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वैष्णो देवी यात्रा और ज्यादा सुरक्षित: श्राइन बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान, 700 CCTV कैमरों की तैनाती

जम्मू नए साल 2026 के स्वागत के लिए लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने की तैयारी कर रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। कटरा बेस कैंप से लेकर भवन तक पूरे 13 किलोमीटर के ट्रैक को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम पूरी यात्रा मार्ग पर लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। इनका नियंत्रण कक्ष सीधे कटरा स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ा है। संवेदनशील इलाकों की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और एंटी-सबोटेज टीमों को तैनात किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और श्राइन बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड के तहत दिन-रात पेट्रोलिंग कर रहे हैं। बिना वैलिड RFID कार्ड के किसी भी यात्री को बाणगंगा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार कार्ड की 24 घंटे की समय सीमा (Time Limit) भी तय की गई है। भीड़ प्रबंधन के लिए नए नियम श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे दर्शन के तुरंत बाद वापस कटरा की ओर प्रस्थान करें ताकि भवन क्षेत्र में भीड़ जमा न हो। इसके अलावा, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं और आरएफआईडी (RFID) कार्ड अपने पास संभाल कर रखें।

जनवरी से लागू नया नियम: कंफर्म टिकट की डेट बदलना अब बिना शुल्क

नई दिल्ली भारतीय रेलवे नए साल 2026 से यात्रियों को एक बड़ी सौगात देने जा रहा है। अब रेल यात्रियों को अपने कंफर्म टिकट की तारीख बदलने के लिए पुराने टिकट को कैंसिल करने की जरूरत नहीं होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, जनवरी 2026 से यात्री बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के अपने कंफर्म टिकट की यात्रा तिथि को ऑनलाइन बदल सकेंगे। क्या है नई व्यवस्था? वर्तमान नियम के अनुसार, यदि किसी यात्री को अपनी यात्रा की तारीख बदलनी होती है, तो उसे पहले टिकट कैंसिल करना पड़ता है, जिसमें भारी कैंसिलेशन या क्लर्केज चार्ज कटता है। इसके बाद नए सिरे से टिकट बुक करना होता है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत, IRCTC ऐप या वेबसाइट पर एक नया फीचर जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री सीधे अपनी यात्रा को आगे (Postpone) बढ़ा सकेंगे। इस प्रक्रिया में कोई कैंसिलेशन फीस नहीं ली जाएगी। सीट उपलब्धता और किराए का गणित इस सुविधा का लाभ लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा:     सीट की गारंटी नहीं: तारीख बदलने पर नई तिथि में बर्थ की उपलब्धता के आधार पर ही कंफर्म सीट मिलेगी।     किराये का अंतर: यदि नई तारीख का किराया पुरानी टिकट से अधिक है, तो यात्री को केवल अंतर की राशि का भुगतान करना होगा। यदि किराया कम हुआ, तो शेष राशि रिफंड कर दी जाएगी।     केवल कंफर्म टिकट: फिलहाल यह सुविधा सिर्फ कंफर्म ई-टिकट पर ही लागू होगी। वेटिंग टिकटों के लिए अभी पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। उदाहरण और प्रभाव मान लीजिए आपके पास 20 जनवरी का दिल्ली से इंदौर का कंफर्म टिकट है, लेकिन अब आप 25 जनवरी को जाना चाहते हैं। नए नियम के तहत, आप बिना टिकट कैंसिल किए सीधे तारीख बदल सकेंगे। इससे न केवल यात्रियों के पैसों की बचत होगी, बल्कि रिफंड के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी। रेल मंत्री के मुताबिक, यह सिस्टम अपडेट होने के बाद IRCTC के प्लेटफॉर्म पर 'री-बुकिंग' का विकल्प दिखाई देगा। रेलवे का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे करोड़ों रेल यात्रियों को सीधा फायदा होगा।  

Holiday List 2026: साल भर छुट्टियों की सौगात, 15 लॉन्ग वीकेंड से घूमने का मिलेगा गोल्डन मौका

नई दिल्ली  नए साल की शुरुआत के साथ ही घुमक्कड़ों और छुट्टियों के शौकीनों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। साल 2026 कैलेंडर के लिहाज से बेहद खास होने वाला है। अगर आप भी दफ्तर की भागदौड़ से दूर ब्रेक की तलाश में रहते हैं, तो अपनी डायरी निकाल लीजिए। साल 2026 में कुल 15 लॉन्ग वीकेंड आ रहे हैं, जिन्हें स्मार्ट तरीके से प्लान करके आप करीब 50 दिनों तक की लंबी छुट्टियों का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां साल 2026 का 'हॉलिडे प्लानर' दिया गया है: साल की शुरुआत: जनवरी में जश्न की झड़ी जनवरी की शुरुआत ही छुट्टियों से हो रही है। 1 जनवरी (गुरुवार) को नया साल है, इसके बाद 3 और 4 जनवरी को वीकेंड की छुट्टी। वहीं, महीने के अंत में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) सोमवार को पड़ रहा है, जिससे 24-26 जनवरी तक का पहला बड़ा लॉन्ग वीकेंड मिलेगा। फरवरी में कोई बड़ा लॉन्ग वीकेंड नहीं है, लेकिन मार्च में कसर पूरी हो जाएगी।  मार्च और अप्रैल: ईस्टर और ईद की छुट्टी     मार्च: 20 मार्च (ईद-उल-फितर) शुक्रवार को है, जिसके साथ शनिवार-रविवार मिलकर 3 दिन का ब्रेक देंगे।     अप्रैल: 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के साथ 4-5 अप्रैल का वीकेंड छुट्टियां लेकर आ रहा है। मई और जून: गर्मी की छुट्टियों का डबल डोज     बुद्ध पूर्णिमा: 1 मई (शुक्रवार) से 3 मई तक का समय घूमने के लिए बेस्ट है।     ईद-उल-अजहा: 23-24 मई का वीकेंड और 26 मई की छुट्टी के बीच 25 तारीख को एक दिन की 'स्मार्ट लीव' लेकर आप 4 दिन का ब्रेक पा सकते हैं।     जून: 26 जून को मुहर्रम (शुक्रवार) और फिर वीकेंड, यानी तीन दिन की मौज। अगस्त और सितंबर: सबसे ज्यादा छुट्टियां     अगस्त: महीने के अंत में दो बार 3-3 दिनों के लंबे वीकेंड मिलेंगे (22-25 अगस्त और 28-30 अगस्त)।     सितंबर: 4 सितंबर (जन्माष्टमी) शुक्रवार को है, जिससे 3 दिन का ऑफ मिलेगा। वहीं गणेश चतुर्थी 14 सितंबर (सोमवार) को होने से 12-14 सितंबर तक का समय घूमने के लिए मुफीद है। अक्टूबर से दिसंबर: त्योहारों का सीजन     अक्टूबर: 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) शुक्रवार को है। इसके अलावा 20 अक्टूबर को दशहरा (मंगलवार) है, यदि आप 19 तारीख (सोमवार) की छुट्टी लेते हैं, तो शनिवार से मंगलवार तक 4 दिन का बड़ा वेकेशन मिल सकता है।     नवंबर: इस महीने में भी दो बार लॉन्ग वीकेंड का मौका मिलेगा (गुरु नानक जयंती के आसपास)।     दिसंबर: 25 दिसंबर (क्रिसमस) गुरुवार को है। शुक्रवार की एक छुट्टी लेकर आप रविवार तक 4 दिनों के लिए विंटर ट्रिप पर जा सकते हैं। अपने ट्रिप और होटल्स की बुकिंग अभी से कर लें, क्योंकि इन 'हॉलिडे गैप्स' के कारण साल भर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीड़ रहने की उम्मीद है।

तकनीक की ताकत! चीन ने रचा इतिहास, सबसे लंबी टनल से यात्रा समय हुआ मिनटों में सिमटा

बीजिंग चीन ने इंजीनियरिंग और तकनीक के क्षेत्र में एक बार फिर वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का निर्माण पूरा कर लिया है। शिनजियांग प्रांत में स्थित इस 'तियानशान शेंगली टनल' की कुल लंबाई 22.13 किलोमीटर है। इस सुरंग के शुरू होने से दुर्गम पर्वतीय रास्तों पर होने वाला 4 घंटे का सफर अब मात्र 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। समय और दूरी में भारी कटौती यह विशाल टनल 324 किलोमीटर लंबे उरुमकी-युली एक्सप्रेस-वे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पूरे प्रोजेक्ट के तैयार होने से उरुमकी और कोरला के बीच लगने वाला समय भी 7 घंटे से घटकर केवल 3 घंटे रह गया है। करीब 60 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट चीन की ढांचागत शक्ति का प्रमाण है।   अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा इस निर्माण के साथ चीन ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का खिताब चीन की ही 18.04 किलोमीटर लंबी सुरंग के नाम था। वर्ष 2020 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अपनी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चर्चा में रहा, लेकिन पाँच साल के कड़े परिश्रम के बाद अब यह यातायात के लिए तैयार है।

साइबर वार का आरोप: हंडाला हैकर्स बोले—नेतन्याहू के शीर्ष सहयोगी का डेटा लीक, इजरायल ने नकारा

नई दिल्ली ईरान से जुड़े हैक्टिविस्ट ग्रुप 'हंडाला हैकिंग टीम' ने दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी शीर्ष सहयोगी जाची ब्रेवरमैन का फोन हैक कर कई डिटेल्स लीक कर दिए।  इजरायल के मुताबिक इस ग्रुप का संबंध ईरान से है, और ये वही ग्रुप है जिसने पिछले हफ्ते पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के फोन में सेंध लगाई थी और दावा किया है कि वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ, जाची ब्रेवरमैन का फोन भी हैक करने में कामयाब रहे। ग्रुप का कहना है कि उसे जाची ब्रेवरमैन के इस्तेमाल किए गए आईफोन 16 प्रो मैक्स का लंबे समय तक एक्सेस मिला। ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे मैसेज में, हैकर्स ने दावा किया कि उनके पास डिवाइस से ली गई फाइलें, प्राइवेट चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो मटीरियल हैं, और उन्होंने कंटेंट को अलग-अलग हिस्सों में पब्लिश करने की धमकी दी। हंडाला हैकर्स का कहना है कि वे फिर नई जानकारी जारी करेंगे जो ब्रेवरमैन को कतरगेट स्कैंडल से जोड़ती है। वहीं, यरूशलम पोस्ट ने पीएमओ के हवाले से कहा कि “ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।” नेतन्याहू के दो सलाहकारों पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के यहां काम करते हुए कतर की तरफ से परसेप्शन पीआर फर्म के लिए काम किया, जिसके हेड नेतन्याहू के पूर्व कैंपेन मैनेजर यिसरायल आइन्हॉर्न हैं। फेल्डस्टीन ने दावा किया कि ब्रेवरमैन को लीक की गई एक सीक्रेट आईडीएफ जांच के बारे में पता चला और उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि इसे रद्द किया जा सकता है। ब्रेवरमैन को यूके में इजरायल का राजदूत बनना है, लेकिन आरोप की वजह से नियुक्ति पर असर पड़ सकता है। ब्रेवरमैन और नेतन्याहू दोनों ने घोटालों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। बता दें, करीब दो हफ्ते पहले, इसी ग्रुप ने दावा किया था कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का टेलीग्राम अकाउंट हैक कर लिया था। बेनेट के ऑफिस ने शुरू में इस रिपोर्ट से इनकार किया, लेकिन हैकर्स ने बाद में डॉक्यूमेंट्स, इमेज और बड़ी कॉन्टैक्ट लिस्ट जारी कर दीं। बेनेट ने बाद में माना कि उनके टेलीग्राम अकाउंट में सच में सेंध लगी थी।

सुरक्षा बलों की गहन कार्रवाई से आतंकियों को करारा जवाब, भारत का सम्मान बढ़ा: अमित शाह

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के दृढ़ निर्देश के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का 5वां आतंकवाद-विरोधी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान एनआईए ने शनिवार को भारत की आतंकवाद-विरोधी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार ने सम्मेलन में आतंकवाद के किसी भी रूप के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया और देश के आतंकवाद-विरोधी तंत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधन में राज्यों को भारत की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एकसमान आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) संरचना को शीघ्रता से लागू करने का निर्देश दिया।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे देश में मजबूत, एकसमान और सुसंगत परिचालन क्षमता के बिना हम खुफिया जानकारी का उचित उपयोग और प्रभावी समन्वित जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर सकते। अमित शाह ने पहलगाम और दिल्ली के लाल किले पर हुए आतंकी हमलों में विभिन्न एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों की सफल कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में इन एजेंसियों की गहन कार्रवाई ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने इस जघन्य हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों को सफलतापूर्वक ट्रैक करके मार गिराने का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकी कृत्य की योजना बनाने वालों को सजा दी और 'ऑपरेशन महादेव' के जरिए हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को मार गिराया। उन्होंने इस दोहरी कार्रवाई को पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं के खिलाफ भारत सरकार, भारत के सुरक्षा बलों और भारत की जनता की ओर से एक मजबूत और निर्णायक जवाब बताया। अमित शाह ने लगातार बदलती प्रौद्योगिकी और आतंकी परिदृश्य की ओर इशारा करते हुए केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियों से साइबर युद्ध, हाइब्रिड युद्ध के प्रति सतर्कता, बहु-सुरक्षा स्तर और खुफिया जानकारी के निर्बाध प्रवाह जैसे अंतरराष्ट्रीय आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि यह भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करने का एक साधन है, चाहे वह सीमा पार आतंकवाद हो, मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद हो या साइबर आतंकवाद। उन्होंने देश के सामने मौजूद विभिन्न खतरों, विशेष रूप से कट्टरता, भर्ती और कमजोर युवाओं के शोषण से उत्पन्न होने वाले खतरों के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। 

ऑपरेशन सिंदूर से दहला पाकिस्तान, जरदारी का स्वीकार– हालात ऐसे बने कि बंकर में जाना पड़ा

नई दिल्ली  वैश्विक मंच पर पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा की गई त्वरित सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) के घातक प्रभाव को आखिरकार पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उप प्रधानमंत्री इशाक डार के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय सेना के ड्रोन हमलों ने रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालयों तक को हिला कर रख दिया था। बंकर में शरण लेने की दी गई थी सलाह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को खुलासा किया कि मई में भारतीय जवाबी हमलों के दौरान पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व में भारी खौफ था। जरदारी ने बताया, "मेरे सैन्य सचिव ने मुझसे कहा था कि युद्ध शुरू हो चुका है और मुझे तुरंत सुरक्षा के लिए बंकर में चले जाना चाहिए।" हालांकि, जरदारी ने शेखी बघारते हुए कहा कि उन्होंने बंकर में जाने से इनकार कर दिया था, लेकिन उनके इस बयान ने उस समय पाकिस्तानी सत्ता के गलियारों में व्याप्त डर की पुष्टि कर दी है। नूर खान एयरबेस पर भारत का सटीक प्रहार पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी साल के अंत में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय कार्रवाई की सटीकता को स्वीकार किया। डार ने पुष्टि की कि भारत ने रावलपिंडी के चकाला स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया था। डार ने बताया, "भारत ने 36 घंटों के भीतर हमारे क्षेत्र में लगभग 80 ड्रोन भेजे थे। हालांकि हमने अधिकांश को रोकने का दावा किया, लेकिन एक ड्रोन ने सीधे हमारे सैन्य प्रतिष्ठान को भारी नुकसान पहुंचाया और वहां तैनात कई सैन्य कर्मी घायल हुए।" यह बयान भारतीय ड्रोन तकनीक और सामरिक सटीकता (Strategic Precision) की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज रक्षा विशेषज्ञों और सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने न केवल आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान के मुख्य वायुसेना अड्डों को भी निशाना बनाया। सैटेलाइट तस्वीरों में इन बेस को हुए नुकसान की पुष्टि हुई है:     नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी)     पीएएफ बेस मुशफ (सरगोधा)     पीएएफ बेस शाहबाज (जैकबबाद)     भोलारी एयर फोर्स स्टेशन इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में स्थित नौ आतंकी लॉन्च पैड्स को भी भारतीय सशस्त्र बलों ने नेस्तनाबूद कर दिया था। पहलगाम हमले का प्रतिशोध यह पूरी कार्रवाई मई 2025 में पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के प्रतिशोध में की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष भारतीय नागरिकों की जान गई थी। भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नई दिल्ली अब आतंकी हमलों के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है और वह सीमा पार दुश्मन के गढ़ में घुसकर हमला करने में सक्षम है।

शादी भारत में, तलाक विदेश में! कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से बदली कानूनी तस्वीर

बेंगलुरु  कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्याख्या करते हुए कहा है कि यदि पति या पत्नी में से कोई एक विदेश में निवास कर रहा है, तो भारत में संपन्न हुई शादी के बावजूद विदेशी अदालत में तलाक के मामले की सुनवाई की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में ऐसी किसी प्रक्रिया पर पूर्ण रोक नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने उस मामले में दिया, जिसमें तलाक के अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।   मामला क्या था मामले के अनुसार, दंपती का विवाह 15 दिसंबर 2018 को कोलकाता में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। पति ने 4 सितंबर 2024 को कोलकाता की अलीपुर अदालत में तलाक की याचिका दायर की। इसके बाद 10 अक्टूबर 2024 को पत्नी ने ब्रिटेन की एक अदालत में तलाक और भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का मामला दाखिल किया। पत्नी का कहना था कि वह वर्ष 2015 से ब्रिटेन में पहले छात्र वीजा और बाद में वर्क वीजा पर रह रही है, और पति-पत्नी के रूप में उनका अंतिम साझा निवास भी ब्रिटेन में ही था। निचली अदालत का फैसला और हाई कोर्ट की दखल ब्रिटेन की अदालत ने मई 2025 में पति को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन अलीपुर की निचली अदालत ने इस आदेश पर रोक लगा दी। निचली अदालत का मानना था कि चूंकि पति ने पहले भारत में तलाक की अर्जी दी थी और पत्नी के पास ब्रिटेन की स्थायी नागरिकता नहीं है, इसलिए विदेशी अदालत को अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है। हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस निर्णय को पलट दिया। हाई कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां हाई कोर्ट ने कहा कि पति ने स्वयं ब्रिटेन की अदालत में उपस्थित होकर गवाही और साक्ष्य प्रस्तुत किए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह वहां की न्यायिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल था। ऐसे में वह बाद में उस अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल नहीं उठा सकता। कोर्ट ने पति के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि ब्रिटेन में तलाक का आधार, विवाह का पूरी तरह टूट जाना, भारतीय कानून के अंतर्गत मान्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि जब वैवाहिक संबंध इस हद तक बिगड़ जाएं कि उनके सुधरने की कोई संभावना न बचे, तो इसे क्रूरता के समान माना जा सकता है और यह तलाक का वैध आधार हो सकता है। विदेशी अदालतों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यद्यपि हिंदू विवाह अधिनियम में जिला अदालत से तात्पर्य सामान्यतः भारतीय अदालतों से है, लेकिन बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में विदेशी अदालतों की सुनवाई को पूरी तरह अमान्य नहीं ठहराया जा सकता। 

नस्लीय टिप्पणी का विरोध बना मौत की वजह: देहरादून में आदिवासी छात्र की हत्या, त्रिपुरा में उबाल

देहरादून  उत्तराखंड के देहरादून में नस्लीय टिप्पणी के विरोध के बाद एक आदिवासी छात्र पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। छात्र का शव जब त्रिपुरा पहुंचा, तो पूरे राज्य में आक्रोश और शोक का माहौल बन गया। मृतक की पहचान अंजेल चकमा के रूप में हुई है, जो त्रिपुरा का रहने वाला था। अंजेल देहरादून स्थित जिज्ञासा विश्वविद्यालय में एमबीए के अंतिम वर्ष का छात्र था। हमले के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और कई दिनों तक अस्पताल में इलाज के दौरान जिंदगी से जूझता रहा, लेकिन आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।   क्या है मामला जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच देहरादून के सेलाकुई इलाके में अंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ किराने का सामान लेने गया था। इसी दौरान शराब के नशे में कुछ लोगों ने दोनों भाइयों पर नस्लीय टिप्पणियां कीं और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। विरोध करने पर हमलावरों ने मारपीट शुरू कर दी। माइकल के सिर पर वार किया गया, जबकि अंजेल की गर्दन और पेट में चाकू मारा गया। गंभीर हालत में अंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ अंजेल का पार्थिव शरीर दिल्ली के रास्ते अगरतला लाया गया। महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डा पर परिजन और कई नेता मौजूद रहे। वहां से शव को अंजेल के पैतृक गांव उनाकोटी ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार से पहले बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। केंद्र से हस्तक्षेप की मांग अंजेल की मौत के बाद परिजनों और विभिन्न छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के युवाओं के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों व हिंसा की घटनाओं पर सख्त कदम उठाने की अपील की है।

सांस लेना हुआ मुश्किल: दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, AQI 400+

नई दिल्ली देश की राजधानी में ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का कहर फिर से शुरू हो गया है। दिल्ली और उसके पड़ोसी इलाकों (NCR) में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 390 दर्ज किया गया है जो बहुत खराब श्रेणी में आता है लेकिन शहर के कई हिस्सों में यह आंकड़ा 400 के पार चला गया है जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर (Severe) स्थिति है। प्रदूषण के हॉटस्पॉट: कहां कितनी जहरीली है हवा? दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि वहां सांस लेना मुश्किल हो रहा है। नेहरू नगर इस समय दिल्ली का सबसे प्रदूषित इलाका बना हुआ है। इलाका     AQI स्तर     श्रेणी नेहरू नगर     442     गंभीर (Severe) पटपड़गंज     431     गंभीर (Severe) शादीपुर     429     गंभीर (Severe) आरके पुरम     412     गंभीर (Severe) सीरी फोर्ट     402     गंभीर (Severe) शिवाजी पार्क     400     गंभीर (Severe) सरकार का बड़ा फैसला: GRAP-4 की दो पाबंदियां अब स्थायी दिल्ली की हवा में बढ़ते जहर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू होने वाले ग्रैप-4 (GRAP-4) के तहत दो महत्वपूर्ण पाबंदियों को अब स्थायी (Permanent) कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब हवा में सुधार होने के बावजूद भी ये दो नियम लागू रहेंगे ताकि भविष्य में प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सके। क्या होता है AQI का मतलब? वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा को दर्शाता है।     0-50: अच्छा     51-100: संतोषजनक     301-400: बहुत खराब     401-500: गंभीर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 400 से ऊपर का AQI स्वस्थ लोगों को भी बीमार कर सकता है और पहले से बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।