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दिल्ली विस्फोट पर उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया: कश्मीरी होने का मतलब आतंकी होना नहीं है

जम्मू  जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हर कश्मीरी को आतंकवाद से जुड़ा बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का हर निवासी आतंकवादी नहीं है या आतंकवादियों से जुड़ा नहीं है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में नई दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले की निंदा की, जिसमें कम से कम 12 लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा, "घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। बेगुनाह लोगों का कत्ल करने की इजाजत कोई मजहब नहीं देता है। कार्रवाई चल रही है और जांच होती रहेगी, लेकिन हमें ख्याल रखना होगा कि जम्मू-कश्मीर का हर नागरिक आतंकवादी नहीं है और न ही वह आतंकियों के साथ है।" उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सिर्फ चंद लोग हैं, जिन्होंने यहां अमन और भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा कि जब हम जम्मू-कश्मीर के हर निवासी और हर कश्मीरी मुसलमान को एक ही विचारधारा से देखते हैं और सोचते हैं कि उनमें से हर एक आतंकवादी है, तो लोगों को सही रास्ते पर रखना मुश्किल हो जाता है। दिल्ली कार ब्लास्ट के आतंकियों के पेशेवर पृष्ठभूमि (जिनमें डॉक्टर भी शामिल हैं) से होने पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पढ़े-लिखे लोग भी ऐसी चीजों में शामिल नहीं होते हैं। उन्होंने कहा, "क्या हमने इससे पहले विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों को नहीं देखा? मैं इस बात से स्तब्ध हूं कि उन्हें नौकरी से निकाल तो दिया गया, लेकिन उसके बाद किस तरह की जांच की गई? मुकदमा क्यों नहीं चलाया गया?" इस दौरान, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस हादसे के लिए कसूरवार को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बेगुनाह लोगों को इससे बाहर रखना होगा। उन्होंने फिर से दोहराया कि वे सिर्फ चंद लोग हैं जो हमले के लिए जिम्मेदार हैं। बता दें कि दिल्ली कार ब्लास्ट और फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के दौरान पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों में से अधिकतर जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं।

‘सर्वेसर्वा’ बने असीम मुनीर! सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां सीमित, राजनीति में मचा तूफ़ान

नई दिल्ली  पाकिस्तान में 27वें संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। ऐसे में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर अब तीनों सेना के प्रमुख बन गए हैं। पाकिस्तान के इतिहास में यह बड़ा बदलाव हुआ है। पाकिस्तानी असेंबली में इस बिल को 234 मतों के साथ पास किया गया। असीम मुनीर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) होंगे। असीम 27 नवंबर से इस पद का कार्यभार संभालेंगे। इसके बाद परमाणु हथियारों का भी कमांड उन्हीं के हाथों में होगा। हैरानी की बात यह है कि इस संशोधन के साथ ही मुनीर की शक्तियां बढ़ गईं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों में कमी आई है। इस संशोधन के प्रावधान के तहत मुनीर अब अपने कार्यकाल को समाप्त करने के बाद भी इन शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। वह ना तो रिटायर होंगे, ना उनसे यह पद लेकर किसी और को दिया जाएगा। आसान सी भाषा में कहें, तो अब वह सर्वेसर्वा होंगे। संशोधन के अनुसार, सभी संवैधानिक मामलों को कोर्ट से हटाकर फेडरल कांस्टीट्यूशनल कोर्ट (एफसीसी) में शिफ्ट किया जाएगा। इसके तहत अब जजों की नियुक्ति भी सरकार ही करेगी। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, 27वें संशोधन में आखिरी समय में कुछ बदलाव किया गया। इसके तहत फिलहाल वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान (सीजेपी) याह्या अफरीदी अपने कार्यकाल के दौरान सीजेपी के पद पर ही रहेंगे। सीजेपी अफरीदी ने अक्टूबर 2024 में 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी, ऐसे में उनका कार्यकाल तीन साल बाद खत्म होगा। संशोधन के अनुसार सीजेपी का मतलब दोनों मुख्य न्यायाधीशों में से वरिष्ठ न्यायाधीश है। यह प्रावधान अफरीदी के अपने पद से सेवानिवृत्त होने के बाद लागू होगा। यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी उनकी ताकत छीन ली गई है। मुनीर पहले पर्दे के पीछे से सरकार संभाल रहे थे, लेकिन अब लग रहा है कि वह पर्दे से बाहर आकर सत्ता संभालेंगे। दरअसल, नेशनल कमांड अथॉरिटी पहले परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम की निगरानी और कंट्रोल करती थी। इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री करते थे। हालांकि, इस पर भी मुनीर का कंट्रोल होगा। विपक्ष इस संशोधन के खिलाफ आवाज उठा रहा है। पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ जमकर इसका विरोध कर रही है। पीटीआई नेताओं ने ना केवल सत्र का बहिष्कार किया, बल्कि विधेयक की प्रतियां भी फाड़ दी। तहरीक तहफ्फुज-ए-आइन-ए-पाकिस्तान ने इस संशोधन के खिलाफ जन आंदोलन का ऐलान भी किया है। हालांकि, यह आंदोलन कब होगा, इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

एलजी मनोज सिन्हा का बड़ा बयान: ‘आतंकवाद विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा

जम्मू  जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को जम्मू यूनिवर्सिटी के 19वें (द्वितीय विशेष) दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान, उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वालों और स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया। जम्मू यूनिवर्सिटी के विशेष दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने छात्रों और शिक्षकों से बदलाव को अपनाने और कौशल-प्रधान पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज की मांगों को पूरा करने के लिए उभरते रुझानों के साथ तालमेल बनाए रखने समेत अलग-अलग विषयों में सहयोग करने की भी अपील की। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कार्यक्रम के दौरान दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "10 नवंबर को दिल्ली में हुए बम विस्फोटों में जिन लोगों को हमने खोया है, मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने कहा, "मेरा मानना ​​है कि आतंकवाद विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है। जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से इस आतंक का दंश झेल रहे हैं। अब वहां के युवा नए सपने देख रहे हैं और हमें उन्हें उन मुकामों तक पहुंचने के लिए पंख देने में मदद करनी चाहिए, जिनकी देश और दुनिया का हर युवा आकांक्षा रखता है।" मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वालों और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई दी और सभी विषयों में छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधारों पर जोर दिया और जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों में पहुंच, गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मिशन युवा' शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और मानसिक स्वास्थ्य के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रमुख पहल है, जो उन्हें न सिर्फ रोजगार के लिए, बल्कि नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के लिए भी तैयार करती है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "शिक्षा परिवर्तन का मूल है। विश्वविद्यालय ने आपमें निवेश किया है। अब अपने आसपास की दुनिया में निवेश करें। सफलता इसमें नहीं है कि आप अपने लिए क्या हासिल करते हैं, बल्कि इसमें है कि आप समाज के लिए क्या योगदान देते हैं।"

ढाका में कूटनीतिक हलचल: शेख हसीना के इंटरव्यू पर बांग्लादेश का विरोध

ढाका  बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हालिया इंटरव्यू को लेकर तल्ख प्रतिक्रिया दी है। भारतीय मीडिया के साथ पूर्व पीएम हसीना का एक इंटरव्यू सामने आया है। इसे लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारतीय उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किया। बांग्लादेशी मीडिया ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारतीय उप उच्चायुक्त पवन बधे को तलब कर औपचारिक रूप से नाराजगी जाहिर की। बांग्लादेशी मीडिया ने राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया कि भारतीय राजनयिक से नई दिल्ली को बांग्लादेश के उस अनुरोध से अवगत कराने को कहा गया था, जिसमें हसीना की मीडिया तक पहुंच रोकने की बात कही गई थी। बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि हाल ही में एएफपी, रॉयटर्स और द इंडिपेंडेंट (यूके) ने पूर्व पीएम शेख हसीना का इंटरव्यू लिया था। बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ। इस दौरान बांग्लादेश में भारी हिंसा देखने को मिली। पूर्व पीएम शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा। उस समय से पूर्व पीएम भारत में ही रह रही हैं। वहीं, बांग्लादेश में शेख हसीना के ऊपर अपराध और नरसंहार समेत अन्य कई आरोपों में मामला दर्ज है। हसीना ने बीते कुछ समय में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को भी इंटरव्यू दिए हैं। अपने इंटरव्यू के दौरान शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार को जमकर घेरा। बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि शेख हसीना के हालिया इंटरव्यू से देश में बवाल मच सकता है। शेख हसीना और दो अन्य के खिलाफ पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने सजा सुनाने की तारीख पर फैसला सुनाया है। आईसीटी-1 ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ सजा सुनाने की तारीख 17 नवंबर तय की है। जस्टिस मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मजूमदार, जस्टिस मोहम्मद शफीउल आलम महमूद, और जस्टिस मोहम्मद मोहितुल हक इनाम चौधरी की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय बेंच ने यह तारीख तय की।

उपचुनाव रिजल्ट 2025: 7 राज्यों की 8 सीटों पर कल खुलेगा मतगणना का पिटारा

नई दिल्ली देश के सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आठ विधानसभा सीटों पर मंगलवार (11 नवंबर) को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। अब 14 नवंबर (शुक्रवार) को इन चुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। जिन सीटों पर मतदान हुआ उनमें जम्मू-कश्मीर की बडगाम और नगरोटा, झारखंड की घाटशिला, पंजाब की तरनतारन, राजस्थान की अंता, तेलंगाना की जुबली हिल्स, मिजोरम की डम्पा और ओडिशा की नुआपाड़ा विधानसभा सीट शामिल हैं। झारखंड की इस सीट पर आएंगे उपचुनाव के नतीजे झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव हुआ था। इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प है, क्योंकि यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार सोमेश सोरेन, जो पूर्व विधायक रामदास सोरेन के बेटे हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन के बीच सीधी टक्कर है। इस उपचुनाव में कुल 13 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर की बडगाम और गांदेरबल विधानसभा सीट उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में बडगाम और गांदेरबल दो सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने बडगाम सीट से इस्तीफा दे दिया, जिस वजह से इस सीट पर अब उपचुनाव कराया गया है। वहीं, नगरोटा सीट बीजेपी विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के कारण खाली हुई थी। राजस्थान की अंता सीट राजस्थान की अंता सीट पर उपचुनाव इसलिए हुए हैं क्योंकि बीजेपी नेता कंवर लाल मीणा को 2005 के एक पुराने मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हैदराबाद की जुबली हिल्स विधानसभा सीट हैदराबाद की जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर कांग्रेस, बीआरएस और बीजेपी के बीच महामुकाबला है। कल यानी 13 नवंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच नतीजे आने की उम्मीद है। कहां देखें उपचुनाव के नतीजे? उपचुनाव के नतीजे और अपडेट आप चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, एबीपी न्यूज की वेबसाइट या फिर एबीपी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर लाइव देख सकते हैं.     ECI की वेबसाइट: (https://www.eci.gov.in/)     एबीपी न्यूज की वेबसाइट: (https://lalluram.com/)  

कड़ाके की सर्दी का प्रहार! कई राज्यों में शीतलहर का IMD अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

नई दिल्ली  देशभर में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत में ठंड का प्रकोप (Weather Update) और तेज़ होगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 16 नवंबर तक शीतलहर (Cold Waves) की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है।   उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे की चपेट हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में तापमान 0°C से नीचे चला गया है। लाहौल-स्पीति, मनाली, नैनीताल, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 16 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाने और हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई गई है।   MP और CG में शीतलहर MP में वर्तमान में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने और लगातार सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन बरकरार है। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में लगातार पांच दिन तक तीव्र शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, मौसम का इस तरह का मिजाज अभी तीन-चार दिन तक और बना रह सकता है। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ठंड ने दस्तक दे दी है। IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 16 नवंबर तक छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना है।   मौसम विभाग ने ओडिशा, हरियाणा, हिमाचल, असम, दिल्ली और चंडीगढ़ में हल्के से घने कोहरे की चेतावनी दी है। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 418 दर्ज किया गया, जो “गंभीर श्रेणी” में आता है। प्रदूषण के साथ अब कोहरे की परत ने भी शहर को ढक लिया है, जिससे दृश्यता में भारी गिरावट आई है। दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। 13 नवंबर 2025 को केरल, तमिलनाडु, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यद्वीप में आंधी-तूफान, गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। UP में तापमान में गिरावट उत्तर प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य है, लेकिन पछुआ हवाओं ने न्यूनतम तापमान में गिरावट ला दी है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि लखनऊ और पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी होगी। बिहार में ठंड और धुंध का असर बिहार में सुबह-शाम धुंध और ठंड का असर बना हुआ है, जबकि दिन में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य में ठंड और बढ़ सकती है।  

प्रदूषण से लड़ाई तेज: सभी राज्यों में चेस्ट क्लीनिक खोलने और डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटना है। केंद्र ने निर्देश दिया है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में 'चेस्ट क्लीनिक' (Chest Clinics) का संचालन सुनिश्चित किया जाए।   'राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम' के तहत पहल यह पहल राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (NPCC H H) के तहत की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदूषण बढ़ने के कारण श्वसन (Respiratory) और हृदय (Cardiovascular) संबंधी बीमारियों के मामलों में तेज़ी आती है इसलिए अस्पतालों को विशेष तैयारी रखनी होगी। क्लीनिकों के संचालन पर मुख्य निर्देश: सक्रियता की अवधि: आमतौर पर जिन महीनों में वायु प्रदूषण सबसे अधिक होता है (यानी सितंबर से मार्च) उन महीनों के दौरान इन क्लीनिकों से प्रतिदिन कम-से-कम दो घंटे तक काम करने की अपेक्षा की जाती है। स्थापना स्थल: ये चेस्ट क्लीनिक शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए जा सकते हैं। कवरेज: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत ऐसे सभी क्लीनिकों को कवर किया जाएगा।   रोगियों की जांच, उपचार और रिकॉर्ड रखना अनिवार्य परामर्श में स्पष्ट किया गया है कि इन चेस्ट क्लीनिकों का मुख्य कार्य प्रदूषण के कारण बढ़े श्वसन और हृदय रोगों से पीड़ित रोगियों की जांच करना और उनका उपचार करना होगा। डिजिटल रिकॉर्ड: राज्य या राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल उपकरणों जैसे कि एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (IHIP) के माध्यम से इन रोगियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड बनाए रखा जाए। उच्च जोखिम वाले रोगियों की पहचान: प्रदूषण से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले उच्च जोखिम वाले रोगियों (High-risk patients) की पहचान की जाए और उनका एक रजिस्टर बनाया जाए। सामुदायिक समन्वय: ऐसे उच्च जोखिम वाले लोगों का विवरण संबंधित ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम (ANMs) और सीएचओ (CHOs) के साथ भी साझा किया जाए ताकि सामुदायिक स्तर पर भी देखभाल हो सके।   स्टाफ को प्रशिक्षण और तैयारियों पर ज़ोर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि सर्दियों के दौरान देश के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता अक्सर 'खराब' (Poor) से लेकर 'गंभीर' (Severe) स्तर तक पहुंच जाती है जो एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती पैदा करती है। परामर्श में डॉक्टरों और कर्मचारियों को श्वसन और हृदय संबंधी मामलों में बेहतर उपचार और देखभाल प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण (Training) देने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव ने अपने पत्र का समापन इस बात पर ज़ोर देते हुए किया कि मिलकर काम करने से हम एक स्वस्थ, स्वच्छ और अधिक लचीले इकोसिस्टम की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।  

पाकिस्तानी मंत्री के उकसाऊ बोल: कहा– भारत से दो तरफा जंग होगी, अल्लाह देगा मदद

इस्लामाबाद  अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से टकराव के बाद पाकिस्तान अब दोनों दिशाओं से घिरता जा रहा है। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पाक हुकूमत और उसके मंत्री लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर विवादित बयान देते हुए कहा है कि “पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार है।” एक मीडिया   रिपोर्ट के अनुसार, आसिफ ने पाकिस्तान में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा-“हम दोनों मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार हैं। हम पूर्वी सीमा (भारत) और पश्चिमी सीमा (अफगानिस्तान) दोनों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अल्लाह ने पहले दौर में हमारी मदद की थी और वह दूसरे दौर में भी हमारी मदद करेगा।” पाकिस्तान सरकार पर जबरदस्त दबाव अफगानिस्तान में तालिबान के साथ बढ़ते तनाव और देश में आतंकी घटनाओं के चलते पाकिस्तान सरकार पर जबरदस्त दबाव है। ऐसे में ख्वाजा आसिफ और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जैसे नेता अब भारत पर आरोप लगाकर अपनी जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।हाल ही में इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती विस्फोट के बाद भी पाकिस्तान ने बिना किसी सबूत के भारत को दोषी ठहराया था, जबकि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने उस हमले की जिम्मेदारी खुद ली थी। हम युद्ध की स्थिति में   इस्लामाबाद विस्फोट के बाद ख्वाजा आसिफ ने कहा था-“हम युद्ध की स्थिति में हैं। जो कोई सोचता है कि पाकिस्तानी सेना केवल सीमा पर लड़ रही है, उसे इस्लामाबाद अदालतों में हुए आत्मघाती हमले को चेतावनी समझनी चाहिए। यह पूरे पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध है।” भारत का करारा जवाब पाकिस्तान की झूठी बयानबाजी पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक अराजकता और संविधान की हत्या को छिपाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहा है। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान की आदत है कि वह हर असफलता का ठीकरा दूसरों पर फोड़ता है, जबकि आतंकवाद की जड़ें उसी की अपनी जमीन में हैं।

विमान दुर्घटना में पायलट निर्दोष: जांच रिपोर्ट पर केंद्र की सफाई

नई दिल्ली  केंद्र ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि 12 जून को हुए विमान हादसे के संबंध में एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में एअर इंडिया के पायलट को दोषी नहीं ठहराया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को बताया कि विमान दुर्घटना की जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच बोर्ड की जांच टीम का गठन अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के तहत किया गया था और इसके लिए वैधानिक प्रावधान है। न्यायमूर्ति बागची ने कहा, ‘‘एएआईबी जाँच किसी पर दोष मढ़ने के लिए नहीं है। यह केवल कारण स्पष्ट करने के लिए है ताकि ऐसा दोबारा न हो।'' मामले में एक गैर सरकारी संगठन की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि इतने बड़े पैमाने की दुर्घटना की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' की तरह समानांतर जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पायलट फेडरेशन ने कहा है कि इन विमानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता और इनमें उड़ान भरने वाले लोगों के लिए बहुत बड़ा खतरा है। न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि यह कार्यवाही एक एअरलाइन बनाम दूसरी एअरलाइन के बीच लड़ाई नहीं बननी चाहिए। उन्होंने मेहता से मृतक के पिता द्वारा दायर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद के लिए स्थगित कर दी। इस साल 12 जून को, एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 171 वाला बोइंग 787-8 विमान लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे इसमें सवार 241 लोगों सहित कुल 265 लोगों की मौत हो गई थी। विमान में सवार मरने वाले लोगों में से 169 भारतीय, 52 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक तथा चालक दल के 12 सदस्य शामिल थे। दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति ब्रिटिश नागरिक विश्वाशकुमार रमेश थे।   

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का दावा: दिल्ली विस्फोट आतंकियों की साजिश

न्यूयॉर्क  अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ( Marco Rubio) ने कहा कि दिल्ली में लाल किला कार विस्फोट (Red Fort car blast) की जांच में भारत ने ‘‘बहुत संयमित, सतर्क और अत्यंत पेशेवर'' तरीके से काम किया है। रूबियो ने यह भी कहा कि ‘‘यह स्पष्ट रूप से एक आतंकी हमला था।'' उन्होंने बताया कि अमेरिका ने जांच में ‘‘मदद की पेशकश'' की है लेकिन भारत इस तरह की जांच करने में ‘‘बेहद सक्षम है।'' रुबियो ने बुधवार को कनाडा के हैमिल्टन शहर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हां, हम इस घटना की गंभीरता और उसके संभावित प्रभाव से अवगत हैं। लेकिन मेरा मानना है कि भारतीय अधिकारियों की सराहना की जानी चाहिए, उन्होंने बहुत संयमित, सतर्क और पेशेवर तरीके से जांच की है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जांच जारी है। यह स्पष्ट रूप से एक आतंकी हमला था। एक कार में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी, जो फट गई और कई लोगों की जान चली गई। लेकिन भारत बहुत अच्छी तरह से जांच कर रहा है और मेरा विश्वास है कि जब उनके पास सभी तथ्य होंगे, तो वे उन्हें सार्वजनिक करेंगे।'' रुबियो ने जी7 के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की थी। उनसे पूछा गया कि वह लाल किला विस्फोट और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर कितने चिंतित हैं खासकर उस पृष्ठभूमि में जब इस साल मई में दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों के बीच झड़पें हुई थीं और भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में आतंकी ढांचे पर कार्रवाई की थी, जो 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। इस पर रुबियो ने कहा, ‘‘हम इस घटना के संभावित परिणामों से वाकिफ हैं। हमने आज इस पर थोड़ी चर्चा भी की है कि इसका दायरा कितना बढ़ सकता है। लेकिन हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि भारत की जांच क्या सामने लाती है।'' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने मदद की पेशकश की है ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि वे (भारतीय एजेंसियां) इस तरह की जांच में बहुत सक्षम हैं। उन्हें हमारी मदद की आवश्यकता नहीं है। वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और मैंने पाया कि वे हमेशा की तरह इस बार भी बहुत संयमित और पेशेवर तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।'' भारत ने लाल किले के बाहर कार विस्फोट को बुधवार को ‘‘घृणित आतंकी घटना'' करार दिया और जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे इस मामले की जांच ‘‘अत्यंत तत्परता और पेशेवर तरीके'' से करें ताकि अपराधियों और उनके प्रायोजकों को बिना किसी देरी के न्याय के शिकंजे में लाया जा सके। रुबियो से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज जी7 एफएमएम सत्र में विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात हुई। दिल्ली में विस्फोट में जनहानि पर उनकी संवेदनाओं के लिए आभार व्यक्त करता हूं। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की विशेष रूप से व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर। साथ ही यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी विचार साझा किए।''