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वनडे टीम चयन का काउंटडाउन शुरू, इंग्लैंड दौरे से पहले विराट-हार्दिक को लेकर बढ़ी चर्चा

नई दिल्ली इंग्लैंड के दौरे पर जुलाई में खेली जाने वाली 3 मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान इसी सप्ताह होने की उम्मीद है। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के अलावा दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पर निगाहें रहेंगी। विराट और हार्दिक चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हैं, जबकि रोहित शर्मा फॉर्म में नहीं हैं। पहले मैच में भी कलाई में चोट लगने के बाद वे थोड़े से असहज नजर आए थे। अगर रोहित पर बोर्ड और सिलेक्टर सख्त होते हैं को उनका अगला विश्व कप खेलने का सपना टूट सकता है। हालांकि, इस बात की संभावना बहुत कम है। टीम इंडिया का चुनाव करते समय सिलेक्टर्स विराट कोहली और हार्दिक पांड्या की फिटनेस रिपोर्ट को भी देखेंगे। विराट कोहली मांसपेशियों में खिंचाव के कारण इस अफगानिस्तान सीरीज का हिस्सा नहीं है, जबकि हार्दिक पांड्या भी चोट की वजह से वनडे सीरीज से बाहर हैं। हार्दिक पांड्या फिट हो गए थे, लेकिन आखिरी की कुछ ड्रिल्स और ट्रेनिंग के दौरान उनके पैर में चोट लगी और वे कुछ सप्ताह के लिए फिर से क्रिकेट ऐक्शन से दूर चले गए। वे अभी भी बेंगलुरु स्थिति बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हैं। सिलेक्टर्स चाहेंगे कि हार्दिक पांड्या और विराट कोहली फिट हो जाएं, ताकि एक परफेक्ट कॉम्बिनेशन मैनेजमेंट वर्ल्ड कप 2027 के लिए तलाश सके। नंबर 3 पर विराट कोहली की जगह अफगानिस्तान सीरीज में ईशान किशन खेल रहे हैं, जबकि हार्दिक की जगह पर नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया जा रहा है। हार्दिक पांड्या के लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट इस वक्त रेड्डी ही नजर आते हैं। सिलेक्टर्स चाहेंगे कि हार्दिक को फॉर्म में लौटने और वनडे क्रिकेट से तालमेल बिठाने के लिए पर्याप्त मौके मिल जाएं। नीतीश को भी तैयार किया जा रहा है। रोहित की फॉर्म चिंता का कारण वहीं, अगर बात रोहित शर्मा की करें तो वे फॉर्म में नहीं हैं, जो चिंता का विषय है। सिलेक्टर्स और बोर्ड की ओर से पहले ही ऐसी रिपोर्ट्स आ चुकी हैं कि उन्हें सीरीज दर सीरीज देखा जाएगा। पिछली सीरीज भी उनकी अच्छी नहीं थी, जबकि आईपीएल 2026 भी अच्छा नहीं रहा था। अब अफगानिस्तान के खिलाफ पहला वनडे मैच में उनसे रन नहीं बने। वे रन आउट होने से पहले रनों के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। हालांकि, अभी इस सीरीज के दो मुकाबले बाकी हैं, जिनमें रन बनाकर वह खुद की पोजिशन को मजबूत कर सकते हैं। वे प्रूवन मैच विनर हैं।

265 रन के लक्ष्य और सुपर ओवर के रोमांच के बीच श्रीलंका-ए ने इंडिया-ए को बेहद करीबी मुकाबले में हराया

 दांबुला इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीम्स ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में आमने-सामने हुईं. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. यह मुकाबला सुपर ओवर में चला गया, जहां श्रीलंका-ए ने जीत हासिल की. मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका-ए को जीत के लिए 265 रनों का टारगेट दिया था, जिसका पीछा करते हुए वो 9 विकेट पर 264 रन ही बना सकी. सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने 17 रन बनाए थे. ऐसे में इंडिया-ए को जीत के लिए 17 रन चाहिए थे, लेकिन वो गेम फिनिश नहीं कर सका. सुपर ओवर में भारत 10 रन ही बना सका. सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी भारत को जीत नहीं दिला पाए. इंडिया-ए ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए को 8 रनों से पराजित किया था. फिर उसे अफगानिस्तान-ए के खिलाफ बारिश से बाधित मुकाबले में डीएलएस नियम के तहत 4 रनों से हार मिली थी. अब श्रीलंका-ए से हार के बाद इंडिया-ए की फाइनल की राह मुश्किल हो गई है. रनचेज में निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने श्रीलंका-ए को अच्छी शुरुआत दिलाई. भारत को पहली सफलता अविष्का फर्नांडो (22 रन) के रूप में मिली, जिन्हें निशांत सिंधु ने आउट किया. फिर विशेन हलंबगे (17 रन) को आयुष बदोनी ने एलबीडब्ल्यू आउट किया. डिकवेला (37 रन) अच्छी बैटिंग कर रहे थे, लेकिन वो विप्रज निगम की फिरकी में फंस गए. सहान अराचिगे (8 रन) और अहान विक्रमसिंघे (6 रन) भी कुछ खास नहीं कर पाए. देखते ही देखते श्रीलंका-ए का स्कोर 143/5 हो गया. इस मुश्किल परिस्थिति में सदीरा समरविक्रमा और वानुजा सहान ने टीम को संभाला. दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी हुई. आयुष बदोनी ने सहान (25 रन) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. वानुजा के आउट होने के बाद सदीरा ने विजयकांत व्यासकांत के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 35 रन जोड़े. विजयकांत व्यासकांत (18 रन) को अनुकूल रॉय ने अपनी फिरकी में फंसाया. यहां से सदीरा समरविक्रमा और चमिका गुणसेकरा ने 32 रन जोड़कर श्रीलंका-ए की उम्मीद बनाए रखीं. आखिरी ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए 5 रन बनाने थे. उस ओवर में अरशद खान ने सदीरा समरविक्रमा (93 रन) को बोल्ड कर दिया, जिसने मैच को पूरी तरह खोल कर रख दिया. आखिरी बॉल पर श्रीलंकाई टीम को दो रन चाहिए थे, लेकिन गुणसेकरा दूसरा रन पूरा करते समय रन आउट हो गए. ऐसी रही है इंडिया-ए की बल्लेबाजी टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए इंडिया-ए ने 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने इंडिया-ए की पारी का आगाज किया. लेकिन वैभव 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए. 29 रन पर पहला विकेट गिरा. वैभव ने 3 चौके के अलावा एक छक्का जड़ा. 150 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए वह आक्रामक अंदाज में नजर आए, लेकिन अंततः कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए. वैभव ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में विकेट गंवा दिया. गेंद की लेंथ सही नहीं थी और उसमें टर्न व डिप था, जिसके चलते उन्होंने गेंद को पॉइंट की ओर काट दिया. शानदार कैच के साथ उनकी पारी 14 गेंदों में 21 रन (3 चौके, 1 छक्का) पर खत्म हुई. सहान अराचिगे की गेंद पर वानुजा सहान ने उनका कैच लपका. प्रभसिमरन सिंह भी लंबी पारी नहीं खेल पाए. वह 11 रन (13 गेंद) बनाकर आउट हुए. 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर इंडिया-ए को 39 रनों पर दूसरा झटका लगा. मोहम्मद शिराज की स्लोअर गेंद पर वह शॉट खेलने गए, लेकिन टाइमिंग पूरी तरह चूक गए और गेंद मिड-ऑफ पर कैच हो गई. वानुजा सहान ने शानदार कैच लपका. उनकी पारी में 2 चौके शामिल रहे, लेकिन धीमी गेंद को ठीक से ना खेल पाने के कारण वह जल्दी पवेलियन लौट गए. कप्तान तिलक वर्मा इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 23 रनों के निजी स्कोर पर कुगाथास मथुलन का शिकार बने. ऋतुराज गायकवाड़ इस मैच में भी बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे, लेकिन स्पिनर विजयकांत व्यासकांत ने उन्हें पवेलियन रवाना कर दिया. ऋतुराज ने 3 चौके की मदद से 42 बॉल पर 37 रन बनाए. ऋतुराज जब आउट हुए, तब स्कोर 111/4 था. आयुष बदोनी (15 रन) और निशांत सिंधु (6 रन) भी बल्ले से कुछ ज्यादा योगदान नहीं दे सके, जिससे भारतीय टीम मुश्किल में आ गई. ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने भी निराश किया और सिर्फ 8 रन बना सके. यहां से सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने आठवें विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी कर भारतीय टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया. विप्रज निगम ने 6 चौके की मदद से 49 बॉल पर 51 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 66 बॉल पर 72 रनों का योगदान दिया. श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट झटके. इंडिया-ए की प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय और यश ठाकुर श्रीलंका-ए की प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, अहान विक्रमसिंघे, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांत, विशेन हलंबगे, कुगाथास मथुलन, चमिका गुणसेकरा और मोहम्मद शिराज. ट्राई सीरीज का पूरा शेड्यूल • 09 जून: इंडिया-ए की श्रीलंका-ए पर 8 रनों से जीत • 11 जून: अफगानिस्तान-ए ने इंडिया-ए को 4 रनों से हराया (DLS) • 13 जून: श्रीलंका-ए ने अफगानिस्तान-ए को 8 विकेट से हराया (DLS) • 15 जून: इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए • 17 जून: इंडिया-ए vs अफगानिस्तान-ए • 19 जून: अफगानिस्तान-ए vs श्रीलंका-ए • 21-जून: फाइनल

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में मचाया धमाल, मेहनत और त्याग से बने भारत के नए क्रिकेट सनसनी

नई दिल्ली आईपीएल के पिछले दो सीजन में अपनी आतिशी और खौफनाक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को हैरान करने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 237 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 776 रन कूटकर ऑरेंज कैप जीतने वाले वैभव को उनके इसी प्रदर्शन के दम पर भारतीय सीनियर टीम के इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में शामिल किया गया है। हर कोई वैभव के इस गगनचुंबी बैट स्विंग और पावर-हिटिंग का कायल है, लेकिन वर्ल्ड क्रिकेट के इस सबसे रोमांचक बल्लेबाज को गढ़ने के पीछे 6 साल की मेहनत छिपी है। रोज़ाना 100 ओवर खेलते थे वैभव, थक जाते थे गेंदबाज वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा ने PTI को दिए एक इंटरव्यू में वैभव के बचपन, उसकी ट्रेनिंग और उसके माता-पिता के संघर्ष को लेकर कई चौंकाने वाले और दिलचस्प खुलासे किए हैं। जब वैभव ने टेनिस क्रिकेट से लेदर बॉल क्रिकेट की तरफ रुख किया, तब वह महज 10 साल के थे। कोच मनीष ओझा ने बताया कि पटना में उनकी एकेडमी में वैभव की ट्रेनिंग सुबह 7:30 बजे शुरू होती थी और दोपहर 4:00 बजे तक लगातार चलती थी। इस दौरान वह बिना थके रोजाना कम से कम 600 गेंदों का सामना करते थे। कोच ने इस कड़े रूटीन का पूरा ब्रेक-अप बताते हुए कहा, 'शुरुआत की 200 से 300 गेंदें मैं खुद अकेले उसे थ्रोडाउन देता था। जब मैं थक जाता था, तो हमारा सपोर्ट स्टाफ यह जिम्मा संभालता था। उनके थकने के बाद एकेडमी के नियमित गेंदबाज वैभव को गेंदबाजी करते थे। जब गेंदबाज भी पूरी तरह थक जाते थे, तो हम बच्चों के 2-3 ग्रुप बनाकर उन्हें टास्क देते थे। इसके अलावा वैभव बॉलिंग मशीन का भी सामना करता था। इसी लगातार रिपिटिटिव ट्रेनिंग ने वैभव के भीतर वो मसल मेमोरी पैदा की है, जिससे आज गेंद सीधे बाउंड्री पार जाती है।" समस्तीपुर से पटना का सफर और मां का वो बड़ा त्याग वैभव सूर्यवंशी का घर समस्तीपुर में था, जहां से पटना स्थित एकेडमी की दूरी एक तरफ से ढाई घंटे की थी। वैभव के पिता संजीव जी और मां आरती जी ने अपने बेटे को चैंपियन बनाने के लिए जो त्याग किए, उसकी कहानी बेहद भावुक करने वाली है। कोच मनीष ओझा ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया, 'वैभव की मां आरती जी रोज तड़के 2:00 या 2:30 बजे उठ जाती थीं। वह सिर्फ वैभव, उसके पिता या ड्राइवर के लिए ही नहीं, बल्कि समस्तीपुर से साथ आने वाले गेंदबाजों और हमारी एकेडमी के नेट बॉलर्स के लिए भी खाना बनाती थीं। वह रोज 10-15 लोगों का लंच तैयार करती थीं। जो बच्चे घर से खाना नहीं ला पाते थे या जो गेंदबाज थक जाते थे, वे सब वैभव का खाना शेयर करते थे। रोज सुबह उठकर इतने लोगों का खाना बनाना एक मां का वो योगदान है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।' सुबह 5:00 बजे ही वैभव और उनके पिता समस्तीपुर से गाड़ी चलाकर पटना के लिए निकल जाते थे ताकि सुबह साढ़े सात बजे तक हर हाल में नेट्स पर पहुंच सकें। पूरे देश के माता-पिता के लिए रोल मॉडल बने वैभव वैभव सूर्यवंशी की इस राइज ने देश के खेल जगत में एक नई क्रांति ला दी है। कोच ओझा ने बताया कि वैभव का ग्राफ देखने के बाद अब पेरेंट्स में अपने बच्चों को क्रिकेटर बनाने का एक नया जुनून सवार हो गया है। कोच ने हंसते हुए कहा, 'आप 9-10 साल के बच्चों की बात कर रहे हैं, आज की तारीख में माता-पिता अपने 5-5 साल के बच्चों को उंगली पकड़कर हमारी एकेडमी ला रहे हैं ताकि वे अपने बच्चों को अगला वैभव बना सकें। वैभव आज पूरे भारत के बच्चों के लिए एक प्रेरणा और माता-पिता के लिए रोल मॉडल बन चुका है।'

टेबल टेनिस फेडरेशन का विवादित फैसला: खिलाड़ियों से ट्रायल और यात्रा का खर्च मांग

कराची  पाकिस्तान के शीर्ष पुरुष और महिला टेबल टेनिस खिलाड़ियों को उस समय बड़ा झटका लगा जब पाकिस्तान टेबल टेनिस फेडरेशन (पीटीटीएफ) ने उनसे कहा कि इस वर्ष जापान में होने वाले एशियाई खेलों में अगर वे भाग लेना चाहते हैं तो उन्हें अपनी यात्रा और अन्य खर्च स्वयं वहन करने होंगे। लाहौर में ट्रॉयल्‍स लाहौर में जारी दो दिवसीय राष्ट्रीय ट्रॉयल्स के दौरान जब कुछ खिलाड़ियों ने अपने दैनिक भत्ते और यात्रा भत्ते को लेकर महासंघ के अधिकारियों से जानकारी मांगी तब इस बारे में पता चला। एक खिलाड़ी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हमें बताया गया है कि ट्रॉयल्स में हिस्सा लेने के लिए कोई भुगतान नहीं मिलेगा। अनुदान नहीं मिला है इसके अलावा, एशियाई खेलों के लिए चयनित खिलाड़ियों को अपने हवाई टिकट और खर्च के लिए प्रतिदिन 50 डॉलर की विदेशी मुद्रा स्वयं व्यवस्था करनी होगी। खिलाड़ी ने कहा कि जब खिलाड़ियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई तो पीटीटीएफ एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें खुश होना चाहिए कि ट्रॉयल का आयोजन हो रहा है क्योंकि महासंघ को पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (पीएसबी) से कोई कोष या अनुदान नहीं मिला है। कोई पदक नहीं जीता इस खिलाडी ने कहा कि हमें बताया गया कि एशियाई खेलों के लिए भी पीटीटीएफ को पीएसबी से कोई अनुदान नहीं मिलता है। यह खेलों के विकास के लिए चिंताजनक स्थिति है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अब तक एशियाई खेलों या एशियाई चैंपियनशिप में टेबल टेनिस में कोई पदक नहीं जीता है। इसका कारण मलेशिया, चीन, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे मजबूत देशों का दबदबा माना जाता है।  

दांबुला में रोमांचक मुकाबला: इंडिया-ए ने बनाए 265 रन, मध्यक्रम हुआ फ्लॉप लेकिन अंत में दमदार फिनिश

  दांबुला इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीम्स ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में आमने-सामने हैं. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में है. मुकाबले में इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए को जीत के लिए 266 रनों का टारगेट दिया है. इंडिया-ए के लिए विप्रज निगम ने 51 और सूर्यांश शेडगे ने 72 रन बनाए. इंडिया-ए ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए को 8 रनों से पराजित किया था. फिर उसे अफगानिस्तान-ए के खिलाफ बारिश से बाधित मुकाबले में डीएलएस नियम के तहत 4 रनों से हार मिली थी. अब इंडिया-ए के लिए ये मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है. इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए मैच से जुड़े अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहिए… ऐसी रही है इंडिया-ए की बल्लेबाजी टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए इंडिया-ए ने 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने इंडिया-ए की पारी का आगाज किया. लेकिन वैभव 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए. 29 रन पर पहला विकेट गिरा. वैभव ने 3 चौके के अलावा एक छक्का जड़ा. 150 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए वह आक्रामक अंदाज में नजर आए, लेकिन अंततः कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए. वैभव ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में विकेट गंवा दिया. गेंद की लेंथ सही नहीं थी और उसमें टर्न व डिप था, जिसके चलते उन्होंने गेंद को पॉइंट की ओर काट दिया. शानदार कैच के साथ उनकी पारी 14 गेंदों में 21 रन (3 चौके, 1 छक्का) पर खत्म हुई. सहान अराचिगे की गेंद पर वानुजा सहान ने उनका कैच लपका.   प्रभसिमरन सिंह भी लंबी पारी नहीं खेल पाए. वह 11 रन (13 गेंद) बनाकर आउट हुए. 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर इंडिया-ए को 39 रनों पर दूसरा झटका लगा. मोहम्मद शिराज की स्लोअर गेंद पर वह शॉट खेलने गए, लेकिन टाइमिंग पूरी तरह चूक गए और गेंद मिड-ऑफ पर कैच हो गई. वानुजा सहान ने शानदार कैच लपका. उनकी पारी में 2 चौके शामिल रहे, लेकिन धीमी गेंद को ठीक से ना खेल पाने के कारण वह जल्दी पवेलियन लौट गए. कप्तान तिलक वर्मा इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 23 रनों के निजी स्कोर पर कुगाथास मथुलन का शिकार बने. ऋतुराज गायकवाड़ इस मैच में भी बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे, लेकिन स्पिनर विजयकांत व्यासकांत ने उन्हें पवेलियन रवाना कर दिया. ऋतुराज ने 3 चौके की मदद से 42 बॉल पर 37 रन बनाए. ऋतुराज जब आउट हुए, तब स्कोर 111/4 था. आयुष बदोनी (15 रन) और निशांत सिंधु (6 रन) भी कुछ खास नहीं कर पाए, जिससे भारतीय टीम मुश्किल में आ गई. ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने भी निराश किया और सिर्फ 8 रन बना सके. यहां से सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने आठवें विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी कर भारतीय टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया. विप्रज निगम ने 6 चौके की मदद से 49 बॉल पर 51 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 66 बॉल पर 72 रनों का योगदान दिया. श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट झटके. इंडिया-ए की प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय और यश ठाकुर श्रीलंका-ए की प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, अहान विक्रमसिंघे, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांत, विशेन हलंबगे, कुगाथास मथुलन, चमिका गुणसेकरा और मोहम्मद शिराज. ट्राई सीरीज का पूरा शेड्यूल • 09 जून: इंडिया-ए की श्रीलंका-ए पर 8 रनों से जीत • 11 जून: अफगानिस्तान-ए ने इंडिया-ए को 4 रनों से हराया (DLS) • 13 जून: श्रीलंका-ए ने अफगानिस्तान-ए को 8 विकेट से हराया (DLS) • 15 जून: इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए • 17 जून: इंडिया-ए vs अफगानिस्तान-ए • 19 जून: अफगानिस्तान-ए vs श्रीलंका-ए • 21-जून: फाइनल

नेमार बाहर, ब्राजील की ओपनिंग मैच में मोरक्को से कड़ी टक्कर

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच नॉर्थ अमेरिका में लगातार जारी है। शनिवार को टूर्नामेंट में चार ग्रुप-स्टेज मुकाबले खेले जाने हैं, लेकिन सबकी निगाहें जिस महामुकाबले पर टिकी हैं, वह है ब्राजील बनाम मोरक्को। इसके अलावा आज कतर का मुकाबला स्विट्जरलैंड से, हैती का स्कॉटलैंड से और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत तुर्की से होगी। छठे वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में जुटी ब्राजील की टीम के लिए टूर्नामेंट का पहला ही मैच काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है, क्योंकि मोरक्को की टीम उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। नेमार पहले मैच से बाहर, कोच कार्लो एंसेलोटी ने की पुष्टि मैच से ठीक पहले ब्राजील के फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। टीम के स्टार फॉरवर्ड और पूर्व कप्तान नेमार मोरक्को के खिलाफ इस ओपनिंग मैच में नहीं खेल पाएंगे। ब्राजील के हेड कोच कार्लो एंसेलोटी ने शनिवार को इस खबर की पुष्टि की। टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले नेमार के पैर की पिंडली में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह इस मैच से बाहर हो गए हैं। कोच एंसेलोटी ने कहा, 'नेमार जल्द से जल्द फिट होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अगले हफ्ते से फुल ट्रेनिंग में लौट आएंगे।' ब्राजील को अपना अगला मैच 19 जून को हैती से और 24 जून को स्कॉटलैंड से खेलना है, और कोच को भरोसा है कि नेमार इन दोनों मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। रैंकिंग में टॉप-10 की एकमात्र जंग यह ग्रुप-स्टेज का एकमात्र ऐसा मुकाबला है जहां फीफा वर्ल्ड रैंकिंग की टॉप-10 में शामिल दो टीमें आपस में भिड़ रही हैं। फिलहाल ब्राजील दुनिया में छठे और मोरक्को आठवें स्थान पर काबिज है। वर्ल्ड कप इतिहास में दोनों टीमें सिर्फ एक बार 1998 में आपस में भिड़ी थीं, जहां ब्राजील ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, साल 2023 में खेले गए एक दोस्ताना मैच में मोरक्को ने ब्राजील को 2-1 से हराकर उस हार का बदला ले लिया था। मुकाबला 50-50 का है मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी से जब पूछा गया कि क्या उनकी टीम इस मैच में अंडरडॉग के रूप में उतरेगी, तो उन्होंने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया। हकीमी ने कहा, 'वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के ऐसे बड़े मैच में कोई फेवरेट नहीं होता। यह मुकाबला 50-50 का है। जीत-हार का फैसला बहुत छोटी-छोटी बारीकियों और मौकों को भुनाने से तय होगा। हमें उम्मीद है कि वह टीम हम होंगे।' वहीं ब्राजील के स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर ने भी मोरक्को की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहद मजबूत और किसी भी टीम को हराने में सक्षम टीम बताया है। ब्राजील का अफ्रीकी टीमों के खिलाफ दबदबा इतिहास गवाह है कि वर्ल्ड कप में ब्राजील का प्रदर्शन अफ्रीकी देशों के खिलाफ बेहद शानदार रहा है। ब्राजील ने अफ्रीकी टीमों के खिलाफ खेले अपने 8 मैचों में से 7 में जीत हासिल की है, जबकि उन्हें एकमात्र हार 2022 वर्ल्ड कप में कैमरून के खिलाफ मिली थी। साल 2002 के बाद से ब्राजील की टीम अक्सर क्वार्टर फाइनल में ही बाहर होती आई है। ऐसे में कोच एंसेलोटी को भरोसा है कि उनके पास किसी भी टीम को हराने का अनुभव और क्वालिटी मौजूद है।  

काई हावर्ट्ज के डबल गोल से जर्मनी की 7-1 की बड़ी जीत

हॉस्टन  फीफा विश्व कप 2026 में जर्मनी ने एकतरफा जीत के साथ शुरुआत की है। 4 बार की चैंपियन जर्मनी का मुकाबला कुराकाओ से हुआ। यह फीफा विश्व कप में कुराकाओ का डेब्यू मैच था। मैच को जर्मनी ने 7-1 के अंतर से अपने नाम किया। जर्मनी की तरफ से काई हावर्ट्ज ने दो गोल किए। उन्होंने पहले हाफ इंजरी टाइम में पेनल्टी पर पहला गोल दागा। इसके बाद 88वें मिनट में अपना दूसरा और टीम का सातवां गोल मारा। फीफा विश्व कप 2026 की सबसे बड़ी जीत जर्मनी के लिए हावर्ट्ज के अलावा फेलिक्स नमेचा, निको श्लोटरबेक ने पहले जबकि जमाल मुसियाला, नथानिएल ब्राउन और डेनिज उंडाव ने दूसरे हाफ में गोल दागे। 7-1 की जीत फीफा विश्व कप 2026 में सबसे बड़ी जीत है। फेलिक्स नमेचा ने मैच के छठे मिनट में ही गोल दाग दिया। यह इस बार के टूर्नामेंट में अब तक का सबसे तेज गोल भी है। फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल रैंक     टीम     गोल 1     जर्मनी     239 2     ब्राजील     238 3     अर्जेंटीना     152 4     फ्रांस     136 5     इटली     128 कुराकाओ के लिए यादगार मैच रहा 22 साल के लिवानो कोमेनेन्सिया ने कुराकाओ के लिए 21वें मिनट में गोल किया। कुराकाओ फीफा विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम जनसंख्या वाला देश बन गया है। इस देश की आबादी सिर्फ 158,000 ही है। नवंबर 2025 में कुराकाओ ने फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था। वह टूर्नामेंट में जगह बनाने वाला सबसे कम जनसंख्या वाला देश बना था। इसके लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है। जर्मनी ने गोल की बौछार कर दी जर्मनी ने जल्द ही अपना दबदबा बना लिया और छठे मिनट में फेलिक्स नमेचा के गोल से खाता खोला। मिडफील्डर ने फ्लोरियन विर्ट्ज के साथ अच्छा तालमेल बिठाया और फिर पेनल्टी एरिया के किनारे से शानदार शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। कुराकाओ की तरफ से 21वें मिनट में ऐतिहासिक पल आया लेकिन 38वें मिनट में निको श्लॉटरबेक ने 38वें मिनट में कॉर्नर पर हेडर से अपना पहला इंटरनेशनल गोल किया और जर्मनी को फिर से आगे कर दिया। पहले हाफ के इंजरी टाइम में कुराकाओ के खिलाफ ने बॉक्स में खतरनाक टैकल किया। इससे जर्मनी को पेनल्टी मिली और काई हावर्ट्ज ने गोल में दागकर स्कोर 3-1 कर दिया। जर्मनी ने दूसरे हाफ में अपना आक्रामक खेल जारी रखा। जमाल मुसियाला ने 47वें मिनट में जोशुआ किमिच के पास पर गोल मारकर टीम को 4-1 से आगे कर दिया।। इसके बाद नथानिएल ब्राउन ने 68वें मिनट में 5वां और 10 मिनट बाद डेनिज उंडाव ने छठा गोल दागा। 88वें मिनट में काई हावर्ट्स ने अपना दूसरा और मैच का 7वां गोल दागा।  

इरंकुंडा-मेटकाफ के गोल से ऑस्ट्रेलिया की शानदार जीत

वैंकूवर  नेस्टोरी इरंकुंडा और कॉनर मेटकाफ के गोल की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से जीत दर्ज करके तुर्किए की 24 साल बाद विश्व कप फुटबॉल में वापसी के जश्न में रंग में भंग डाल दिया। इस मैच को देखने के लिए फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो भी स्टेडियम में पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलिया की जीत का श्रेय उसके गोलकीपर पैट्रिक बीच को भी जाता है जिन्होंने ग्रुप डी के इस मैच में आठ शानदार बचाव किए। ऑस्ट्रेलिया लगातार छठी बार और कुल मिलाकर सातवीं बार विश्व कप में खेल रहा था। तुर्किए 2002 में विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा था। उसने इस साल प्लेऑफ में कोसोवो को हराकर क्वालीफाई किया। इरंकुंडा ने तीन डिफेंडरों से घिरे होने के बावजूद 27वें मिनट में निचले शॉट से गोल करके ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिला दी। इरंकुंडा ने ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के दिग्गज टिम कहिल के इस खेल में योगदान को याद करने के लिए कॉर्नर फ्लैग पर मुक्का मारकर जश्न मनाया। वाटफोर्ड के लिए खेलने वाले 20 वर्षीय इरंकुंडा ऑस्ट्रेलिया की तरफ से विश्व कप में सबसे कम उम्र के गोल स्कोरर बन गए हैं। इसके कुछ मिनट बाद बीच ने अब्दुलकरीम बरदाकसी के जोरदार शॉट को रोककर शानदार बचाव किया। ऑस्ट्रेलिया के कोच टोनी पोपोविच ने अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रयान की जगह बीच को शुरुआती एकादश में रखने का चौंकाने वाला फैसला किया जो सही साबित हुआ। तुर्किए को 57वें मिनट में फ्री किक मिली, लेकिन बीच ने बड़ी खूबसूरती से अर्दा गुलेर के शॉट को बचा दिया। रियाल मैड्रिड के लिए खेलने वाले 21 वर्षीय मिडफील्डर गुलेर का जन्म उस समय नहीं हुआ था जब तुर्किए इससे पहले आखिरी बार विश्व कप में खेला था। कॉनर मेटकाफ ने 75वें मिनट में इस्माइल युकसेक की गलती का फायदा उठाते हुए ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को दोगुना कर दिया।

रोमांचक मुकाबले में कोनोली ने बचाई ऑस्ट्रेलिया की इज्जत, बांग्लादेश 3-0 से चूक गया

 मीरपुर ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में 1 विकेट से जीत हासिल की. रविवार (13 जून) को मीरपुर के शेर-ए बांग्ला नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीत के हीरो कूपर कोनोली रहे. सलामी बल्लेबाज कूपर कॉनोली ने अपने करियर का पहला ओडीआई शतक जड़ते हुए 149 रनों की शानदार पारी खेली. कोनीली ने 134 गेंदों की इनिंग्स में 13 चौके और 6 छक्के लगाए।  मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 5 विकेट पर 274 रन बनाए. मेजबान टीम की ओर से तौहीद हृदोय ने 83, लिटन दास ने नाबाद 58 और मोसाद्देक हुसैन ने 56 रनों की तेजतर्रार पारी खेली. एक समय बांग्लादेश 62 रन पर तीन विकेट गंवाकर मुश्किल में था, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।  275 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन शोरिफुल इस्लाम ने लगातार झटके देकर मैच को रोमांचक बना दिया. कप्तान जोश इंग्लिस, मैथ्यू रेनशॉ और एलेक्स कैरी के विकेट जल्दी गिरने से ऑस्ट्रेलिया दबाव में आ गया।  ऐसे मुश्किल समय में कूपर कोनोली ने पारी को संभाला. उन्होंने पहले मार्नस लाबुशेन (29 रन) के साथ अहम साझेदारी की और फिर कैमरन ग्रीन (27 रन) के साथ मिलकर टीम को जीत की ओर बढ़ाया. कोनोली ने 87 गेंदों में अपना पहला वनडे शतक पूरा किया।  हालांकि मैच का रोमांच आखिरी ओवर तक बना रहा. शोरिफुल इस्लाम ने अपने ओडीआई करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 48 रन देकर 6 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल में डाल दिया. 266/5 से ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 271/9 हो गया, जबकि जीत के लिए अभी भी कुछ रन चाहिए थे।  आखिरी ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए दो रन चाहिए थे. दबाव के बीच एडम जाम्पा ने तस्कीन अहमद की गेंद पर शानदार चौका लगाकर टीम को एक विकेट से जीत दिला दी. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के क्लीन स्वीप के सपने को तोड़ दिया. कूपर कोनोली की 149 रनों की पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी, जिसने मुश्किल हालात में टीम को जीत दिलाई। 

दीप्ति शर्मा का कहर, 5 विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी ध्वस्त, भारत ने दर्ज की शानदार जीत

 बर्मिंघम आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अपना पहला मुकाबला रविवार (14 जून) को पाकिस्तान से खेला. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने 64 रनों से जीत हासिल की. भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 171 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 17 ओवरों में 106 रनों पर सिमट गई. दीप्ति शर्मा (5 विकेट) और स्मृति मंधाना (68 रन) ने टीम इंडिया की जीत में अहम किरदार निभाया।  भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 17 जून (बुधवार) को नीदरलैंड्स का सामना करेगी. भारतीय टीम अब तक विमेंस टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है. उसने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2020 के संस्करण में किया था, जब भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची और ऑस्ट्रेलिया से खिताबी मुकाबले में हार गई. अब भारत की नजरें पहली बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर हैं।  रनचेज में पाकिस्तानी टीम के लिए सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ही बड़ी पारी खेल पाईं. मुनीबा ने 35 गेंदों पर 41 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. इसके अलावा आलिया रियाज (18 रन), गुल फिरोजा (12 रन) और आयशा जफर (12 रन) ही दोहरे अंकों तक पहुंच सकीं. दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी बैटिंग की कमर तोड़ दी. जबकि श्री चरणी ने तीन और शेफाली वर्मा ने 1 विकेट झटके. पाकिस्तानी टीम के 9 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने लिए, वहीं मुनीबा अली रन आउट हुईं।  ऐसी रही भारत की बैटिंग टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पावरप्ले में ही दो विकेट गंवा दिए. शेफाली वर्मा को स्पिनर सादिया इकबाल ने पहले ही ओवर में पवेलियन भेजा. वहीं जेमिमा रोड्रिग्स लेफ्ट आर्म सीमर तस्मिया रुबाब का शिकार बनीं. यहां से स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 91 रनों की शानदार पार्टनरशिप की।  5 विकेट लेकर रच दिया इतिहास आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर 64 रनों से शानदार जीत हासिल की. रविवार (14 जून) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुए मैच में भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने यादगार प्रदर्शन किया. अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर दीप्ति ने ना सिर्फ पाकिस्तान की बल्लेबाजी यूनिट को तहस-नहस किया, बल्कि कुछ बड़े रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए।  इस हाईवोल्टेज मुकाबले में दीप्ति शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके. महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की ओर से किसी मैच में ये सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा. दीप्ति ने रेणुका सिंह ठाकुर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. रेणुका ने 2023 के संस्करण में इंग्लैंड के खिलाफ 15 रन देकर 5 विकेट लिए थे. दीप्ति ने इस दौरान गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, नाशरा संधू और तस्मिया रुबाब को अपना शिकार बनाया. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और शानदार नियंत्रण के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज टिक नहीं सके।  हालांकि महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड अभी भी वेस्टइंडीज की दिग्गज ऑलराउंडर डिएंड्रा डॉटिन के नाम दर्ज है. डॉटिन ने 2018 में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 5 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे।  दीप्ति शर्मा का यह स्पेल भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ. उन्होंने बीच के ओवरों में लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया. महिला टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करके दीप्ति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं. उनकी इस यादगार गेंदबाजी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।  विमेंस टी20 विश्व कप में भारत के लिए पांच विकेट 5/10 – दीप्ति शर्मा बनाम पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026* 5/15। रेनूका ठाकुर बनाम इंग्लैंड, गाकेबरहा, 2023 5/16 – प्रियंका रॉय बनाम पाकिस्तान, टॉनटन, 2009 देखा जाए तो दीप्ति शर्मा अब विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं. दीप्ति ने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. थिपाचा पुत्थावोंग के नाम पर विमेंस टी20 इंटरनेशनल में 165 विकेट दर्ज हैं।  महिला टी20I में सबसे अधिक विकेट 166- दीप्ति शर्मा (भारत) 165- थिपाचा पुत्थावोंग (थाईलैंड) 160- हेनरिएट इशिम्वे (रवांडा) 152- मेगन शट (ऑस्ट्रेलिया) 148- ओनिका कामचोम्फू (थाईलैंड) विमेंस टी20I में सर्वाधिक बार 5 विकेट (फुल मेम्बर टीम्स) 3- अनीसा मोहम्मद (वेस्टइंडीज) 2- शबनम इस्माइल (साउथ अफ्रीका) 2- अर्लीन केली (आयरलैंड) 2- सुने लुस (साउथ अफ्रीका) 2- नाहिदा अख्तर (बांग्लादेश) 2- दीप्ति शर्मा (भारत) विमेंस टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत 82 रन vs श्रीलंका, दुबई, 2024 79 रन vs बांग्लादेश, सिलहट, 2014 72 रन vs बांग्लादेश, बेंगलुरु, 2016 71 रन vs श्रीलंका, बासेटेरे, 2010 64 रन vs पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026