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शेन वॉर्न की मौत की वजह कोरोना वैक्सीन? 4 साल बाद बेटे ने किया चौंकाने वाला दावा

सिडनी  महान स्पिनर शेन वॉर्न के निधन के चार साल बाद उनके बेटे जैक्सन ने दावा किया है कि इस दिग्गज स्पिनर की मौत संभवतः कोविड के उन 'तीन या चार' टीकों के कारण हुई थी जो उन्हें 'काम करने के लिए मजबूरन लेने पड़े थे।' जैक्सन ने '2 वर्ल्ड्स कोलाइड पॉडकास्ट' पर बात करते हुए अपने पिता की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी स्वीकार किया। वॉर्न का 2022 में थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र 52 वर्ष थी। मुझे पक्का लगता है टीके की वजह से हुई मौत: जैक्सन वॉर्न जैक्सन ने कहा, ‘मुझे पक्का लगता है कि इसमें (कोविड टीके का) हाथ था। मुझे नहीं लगता कि अब यह कहने से किसी तरह का विवाद पैदा होगा। भले ही डैड (पिताजी) को पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं, लेकिन मुझे लगता है कि टीका लगाने के कारण उनकी बीमारी खुलकर सामने आ गई। यह एक ऐसी बात है जिससे मैं हमेशा सोचता रहता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे ही मैंने (वॉर्न की मौत की खबर मिलने के बाद) फोन रखा तो मेरी पहली प्रतिक्रिया यही थी कि मैंने तुरंत सरकार को दोषी ठहराया। मैंने तुरंत कोविड और टीके को दोषी ठहराया।’ जैक्सन ने कहा कि उन्होंने शोक सभा में अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने से खुद को बड़ी मुश्किल से रोका था। उन्होंने कहा, ‘शायद यह समझदारी भरा कदम था कि मैंने ऐसा नहीं किया, अगर मैंने ऐसा किया होता तो मेरी स्थिति बिल्कुल अलग होती। लेकिन मुझे यही महसूस हुआ।’ 'डैड ठीक थे, उन्होंने 3 या 4 डोज लगवाए थे' जैक्सन ने कहा, ‘पहले भी दिल का दौरा पड़ने से बहुत से लोग मर रहे थे। लेकिन डैड ठीक थे। मुझे लगता है उन्होंने तीन या चार (टीके) लगवाए होंगे। वह टीका नहीं लगवाना चाहते थे लेकिन अन्य लोगों की तरह काम करने के लिए उन्हें मजबूरन इन्हें देना पड़ा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहता हूं क्योंकि इससे केवल गुस्सा ही बढ़ता है। गुस्सा किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता है।’ वॉर्न की जीवनशैली के बारे में जैक्सन ने कहा कि धूम्रपान और शराब पीने के बावजूद वह अपेक्षाकृत स्वस्थ थे। उन्होंने कहा, ‘उस समय डैड स्वस्थ थे, खुश थे। वे काफी समय बाद इतने अच्छे दिख रहे थे। वह जरूर धूम्रपान करते थे और शराब पीते थे, लेकिन 80 और 90 वर्ष की उम्र के कई लोग डैड की तुलना में कहीं अधिक धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं।’ वॉर्न निधन से कुछ महीने पहले कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। जब उनकी अचानक मौत हुई तो तब वह किसी तरह की गंभीर बीमारी से नहीं जूझ रहे थे।

संजू सैमसन ने बुमराह को पीछे छोड़ा, जीता ICC का प्रमुख अवॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मार्च महीने का आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है. उन्होंने इस अवॉर्ड की रेस में जसप्रीत बुमराह और साउथ अफ्रीका के कॉनर एस्टरहुइजन को पीछे छोड़ा. सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई. खास बात यह रही कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी नहीं थे. टीम ने पहले अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को मौका दिया, लेकिन जब सैमसन को मौका मिला, तो उन्होंने इसे पूरी तरह भुना लिया।  सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 24 रन की तेज पारी से उन्होंने शुरुआत की, लेकिन असली कमाल वेस्टइंडीज के खिलाफ देखने को मिला. नॉकआउट की रेस में सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई. यह पारी संभलकर खेली गई थी, जिसमें उन्होंने सही समय पर सही शॉट्स लगाए।  सेमीफाइनल और फाइनल में भी जलवा इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े में सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन की शानदार पारी खेली. यह मैच हाई स्कोरिंग था, लेकिन सैमसन की पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी उन्होंने 89 रन बनाए और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई. लगातार बड़े मैचों में इस तरह का प्रदर्शन ही उन्हें सबसे खास बनाता है।  मार्च के इन अहम मैचों में सैमसन ने 3 पारियों में 275 रन बनाए. उनका औसत 137.50 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 5 मैचों में 321 रन बनाए, औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा।  हालांकि जसप्रीत बुमराह ने भी शानदार गेंदबाजी की और कई मैचों में टीम को संभाला, लेकिन सैमसन ने बल्लेबाजी से पूरे मैच का रुख बदल दिया. वहीं महिला क्रिकेट में न्यूजीलैंड की अमेलिया केर को मार्च का प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। 

BCCI का बड़ा फैसला: IPL 2026 शेड्यूल में चुनाव की वजह से हुआ बदलाव

मुंबई   IPL 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने लीग के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है. बोर्ड ने घोषणा की है कि गुजरात टाइटन्स (GT) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच 26 अप्रैल और 21 मई को होने वाले दो मैचों के स्थान को बदल दिया गया है।  IPL 2026 के शेड्यूल में बड़ा बदलाव नए शेड्यूल के अनुसार गुजरात टाइटंस और सुपर किंग्स के बीच पहले 26 अप्रैल को अहमदाबाद में खेला जाने वाला दोपहर का मैच अब चेन्नई के एमए ​​चिदंबरम स्टेडियम में होगा. यह दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा. जबकि 21 मई को इन्हीं दोनों टीमों के बीच चेन्नई में शाम को होने वाला मैच अब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया है और यह मैच शाम में शुरू होगा।  शेड्यूल में बदलाव की वजह बीसीसीआई ने इसकी वजह अहमदाबाद और गुजरात के अन्य इलाकों में 26 अप्रैल को होने वाले नगर निगम चुनाव को बताया है. बीसीसीआई ने विज्ञप्ति में कहा, 'अहमदाबाद और गुजरात के दूसरे हिस्सों में 26 अप्रैल 2026 को होने वाले नगर पालिका चुनावों को देखते हुए यह बदलाव जरूरी हो गया है।  अहमदाबाद के अलावा, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर, करमसद-आनंद, गांधीधाम, नाडियाड, नवसारी, पोरबंदर, मेहसाणा, मोरबी, वापी और सुरेंद्रनगर में भी नगर निगम चुनाव होंगे. वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।  IPL 2026 में CSK और GT के प्रेदर्शन पर एक नजर इस सीजन भी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत पिछले सीजन जैसी ही रही. वो अब तक 4 मैच में से केवल एक मैच में ही जीत हासिल कर सके हैं, जबकि तीम मैच में उन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ा. जिसकी वजह से वो अंक तालिका में 9वें नंबर पर हैं. पिछले सीजन भी वो 10वें नंबर पर रहे थे. उनका अगला मैच केकेआर से है, जो 14 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा।  वहीं गुजरात टाइटंस की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन वो 4 मैच में दो जीत और दो हार के साथ अंक तालिका में छठें नंबर पर हैं. उकना अगला मैच 17 अप्रैल को केकेआर से है। 

PSL प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबर आजम का जवाब, आलोचना पर दी सफाई

नई दिल्ली  पाकिस्तान सुपर लीग के मुकाबलों से ज्यादा मजेदार तो मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। कुछ ही दिन पहले ही एक रिपोर्टर के द्वारा विराट कोहली जैसा मैच फिनिश नहीं करने के सवाल पर भड़कने वाले बाबर आजम अब एक और पत्रकार पर आग बबूला हुए है पेशावर जाल्मी के कप्तान बाबर आजम के टी20 करियर के साथ सबसे बड़ी समस्या उनकी स्ट्राइक रेट रही है। इसको लेकर जब उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल किया गया कि क्या उन्होंने अपने खेल पर दोबारा काम किया है, जैसा कि टीम के कोच मिस्बाह-उल-हक ने हिंट दिया था। इस पर बाबर ने जो जवाब दिया, वो हैरान कर देने वाला रहा। बाबर आजम ने रिपोर्टर का मुंह किया बंद अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो बाबर आजम का स्ट्राइक रेट उनकी टीम के बाकी खिलाड़ियों की तुलना में काफी कम है। पेशावर जाल्मी के लिए इस सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कुसल मेंडिस ने 5 पारियों में 309 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 171.67 का है। वहीं, पाकिस्तान के ही साहिबजादा फरहान ने 249 रन 180.43 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से बनाए हैं, जबकि बाबर आजम का स्ट्राइक रेट इस सीजन में अब तक महज 130.68 का रहा है। मुल्तान सुल्तांस को 24 रनों से हराने के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्ट्राइक रेट पर सवाल उठा, तो बाबर ने कहा, "आपको अलग-अलग पोजीशन पर अलग तरह से खेलना होता है। स्कोरबोर्ड को ध्यान में रखते हुए यह देखना पड़ता है कि टीम की जरूरत क्या है। मुझे लगता है कि आपको पहले परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए। जैसे कराची की जिस विकेट पर 240 रन बने थे, अगले दिन वैसी स्थिति नहीं थी और हम मुश्किल से 180 रन ही बना सके। इसलिए, हालात बहुत मायने रखते हैं।" 31 साल के बाबर ने आगे कहा,     हर दिन आपको एक जैसी पिच नहीं मिलेगी, आप हर दिन एक जैसा नहीं खेल सकते, विपक्षी टीम आपके लिए प्लान बनाती है। मुंह उठाकर शॉट्स नहीं खेल सकते। हर दिन आपको एक अलग गेम प्लान के साथ आना पड़ता है। अगर आप पहले छह ओवर में बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो मुझे पता है कि पावरप्ले का फायदा उठाना है. फिर साझेदारी बनानी है, मौके लेने हैं, गेंदबाजों को टारगेट करना है।    साझेदारी की अहमियत पर भी जोर देते हुए उन्होंने कहा, “कई बार आप स्ट्राइक रेट संभाल लेते हैं और कई बार नहीं। यही साझेदारी की अहमियत है। एक बल्लेबाज दूसरे का दबाव कम कर सकता है।" अगर बात करें मैच की तो पेशावर जाल्मी बनाम मुल्तान सुल्तांस के बीच खेले गए पीएसएल के 22वें मैच में पेशावर जाल्मी की टीम को जीत मिली। ये उनकी मौजूदा टूर्नामेंट की पांचवीं जीत रही और वो पीएसएल की अंक तालिका में 11 अंक के साथ टॉप पर बनी हुई है, जबकि मुल्तान सुल्तान की टीम प्वाइंट्स टेबल में 8 अंक के साथ दूसरे स्थान पर है।  

वर्ल्ड कप के स्टार बुमराह आईपीएल में क्यों हो रहे हैं फीके?

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप-2026 में 14 विकेट लेकर पूरे टूर्नामेंट के सबसे घातक तेज गेंदबाज साबित हुए जसप्रीत बुमराह के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत बिल्कुल उलटी कहानी लेकर आई है. वही बुमराह, जिनकी यॉर्कर को दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज भी मुश्किल से पढ़ पाते थे, इस सीजन में विकेट लेने के लिए जूझते नजर आ रहे हैं. उनकी गेंदों से पहले जैसी धार और निर्णायक असर गायब दिख रहा है, जिससे क्रिकेट फैन्स भी हैरान हैं. चार मैच… 15 ओवर… और नतीजा बेहद चौंकाने वाला- एक भी विकेट नहीं. 123 रन खर्च, 8.20 का इकोनॉमी रेट और सबसे बड़ी चिंता, वो ‘विकेट टच’ जो बुमराह की पहचान था, पूरी तरह गायब. क्रिकेट के गलियारों में अब एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या बुमराह को किसी की नजर लग गई है या फिर बल्लेबाजों ने उनका कोड तोड़ दिया है? सिर्फ कुछ महीने पहले तक तस्वीर बिल्कुल अलग थी. टी20 वर्ल्ड कप में बुमराह ने अपनी गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को बांधकर रख दिया था. 8 मैच, 14 विकेट, 6.21 की इकोनॉमी और 12.42 का एवरेज…ये आंकड़े बताते हैं कि वह अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ व्हाइट बॉल फॉर्म में थे. डेथ ओवर्स में उनका नियंत्रण, यॉर्कर की सटीकता और धीमी गेंदों का मिश्रण उन्हें लगभग अजेय बना रहा था. लेकिन आईपीएल में आते ही वही गेंदबाज अचानक सामान्य दिखने लगे. चार मैचों में विकेट का कॉलम खाली होना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत है कि कुछ गड़बड़ जरूर है. यॉर्कर क्यों हो गई कमजोर? बुमराह की सबसे बड़ी ताकत उनकी यॉर्कर रही है. वह गेंद जो बल्लेबाज के पैरों के पास आकर स्टंप्स को निशाना बनाती है. लेकिन इस सीजन में वही गेंद बार-बार फुल टॉस या आधी पिच पर गिरती दिखी है. बुमराह के इस बुरे हाल के तीन कारण हो सकते हैं – 1. थकान का असर लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और लीग क्रिकेट के बीच शरीर को पर्याप्त रिकवरी नहीं मिली हो सकती है. जसप्रीत बुमराह जैसे अनोखे एक्शन वाले गेंदबाज पर यह असर और भी ज्यादा होता है. उनके एक्शन में डिलीवरी के समय शरीर पर असामान्य दबाव पड़ता है, ऐसे में थोड़ी भी थकान सटीकता पर सीधा असर डालती है. 2. वर्कलोड मैनेजमेंट की गड़बड़ी वर्कलोड मैनेजमेंट सिर्फ मैचों की संख्या तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें ओवरों की तीव्रता, डेथ ओवर का दबाव और लगातार हाई-इंटेंसिटी स्पेल भी शामिल होते हैं. बुमराह को अक्सर टीम के सबसे मुश्किल ओवर (पावरप्ले और डेथ) दिए जाते हैं. इसका मतलब है कि हर मैच में उनका शरीर और दिमाग दोनों चरम दबाव में रहते हैं. अगर इस वर्कलोड को सही तरीके से बैलेंस नहीं किया गया, तो परफॉर्मेंस में गिरावट आना तय है. 3. बल्लेबाजों की तैयारी और माइक्रो-एडजस्टमेंट की कमी आज का टी20 बल्लेबाज पहले से ज्यादा डेटा-आधारित हो गया है. यॉर्कर के खिलाफ खास बैटिंग प्लान तैयार किए जाते हैं और बुमराह की गेंदों को अब पहले से बेहतर पढ़ा जा रहा है. दूसरी ओर, बुमराह की गेंदबाजी बेहद माइक्रो-एडजस्टमेंट पर टिकी होती है. हल्की सी भी लय बिगड़ने पर उनका पूरा पैटर्न प्रभावित हो जाता है. आंकड़े जो चिंता बढ़ाते हैं – टी20 वर्ल्ड कप और आईपीएल 2026 के बीच का फर्क चौंकाने वाला है. – वर्ल्ड कप: 8 मैच, 14 विकेट, इकोनॉमी 6.21 – आईपीएल: 4 मैच, 0 विकेट, 15 ओवर, 123 रन, इकोनॉमी 8.20 ये सिर्फ फॉर्म का गिरना नहीं है, बल्कि प्रभावशीलता (impact) का गिरना है. बुमराह जैसे गेंदबाज के लिए विकेट नहीं लेना सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ाता है. मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा सिरदर्द आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में डेथ ओवर्स में बुमराह का रोल निर्णायक होता है. लेकिन इस बार वही विभाग टीम के लिए चिंता बन गया है. विपक्षी टीमें अब बुमराह के ओवर में खुलकर रन बना रही हैं, जो पहले लगभग असंभव था. कप्तान के लिए यह स्थिति रणनीति बदलने जैसी है…क्योंकि जब आपका सबसे भरोसेमंद हथियार ही धार खो दे, तो प्लान B हमेशा कमजोर पड़ जाता है. क्या यह सिर्फ ‘अस्थायी स्लिप’ है? क्रिकेट इतिहास बताता है कि बड़े गेंदबाजों के करियर में ऐसे फेज आते हैं, लेकिन बुमराह का मामला थोड़ा अलग है. क्योंकि वह सिर्फ तेज गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि स्किल और माइंड गेम के मास्टर हैं. उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी वापसी क्षमता रही है. चोट से लौटना हो या फॉर्म से, बुमराह ने हमेशा खुद को फिर से साबित किया है. बल्लेबाजों ने सीखा या बुमराह ने खोया? यह बहस अब तेज हो चुकी है. एक वर्ग मानता है कि टी20 क्रिकेट अब इतना एडवांस हो चुका है कि किसी भी गेंदबाज की कमजोरी लंबे समय तक छुपी नहीं रहती. दूसरी तरफ, कई पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि यह सिर्फ फॉर्म का मामला है और जैसे ही बुमराह एक विकेट निकालेंगे, उनका आत्मविश्वास फिर से लौट आएगा. असली सवाल अब यह है क्या बुमराह की यह गिरावट एक छोटे से फेज का हिस्सा है? या फिर टी20 क्रिकेट का नया युग तेज गेंदबाजों के खिलाफ एक नया ‘सिस्टम’ बना रहा है? फिलहाल जवाब किसी के पास नहीं है. लेकिन एक बात तय है, जब बुमराह अपनी लय में होते हैं, तो दुनिया का कोई भी बल्लेबाज सुरक्षित महसूस नहीं करता.

बेंगलुरु में भिड़ेंगे RCB और LSG, इतिहास में RCB का पलड़ा भारी

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 23वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से 15 अप्रैल को चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। RCB ने इस सीजन में अब तक 3 मैच जीते हैं और 1 में शिकस्त झेली है, जबकि LSG ने 2 मुकाबले जीते हैं और 2 में ही हार का सामना किया है। आइए मैच से जुड़ी बातों पर एक नजर डालते हैं। RCB का पलड़ा है भारी LSG के खिलाफ RCB का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच IPL के इतिहास में अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से 4 मैच में RCB को जीत मिली है और 2 मैच LSG ने अपने नाम किए हैं। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला खेला जाएगा। IPL 2025 में दोनों टीम सिर्फ 1 मैच में भिड़ी थी। उस मैच को RCB ने 6 विकेट से जीता था। ऐसी हो सकती है RCB की प्लेइंग इलेवन RCB ने अपने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस (MI) को 18 रन से हराया था। उस मैच में RCB ने अपने बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के चलते 240 रन का बड़ा स्कोर बनाया था। बल्लेबाजी में RCB का शीर्षक्रम अपने प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगा। संभावित एकादश: फिलिप सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमेरियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, और सुयश शर्मा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है LSG LSG को अपने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ हार मिली थी। उस मैच में LSG के बल्लेबाजों ने निराश किया था और पूरी टीम पहले खेलते हुए 164 रन ही बना सकी थी। RCB के विरुद्ध LSG अपने बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। संभावित एकादश: मिचेल मार्श, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, आवेश खान, दिग्वेश सिंह राठी, और प्रिंस यादव। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर RCB: रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जैकब बेथेल, जोश हेजलवुड, और अभिनंदन सिंह। LSG: मणिमारन सिद्धार्थ, शाहबाज अहमद, मयंक यादव, एनरिक नोर्खिया और जोश इंगलिस। कैसा है चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच का मिजाज? एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यह मैदान अपनी छोटी बाउंड्री के कारण हाई स्कोरिंग मैदान के रूप में जाना जाता है। हालांकि, यहां स्पिन गेंदबाजों मिडिल ओवर्स के दौरान प्रभावशाली होते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, चिन्नास्वामी स्टेडियम पर IPL मैचों के दौरान पहली पारी का औसत स्कोर 167 रन का है। बेंगलुरु में सर्वोच्च टीम स्कोर का रिकॉर्ड SRH (287/3 बनाम RCB, 2024) के नाम पर दर्ज है। कैसा रहेगा मौसम का हाल? एक्यूवेदर के मुताबिक, 15 अप्रैल को बेंगलुरु में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत शाम 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें कोहली ने LSG के खिलाफ अब तक 6 पारियों में 32.16 की औसत और 133.1 की स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं। जैकब डफी ने 3 पारियों में 23.00 की औसत के साथ 6 विकेट लिए हैं। LSG के कप्तान पंत को RCB के खिलाफ बल्लेबाजी करना पसंद है। इस टीम के खिलाफ उन्होंने 13 पारियों में 53.9 की औसत और 158.06 की स्ट्राइक रेट के साथ 539 रन बनाए हैं।  

एफआईएच क्वालीफायर में भारत की शानदार जीत, फाइनल में इंग्लैंड से टक्कर

नई दिल्ली  भारतीय महिला हॉकी टीम ने 'एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर- 2026' के फाइनल में अपनी जगह बना ली है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए इटली को रोमांचक मुकाबले में 1-0 से हराया। भारत की फाइनल में भिड़ंत इंग्लैंड से होगी। मनीषा चौहान ने किया गोल भारतीय टीम के लिए मैच में एकमात्र गोल मनीषा चौहान ने 40वें मिनट में किया। सेमीफाइनल मुकाबले का पहला क्वार्टर बेहद कड़ा रहा। दोनों टीमें मिडफील्ड में गेंद पर कब्जे के लिए लगातार संघर्ष करती हुई नजर आईं। भारत ने मैच की शुरुआत जोरदार अंदाज में की और कुछ दमदार 'सर्कल एंट्री' की। हालांकि, इटली ने भी धीरे-धीरे आक्रामक रुख अपनाना शुरू किया और गोल करने के कुछ अच्छे मौके बनाए। दोनों टीमों के बीच टक्कर का मुकाबला दूसरे क्वार्टर में भारत ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। मेजबान टीम ने गेंद को आगे बढ़ाने के लिए मैदान के किनारों का इस्तेमाल किया। भारतीय टीम ने बड़ी संख्या में हमले बोले और गोल के करीब (सर्कल में) कई अहम एंट्री कीं। 18वें मिनट में भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत कौर के शॉट को इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने शानदार तरीके से रोक दिया। कई बार गोल करने से चूकी टीम 27वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इटली की डिफेंडर ने गोल-लाइन पर ही उनके शॉट को रोककर भारत को गोल करने से वंचित कर दिया। 29वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करने का एक और मौका मिला, पर नवनीत कौर का शॉट लक्ष्य से भटक गया। दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में इटली ने गोल पर जोरदार हमला बोला। एमिलिया मुनिटिस गोल के बेहद करीब पहुंच गई थीं, लेकिन भारत की गोलकीपर बिचू देवी खारीबाम ने आगे बढ़कर एक अहम बचाव किया। 40वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने उसे सफलतापूर्वक गोल में बदलकर मैच में 1-0 की बढ़त बना ली। मनीषा का शानदार गोल मनीषा चौहान (40वें मिनट) ने मैदान के बीच से एक जोरदार ड्रैग-फ्लिक लगाया और वह इटली के डिफेंस को भेदने में सफल रहीं। आखिरी क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में भारत को दो और पेनल्टी कॉर्नर मिले। टीम ने मैच के अंतिम चरण में अपनी बढ़त को और बढ़ाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, इटली के डिफेंस ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए भारत को गोल करने का मौका नहीं दिया। इटली ने मैच के आखिरी मिनटों में अपनी पूरी जान लगा दी और 59वें मिनट में एक अहम पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, पर भारत ने अपने विरोधी को बराबरी का गोल करने से रोक दिया और जीत हासिल की। भारतीय टीम अब फाइनल मुकाबले में 14 मार्च को इंग्लैंड से भिड़ेगी।

IPL 2026 का स्टार अब टीम इंडिया में एंट्री को तैयार, तोड़ सकता है सचिन का रिकॉर्ड

नई दिल्ली 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) टीम इंडिया के लिए डेब्यू के बेहद करीब हैं. खबर है कि जून में होने वाले आयरलैंड दौरे के लिए उन्हें टी20 टीम में शामिल किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट  के मुताब‍िक सेलेक्टर्स ने सूर्यवंशी को शॉर्टलिस्ट किया है और वह टीम में शाम‍िल होने की दौड़ में बने हुए हैं. यह दौरा IPL 2026 के तुरंत बाद होगा, जहां भारत की संभावित सेकंड-स्ट्रिंग टीम को मौका दिया जाएगा. सेलेक्शन कमेटी युवा खिलाड़ियों को इंटरनेशनल एक्सपोजर देने के मूड में है. अगर सूर्यवंशी को मौका मिलता है, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे. अभी यह रिकॉर्ड सच‍िन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था. वहीं ओवरऑल रिकॉर्ड शेफाली वर्मा के नाम है, जिन्होंने 15 साल 7 महीने में भारत के लिए खेला था. सूर्यवंशी इन दोनों को पीछे छोड़ सकते हैं. वैभव मौजूदा आईपीएल के 5 मैचों की 5 पार‍ियों मे 200 रन 40 के एवरेज और 263.15 के स्ट्राइक रेट से बना चुके हैं. हालांकि वह सोमवार को हुए मुकाबले में गोल्डन डक पर आउट हो गए थे. IPL में गदर काट चुके हैं वैभव सूर्यवंशी सूर्यवंशी ने IPL 2026 में अपनी बल्लेबाजी से सभी को चौंका दिया है. उन्होंने RCB के खिलाफ 26 गेंदों में 78 रन, CSK के खिलाफ 17 गेंदों में 52 रन, MI के खिलाफ 14 गेंदों में 39 रन बनाए. खास बात यह रही कि उन्होंने दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की. जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ना और जोश हेजलवुड के खिलाफ आक्रामक अंदाज उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है. सेलेक्टर्स जल्दबाजी में भी नहीं हैं, लेकिन इस टैलेंट को ज्यादा देर तक इंतजार नहीं कराना चाहते. आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ उन्हें मौका देने की रणनीति बन रही है. इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी उन्हें टीम में शामिल किया जा सकता है. कई दिग्गज कर चुके हैं वैभव का सपोर्ट IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने भी सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इतना टैलेंट मिलना दुर्लभ है और वह टीम इंडिया में डेब्यू के हकदार हैं.वहीं पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी चयनकर्ताओं से अपील की है कि उन्हें तुरंत मौका दिया जाए. भारत और आयरलैंड के बीच दो टी20 मैच 26 और 28 जून को खेले जाएंगे. इसके बाद टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां सीनियर खिलाड़ियों की वापसी होगी.

चेन्नई का पलड़ा भारी या KKR करेगा वापसी? जानिए मैच प्रीव्यू

चेपॉक आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में मंगलवार यानी आज एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की भिड़ंत कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ होगी। सीएसके ने पिछले मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को हराते हुए जीत का खाता खोला है। चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शानदार रहा था। टूर्नामेंट में अब तक पहली बार सीएसके की सलामी जोड़ी अच्छी लय में दिखाई दी थी। संजू सैमसन और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़े थे। संजू बेहतरीन लय में दिखाई दिए थे और उन्होंने अपने आईपीएल करियर का चौथा शतक लगाया था। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 56 गेंदों में 115 रनों की दमदार पारी खेली थी। आयुष म्हात्रे ने 36 गेंदों में 59 रन बनाए थे। गेंदबाजी में जेमी ओवरटन चमके गेंदबाजी में जेमी ओवरटन ने शानदार स्पेल डालते हुए 4 ओवर में 18 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे, जबकि अंशुल कंबोज ने 3 विकेट निकाले थे। दूसरी ओर, केकेआर अंक तालिका में सबसे नीचे है। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में केकेआर को इस सीजन की अपनी पहली जीत की अभी भी तलाश है। 4 मुकाबलों में से टीम को 3 मैच में हार का सामना करना पड़ा है, तो एक मुकाबला बेनतीजा रहा है। अंजिक्य रहाणे ने पिछले मुकाबले में 24 गेंदों में 41 रन बनाए थे, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने 33 गेंदों में 45 रन बनाए थे। वहीं, कैमरून ग्रीन और रोवमैन पॉवेल भी बेहतरीन लय में दिखाई दिए थे। केकेआर का बॉलिंग अटैक चिंता का विषय केकेआर के लिए इस सीजन टीम का गेंदबाजी अटैक चिंता का विषय रहा है। वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, नवदीप सैनी अब तक इस सीजन छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। सुनील नरेन जरूर पिछले मैच में किफायती रहे थे और उन्होंने 4 ओवर में महज 13 रन देकर एक विकेट निकाला था। वरुण चक्रवर्ती इस मुकाबले के लिए फिट हो पाएंगे या नहीं, यह भी देखना दिलचस्प होगा। कैसा खेलेगी चेपॉकी की पिच? एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच इस सीजन बल्लेबाजी के मुफीद नजर आई है। गेंद बल्ले पर काफी अच्छे से आ रही है और खूब चौके-छक्के भी लग रहे हैं। अच्छी लाइन एंड लेंथ के साथ गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों को भी इस ग्राउंड से मदद मिली है। कैसा है चेन्नई और केकेआर का हेड टू हेड रिकॉर्ड आईपीएल के इतिहास में केकेआर और सीएसके के बीच अब तक कुल 32 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 20 मैच सीएसके ने जीते हैं, जबकि केकेआर ने 11 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। एक मैच बेनतीजा रहा है। एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, केकेआर बनाम सीएसके मुकाबले में बारिश होने की आशंका न के बराबर है। मौसम पूरी तरह से साफ रहने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

राजस्थान के खिलाफ प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन की आतिशी गेंदबाजी, टीम हुई पस्त

हैदराबाद हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 57 रन के बड़े अंतर से मात दे दी है. इस मैच में जीत के हीरो प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन रहे जिन्होंने 4-4 विकेट लेकर मेहमान टीम के मंसूबों पर पानी फेर दिया।  ईशान किशन की शानदार बल्लेबाजी राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर सनराइजर्स हैदराबाद को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया. अभिषेक शर्मा के गोल्डन डक पर आउट होने के बाद कैप्टन ईशान किशन ने खुद जिम्मेदारी लेते हुए शानदार पारी खेली, हालांकि वो शतक लगाने से चूक गए. उन्होंने 44 गेंदों में 8 चौके और 6 छक्कों की मदद से 91 रन बनाए. हेनरिच क्लासेन ने भी 40 रनों का योगदान दिया. नीतीश कुमार रेड्डी ने 28 और सलिल अरोड़ा ने 26 रन बनाए. इन पारियों की बदौलत एसआरएच ने 20 ओवर में 216/6 का स्कोर बनाया।  हिंगे-हुसैन ने बने SRH के मैच विनर 217 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान की टीम पूरी तरह बेबस नजर आई. पहले ही ओवर में प्रफुल्ल हिंगे ने आरआर के 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया और मैच का रुख अपनी टीम की तरफ मोड़ लिया. डेब्यू करने वाले इस गेंदबाज ने 4 ओवर में 34 रन देकर 4 बल्लेबाजों को पलेलियन की राह दिखाई. इस काम में उनका साथ साकिब हुसैन ने बखूबी निभाया, जिन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट लिए, बाकी 2 शिकार ईशान मलिंगा ने बनाए और इस तरह पूरी राजस्थान टीम 19 ओवर में 159 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. हिंगे को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया।  वैभव सूर्यवंशी पहली बार ‘गोल्डन डक’ का शिकार सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला खेला गया. इस मैच में सबकी नजरें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर थीं, लेकिन इस बार नतीजा बिल्कुल उल्टा निकला. शानदार फॉर्म में चल रहे इस वैभव को हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में पहली ही गेंद पर आउट होकर गोल्डन डक का सामना करना पड़ा।  इससे पहले सूर्यवंशी इस सीजन में 52, 31, 39 और 78 जैसी दमदार पारियां खेल चुके थे, लेकिन इस मैच में उनका खाता भी नहीं खुल सका. यह उनके IPL करियर का पहला गोल्डन डक रहा. इससे पहले वह 2025 में एक बार शून्य पर आउट हुए थे, लेकिन तब उन्होंने दो गेंदें खेली थीं।  ईशान किशन का तूफान दूसरी ओर, ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए 44 गेंदों में 91 रन ठोक दिए. उनकी इस पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल थे. किशन ने Heinrich Klaasen (40 रन) के साथ 88 रनों की अहम साझेदारी की और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. उनकी इस पारी के दम पर हैदराबाद ने 216 रन बनाए।