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श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख तय, 23 अप्रैल से खुलेंगे

नई दिल्ली उत्तराखंड की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर टिहरी जिले के नरेंद्र नगर स्थित राजदरबार में शास्त्रों और पंचांग गणना के बाद यह फैसला लिया गया कि बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, राजदरबार में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान महाराजा मनु जयेंद्र शाह ने स्वयं कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की। इस मौके पर राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पंचांग, ग्रह-नक्षत्र और शुभ योगों का अध्ययन कर बताया कि 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट का समय कपाट खोलने के लिए शुभ है। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठानों के बाद विधिवत रूप से तिथि घोषित की गई।   कैसे खुलते हैं बदरीनाथ धाम के कपाट, क्या-क्या होती हैं खास परंपराएं बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया पूरी तरह शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार होती है। कपाट खुलने से पहले भगवान बदरीविशाल की पूजा-अर्चना विशेष विधि से की जाती है। सबसे पहले मंदिर परिसर को फूलों से सजाया जाता है और सिंहद्वार पर पारंपरिक ढंग से पूजा होती है। कपाट खुलने के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में गणेश पूजा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होती है। इसके बाद शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के मुख्य द्वार के ताले खोले जाते हैं। जैसे ही कपाट खुलते हैं, मंदिर परिसर “जय बद्री विशाल” के जयकारों से गूंज उठता है। कपाट खुलने के बाद सबसे पहले भगवान बदरीनाथ के अखंड दीप के दर्शन कराए जाते हैं, जो शीतकाल में भी निरंतर जलता रहता है। इसके बाद भगवान की महाभिषेक पूजा होती है और विशेष श्रृंगार किया जाता है। कपाट खुलने के पहले दिन केवल सीमित समय के लिए ही श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाती है। परंपरा के अनुसार, कपाट खुलने के समय डिमरी समाज के प्रतिनिधि और मंदिर के मुख्य रावल विशेष भूमिका निभाते हैं। कपाट खुलने के बाद नियमित पूजा, दर्शन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं। क्यों खास है कपाट खुलने का दिन मान्यता है कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो जाती है। इस दिन दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस शुभ पल के साक्षी बनने के लिए बदरीनाथ पहुंचते हैं।

यात्रियों को बड़ी सौगात: गणतंत्र दिवस पर शुरू हुईं 12 नई एसी लोकल

मुंबई मुंबई के लाखों लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। यात्रियों के बीच बढ़ती लोकप्रियता और लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। आज से मुंबई उपनगरीय खंड में 12 नई एसी लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके बाद पश्चिम रेलवे पर एसी लोकल ट्रेनों की कुल संख्या 109 से बढ़कर 121 हो जाएगी। खास बात यह है कि ये सभी सेवाएं सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेंगी। भीड़ से मिलेगी राहत, कुल सेवाओं में नहीं होगा बदलाव पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, एसी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए मौजूदा 12-डिब्बों वाली नॉन-एसी लोकल ट्रेनों के स्थान पर ये नई एसी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुल लोकल सेवाओं की संख्या 1406 ही रहेगी। नई शुरू होने वाली 12 सेवाओं में से 6 अप (चर्चगेट की ओर) और 6 डाउन (विरार/बोरीवली की ओर) में चलेंगी।   नई शुरू की जा रही 12 एसी लोकल ट्रेनों में से 6 अप दिशा और 6 डाउन दिशा में होंगी। अप दिशा में विरार-चर्चगेट और गोरेगांव-चर्चगेट के बीच दो-दो ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा बोरीवली-चर्चगेट और भायंदर-चर्चगेट के बीच एक-एक एसी लोकल सेवा शामिल है। वहीं डाउन दिशा में चर्चगेट-विरार और चर्चगेट-गोरेगांव के बीच दो-दो ट्रेनें, जबकि चर्चगेट-भायंदर और चर्चगेट-बोरीवली के बीच एक-एक एसी लोकल ट्रेन चलाई जाएगी। टाइमटेबल के अनुसार, सुबह और शाम के व्यस्त समय के साथ-साथ दिन के मध्य भी एसी लोकल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे नौकरीपेशा यात्रियों के साथ-साथ अन्य यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन अतिरिक्त एसी लोकल ट्रेनों से भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को ज्यादा आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा।

ओडिशा के कोरापुट में विवाद के बाद फैसला पलटा, 26 जनवरी पर मांसाहार बिक्री पर अब नहीं रहेगी पाबंदी

भुवनेश्वर ओडिशा के कोरापुट जिले में 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर एक दिन के प्रतिबंध से जुड़ा आदेश वापस ले लिया गया है। जिले के कलेक्टर मनोज सत्यवान महाजन ने रविवार को अपने पहले के आदेश को निरस्त करते हुए सभी तहसीलदारों, ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और अन्य कार्यकारी अधिकारियों को इस संबंध में नया पत्र जारी किया। कलेक्टर मनोज महाजन ने पत्र में स्पष्ट किया कि मांस, चिकन, मछली, अंडे और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस तैयारी समिति के सुझाव के आधार पर लिया गया था। हालांकि, इस फैसले को लेकर विभिन्न स्तरों पर आई प्रतिक्रियाओं और गहन विचार-विमर्श के बाद 23 जनवरी को जारी आदेश को वापस लेने का निर्णय किया गया है। रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कोरापुट जिले में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी 23 जनवरी का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह निर्देश समिति के सुझाव पर जारी किया गया था, इसलिए व्यापक विचार के बाद इसे वापस लिया जा रहा है। इससे पहले 23 जनवरी को कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों, बीडीओ और अन्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 26 जनवरी को मांस, चिकन, मछली, अंडे और अन्य मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करें। उस आदेश में अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई करने को भी कहा गया था। कलेक्टर के इस आदेश के सामने आने के बाद जिले ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी व्यापक और मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कई लोगों ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है, न कि कोई धार्मिक अवसर, ऐसे में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी इस निर्णय को लेकर बहस छिड़ गई थी। अब आदेश वापस लिए जाने के बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। माना जा रहा है कि प्रशासन ने जनभावनाओं और व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। फिलहाल कोरापुट जिले में 26 जनवरी को मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा।

हाईटेक वॉरफेयर पर फोकस: नसीराबाद दौरे में ले. जनरल चौहान ने तकनीकी सशक्त सेना पर दिया जोर

अजमेर लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने रविवार को नसीराबाद मिलिट्री स्टेशन का दौरा कर वहां तैनात लॉजिस्टिक यूनिट्स की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ड्रोन तकनीक के उपयोग, प्रशिक्षण व्यवस्था और जवानों के कल्याण से जुड़े पहलुओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और सैनिकों से भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार रखने और आधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाने का आह्वान किया। दरअसल, दक्षिणी कमान भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर जानकारी दी कि लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, वाईएसएम, एसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग सुदर्शन चक्र कोर, ने रविवार को नसीराबाद मिलिट्री स्टेशन का दौरा किया। यहां उन्होंने 'सबसे बेहतर ब्रिगेड' की तैयारी का जायजा लिया, जो फर्स्ट टू स्ट्राइक ब्रिगेड का हिस्सा है। इसके साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने कुछ अहम लॉजिस्टिक यूनिट्स का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें ऑपरेशनल जिम्मेदारियों, ट्रेनिंग के खास पहलुओं, आधारभूत संरचना के सुधार और जवानों की भलाई से जुड़ी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई। इसके बाद जनरल चौहान ने एक कैपेबिलिटी डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की, जिसमें सुदर्शन चक्र कोर के सभी फॉर्मेशन कमांडर मौजूद थे। उन्होंने इस मौके पर ड्रोन जैसी अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) और इनके काउंटर-यूएएस सिस्टम्स की अहमियत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि रिपेयर और रीजेनरेशन की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, ताकि तकनीक का सही इस्तेमाल हो सके। उन्होंने ट्रेनिंग के लिए भी बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। जनरल ने यह भी बताया कि अलग-अलग हथियारों और टुकड़ियों के बीच तालमेल, यानी कम्बाइंड आर्म्स इंटीग्रेशन, बहुत जरूरी है ताकि ऑपरेशन्स ज्यादा असरदार बन सकें। उनका कहना था कि बदलती लड़ाई की परिस्थितियों में ऑपरेशनल एफेक्टिवनेस बढ़ाना बहुत जरूरी है। उन्होंने जवानों को भविष्य के लिए तैयार रहने और हर तरह की नई चुनौतियों के लिए एडाप्ट होने की हिदायत दी। इस दौरे के दौरान, जीओसी ने जवानों के मनोबल, उनकी ट्रेनिंग और वेलफेयर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और बेहतर ट्रेनिंग से ही फौज की ताकत बढ़ती है और मिशन में सफलता मिलती है। उन्होंने सभी कमांडरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक रणनीतियों को लागू करें।

एयरपोर्ट बना तस्करी का अड्डा! अहमदाबाद में 12.50 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी, चार लोग दबोचे गए

अहमदाबाद अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को सीमा शुल्क और पुलिस अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 12.50 करोड़ रुपए मूल्य की हाइब्रिड मारिजुआना जब्त की है। इस दौरान चार यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ होने का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को भारत में ला रहा था। अधिकारियों को दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत में नशीले पदार्थों की संभावित तस्करी को लेकर विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर बैंकॉक से अहमदाबाद आने वाली एक उड़ान के यात्रियों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान चार यात्रियों के सामान में संदिग्ध वस्तुएं पाई गईं, जिसके बाद विस्तृत तलाशी ली गई। वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिबंधित हाइब्रिड मारिजुआना की बड़ी खेप बरामद की गई। यह मादक पदार्थ प्लास्टिक के पैकेटों में छिपाकर रखा गया था और इसका अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 12.50 करोड़ रुपए आंका गया है। अधिकारियों ने बताया कि हाइब्रिड मारिजुआना सामान्य गांजे की तुलना में कहीं अधिक प्रभावशाली और महंगा होता है तथा भारतीय कानून के तहत इस पर पूरी तरह प्रतिबंध है। चारों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लेकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक वडोदरा का निवासी है, जबकि अन्य तीन पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप गुजरात किस उद्देश्य से लाई गई थी और इसके पीछे सक्रिय आपूर्ति श्रृंखला में कौन-कौन लोग शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि इन नशीले पदार्थों को देश के प्रमुख शहरों में सप्लाई करने की योजना थी, जहां इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। अधिकारी आरोपियों के यात्रा रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच कर रहे हैं, ताकि इस तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से संभावित संबंधों की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय शुरू किया गया है। यह बरामदगी अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हाल के दिनों में हुई नशीली दवाओं की कई बड़ी जब्तियों की कड़ी में एक और मामला है। इसी महीने की शुरुआत में सीमा शुल्क अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक यात्री के सामान से करीब 8 करोड़ रुपए मूल्य की हाइड्रोपोनिक भांग बरामद की थी। इसके अलावा एक अन्य मामले में बैंकॉक से लाई गई 3.9 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना की जब्ती के बाद एक आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के लगातार प्रयासों को देखते हुए हवाई अड्डे पर निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान और सख्त किए जा रहे हैं, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

Republic Day से पहले किले में तब्दील जम्मू-कश्मीर, जगह-जगह पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। हर वाहन की चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। जम्मू के एमए स्टेडियम में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाएगा, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं श्रीनगर में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बख्शी स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। जम्मू-श्रीनगर दोनों जगहों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, आपदा प्रबंधन, होम गार्ड और स्कूली बच्चों की टुकड़ियाँ पोडियम के सामने मार्च करेंगी। झंडा फहराने और मार्च पास्ट के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और केंद्रशासित प्रदेश में विकास और प्रगति को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे। जम्मू और कश्मीर के सभी अन्य जिला मुख्यालयों में भी इसी तरह के समारोह आयोजित किए जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह के सभी स्थानों पर शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। श्रीनगर और जम्मू में कई जगहों पर ह्यूमन इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ड्रोन से हवाई निगरानी, ​​अस्थायी ड्रॉप गेट, चेकपोस्ट और लोगों की तलाशी और गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा को अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है और हम गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर कोई चांस नहीं ले रहे हैं।" देश के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय उत्सवों का संदेश फैलाने के लिए सभी सरकारी इमारतों, फ्लाईओवर और मुख्य पुलों को रोशन किया गया है। वहीं, दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जा रहा है, जिसमें 12 बेगुनाह नागरिक मारे गए थे और 32 अन्य घायल हो गए थे। जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है। सेना पूरे इलाकों को अपने कब्जे में लेकर चेकिंग अभियान भी चला रही है। साथ ही कोई भी इनपुट मिलने पर कार्रवाई के लिए भी टीम तैनात की गई है।

बहन से किया वचन, देर रात चाय पीकर लौटे आचार्य धीरेंद्र शास्त्री

कोटा रामगंज मंडी में श्री राम कथा कर रहे बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री आज अपने दिए हुए वचन की पालना में वार्ड नंबर 3 रामगंज मंडी निवासी दो बहनों भावना राठौड़ और खुशबू राठौर के घर देर रात चाय पीने पहुंचे! एक दिन पहले शनिवार को इन दोनों बहनों ने कथा के दौरान आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने की इच्छा प्रकट करते हुए राखी बांधी थी! और राखी बांधने के बाद अपने भाई आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से निवेदन किया था कि वह उसके घर चाय पीने आए! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भी अपनी बहन को वचन दिया था कि वह तीन दिन यहां रामगंज मंडी में है तो उसके घर चाय पीने जरूर आएंगे! और आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बहनों से किया हुआ वायदा निभाया भी सही! रविवार की रात को कोटा मैं शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के घर पहुंचकर पहले तो उनके परिवार जनों से भेट की और आशीर्वाद दिया! उसके बाद रामगंज मंडी लौटकर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री देर रात 12:00 बजे अचानक वार्ड नंबर 3 रामगंज मंडी में अपनी बहन खुशबू और भावना राठौड़ के घर पहुंचे!   विश्व विख्यात भारत के चोटी के संत जिन्हें सुनने के लिए रामगंज मंडी में कथा स्थल पर लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ रही है! उस महान और पूजनीय संत को अपनी कुटिया में प्रकार भावना और खुशबू राठौर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा! दोनों बहनों की आंखों से खुशियों के मोती छलक पड़े!   भावना बोली मुझे विश्वास था मेरे भाई मेरे घर चाय पीने जरूर आएंगे! अपना किया हुआ वादा पूरा करेंगे! भावना ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि वह दोनों बहने हैं उनके कोई भाई नहीं है इसलिए वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधकर अपना भाई बनना चाहती थी! उन्होंने कई बार प्रयास किया लेकिन ऐसा हो नहीं पाया! रामगंज मंडी में जब कथा करने आचार्य शास्त्री पहुंचे तो दोनों बहनों ने ठान ली कि वह अब अपनी इच्छा पूरी कर के रहेगी! और हुआ भी ऐसा ही आखिरकार वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने और घर पर बुलाकर चाय पिलाने में सफल रही! दोनों बहनों के पिता लालचंद राठौर और माता हेमलता राठौर ने आचार्य जी को बताया कि यह अक्सर उनसे ऐसी बातें किया करती थी, परंतु उनको विश्वास नहीं होता था!  कई बार बेटी को समझाया भी की यह संभव नहीं है! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री कभी भी उसके घर चाय पीने नहीं आएंगे! लेकिन बागेश्वर धाम सरकार का आशीर्वाद है कि बेटियों का सपना पूरा हुआ और आज स्वयं आप भगवान के रूप में हमारे घर पधारे हैं! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खुशबू के सर पर हाथ फेरते हुए कहा कि आज से हम तुम्हारे भाई हैं! भाई की कमी कभी महसूस मत करना! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बहन के घर लगभग आधा घंटा बैठकर चाय पी और उसके माता-पिता व उपस्थित अन्य परिजनों से हाल-चाल पूछे! और घर से विदा होने से पहले अपनी दोनों बहनों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बच्चियों के पिता लाल चंद्र राठौर को बागेश्वर धाम की तरफ से एक कूपन भी दिया! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के साथ शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी उपस्थित थे!  

WHO ने अमेरिका के फैसले पर जताई चिंता, टेड्रोस बोले- वैश्विक सुरक्षा प्रभावित

वाशिंगटन अमेरिका के विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हटने के फैसले पर WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा बताए गए कारण तथ्यों से परे और गलत हैं। डॉ. टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका WHO का संस्थापक सदस्य रहा है और संगठन की कई ऐतिहासिक उपलब्धियों में उसकी अहम भूमिका रही है। इनमें चेचक का उन्मूलन, पोलियो, HIV, इबोला, इन्फ्लुएंजा, टीबी, मलेरिया और अन्य गंभीर बीमारियों के खिलाफ लड़ाई शामिल है।   अमेरिका के फैसले पर WHO की आपत्ति WHO प्रमुख ने कहा, “अमेरिका के WHO से हटने से न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया कम सुरक्षित हो जाती है।” उन्होंने साफ किया कि WHO हमेशा सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करता आया है और अमेरिका के साथ भी यही रवैया रहा है। WHO को उम्मीद है कि भविष्य में अमेरिका फिर से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाएगा।  COVID-19 पर लगाए गए आरोप अमेरिका ने WHO पर COVID-19 महामारी के दौरान विफलता, जानकारी छिपाने और गलत मार्गदर्शन देने का आरोप लगाया था। इस पर WHO ने कहा कि WHO ने महामारी के दौरान तेज़ी और पारदर्शिता से जानकारी साझा की। मास्क, वैक्सीन और सामाजिक दूरी की सलाह दी गई  लेकिन लॉकडाउन या वैक्सीन अनिवार्यता की सिफारिश कभी नहीं की अंतिम फैसले सरकारों पर छोड़े गए। WHO ने माना कि किसी भी संगठन से कुछ गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उसने महामारी से निपटने में अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी से निभाई।  अमेरिका का आधिकारिक रुख 22 जनवरी को अमेरिका ने औपचारिक रूप से WHO से बाहर निकलने की घोषणा की।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और स्वास्थ्य मंत्री केनेडी ने कहा कि आगे WHO से अमेरिका का संपर्क सिर्फ निकासी प्रक्रिया और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित रहेगा। WHO ने दोहराया कि वह सभी देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा और उसका लक्ष्य है हर इंसान को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, जो एक मौलिक मानव अधिकार है।  

देवभूमि का भविष्य उज्ज्वल हो — हिमाचल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी बधाई

शिमला हिमाचल प्रदेश में रविवार को गर्व और उत्साह के साथ प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वर्णिम भविष्य की कामना की। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से लिखा, "हिमाचल प्रदेश के 'पूर्ण राज्यत्व दिवस' पर राज्य के सभी निवासियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। आध्यात्मिक परंपराओं के कारण देवभूमि और शौर्य परंपरा के कारण वीरभूमि कही जाने वाली हिमाचल की धरती पर प्रकृति का असीम वरदान है जो इस राज्य के प्रति अद्भुत आकर्षण उत्पन्न करता है। मुझे विश्वास है कि हिमाचल प्रदेश के कर्मठ निवासी राष्ट्र निर्माण तथा देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। मैं राज्य के सभी लोगों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती हूं।" इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "प्रकृति और संस्कृति की संगमस्थली हिमाचल प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को पूर्ण राज्यत्व दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। अपनी अद्भुत प्रतिभा और पराक्रम से वे सदैव मां भारती की सेवा करते आए हैं। मैं उनके सुनहरे भविष्य के साथ-साथ इस देवभूमि की समृद्धि की कामना करता हूं।" लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, "देव-भूमि’ हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्य के समस्त वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश समृद्ध प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण, सांस्कृतिक विविधता, अतिथि-भाव से परिपूर्ण जनमानस और गौरवशाली धार्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में विख्यात है। कामना है कि देवभूमि निरंतर प्रगति, समृद्धि और संतुलित विकास के मार्ग पर आगे बढ़े तथा प्रदेशवासी सुख, स्वास्थ्य और खुशहाली के साथ हिमाचल की गौरवशाली पहचान को और सुदृढ़ करें।" भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लिखा, "अतुल्य प्राकृतिक सौंदर्य और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध देवभूमि हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर समस्त हिमाचलवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि हिमाचल प्रदेश निरंतर विकास, समृद्धि और उन्नति की दिशा में आगे बढ़ता रहे।"

घुसपैठ पर सख्ती: असम से 15 बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी, CM सरमा का बड़ा बयान

असम मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश से आए 15 अवैध प्रवासियों को असम से वापस भेज दिया गया है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। शनिवार रात ‘एक्स' पर एक पोस्ट में शर्मा ने कहा, “हमारे सतर्क सुरक्षाबलों ने 15 अवैध बांग्लादेशियों को उनके देश वापस भेज दिया।” उन्होंने कहा, “याद रखें, आप अपनी शर्तों पर आते हैं और हमारी शर्तों पर जाते हैं।   सीमाओं पर सब सतर्क हैं। कानून अपना काम कर रहा है। बहुत बढ़िया काम।” हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन घुसपैठियों को राज्य के किस जिले से वापस भेजा गया। राज्य सरकार बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रही है और पड़ोसी देश से लगी सीमाओं के जरिए घुसपैठियों को वापस भेजा जा रहा है।