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‘त्रिशूल’ वॉर प्रैक्टिस: कैसे तैयार हो रही है भारतीय सेना की अजेय टुकड़ी?

नई दिल्ली  भारतीय सेना की दक्षिणी कमांड एक खास सैन्य अभ्यास में जुटी हुई है। इस सैन्य अभ्यास का नाम त्रिशूल दिया गया है। इसका मकसद तीनों सेनाओं के बीच आपसी समन्वय को बढ़ावा देना है। इस सैन्य अभ्यास का नाम दिया गया है जय (JAI)। इसका मलतब है जॉइंटनेस यानी संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन यानी नवाचार। अधिकारियों के मुताबिक यह भारतीय सशस्त्र बलों की प्रौद्योगिकी-सक्षमता और भविष्य के लिए तैयार बल के निर्माण की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। सभी क्षेत्रों पर बढ़त बनाने का मकसद त्रिशूल अभ्यास मिशन दिखाता है कि सशस्त्र बलों की बहु-क्षेत्रीय क्षमताएं बढ़ रही हैं। साथ ही रक्षा में आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित है। इस अभ्यास का मकसद कई क्षेत्रों में सेंट्रलाइज व्यवस्था को मजबूत करना है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, साइबर, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन संचालन, खुफिया, निगरानी और पहचान के साथ-साथ वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग शामिल हैं। यह अभ्यास स्थल, समुद्र और वायु के माध्यम से निर्बाध एकीकृत सहयोग के जरिए फिजिकल और वर्चुअल क्षेत्रों में समान रूप से हावी होने की तैयारी है। ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव भी शामिल ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों का यह समावेश भारत की युद्ध नीति को नेटवर्क-केंद्रित और ऑटोनोमस युद्ध की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। यहां पर सूचना, गति और सटीकता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। भविष्य के युद्धों की तैयारी,अभ्यास त्रिशूल में हाल के संघर्षों और अभियानों, विशेषकर ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य के युद्धों के लिए तैयारी करना है। इन युद्धों में ड्रोन, साइबर उपकरण और अंतरिक्ष संसाधन पारंपरिक सेनाओं के साथ मिलकर काम करेंगे।  

संसद का शीतकालीन सत्र तय: किरण रिजिजू बोले- 1 दिसंबर से होगी शुरुआत

नई दिल्ली  केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बताया है कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा। किरण रिजिजू मोदी सरकार में संसदीय कार्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के शीतकालीन सत्र को मंजूरी दे दी है।   केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमें एक सार्थक सत्र की उम्मीद है जो कि लोकतंत्र को मजबूत करने वाला और लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरने वाला हो। बता दें कि 21 जुलाई से 21 अगस्त तक संसद का मॉनसून सत्र चला थआ। इस सत्र के पहले ही दिन राज्यसभा के तत्कालीन सभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया था। पिछले सत्र में एसआईआर और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था। इस सत्र में कुल 21 बैठकें हुई थीं। इस सत्र में राज्यसभा में 15 और लोकसभा में 12 बिल पास हुए थे। छोटा होगा यह सत्र संसद का यह सत्र अन्य सत्रों के मुकाबले छोटा होगा। इसके बाद जल्द ही बजट सत्र भी शुरू होना है। इससे पहले 2013 में शीतकालीन सत्र केवल 14 दिन का था। यह 5 दिसंबर से 18 दिसंबर तक ही चला था। वहीं इस सत्र में बिहार विधानसभा चुनाव की आवाज जरूर सुनाई देगी। इसके अलावा 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर की भी प्रक्रिया चल रही है। विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध कर सकता है। इस सत्र में सरकार का जोर कई अहम बिल पास करवाने पर होगा। इनमें जन विश्वास बिल, इनसॉन्लवेंसी ऐंड बैंकरप्सीबिल शामिल है।  

तस्करों का आतंक बढ़ा: बीएसएफ की गाड़ी तोड़ी, जवानों पर किया हमला

त्रिपुरा  त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में मवेशी तस्करों के हमले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 5 जवान घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार शाम बिशालगढ़-कमठाना रोड पर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास यह हमला किया गया और बीएसएफ के एक वाहन में भी तोड़फोड़ की गई। बिशालगढ़ पुलिस थाना प्रभारी विकास दास ने कहा, ‘कमठाना सीमा चौकी पर तैनात बीएसएफ कर्मियों ने एक वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक वाहन को स्थानीय पशु बाजार की ओर भगा ले गया।’   थाना प्रभारी ने कहा, ‘बीएसएफ कर्मी वाहन का पीछा करते हुए पशु बाजार तक पहुंच गए। वहां पशु तस्करों और बीएसएफ कर्मियों के बीच बहस हुई, जो बढ़ गई और फिर पशु तस्करों ने हमला कर दिया। इस हमले में पांच कर्मी घायल हो गए और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई।’ पुलिस ने बताया कि इस संबंध में शिकायत दर्ज कर ली गई है और हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल हो रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सीनियर बीएसएफ अधिकारी अपनी आपबीती सुना रहे हैं। वह कहते हैं कि जब हमला हो रहा था, तब वहां खड़े किसी भी व्यक्ति ने हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं की। हालांकि, वायरल वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती श्रीकरणपुर थाना क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के निकट खेत में एक बार फिर आधा किलोग्राम हेरोइन का पैकेट बरामद हुआ है। इससे पहले 2 नवंबर को इसी क्षेत्र में आधा किलोग्राम हेरोइन का पैकिट मिला था। पुलिस को आशंका है कि ये दोनों पैकेट पाकिस्तानी तस्करों की ओर से ड्रोन के माध्यम से गिराए गए होंगे। ये एक बड़ी हेरोइन की खेप का हिस्सा हो सकते हैं।  

मर्डर केस में हथियार बरामद न होने पर भी सज़ा संभव, अदालत ने दिया अहम निर्णय

कलकत्ता  कलकत्ता हाई कोर्ट ने हत्या के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि मर्डर में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी न होना अभियोजन पक्ष के मामले को अविश्वसनीय नहीं बना सकता, क्योंकि मुकदमे में साक्ष्यों के आधार पर अपराध की पुष्टि हो चुकी है। एचसी ने 1999 के हत्या के मामले में तीन व्यक्तियों की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा की पुष्टि करते हुए यह टिप्पणी की। उसने कहा कि अभियोजन पक्ष अपीलकर्ताओं पर लगाए गए आरोपों को ठोस सबूतों की मदद से साबित करने में पर्याप्त रूप से सक्षम रहा।   जज देबांगसु घोष और जज मोहम्मद शब्बार रशीदी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘इस प्रकार हमें दोषसिद्धि और सजा के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई औचित्य नहीं दिखता। हम इसकी पुष्टि करते हैं।’ अदालत ने कहा कि चूंकि मामले में पेश किए गए सबूतों से यह साबित हो चुका है कि पीड़ित की हत्या की गई थी, इसलिए अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी न होना और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप का न होना अभियोजन पक्ष के मामले को अविश्वसनीय या झूठा नहीं ठहरा सकता।’ आखिर क्या था यह पूरा मामला खंडपीठ ने कहा, ‘इस मामले में घटना के कम से कम तीन प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं।’ श्रीदाम घोष नामक व्यक्ति अपने दो भाइयों के साथ 19 जून, 1999 को गंगा नदी में एक यांत्रिक नाव में यात्रा कर रहा था तभी याचिकाकर्ता धनु घोष और उसके दो साथी पूर्व बर्धमान जिले के केतुग्राम में नाव पर चढ़ गए। केतुग्राम पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, धनु श्रीदाम के पास गया और उसने पाइप गन से उस पर गोली चला दी। बाकी दो आरोपियों ने उसे बढ़ावा दिया। तीन आरोपियों (धनु घोष और उसके दो सहयोगियों) को गिरफ्तार कर लिया गया। फरवरी 2022 में कटवा के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

भारतीय अधिकारियों की नजर में Su-57E की कमजोरी, रूस का स्टील्थ सिस्टम फेल

नई दिल्ली भारत के लड़ाकू विमान बेड़े को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है. इंडियन एयरफोर्स (IAF) के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि रूस के Sukhoi Su-57E फाइटर जेट में एक बड़ी खामी है. अधिकारी के मुताबिक इस विमान के इंजन पैनल काफी हद तक खुले हुए हैं. इससे इसकी स्टेल्थ (छिपने की क्षमता) पर बुरा असर पड़ता है. यह जेट पीछे से दुश्मन के रडार पर आसानी से पकड़ा जा सकता है. घट जाती है स्टेल्थ क्षमता IAF ने इस कमी की जानकारी रूस को भी दे दी है. अधिकारियों का कहना है कि Su-57E में इंजन की डिजाइन सोवियत दौर के Su-27 फाइटर जैसी है. इसमें इंजन के कई हिस्से खुले हैं. इसकी वजह से रडार क्रॉस सेक्शन (RCS) बढ़ जाता है. यानी दुश्मन का रडार इसे आसानी से ट्रैक कर सकता है. अन्य इक्सपर्ट का कहना है कि Su-57 का RCS फ्रंट साइड से 0.1 से 1 वर्ग मीटर के बीच है. असली स्टेल्थ फाइटर जैसे F-35 का RCS सिर्फ 0.001 वर्ग मीटर होता है. इंफ्रारेड सिग्नेचर भी ज्यादा इस जेट का इंफ्रारेड सिग्नेचर भी कमजोर है. इंजन के गर्म हिस्से सीधे नजर आते हैं. इससे यह किसी भी IR गाइडेड मिसाइल के लिए आसान टारगेट बन जाता है.  एविएशन एक्सपर्ट्स पहले भी Su-57 की डिजाइन पर सवाल उठा चुके हैं. उनका कहना है कि इंजन ब्लेड्स पर रडार-एब्जॉर्बेंट कोटिंग ठीक से नहीं दी गई है. इसमें सिरे वाले (serrated) नोजल भी नहीं हैं. यह रडार रिफ्लेक्शन को घटाते हैं. अमेरिका और चीन के स्टेल्थ फाइटर्स इंजन को ठंडी हवा की परत और खास कोटिंग से ढक देते हैं. रूस ने Su-57 में थ्रस्ट यानी इंजन की ताकत को ज्यादा प्राथमिकता दी है. इससे स्टेल्थ फीचर कमजोर हो गया है. भारत कर रहा है जांच IAF इस जेट को खरीदने के विकल्प पर विचार कर रही है. भारत 114 Su-57E जेट्स की खरीद पर करीब 20 बिलियन डॉलर के सौदे की संभावना देख रहा है. IAF ने रूस को साफ बताया है कि स्टेल्थ से जुड़ी कमियों को दूर किए बिना यह सौदा मुश्किल है. रूस ने जवाब में कहा है कि वह इंजन के पीछे वाले हिस्से में कॉम्पोजिट पैनल और हीट शील्ड्स लगाएगा. इससे इंफ्रारेड सिग्नेचर 40-50% तक घट जाएगा. IAF ने रखा सख्त रुख भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रूस ने इन नए पैनल्स का परीक्षण Gromov Flight Research Institute में किया है. दावा किया गया कि इससे गर्मी तो कम होगी. रडार पर दिखने की समस्या कितनी घटेगी. यह अब तक साफ नहीं है. IAF ने साफ कहा है कि जब तक ये सुधार असली फाइट में साबित नहीं होते है. तब तक भारत Su-57E को अपनाने में जल्दबाजी नहीं करेगा.

सर्द हवाओं का डबल अटैक: दो राज्यों में Cold Alert, तापमान में तेज गिरावट

नई दिल्ली  उत्तर भारत में ठंड पड़ना शुरू हो गई है। तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, दक्षिण पंजाब और दक्षिणी हरियाणा के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से लगभग 4-7 कम और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र के शेष हिस्सों में लगभग दो से चार डिग्री कम रहने की संभावना है। अगले छह से सात दिनों के दौरान के उत्तर पश्चिम और आसपास के मध्य भारत में तापमान सामान्य से दो से पांच डिग्री कम रहने की संभावना है।   8-10 नवंबर तीन दिनों के दौरान पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीत लहर चलने वाली है। पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, दक्षिणी पंजाब और दक्षिणी हरियाणा के कुछ हिस्सों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम और सामान्य से लगभग 4-7 डिग्री कम रहेगा। दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से लगभग दो से चार डिग्री कम रहेगा। अगले छह से सात दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम और आसपास के मध्य भारत में रात का तापमान सामान्य से दो से पांच डिग्री कम रहने की उम्मीद है। अगले दो दिनों के दौरान विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में लगभग दो डिग्री की गिरावट आएगी। वहीं, अगले चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत में मिनिमम टेम्प्रेचर में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने वाली है।

FIR में बड़ा सवाल: कंपनी में 1% हिस्सेदारी वाला आरोपी, पर अजित पवार के बेटे का ज़िक्र नहीं

पुणे  पुणे के मुंधवा में 300 करोड़ की सरकारी भूमि खरीद मामले ने तहलका मचा दिया है। इस मामले में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार सवालों के घेरे में हैं। उपमुख्यंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि कोई भी दोषी छोड़ा नहीं जाएगा। हालांकि इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में कहीं भी पार्थ पवार का नाम नहीं है। फडणवीस ने नागपुर में कहा, जिन लोगों को पता भी नहीं है कि एफआईआर क्या होती है वे केवल निराधार आरोप लगा रहे हैं। जब एफआईआर फाइल हो गई है तो जाहिर सी बात है कि जो लोग भी शामिल थे, उनके नाम होंगे। इस मामले में जिस कंपनी ने जमीन खरीदी है और उसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिवसेना और कांग्रेस का कहना है कि अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी कंपनी को 1800 करोड़ की जमीन केवल 300 करोड़ रुपये में बेच दी गई। इसके अलावा जमीन बेचने के लिए स्टैंप शुक्ल भी नहीं लिया गया। इसकी स्टैंप ड्यूटी 21 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार भी अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी में साझेदार हैं। मुंधवा में भूमि की बिक्री का कार्य 20 मई को किया गया था और छावा कामगार यूनियन के 60 वर्षीय संस्थापक-अध्यक्ष दिनकर कोटकर ने पांच जून को आईजीआर कार्यालय को पत्र लिखा था कि 21 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क माफ कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह छूट गलत तरीके से दी गई थी। मामले में शिकायतकर्ता संयुक्त जिला रजिस्ट्रार (जेडीआर) संतोष हिंगाने ने प्राथमिकी में कोटकर से एक पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत आवेदन की जांच के दौरान यह पाया गया कि मुंधवा भूमि के विक्रय पत्र को आधिकारिक अभिलेखों में फेरबदल करके निष्पादित किया गया था। एफआईआर में किसका नाम? एफआईआर में पार्थ पवार के बिजनेस पार्टनर दिग्विजय पाटिला का नाम है जिनका कंपनी में शेयर मात्र 1 फीसदी है। वहीं पार्थ का शेयर 99 फीसदी का है। उनपर ही आरोप है कि उन्होने यह अवैध सौदा करवाया था। इसके अलावा जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर शीतल देजवानी का नाम एफआईआर में दर्ज किया गया है। इसके अलावा इसमें 272 अन्य लोगों और सस्पेंड किए गए दो राजस्व अधिकारियों का भी नाम एफआईआर में है। सब रजिस्ट्रार रवींद्र तारू पर आरोप है कि उन्होंने बिना स्टैंप ड्यूटी के ही सेल डीड रजिस्टर करवा दी। इसके अलावा पुणे सिटी के तहसीलदार सूर्यकांत येवाले पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। अजित पवार ने क्या कहा अजित पवार ने कहा कि जिन लोगों ने यह सौदा करवाया और रजिस्ट्रेशन के कागजात पर साइन किए, उनका ही नाम एफआईआर में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, पार्थ को पता भी नहीं था कि यह जमीन अवैध रूप से बेची जा रही है। बता दें कि यह जमीन कुल 40 एकड़ की है जिसमें 272 छोटे-छोटे प्लॉट हैं। महार समुदाय के लिए यह भूमि आवंटित की गई थी। आजादी के बाद यह भूमि सरकार के अधिकार में आ गई । ऐसे में बिना सरकारी अनुमति के इसे खरीदा या बेचा नहीं जा सकता था।

सवारी बनकर बैठी महिला, रास्ते में कैप्टन ने की गंदी हरकत; पुलिस ने किया गिरफ्तार

बेंगलुरु  बेंगलुरु में रैपिडो बाइक राइडर पर महिला यात्री ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, यह घटना गुरुवार को दोपहर करीब 4 बजे हुई। विल्सन गार्डन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रैपिडो की ओर से इस मामले में अभी तक प्रतिक्रिया का इंतजार है। महिला ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने लिखा, 'चर्च स्ट्रीट से अपने पीजी लौटने के लिए रैपिडो बुक किया। रास्ते में कैप्टन ने मेरे पैर टच करने की कोशिश की। यह इतना अचानक हुआ कि मैं इसे समझ भी नहीं पाई। मैंने बस घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। जब उसने दोबारा ऐसा किया तो मैंने कहा कि भैया, क्या कर रहे हो, मत करो। लेकिन वह नहीं रुका।' महिला ने बताया कि वह राइडर से बाइक रोकने के लिए नहीं कह सकी, क्योंकि वह शहर में नई आई है। उसे पता नहीं था कि बाइक कहां से गुजर रही है। जाते समय दिखाई उंगली पीड़िता ने बताया कि पीजी पहुंचने के बाद पास में खड़े एक व्यक्ति ने यह नोटिस किया। उसने मुझसे पूछा कि क्या हुआ। मैंने उन्हें घटना के बारे में बताया तो उन्होंने कैप्टन से सवाल-जवाब किया। कैप्टन ने माफी मांगी और कहा कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेगा। लेकिन, वहां जाते समय उसने मेरी ओर उंगली दिखाई, जिससे मुझे और असुरक्षित महसूस हुआ। महिला ने कहा, 'मैं यह साझा कर रही हूं ताकि किसी महिला को ऐसा अनुभव न करना पड़े – न कैब में, न बाइक पर, न कहीं और। मेरे साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। लेकिन आज मैं चुप नहीं रह सकी क्योंकि मुझे बहुत असुरक्षा महसूस हुई।

जम्मू-कश्मीर में ‘पिंपल ऑपरेशन’ से दहशतगर्दों की कमर टूटी, एक-एक को ढूंढकर मार गिराया जा रहा

नई दिल्ली  भारतीय सेना के चिनार कोर ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 2 आतंकवादियों को मार गिराया। इस अभियान को ऑपरेशन पिंपल नाम दिया गया। इस तरह क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों में अहम उपलब्धि दर्ज की गई। चिनार कोर ने कहा कि कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में घुसपैठ के प्रयास के बारे में एजेंसियों से इनपुट मिला था। इस खुफिया जानकारी के आधार पर शुक्रवार को अभियान शुरू किया गया। सेना ने एक्स पर लिखा, ‘सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर आतंकियों को रुकने को कहा, लेकिन उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया।’ ऑपरेशन पिंपल भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में शुरू किया गया सुरक्षा अभियान है। यह संयुक्त अभियान 7 नवंबर को इलाके में संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद शुरू किया गया। जब सतर्क सैनिकों ने चुनौती दी तो आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। ऐसे में मुठभेड़ शुरू हुई और 2 आतंकवादी मारे गए। इलाके की तलाशी अभी भी जारी है। यह अभियान चिनार कोर की ओर से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। किश्तवाड़ में भी आतंकियों से मुठभेड़ इससे पहले, जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के वन क्षेत्र में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। दहशतगर्दों को पकड़ने के लिए घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। यह ऑपरेशन बुधवार को घने वन क्षेत्र चतरू में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के बाद शुरू हुआ। इस मुठभेड़ में एक जवान घायल हो गया था। सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘आतंकवादियों की तलाश में अभियान जारी है। हालांकि, दोबारा गोलीबारी नहीं हुई है। अभियान में ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। घेराबंदी को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।'  

खाली हाथ लौटा पाकिस्तान: शांति बातचीत में अफगानिस्तान की सख्ती भारी

अफगानिस्तान  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता एक बार फिर बेनतीजा ही खत्म हो गई है। दोनों देशों के बीच तीसरे दौर की शांति वार्ता तुर्किए और कतर की मध्यस्थता में इस्तांबुल में चल रही थी। पाकिस्तान का कहना था कि वह आतंकवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा। हालांकि अफगानिस्तान ने उससे तहरीक-ए-तालिबान पर लगाम लगाने जैसा कोई भी वादा लिखित तौर पर नहीं किया है। अफगानिस्तान का कहना है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद लिए नहीं होने देता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत खत्म हो गई है और चौथे चरण की वार्ता को लेकर कोई प्लानिंग नहीं है। बता दें कि गुरुवार को दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हुई थी। पाकिस्तान चाहता था कि अफगानिस्तान लिखित में दे कि वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ ऐक्शन लेगा। ख्वाजा आसिफ ने तुर्की और कतर को मध्यसत्थता और तनाव को कम करवाने के लिए धन्यवाद दिया है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान उनकी बात मानने को तैयार था लेकिन लिखित में समझौता करने के तैयार नहीं हुआ। आसिफ ने कहा कि मध्सत्थता करने वाले देशों ने अपनी तरफ से प्रयास में कोई कमी नहीं छोड़ी। ख्वाजा आसिफ ने कहा, अगर वे आशावादी होते तो हमें रुकने के लिए कहा होता। हमें खाली हाथ लौटना पड़ा और इससे पता लगता है कि काबुल से वे भी निराश हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का स्टैंड अब भी बदला नहीं है। पिछले महीने खुले सीमा विवाद के कारण इस्लामाबाद और काबुल के बीच उत्पन्न तनाव को कम करने के लिए इस्तांबुल में तीसरे दौर की वार्ता शुरू हुई थी। इससे पहले, 19 अक्टूबर को दोहा और 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में हुई दो दौर की वार्ताओं में दोनों पक्ष विवादास्पद मुद्दों पर सहमति बनाने में विफल रहे थे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 11 से 15 अक्टूबर के बीच हुई झड़पों में दोनों पक्षों ने मानव क्षति की पुष्टि की थी। हालांकि, एक अस्थायी संघर्ष विराम के बाद स्थिति को काबू में लाया गया था। इस संघर्ष विराम को बढ़ा दिया गया था और यह अब तक लागू है।