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इंडिगो फ्लाइट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का रुख, याचिकाकर्ता ने मांगी तुरंत सुनवाई

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन के लगातार उड़ान रद्द होने और यात्रियों को हो रही भारी परेशानियों के बीच मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। यात्रियों के हित में दाखिल की गई जनहित याचिका में मांग की गई है कि एयरलाइन संकट पर तुरंत सुनवाई की जाए। CJI से हुई मुलाकात याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी. वाई. सूर्यकांत से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विशेष बेंच की स्थापना और मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की। संकटग्रस्त इंडिगो और DGCA की भूमिका DGCA ने एयरलाइन को कुछ छूट प्रदान करके परिचालन सामान्य करने में मदद की। इसके बावजूद इंडिगो की उड़ानें लगातार चौथे दिन बाधित रहीं। शुक्रवार को एयरलाइन ने 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द की, जिससे यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी एयरलाइन्स ने किराए बढ़ा दिए, वहीं ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ गई। DGCA ने इस मामले की जांच और आकलन के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें शामिल हैं: ➤ संयुक्त महानिदेशक संजय के ब्रम्हाने ➤ उप महानिदेशक अमित गुप्ता ➤ वरिष्ठ उड़ान संचालन निरीक्षक कैप्टन कपिल मांगलिक ➤ उड़ान संचालन निरीक्षक कैप्टन रामपाल याचिका में दावा: मानवीय संकट और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन याचिका में कहा गया है कि पायलटों के FDTL नियमों की योजना में गड़बड़ी के कारण यात्रियों को मानवीय संकट का सामना करना पड़ा है। याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 21 के तहत यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन बताया और वैकल्पिक यात्रा तथा मुआवजे की मांग की। स्पेशल ट्रेने और उड़ानों से संकट दूर करने में मिलेगी मदद ➤ इस संकट को कम करने के लिए अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं: ➤ SpiceJet ने 100 अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं। ➤ रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। ➤ 37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं। ➤ नागर विमानन मंत्रालय 24 घंटे कंट्रोल रूम से फ्लाइट ऑपरेशन, अपडेट और किराए की निगरानी कर रहा है।  

अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर फिर संघर्ष, गोलियां चलने के बाद पाक आर्मी और तालिबान ने छोड़ा इलाका

काबुल  अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं.  देर रात दोनों देशों की सीमा पर भारी गोलीबारी हुई है. इस सप्ताह की शुरुआत में हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद दोनों देशों के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों के अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि की जा रही है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों ने ही एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं. गोलीबारी की तीव्रता इतनी अधिक है कि डूरंड लाइन के दोनों ओर रहने वाले लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ जा रहे हैं. हालांकि राहत की बात है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.  अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी बलों ने कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक जिले में हमले किए. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के एक प्रवक्ता ने अफगान बलों पर चमन सीमा के पास बिना उकसावे की फायरिंग करने का आरोप लगाया. स्पिन बोल्डक क्षेत्र में दोनों देशों की सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष इतना बढ़ गया कि हल्के हथियारों से लेकर भारी फायरपावर का इस्तेमाल तक शुरू हो गया. अफगान बॉर्डर पुलिस के प्रवक्ता अबेदुल्लाह फारूकी ने दावा किया कि यह झड़प पाकिस्तान की ओर से शुरू हुई, जिसके जवाब में अफगान सैन्य बलों की बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई.  पाकिस्तानी पोस्ट खाली होने की रिपोर्ट पाक प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान पूरी तरह चौकन्ना है और अपनी क्षेत्रीय अखंडता तथा अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं अफगान मीडिया ‘खुरासान’ ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना 20 से अधिक चौकियां छोड़कर पीछे हट गई है. दोनों देशों के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है. झड़प कैसे भड़की? स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने सबसे पहले नागरिक इलाकों पर रॉकेट दागे, जिससे स्पिन बोल्डक में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. पाकिस्तानी सैनिकों ने अचानक ग्रेनेड दागा जबकि अफगान फोर्सेज संघर्षविराम का पालन कर रही थीं. अफगान प्रवक्ता फारूकी के अनुसार, सीजफायर टूटने पर अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई की गई. इसमें पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ बताया जा रहा है.   इसके बाद दोनों तरफ से गोलियों की बौछार और रॉकेट जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल शुरू हो गया. स्थानीय निवासियों ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से दागे गए कई मोर्टार सीधे रिहायशी इलाकों में गिरे, जिससे कई घर क्षतिग्रस्त हो गए. लोग लगातार गोलियों और धमाकों की आवाजों से दहशत में हैं और आशंका है कि स्थिति और बिगड़ सकती है. कई परिवार रातों-रात अपना सामान लेकर गांव छोड़ चुके हैं. सोशल मीडिया पर इस संघर्ष के कई वीडियो सामने आए हैं. इनमें तालिबान के संघर्ष के इलाके में रवानगी की सूचना दी जा रही है.  शांति वार्ता फिर विफल यह झड़प दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के नए दौर के दो दिन बाद हुई है. पिछले वीकेंड सऊदी अरब में हुई बातचीत किसी ठोस नतीजे के बिना समाप्त हो गई, हालांकि दोनों पक्ष नाज़ुक युद्धविराम को जारी रखने पर सहमत हुए थे. यह वार्ता कतर, तुर्की और सऊदी अरब द्वारा हाल के महीनों में आयोजित कई बैठकों की नवीनतम कड़ी थी, जिनका उद्देश्य अक्टूबर में हुई घातक सीमा झड़पों के बाद तनाव कम करना था. विवाद का ताजा मामला क्या है? इस समय पाकिस्तान, विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में, चरमपंथी घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से सक्रिय आतंकी समूह उसकी सीमा के भीतर हमलों को अंजाम दे रहे हैं, जिसमें अफगान नागरिकों से जुड़े कथित फिदायीन हमले भी शामिल हैं. काबुल में तालिबान प्रशासन इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि पाकिस्तान की सुरक्षा समस्याएं उसकी घरेलू चुनौतियों से जुड़ी हैं, इसके लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. अक्टूबर में दोनों देशों के बीच काफी हिंसक झड़प हुई थी. इसमें दर्जनों लोग मारे गए थे. यह 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से सीमा पर हुई सबसे भीषण हिंसा थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच तुर्की में शांति वार्ता हुई थी, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल पाया था.  सीमा विवाद दोनों देशों के बीच विवाद की असल वजह स्पिन बोल्डक पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा क्षेत्र पर पड़ता है. यहां पहले भी कई बार तनाव भड़क चुका है. यह व्यापार और आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पॉइंट है, लेकिन हर कुछ महीनों में यहां गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रहती हैं. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन है. यही दोनों देशों के बीच विवाद की असली वजह है. अफगानिस्तान इसे सीमा नहीं मानता. उसका कहना है कि पश्तून दोनों इलाकों में रहते हैं, ऐसे में इसका कोई हल निकाला जाना चाहिए. खैबर पख्नूख्वा का पाकिस्तानी क्षेत्र का इलाका इसी विवाद की भेंट चढ़ा रहता है. तालिबान सरकार की ओर से अभी कोई विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है. 

हुमायूं करेंगे बाबरी मस्जिद का शिलान्यास, हाई कोर्ट ने जारी किया सख्त निर्देश, सुरक्षा में CISF और 3 लाख लोगों की भीड़

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में आज बड़ी हलचल होने वाली है. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में आज यानी 6 दिसंबर का दिन खास है. आज यानी छह दिसंबर को टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर अपना वचन पूरा करने वाले हैं. जी हां, हुमायूं कबीर आज यानी शनिवार को ‘बाबरी मस्जिद जैसी ही एक मस्जिद का शिलान्यास करवाने वाले हैं. बेलडांगा में आज बाबरी जैसी मस्जिद का शिलान्यास समारोह है. यह एक विशाल कार्यक्रम होगा. इसके लिए सुरक्षा की पुख्ता तैयारी की गई है. माना जा रहा है कि मस्जिद का शिलान्यास सऊदी के मौलवी करेंगे. चलिए जानते हैं हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर कैसी तैयारी है और सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं. बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद के शिलान्यास समारोह में सऊदी अरब के मौलवियों के आने की संभावना है. यहां हजारों लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है, जिसके मद्देनजर अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. हुमायूं कबीर को इस मस्जिद की कीमत भी चुकानी पड़ी है. कांग्रेस और भाजपा से होते हुए टीएमसी में आए बागी नेता हुमायूं कबीर को बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया गया. बाबरी मस्जिद के शिलान्यास को लेकर कैसी तैयारी? सत्तारूढ़ टीएमसी ने कबीर के इस रवैये को संगठन के लिए बार-बार शर्मिंदगी भरा कदम बताया था. कबीर राजनीतिक घटनाक्रम और प्रशासनिक दबाव से बेपरवाह दिखे. कबीर ने संवाददाताओं से कहा कि शनिवार को मोरादघी के पास 25 बीघा जमीन पर लगभग 3 लाख लोग इकट्ठा होंगे. उन्होंने यह भी बताया कि कई राज्यों के धार्मिक नेताओं ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है. हुमायूं कबीर ने क्या कहा?     कबीर ने कहा, ‘सऊदी अरब से दो काजी सुबह कोलकाता हवाई अड्डे से एक विशेष काफिले में पहुंचेंगे.’ राज्य के एकमात्र उत्तर-दक्षिण मुख्य राजमार्ग एनएच (राष्ट्रीय राजगमार्ग)-12 के किनारे स्थित विशाल आयोजन स्थल पर तैयारियां उसी जोर-शोर से चल रही थीं जैसी आमतौर पर उच्च-स्तरीय राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए होती हैं. बिरयानी के 40 हजार पैकेट तैयार भीड़ के लिए शाही बिरयानी बनाने के लिए मुर्शिदाबाद की सात खानपान एजेंसियों को अनुबंध दिया गया है. विधायक के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि मेहमानों के लिए लगभग 40,000 पैकेट और स्थानीय निवासियों के लिए 20,000 पैकेट बनाए जा रहे हैं, जिससे सिर्फ भोजन का खर्च 30 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘आयोजन स्थल का बजट लगभग 60-70 लाख रुपये होगा.’ HC ने दिया सख्त निर्देश; CISF पहले से तैनात कोलकाता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में संभावित सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए जो भी आवश्यक हो, वह कदम तुरंत उठाए जाएं। यह निर्देश निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा 6 दिसंबर को प्रस्तावित बाबरी मस्जिद शिलान्यास कार्यक्रम के मद्देनजर दिया गया है। यह वही तारीख है जब 1992 में अयोध्या में बाबरी का ढांचा ढहाया गया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि राज्य सरकार को अपने रुख के अनुसार कार्य करना होगा… मुर्शिदाबाद में कानून-व्यवस्था कड़ाई से कायम रखी जानी चाहिए और नागरिकों के जीवन व संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। 8 महीने पहले भड़के थे दंगे हुमायूं कबीर का यह मस्जिद शिलान्यास कार्यक्रम ऐसे समय में प्रस्तावित है जब मुर्शिदाबाद आठ महीने पहले वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के विरोध में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से उबरा है। इस पृष्ठभूमि में प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतने का दावा किया है। राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पर्याप्त पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। उधर, उप सॉलिसिटर-जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि सीआईएसएफ की 19 कंपनियां पहले से इलाके में मौजूद हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 3500 की संयुक्त सुरक्षा टुकड़ी, जिसमें आरएएफ की यूनिटें शामिल हैं, वे शुक्रवार शाम से रेजीनगर और आसपास के इलाकों में मोर्चा संभाल चुकी है। बीएसएफ की दो कंपनियां एनएच-12 की सुरक्षा के लिए तैयार रखी गई हैं। इसी बीच, निलंबन के एक दिन बाद विधायक कबीर को रेजीनगर थाने तलब किया गया, जहां उनसे कई घंटे पूछताछ हुई। कबीर का दावा- कुरान पढ़ी जाएगी, कोई राजनीति नहीं होगी पूरे विवाद के बीच हुमायूं कबीर दिनभर कार्यक्रम की तैयारियों की निगरानी करते रहे। उन्होंने अपनी टीम से 30000 बिरयानी पैकेट मेहमानों के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही वे जमीअत उलेमा-ए-हिंद के कुछ अलग हुए गुटों और ऑल बंगाल इमाम मुअज्जिन एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से भी मिले। उन्होंने पत्रकारों से कहा- मुख्य कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। दो घंटे तक कुरान पढ़ी जाएगी। कोई भाषण नहीं होगा, कोई राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं होगा, न पार्टी के झंडे, न कोई राजनीतिक बयानबाजी। मैं 2,000 स्वयंसेवकों के साथ उपस्थित रहूंगा। सब जानते हैं… यह कोई नई बात नहीं है। टीएमसी का आरोप- विपक्ष की साजिश टीएमसी प्रवक्ता कुनाल घोष ने इस पूरे घटनाक्रम को साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि राज्य चुनावी वर्ष में प्रवेश कर रहा है और प्रतिद्वंदी दल टीएमसी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियाँ दोनों ही सतर्क मोड पर आ गई हैं। चौतरफ़ा सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को होने वाले इस कार्यक्रम पर पूरे प्रदेश की नज़र रहेगी। राज्यपाल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने बंगाल के लोगों से शांति बनाए रखने और भड़काऊ बयानों व अफवाहों से प्रभावित न होने का आग्रह किया। उन्होंने यह आग्रह तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई गई मस्जिद की आधारशिला रखने से पहले किया है। लोक भवन द्वारा सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर किए गए एक पोस्ट के अनुसार, बोस ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करे कि कहीं भी कोई अशांति न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने लोकभवन में तत्काल प्रभाव से 24×7 कार्यरत रहने वाला एक 'एक्सेस प्वाइंट सेल' बनाने का भी निर्देश दिया … Read more

राष्ट्रपति ट्रंप को मिला ‘शांति पुरस्कार’, खुद उठाकर पहने सम्मान की माला

वाशिंगटन  नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर रहे डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल तो नहीं लेकिन फीफा शांति पुरस्कार जरूर मिल गया है। फुटबॉल की वैश्विक संस्था (FIFA) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने नए फीफा शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार खेल से इतर वैश्विक शांति को ध्यान में रखकर बनाया गया है और ट्रंप इसके पहले विजेता हैं। फीफा ने क्यों दिया यह पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रेम किसी से छिपा नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि फीफा द्वारा इस साल से शुरू किया जा रहा है शांति पुरस्कार ट्रंप को ही मिलेगा। वैसे बी फीफा के वर्तमान अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को ट्रंप का करीबी माना जाता है। वह कई बार खुले तौर पर इस बात को कह चुके हैं कि गाजा संघर्ष में युद्धविराम करवाने के लिए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना ही चाहिए। फीफा के अगले विश्वकप के लिए आयोजित किए जा रहे एक कार्यक्रम में जियानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए ट्रंप को यह पुरस्कार देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, "यह आपके लिए एक सुंदर मेडल है, जिसे आप जहां चाहें, वहां पहन सकते हैं।" इसके बाद ट्रंप ने तुरंत ही इसे अपने गले में डाल लिया। इसके साथ ही ट्रंप को एक सर्टिफिकेट भी दिया गया, जिसमें ट्रंप को 'दुनिया में शांति और एकता बढ़ाने में योगदान' देने वाला बताया गया। इसके अलावा जियानी ने ट्रंप को एक सोने की ट्राफी भी भेंट की। इस पर आगे ट्रंप का नाम लिखा हुआ था। उन्होंने कहा, "आप इस शांति पुरस्कार के योग्य हैं, अपनी कोशिशों और उपलब्धियों के लिए। फीफा शांति पुरस्कार मिलने के बाद ट्रंप उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा, "यह मेरे जीवन के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है।" इसके बाद उन्होंने अपने परिवार, खासतौर पर अपनी पत्नी मेलानिया का धन्यवाद दिया और मेजबान देशों कनाडा और मेक्सिको के नेताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह तीनों देशों के लिए बेहतर रहेगा।

मुंबई और दिल्ली में आज भी रद्द हैं इंडिगो की फ्लाइट्स, CSMIA पर 109 फ्लाइट्स प्रभावित

  नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन में आई अचानक स्टाफ-शॉर्टेज और तकनीकी मैनेजमेंट से जुड़ी समस्या ने पूरे देश में हजारों यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया. दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम सहित कई एयरपोर्टों पर बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द या लेट हो रही हैं, जिससे एयरपोर्ट टर्मिनलों पर भारी भीड़ है. कई जगह यात्रियों ने नाराजगी जताई, और सोशल मीडिया पर इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है. इंडिगो के बेड़े और कनेक्टिविटी नेटवर्क की वजह से पूरे देश में इसका असर दिखा है. देर रात एयरपोर्ट प्राधिकरण और इंडिगो की ओर से एडवाइजरी जारी की जाती रहीं, मगर स्थिति देर रात 12 बजे तक भी संभलने में वक्त लग रहा था. दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी. इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) दिल्ली ने रात में पैसेंजर एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया कि हम आपको अपडेट करना चाहते हैं कि इंडिगो की फ्लाइट सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं. यात्रियों से अनुरोध है कि घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति अवश्य जांच लें. इसके साथ ही IGI ने अपनी वेबसाइट व एयरलाइंस से सीधे संपर्क करने की सलाह दी. सोशल मीडिया पर यह एडवाइजरी दिल्ली एयरपोर्ट के आधिकारिक X हैंडल से शेयर की गई. दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनलों पर रात के समय भीड़ है, क्योंकि कई यात्री अनिश्चितता के बीच अगले अपडेट का इंतजार करते रहे. दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों का बुरा हाल – मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज भी इंडिगो की फ्लाइट रद्द होने का सिलसिला जारी है. आज मुंबई से 109 फ्लाइट्स सुबह 9:00 बजे तक रद्द की गई हैं, जिनमें 51 अराइवल और 58 डिपार्चर फ्लाइट हैं. जिन लोगों ने मुंबई से वापस जाने के लिए इंडिगो की फ्लाइट की टिकट ली थी, वह भी कैंसल करवाने के लिए कतार में खड़े हैं. उनका कहना है कि इंडिगो की ऑनलाइन सेवा भी काम नहीं कर रही है. कस्टमर केयर सपोर्ट सिर्फ नाम के लिए ही बचा है, कोई फोन नहीं उठाता. – दिल्ली की बात करें तो यहां IGI एयरपोर्ट के अनुसार, प्लान्ड इंडिगो कैंसलेशन 86 हैं. इनमें 37 डिपार्चर फ्लाइट्स और 49 अराइवल फ्लाइट्स शामिल हैं. – चंडीगढ़ में इंडिगो की अब तक दस उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. बेंगलुरु, लखनऊ, लेह, श्रीनगर, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद और कुछ अन्य शहरों की उड़ानें रद्द हुई हैं. आज यात्रियों को पहले से जानकारी होने के कारण इंडिगो काउंटर पर यात्रियों की संख्या बहुत कम है. – बैंगलोर की बात करें तो यहां 63 डिपार्चर फ्लाइट रद्द हुई हैं. वहीं 61 अराइवल रद्द हैं.  – हैदराबाद में इंडिगो की तरफ से प्लान्ड कैंसलेशन जानकारी दी गई है, इमें अराइवल 26 और डिपार्चर 43 फ्लाइट्स रद्द हैं. यहां कुल 69 फ्लाइट्स कैंसल हैं. – त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर निर्धारित इंडिगो उड़ानों की कुल संख्या डोमस्टिक अराइवल 11 और डिपार्चर 11 हैं. यहां इंटरनेशनल अराइवल 2, डिपार्चर 2 हैं. अब तक रद्द उड़ानें डोमस्टिक अराइवल 4, डोमस्टिक डिपार्चर 5 हैं. ये फ्लाइट्स दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए थीं. – पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो स्टेटस सामने आया है. एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, आज पुणे से शेड्यूल की गई कुल 42 इंडिगो फ्लाइट्स कैंसल कर दी गई हैं. जो फ्लाइट्स शाम 4 बजे के बाद ऑपरेट होने वाली थीं, वे पहले लेट हो गई थीं, लेकिन अब सभी इंडिगो डिपार्चर कैंसल हैं. अहमदाबाद एयरपोर्ट: 7 अराइवल और 12 डिपार्चर फ्लाइट रद्द अहमदाबाद हवाई अड्डे पर स्थिति सबसे गंभीर रही. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 12 AM से 6 AM के बीच 7 आगमन (Arrivals) उड़ानें रद्द हुई हैं, इसी के साथ 12 प्रस्थान (Departures) रद्द हुईं. यानी कुल 19 इंडिगो उड़ानें प्रभावित रहीं. इससे एयरपोर्ट परिसर के बाहर और भीतर यात्री परेशान रहे. कई यात्रियों ने कहा कि उन्हें एयरलाइन की ओर से समय पर सही जानकारी नहीं मिली. चेन्नई एयरपोर्ट पर इंडिगो की कई फ्लाइट्स कैंसल चेन्नई एयरपोर्ट से इंडिगो की उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द होने के बीच एयरलाइन का एक आंतरिक पत्र सामने आया है. 6 दिसंबर 2025 को जारी इस पत्र में इंडिगो के ड्यूटी मैनेजर ने CISF के असिस्टेंट कमांडेंट को लिखा है कि रद्द की गई उड़ानों के यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश की अनुमति न दी जाए, ताकि एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. इसमें कुल 29 फ्लाइट का जिक्र है, जिन्हें दिनभर विभिन्न शहरों के लिए रवाना होना था, लेकिन सभी को ऑपरेशनल कारणों से रद्द कर दिया गया. इनमें चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर, अहमदाबाद, गोवा, लखनऊ, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पटना, पुणे और कोच्चि जैसी प्रमुख रूटों की उड़ानें शामिल हैं. रद्द हुई उड़ानों के निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे से लेकर देर रात 11:15 बजे तक फैले हुए थे, यानी लगभग पूरे दिन की शेड्यूलिंग प्रभावित हुई. रद्द की गई फ्लाइट की सूची (समय सहित)     फ्लाइट नं.    सेक्टर                               निर्धारित समय     6E 845       चेन्नई – पोर्ट ब्लेयर (IXZ)           10:30     6E 6374     चेन्नई – अहमदाबाद                  11:40     6E 973       चेन्नई – गोवा                            12:20     6E 515      चेन्नई – लखनऊ                        12:40     6E 2578    चेन्नई – अहमदाबाद                   12:45     6E 6058    चेन्नई – मुंबई                            12:55     6E 6055    चेन्नई – बेंगलुरु                         13:15     6E 5837    चेन्नई – मुंबई                            14:45     6E 902      चेन्नई – जबलपुर                        15:45     6E 979      चेन्नई – गुवाहाटी                  … Read more

इतिहास रचने को तैयार कोलकाता : ब्रिगेड मैदान में 5 लाख से अधिक श्रद्धालु करेंगे सामूहिक गीता पाठ

कोलकाता  बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार यानी  7 दिसंबर को सामूहिक गीता पाठ की तैयारियां पूरी हो गई हैं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले इस आयोजन में पांच लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह जानकारी शुक्रवार को यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में गीता पाठ कार्यक्रम के अध्यक्ष और सनातन संस्कृति संसद के सभापति स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज ने दी। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया गया स्वामी निर्गुणानंद महाराज ने बताया कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित देश भर के प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। कायक्रम में मुख्य अतिथि पद्मभूषण साध्वी ऋतंभरा होंगी। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, बाबा रामदेव, जितेन्द्रानन्द और गोरखपुर के गीताप्रेमी संत भी उपस्थित रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह देश का सबसे बड़ा गीता पाठ होगा। इससे पहले नवद्वीप, कोलकाता और सिलिगुड़ी में सफल गीता यज्ञ का आयोजन हो चुका है। कई राज्य के लोग होगे शामिल इस बार असम, त्रिपुरा, दिल्ली, बिहार और ओडिशा सहित कई राज्यों से लोगों के आने की उम्मीद है। नेपाल और बांग्लादेश से भी संत और गीता प्रेमियों को आमंत्रण भेजा गया है। कार्तिक महाराज ने बताया कि इस कार्यक्रम का किसी भी प्रकार की राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उद्देश्य केवल आम लोगों तक सनातन की मूल भावना और गीता के संदेश को पहुंचाना है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का पंजीकरण आवश्यक नहीं है। हर इच्छुक व्यक्ति आ सकता है। कुल 25 गेट बनाए जा रहे हैं और पूरा परिसर अर्ध चंद्राकार संरचना में तैयार किया जा रहा है। सभी प्रतिभागियों को गीता की प्रति नि:शुल्क दी जाएगी। पार्थ सारथी, चैतन्य और शंकराचार्य तीन मंच बनाए गए हैं जिन पर क्रमशः प्रथम, नवम और 18वां अध्याय का पाठ होगा। सुबह 8 बजे वैदिक पाठ का संचालन रविंद्रनाथ भट्टाचार्य करेंगे जो कलकत्ता विश्वविद्यालय के डीन रहे हैं। 9.30 बजे से प्रवचन शुरू होंगे और 11.30 बजे तक जारी रहेंगे। शंख ध्वनि और उलूक ध्वनि के साथ पूरे परिसर का माहौल आध्यात्मिक बनाया जाएगा। 12.30 बजे तक सामूहिक गीता पाठ पूरा होगा और अंत में गीता पाठ के उद्देश्य का संकल्प पाठ कराया जाएगा।  

अगली किस्त पाने के लिए जरूरी हुई यह खास ID, बिना इसके नहीं आएंगे ₹2000

नई दिल्ली  देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना में एक अहम बदलाव कर दिया है। अब अगली किस्त पाने के लिए किसानों के पास एक नई किसान ID (Farmer ID) होना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना इस ID के किसानों के खाते में पैसा जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे में जिन किसानों ने यह ID अभी तक नहीं बनवाई है, उनके लिए यह बड़ा अलर्ट है क्योंकि नियम पूरा न होने पर किस्त अटक सकती है। क्यों जरूरी हुई किसान ID? केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य है-     किसानों को बिचौलियों से बचाना     फर्जी किसानों की पहचान करना     जमीन, फसल और अन्य कृषि संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप से जोड़ना इसी प्रक्रिया के तहत 14 राज्यों में नया नियम लागू कर दिया गया है। अब पीएम किसान का लाभ पाने के लिए किसान के पास यह विशेष ID होना अनिवार्य है। किसान ID कैसे बनवाएं? सरकार ने आवेदन की प्रक्रिया को आसान रखा है। किसान तीन तरीकों से अपनी किसान ID बनवा सकते हैं-     सेल्फ रजिस्ट्रेशन- किसान खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।     कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आवेदन- नजदीकी CSC पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।     स्थानीय कृषि कार्यालय में आवेदन- अपने कृषि विभाग कार्यालय में दस्तावेज जमा कर ID के लिए अप्लाई कर सकते हैं।   इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी     आधार कार्ड     जमीन संबंधी दस्तावेज     बैंक विवरण     अन्य आवश्यक कृषि दस्तावेज सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि अगली किस्त समय पर पाने के लिए जल्द से जल्द किसान ID बनवाने की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि लाभ मिलने में कोई बाधा न आए।

पाकिस्तान का परमाणु ‘बटन’ अब असीम मुनीर के पास, क्या बढ़ेगा भारत के लिए खतरा?

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने शुक्रवार को फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की शक्तियों को बढ़ाते हुए उन्हें पांच साल के लिए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) नियुक्त किया है। यह पद तीनों सेनाओं में समन्वय स्थापित करने के लिए बनाया गया है। यह उन्हें देश के न्यूक्लियर हथियारों और मिसाइल सिस्टम को मैनेज करने की शक्ति देता है, जिससे वह पाकिस्तान के सबसे शक्तिशाली सैन्य व्यक्ति बन गए हैं। पांच साल के लिए होगी तैनाती पाकिस्तान के पीएम कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि यह नियुक्ति अगले पांच साल के लिए होगी। इसके साथ ही पीएम ने वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर को दो वर्ष का विस्तार भी प्रदान किया है। आसिम मुनीर को मिल रहा प्रमोशन लगातार विवादों में रहा है। उन्हें कुछ महीने पहले ही फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया था, जो पाकिस्तान के इतिहास में दूसरी बार हुआ था। इससे पहले यह सम्मान केवल जनरल अय्यूब खान को मिला था।   नियम के तहत मुनीर को गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान की संसद ने एक कानून भी पारित किया, जिसके तहत आसिम मुनीर आजीवन वर्दी में रहेंगे और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। विपक्ष, विशेष रूप से पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि इतने व्यापक अधिकार और सुरक्षा प्रदान करना लोकतंत्र के ढांचे को कमजोर करता है। यह नियुक्ति चेयरमैन, ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के समाप्त किए गए पद की जगह लेती है। आसिम मुनीर ने पाकिस्तान में फैलाया झूठ मई में ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई की थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) को अंततः भारत से संघर्ष विराम के लिए विनती करनी पड़ी। इसके बावजूद, सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर ने पूरे पाकिस्तान में यह झूठा प्रचार किया कि पाकिस्तान ने भारत पर जीत दर्ज की है। इस दावे के बाद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें पदोन्नत करते हुए फील्ड मार्शल बना दिया था। 

हवाई सफर में संकट, रेल ने संभाला मोर्चा: 4 प्रीमियम ट्रेनों में बढ़ाई गई सीटें, देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में पिछले कई दिनों से जारी बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन और देरी की वजह से हवाई यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए भारतीय रेलवे ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए यात्रियों को वैकल्पिक और भरोसेमंद विकल्प देने का फैसला किया है। रेलवे ने आज (5 दिसंबर 2025) से चार सबसे व्यस्त और लोकप्रिय प्रीमियम ट्रेनों में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाने की घोषणा की है। इससे दिल्ली-जम्मू, दिल्ली-डिब्रूगढ़, दिल्ली-चंडीगढ़ और दिल्ली-अमृतसर रूट पर यात्रा करने वालों को तत्काल राहत मिलेगी।    ये ट्रेनें हुईं अपग्रेड ट्रेन का नाम एवं नंबर     जोड़ा गया अतिरिक्त कोच नई दिल्ली – जम्मू तवी राजधानी एक्सप्रेस (12425/12426)     → एक अतिरिक्त थर्ड एसी (3A) कोच नई दिल्ली – डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस (12423/12424)     → एक अतिरिक्त थर्ड एसी (3A) कोच नई दिल्ली – चंडीगढ़ शताब्दी एक्सप्रेस (12045/12046)     → एक अतिरिक्त चेयर कार (CC) कोच नई दिल्ली – अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस (12029/12030)     → एक अतिरिक्त चेयर कार (CC) कोच रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ये अतिरिक्त कोच आज से ही संबंधित ट्रेनों में लगने शुरू हो गए हैं और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को सबसे पहले कन्फर्म सीटें दी जा रही हैं। यात्रियों के लिए सलाह अगर आप आने वाले दिनों में इन रूट्स पर हवाई यात्रा की योजना बना रहे थे और आपकी फ्लाइट कैंसिल हो गई है, तो तुरंत IRCTC वेबसाइट या ऐप पर इन ट्रेनों में सीट उपलब्धता चेक करें। राजधानी और शताब्दी में अक्सर लास्ट मिनट में भी कन्फर्मेशन मिलने की संभावना बढ़ गई है। रेलवे का यह कदम न सिर्फ इंडिगो के यात्रियों को बड़ी राहत देगा बल्कि त्योहारी सीजन में बढ़ती भीड़ को मैनेज करने में भी मदद करेगा।  

गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक: राष्ट्रपति पुतिन ने विश्व शांति में योगदान को बताया अमूल्य

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति ने एक विजिटर बुक पर हस्ताक्षर भी किया, जिस पर एक संदेश लिखा था। महात्मा गांधी के लिए दिए संदेश में पुतिन ने लिखा कि आधुनिक भारत के संस्थापकों में से एक के रूप में उन्होंने विश्व शांति के लिए अमूल्य योगदान दिया। राजघाट परिसर के सम्मानीय विजिटर्स की बुक पर हस्ताक्षर करते हुए, पुतिन ने कहा कि महात्मा गांधी ने नए, ज्यादा न्यायपूर्ण, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का अंदाजा लगाया था जो अभी अपने शुरुआती दौर में है। महात्मा गांधी के रूस के साथ कई जुड़ाव थे जो दोनों देशों के साझा इतिहास का हिस्सा हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने लिखा, "आधुनिक भारत के फाउंडर्स में से एक, महान दार्शनिक और मानवतावादी महात्मा गांधी ने विश्व शांति में एक बहुमूल्य योगदान दिया। आजादी, अच्छाई और इंसानियत पर उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।" उन्होंने आगे कहा, "महात्मा गांधी ने लियो टॉल्स्टॉय को लिखे अपने खतों में, दुनिया के भविष्य के बारे में विस्तार से बात की थी, जो आदेश और दबदबे से आजाद हो, और लोगों के बीच बराबरी, आपसी सम्मान और सहयोग के सिद्धांत पर आधारित हो। और यही वो सिद्धांत और महत्व हैं जिनका रूस और भारत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिलकर बचाव करते हैं।" विदेश राज्य मंत्री (एमओएस) कीर्ति वर्धन सिंह के साथ, राष्ट्रपति पुतिन ने राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैदराबाद हाउस पहुंचे और वहां पर अपनी द्विपक्षीय वार्ता शुरू की। बैठक को पीएम मोदी ने संबोधित किया और भारत और रूस के संबंधों के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर अपना पक्ष साफ शब्दों में रखा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का पक्ष बिल्कुल साफ है कि हम शांति के साथ हैं। पीएम मोदी ने कहा, "कल से डेलिगेशन के लोग अनेक बैठकों में व्यस्त रहे हैं। बहुत सारे नतीजों के साथ ये समिट आगे बढ़ रही है। राष्ट्रपति जी, आपकी ये यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला और पहली बार भारत की यात्रा हुई आज उसे 25 साल हो गए हैं। उस पहली यात्रा में ही रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी गई थी। मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर यह खुशी की बात है कि आपके साथ मेरे परिचय और संबंधों को भी 25 साल हो गए। मैं मानता हूं कि 2001 में आपने जो भूमिका अदा की, एक विजनरी नेता कैसे सोचता है, कहां से शुरू करता है और संबंधों को कहां तक पहुंचा सकता है, इसका शानदार उदाहरण भारत और रूस का संबंध है।" रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कहा, "यूक्रेन के संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है। आपने भी समय-समय पर एक सच्चे मित्र के रूप में हमें सभी चीजों से अवगत कराया। विश्वास बड़ी ताकत है। आपसे मैंने अनेक बार इस विषय की चर्चा भी की है और विश्व की समझ भी मैंने रखी है। विश्व का कल्याण शांति के मार्ग पर ही है। हम सबको मिलकर शांति के मार्ग तलाशने चाहिए।"