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ईरान-अमेरिका वार्ता ठप, पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

वाशिंगटन अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय शांति वार्ता ठप पड़ने के बीच ईरान गंभीर डिजिटल आपातकाल का सामना कर रहा है। फरवरी के अंत में शुरू हुआ देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट अब दूसरे महीने में प्रवेश करने वाला है। अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने इसे किसी भी संप्रभु देश में लगा अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन घोषित किया है। नेटब्लॉक्स के अनुसार, विस्तारित सेंसरशिप के मानवीय और आर्थिक प्रभाव लगातार बढ़ रहे हैं। यह कनेक्टेड समाज में शटडाउन का नया वैश्विक रिकॉर्ड है। बता दें कि ईरानी शासन ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के तुरंत बाद फरवरी के अंत में यह ब्लैकआउट लागू किया था। इसके बाद से देश की 9 करोड़ से अधिक जनता पर बाहरी डिजिटल पहुंच लगभग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। यह कार्रवाई जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान लगाए गए लंबे इंटरनेट शटडाउन की तर्ज पर की गई है। नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में पिछले 57 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है। इससे पहले का रिकॉर्ड सूडान के नाम था, जहां 2021 में करीब 35-36 दिन इंटरनेट बंद रहा था। म्यांमार और एथियोपिया में कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट महीनों तक बंद रहा, लेकिन पूरे देश स्तर पर लगातार और एकसाथ शटडाउन के मामले में ईरान अब दुनिया में नंबर एक पर है। ईरान का अपना पुराना रिकॉर्ड 2019 का था, जब केवल सात दिनों के लिए इंटरनेट बंद किया गया था। इस बार का ब्लैकआउट उससे कहीं अधिक गंभीर और लंबा साबित हो रहा है। दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह शटडाउन और लंबा चला तो ईरान की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर और गंभीर असर पड़ सकता है। ईरान ने एकता का संदेश दिया, ट्रंप के दावों को खारिज किया गौरतलब है कि ईरान में पूर्ण इंटरनेट बंदी का दूसरा महीना समाप्त होने वाला है, लेकिन तेहरान सरकार मजबूत एकता का प्रदर्शन कर रही है। अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आंतरिक विभाजन और रियायतों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्हें ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दी नहीं है और बिना सबूत के दावा किया कि ईरानी नेतृत्व विभाजित है। ईरानी अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए सरकारी मीडिया के माध्यम से समन्वित बयान जारी किए हैं। सैन्य, सुरक्षा, न्यायपालिका और सरकारी निकाय अब एकरूप शब्दावली और प्रारूप का इस्तेमाल करते हुए समान संदेश जारी कर रहे हैं। इन संदेशों में सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रति 'पूर्ण आज्ञापालन' का आह्वान भी किया जा रहा है। वार्ता स्थगित, पाकिस्तान जारी रखेगा मध्यस्थता इधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के ओमान दौरे के बाद इस्लामाबाद लौटने की उम्मीद है, हालांकि ईरान-अमेरिका के बीच आमने-सामने की वार्ता फिलहाल स्थगित है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख मतभेदों के कारण ईरान सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है। तेहरान अमेरिकी रुख को 'अतिवादी' बता रहा है और अमेरिकी मांगों को अस्वीकार्य मानता है। पाकिस्तान ने मध्यस्थता जारी रखने की इच्छा जताई है। अराघची के इस्लामाबाद में आगे की बातचीत की संभावना है, जबकि उनका प्रतिनिधिमंडल निर्देश लेने के लिए तेहरान लौट गया है। शरीफ और पेजेशकियान में 50 मिनट की फोन वार्ता पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की और शांति प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने हालिया राजनयिक संपर्कों की समीक्षा की और समन्वय जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान संवाद का समर्थन करने और क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सूत्रधार की भूमिका निभाने को तैयार है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने पचास मिनट तक चली सौहार्दपूर्ण बातचीत में क्षेत्रीय स्थिति और शांति-स्थिरता के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।

थंथनिया कालीबाड़ी पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, 300 साल पुराने मंदिर और अनोखी परंपरा ने खींचा ध्यान

नॉर्थ कोलकाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ कोलकाता में अपना रोड शो शुरू करने से पहले थंथनिया कालीबाड़ी में मां काली का आशीर्वाद लिया। थंथनिया कालीबाड़ी कोलकाता के सबसे प्राचीन और श्रद्धेय काली मंदिरों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1703 में हुई थी, यानी इसका इतिहास 300 साल से भी पुराना है। यह शहर के औपचारिक विकास से भी पहले का है। यहां मां काली की पूजा मां सिद्धेश्वरी के रूप में की जाती है और मंदिर की अधिष्ठात्री देवी को जाग्रत माना जाता है। मान्यता है कि रामकृष्ण परमहंस अक्सर इस मंदिर में आते थे और मां सिद्धेश्वरी के लिए भक्ति गीत गाया करते थे। उन्होंने यहां जो वाणी कही थी, उसे मंदिर की दीवारों पर अंकित किया गया है, जैसे कि शंकर के हृदय में मां काली विराजमान हैं। यह भारत के उन चुनिंदा काली मंदिरों में से एक है, जहां देवी को मांसाहारी प्रसाद अर्पित किया जाता है। इस परंपरा की शुरुआत भी रामकृष्ण परमहंस ने ही की थी। कहा जाता है कि उन्होंने डाब-चिंगरी (नारियल और झींगा) का भोग लगाकर मां सिद्धेश्वरी से केशव चंद्र सेन के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी। उस दिन के बाद से मंदिर में मांसाहारी प्रसाद चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। जब रामकृष्ण देव श्यामापुकुर में बीमार पड़े थे, तब उनके अनुयायियों ने मां सिद्धेश्वरी से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए इसी मंदिर में मांसाहारी प्रसाद अर्पित कर प्रार्थना की थी। सालभर लगी रहती है भक्तों की भीड़ थंथनिया कालीबाड़ी में सालभर भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन विशेष अवसरों पर यहां अलग ही माहौल देखने को मिलता है। खासकर काली पूजा और दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है। इन दिनों दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं और मां काली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से पूरा परिसर भक्तिमय हो जाता है। मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कोलकाता की सांस्कृतिक विरासत का भी एक अहम हिस्सा है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि इस ऐतिहासिक स्थल की शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव भी करते हैं।  

“हम नहीं रुकेंगे”: ईरान के खिलाफ रणनीति जारी रखने पर अडिग ट्रंप

 वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान हुई फायरिंग के बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को जीतने के अपने इरादे से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप ने कहा कि यह हमला उन्हें डराने या रोकने वाला नहीं है। यह घटना हिल्टन होटल वॉशिंगटन में आयोजित वार्षिक व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान हुई। फायरिंग की घटना के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। ट्रंप इस दौरान सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। ईरान युद्ध से संबंध पर क्या बोले ट्रंप पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह हमला ईरान युद्ध से जुड़ा हो सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन आप कभी नहीं जानते। यह मुझे ईरान में युद्ध जीतने से नहीं रोकेगा। हम अपना काम जारी रखेंगे और बहुत अच्छा काम करेंगे। ट्रंप ने बताया कि जांच एजेंसियां हमलावर के मकसद की जांच कर रही हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे लोन वुल्फ यानी अकेले काम करने वाला हमलावर बताया गया है। आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कोल टॉमस के रूप में हुई है। ट्रंप ने कहा कि वह कई हथियारों से लैस होकर सुरक्षा चेकपॉइंट की तरफ बढ़ा था। सीक्रेट सर्विस एजेंट पर चलाई गोली ट्रंप के अनुसार आरोपी ने एक सीक्रेट सर्विस एजेंट पर गोली चलाई, लेकिन एजेंट की बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई। उन्होंने कहा कि आरोपी लगभग 50 गज दूर से तेजी से दौड़ता हुआ आया था। इसी बीच ट्रंप ने अपने अधिकारियों की पाकिस्तान यात्रा भी रद्द कर दी। यह टीम पाकिस्तान में ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए जाने वाली थी। उन्होंने कहा कि बातचीत का कोई फायदा नहीं दिख रहा था, इसलिए यात्रा रद्द की गई। ट्रंप ने कहा, “हमारे पास सारे पत्ते हैं। वे जब चाहें हमें कॉल कर सकते हैं, लेकिन अब 18 घंटे की उड़ान भरकर बेकार बैठने की जरूरत नहीं है।” ईरान नेतृत्व पर भी साधा निशाना ट्रंप ने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने दौरा रद किया, 10 मिनट के भीतर ईरान की तरफ से नया प्रस्ताव आया, जो पहले से बेहतर था। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमें एक पेपर दिया था जो बेहतर होना चाहिए था। मैंने यात्रा रद्द की और तुरंत नया पेपर आया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां भारी अंदरूनी कलह और भ्रम की स्थिति है। उन्होंने लिखा कि उन्हें खुद नहीं पता कि वहां कौन प्रभारी है।

थरूर ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल, आतंकवाद पर सख्त रुख जरूरी बताया

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भारत की विदेश नीति, विशेष रूप से पाकिस्तान और अमेरिका के साथ संबंधों पर अपनी बेबाक राय रखी है। थरूर ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अगर ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता किया भी है तो इससे भारत का कद छोटा नहीं होगा। आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी अक्सर पाकिस्तान की मध्यस्थता के बहाने केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करती है और मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाती है। शशि थरूर ने पाकिस्तान को लेकर भारत के रुख पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह तब तक नहीं बदलेगा जब तक सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। शशि थरूर ने एक इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों ने पाकिस्तान को ओसामा बिन लादेन जैसे मामले में माफ कर दिया, जबकि वह वर्षों तक उनकी नाक के नीचे छिपा रहा। थरूर ने इसे पाकिस्तान का 'दोहरा चरित्र' करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत तब तक पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता या कूटनीतिक नरमी नहीं दिखाएगा, जब तक वह अपनी धरती पर पनप रहे आतंकी समूहों को खत्म करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता। उन्होंने 26/11 मुंबई हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पर्याप्त सबूत होने के बावजूद पाकिस्तान ने आज तक किसी भी दोषी को सजा नहीं दी है। ईरान-अमेरिका तनाव पर भारत की भूमिका जब उनसे पूछा गया कि भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका क्यों नहीं निभाई तो थरूर ने कहा, "भारत के संबंध सभी प्रमुख देशों के साथ अच्छे हैं। पाकिस्तान का ऐसा हाल नहीं है। अगर पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की तो इससे भारत का कद कम नहीं होता है।" ट्रंप की टिप्पणी पर चुप्पी की सलाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के संदर्भ में की गई विवादास्पद 'नरक' वाली टिप्पणी पर थरूर ने भारत सरकार को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पोस्ट जैसी छोटी बातों पर भारत को आक्रामक होने की जरूरत नहीं है। यह हमारी कूटनीति के स्तर के अनुकूल नहीं है। अगर मैं सरकार में होता तो इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर देता।" आपको बता दें कि 2016 के ऊरी हमले और 2019 के पुलवामा हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान के प्रति 'आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते' की नीति अपनाई है। भारत का वैश्विक मंचों पर हमेशा यह रुख रहा है कि पाकिस्तान जब तक लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी गुटों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करता तब तक कूटनीतिक सुधार संभव नहीं है।

खाड़ी में तनाव से कच्चे तेल पर संकट, उत्पादन 57% तक गिरने की आशंका

नई दिल्ली गोल्डमैन सैक्स रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने के कुछ ही महीनों के भीतर खाड़ी क्षेत्र का कच्चा तेल उत्पादन काफी हद तक ठीक हो सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि युद्ध-पूर्व के स्तर तक पूरी तरह से वापसी में समय लग सकता है। अगर यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद रहता है तथा पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल के उत्पादन को और भी अधिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि खाड़ी क्षेत्र का उत्पादन युद्ध-पूर्व के स्तर की तुलना में 14.5 मिलियन बैरल प्रति दिन यानी 57% तक गिर गया है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि अगर तेल संपत्तियों पर नए सिरे से कोई हमला नहीं होता है और आने वाले महीनों में यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से फिर से खुल जाता है, तो उत्पादन में तेजी से सुधार संभव है। उत्पादन में सुधार की गति परिवहन और कुओं से तेल निकलने की दर पर निर्भर करेगी। एक बार जब यह जलमार्ग फिर से खुल जाएगा, तो मुख्य बाधाएं पाइपलाइन की क्षमता, पहले से निकाले गए तेल को ले जाने के लिए खाली टैंकरों की उपलब्धता, और तेल क्षेत्रों में मरम्मत व रखरखाव के काम के लिए जरूरी सामग्री और कर्मचारियों को जुटाने से जुड़ी हो सकती हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में उपलब्ध खाली टैंकरों की क्षमता में लगभग 50 फीसदी की गिरावट आई है। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि पूरी तरह से ठीक होने में कई तिमाहियां लग सकती हैं। माइंस हटाने का काम जारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरानी बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू कर चुकी है। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति को बहाल करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि इस मार्ग के बंद होने से दुनिया की अर्थव्यवस्था संकट में है। समुद्र के नीचे बिछाई गई इन विस्फोटक सुरंगों को साफ करने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं। वहीं, जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने शनिवार को कहा कि उनका देश भूमध्य सागर में बारूदी सुंरग हटाने वाला पोत तैनात कर सकता है।

ईरान-पाकिस्तान वार्ता के बीच अब्बास अराघची का दोबारा इस्लामाबाद दौरा तय

नई दिल्ली अमेरिका के साथ वार्ता की उम्मीदों पर पानी फिरने के बाद ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से रवाना हो गए थे। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक ईरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान का दौरा करेंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की खबर। खबर में कहा गया है कि अराघची ओमान और रूस की यात्रा के बाद पाकिस्तान लौटेंगे। खबर के अनुसार वह संभवत: रविवार को इस्लामाबाद लौटकर उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे जो युद्ध खत्म करने से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श के लिए तेहरान गया था। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब वह अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेंगे। वह फोन पर ईरान से वार्ता करने को तैयार हैं। ईरानी राष्ट्रपति से शहबाज शरीफ ने की बात पाकिस्तान पहुंचने के बाद ईरानी विदेश मंत्री पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से मिले थे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियां से फोन पर बात की है। शनिवार को उन्होंने फोन किया और कहा कि वह क्षेत्र में शांति के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। दोनों के बीच करीब 50 मिनट तक वार्ता चली। ट्रंप बोले- खारिज कर दिया ईरान का प्रस्ताव इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने शनिवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन आने के लिए एयर फोर्स वन विमान में सवार होने से पहले कहा, "उन्होंने हमें एक प्रस्ताव भेजा, जो बेहतर हो सकता था। दिलचस्प बात यह है कि जब मैंने इसे खारिज कर दिया तो 10 मिनट के अंदर हमें दूसरा प्रस्ताव मिला, जो काफी बेहतर है।' क्यों रद्द कर दी वार्ता? राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि ताजा प्रस्ताव में क्या है। उन्होंने बस यही कहा कि ईरान ने काफी पेशकश की हैं। ट्रंप ने हालांकि कहा कि उनकी एक शर्त यह है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ नए दौर की वार्ता इसलिए रद्द कर दी क्योंकि इसके लिए बहुत सफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उनके वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की मुलाकात "देश के नेता से नहीं होने वाली थी।' खुली है फोनलाइन ट्रंप ने कहा कि अमेरिका टेलीफोन के जरिये समझौता करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "वे (ईरान) जब चाहें, हमें कॉल कर सकते हैं।" डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि सब कुछ उनके नियंत्रण में है। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने ईरान के लिए नाकेबंदी कर दी। जब उसने नाकेबंदी नहीं हटाई तो ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज को बंद कर दिया है जिससे पूरी दुनिया में तेल का संकट गहरा गया है।

लाल जोड़े में पहुंची मीरा परमार, वोट डालकर निभाया नागरिक कर्तव्य

गुजरात गुजरात के जामनगर में लोकतंत्र के प्रति समर्पण की खूबसूरत तस्वीर सामने आई. यहां एक युवती ने अपनी जिंदगी के सबसे खास दिन पर मतदान को प्राथमिकता दी. शादी की रस्मों और तैयारियों के बीच वह दुल्हन के जोड़े में सीधे मतदान केंद्र पहुंची और अपने वोट डाला. जामनगर नगर निगम क्षेत्र में स्थानीय स्वशासन चुनाव के लिए मतदान हो रहा था. इसी दौरान गुलाबनगर की रहने वाली मीरा परमार ने जिम्मेदार नागरिक होने का उदाहरण पेश किया. अपनी शादी के दिन जब आमतौर पर दुल्हन तैयारियों में व्यस्त रहती है, मीरा ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचने का फैसला किया. लाल जोड़े में मीरा जब पोलिंग बूथ पहुंचीं तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए. मतदान कर्मियों से लेकर अन्य मतदाता तक सभी ने उनके इस कदम की सराहना की. मीरा ने मतदान किया, उंगली पर स्याही लगवाई और फिर मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने तस्वीरें भी खिंचवाईं. मीरा ने कहा कि मतदान हर नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है. लोकतंत्र को मजबूत करने का अवसर भी महत्वपूर्ण है. उनका मानना है कि अगर हर नागरिक मतदान को प्राथमिकता दे, तो देश और समाज दोनों मजबूत होंगे. मीरा के इस फैसले का उनके परिवार और रिश्तेदारों ने भी खुलकर स्वागत किया. सभी ने उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी की तारीफ की. परिवार का कहना है कि मीरा ने न सिर्फ अपने लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश दिया है. जामनगर जिला प्रशासन ने भी मीरा के इस कदम की सराहना की. अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने में बेहद कारगर साबित होती है. बता दें कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत 15 महानगरपालिकाओं, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की 9,000 से अधिक सीटों के लिए मतदान हो रहा है. मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. अब मीरा परमार की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. लोग उनकी सराहना कर रहे हैं.

कोल थॉमस एलन बैकग्राउंड खुलासा, लिंक्डइन और डोनेशन सामने

 वॉशिंगटन शनिवार रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित बाकी लोगों पर जानलेवा हमला करने वाले शूटर के बारे में कई खुलासे हो रहे हैं. सार्वजनिक रिकॉर्ड्स से पता चला है कि वह दक्षिणी कैलिफोर्निया का रहने वाला एक टीचर और वीडियो गेम डेवलपर था.यही नहीं उसने पिछले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को चंदा भी दिया था. मिल चुका टीचर ऑफ द मंथ का अवार्ड हमलावर टॉमस एलन को हिरासत में लेने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल खंगाली. प्रोफाइल सर्च करने पर पता चला कि टॉमस C2 एजुकेशन नाम की टेस्ट की तैयारी कराने वाली और ट्यूटरिंग कंपनी में पार्ट‑टाइम शिक्षक के रूप में काम करता था. कंपनी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, दिसंबर 2024 में C2 ने टॉमस एलन को “टीचर ऑफ द मंथ” भी घोषित किया था. हालांकि शनिवार देर रात C2 के दिए गए फोन नंबर पर संपर्क नहीं हो सका. कमला हैरिस को दिया था 25 डॉलर का दान   लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, कोल टोमस एलन ने 2017 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री प्राप्त की है. इसके बाद उसने पिछले वर्ष कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी‑डोमिंगुएज हिल्स से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की थी.  फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) के रिकॉर्ड के अनुसार, एलन ने अक्टूबर 2024 में कमला हैरिस के राष्ट्रपति अभियान को 25 डॉलर का दान भी दिया था. अकेले ही मारने आया था शूटर वॉशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोउजर ने सीएनएन को बताया कि फिलहाल अधिकारियों के पास इस बात का कोई संकेत नहीं है कि व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर की घटना में किसी और की भूमिका थी.उन्होंने कहा,“इस समय ऐसा मानने की कोई वजह नहीं है कि इसमें कोई और शामिल था.” वहीं, वॉशिंगटन डीसी के अंतरिम पुलिस प्रमुख जेफरी कैरोल ने भी कहा, “इस वक्त ऐसा प्रतीत होता है कि संदिग्ध अकेला व्यक्ति था, यानी एक ही शूटर आया था और उसके साथ कोई नहीं था.”

पायलट की सूझबूझ से बची 228 यात्रियों की जान, इमरजेंसी स्लाइड्स से सुरक्षित निकाले गए सभी यात्री

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार तड़के एक बड़ा विमान हादसा टल गया. जब स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 के टेकऑफ के दौरान इंजन में खराबी आ गई. इसके बाद उसमें आग लग गई. पायलटों की सूझबूझ व त्वरित कार्रवाई के चलते विमान को रनवे पर ही रोक लिया गया. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि इस दौरान छह यात्री मामूली रूप से घायल हो गए. प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह फ्लाइट दिल्ली से स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के लिए रवाना हो रही थी. विमान ने जैसे ही रनवे पर टेकऑफ के लिए गति पकड़ी तभी उसके एक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद आग लगने की घटना सामने आई. स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तत्काल टेकऑफ को रद्द कर दिया. आपातकालीन प्रक्रियाएं लागू कर दी गईं. विमान में कुल 228 यात्री सवार विमान में कुल 228 यात्री व चार बच्चे सवार थे. सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स व सीढ़ियों के माध्यम से बाहर निकाला गया. निकासी के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति में छह यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. राहत की बात ये है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई हैं. दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने जारी किया बयान दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि आज सुबह के शुरुआती घंटों में दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 (दिल्ली-ज्यूरिख) से जुड़ी एक पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई थी. यह घटना रनवे 28/10 पर हुई. सभी निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का तत्काल पालन किया गया. यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एयरपोर्ट संचालन सामान्य रूप से जारी रहा. एयरलाइन की ओर से भी बयान जारी कर कहा गया है कि घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है. इसके साथ ही प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता, वैकल्पिक उड़ान, होटल व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. घटना के दौरान एयरपोर्ट की आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया. इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण बड़ा हादसा टल गया. विशेषज्ञों का कहना है कि टेकऑफ के दौरान इंजन फेल होना बेहद संवेदनशील स्थिति होती है, लेकिन पायलट व क्रू की ट्रेनिंग ऐसे ही हालात से निपटने के लिए होती है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन यात्रियों की जान बचाने में कितना अहम होता है. फिलहाल तकनीकी टीम इस बात की जांच कर रही है कि इंजन में खराबी कैसे आई. आग लगने के पीछे क्या कारण रहे. घटना के बाद कुछ समय के लिए सतर्कता बढ़ाई गई लेकिन एयरपोर्ट का संचालन पूरी तरह सामान्य बना रहा.

भारत की वैज्ञानिक ताकत और शांति का संदेश: मन की बात में पीएम मोदी की बड़ी बातें

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों से लेकर वैश्विक मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुनिया से भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत विंड एनर्जी में दुनिया की चौथी बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा “चुनावों की भागदौड़ के बीच, आपके संदेशों और पत्रों के जरिए हम नागरिकों की उपलब्धियों की खुशियां साझा करते रहे हैं। इस बार आइए ‘मन की बात’ की शुरुआत देश की ऐसी ही एक बहुत बड़ी उपलब्धि से करें। कुछ दिन पहले भारत के परमाणु वैज्ञानिकों ने देश को एक और बड़ी उपलब्धि से गौरवान्वित किया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जिसका मतलब है कि अब यह रिएक्टर संचालन के चरण में प्रवेश कर चुका है। पवन ऊर्जा में भारत अब बड़ी बात पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि आज वह एक ऐसी शक्ति की बात करना चाहते हैं जो दिखाई नहीं देती, लेकिन उसके बिना जीवन एक पल भी संभव नहीं है- यह शक्ति है पवन ऊर्जा। उन्होंने कहा कि यही ताकत भारत को आगे बढ़ा रही है और आज पवन ऊर्जा देश के विकास की नई कहानी लिख रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने हाल ही में इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है और देश की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो गई है, जिससे भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। वैश्विक तनाव पर बुद्ध का संदेश पीएम मोदी ने कहा कि मई का महीना एक शुभ अवसर के साथ शुरू हो रहा है और कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। उन्होंने देशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हमें सिखाया कि शांति की शुरुआत हमारे भीतर से होती है और स्वयं पर विजय सबसे बड़ी जीत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया जिस तरह के तनाव और संघर्ष से गुजर रही है, उसमें बुद्ध के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स की तारीफ की पीएम मोदी ने ने कहा कि हमारे देश में 23 जनवरी, यानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से लेकर 30 जनवरी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक ‘गणतंत्र उत्सव’ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस उत्सव का एक अहम हिस्सा बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी है, और इसके पीछे एक खास वजह है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समारोह विभिन्न बैंड्स के जरिए देश की विविध संगीत परंपराओं को दर्शाता है, और पिछले कुछ वर्षों में इसमें भारतीय संगीत का समावेश बढ़ा है, जिसे देशवासियों ने खूब सराहा है। उन्होंने बताया कि इस साल का बीटिंग रिट्रीट समारोह बेहद यादगार रहा, जिसमें वायुसेना, थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।