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ओडिशा में ग्रेनाइट खदान हादसा: छह की मौत, तीन घायल, सीएम नायडू ने कहा- बेहद दुखद

बल्लीकुरवा आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में रविवार सुबह एक दुखद हादसा हो गया, जब एक भारी ग्रेनाइट की चट्टान खदान में काम कर रहे मजदूरों पर गिर गई। इस हादसे में छह प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसा कैसे हुआ? पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे 10 से 15 मजदूर खदान में काम कर रहे थे, तभी अचानक एक विशाल चट्टान उन पर गिर पड़ी।  पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में लगता है कि बारिश या पानी के रिसाव की वजह से चट्टान कमजोर हो गई थी, जिससे वह गिर गई। पुलिस अधिकारी ने कहा, 'घटना के समय कोई ब्लास्ट या भूकंप जैसी गतिविधि नहीं हुई थी। पूरी जांच के लिए फॉरेंसिक टीम मौके पर भेजी गई है।' सभी मजदूर ओडिशा के रहने वाले जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में मारे गए और घायल हुए सभी मजदूर ओडिशा से आए हुए थे और खदान में काम कर रहे थे। वहीं इस घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोग और मजदूर संगठनों ने सरकार से मृतकों के परिवारों को मुआवजा और घायल मजदूरों को पूरी मदद देने की मांग की है। राहत और बचाव कार्य जारी हादसे के बाद पुलिस और खनन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक बयान में कहा, 'मैंने अधिकारियों से बात की है और घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए हैं। हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी।' वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने जताई संवेदना पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'यह बहुत ही दिल तोड़ देने वाली घटना है। ये मजदूर अपने परिवारों के लिए मेहनत कर रहे थे, और ऐसे में उनकी जान जाना बेहद दुखद है।' उन्होंने सरकार से मांग की कि घायलों को तुरंत इलाज मिले और मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए।  

SSC घोटाले का विरोध तेज़: देशभर में प्रदर्शन, परीक्षा रद्द करने की मांग

नई दिल्ली देशभर में बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध मुख्य रूप से हाल ही में हुई सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 परीक्षा में हुई भारी अनियमितताओं के कारण हो रहा है। छात्रों का गुस्सा दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना और जयपुर तक फैल चुका है, जहाँ वे 'दिल्ली चलो' आंदोलन के तहत अपनी आवाज उठा रहे हैं। विरोध की मुख्य वजह क्या है? इस विरोध की मुख्य वजह परीक्षा में हुई धांधली और तकनीकी खामियां हैं। छात्रों की प्रमुख शिकायतें इस प्रकार हैं: गलत परीक्षा केंद्र: कई छात्रों को उनके गृह नगर से 400-500 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए, जिससे उन्हें यात्रा और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नए वेंडर की विफलता: छात्रों का आरोप है कि नए वेंडर एडुक्विटी की वजह से सर्वर क्रैश, बायोमेट्रिक सत्यापन में विफलता और सिस्टम हैंग होने जैसी गंभीर तकनीकी समस्याएं आईं। आरोप है कि यह वही वेंडर है, जिसे पहले व्यापम घोटाले में अनियमितताओं के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था। अचानक परीक्षा रद्द: कई जगहों पर बिना किसी ठोस कारण के परीक्षा अचानक रद्द कर दी गई, जिससे छात्रों का समय और पैसा बर्बाद हुआ। खराब व्यवस्था: कई परीक्षा केंद्रों पर बिजली की कटौती, खराब बैठने की व्यवस्था और असुरक्षित परिसर जैसी बुनियादी समस्याएं भी थीं। पुलिस कार्रवाई और छात्रों का आक्रोश 31 जुलाई 2025 को 'दिल्ली चलो' आंदोलन के तहत हजारों छात्र और प्रसिद्ध शिक्षक जैसे नीतू मैम, अभिनय शर्मा और राजट यादव दिल्ली में इकट्ठा हुए। वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और हिरासत में लेने जैसी कार्रवाई की। छात्रों ने इस घटना को "लोकतंत्र की हत्या" बताया। छात्रों और शिक्षकों की प्रमुख मांगें प्रदर्शनकारी सरकार और एसएससी से निम्नलिखित मांगें कर रहे हैं: उच्च-स्तरीय जांच: नए वेंडर एडुक्विटी की नियुक्ति की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की जाए। वेंडर को हटाया जाए: एडुक्विटी का कॉन्ट्रैक्ट तुरंत रद्द किया जाए और एसएससी अपनी खुद की एक मजबूत तकनीकी प्रणाली विकसित करे। पारदर्शी केंद्र आवंटन: परीक्षा केंद्र छात्रों के गृह नगर या पास के शहरों में आवंटित किए जाएं। तुरंत समाधान: तकनीकी खामियों और अन्य समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।

रूस-यूक्रेन ड्रोन जंग हुई और खतरनाक, दोनों ओर से भारी हमला

रूस रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में ड्रोन हमलों का सिलसिला और तेज हो गया है। ताजा हमले में यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के काला सागर तट पर स्थित प्रसिद्ध रिसॉर्ट शहर सोची के पास एक तेल डिपो को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। क्रास्नोडार क्षेत्र के गवर्नर वेनियामिन कोंड्राटयेव  ने बताया कि ड्रोन के मलबे के गिरने से तेल डिपो के ईंधन टैंक में आग लगी। आग पर काबू पाने के लिए 120 से अधिक दमकलकर्मियों को लगाया गया है। सोशल मीडिया पर शेयर हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि तेल डिपो से काले धुएं का विशाल गुबार उठ रहा है।  सोची एयरपोर्ट पर उड़ानें रोकी गईं इस घटना के बाद रूस के नागरिक उड्डयन विभाग रोसावियात्सिया ने एहतियातन सोची एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसी बीच वोरोनिश  क्षेत्र में एक अन्य ड्रोन हमले में चार लोग घायल हुए हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रविवार रात तक रूस और काला सागर के ऊपर से कुल 93 यूक्रेनी ड्रोन  मार गिराए गए। यूक्रेन पर रूस का जवाबी हमला यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि रूस ने भी जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन पर 76 ड्रोन और 7 मिसाइलें दागीं। दक्षिणी यूक्रेन के माइकोलाइव शहर में एक आवासीय इलाके पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें सात लोग घायल हुए हैं। यूक्रेनी आपातकालीन सेवाओं ने इस हमले की पुष्टि की है। सोची रूस का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है और ऐसे में ड्रोन हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई है। यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस की ऊर्जा संरचना पर लगातार खतरा बना हुआ है।    

नौकरानी से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद: पूर्व प्रधानमंत्री के पोते प्रज्वल की पहचान बनी कैदी नंबर 15528

बेंगलुरु पूर्व JDS सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरू की अग्रहारा सेंट्रल जेल में कैदी नंबर 15528 बन गए हैं। रेवन्ना ने शनिवार को जेल में अपनी पहली रात बिताई। बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को प्रज्वल रेवन्ना को नौकरानी से रेप केस में उम्र कैद की सजा सुनाई। सांसदों/विधायकों की स्पेशल कोर्ट के जज संतोष गजानन भट ने रेवन्ना पर 11.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। इसमें से 11.25 लाख रुपए पीड़ित को दिए जाएंगे। जेल अधिकारियों ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद शाम को रेवन्ना का मेडिकल चेकअप करवाया गया। इस दौरान वह मेडिकल स्टाफ के सामने रोता रहा। हालांकि, इस दौरान उसने किसी से कोई बात नहीं की। मेडिकल चेकअप के बाद उसे जेल लाया गया, जहां उसे कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया। फार्महाउस में काम करने वाली 47 साल की महिला ने FIR दर्ज कराई थी रेवन्ना के परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 साल की महिला ने पिछले साल अप्रैल में रेवन्ना ​​​​​​के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इसमें रेवन्ना पर 2021 से कई बार रेप करने और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर वीडियो लीक करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने 18 जुलाई को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी। रेवन्ना के खिलाफ रेप, ताक-झांक, आपराधिक धमकी और अश्लील तस्वीरें लीक करने सहित कई धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उसके खिलाफ रेप के कुल 4 मामले दर्ज हैं। इनमें से यह पहला केस है, जिसमें उसे दोषी ठहराया गया है। रेवन्ना के 2 हजार से ज्यादा वीडियो क्लिप सामने आए थे पिछले साल, रेवन्ना के सोशल मीडिया पर 2,000 से ज्यादा अश्लील वीडियो क्लिप सामने आए थे। 2024 के लोकसभा चुनावों में रेवन्ना ने कर्नाटक की हासन संसदीय सीट पर दूसरी बार चुनाव लड़ा था, लेकिन वह अपनी सांसदी नहीं बचा सका। उसके खिलाफ दर्ज मामलों के बाद JDS ने उसे पार्टी से निलंबित भी कर दिया था। प्रज्वल रेवन्ना पर पुलिस-डॉक्टर-कार्यकर्ता-मेड समेत 50 से रेप का आरोप, सिर्फ 4 विक्टिम सामने आईं प्रज्वल रेवन्ना, हासन से सांसद और कर्नाटक की सबसे ताकतवर पॉलिटिकल फैमिली से उभरता लीडर। दादा एचडी देवगौड़ा राज्यसभा सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री, पिता एचडी रेवन्ना विधायक और पूर्व मंत्री, चाचा एचडी कुमारस्वामी विधायक और पूर्व CM, भाई सूरज MLC। 24 अप्रैल, 2024 की सुबह इस परिवार की छवि पर सबसे बड़ा धब्बा लगा।

रूस : कामचटका में तेज़ भूकंप से दहशत, कुरील आइलैंड के पास कंपन, खतरे में तीन जिले

 कामचटका पिछले हफ्ते इसी इलाके में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसके बाद अमेरिका, रूस और जापान सहित कई देशों में सुनामी की चेतावनियां जारी की थीं. लगातार आ रहे इन भूकंपों से आसपास के देशों में दहशत का माहौल है और विशेषज्ञ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.7 मापी गई रूस के पूर्वी क्षेत्र में स्थित कुरील द्वीप के पास कामचटका क्षेत्र में रविवार को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.7 मापी गई है. भूकंप के बाद रूस में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी पिछले सप्ताह इसी क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसके बाद अमेरिका, रूस और जापान सहित कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की थीं. बार-बार आ रहे भूकंपों से आसपास के देशों में दहशत फैल गई है और विशेषज्ञ हालात पर लगातार निगरानी रख रहे हैं. भूकंप के बाद तीन जिलों में सुनामी की संभावना रूस के आपातकालीन सेवा मंत्रालय ने चेतावनी जारी की है कि कामचटका प्रायद्वीप में आए भूकंप के बाद तीन जिलों में सुनामी की संभावना है. मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने और समुद्र तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.  

डिफेंस डिलीवरी में स्पेन की तेजी: भारत को समय से दो महीने पहले मिले सभी C-295 विमान

लंदन भारत को स्पेन से मिलने वाला 16 एयरबस सी-295 सैन्य परिवहन विमानों का अंतिम विमान शनिवार को मिल गया। यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। सी-295 पांच से दस टन क्षमता वाला परिवहन विमान है। यह आधुनिक तकनीक से लैस है। यह वायु सेना के पुराने एवरो विमानों का स्थान लेगा। इसकी डिलीवरी समय से दो महीने पहले की गई है। स्पेन में भारतीय राजदूत दिनेश के पटनायक ने वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सेविले में एयरबस डिफेंस एंड स्पेस असेंबली लाइन पर 16 एयरबस सी-295 सैन्य परिवहन विमानों में से अंतिम विमान प्राप्त किया। 11 घंटे तक की उड़ान क्षमता वाला है विमान 11 घंटे तक की उड़ान क्षमता वाला यह विमान एक बहुमुखी सामरिक परिवहन विमान है। भारत ने सितंबर 2021 में वायु सेना के लिए 56 सी-295 एमडब्ल्यू परिवहन विमानों की खरीद के लिए एयरबस डिफेंस एंड स्पेस स्पेन के साथ अनुबंध किया था। कुल 56 विमानों की डिलीवरी की जानी है, जिनमें से 16 विमानों की डिलीवरी सीधे एयरबस द्वारा स्पेन से की जानी थी और शेष 40 का निर्माण भारत में किया जाएगा। स्पेन ने शनिवार को 16 विमानों में से अंतिम विमान सौंपकर उस प्रतिबद्धता को पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्पेन के समकक्ष पेड्रो सांचेज ने पिछले साल अक्टूबर में गुजरात के वडोदरा में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) परिसर में सी-295 विमानों के निर्माण के लिए टाटा एयरक्राफ्ट काम्प्लेक्स का संयुक्त उद्घाटन किया था। टीएएसएल भारत में इन 40 विमानों को बनाने के लिए जिम्मेदार है। यह भारत में सैन्य विमानों के लिए पहला निजी क्षेत्र का फाइनल असेंबली लाइन (एफएएल) बन गई है। यह पूरी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में शामिल होगा, जिसमें निर्माण से असेंबली, परीक्षण, डिलीवरी और विमान के पूरे जीवनचक्र के रखरखाव तक का कार्य शामिल होगा। टाटा के अलावा, भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड जैसी अग्रणी रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां, साथ ही निजी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम भी इस कार्यक्रम में योगदान देंगे।  

राष्ट्रपति भवन में PM मोदी और द्रौपदी मुर्मू की मुलाकात, जानिए अंदरूनी चर्चा का एजेंडा

नई दिल्ली रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिससे यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित की है। इस चुनाव से पहले राजनीतिक हलकों में चर्चा जोरों पर है। 7 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, और प्रत्याशी 21 अगस्त तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। इस चुनाव के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।   पीएम मोदी और राष्ट्रपति की मुलाकात राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक फोटो शेयर करते हुए यह जानकारी दी कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। हालांकि, बैठक के दौरान हुई चर्चा के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि यह मुलाकात कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आधारित थी। बिहार विधानसभा चुनाव पर चर्चा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच इस मुलाकात में एक और अहम मुद्दा उठाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात में बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभ्यास पर चर्चा की गई। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर संसद में लगातार गतिरोध बना रहा था, और यह मुलाकात इसी पृष्ठभूमि में हुई। बिहार विधानसभा चुनाव में वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। वोटरों के नामों का सही तरीके से पंजीकरण और वोटिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने कई बार सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच एक विस्तृत चर्चा हुई, जिससे आगे आने वाली चुनाव प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के संकेत मिल रहे हैं।

छात्रा से दुर्व्यवहार मामले में सजा पाए शिक्षक को HC से अंतरिम राहत

 मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक 60 साल के ट्यूशन टीचर को जमानत दे दी है। उसे इसी साल की शुरुआत में एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी ठहराया गया था। जस्टिस सारंग वी. कोटवाल ने कहा कि पीड़िता को शायद कोर्ट में जवाब देने के बारे में बताया गया होगा। कोर्ट ने कहा कि जिरह में लड़की ने स्वीकार किया था कि उसकी मां ने उसे ट्रायल कोर्ट में सवालों के जवाब देने का तरीका बताया था। आपको बता दें कि लड़की की मां पुलिस कांस्टेबल है। यह घटना 15 मार्च, 2017 को हुई थी। पीड़िता उस समय चौथी कक्षा में पढ़ती थी। वह अपनी बड़ी बहन के साथ ट्यूशन क्लास में जा रही थी। लड़की की मां ने उसी साल 19 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी। लड़की ने दावा किया कि टीचर ने उसे अपने कमरे में बुलाया, किताब पढ़ने को कहा और उसके स्तनों को गलत तरीके से छुआ। लड़की डर गई और बगल वाले कमरे में चली गई जहां टीचर की पत्नी भी क्लास ले रही थी। अदालत ने कहा कि अपनी मां को इस घटना की जानकारी देने के बाद भी कथित घटना के एक दिन बाद ट्यूशन क्लास में जाने का लड़की का दावा असंभव लगता है। शिक्षक का दावा, झूठा फंसाया गया सुनवाई के दौरान, शिक्षक के वकील सत्यव्रत जोशी ने तर्क दिया कि कक्षा में न आने पर डांट खाने के बाद पीड़िता द्वारा रंजिश के तहत उसे झूठा फंसाया गया है। जोशी ने यह भी बताया कि कथित घटना के दौरान शिक्षक की पत्नी घर में मौजूद थी, जिससे किसी भी तरह के अपराध की संभावना कम हो जाती है। जोशी ने आगे आरोप लगाया कि बच्ची को उसकी मां ने पढ़ाया था। शिक्षक को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 10 और भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 354A के तहत दोषी ठहराया गया और पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। उसे 9 जनवरी 2025 को हिरासत में लिया गया था और इससे पहले उसने 2017 में कुछ समय जेल में बिताया था। अभियोजन पक्ष और पीड़िता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि एक 10 साल की बच्ची अपने शिक्षक के खिलाफ इस तरह के आरोप नहीं लगा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि कथित घटना एक अलग कमरे में हुई थी। हालांकि, अदालत ने कहा कि पीड़िता के गोलमोल जवाब और उसके बयान में विसंगतियां यह दर्शाती हैं कि कथित घटना सच नहीं हो सकती है। अदालत ने कहा, "अपनी मां को सूचित करने के बाद 16 मार्च को उसका फिर से ट्यूशन क्लास में जाती है। इस पर विश्वास करना मुश्किल लगता है। उसने आगे कहा कि उसे याद नहीं है कि वह 17 मार्च को ट्यूशन क्लास में गई थी या नहीं। ये सभी गोलमोल जवाब वकील सत्यव्रत जोशी के इस तर्क का समर्थन करते हैं कि घटना सच नहीं हो सकती है। इन सभी सवालों का फैसला अपील की अंतिम सुनवाई के दौरान किया जाएगा।"

कुलगाम में गोलियों की गूंज! सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को किया ढेर, ऑपरेशन जारी

कुलगाम जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच पिछले तीन दिनों से चल रही मुठभेड़ आज भी जारी है. अखल के जंगलों में कल पूरी रात विस्फोट और गोलीबारी जारी रही. भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि यह इस वर्ष का सबसे बड़ा ऑपरेशन हो सकता है. इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने अब तक तीन आतंकियों को ढेर करने में सफलता पाई है. एक जवान भी घायल हुआ है. इस आतंक रोधी अभियान में हाईटेक सर्विलांस सिस्टम और स्पेशल पैरा फोर्स के जवान शामिल हैं. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी और सेना की 15वीं कोर के कमांडर इस एंटी-टेरर ऑपरेशन पर कड़ी नजर रख रहे हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बयान में कहा कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक जॉइंट टीम अखल के जंगलों में चल रहे इस आतंकवाद विरोधी अभियान में लगी हुई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद 1 अगस्त को दक्षिण कश्मीर के अखल वन क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया. उन्होंने बताया कि छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने के बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की. जम्मू-कश्मीर में एक हफ्ते में तीन एनकाउंटर जम्मू-कश्मीर में इस हफ्ते यह सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले, सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकवादियों- सुलेमान, अफगान और जिब्रान को ढेर कर दिया था. लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष कमांडर सुलेमान पहलगाम और गगनगीर आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जुलाई को संसद को बताया था कि तीनों की पहचान पाकिस्तानी आतंकवादियों के रूप में हुई है, जिन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर निर्मम हत्या की थी. पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास 31 जुलाई को दो और आतंकवादी मारे गए थे. पुलिस ने बताया कि दोनों पाकिस्तान से घुसपैठ करके भारतीय सीमा में आए थे, जिन्हें एलओसी के पास ही सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया. वहीं, कुलगाम के जंगलों में 1 अगस्त को खुफिया सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था, जो आतंकियों की ओर से फायरिंग करने के बाद मुठभेड़ में बदल गई. 

भारत आर्थिक रफ्तार पर, झगड़ा नुकसानदेह – ट्रंप को अमेरिकी कारोबारी की सख्त सलाह

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एकदम से बाजी पलटते हुए बीते सप्ताह भारत पर 25 फीसदी का हाई टैरिफ (25% Tariff On India) और रूस के साथ कारोबार करने पर अतिरिक्त जुर्माने का ऐलान कर हलचल मचा दी. इस बीच ट्रंप के इस कदम पर तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आईं और इनमें उनकी कड़ी आलोचना भी की गई. इस क्रम में दिग्गज कनाडाई कारोबारी और टेस्टबेड के चेयरमैन किर्क लुबिमोव ने भारत के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारी टैरिफ लगाए जाने पर तीखी आलोचना की है और कहा है कि, 'भारत से झगड़ा मोल लेना ट्रंप की बड़ी भूल है.'      'सबसे तेज इकोनॉमी से ट्रंप छेड़ रहे लड़ाई' टेस्टबेड के अध्यक्ष किर्क लुबिमोव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए US President डोनाल्ड ट्रंप के बारत के खिलाफ उठाए गए कदम की आलोचना करते हुए इसे एक बड़ी भू-राजनीतिक भूल करार दिया है, जो एशिया में अमेरिकी स्ट्रेटिजिक टारगेट पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली साबित हो सकती है.  उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'मैंने पहले भी कहा है, और मैं फिर से कहूंगा, डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ विजन की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसमें भू-राजनीतिक रणनीति का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है. ट्रंप अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत (World's Fastest Growing Economy) के साथ लड़ाई छेड़ रहे हैं, जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शायद दुनिया में सबसे ज्यादा सम्मानित हैं और कई प्रमुख देशों में उनका प्रभाव है.'  Trump को दे दी ये बड़ी सलाह कनाडाई कारोबारी नेता लुबिमोव ने इस पोस्ट के जरिए चेतावनी देते हुए कहा है कि ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को चीन के प्रभुत्व को कम करने के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा इसका उद्देश्य चीन (China) और ब्रिक्स (BRICS) के प्रभुत्व और विकास को कमजोर करना है, जिसका भारत भी एक हिस्सा है और ये चीन से प्रोडक्शन स्थानांतरित करने के लिए एक स्वाभाविक देश हो सकता है, क्योंकि अमेरिका 50 सेंट के टूथब्रश नहीं बनाने वाला है.  इस बीच उन्होंने सलाह देते हुए ये भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को भारत के साथ कील-हथौड़े का इस्तेमाल करने के बजाय, कनाडा (Canada) के साथ आर्थिक सहयोग करना चाहिए और उसे साथ लाना चाहिए, जिससे कि ताकि प्राकृतिक संसाधनों की जरूरतों को पूरा किया जा सके. Dead Economy वाले बयान पर प्रतिक्रिया किर्क लुबिमोव का यह पोस्ट Trump द्वारा भारत और रूस (India-Russia) पर सीधा हमला करने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, 'मुझे परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है. वे अपनी डेड इकोनॉमी को मिलकर और गिरा सकते हैं, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.' उन्होंने भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की भी घोषणा करने के साथ ही भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल (Russian Crude Oil) और सैन्य उपकरणों की खरीद पर जुर्माना लगाने का भी ऐलान किया था.  यही नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ने तो भारत की व्यापार नीतियों पर भी तीखा हमला किया था और इन्हें अत्यंत कठोर बताया था. उन्होंने कहा था कि भारत दुनिया में अमेरिकी सामानों पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में सामिल है और उच्च टैरिफ और व्यापार बाधाओं के कारण अमेरिका ने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है. चीन के बाद रूसी तेल का बड़ा खरीदार भारत बता दें कि भारत वर्तमान में चीन के बाद रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है और यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) से पहले रूसी तेल आयात 1% से भी कम था, जो अब बढ़कर 35% से भी ज्यादा हो गया है. ट्रंप द्वारा लगाए गए जुर्माने के बाद भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसे अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस के साथ व्यापार जारी रखने के लिए सीधे निशाना बनाया जा रहा है. यही नहीं बीते दिनों रूस से अलग  ट्रंप प्रशासन ने ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद और बिक्री में शामिल छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो 20 ग्लोबल संस्थाओं को टारगेट करने वाली व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई का हिस्सा है. ट्रंप के बयान पर भारत का रुख Donald Trump के भारत को डेड इकोनॉमी करार दिए जाने वाले बयान पर भारत की ओर से भी तत्काल प्रतिक्रिया आई थी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने संसद को बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी (3rd Larget Economy In World) बनने की उम्मीद है. उन्होंने कहा था कि भारत ग्लोबल ग्रोथ में करीब 16 फीसदी का योगदान दे रहा है, क्योंकि तमाम सुधारों और भारतीय उद्योग जगत के लचीलेपन ने देश की इकोनॉमी को कमजोर 5 देशों में से एक से वैश्विक विकास के ग्रोथ इंजन में तब्दील किया है.