या कदम उठाएगा?

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपने कार्यकाल को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की औपचारिक गुजारिश की है। दरअसल, 2024 T20 वर्ल्ड कप और 2025 चैम्प‍ियंस ट्रॉफी की खिताबी सफलता के बाद IPL 2025 से ठीक पहले अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए बढ़ाया गया था. अब घरेलू सरजमीं पर T20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने के बाद उन्होंने अपने कार्यकाल को और लंबा करने की इच्छा जताई है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुद्दे पर बोर्ड के अंदर शुरुआती स्तर पर चर्चा भी हो चुकी है. हालांकि, अंतिम फैसला अभी बाकी है. यह निर्णय ऐसे समय में लिया जाना है जब भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप के अहम चरण में है और साथ ही 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। अगरकर जून 2023 से मेंस सीनियर चयन समिति के चेयरमैन हैं. उनके कार्यकाल में भारत ने कुल तीन ICC खिताब अपने नाम किए हैं. दो T20 वर्ल्ड कप और एक चैम्प‍ियंस ट्रॉफी. यही नहीं टीम ने 2023 और 2025 एशिया कप भी जीते और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 33 में से सिर्फ दो मुकाबले गंवाए। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. भारत को घरेलू मैदान पर लगातार दो टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा, जबकि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी विदेशी जमीन पर हार मिली. इसी वजह से अगरकर के कार्यकाल की चमक थोड़ी फीकी भी पड़ी है। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले हैं कि अगरकर की जगह लेने के लिए वेस्ट जोन का एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी रेस में आगे बताया जा रहा था, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। अब नजरें BCCI के फैसले पर टिकी हैं, क्या बोर्ड अगरकर की सफलता को देखते हुए उन्हें 2027 तक का भरोसा देगा या फिर सेलेक्शन कमेटी में बदलाव की राह अपनाएगा। टीम इंड‍िया की सेलेक्शन कमेटी में कौन-कौन? भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को जो लोग चुनते हैं, उनके सर्वेसर्वा यानी चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर हैं. वह जुलाई 2023 में टीम इंड‍िया के चीफ सेलेक्टर बने बने थे.  सेलेक्शन कमेटी में 2007 की वर्ल्ड चैम्प‍ियन टीम के सदस्य आरपी सिंह हैं, दूसरे द‍िग्गज प्रज्ञान ओझा हैं. आरपी और ओझा के अलावा सेलेक्शन कमेटी में शिव सुंदर दास और अजय रात्रा हैं।

गंभीर ने AI डीपफेक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में की याचिका, लीगल एक्शन से बड़ी कंपनियों को घेरा

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व वर्ल्ड कप विजेता गौतम गंभीर ने अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कोर्ट की कमर्शियल डिवीजन में सिविल सूट दायर कर AI डीपफेक, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के अंत से सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट तेजी से बढ़ा. इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter), यूट्यूब और फेसबुक पर कई अकाउंट्स ने AI तकनीक, फेस-स्वैप और वॉइस क्लोनिंग के जरिए ऐसे वीडियो बनाए, जिनमें गंभीर को ऐसे बयान देते दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक फर्जी रेज‍िग्नेशन को 29 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, जबकि एक और क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते दिखाया गया, 17 लाख व्यूज तक पहुंची। सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी गंभीर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर बिना अनुमति पोस्टर और प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे। गौतम गंभीर ने किन पर किया केस इस मामले में कुल 16 प्रतिवादियों को शामिल किया गया है, जिनमें- सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैनकी फ्रेम्स, भूपेंद्र पेंटोला, लीजेंड्स रेवोल्यूशन, आदि शाम‍िल हैं। इसके अलावा  ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म् में ऐमोजॉन और फ्ल‍िपकार्ट का नाम है. वहीं टेक कंपनियों में मेटा प्लेटफॉर्म, एक्स, गूगल, यूट्यब आद‍ि शाम‍िल हैं. साथ ही IT मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी शामिल किया गया है। गंभीर ने किन कानूनों लिया सहारा? गंभीर ने इस केस में कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, कमर्श‍ियल कोर्ट एक्ट 20215 का हवाला दिया है. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट के पुराने फैसलों (जैसे अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के केस) का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें पर्सनैलिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा दी गई है। गंभीर ने कितना हर्जाना मांगा? गंभीर ने कोर्ट से ₹2.5 करोड़ का हर्जाना, सभी फर्जी कंटेंट हटाने, और भविष्य में उनके नाम, चेहरा, आवाज के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द कोर्ट ऑर्डर की मांग की है, ताकि तुरंत सभी फर्जी कंटेंट हटाया जाए और आगे इसका प्रसार रोका जा सके. उन्होंने कोर्ट से लीगल एक्शन लेने की मांग की है। मेरी पहचान को हथियार बनाया गया: गंभीर  गंभीर ने साफ कहा- मेरी पहचान, मेरा नाम, चेहरा और आवाज का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है. यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि कानून और गरिमा की बात है।

राजस्थान रॉयल्स की पहचान बन चुके थे संजू सैमसन, उनके जाने से टीम कमजोर: फाफ डुप्लेसी

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसी का मानना है कि जिस तरह से महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई सुपर किंग्स और विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पर्याय बन चुके हैं, इसी तरह से संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स का चेहरा माना जा सकता था। फाफ ने कहा कि आरआर से संजू का जाना टीम के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। सैमसन राजस्थान रॉयल्स की तरफ से दो कार्यकाल में 11 सत्र में खेले। वह इस टीम के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने रॉयल्स की तरफ से सर्वाधिक मैच खेलने के अलावा सर्वाधिक रन भी बनाए हैं। इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में वह चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलेंगे।   डुप्लेसी ने जिओ हॉटस्टार से कहा, ‘अगर हम आईपीएल की टीमों पर गौर करें तो अधिकतर टीमों के पास कोई एक ऐसा खिलाड़ी रहा है जो लंबे समय तक फ्रेंचाइजी का चेहरा रहा जैसे रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली। मैं संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स के लिए उसी तरह का खिलाड़ी मानता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘भले ही वह नई पीढ़ी के खिलाड़ी हैं, लेकिन वह उस फ्रेंचाइजी का चेहरा बन गए थे। जब मैं राजस्थान रॉयल्स के बारे में सोचता हूं, तो मुझे संजू सैमसन याद आते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उनका किसी अन्य टीम से जुड़ना प्रशंसकों, आईपीएल और टूर्नामेंट के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने वहां बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।’ डुप्लेसी ने कहा कि सैमसन के जाने से राजस्थान रॉयल्स के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाएगी। सैमसन की मौजूदगी में जायसवाल अपना स्वाभाविक खेल खेलते थे लेकिन अब उन पर अधिक जिम्मेदारी आ गई है। उन्होंने कहा, ‘संजू की मौजूदगी में यशस्वी जायसवाल को अपना नैसर्गिक खेल खेलने का मौका मिलता था क्योंकि दूसरे छोर से संजू लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा था। अब ऐसा नहीं होगा और उन पर अधिक जिम्मेदारी होगी। उस तरह के बल्लेबाज के लिए यह महत्वपूर्ण होता है कि वह जिम्मेदारी के बारे में नहीं सोचें। इसलिए यह सत्र उनके लिए सीखने की एक प्रक्रिया होगी।’ पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स के रियान पराग को कप्तान नियुक्त करने के फैसले से उन्हें हैरानी हुई जबकि टीम में जायसवाल, ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा और इंग्लैंड के सैम कुरेन जैसे अधिक अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे इस फैसले से थोड़ी हैरानी हुई क्योंकि उसके पास यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा जैसे भारतीय खिलाड़ी और सैम कुरेन के रूप में विदेशी खिलाड़ी है जो कप्तानी कर सकते थे। इसलिए मुझे यह एक तरह का जुआ लगता है।’ बालाजी ने कहा कि ऐसे में टीम के मुख्य कोच और क्रिकेट निदेशक कुमार संगकारा की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा, ‘आईपीएल में कप्तानी सिर्फ मैदान पर फैसले लेने की क्षमता तक सीमित नहीं है बल्कि यह खिलाड़ियों को एकजुट रखने से भी जुड़ा है। इसलिए मुझे लगता है यह एक दोधारी तलवार है। कुमार संगकारा से निश्चित रूप से बहुत मदद मिलेगी।’ किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बारे में बालाजी ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी टीमों ने शायद उनकी कमजोरियों की पहचान कर ली होगी, लेकिन इस 14 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह साबित करने का एक बड़ा अवसर है कि आईपीएल में पिछले साल का उनका प्रदर्शन महज संयोग नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले सत्र में वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा देखी है। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ बहुत अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के सामने शतक बनाया था। लेकिन दूसरा साल किसी भी खिलाड़ी के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।’ बालाजी ने कहा, ‘यहीं पर कुमार संगकारा का मार्गदर्शन काम आएगा। विपक्षी टीमों ने निश्चित रूप से उनकी कुछ कमजोरियों की पहचान कर ली होगी। उनके पास अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने का यह शानदार अवसर होगा।’  

कार्तिक परिवार में खुशियों की दस्तक, दीपिका पल्लीकल ने बेटी को दिया जन्म, नाम भी आया सामने

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक एक बार फिर पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी दीपिका पल्लीकल ने बेटी को जन्म दिया है। दीपिका मशहूर स्क्वैश खिलाड़ी हैं। दोनों ने तीसरे बच्चे का स्वागत किया। 2021 में उनके जुड़वां बच्चे हुए। कार्तिक और पल्लीकल 2021 में जुड़वां बेटों के पिता बने थे, जिनका नाम कबीर और जियान है। कपल ने बेटी का नाम का खुलास कर दिया है। उन्होंने बेटी का नाम राहा रखा है। कार्तिक ने गुरुवार (19 मार्च) को फैंस के साथ गुड न्यूज शेयर की। कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर शेयर की गई पोस्ट में बताया, ''दिल में दुआओं और शब्दों से परे शुक्रिया के साथ हम खुशी-खुशी अपनी प्यारी बच्ची का इस दुनिया में स्वागत करते हैं। कबीर और जियान अपनी छोटी बहन राहा पल्लीकल कार्तिक को परिचित कराते हुए बहुत खुश हैं। प्यार, दीपिका और दिनेश।'' कार्तिक-पल्लीकल ने 2015 में शादी की 40 वर्षीय कार्तिक की पोस्ट पर फैंस के जमकर रिएक्शन आ रहे हैं। कई बड़े क्रिकेटर ने भी उन्हें बेटी के जन्म पर शुभकामनाएं दीं। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने कमेंट बॉक्स में हार्ट इमोजी शेयर की। पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने लिखा, ‘’बधाई हो भाई।'' ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कमेंट किया, ‘’शुभकामनाएं अन्ना।'' कार्तिक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मेंटोर हैं। फ्रेंचाइजी ने कार्तिक को बधाई हुए लिखा, ‘’राहा के लिए ढेर सारा प्यार और एक छोटी सी आरसीबी जर्सी भेज रहे।'' बता दें कि कार्तिक और पल्लीकल साल 2015 में शादी के बंधन में बंधे थे। दोनो ने पारंपरिक हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों से शादी रचाई थी। पल्लीकल ईसाई हैं। 6 IPL टीमों के लिए खेले दिनेश कार्तिक कार्तिक क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद कोचिंग और कमेंट्री की दुनिया में आ गए हैं। उन्होंने भारत के लिए 26 टेस्ट, 94 वनडे और 60 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने आखिरी इंटरनेशनल मैच 2022 में खेला था। वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 267 मैचों में मैदान पर उतरे। उन्होंने आईपीएल में आरसीबी और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेकआर) समेत 6 टीमों के प्रतिनिधित्व किया। वहीं, दीपिका देश की सबसे सम्मानित एथलीटों में से एक हैं। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। दीपिका ऐसा करने वाली पहली भारतीय पद्म श्री से सम्मानित दीपिक स्क्वैश की महिला वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में रह चुकी हैं। वह टॉप-10 रैंकिंग में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला स्क्वैश खिलाड़ी हैं। उन्होंने आखिरी बार अक्टूबर 2023 में हांग्जो एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने मिक्स्ड डबल्स में गोल्ड मेडल जीता। 2022 की शुरुआत में मैटरनिटी लीव से लौटने के बाद उन्होंने सफल वापसी की वर्ल्ड डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में दो टाइटल जीते। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

PV सिंधू का संदेश: खेल नहीं कर सकते पूरी जिंदगी, इसलिए पढ़ाई है जरूरी

गुरुग्राम  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू ने इस बात पर जोर दिया कि उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए पढ़ाई करना बेहद जरूरी है और पढ़ाई को नजरअंदाज करके सिर्फ खेल पर ध्यान देना बहुत जोखिम भरा है क्योंकि एक ही चोट से खेल करियर खत्म हो सकता है. पूर्व विश्व चैंपियन ने डीपीएस इंटरनेशनल में एक बातचीत के दौरान शिक्षाविद देवयानी जयपुरिया से बात करते हुए ये बातें कहीं. हैदराबाद की इस खिलाड़ी ने अपनी बात को समझाने के लिए अपनी जिंदगी के कई पहलुओं का जिक्र किया. इनमें 2016 के ओलंपिक से पहले का वह दौर भी शामिल है जब वह अपने बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ होने के कारण परेशान थीं और उन्हें खुद पर शक होने लगा था. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतने साल से खेल रही हूं. कभी न कभी तो आपको ‘रिटायर’ होना ही पड़ता है. और यही सच है. आप 45, 50 या 60 साल की उम्र तक शीर्ष स्तर पर नहीं खेल सकते.’’ सिंधू ने राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की बात का समर्थन किया जिन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों के माता-पिता से शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही थी. इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘आपको इस बात को स्वीकार करना ​​ही होगा कि शिक्षा हमेशा पूरी जिंदगी आपके साथ रहेगी और हमेशा आपके पास रहेगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी सोने की चम्मच लेकर पैदा नहीं होता और आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, चाहे वह पढ़ाई में हो या खेल में. पढ़ाई और खेल दोनों ही अहम हैं. मैंने अपना एमबीए किया है. इसलिए मुझे पता है कि यह आसान नहीं है. आप सुबह ट्रेनिंग के लिए जाते हैं, वापस आते हैं, पढ़ाई करते हैं, फिर शाम के सत्र के लिए जाते हैं.’’ सिंधू ने कहा, ‘‘सच तो यही है कि खेल एक बहुत छोटी सी चीज है. शिक्षा हमेशा आपके साथ रहेगी. खेल भी जरूरी है, लेकिन इतना भी नहीं कि आप अपनी पढ़ाई पूरी तरह से रोक दें.’’ तीस साल की यह खिलाड़ी अभी ब्रेक पर है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बमबारी के चलते हवाई क्षेत्र बंद करने की वजह से उन्हें कुछ दिनों के लिए दुबई में रुकना पड़ा था. उन्होंने कहा कि खेल के दौरान लगने वाली चोटों से उबरना मुश्किल हो सकता है इसलिए उन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों से पढ़ाई का एक विकल्प अपने पास रखने की बात कही. सिंधू ने कहा, ‘‘हो सकता है मेरी बात थोड़ी कड़वी लगे, शायद अभी उन्हें यह बात समझ नहीं आए, लेकिन जिंदगी के बाद के पड़ाव में उन्हें यह जरूर समझ आएगा कि पढ़ाई भी उतनी ही जरूरी है. खेल कभी-कभी बहुत जोखिम भरा हो सकता है. इसमें कभी भी चोट लग सकती है." उन्होंने कहा, ‘‘चोट से आपका करियर खत्म हो सकता है, आपकी सर्जरी हो सकती है। और चोटें बताकर नहीं आतीं, बस हो जाती हैं। ऐसे समय में, आपको यह पक्का करना होता है कि आप जिंदगी में हर चीज के लिए तैयार हैं.’’ उन्होंने 2015 को याद किया जब उनके बाएं पैर में ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ हो गया था जिससे उनका करियर खत्म होने का खतरा पैदा हो गया था और उन्हें छह महीने तक खेल से बाहर रहना पड़ा था. इसके चलते 2016 के ओलंपिक से पहले उनके पास तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा था। इसके बावजूद रियो डि जिनेरियो में हुए उन खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता. उन्होंने कहा, ‘‘मामला गंभीर था. कई हफ्तों तक दर्द के साथ खेलने के बाद मैं ठीक समय पर डॉक्टर के पास पहुंच पाई. मेरे मन में खुद को लेकर शक पैदा हुआ था कि क्या मैं दोबारा खेल पाऊंगी या नहीं.’’

इंसानियत की मिसाल: अफगान क्रिकेटर्स ने काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के घायलों से की मुलाकात

काबुल काबुल एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इंसानियत का चेहरा बनकर सामने आए हैं. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के अधिकारी और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाई। वनडे और टेस्ट कप्तान हसमतुल्लाह शाह‍िदी, अपने साथियों गुलबदीन नईब और कैस मोहम्मद के साथ काबुल के वजीर अकबर खान और इमरजेंसी अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब काबुल में हुए पाकिस्तानी हमले को लेकर अफगानिस्तान में भारी गुस्सा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा एक एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर किए गए एयरस्ट्राइक में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मीडिया के हवाले से जो खबर आ रही हैं, उसके अनुसार-पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान की सेना ने कुनार प्रांत के विभिन्न इलाकों में 124 रॉकेट दागे. हालांकि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन हालात इतने खराब हो गए कि करीब 7500 परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। कुनार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख जिया-उल-रहमान स्पिन घर ने बताया कि ये हमले  डूरंड लाइन के पास के इलाकों में किए गए, जिससे आम नागरिकों में डर का माहौल है और बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है। इस घटना पर संयुक्त राष्ट्र ने भी गंभीर चिंता जताई है और पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. राश‍िद खान और मोहम्मद नबी की आई थी काबुल अटैक पर प्रत‍िक्र‍िया वहीं अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राश‍िद खान ने भी इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि काबुल में नागरिकों की मौत की खबर से वे बेहद दुखी हैं. उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों, स्कूलों या अस्पतालों को निशाना बनाना ‘वॉर क्राइम’ है. वहीं मोहम्मद नबी ने भी इसे लेकर पोस्ट किया था। राशिद खान ने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस हमले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि रमजान जैसे पवित्र महीने में इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है और इससे नफरत और बढ़ेगी। इस बीच काबुल में हुए धमाकों और हमलों ने पाकिस्तान और तालिबान प्रशासन के बीच रिश्तों में बढ़ते तनाव को भी उजागर कर दिया है. दोनों देशों के बीच सुरक्षा मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।  

आईलीग दो की शुरुआत 27 मार्च से

नई दिल्ली आईलीग दो का अगला सत्र 27 मार्च से शुरू होगा जो भारतीय पुरुषों के फुटबॉल का तीसरा टियर है और इसमें नौ क्लब शामिल हैं। यह सत्र एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेला जाएगा जिसमें हर टीम आठ मैच खेलेगी। प्रत्येक टीम चार मैच अपने मैदान पर जबकि चार विरोधी के मैदार पर खेलेगी। पहले दिन कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी का मुकाबला दीफू के केएएसए स्टेडियम में सुदेवा दिल्ली एफसी से होगा जबकि जीएमएससी की भिड़ंत मुंबई के कूपरेज स्टेडियम में स्पोर्टिंग क्लब बेंगलुरु से होगी। यह सत्र 15 मई को खत्म होगा जिसकी चैंपियन और उप विजेता टीम को इंडियन फुटबॉल लीग 2026–27 में जगह मिलेगी। नौवें स्थान पर रहने वाला क्लब स्पोर्ट्स अकादमी तिरूर को आईलीग तीन में खिसका दिया जाएगा। क्लब ने लीग शुरू होने से पहले ही आईलीग दो 2025-26 से अपना नाम वापस ले लिया था।  

Indian Premier League 2026: Virat Kohli पहुंचे भारत, 28 मार्च को हैदराबाद से RCB की टक्कर

हैदराबाद आईपीएल 2026 से पहले विराट कोहली भारत लौट आए हैं, उनके साथ अनुष्का शर्मा भी हैं। विराट जल्द ही RCB कैंप से जुड़कर नए सीजन की तैयारी शुरू करेंगे। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। इसी बीच टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भारत लौट चुके हैं। उन्हें 16 मार्च की रात मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब जब विराट कोहली भारत लौट आए हैं, तो उनकी नजर आईपीएल में दूसरी ट्रॉफी जीतने पर होगी। 2025 में आरसीबी ने 17 साल का इंतजार खत्म करते हुए खिताब जीता था। ऐसे में इस सीजन में टीम अपने खिताब को बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। तैयारी में जुटे कोहली, वीडियो हुआ वायरल आईपीएल शुरू होने से पहले ही विराट कोहली ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हाल ही में उन्होंने एक ट्रेनिंग वीडियो शेयर किया था, जिसमें उनकी बल्लेबाजी की झलक देखने को मिली। यह वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया और करीब 15 मिलियन लाइक्स पार कर गया। इससे साफ है कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कोहली का क्रेज फैंस के बीच चरम पर है। विराट कोहली के IPL रिकॉर्ड्स विराट कोहली आईपीएल इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने 260 से ज्यादा मैचों में 8600 से अधिक रन बनाए हैं और वह इस लीग के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उनका सबसे यादगार सीजन 2016 रहा, जब उन्होंने 973 रन बनाए थे, जो आज भी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड है। उस सीजन में उन्होंने चार शतक भी जड़े थे, जो किसी एक संस्करण में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा हैं। कोहली के नाम आईपीएल में कुल 8 शतक दर्ज हैं, जो इस टूर्नामेंट में किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा शतक हैं। इसके अलावा उन्होंने 63 अर्धशतक भी लगाए हैं, जिससे वह सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। RCB का शुरुआती शेड्यूल 28 मार्च: बनाम सनराइजर्स हैदराबाद- एम चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु 5 अप्रैल: बनाम चेन्नई सुपर किंग्स- बेंगलुरु 10 अप्रैल: बनाम राजस्थान रॉयल्स- गुवाहाटी 12 अप्रैल: बनाम मुंबई इंडियंस- मुंबई  

रोहित-विराट के भविष्य पर अश्विन ने तोड़ी चुप्पी, बोले- गंभीर को नहीं कोई दिक्कत

नई दिल्ली भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट और टीम मैनेजमेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोच गौतम गंभीर को लगता है कि सीनियर खिलाड़ियों को आगे बढ़ना चाहिए, तो यह टीम के हित में सही फैसला हो सकता है। अश्विन का यह बयान उनके करियर के अंत और टीम में बदलाव को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। अचानक रिटायरमेंट ने चौंकाया रविचंद्रन अश्विन ने दिसंबर 2024 में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के दौरान अचानक संन्यास का ऐलान किया था।ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद उनका यह फैसला पूरे क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला था। वह उस समय शानदार फॉर्म में थे और कई रिकॉर्ड्स तोड़ने के करीब भी थे। फिर भी उन्होंने अपने करियर को अपने फैसले के अनुसार खत्म करने का निर्णय लिया। खुद लिया फैसला, कोई पछतावा नहीं अश्विन ने कहा कि निर्णय लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम कॉम्बिनेशन में लगातार बदलाव और मौका न मिलना इस फैसले की बड़ी वजह थी। उनके मुताबिक, जब उन्हें लगा कि अब टीम में उनकी जगह स्थायी नहीं है, तो उन्होंने पीछे हटना बेहतर समझा। उन्होंने यह भी कहा कि वह वापसी के लिए इंतजार करने वालों में से नहीं हैं। कोच के फैसले पर खुलकर बोले रविचंद्रन अश्विन ने कोच गौतम गंभीर का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोच का काम टीम के लिए सही फैसले लेना होता है, चाहे उसमें बड़े खिलाड़ियों को बाहर करना ही क्यों न शामिल हो। अश्विन ने साफ कहा कि अगर गंभीर को लगा कि उन्हें, विराट कोहली या रोहित शर्मा को आगे बढ़ना चाहिए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। यह टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला हो सकता है। ‘ईगो छोड़ना जरूरी’ अश्विन ने अपने बयान में ईगो (अहम) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने माना कि क्रिकेट में मिलने वाली लोकप्रियता कभी-कभी खिलाड़ियों को खुद को अजेय समझने पर मजबूर कर देती है। लेकिन अगर खिलाड़ी अपने अहम को अलग रखे, तो चीजें साफ नजर आती हैं। अश्विन के मुताबिक, वह खुद भी लगातार अपने ईगो को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।  

ओरलियंस मास्टर्स में भारतीयों का जलवा: हरिहरन-अर्जुन दूसरे दौर में, आकर्षी मेन ड्रॉ में एंट्री

ओरलियंस हरिहरन अम्साकरुनन और एम आर अर्जुन की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने ओरलियंस मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जबकि आकर्षी कश्यप ने क्वालीफाइंग दौर में दो जीत दर्ज कर महिला एकल के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई। हरिहरन और अर्जुन के खिलाफ चेक गणराज्य के जिरी क्राल और ओन्ड्रेज क्राल की जोड़ी पहले गेम में 10-21 से हारने के बाद मुकाबले से हट गई। पिछले साल अल ऐन मास्टर्स सुपर 100, तुर्किये इंटरनेशनल चैलेंज और तेलंगाना इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज खिताब जीतने वाली यह भारतीय जोड़ी अब स्कॉटलैंड के अलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल की जोड़ी से भिड़ेगी। इससे पहले विश्व रैंकिंग में 63वें स्थान पर काबिज आकर्षी ने पहले मुकाबले में हमवतन श्रीयांशी वलीशेट्टी को 21-19, 17-21, 21-13 से हराया और फिर अगले मैच में ताइपे की ली वाई एच को 21-17, 21-19 से मात दी। अब उनका मुकाबला सिंगापुर की येओ जिया मिन से होगा। पुरुष एकल के क्वालीफाइंग राउंड में एस सुब्रमणियन को मलेशिया के ली जी जिया से 12-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। ली ज़ी जिया पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हैं और 2025 सत्र में चोटों से जूझने के बाद वापसी का प्रयास कर रहे हैं।   महिला युगल में, भारतीय जोड़ी अश्विनी भट के और शिखा गौतम को रुई हिरोकामी और सायका होबारा की जापान की जोड़ी के खिलाफ वॉकओवर मिला।