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दिल्ली के 12 कॉलेज फेक? UGC की नई सूची में नाम — एडमिशन लेने से पहले जरूर चेक करें

 नई दिल्ली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने पूरे भारत में 32 फेक यूनिवर्सिटी की पहचान की है और छात्रों को इनमें एडमिशन न लेने की चेतावनी दी है. इनमें सबसे ज्यादा  फेक यूनिवर्सिटी दिल्ली में पाए गए हैं. UGC के अनुसार ये फेक यूनिवर्सिटी बिना मान्यता के डिग्री देते हैं, जो नौकरी, आगे की पढ़ाई या सरकारी सेवाओं के लिए मान्य नहीं होती. पिछले दो साल में ऐसे संस्थानों की संख्या 20 से बढ़कर 32 हो गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. दिल्ली में सबसे ज्यादा 12 फेक यूनिवर्सिटी मिले इस सूची में हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे नए राज्य भी शामिल हुए हैं. वहीं बेंगलुरु में “ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी” नाम से चल रहे एक संस्थान को लेकर भी खास चेतावनी जारी की गई है. दिल्ली में सबसे ज्यादा 12 फेक यूनिवर्सिटी मिले हैं. इनके अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी ऐसे संस्थान चल रहे हैं.  एडमिशन लेने से पहले करें जांच विशेषज्ञों का कहना है कि फेक यूनिवर्सिटी कम फीस, जल्दी डिग्री और आसान पढ़ाई का लालच देकर छात्रों को फंसाते हैं. इनमें सही शिक्षक, सुविधाएं या पढ़ाई का स्तर भी नहीं होता. कुछ संस्थान खुद को विदेशी यूनिवर्सिटी बताकर भी छात्रों को गुमराह करते हैं. UGC ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें. आयोग का कहना है कि जागरूकता ही फर्जी विश्वविद्यालयों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है.

ट्रंप का बड़ा दांव! 10% वैश्विक टैरिफ से भारत और अन्य देशों की अर्थव्यवस्था पर कितनी मार?

नई दिल्ली अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की जोरदार हार हुई है. US Supreme Court ने बड़ा फैसला सुनाते हुए Donald Trump को बड़ा झटका देते हुए उनके द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है. इस हार के बाद ट्रंप ने 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ (10% Global Tariff) लगाने का ऐलान कर दिया है. आइए समझते हैं इसका भारत समेत दुनिया के तमाम देशों पर क्या असर होने वाला है और क्या अब पहले से लागू टैरिफ के बजाय सिर्फ 10% टैरिफ ही देना होगा? कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम सबसे पहले बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से US Reciprocal Tariff को अवैध करार दिए जाने के बाद ट्रंप के तेवर गर्म हो गए हैं. कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों के बाद ही राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर साइन कर दिए और दुनिया के सभी देशों से आयात पर 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ जड़ दिया. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर भी दी है.  क्या भारत और दूसरे देशों पर सिर्फ 10% टैरिफ?  Donald Trump के टैरिफ को गैरकानूनी बताए जाने और इसके बाद ट्रंप द्वारा नए ग्लोबल टैरिफ (Global Tariff) का ऐलान करने के बाद बड़ा सवाल ये है कि भारत समेत तभी देशों को अब सिर्फ 10% ही टैरिफ देना होगा. तो एएनआई की रिपोर्ट में इसे लेकर व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि हां, जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता, तब तक 10% टैरिफ ही लागू रहेगा. इसका मतलब 18% नहीं, अब भारतीय सामानों के आयात पर अमेरिका में 10 फीसदी टैरिफ रह सकता है. हालांकि, यहां ट्रंप के बयान पर गौर करें, तो उन्होंने कहा था कि 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा.  IEEPA की जगह लेगा नया टैरिफ?  ट्रंप ने बीते साल 2025 के अप्रैल महीने में अमेरिका के लिए लिब्रेशन डे करार देते हुए टैरिफ का ऐलान किया था, जो 10 फीसदी से 50 फीसदी तक था. ये रेसिप्रोकल टैरिफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाया था और कोर्ट ने इस संबंध में साफ किया है कि ऐसा करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं है और ये सिर्फ इमरजेंसी के हालात में यूज होता है. ऐसे में अधिकारी ने साफ किया कि हां, ये IEEPA के तहत लागू किए गए टैरिफ की जगह लेगा, जब तक कोई नया सिस्टम लागू नहीं किया जाता.  कितने दिन तक लागू रहेगा नया टैरिफ?  Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट में मिली टैरिफ पर हार के बाद आनन-फानन में 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि करीब पांच महीने या 150 दिनों के लिए लागू रहेगा. क्या ट्रंप लगा सकते हैं अधिक टैरिफ?   इस सवाल का जबाव भी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने दिया है और प्रेस कॉन्फ्रेंस में 10% ग्लोबल टैरिफ पर बात करते हुए संकेत दिया है कि उचित टैरिफ तय करने के लिए जरूरी जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर Tariff Hike किया जा सकता है.  ट्रंप ने क्यों लगाया नया ग्लोबल टैरिफ?  White House के अधिकारी ने बताया है कि अमेरिका का नया 10% ग्लोबल टैरिफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भुगतान संतुलन संबंधी समस्याओं और अनुचित व्यापार प्रथाओं का समाधान करना है. इसके साथ ही उन्होंने सभी ट्रेड पार्टनर्स को Trade Deals का पालन करने की सलाह भी दी है. 

सरकारी कर्मचारियों–पेंशनर्स के लिए खुशखबरी, केंद्र सरकार का अहम फैसला

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। अब गंभीर बीमारी के इलाज के बाद भारी-भरकम बिलों के रीम्बर्समेंट के लिए सरकारी दफ्तरों की लंबी फाइलों और 'साहब' की मंजूरी का महीनों इंतजार नहीं करना होगा। सरकार ने क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण कर दिया है। क्या है नया नियम? (10 लाख तक की सीधी मंजूरी) 16 फरवरी, 2026 को जारी नए ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के अनुसार, अब मंत्रालयों के विभाग प्रमुख (HOD) बिना किसी बाहरी वित्तीय सलाह (IFD) के 10 लाख रुपये तक के मेडिकल क्लेम को सीधे मंजूरी दे सकेंगे। पहले की सीमा: केवल 5 लाख रुपये। अब: 10 लाख रुपये तक के बिलों का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही हो जाएगा। तेजी से पैसा पाने के लिए 2 जरूरी शर्तें अगर आप चाहते हैं कि आपका क्लेम बिना किसी देरी के पास हो, तो इन दो बातों का ध्यान रखना होगा: नियमों का पालन: क्लेम में CGHS या CS(MA) के मौजूदा नियमों में किसी भी प्रकार की छूट (Relaxation) न मांगी गई हो। निर्धारित दरें: अस्पताल का बिल पूरी तरह से सरकार द्वारा तय (CGHS Rates) दरों के अनुसार होना चाहिए। नोट: यदि बिल सरकारी रेट से अधिक है और आप अतिरिक्त भुगतान के लिए छूट चाहते हैं, तो फाइल अभी भी पुरानी लंबी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ेगी। सेटेलमेंट लिमिट में भी भारी इजाफा सरकार ने क्लेम सेटलमेंट की लिमिट को भी 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनके बिल पूरी तरह सरकारी दरों पर आधारित हैं। इससे भुगतान में होने वाली तकनीकी देरी को लगभग खत्म कर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया: पेंशनभोगी ध्यान दें इलाज के बाद पैसा वापस पाने की प्रक्रिया अब बेहद सरल है। समय सीमा: अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 6 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। कहां करें आवेदन: पेंशनभोगी अपने संबंधित वेलनेस सेंटर के CMO (Chief Medical Officer) को फाइल जमा करें। जरूरी दस्तावेज की चेकलिस्ट:     भरा हुआ क्लेम फॉर्म।     डिस्चार्ज समरी और रेफरल स्लिप।     अस्पताल के ओरिजिनल बिल और रसीदें।     इमरजेंसी की स्थिति में 'इमरजेंसी सर्टिफिकेट'।     CGHS कार्ड की कॉपी और कैंसिल चेक। एंबुलेंस का खर्च भी होगा वापस क्या आपको पता है कि अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस का किराया भी सरकार देती है? नियम के मुताबिक, शहर के भीतर एंबुलेंस का खर्च तब मिलता है जब डॉक्टर यह प्रमाणित कर दे कि मरीज की हालत ऐसी थी कि उसे किसी दूसरे वाहन से ले जाना जानलेवा हो सकता था।  

तेज रफ्तार भारत: नमो भारत ट्रेन अब सराय काले खां–बेगमपुल रूट पर, प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली अभी तक दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक पहुंच रही नमो भारत रेल अगले तीन दिनों में सराय काले खां तक पहुंचने लगेगी। इससे यात्रियों की नमो रेल के साथ भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और बस तक सीधी पहुंच होगी। आज यानी शुक्रवार को इस ट्रेन का ट्रायल रन होगा जबकि प्रधानमंत्री मोदी दो दिन बाद 22 फरवरी को दोनों कॉरीडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के साथ ही आम लोग के लिए कॉरिडोर खोल दिया जाएगा जिससे सराय काले खां मेगा ट्रांसपोर्ट हब से यात्री अपनी मंजिल के लिए आसानी से दूसरा वाहन पकड़ सकेंगे। मेरठ साउथ नमो स्टेशन से आगे बेगमपुल स्टेशन तक जाना भी संभव होगा। दरअसल, दिल्ली-मेरठ नमो कारीडोर का न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ नमो स्टेशन का करीब 55 किमी लंबा हिस्सा चालू है। शेष सेक्शन इससे जुड़ने वाले हैं। इसमें दिल्ली की तरफ सराय काले खां से न्यू अशोक नगर का करीब पांच किलोमीटर लंबा हिस्सा अब तैयार हुआ है। मेरठ साउथ से मोदिपुरम का 21 किमी का स्ट्रेच भी पूरा है। दोनों हिस्सों को आवाजाही के लिए शुरू किया जाना है। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार पहली बार नमो रेल सरायकाले खां से बेगमपुल तक चलेगी। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीडियाकर्मी भी शामिल होंगे। मेरठ मेट्रो भी होगी शुरू अधिकारियों का कहना है कि मेरठ मेट्रो का काम भी पूरा हो गया है। 23 किमी लंबी इस मेट्रो में 13 स्टेशन हैं। इस कारीडोर का भी 22 फरवरी को उद्घाटन होगा। इससे मेरठ के भीतर और मेरठ से नमो रेल तक पहुंचने का रास्ता आसान हो जाएगा। यात्रियों को निजी वाहनों से नमो स्टेशन तक जाने की जरूरत नहीं रहेगी। दिल्ली मेट्रो को भी मिलेगी हरी झंडी दिल्ली मेट्रो का मजलिस पार्क–मौजपुर और दीपाली चौक–मजलिस पार्क सेक्शन तैयार है। फेज-4 के तहत बने दोनों सेक्शन पर ट्रायल रन भी पूरा होने के साथ कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी ने भी मेट्रो चलाने की अनुमति दे दी है। इनका उद्घाटन भी 22 फरवरी को होगा। दोनों कॉरिडोर की लंबाई करीब 23 किमी है। इसमें मजलिस पार्क–मौजपुर लाइन के करीब 13 किमी में आठ स्टेशन हैं। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर का हिस्सा है। यह मजेंटा लाइन का विस्तार है। मजेंटा लाइन अभी बोटेनिकल गार्डन से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक चल रही है। कृष्णा पार्क से दीपाली चौक तक निर्माण कार्य जारी है। वहीं, दीपाली चौक से मजलिस पार्क करीब दस किमी लंबा हिस्सा तैयार है। दोनों कारीडोर उद्घाटन के बाद आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे। तीन कॉरिडोर का हो सकता शिलान्यास करीब दो किमी लंबा एरोसिटी से आईजीआई टी-1, करीब चार किमी लंबा तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और करीब दस किमी लंबा रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ मेट्रो कारीडोर का शिलान्यास भी हो सकता है। बीते दिनों दिल्ली सरकार ने इन तीनों कॉरिडोर को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से इनको बीते साल ही मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री तीनों कॉरिडोर का शिलान्यास भी कर सकते हैं।

SIR फाइनल लिस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 28 फरवरी तय तारीख; बंगाल में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स की होगी तैनाती

कोलकातानई दिल्ली पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच गतिरोध को देखते हुए यह फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा है कि वे अभी सेवारत और कुछ पूर्व एडीजे रैंक के न्यायिक अधिकारियों को एसआईआर प्रकिया में लोगों की ओर से पेश आपत्तियों और दावों पर फैसला लेने में मदद करने के लिए लगाएं। कोर्ट ने राज्य सरकार को हाईकोर्ट के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए और कहा कि उनके काम करने के लिए माहौल बनाएं। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली ममता बनर्जी सरकार के बीच दुर्भाग्यपूर्ण आरोप-प्रत्यारोप पर खेद जताते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कई नए निर्देश जारी किये। बेंच ने तार्किक विसंगति सूची में शामिल व्यक्तियों के दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का दिया आदेश इसने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से पश्चिम बंगाल में एसआईआर के काम में सहायता के लिए न्यायिक अधिकारियों को मुक्त करने और पूर्व न्यायाधीशों को खोजने के लिए कहा। बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए ‘ए’ श्रेणी के पर्याप्त अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ा रुख अपनाया। कब पब्लिश होगी SIR की फाइनल लिस्ट सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को 28 फरवरी तक राज्य में मतदाताओं की मसौदा सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी और साथ ही निर्वाचन आयोग को बाद में पूरक सूचियां जारी करने की भी अनुमति दी। बेंच ने राज्य के जिलाधिकारियों और एसपी को निर्देश दिया कि वे जारी एसआईआर कवायद के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों को सहायता और सुरक्षा प्रदान करें और साथ ही यह स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियोंकी ओरसे पारित आदेशों को न्यायालय के आदेश के समान माना जाएगा। कोलकाता हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट का आदेश इसने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों को ‘माइक्रो ऑब्जर्वर’ और राज्य सरकार के अधिकारियों की ओर से सहायता प्रदान की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी समेत सभी हितधारकों की शनिवार तक बैठक आयोजित करने का निर्देश भी दिया। वर्ष 2002 की मतदाता सूची से संतानों के संबंध में तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम का मेल न होना और मतदाता और उनके माता-पिता की आयु में 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक का अंतर होना शामिल है। मामले की अगली सुनवाई कब? भड़काऊ और धमकी भरे भाषणों के मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। सीजेआई ने कहा कि दुर्भाग्य से इस देश में ये (भड़काऊ) सभी बयान चुनाव के दौरान दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप का एक बुरा माहौल है, जो दो संवैधानिक संस्थाओं चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच भरोसे की कमी दिखाता है। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को अब तक मिली शिकायतों और उठाए गए कदमों की जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इस मामले में मार्च के पहले हफ्ते में अगली सुनवाई होगी।

संस्कृति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर मंथन, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आज बड़ा समिट

हरिद्वार हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में ‘एआई इम्पेक्ट समिट 2026’ के अंतर्गत ‘एआई फॉर संस्कृति’ विषय पर आज एक विशेष समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट में एआई विशेषज्ञों के साथ विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय विद्वान संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में एआई की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। विश्वविद्यालय के मीडिया विभाग के अनुसार, भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में सैकड़ों लोक कलाएँ, परंपराएँ और सांस्कृतिक विधाएँ विद्यमान हैं, जिनमें से कई लुप्त होने के कगार पर पहुँच रही हैं। समिट में इन लोक विधाओं के संरक्षण हेतु एआई के माध्यम से डिजिटल आर्काइव तैयार करने, सांस्कृतिक धरोहर के डिजिटलीकरण तथा वैश्विक स्तर पर उनके प्रसार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह समिट विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन इंडिया एआई मिशन (भारत सरकार) और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। समिट का उद्देश्य तकनीक और परंपरा के समन्वय से सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाना तथा आने वाली पीढिय़ों के लिए उसे सुरक्षित और सुलभ बनाना है।

ट्रेड फ्रंट पर भारत की तेजी: US डील अप्रैल से शुरू, UK और ओमान समझौते पर अपडेट

नई दिल्ली भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील मार्च में साइन हो सकती है और यह अप्रैल में लागू हो सकती है। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से शुक्रवार को दी गई। साथ ही, गोयल ने कहा कि यूएस के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के लीगल टेक्सट को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक 23 फरवरी को शुरू होगी। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते पर साझा बयान जारी किया था। इसमें अमेरिका में भारतीय निर्यात पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन और ओमान के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) अप्रैल में लागू होने की संभावना है। न्यूजीलैंड के साथ हुआ समझौता सितंबर में लागू होने की उम्मीद है। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने कहा कि ग्लोबल ट्रेड का लाभ हर एमएसएमई, प्रत्येक कारोबारी और हर छोटे-बड़े स्टार्टअप तक पहुंचना चाहिए। हमारी कोशिश नए निर्यातकों को आगे बढ़ाना है। साथ ही, हमारे उत्पादों और सर्विसेज को दुनिया के कई देशों और महाद्वीपों पर पहुंचाना है। बीते हफ्ते, गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता संप्रभुता को छोड़े बिना उपभोक्ता हितों और निर्यात-आधारित विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए तैयार किया गया है। गोयल ने कहा कि 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने के चलते हमने इस समझौते में मजबूत स्थिति में डील की है और अपने देश के आत्मनिर्भर सेक्टर्स को सुरक्षित रखा है। उन्होंने आगे कहा कि चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा और दुग्ध जैसे "संवेदनशील" कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि इस ट्रेड डील का कोई नकारात्मक असर न हो। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "अमेरिका को दुग्ध, मुर्गी पालन, मांस, गेहूं, चावल, मक्का और सोयाबीन पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है।"उन्होंने कहा,  "भारत ने केवल उन वस्तुओं के लिए चुनिंदा पहुंच की अनुमति दी है जिनकी उसे आवश्यकता है या जिनका वह अधिशेष उत्पादन नहीं करता है, जैसे अखरोट, पिस्ता और कुछ विशेष प्रकार की शराब, जिन पर न्यूनतम आयात मूल्य लागू है।"

मौसम विभाग की चेतावनी: इन इलाकों में तेज बारिश और आंधी का खतरा, रहें सतर्क

नई दिल्ली कम दबाव के क्षेत्र की वजह से दक्षिण भारत में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 21 व 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु, दक्षिण केरल में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। अगले सात दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 व 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु, केरल, माहे में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 फरवरी को अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में, 21 और 22 फरवरी को तमिलनाडु, केरल, माहे में गरज के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। 22 फरवरी को उत्तराखंड, 23 फरवरी को विदर्भ में, 23 और 24 फरवरी को छत्तीसगढ़, ओडिशा में, 20 और 23 फरवरी को केरल, माहे में, 21 से 24 फरवरी को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में, 22 से 24 फरवरी को तटीय और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा, 22 व 23 फरवरी को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, 22-24 फरवरी को उत्तराखंड में छिटपुट बारिश व बर्फबारी होने वाली है। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने वाला नहीं है। उसके बाद इसमें दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। गुजरात में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। देश के बाकी हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में भी कोई बड़ा बदला नहीं आएगा। दिल्ली का कैसा रहा मौसम दिल्ली में वायु गुणवत्ता शुक्रवार को 'खराब' श्रेणी में रही क्योंकि समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 203 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर ऐप के अनुसार, 19 स्टेशन ने वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज की। सीपीसीबी वर्गीकरण के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बहुत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' माना जाता है। वहीं न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्टेशनवार आंकड़े के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम है। लोधी रोड पर न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है।  

‘भैरव देव’ की झांकी जल्द शुरू, श्रद्धा और उत्साह का संगम; क्या है इसकी खासियत

जम्मू कश्मीर भक्ति, उत्साह और परंपरा का अद्भुत संगम राजौरी में एतिहासिक भैरव बाबा की भव्य झांकी 25 फरवरी से होने जा रही है। राजौरी की अनोखी होली के रूप में प्रसिद्ध इस आयोजन का युवाओं को हर साल बेसब्री से इंतजार रहता है। राजौरी जिले में होली का पर्व हर साल पूरे हर्षोल्लास और परंपरागत तरीके से मनाया जाता है। इस बार भी होली का उत्सव 25 फरवरी से भैरव देव की झांकी के साथ शुरू होगा। भैरव कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि 25, 27 फरवरी 02 और 04 मार्च को नगर के मुख्य बाजार में भैरव देव की भव्य झांकी निकाली जाएगी। वहीं, जवाहर नगर में भी 26, 28 फरवरी, 01 और 04 मार्च को रोजाना दोपहर 1.30 बजे से शाम तक झांकी का आयोजन होगा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। जिन मार्गों से झांकी गुजरेगी वहां वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहती है।   ऐसे हुई थी परंपरा की शुरूआत राजौरी में होली के अवसर पर भैरव देव की झांकी निकालने की परंपरा कई दशकों पुरानी है। मान्यता के अनुसार एक समय राजौरी में काले बुखार (एक घातक बीमारी) का प्रकोप फैला जिससे कई लोगों की मृत्यु हो गई थी। तभी एक साधु ने सुझाव दिया कि होली के अवसर पर भैरव देव की झांकी नगर में निकाली जाए, जिससे यह महामारी खत्म हो जाएगी। इसके बाद से हर वर्ष यह परंपरा निभाई जा रही है। युवाओं की खास भागीदारी आज भी झांकी में भैरव देव के रूप में सजे व्यक्ति के हाथों में चिमटा रहता है, जिससे मार खाने को लोग प्रसाद के रूप में स्वीकार करते हैं। मान्यता है कि इससे व्यक्ति को जीवन में कभी बुखार नहीं होता। यही कारण है कि राजौरी के युवा, जो अन्य राज्यों में पढ़ाई या नौकरी के लिए गए होते हैं, वे भी इस उत्सव में शामिल होने के लिए विशेष रूप से लौटते हैं। होली के इस खास आयोजन को लेकर नगरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

ओवरटेक के दौरान बड़ा हादसा: स्कूल बस के पास से निकलते वक्त बाइक नहर में गिरी

रामनगर उत्तराखंड के रामनगर में शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ है। जहां छोई-नाथुपुर क्षेत्र में एक ट्रैक्टर और स्कूल बस को ओवरटेक करते समय बाइक अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। घटना में दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। बताया गया कि बाइक सवार युवक अपनी बहना को ड्यूटी पर छोड़ने जा रहा था। तभी उनके साथ यह भयानक हादसा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना छोई-नाथुपुर क्षेत्र में हुई है। जहां शुक्रवार सुबह एक बाइक हादसे का शिकार हुई है। सूत्रों के मुताबिक बाइक सवार युवक अपनी बहन को छोई क्षेत्र में स्थित एक रिसोर्ट में ड्यूटी पर छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान संकरी सड़क पर सामने से आ रही स्कूल बस और पास में चल रहे ट्रैक्टर के बीच से निकलने की कोशिश की। तभी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नहर में नीचे जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को नहर से बाहर निकाला। इसी बीच क्षेत्र पंचायत सदस्य पर्वत लटवाल भी मौके पर पहुंचे और मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहन से दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार हादसे में युवक के पैर में फ्रैक्चर आया है, जबकि युवती को भी शरीर में कई जगह चोटें आई हैं। फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।