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इसरो का मिशन असफल, ‘अन्वेषा’ ऑर्बिट से पहले ही अंतरिक्ष में खो गया

बेंगलुरु  इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO), 2026 के पहले ऑर्बिटल मिशन की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक हो गई लेकिन सैटेलाइट तैनात नहीं हो सका. PSLV-C62 रॉकेट श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था. यह मिशन सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लॉन्च पैड से उड़ान भरा था. इस मिशन का मुख्य हिस्सा EOS-N1 अन्वेषा था, जो डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा विकसित एक हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट है. अन्वेषा सैटेलाइट एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन एप्लीकेशन के लिए डिज़ाइन किया गया था.  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के PSLV-C62 मिशन को झटका लगा है। रॉकेट पीएसएलवी-सी62 सोमवार को अपने सफल प्रक्षेपण के बाद उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित करने में विफल रहा। ISRO की ओर से एक्स पर पोस्ट करके कहा गया, 'वाहन ने तीसरे चरण के दौरान अपनी ओरिएंटेशन (दिशा-स्थिति) पर नियंत्रण खो दिया है। यह लगातार दूसरा PSLV मिशन है, जिसमें ISRO को PSLV के तीसरे चरण में समस्या का सामना करना पड़ा है। अधिक जानकारी का इंतजार है, लेकिन फिलहाल स्थिति अच्छी नहीं लग रही है।' इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने मिशन कंट्रोल सेंटर से वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए इस विफलता की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'पीएसएलवी -सी 62 मिशन के पहले तीन चरणों का प्रदर्शन पूरी तरह सामान्य था। इसके बाद एक विसंगति पाई गई और उड़ान अपने तय रास्ते से भटक गई, जिसके कारण मिशन सफल नहीं हो सका।' इसरो प्रमुख ने आगे बताया कि वैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द ही विफलता के सटीक कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। मिशन फेल होने के बाद क्या बोले इसरो चीफ?   अन्वेषा सैटेलाइट की लॉन्चिंग फेल हो गई, जिसके बाद इसरो चीफ ने बयान जारी किया है. इसरो चीफ ने बताया, "तीसरे स्टेज में दिक्कत आई और दिशा में परिवर्तन हो गया. डेटा एनालिसिस किया जा रहा है, जो भी अपडेट आएगा बताया जाएगा." इसरो ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "PSLV-C62 मिशन में PS3 स्टेज के आखिर में एक गड़बड़ी हुई. इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है."  ISRO की लॉन्चिंग सफल, सैटेलाइट सेपरेशन फेल   इसरो की PSLV-C62 मिशन फेल हो चुका है. रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ. लेकिन तीसरे स्टेज के बाद आंकड़ा देरी से मिलने लगा. चौथा स्टेज शुरू तो हुआ लेकिन उसके बाद कोई अपडेट नहीं मिला. मिशन कंट्रोल सेंटर में सन्नाटा पसर गया. पता नहीं चल रहा है कि सैटेलाइट सेपरेट हुआ या नहीं. अन्वेषा के साथ थे 15 और छोटे उपग्रह PSLV-C62 रॉकेट अपने साथ रणनीतिक उद्देश्यों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया DRDO का अन्वेषा (ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट) और 15 अन्य अंतरराष्ट्रीय उपग्रह लेकर गया था। आज के लॉन्च में कुल 15-18 अन्य छोटे उपग्रह भी शामिल थे, जिनमें से कई भारतीय स्टार्टअप्स और विश्वविद्यालयों के थे। हैदराबाद की कंपनी ध्रुवा स्पेस ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई और कुल 7 उपग्रहों में योगदान दिया। कंपनी ने 4 उपग्रह खुद बनाए, जिनमें कम डेटा रेट संचार वाले सैटेलाइट शामिल हैं। यह मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड की ओर से संचालित 9वां व्यावसायिक अर्थ ऑब्जर्वेशन मिशन था। पीएसएलवी को दुनिया के सबसे भरोसेमंद रॉकेट्स में से एक माना जाता है, जिसने पहले चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-एल1 जैसी बड़ी मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। हालांकि, 12 जनवरी को PSLV-C62 के सफल लॉन्च के बाद उसे ऑर्बिट में लैंड कराने में समस्या आ गई।

दिल्ली में कड़ाके की ठंड, पारा 2.9°C तक गिरा, IMD ने जारी किया मौसम अलर्ट

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है. तापमान में तेज गिरावट के कारण शीत लहर जैसी स्थिति बनी हुई है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के आयानगर में रविवार रात न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल अब तक का सबसे कम तापमान है. शहर के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया. मौसम विभाग के मुताबिक जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे गिर जाता है, तो इसे शीत लहर कहा जाता है. मौजूदा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि दिल्ली के बड़े हिस्से में यही स्थिति है. पालम वेदर स्टेशन में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बीते 13 वर्षों में सबसे कम है. मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में इसी तरह की ठंड बनी रह सकती है. सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी में रविवार रात न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके सोमवार रात तक करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरने की संभावना है. रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा.  कड़ाके की ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार ठंड के साथ-साथ दिल्ली में वायु प्रदूषण भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 293 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. यह शनिवार के AQI 291 की तुलना में मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है. AQI मानकों के अनुसार 0–50 ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं.  कुछ इलाकों में कोहरे और स्मॉग की चादर धौला कुआं और सराय काले खां जैसे इलाकों में सोमवार को सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा. दिल्ली में तेज हवाओं के साथ ठिठुरन भरी ठंड महसूस की गई, जब औसत तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. स्मॉग की पतली परत के कारण कई इलाकों में दृश्यता भी कम हो गई. इससे पहले शनिवार को न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था और शहर के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई थी. इससे पहले शुक्रवार को भी न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. कड़ाके की ठंड के बीच कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल जारी है, जहां सुरक्षा बल सर्द मौसम में अभ्यास कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश भी प्रचंड शीत लहर की चपेट में इससे पहले रविवार को दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 15 डिग्री का फर्क आ गया. पश्चिमी विक्षोभ के असर से पछुआ की रफ्तार बेहद कम रही और धूप में गुनगुनाहट ज्यादा रही. मौसम विभाग के अनुसार यह राहत ज्यादा देर की नहीं है. गलन का सिलसिला फिर से शुरू होने का पूर्वानुमान है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रात का न्यूतम तापमान 6 से 7 के बीच रिकॉर्ड किया गया. वहीं मेरठ 4 डिग्री और बहराइच 4.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य के सबसे ठंडे जिले रहे. सुबह खिली चटख धूप ने लोगों को ठंड से राहत दी. इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.  राजस्थान के कई हिस्सों में 0 से नीचे तापमान राजस्थान में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. राज्य के कई हिस्सों में शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति दर्ज की गई है. प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान 0 से 2 डिग्री नीचे पहुंच गया, जबकि बाड़मेर में यह 0 से 1 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. पिलानी में 1.2 डिग्री, सीकर में 1.7 डिग्री, लूणकरनसर में 1.9 डिग्री और चूरू व झुंझुनू में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन और राज्य में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया है. पंजाब और हरियाणा में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं. कश्मीर घाटी में ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस और हरियाणा के हिसार में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लुधियाना, पटियाला, अमृतसर और गुरदासपुर में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. जम्मू-कश्मीर में ठंड और भीषण रूप ले चुकी है. यहां तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे चला गया है. श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0 से 5.2 डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जबकि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में यह 0 से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा. पहलगाम में भी तापमान 0 से 7.6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. कश्मीर घाटी में इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ का दौर जारी है, जब 40 दिनों तक कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की आशंका बनी रहती है.

वेनेजुएला के ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ के रूप में खुद को पेश किया, बड़ा राजनीतिक कदम

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है. इस पोस्ट में ट्रंप की आधिकारिक तस्वीर के साथ लिखा है कि वे वर्तमान से वेनेजुएला का ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ हैं. साथ ही, उन्होंने खुद को अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति के रूप में भी पेश किया, जिन्होंने 20 जनवरी 2025 को कार्यभार संभाला था.  यह पोस्ट उस समय आई है जब अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ हाल में ही एक “बड़े पैमाने” की सैन्य कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिका उठाकर लेकर आया गया और अब उनको हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क में नार्को-टेररिज्म के आरोपों के तहत न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई.  ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला की सत्ता को तब तक नियंत्रित करेगा जब तक कि वहां एक सुरक्षित, उचित और समझदारी से सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता. उनका यह दावा है कि वेनेजुएला की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका यह जिम्मेदारी निभा रहा है. इस बीच, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री डेल्सी रोड्रिग्ज को देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई है, लेकिन ट्रंप के दावे ने इस अंतरिम सरकार की वैधता पर भी सवाल उठा दिए हैं.  ट्रंप ने यह भी कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल “हाई क्वालिटी वाला प्रतिबंधित तेल” उपलब्ध कराएगी, जो बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और आय अमेरिका और वेनेजुएला दोनों की भलाई के लिए इस्तेमाल होगी. उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने के निर्देश भी दिए हैं.

बाबा वेंगा की चेतावनी: 2026 में मचेगी तबाही? वैश्विक हालात से मिल रहे चौंकाने वाले इशारे

दुनिया इस वक्त पहले से ही अशांत दौर से गुजर रही है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में लगातार बदलते हालात यह संकेत दे रहे हैं कि वैश्विक राजनीति किसी भी समय बड़ा मोड़ ले सकती है। ऐसे माहौल में फिर चर्चा में हैं बुल्गारिया की प्रसिद्ध भविष्यवक्ता बाबा वेंगा, जिनकी कई भविष्यवाणियां समय के साथ सही साबित होती रही हैं। 2026 को लेकर उनके कथित संकेत सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। दावा किया जा रहा है कि बाबा वेंगा ने साल 2026 को मानव इतिहास का सबसे खतरनाक साल बताया था। आइए जानते हैं उनकी 4 सबसे डरावनी भविष्यवाणियां: 1 . तीसरा विश्व युद्ध: पूर्व से उठ सकती है आग बाबा वेंगा की सबसे भयावह भविष्यवाणी तीसरे विश्व युद्ध से जुड़ी है। उनके अनुसार, यह युद्ध विश्व के पूर्वी देशों से शुरू होगा और धीरे-धीरे पश्चिमी देशों तक फैल जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह संघर्ष मार्च-अप्रैल 2026 में चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव से शुरू हो सकता है। आगे चलकर इसमें रूस और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश आमने-सामने आ सकते हैं। इस युद्ध का सबसे बड़ा नुकसान यूरोप को होगा, जो तबाही के बाद बंजर भूमि में बदल सकता है, जबकि रूस एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभर सकता है। आज जब दुनिया पहले से ही कई युद्धों और राजनीतिक टकरावों से घिरी हुई है, लोग इन भविष्यवाणियों को मौजूदा हालात से जोड़कर देख रहे हैं। 2 . प्राकृतिक आपदा और आर्थिक तबाही बाबा वेंगा ने 2026 में प्रकृति और अर्थव्यवस्था के खतरे की भी चेतावनी दी थी। उनके अनुसार, इस साल दुनिया के कई हिस्सों में: – बड़े भूकंप आएंगे – ज्वालामुखी फटेंगे – अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और तूफान जैसी घटनाएं होंगी – दावा किया गया है कि पृथ्वी के करीब 7–8 प्रतिशत हिस्से में भारी तबाही मच सकती है। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़े आर्थिक पतन की भविष्यवाणी भी की थी। इसके अनुसार: – डिजिटल करेंसी पर असर पड़ेगा – बैंकिंग सिस्टम कमजोर होगा – वैश्विक मंदी आएगी – लाखों लोग बेरोजगारी का सामना करेंगे – मौजूदा समय में जब दुनिया महंगाई और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रही है, यह भविष्यवाणी और भय बढ़ा रही है। 3. AI का इंसानों पर हावी होना बाबा वेंगा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि 2026 में AI इंसानों पर हावी होने लगेगा। दावे के मुताबिक: – रोबोट और AI सिस्टम कई अहम निर्णय लेने लगेंगे – इंसानों की नौकरियां तेजी से खत्म होंगी – निजी जीवन पर निगरानी बढ़ेगी – इंसान अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पूरी तरह AI पर निर्भर हो जाएगा 4. धरती पर एलियंस का आना बाबा वेंगा की सबसे खतरनाक भविष्यवाणी एलियंस से जुड़ी मानी जा रही है। उन्होंने कहा था कि: – एक विशाल अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा – इंसानों का पहली बार किसी दूसरी सभ्यता से सीधा संपर्क होगा – कुछ लोग इस भविष्यवाणी को हाल ही में सामने आई उन खबरों से जोड़ रहे हैं, जिनमें दावा किया गया कि वैज्ञानिकों ने चिली के पास एक रहस्यमयी वस्तु देखी है, जो तेज रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रही है। हालांकि वैज्ञानिक अभी तक इसे लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।  

ट्रंप को नोबेल दिलाने की मचाडो की पेशकश पर बवाल, नोबेल इंस्टीट्यूट का सख्त जवाब

वाशिंगटन वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो द्वारा अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देने या उनके साथ साझा करने की इच्छा पर नोबेल इंस्टिट्यूट ने सख्त शब्दों में रोक लगा दी है। नॉर्वे स्थित नोबेल इंस्टिट्यूट ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद उसे न रोका जा सकता है, न किसी और को सौंपा जा सकता है और न ही साझा किया जा सकता है। इंस्टिट्यूट ने दो टूक कहा-“फैसला अंतिम होता है और हमेशा के लिए बरकरार रहता है।”   दरअसल, मचाडो ने अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज पर यह बयान दिया था कि वह अपना पुरस्कार ट्रंप को देना चाहती हैं या कम से कम उनके साथ साझा करना चाहेंगी। उनका तर्क था कि ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के अमेरिकी अभियान की निगरानी की है, इसलिए वे इस सम्मान के हकदार हैं।   हालांकि, नोबेल इंस्टिट्यूट ने इस बयान को नियमों के खिलाफ बताते हुए साफ कर दिया कि नोबेल पुरस्कार व्यक्तिगत इच्छा या राजनीतिक पसंद के आधार पर ट्रांसफर नहीं हो सकता। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं, लेकिन इस ताजा घटनाक्रम ने उनकी उम्मीदों को एक बार फिर झटका दे दिया है। इस पूरे विवाद ने साफ कर दिया है कि नोबेल मंच पर सियासी भावनाओं की कोई जगह नहीं है।  

खून से लाल हुई अमेरिका की धरती: युवक का तांडव, अपने ही परिवार और पादरी सहित 6 को मारी गोली

वाशिंगटन अमेरिका के मिसिसिपी राज्य के एक ग्रामीण इलाके में 24 वर्षीय युवक ने तीन अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों की हत्या कर दी। मृतकों में उसका पिता, भाई, दो रिश्तेदार, एक गिरजाघर के पादरी और पादरी के भाई शामिल हैं। आरोपी डारिका एम. मूर को शुक्रवार देर रात लगभग बारह बजे से पहले सीडरब्लफ में एक पुलिस नाके पर गिरफ्तार किया गया। इससे पहले स्थानीय, राज्य और संघीय एजेंसियों के दर्जनों अधिकारी उत्तर-पूर्वी मिसिसिपी क्षेत्र में तैनात कर दिए गए थे। मूर को सोमवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। क्ले काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी स्कॉट कोलम ने कहा कि वह मृत्युदंड की मांग करेंगे। क्ले काउंटी के शेरिफ एडी स्कॉट ने कहा कि साक्ष्यों और गवाहों से स्पष्ट है कि मूर अकेला हमलावर था और किसी अन्य के घायल होने की सूचना नहीं है। जांचकर्ता अभी उससे पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन हमले के पीछे की मंशा स्पष्ट नहीं है। जांचकर्ताओं के अनुसार, मूर ने शुक्रवार को सबसे पहले पश्चिमी क्ले काउंटी में अपने परिवार के एक अस्थायी मकान में अपने पिता ग्लेन मूर (67), भाई क्विंटन मूर (33) और एक रिश्तेदार विली एड गाइन्स (55) की हत्या की।   इसके बाद वह अपने भाई का ट्रक लेकर एक रिश्तेदार के घर गया, जहां उसने जबरन अंदर घुसकर यौन अपराध का प्रयास किया और सात साल की बच्ची की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में वह एक छोटे-से चर्च में पहुंचा, जहां उसने पादरी बैरी ब्रैडली और उनके भाई सैमुअल ब्रैडली की हत्या कर दी। चार घंटे से अधिक समय बाद उसे पुलिस ने पकड़ लिया।  

हिंदू किसान की हत्या से पाकिस्तान में उबाल, सड़कों पर उतरा जनाक्रोश

पेशावर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक जमींदार ने अपनी जमीन पर झोपड़ी बनाने के कारण 23 वर्षीय हिंदू किसान की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद हिंदू समुदाय ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। बदीन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कमर रजा जसकानी ने बताया कि पुलिस ने शनिवार रात हैदराबाद से मकान मालिक सरफराज निजामानी और उसके सहयोगी जफरुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया। बदीन जिले के तलहार गांव में आश्रय के लिए निजामानी की जमीन पर एक झोपड़ी बनाने के आरोप में चार जनवरी को कैलाश कोहली को गोली मार दी गई थी।   जसकानी ने कहा, ‘‘आरोपी के घटनास्थल से फरार होने और भूमिगत हो जाने के बाद इस मामले में एक विशेष टीम का गठन किया गया था लेकिन हमने आखिरकार उसे कल रात हैदराबाद के फतेह चौक इलाके से गिरफ्तार कर लिया।'' कोहली की हत्या के बाद हिंदू समुदाय में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने इसके विरोध में प्रदर्शन किए। निजामानी नहीं चाहता था कि कोहली उसकी जमीन पर झोपड़ी बनाए। गोली लगने से घायल कोहली ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस संबंध में उनके भाई पून कुमार कोहली ने प्राथमिकी दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस टीम का गठन किया गया।   सिंध में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए एक कल्याणकारी ट्रस्ट चलाने वाले शिव काची ने कहा, ‘‘हिंदू समुदाय द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से बनाए गए जन दबाव के कारण आरोपी की गिरफ्तारी हुई। बदीन में सैंकड़ों लोग विरोध प्रदर्शनों और धरनों के लिए एकत्रित हुए थे। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जावेद अख्तर ओधो ने कोहली के पिता को फोन करके गिरफ्तारी के बारे में सूचित किया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन खत्म हुए।'' काची ने निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद जताई ताकि हिंदू समुदाय भयानक अपराधों से सुरक्षित रहे और अधिकारियों पर उनका विश्वास बहाल हो सके।  

ब्रिटेन में भड़का ईरान विरोध, दूतावास पर लगा झंडा उतारकर किया गया विरोध प्रदर्शन

लंदन ईरान में सुलग रहा जनआक्रोश अब सीमाओं को पार कर चुका है, और दुनिया के बड़े शहरों में इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। ईरानी प्रदर्शनों की आग अब यूरोप तक फैल गई है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास की इमारत से ईरान का राष्ट्रीय ध्वज उतारकर फाड़ दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान संकट की गूंज और तेज हो गई है। यह घटना उस समय हुई जब लंदन में बड़ी संख्या में ईरानी प्रवासी, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सरकार-विरोधी समर्थक सड़कों पर उतरकर तेहरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ईरान में जनता की आवाज़ को गोलियों, गिरफ्तारियों और इंटरनेट बंदी के ज़रिये दबाया जा रहा है।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक प्रदर्शनकारी दूतावास की बालकनी के पास पहुंचा और वहां लगा ईरानी झंडा उतारकर फाड़ दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे ईरानी शासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने “तानाशाही मुर्दाबाद”, “खामेनेई हटाओ” और “ईरान को आज़ादी दो” जैसे नारे लगाए। कई लोगों ने हाथों में ईरान में मारे गए प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े पोस्टर भी पकड़ रखे थे।ब्रिटिश पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा कारणों से ईरानी दूतावास के आसपास पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दूतावास की सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई।   विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि ईरान में जारी आंदोलन अब केवल घरेलू मुद्दा नहीं रहा। यूरोप, कनाडा और अमेरिका में बसे ईरानी समुदाय लगातार अपने देशों की सरकारों से तेहरान पर दबाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में अब तक सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और हजारों को हिरासत में लिया गया है। इंटरनेट और संचार सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वास्तविक हालात सामने आना मुश्किल हो गया है। लंदन में दूतावास से झंडा फाड़े जाने की घटना को ईरानी शासन के लिए एक कूटनीतिक शर्मिंदगी माना जा रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रदर्शन बढ़ते रहे, तो ईरान पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव और गहरा सकता है।

पश्चिम बंगाल में BLO ने की आत्महत्या, स्कूल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव

मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) स्कूल के एक कमरे में फंदे से लटके मिले। परिवार का सीधा आरोप है कि एसआईआर के अत्यधिक कार्यभार और दोहरी जिम्मेदारियों ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने अपनी जान दे दी। रानीतला पुलिस थाने के एक अधिकारी के अनुसार, मृतक की पहचान हमीमुल इस्लाम (47 वर्ष) के रूप में हुई है। वे पैकमरी चार कृष्णपुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे और खारिबोना ग्राम पंचायत के अंतर्गत पुरबा अलापुर गांव में एक मतदान केंद्र पर बीएलओ के रूप में तैनात थे। मृतक के परिवार ने बताया कि हमीमुल शनिवार सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद शनिवार रात को विद्यालय परिसर के एक कमरे में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला।   इसके बाद घटना की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक और बीएलओ की दोहरी जिम्मेदारियों से उत्पन्न भारी कार्यभार के कारण हमीमुल गंभीर तनाव में थे। परिवार का दावा है कि हाल के हफ्तों में एसआईआर से जुड़े कार्यों को पूरा करने का दबाव बहुत बढ़ गया था। हमीमुल के बड़े भाई फरमान-उल-कलाम ने आरोप लगाया कि एसआईआर के कर्तव्यों को पूरा करने का दबाव उनकी भाई की क्षमता से कहीं अधिक था। शायद इसी कारण उन्होंने फंदे से लटकर जान दे दी। दूसरी ओर इसको लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है। भगबंगोला के तृणमूल कांग्रेस विधायक रियाज हुसैन सरकार ने परिवार से मुलाकात की और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एसआईआर प्रक्रिया में जल्दबाजी कर रहा है, जिसके कारण बीएलओ पर अत्यधिक कार्यभार पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमीमुल इस्लाम को बहुत अधिक कार्य सौंपे गए थे, जिनमें मानचित्रण और मानचित्रण हटाने जैसे काम शामिल थे।

घर में वारदात: परिवार को बेहोश कर लूट, पूजा खेडकर का नौकरानी पर शक

पुणे आईएएस की नौकरी से हाथ धो चुकी ने पूजा खेडकर ने अपनी नौकरानी पर लूटपाट का आरोप लगाया है। पूजा खेडकर का दावा है कि नौकरानी ने उन्हें और उनके माता-पिता को बेहोश दिया। इसके बाद घर से कीमती चीजें चोरी करके भाग गई। खेडकर ने शनिवार रात इस बारे में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुणे पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। बता दें कि फर्जी डॉक्यूमेंट्स मामले में पूजा खेडकर को आईएएस की नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। इसके बाद से उनका नाम लगातार विवादों में रहा है।   नेपाल की थी घरेलू सहायिका पूजा खेडकर ने पुलिस को बानेर रोड स्थित अपने परिवार के बंगले पर शनिवार देर रात हुई इस कथित घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि हाल ही में काम पर रखी गई नेपाल की निवासी घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता (मनोरमा एवं दिलीप खेडकर) को नशीली दवाएं देकर बेहोश कर दिया तथा उन्हें बांधकर उनके मोबाइल फोन और कुछ कीमती सामान लेकर फरार हो गई। पूजा खेडकर ने दावा किया कि वह किसी तरह खुद को मुक्त कर पाईं और दूसरे फोन का इस्तेमाल करके पुलिस को सूचित किया। पुलिस को विवरण का इंतजार अधिकारी ने बताया कि खेडकर ने टेलीफोन पर घटना की सूचना दी, लेकिन अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई है और न ही चोरी हुए अन्य सामान के बारे में विवरण दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। खेडकर दंपति के खिलाफ पिछले साल नवी मुंबई में सड़क पर झगड़े के बाद एक ट्रक चालक के अपहरण के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया गया था। पूजा खेडकर पर 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने के लिए आवेदन में तथ्यों को छुपाने का आरोप है, लेकिन उन्होंने अपने खिलाफ सभी आरोपों का खंडन किया है।