samacharsecretary.com

हर समस्या का हल ढूंढना हमारा दायित्व है: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

मुंबई  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लोककल्याण कार्यालय में रविवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की विभिन्न शिकायतें सुनी गईं और 15 शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया। सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। इस दौरान नगर निगम, म्हाडा, हाउसिंग सोसाइटी और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सामने आईं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद किया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर सांसद गोयल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कांदिवली स्थित लोककल्याण कार्यालय में आयोजित इस जनता दरबार में कई नागरिकों ने अपनी शिकायतें और निवेदन प्रस्तुत किए। कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई कर राहत प्रदान की गई। बाणडोंगरी क्षेत्र की महिलाओं ने पानी की आपूर्ति के समय में बदलाव को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे घरों में काम करके अपनी जीविका चलाती हैं और नगरपालिका द्वारा पानी की आपूर्ति का समय बदल दिए जाने से उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर गोयल ने आश्वासन दिया कि पानी विभाग से संपर्क कर पुराने समय को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच, दहिसर के पुनर्विकास परियोजना से प्रभावित निवासियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। उनका कहना था कि वे पिछले 14 वर्षों से किराये के मकानों में रह रहे हैं, जबकि डेवलपर्स ने उनके मूल मकान दूसरों को किराये पर दे दिए हैं। इस पर गोयल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, सहकारी हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, सड़क मरम्मत, पीने का पानी, खेल के मैदान, मुआवजा आदि से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं। कई संस्थाओं और संगठनों के पदाधिकारी भी अपनी मांगों के साथ जनता दरबार में शामिल हुए। एक विशेष प्रसंग में चारकोप सेक्टर-8 निवासी मनसुख जाधव ने जनता दरबार में आकर सांसद गोयल का व्यक्तिगत रूप से आभार प्रकट किया। उन्हें हृदय शल्य चिकित्सा के लिए अस्पताल द्वारा अधिक खर्च बताया गया था, जिससे वह परेशान थे, लेकिन लोककल्याण कार्यालय के हस्तक्षेप से उन्हें मुफ्त इलाज प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्होंने दरबार में आकर दिल से धन्यवाद दिया। जनता दरबार में उत्तर मुंबई भाजपा के जिलाध्यक्ष दीपक तावड़े, पूर्व नगरसेवक गणेश खणकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सांसद पीयूष गोयल ने कहा, "हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। लोककल्याण कार्यालय में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्णय लिए जाते हैं। मेरी टीम भी लगातार फॉलोअप करती रहती है।"

हर समस्या का हल ढूंढना हमारा दायित्व है: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

मुंबई  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लोककल्याण कार्यालय में रविवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की विभिन्न शिकायतें सुनी गईं और 15 शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया। सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। इस दौरान नगर निगम, म्हाडा, हाउसिंग सोसाइटी और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सामने आईं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद किया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर सांसद गोयल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कांदिवली स्थित लोककल्याण कार्यालय में आयोजित इस जनता दरबार में कई नागरिकों ने अपनी शिकायतें और निवेदन प्रस्तुत किए। कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई कर राहत प्रदान की गई। बाणडोंगरी क्षेत्र की महिलाओं ने पानी की आपूर्ति के समय में बदलाव को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे घरों में काम करके अपनी जीविका चलाती हैं और नगरपालिका द्वारा पानी की आपूर्ति का समय बदल दिए जाने से उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर गोयल ने आश्वासन दिया कि पानी विभाग से संपर्क कर पुराने समय को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच, दहिसर के पुनर्विकास परियोजना से प्रभावित निवासियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। उनका कहना था कि वे पिछले 14 वर्षों से किराये के मकानों में रह रहे हैं, जबकि डेवलपर्स ने उनके मूल मकान दूसरों को किराये पर दे दिए हैं। इस पर गोयल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, सहकारी हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, सड़क मरम्मत, पीने का पानी, खेल के मैदान, मुआवजा आदि से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं। कई संस्थाओं और संगठनों के पदाधिकारी भी अपनी मांगों के साथ जनता दरबार में शामिल हुए। एक विशेष प्रसंग में चारकोप सेक्टर-8 निवासी मनसुख जाधव ने जनता दरबार में आकर सांसद गोयल का व्यक्तिगत रूप से आभार प्रकट किया। उन्हें हृदय शल्य चिकित्सा के लिए अस्पताल द्वारा अधिक खर्च बताया गया था, जिससे वह परेशान थे, लेकिन लोककल्याण कार्यालय के हस्तक्षेप से उन्हें मुफ्त इलाज प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्होंने दरबार में आकर दिल से धन्यवाद दिया। जनता दरबार में उत्तर मुंबई भाजपा के जिलाध्यक्ष दीपक तावड़े, पूर्व नगरसेवक गणेश खणकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सांसद पीयूष गोयल ने कहा, "हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। लोककल्याण कार्यालय में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्णय लिए जाते हैं। मेरी टीम भी लगातार फॉलोअप करती रहती है।"

अमरनाथ यात्रा का 18वां दिन: भारी सुरक्षा घेरे में 4 हजार श्रद्धालु निकले बाबा बर्फानी के दर्शन को

श्रीनगर, अमरनाथ यात्रा के 18वें दिन श्रद्धालुओं की संख्या तीन लाख के पार पहुंचने की संभावना है। रविवार को 4,388 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ। यह यात्रा अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच हो रही है। अब तक 2.75 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री बाबा बर्फानी का दर्शन कर चुके हैं। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 4,388 तीर्थयात्री कश्मीर पहुंचते हैं, जबकि इससे चार गुना ज्यादा तीर्थयात्री रोजाना सीधे यहां पहुंचते हैं और या तो ट्रांजिट कैंपों में या दोनों आधार शिविरों में, वहीं पंजीकरण कराते हैं। रविवार को यह संख्या तीन लाख को पार कर जाने की संभावना है। जम्मू से बालटाल और पहलगाम के दो आधार शिविरों तक और बालटाल व पहलगाम से अमरनाथ गुफा तक के दो मार्गों पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे पहरा दे रहे हैं। सेना ने यात्रा ड्यूटी पर पहले से तैनात सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियों के अतिरिक्त 8,000 से ज्यादा विशेष बल तैनात किए हैं। यात्रा मार्ग पर हर पांच मीटर पर विभिन्न सीएपीएफ इकाइयों के पूरी तरह से सशस्त्र जवान तैनात हैं, और इस असाधारण सतर्कता के कारण इस साल हिमालयी अमरनाथ गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का विश्वास और भी मजबूत हुआ है। इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए अधिकारियों ने व्यापक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है, क्योंकि यह यात्रा 22 अप्रैल के कायराना हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घाटी में आस्था के आधार पर 26 बेगुनाहों की हत्या कर दी थी। एक अधिकारी ने बताया, “आज 4,388 यात्रियों का एक और जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। 64 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 1,573 यात्रियों को लेकर सुबह 3.30 बजे बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ, जबकि 115 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला 2,815 यात्रियों को लेकर सुबह 4 बजे नुनवान (पहलगाम) आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।” 10 जुलाई को पहलगाम में ‘छड़ी मुबारक’ (भगवान शिव की पवित्र गदा) का पूजन किया गया। छड़ी मुबारक के एकमात्र संरक्षक महंत स्वामी दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में संतों के एक समूह द्वारा छड़ी मुबारक को श्रीनगर के दशनामी अखाड़ा भवन स्थित उसके स्थान से पहलगाम ले जाया गया। पहलगाम में, छड़ी मुबारक को गौरी शंकर मंदिर ले जाया गया, जहां भूमि पूजन हुआ। इसके बाद छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा भवन में वापस उसके स्थान पर ले जाया गया। यह छड़ी मुबारक 4 अगस्त को श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा मंदिर से गुफा मंदिर की ओर अपनी अंतिम यात्रा शुरू करेगी और 9 अगस्त को पवित्र गुफा मंदिर पहुँचेगी, जो यात्रा का आधिकारिक समापन होगा। इस वर्ष, यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का संयोग है। यात्री कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3888 मीटर ऊपर स्थित पवित्र गुफा मंदिर तक या तो पारंपरिक पहलगाम मार्ग से या छोटे बालटाल मार्ग से पहुँचते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं, और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। इस यात्रा में तीर्थयात्री को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। और, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुँचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और दर्शन करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।  

नाइजर में भारतीय बंधक संकट, उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

नाइजर पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर के डोसो क्षेत्र में बीती 15 जुलाई को बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने दो भारतीयों की भी हत्या कर दी थी। वहीं जम्मू-कश्मीर के रामबन के रहने वाले रंजीत सिंह को किडनैप कर लिया गया था। अब उनका परिवार मोदी सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मोदी सरकार से उन्हें वापस लाने के प्रयास करने की अपील की है। जानकारी के मुताबिक रंजीत सिंह एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे थे, तभी हथियारबंद आतंकियों ने हमला कर दिया। उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, रंजीत सिंह की किडनैपिंग को लेकर सीएम अब्दुल्ला बेहद चिंतित हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मामले में दखल देने की गुजारिश की है ताकि रंजीत सिंह को सुरक्षित वापस लाया जा सके। कौन हैं रंजीत सिंह? रंजीत सिंह की पत्नी शीला देवी ने शनिवार को मोदी सरकार से पति की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि रंजीत ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड में सेफ्टी ऑफिसर थे। रामबन के चक्काकुंडी गांव में उनका परिवार रहता है। रंजीत सिंह के तीन बच्चे हैं। 15 जुलाई के बाद शीला देवी की पति से बात नहीं हो पाई। शीला ने कहा, 15 जुलाई को उनसे वॉट्सऐप पर बात हुई थी। मैनेजमेंट को फोन किया तो उन्होंने बताया कि साइट पर नेटवर्क नहीं रहते हैं। शीला देवी को पति की किडनैपिंग की जानकारी अगले दिन मिली। उनके एक दोस्त ने आतंकी हमले के बारे में बताया। वहीं मैनेजमेंट का कहना है कि आतंकियों से डरकर वह जंगल में भाग गए हैं। शीला देवी ने कहा, ऐसा लगता है कि उनके पति को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी में रंजीत सिंह काम करते थे, उसकी तरफ से भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। शीला देवी ने कहा, अगर विदेश मंत्रालय चाहेगा तभी उनके पति की सकुशल वापसी हो सकती है।  

भारत की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं: ट्रंप के बयान पर धनखड़ ने रखी स्पष्ट राय

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया है। अब इसको लेकर भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जवाब दिया है। धनखड़ ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को निर्देश नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी नैरेटिव से प्रभावित नहीं होना चाहिए। धनखड़ ने कहा कि भारत को पता है कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है। शीर्ष नेतृत्व लेता है फैसला उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस देश में सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि भारत आपसी सहयोग से काम करता है, परस्पर सम्मान रखता है और अन्य देशों के साथ कूटनीतिक संवाद करता है। उन्होंने कहा कि लेकिन अंततः हम संप्रभु हैं, हम अपने फैसले खुद लेते हैं। विपक्ष मांग रहा है जवाब धनखड़ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया भारत-पाकिस्तान झड़प में ‘संघर्ष विराम’ कराने के दावे पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है। उन्होंने यहां भारतीय रक्षा संपदा सेवा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी नैरेटिव्स से निर्देशित न हों। इस देश में, एक संप्रभु राष्ट्र में, सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो भारत को यह निर्देश दे कि उसे अपने मामलों को कैसे संभालना है। क्रिकेट का दिया उदाहरण उपराष्ट्रपति ने क्रिकेट की शब्दावली में कहा कि हर खराब गेंद को खेलना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या इस बात पर माथापच्ची करने की जरूरत है कि किसने क्या कहा? जो क्रिकेट पिच पर अच्छे रन बनाता है, वह हमेशा खराब गेंदें छोड़ता है। वे लुभाने वाली होती हैं, लेकिन कोशिश नहीं की जातीं। और जो कोशिश करते हैं, उनके लिए आपके पास विकेटकीपर और गली में किसी के दस्ताने होते हैं।  

‘हमने उसे फिर से जिंदा कर दिया’ – ईरान ने इजरायल को दी खुली चुनौती, डिफेंस सिस्टम को लेकर बड़ा दावा

दुबई  पिछले महीने 12 दिनों के ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान इजरायली सुरक्षा बलों के हमले में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। अब ईरान ने इजरायल को ललकारते हुए कहा है कि उसने एक महीने के अंदर अपनी वायु वायु रक्षा प्रणालियों को दुरुस्त कर लिया है। ईरान की डेफा प्रेस समाचार एजेंसी ने रविवार को सेना के नियमित संचालन उप प्रमुख महमूद मौसवी के हवाले से बताया है कि ईरान ने पिछले महीने इजरायल के साथ हुए संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त हुई वायु रक्षा प्रणालियों को बदल दिया है। जून में हुए संघर्ष के दौरान, इजरायली वायु सेना ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर अपना दबदबा बनाते हुए ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों को भारी नुकसान पहुँचाया था। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरानी सशस्त्र बलों ने भी इजरायली क्षेत्र पर लगातार मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार की थी। ईरान के हमलों में भी इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली आयरन डोम को भी नुकसान पहुंचा था। इसी वजह से ईरान ने इजरायल के हाइफा और तेल अवीव में सैन्य अड्डों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमले किए थे। घरेलू संसाधनों का इस्तेमाल कर किया ठीक बहरहाल, मौसवी ने कहा, “हमारी कुछ वायु रक्षा प्रणालियाँ क्षतिग्रस्त हो गई थीं, यह ऐसी बात नहीं है जिसे हम छिपा सकें, लेकिन हमारे सहयोगियों ने घरेलू संसाधनों का उपयोग करके उन्हें पूर्व-निर्धारित प्रणालियों से बदल दिया है जिन्हें हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त स्थानों पर रखा गया था।” ईरान के पास रूस निर्मित एस-300 प्रणाली युद्ध से पहले, ईरान के पास रूस निर्मित एस-300 प्रणाली के अलावा, स्वदेश निर्मित लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली बावर-373 भी थी। डेफा प्रेस की रिपोर्ट में पिछले हफ़्तों में ईरान को किसी भी विदेशी वायु रक्षा प्रणाली के आयात का ज़िक्र नहीं है। पिछले अक्टूबर में ईरानी मिसाइल कारखानों पर इज़रायल के सीमित हमलों के बाद, ईरान ने बाद में एक सैन्य अभ्यास में रूस निर्मित वायु रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन किया था ताकि यह दिखाया जा सके कि वह हमले से उबर चुका है।  

हवाई सफर में डरावना मोड़: इंजन में आग लगने पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

लॉस एंजिलिस हवा में उड़ते हुए विमान के इंजन में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद आनन-फानन में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। डेल्टा एयरलाइन का यह बोइंग विमान लॉस एंजेलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अटलांटा जा रहा था। फ्लाइट डीएल446 के इंजन में टेकऑफ के तुरंत बाद आग लग गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें बाएं इंजन से धुआं निकलता दिखाई दे रहा है। हालांकि किसी तरह का हादसा नहीं हुआ और विमान को सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। फिलहाल किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। इमरजेंसी का हुआ था ऐलान रिपोर्ट के मुताबिक विमान में आग लगने की घटना के बाद तुरंत विमान में इमरजेंसी की घोषणा की गई। इसके बाद विमान को वापस एयरपोर्ट पर ले जाने की तैयारी शुरू हो गई। लॉस एंजिलिस एयरपोर्ट पर एटीसी ने विमान को वापस आने के लिए गाइड किया। इसके बाद ग्राउंड की इमरजेंसी सेवाओं की तैनाती का आदेश दे दिया गया। फ्लाइट डीएल446 पहले पैसिफिक के ऊपर गया। इसके बाद वह डॉनी और पैरामाउंट क्षेत्र से नीचे उतरने लगा। इस बीच विमान के क्रू मेंबर्स ने सुरक्षित लैंडिंग की पूरी तैयारी कर ली। इस दौरान विमान की गति और ऊंचाई पूरी तरह से नियंत्रण में थी। यात्रियों को दी गई सूचना विमान में बैठे यात्रियों ने घटना के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विमान के कैप्टन ने अनाउंस किया कि इंजन में आग की बात को वेरिफाई किया जा रहा है। हालांकि अभी तक आग लगने की वजह पता नहीं है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने जांच शुरू कर दी है। यह एयरक्राफ्ट करीब 25 साल पुराना है। इसमें दो जीई सीएफ-6 इंजन लगे हुए हैं। पहली बार नहीं यह पहली बार नहीं है जब डेल्टा के विमान में ऐसी समस्या हुई है। अप्रैल में, एक अन्य डेल्टा विमान ने ओरलैंडो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आग पकड़ ली थी। डेल्टा एयरलाइंस की उड़ान 1213 के विमान के इंजन में उस समय आग लग गई थी जब वह अटलांटा के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। यह विमान एक एयरबस A330 था, जिसमें उस समय 282 यात्री, 10 विमान परिचारक और दो पायलट थे। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ।

रूस में भूकंप का कहर: 7.4 तीव्रता वाला झटका, जारी हुआ सुनामी अलर्ट

रूस रूस के सुदूर पूर्वी इलाके कामचाटका में रविवार को महज़ एक घंटे के अंदर धरती पांच बार कांपी। इन भूकंपों की तीव्रता 6.6 से 7.4 के बीच रही। सबसे बड़ा झटका 7.4 तीव्रता का था, जिसके बाद अमेरिका और रूस के तटीय इलाकों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने की सलाह दी गई है। सभी भूकंपों का केंद्र पेत्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की शहर के पूर्व में था और इनकी गहराई केवल 10 किलोमीटर रही, जिससे झटकों का असर ज़मीन पर काफी ज्यादा महसूस हुआ। भूकंप से किसी प्रकार के जाल-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सुनामी की चेतावनी अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग (USGS) ने बताया कि 7.4 तीव्रता वाले भूकंप के बाद समुद्र में खतरनाक लहरें उठने की आशंका है। अलर्ट के मुताबिक, भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में सुनामी लहरें आ सकती हैं। हवाई और रूस के तटीय इलाकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। कब, कहां और कितनी थी भूकंप की तीव्रता पांचों बड़े भूकंप झटके पेत्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की शहर के पूर्वी हिस्से में महसूस किए गए। पहला झटका 6.6 तीव्रता का था, जो शहर से 147 किलोमीटर पूर्व में आया। इसके तुरंत बाद 151 किलोमीटर पूर्व में 6.7 तीव्रता का दूसरा झटका दर्ज किया गया। तीसरा और सबसे शक्तिशाली भूकंप 7.4 तीव्रता का था, जिसका केंद्र 144 किलोमीटर पूर्व में था। चौथा झटका 130 किलोमीटर पूर्व में 6.7 तीव्रता का रहा, जबकि अंतिम यानी पांचवां झटका 142 किलोमीटर पूर्व में 7.0 तीव्रता का रिकॉर्ड किया गया। सभी भूकंपों की गहराई करीब 10 किलोमीटर रही। बता दें कि भूकंप की बताती है कि क्षेत्र में टेक्टॉनिक प्लेटों की हलचल काफी तेज़ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ घंटों तक आफ्टरशॉक्स भी आ सकते हैं।  

धरती पर लौटे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु: ‘स्थिर रहना भी एक कला है

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से लौटने के बाद एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे माइक्रोग्रैविटी में तैरते हुए नजर आ रहे हैं। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में शुक्ला बिना हिले पूरी तरह स्थिर रहने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने लिखा कि आईएसएस पहुंचने के बाद वे टाइमलाइन का पालन करने और अपने टास्क व प्रयोगों को पूरा करने में व्यस्त थे। शुरू में माइक्रोग्रैविटी में हिलना-डुलना और स्टेशन को समझना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्होंने अपने शरीर पर नियंत्रण पाना सीख लिया। हालांकि, पूरी तरह स्थिर रहना उनके लिए चुनौती बना रहा। शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष में छोटी सी भी हलचल आपके शरीर को हिला सकती है। ऐसे में बिल्कुल स्थिर रहने के लिए खास कौशल की जरूरत होती है। उन्होंने इसे तेज रफ्तार दुनिया में मन की शांति से जोड़ते हुए कहा कि हमें कभी-कभी रुकना और शांत रहना जरूरी है। शुक्ला ने सुझाव दिया कि तेजी से आगे बढ़ने के लिए कभी-कभी धीमा होना जरूरी होता है। चाहे गुरुत्वाकर्षण हो या न हो, स्थिर रहना एक बड़ी चुनौती है। शुभांशु शुक्ला की कैसी है सेहत शुभांशु शुक्ला स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल ग्रेस में सवार होकर धरती पर लौटे, जो सैन डिएगो के तट पर प्रशांत महासागर में उतरा। लगभग तीन सप्ताह के एक्सियॉम-4 मिशन के दौरान शुक्ला और उनकी टीम ने 31 देशों के 60 से अधिक प्रयोग किए, जिनमें भारत के इसरो के 7 प्रयोग शामिल थे। शुक्ला की वापसी भारत के कॉमर्शियल अंतरिक्ष उड़ान में बढ़ते योगदान का अहम पड़ाव है। इस बीच, इसरो ने बताया कि शुभांशु शुक्ला के मेडिकल टेस्ट से संकेत मिला कि उनकी हालत स्थिर है और तत्काल चिंता की कोई बात नहीं है। अंतरिक्ष यान से बाहर निकलते ही रिकवरी शिप पर अंतरिक्ष यात्रियों की शुरुआती स्वास्थ्य जांच की गई। बाद में, अंतरिक्ष यात्रियों को आगे की मेडिकल जांच के लिए हेलीकॉप्टर से रिकवरी शिप पर ले जाया गया।  

विधानसभा की गरिमा पर सवाल: मंत्री गेम में मस्त, विपक्ष ने घेरा

मुंबई महाराष्ट्र में शरद पवार गुट के विधायक ने मंत्री माणिकराव कोकाटे का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है। इस वीडियो में मंत्री कोकाटे विधानसभा में मोबाइल पर गेम खेलते नजर आ रहे हैं। राकांपा-शरद पवार के विधायक रोहित पवार ने अजीत पवार की राकांपा की आलोचना की है। उन्होंने रविवार को कहा कि यह पार्टी भाजपा से सलाह-मशविरा किए बिना कोई काम नहीं कर सकती। मंत्री के इस वीडियो पर कांग्रेस ने भी उनके ऊपर निशाना साधा है। कृषि मंत्री के पास काम नहीं राकांपा (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने पोस्ट में लिखा कि सत्तारूढ़ राकांपा गुट भाजपा से सलाह-मशविरा किए बिना काम नहीं कर सकता। यही वजह है कि राज्य में कृषि से जुड़े कई मुद्दे लंबित होने और रोजाना आठ किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने के बावजूद कृषि मंत्री के पास कोई काम नहीं है। वह रमी खेलने में व्यस्त दिखते हैं। बार-बार प्रयास किये जाने के बावजूद राकांपा और मंत्री कोकाटे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। कांग्रेस ने लगाया धोखेबाजी का आरोप इस बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर किसानों के साथ ‘धोखेबाजी’ और ‘विश्वासघात’ करने का आरोप लगाया। वडेट्टीवार ने पत्रकारों से कहा कि राज्य में किसान मर रहे हैं और कृषि मंत्री अपने मोबाइल फोन पर गेम खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस धोखेबाज और विश्वासघाती सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। मैं किसानों से अपील करता हूं कि वे उन्हें सबक सिखाएं। फडणवीस ठाकरे मुलाकात पर क्या बोले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे की मुंबई के एक होटल में मुलाकात की खबरों के बारे में पूछे जाने पर वडेट्टीवार ने कहा कि दोनों अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए होटल में थे और उनकी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मुलाकात भी हुई, तो जरूरी नहीं कि सभी मुलाकातें राजनीतिक हों।