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आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज से पहले बड़ा बदलाव: सिराज बाहर, युवा खिलाड़ियों को मिला मौका

मुंबई आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 इंटरनेशनल सीरीज से पहले BCCI ने एक बड़ा फैसला लिया है। भारत के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को दोनों टी20 सीरीज के स्क्वाड से बाहर कर दिया गया है। सीनियर चयन समिति ने सिराज की जगह लंबे समय बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को टीम में शामिल किया है। इस फैसले ने फैंस को काफी ज्यादा हैरान कर दिया है। क्यों बाहर हुए मोहम्मद सिराज? BCCI द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सिराज किसी चोट के कारण बाहर नहीं हुए हैं, बल्कि आगामी लंबे और व्यस्त इंटरनेशनल सीजन को देखते हुए उन्हें आराम दिया गया है। बोर्ड ने बताया कि 'बीसीसीआई की मेडिकल टीम और टीम मैनेजमेंट के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद, मोहम्मद सिराज को उनके वर्कलोड मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत आराम की सलाह दी गई है। यह फैसला एक एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है, ताकि आगामी व्यस्त सीजन से पहले वे पूरी तरह रिकवर और तरोताजा हो सकें।' प्रसिद्ध कृष्णा की चमकी किस्मत सिराज के बाहर होने के बाद दाएं हाथ के लंबे कद के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा के लिए यह एक बड़ा मौका है। प्रसिद्ध कृष्णा अपनी अतिरिक्त उछाल और गति के लिए जाने जाते हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड की तेज तथा मददगार पिचों पर प्रसिद्ध कृष्णा भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकते हैं। इस टीम की कमान स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि युवा तिलक वर्मा को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। टीम में वैभव सूर्यवंशी और प्रिंस यादव जैसे कई नए और युवा चेहरों को भी मौका मिला है। आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारत का अपडेटेड स्क्वाड श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी और प्रसिद्ध कृष्णा।  

इंग्लैंड में शुरू होगा महिला टी20 वर्ल्ड कप: भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच खिताबी जंग

क्या भारत ऐतिहासिक 'डबल' (दो बड़े खिताब एक साथ जीतना) पूरा कर पाएगा? क्या ऑस्ट्रेलिया अपनी खोई हुई जगह वापस पा सकेगा? क्या हमेशा अंतिम पड़ाव पर चूकने वाला दक्षिण अफ्रीका इस बार सुर्खियां बटोरेगा? या कोई कमजोर मानी जाने वाली टीम रोमांचक जीत हासिल करेगी? इंग्लैंड में 12 जून से शुरू हो रहे आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के 10वें सत्र में कई रोमांचक संभावनाएं हैं। किसकी दावेदारी कितनी मजबूत है और उनकी राह में क्या चुनौतियां हैं, आइए समझते हैं। भारत: पिछले साल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतने के बाद भारत टी20 फॉर्मेट में जीत दर्ज करके शानदार 'डबल' पूरा करने के लिए उत्सुक होगा। ऐसा कारनामा सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही कर पाया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम में ऐसा करने की क्षमता है जैसा कि पिछले छह महीने में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में उनकी जीत से साबित हुआ है। लेकिन दक्षिण अफ्रीका (4-1) और इंग्लैंड (2-1) के खिलाफ उनकी सरजमीं पर भारत को हार झेलनी पड़ी। टीम को तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अमनजोत कौर की कमी भी खलेगी जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में अहम भूमिका निभा सकती थीं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि बल्लेबाज शुरू से ही लय पकड़ लेंगी और रेणुका सिंह, अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ की तेज गेंदबाजी तिकड़ी शानदार स्पेल डाल पाएंगी। स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी कुछ प्रमुख खिलाड़ियों ने 'द हंड्रेड' और 'किया सुपर लीग' में खेला है और वह अनुभव काम आएगा ऑस्ट्रेलिया: छह बार की चैंपियन टीम को एलिसा हीली के संन्यास के बाद सोफी मोलिन्यु के रूप में नई कप्तान मिली है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की असली ताकत उनकी जानी-पहचानी और भरोसेमंद कोर टीम है जिसमें एलिस पेरी, ताहलिया मैकग्रा, एशले गार्डनर, मेगन शूट, एलेना किंग और बेथ मूनी शामिल हैं। सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वोल और बाएं हाथ की तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन के आने से टीम और मजबूत हुई है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 2017 के बाद पहली बार बिना किसी ट्रॉफी के आईसीसी प्रतियोगिता में उतर रही है और वे निश्चित रूप से इस स्थिति को बदलना चाहेंगे। न्यूजीलैंड: मौजूदा चैंपियन ऐसी टीम के साथ आ रहे हैं जिसमें अनुभव और युवा जोश का सही मिश्रण है और उन्हें हराना आसान नहीं होगा। न्यूजीलैंड की उम्मीदें मुख्य रूप से सोफी डिवाइन, सूजी बेट्स और लिया ताहुहू पर टिकी होंगी। टीम इस तिकड़ी के लिए खिताब जीतना चाहती है क्योंकि वे इस टूर्नामेंट के बाद इस प्रारूप से अलग हो जाएंगी। टीम को ऑलराउंडर अमेलिया केर से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि हाल ही में बल्ले से उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह 2024 में फाइनल और टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रही थीं। पिछले दो वर्षों में उनकी साख और कौशल में और निखार आया है। इंग्लैंड: मेजबान टीम नियमित कप्तान नैट स्काइवर ब्रंट की फिटनेस पर नजर रखेगी जो भारत के खिलाफ हालिया श्रृंखला में नहीं खेल पाई थीं। उम्मीद है कि वह टूर्नामेंट के लिए फिट हो जाएंगी। लेकिन चार्ली डीन की कप्तानी में इंग्लैंड ने उस श्रृंखला में साबित कर दिया कि वे स्काइवर ब्रंट के बिना भी जीत सकते हैं। टीम ने 0-1 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 2-1 से जीत हासिल की थी। टीम के पास एलिस कैपसी, सोफी एक्लेस्टोन, लिंडसे स्मिथ, फ्रेया केम्प और अनुभवी खिलाड़ी हीथर नाइट और डैनी वाट-हॉज जैसे बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं। दक्षिण अफ्रीका: अपना पहला खिताब जीतने की कोशिश में दक्षिण अफ्रीका ने अनुभवी तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल को टीम में शामिल किया है लेकिन उनकी असली ताकत नेदिन डि क्लर्क, सुने लूस, क्लो ट्रायोन और डेन वान नीकर्क जैसी खिलाड़ी हैं जो खेल के किसी भी चरण में शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं। शांत स्वभाव वाली लॉरा वोलवार्ट की कप्तानी वाले दक्षिण अफ्रीका के पास मारिजेन कैप, अयाबोंगा खाका और एनेरी डर्कसेन के रूप में एक काबिल गेंदबाजी इकाई है। टीम को भारत और ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप में जगह मिली है इसलिए सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए उन्हें हर समय सतर्क रहना होगा। छुपा रुस्तम: श्रीलंका विश्व कप से पहले श्रीलंका की टीम शानदार फॉर्म में है। टीम ने बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके घर पर पांच मैच जीते हैं। श्रीलंका की सबसे बड़ी स्टार कप्तान चामरी अटापट्ट्रू हैं जिन्हें टूर्नामेंट में बल्ले से अहम भूमिका निभानी होगी। टीम हालांकि पिछले कुछ वर्षों में अपनी इस स्टार खिलाड़ी पर निर्भरता कम करने में कामयाब रही है। श्रीलंका ने हसिनी परेरा, विश्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षिका सिल्वा और कविशा दिलहारी जैसी प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार किया है। हालांकि टीम के पास भरोसेमंद तेज गेंदबाजी आक्रमण नहीं है इसलिए स्पिनरों से उम्मीद की जाएगी कि वे विरोधी टीम पर लगाम कसें। इंग्लैंड में धीमे गेंदबाज कितना असर डाल पाएंगे यह बहस का विषय है। टूर्नामेंट में यह टीम की कमजोरी साबित हो सकती है।

76 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक: काजल बनीं भारत की उभरती कुश्ती स्टार, ओलंपिक पर नजर

सोनीपत हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव लाठ की रहने वाली उभरती हुई स्टार महिला पहलवान काजल ने इंटरनेशनल मंच पर एक बार फिर से सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। काजल ने मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित इंटरनेशनल रैंकिंग रेसलिंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 76 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जिले, प्रदेश और पूरे देश का गौरव बढ़ा है। पहलवान काजल फिलहाल सोनीपत के सेक्टर-23 में अपने चाचा पहलवान कृष्ण के पास रहकर कुश्ती की बारिकियां सीख रही हैं। वह अपनी लगातार कठिन मेहनत, अनुशासित प्रशिक्षण और खेल के प्रति गजब के समर्पण के बल पर भारतीय महिला कुश्ती की सबसे उभरती हुई स्टार्स में शुमार हो चुकी हैं। मेहनत, अनुशासन और समर्पण का मिला फल भारतीय महिला रेसलिंग टीम के पूर्व मुख्य कोच और बड़वासनी स्थित कुलदीप मलिक कुश्ती अकादमी के संचालक कुलदीप मलिक ने काजल की इस स्वर्णिम सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल स्तर पर मिला यह गोल्ड मेडल काजल की अथक मेहनत, कड़े अनुशासन और खेल के प्रति उसके अद्वितीय समर्पण का ही प्रतिफल है। वहीं, उनके कोच अजय मलिक ने काजल के खेल की तारीफ करते हुए बताया कि वह शुरू से ही बेहद मेहनती और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित खिलाड़ी रही हैं। वह प्रतिदिन मैट पर कठिन प्रशिक्षण लेती हैं और अपनी तकनीक को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करती हैं। कोच अजय ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में काजल विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर भी देश के लिए पदक जीतकर इतिहास रचेगी। वर्ल्ड रेसलिंग में पहले भी जीत चुकी हैं सोना यह पहला मौका नहीं है जब काजल ने इंटरनेशनल मैट पर तिरंगा लहराया हो, उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा है। बुल्गारिया के समोकोव में आयोजित इस चैंपियनशिप में काजल ने कमाल का खेल दिखाते हुए 72 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। साल 2024 में आयोजित अंडर-17 विश्व चैंपियनशिप में भी काजल ने अपने भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय रेसलिंग में अपनी बादशाहत साबित की थी। मंगोलिया में मिली इस ताजा सफलता के बाद काजल ने अपने अगले बड़े मिशन का भी खुलासा कर दिया है। काजल का अगला और मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है, जिसके लिए वे अभी से जी-तोड़ मेहनत में जुट गई हैं। भारत ने लंबे समय से ओलंपिक में रेसलिंग में कोई भी मेडल नहीं जीता है। भारत को इसकी लंबे समय से तलाश है।

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन

नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप 2026 बेहद खास होने वाला है। इस बार का विश्व कप ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि इसमें पहली बार 48 टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी। ये वर्ल्ड कप फैंस के लिए भी खास होगा। विश्व कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और इसका फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। ये वर्ल्ड कप तीन देशों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको शामिल हैं। ऐसा पहली बार होगा, जब फीफी विश्व कप तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। आइए बताते हैं ऐसे पांच फैक्ट्स जो आपके लिए जानना जरूरी है। 1. पहली बार 48 टीमों होंगी शामिल यह विश्व कप 48 देशों की टीमों के साथ खेला जाएगा। इससे पहले कतर 2022 में सिर्फ 32 टीमें थीं। अब 12 ग्रुप बनाए गए हैं, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी। कुल मैच 64 से बढ़कर 104 हो गए हैं। ये टूर्नामेंट भी लंबा चलेगा और 39 दिनों तक खेला जाएगा। इस बदलाव से अफ्रीका, एशिया और कनाडा-मैक्सिको-अमेरिका क्षेत्र की ज्यादा टीमों को मौका मिला है। फीफा का लक्ष्य है कि विश्व कप और भी वैश्विक बने और इसी को ध्यान में रखते हुए फीफा ने 48 टीमों को शामिल कर लिया है। 2. तीन देश पहली बार संयुक्त मेजबान फीफा विश्व कप 2026 को तीन देश अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर होस्ट करेंगे। पुरुष विश्व कप में यह पहली बार हो रहा है, जब तीन देश मेजबानी साझा कर रहे हैं। कुल 16 शहर मैचों की मेजबानी करेंगे, जिनमें वैंकूवर से लेकर मैक्सिको सिटी और मियामी तक शामिल हैं। अमेरिका सबसे ज्यादा मैच कराएगा, खासकर क्वार्टर फाइनल से आगे के सभी नॉकआउट मैच उसी के स्टेडियमों में होंगे। 3. एज्टेका स्टेडियम बनेगा ऐतिहासिक मैक्सिको सिटी का प्रसिद्ध एज्टेका स्टेडियम तीन अलग-अलग विश्व कप में मैच होस्ट करने वाला पहला स्टेडियम बनेगा। यहां 1970 और 1986 में भी मैच हुए थे। 2026 में टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच भी यहीं खेला जाएगा। इस स्टेडियम में पेले की ब्राजील (1970) और माराडोना की अर्जेंटीना (1986) ने विश्व कप फाइनल जीते थे। पेले की याद में स्टेडियम के बाहर हाल ही में उनकी बड़ी प्रतिमा भी लगाई गई है। 4. गर्मी होगी खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए चुनौती जून-जुलाई में उत्तर अमेरिका के कई शहरों में गर्मी और नमी बहुत ज्यादा होती है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक चौथाई मैच ऐसे मौसम में खेले जा सकते हैं जो खिलाड़ियों और फैंस दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मियामी, कैनसस सिटी और फिलाडेल्फिया जैसे शहरों में यह समस्या ज्यादा हो सकती है। फीफा कूलिंग ब्रेक और अन्य सुरक्षा उपायों पर विचार कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये ब्रेक काफी छोटे हैं। 5. मनोरंजन पर खास फोकस, सुपर बाउल स्टाइल शो इस बार विश्व कप को और ज्यादा रोचक और मनोरंजक बनाने की कोशिश की जा रही है। फाइनल मैच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। फीफा फाइनल के हाफ टाइम में एक बड़ा म्यूजिकल परफॉर्मेंस आयोजित करने की योजना बना रहा है, जैसा अमेरिका के सुपर बाउल में होता है।  

टॉस जीतकर इंडिया A की बल्लेबाजी, वैभव सूर्यवंशी सस्ते में आउट

दांबुला रीलंका A और इंडिया A के बीच त्रिकोणीय वनडे सीरीज 2026 का पहला मुकाबला आज (9 जून) दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. दोनों टीमों के लिए यह सीरीज का पहला मैच है. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. अभी त‍िलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ क्रीज पर मौजूद हैं. इस मुकाबले के लाइव स्कोर और मैच से जुड़े अपडेट को हम लगातार एड ऑन कर रहे हैं. भारत ए की पारी की हाइलाट्स इस मुकाबले में भारत ए की शुरुआत खराब रही, आईपीएल में अपने बल्ले से गदर काटने वाले वैभव सूर्यवंशी सबसे पहले आउट हुए. उन्होंने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए. इसके बाद प्रभस‍िमरन सिंह (2) पर आउट हुए. इस तरह टीम का स्कोर 16/2 हो गया. इसके बाद प्रि‍यांश आर्य (32) और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच 53 रनों की पार्टनरश‍िप हुई. लेकिन आर्य रन आउट हो गए. यह मुकाबला ट्राई नेशन A सीरीज इन श्रीलंका 2026 के तहत खेला जा रहा है. टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के युवा और उभरते खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की नजरें हैं. ऐसे खिलाड़ियों के लिए यह मंच भविष्य में सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है. भारत A और श्रीलंका A के बीच होने वाला यह मैच सीरीज के शुरुआती समीकरण तय कर सकता है. दोनों टीमों के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है और दांबुला की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम को शुरुआती बढ़त मिल सकती है. इंडिया ए प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका ए प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवान‍िदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांथ, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ कहां हो रहा लाइव प्रसारण श्रीलंका में 9 से 21 जून तक होने वाली भारत A, श्रीलंका A और अफगानिस्तान A की त्रिकोणीय सीरीज का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स और सोनी ल‍िव पर होगा. इंडिया A स्कॉड: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका  A स्कॉड: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, साहन अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविंदु फर्नांडो, वनुजा साहन, विजयकांत व्यासकांत, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ ट्राई सीरीज का फुल शेड्यूल 9 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 11 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 13 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 17 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 19 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून 2026- फाइनल मुकाबला

केमी ब्लेक ने स्वर्ण, बेटी किमानी ने कांस्य जीतकर बढ़ाया अमेरिका का मान

 नई दिल्ली अमेरिका की केमी ब्लेक और उनकी बेटी किमानी ब्लेक ने विश्व योगासन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। अहमदाबाद के ईकेए एरिना में आयोजित प्रतियोगिता में 35 वर्षीय केमी ने बैक बेंड व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि 16 वर्षीय किमानी ने जूनियर आर्टिस्टिक व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। विश्व चैंपियनशिप से पहले दोनों ने अहमदाबाद स्थित साई सेंटर में प्रशिक्षण लिया था। पेशेवर करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने योग को अपनाया, जिसने न केवल उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ाई बल्कि मानसिक मजबूती भी प्रदान की। लक्ष्य को पूरा करने के लिए छोड़ना पड़ा शहर केमी का सपना बचपन से एक सफल कॉन्टॉर्शनिस्ट बनने का था। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह न्यूयार्क से लास वेगास गईं और प्रसिद्ध सर्क डू सोले अकादमी में प्रशिक्षण हासिल किया। दूसरी ओर, उनकी बेटी किमानी जिम्नास्टिक सीख चुकी हैं और भविष्य में पेशेवर डांसर बनना चाहती हैं। भारत के प्रशिक्षकों ने बढ़ाया आत्मविश्वास केमी ने बताया कि वह कई वर्षों से योग कर रही हैं, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि विश्व योगासन चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। उन्हें लगता था कि भारतीय खिलाड़ियों के सामने प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए मुश्किल होगा। हालांकि रोमानिया की एक खिलाड़ी और भारत के कुछ प्रशिक्षकों के प्रोत्साहन ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उनके अनुसार योग ने जीवन को पूरी तरह बदल दिया। शुरुआत में उन्होंने केवल शरीर में लचीलापन बढ़ाने के लिए योग करना शुरू किया था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन गया। योग ने उन्हें अनुशासन, संतुलन और सकारात्मक सोच दी, जिससे उनके जीवन का नजरिया बदल गया। मां की राह पर बेटी भी मां को विश्व चैंपियनशिप में भाग लेते देख किमानी ने भी इस सफर का हिस्सा बनने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि योग की शुरुआती शिक्षा उन्हें अपनी मां से मिली थी। हालांकि प्रतियोगिता के लिए उन्होंने केवल तीन सप्ताह पहले गंभीर प्रशिक्षण शुरू किया था। इसके बावजूद कांस्य पदक जीतना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब यह मां-बेटी की जोड़ी योगासन में और बड़ी सफलताएं हासिल करने तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश का नाम रोशन करने का सपना देख रही है।

ODI स्क्वॉड का ऐलान, लेकिन वर्ल्ड कप चैंपियन खिलाड़ी को नहीं मिली जगह; फैसले पर उठे सवाल

सिडनी  क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। जोश इंग्लिस पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश दौरे पर भी ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान रहेंगे, क्योंकि मिचेल मार्श अभी भी चोट से परेशान है। मार्श टखने की चोट के कारण समय पर ठीक नहीं हो पाए, लेकिन वे T20I की तैयारी के लिए ढाका में ग्रुप के साथ जुड़ेंगे। वहीं वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहें ट्रैविस हेड को पहले बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी20 टीम के लिए चुना गया था, मगर नेशनल सिलेक्टर टोनी डोडेमेड के अनुसार उन्हें दोनों सीरीज के लिए पर्सनल लीव दे दी गई है। ओलिवर पीक और मैट शॉर्ट को बांग्लादेश ODI के लिए रखा गया है, जिन्हें पहले सिर्फ पाकिस्तान ODI के लिए चुना गया था। टॉड मर्फी को भी शामिल किया गया है। वह तनवीर संघा की जगह लेंगे, जो लेग स्पिनर हैं, उन्हें लाहौर में दूसरे ODI के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई थी। बेन ड्वारशुइस और जेवियर बार्टलेट भी टीम में शामिल हुए हैं, जो राइली मेरेडिथ और बिली स्टैनलेक की जगह लेंगे। मेरेडिथ T20I में वापसी करेंगे। मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड के पहले से ही बाहर होने से, ODI टीम में हमेशा की तरह अनुभव की कमी है, लेकिन इंग्लिस को उम्मीद है कि इससे नए सदस्यों के लिए मौके बनेंगे। पीक और शॉर्ट, दोनों को शुरू में सिर्फ पाकिस्तान ODIs के लिए चुना गया था, अब मार्श और हेड की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश की राजधानी में होने वाले तीन ODIs के लिए दोनों ही रहेंगे। शॉर्ट ने पाकिस्तान में बल्ले (पहले ODI में अर्धशतक) और गेंद (आखिरी दो ODIs में अपनी ऑफ़-स्पिन से चार विकेट) दोनों से प्रभावित करने के बाद अपनी जगह बनाए रखी है। फिर भी, ऑस्ट्रेलिया के दो सबसे सीनियर ODI बल्लेबाज़ों की गैरमौजूदगी का सबसे ज़्यादा फ़ायदा पीक को हो सकता है। 19 साल के पूर्व U19 वर्ल्ड कप कप्तान को लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया के हाल के सबसे होनहार बल्लेबाज़ों में से एक माना जाता था, लेकिन पाकिस्तान में उनका इंटरनेशनल डेब्यू ज़्यादातर उम्मीदों से ज़्यादा तेजी से हुआ। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच पहला वनडे मंगलवार 9 जून को ढाका में खेला जाएगा। इसके बाद के मैच 11 और 14 तारीख को उसी जगह पर खेले जाएंगे। T20Is 17 जून से शुरू होंगे। बांग्लादेश ODIs के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम जोश इंग्लिस (कप्तान), ज़ेवियर बार्टलेट, एलेक्स कैरी, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, मैथ्यू कुहनेमन, मार्नस लाबुशेन, टॉड मर्फी, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, लियाम स्कॉट, मैट शॉर्ट, एडम जैंपा बांग्लादेश T20Is के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम मिशेल मार्श (कप्तान), ज़ेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, एरॉन हार्डी, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, मैथ्यू कुहनेमन, रिले मेरेडिथ, जोश फिलिप, मैथ्यू रेनशॉ, एडम ज़म्पा

0-2 की शर्मनाक हार के बाद PCB का बड़ा एक्शन, यूनुस खान बन सकते हैं नए टेस्ट कोच

नई दिल्ली बांग्लादेश के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में 0-2 की शर्मनाक हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल ला दिया है. जिस टीम के खिलाफ जीत की उम्मीद की जा रही थी, उसी के हाथों क्लीन स्वीप होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अब बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है़. हालात ऐसे हैं कि टेस्ट कप्तान शान मसूद और मुख्य कोच सरफराज अहमद दोनों की कुर्सी खतरे में बताई जा रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस हार से बेहद नाराज हैं और टेस्ट टीम में व्यापक बदलाव चाहते हैं. बोर्ड अब सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि टीम की पूरी नेतृत्व व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व कप्तान यूनुस खान और मोहम्मद हफीज से संपर्क किया है. दोनों से राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारियां संभालने को लेकर बातचीत की गई है. सूत्रों के मुताबिक पीसीबी के भीतर यह प्रस्ताव रखा गया है कि सरफराज अहमद को टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटाकर फिर से अंडर-19 और पाकिस्तान 'ए' टीम की जिम्मेदारी दी जाए. सरफराज को बांग्लादेश दौरे से ठीक पहले टेस्ट टीम का कोच बनाया गया था, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. एक सूत्र ने बताया, 'यूनुस खान और मोहम्मद हफीज दोनों की पीसीबी अधिकारियों से बातचीत हुई है. हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. …तो ये दिग्गज बनेगा नया टेस्ट कोच! पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल यूनुस खान को टेस्ट टीम का अगला कोच बनाने की तैयारी है. हालांकि बताया जा रहा है कि उन्होंने पीसीबी के सामने कुछ स्पष्ट शर्तें रखी हैं और जब तक उन पर सहमति नहीं बनती, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होगी. पीसीबी का मानना है कि टीम को फिर से मजबूत टेस्ट यूनिट बनाने के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसके पास अनुभव भी हो और खिलाड़ियों पर प्रभाव भी. सिर्फ कोच सरफराज अहमद ही नहीं, कप्तान शान मसूद का भविष्य भी अधर में लटका हुआ है. बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार के बाद उनकी कप्तानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि मसूद ने आगामी वेस्टइंडीज और इंग्लैंड सीरीज तक खुद को मौका देने की अपील की है, लेकिन बोर्ड के भीतर बदलाव की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है. ऐसे में उनकी कप्तानी पर फैसला जल्द लिया जा सकता है. पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज को मुख्य चयनकर्ता और इंटरनेशनल क्रिकेट डिपार्टमेंट का प्रमुख बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. हालांकि पीसीबी के कुछ अधिकारी इस फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. दरअसल, हफीज पिछले कुछ महीनों में टीम और बोर्ड की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाते रहे हैं. ऐसे में उनके बोर्ड से जुड़ने पर नई बहस छिड़ सकती है. बोर्ड ने इस बीच राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में 49 खिलाड़ियों के लिए रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल कैम्प का भी ऐलान किया है. पीसीबी का कहना है कि यह कैम्प आने वाली अंतरराष्ट्रीय और घरेलू चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. खिलाड़ियों को फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही कोचों और मेडिकल स्टाफ के साथ व्यक्तिगत सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.

अफगानिस्तान पर कहर बनकर टूटा भारत, मुल्लांपुर टेस्ट ने तोड़े 8 साल पुराने रिकॉर्ड

 मुल्लांपुर भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद अफगानिस्तान को दोनों पारियों में बैक-टू-बैक बेहद सस्ते में समेट दिया। इस ऐतिहासिक और घातक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से अपनी अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। आइए नजर डालते हैं टेस्ट क्रिकेट में भारत की पारियों के अंतर से मिली 5 सबसे बड़ी जीतों पर। पारी और 300 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, मुल्लांपुर, 2026) भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ आई है। पहली पारी में 8 विकेट पर 564 रन बनाकर पारी घोषित करने के बाद, भारतीय गेंदबाजों ने अफगानिस्तान की पहली पारी को 152 रन और दूसरी पारी को महज 112 रन पर ढेर कर दिया। अपनी ही कप्तानी के डेब्यू मैच में शुभमन गिल की अगुवाई वाली इस टीम ने विपक्षी टीम को फॉलोऑन देते हुए एक पारी और 300 रनों के अविश्वसनीय अंतर से धूल चटाई जो भारत की टेस्ट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पारी और 272 रनों से जीत (बनाम वेस्टइंडीज, राजकोट, 2018) इस ऐतिहासिक मैच से पहले रनों के मामले में भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के खिलाफ था। साल 2018 में राजकोट के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने कैरेबियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। भारत ने इस मैच को एक पारी और 272 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया था जिसे अब मुल्लांपुर टेस्ट के शानदार प्रदर्शन ने दूसरे स्थान पर धकेल दिया है। पारी और 262 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, बेंगलुरु, 2018) अफगानिस्तान की टीम के खिलाफ भारत का दबदबा नया नहीं है। इससे पहले साल 2018 में जब अफगानी टीम अपना ऐतिहासिक डेब्यू टेस्ट मैच खेलने बेंगलुरु आई थी तब भी भारतीय टीम ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया था। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस मैच को भारत ने महज दो दिनों के भीतर एक पारी और 262 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपने नाम किया था। पारी और 239 रनों से जीत (बनाम बांग्लादेश, मीरपुर, 2007) भारतीय टीम की चौथी सबसे बड़ी टेस्ट जीत पड़ोसी देश बांग्लादेश के खिलाफ आई थी। साल 2007 में मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में दमदार प्रदर्शन किया था। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में खेलते हुए भारतीय टीम ने बांग्लादेशी सरजमीं पर मेजबान टीम को एक पारी और 239 रनों के करारे अंतर से शिकस्त दी थी। पारी और 239 रनों से जीत (बनाम श्रीलंका, नागपुर, 2017) जीत के इसी अंतर (पारी और 239 रन) के साथ भारतीय टीम ने साल 2017 में श्रीलंका को भी पटखनी दी थी। नागपुर में खेले गए इस टेस्ट मैच में विराट कोहली के दोहरे शतक और गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने श्रीलंकाई टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया था। यह जीत आज भी रनों के लिहाज से संयुक्त रूप से भारत की पांचवीं सबसे बड़ी टेस्ट जीत के रूप में दर्ज है।  

टीम इंडिया की शानदार जीत! मुल्लांपुर टेस्ट में अफगानिस्तान तीसरे दिन ही हुआ ढेर

 मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले को भारतीय टीम ने पारी और 300 रनों से जीता. मुकाबला तीसरे दिन के तीसरे सत्र में ही समाप्त हो गया।  भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. इसके बाद अफगानी टीम अपनी पहली पारी में 152 रनों पर ढेर हो गई और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है. पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की बड़ी लीड मिली. फिर अफगानिस्तान की दूसरी पारी 112 रनों पर ही सिमट गई. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था।  फॉलोऑन खेलते हुए भी अफगानी टीम की शुरुआत कुछ ठीक नहीं रही. अब्दुल मलिक सिर्फ 8 रनों के निजी स्कोर पर मोहम्मद सिराज का शिकार बने. यहां से अफगानिस्तान ने लगाातार अंतराल में विकेट खोए. सेदिकुल्लाह अटल ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए. वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज (24 रन) और रहमत शाह (13 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहे. वॉशिंगटन सुंदर ने चार और कुलदीप यादव ने तीन सफलताएं हासिल कीं।  अफगानिस्तान की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड बल्लेबाज विकेट रन सेदिकुल्लाह अटल कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 42 अब्दुल मलिक LBW मोहम्मद सिराज 8 रहमानुल्लाह गुरबाज कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड कुलदीप यादव 24 रहमत शाह कॉट मानव सुथार, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 13 हशमतुल्लाह शाहिदी कॉट शुभमन गिल, बोल्ड  वॉशिंगटन सुंदर 5 अफसर जजई LBW मानव सुथार 8 अजमतुल्लाह उमरजई कॉट कुलदीप यादव, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 4 नांगेयालिया खरोटी कॉट मानव सुथार, बोल्ड कुलदीप यादव 6 जियाउर रहमान शरीफी नाबाद 4* मोहम्मद सलीम सफी कॉट साई सुदर्शन, बोल्ड कुलदीप यादव 0 विकेट पतन: 42-1 (अब्दुल मलिक, 13.1 ओवर), 74-2 (रहमानुल्लाह गुरबाज, 19.1 ओवर), 87-3 (रहमत शाह, 22.6 ओवर), 93-4 (हशमतुल्लाह शाहिदी, 26.3 ओवर), 98-5 (सेदिकुल्लाह अटल, 28.6 ओवर) मानव सुथार ने झटके 6 विकेट पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया। तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई (0 रन) को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ (11 रन) ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद मानव सुथार ने रहमत शाह को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किए. रहमत ने 9 चौके और एक छक्के की मदद से 135 बॉल पर 60 रन बनाए. मानव सुथार यही नहीं रुके और मोहम्मद सलीम सफी (0 रन) को आउट कर अपना छठा विकेट लिया. जियाउर रहमान शरीफी (6 रन) आउट होने वाले आखिरी बैटर रहे, जिनका विकेट वॉशिंगटन सुंदर ने लिया. भारत की ओर से स्पिनर मानव सुथार ने अपनी डेब्यू इनिंग्स में 6 विकेट झटके ।   डेब्यू टेस्ट मैच में कमाल: छह विकेट लेने वाले 10वें भारतीय बने मानव सुथार भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मानव सुथार ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही चमक बिखेरी और वह फाइव विकेट हॉल पूरा करने में सफल रहे। मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन सुथार ने यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। मानव सुथार की अगुआई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान की पहली पारी 152 रन पर ढेर कर दी है। भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन पर घोषित की थी। इस तरह भारत को 412 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई है। भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन देने का फैसला किया है जिसके बाद टीम दूसरी पारी में खेलने उतरी।   भारत की पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी भारत ने पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी की थी। भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक लगाए थे। वहीं, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक लगाए थे। अफगानिस्तान की टीम भारत को आॅलआउट नहीं कर सकी थी और टीम इंडिया ने दूसरे दिन चायकाल से पहले पारी घोषित करने का फैसला किया था। अफगान के रहमत ने 60 रन की पारी खेली अफगानिस्तान की पहली पारी तीसरे दिन पहले सत्र में ही ढेर हो गई। अफगानिस्तान के लिए सिर्फ रहमत शाह ने 60 रन की पारी खेली। अन्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे। भारत की ओर से डेब्यू कर रहे मानव सुथार ने छह विकेट झटके। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को तीन और वाशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला। भारतीय गेंदबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मानव ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 33 रन देकर छह विकेट लिए जो किसी भारतीय गेंदबाज का टेस्ट डेब्यू पर पहली पारी में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह रिकॉर्ड नरेंद्र हिरवानी के नाम है जिन्होंने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में 61 रन देकर आठ विकेट लिए थे। वहीं, 1967 में आबिद अली ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 55 रन देकर छह विकेट और दिलीप जोशी ने 1979 में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 103 रन देकर छह विकेट लिए थे। सुथार 10वें भारतीय हैं जिन्होंने टेस्ट डेब्यू पर फाइव विकेट हॉल पूरा किया है, जबकि सातवें भारतीय स्पिनर हैं जो पहले ही टेस्ट में यह कीर्तिमान अपने नाम कर सके हैं। गेंद और बल्ले दोनों से दिया योगदान अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट मैच में युवा स्पिन आलराउंडर मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने गेंदबाजी में बेहद किफायती और प्रभावी स्पेल डाला। वहीं, बल्लेबाजी में भी मानव ने उपयोगी योगदान देते हुए 41 गेंदों पर 28 … Read more