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चौंकाने वाला आंकड़ा: पाकिस्तान में फैक्ट्रियों से अधिक मस्जिद-मदरसे दर्ज

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की इकॉनॉमिक सेंसस रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक देश में मस्जिदों और मदरसों की संख्या फैक्ट्रियों से कहीं ज्यादा है. पाकिस्तान में 6 लाख से ज्यादा मस्जिदें और 36 हजार से अधिक मदरसे मौजूद हैं, जबकि फैक्ट्रियों की संख्या केवल 23 हजार है. यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है जब नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज की दूसरी समीक्षा पर बातचीत कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में कुल 40 मिलियन स्थायी इकाइयों में से 7.2 मिलियन रोजगार संरचनाएं दर्ज की गई हैं, जहां 2023 तक 25.4 मिलियन लोग काम कर रहे थे. इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा सर्विस सेक्टर का है, जिसमें 45% यानी 11.3 मिलियन लोग काम करते हैं. इसके बाद 30% यानी 7.6 मिलियन लोग सोशल सेक्टर में और सिर्फ 22% लोग प्रोडक्शन सेक्टर में कार्यरत हैं. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह आंकड़े इस मिथक को तोड़ते हैं कि इंडस्ट्री ही देश का मुख्य जॉब-क्रिएटिंग सेक्टर है, जबकि असल में सर्विस सेक्टर दुगुना रोजगार देता है. 6.04 लाख मस्जिदें और 36,331 मदरसे रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान में कुल 7.2 मिलियन दर्ज प्रतिष्ठानों में 2.7 मिलियन रिटेल शॉप्स, 1.88 लाख होलसेल शॉप्स, 2.56 लाख होटल और 1.19 लाख हॉस्पिटल शामिल हैं. एजुकेशन सेक्टर में 2.42 लाख स्कूल, 11,568 कॉलेज, 214 यूनिवर्सिटी, 6.04 लाख मस्जिदें और 36,331 मदरसे दर्ज किए गए. इनमें से ज्यादातर स्कूल सरकारी हैं, जबकि कॉलेजों में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी थोड़ी ज्यादा है. राज्यवार आंकड़े पंजाब में सबसे ज्यादा 58% प्रतिष्ठान हैं. इसके बाद सिंध (20%), खैबर पख्तूनख्वा (15%) और बलूचिस्तान (6%) का स्थान है. इस्लामाबाद कैपिटल रीजन की हिस्सेदारी सबसे कम यानी 1% है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के ज्यादातर बिज़नेस छोटे स्तर के हैं. लगभग 7.1 मिलियन इकॉनॉमिक स्ट्रक्चर्स 1 से 50 लोगों को रोजगार देते हैं. 51 से 250 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान केवल 35,351 हैं और 250 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाले यूनिट्स सिर्फ 7,086 हैं. रिपोर्ट पेश करते हुए योजना मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि "विश्वसनीय डेटा टिकाऊ विकास की रीढ़ है, क्योंकि यह एविडेंस-बेस्ड प्लानिंग और बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है."

दाचीगाम नेशनल पार्क में ऑपरेशन सफल, आतंकी ठिकाने को सुरक्षा बलों ने किया तबाह

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित दाचीगाम में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सेना के जवानों ने एक आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया है। आतंकी ठिकाने नष्ट होने की तस्वीर भी सामने आई है। जिसमें दिख रहा है कि दाचीगाम नेशनल पार्क में बने मत्सय पालन विभाग के फार्म के ऊपरी हिस्से में जंगल में आतंकी ठिकाना बना हुआ था। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

लगातार चार घंटे की बारिश ने थराली में मचाई तबाही, शव बरामद

थराली/नारायणबगड़ शुक्रवार जनपद चमोली के थराली और नारायणबगड़ विकासखंड में अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने के बाद भारी नुकसान हुआ है। थराली के सगवाड़, टुंडरी और नारायणबगड़ के जूडा गांव में बादल फटने के बाद गदेरों में आया बरसाती मलबा घरों और आवासीय दुकानों में जा घुसा। जिससे पूरी रात क्षेत्रवासियों ने दहशत में गुजारी। यही नहीं बरसाती गदेरे का रूख ब्लाक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, राडीबगड़ तहसील और एसडीएम आवास होने से मलबा आबादी क्षेत्र में कहर बन कर आया। चार घंटे बरसे बादल और फ‍िर… दरअसल थराली और नारायणबगड़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम 6 बजे से बादल बरसने शुरू हुए जो चार घंटे तक जमकर बरसे, लेकिन एकाएक रात 11 बजे जैसे ही आसमानी बिजली चमकना शुरू हुई तो क्षेत्रवासी सहम गए और एक दूसरे को मोबाइल के माध्यम से सचेत और सुध लेते रहे। स्थानीय निवासी रमेश चंद्र कहते हैं एकाएक आसमानी बिजली की तेज आवाज गुंजी तो सगवाड़ और टुूंडरी गदेरे मेंं पानी का उफान बढ़ा, जिससे चारों ओर लोगों के चिल्लाने की आवाजें आने लगी। इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने नुकसान और बादल फटने की जानकारी साझा की। देखते-देखते अलग-अलग स्थानों पर बरसाती बदेरे के साथ मलबा कहर बन कर पहुंच गया और अंधेरे में लोग मदद के लिए चीखते रहे। थराली के ब्लाक मुख्यालय, टुंडरी गदेरे चेपडो, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिवाई गदेरे राडीबगड़ के तीन किमी क्षेत्र में रात 11 बजे से दो बजे के बीच भारी बारिश के बाद थराली से चेपडो के क्षेत्र में पूरा भूगोल ही बदल गया। जगह-जगह लगे मलबे के ढेर और दुकानों और आवासीय भवनों  में घुसे मलबे के बीच लोगों के दबने की खबरें आने लगी। मदद के लिए लोगों ने प्रशासन और पुलिस को फोन किया। अतिवृष्टि के चलते मलबा तहसील सहित एसडीएम आवास में घुस गया था। बावजूद इसके एसडीएम थराली पंकज भट्ट ने आपदा में फंसे लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन और एसडीआरएफ, पुलिस को तत्काल मदद की सूचना भेजी और स्वयं भी मौके पर पहुंचे। थराली थराली के राडीबगड़- थराली डूंगरी मोटर मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास, चेपड़ो बाजार में कई मकान दुकान वाहन मलबे की चपेट में आए। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। चेपड़ो में एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। सगबाड़ा में प्रधान नरेंद्र सिंह के घर में भी भारी मलबा आने उनकी 20 वर्षीय पुत्री कविता दब गई और उसकी मौत हो गई। चेपड़ो के गंगा दत्त जोशी भी मलबे की चपेट में आने से लापता हो गए हैं। चेपड़ो में लक्ष्मी जोशी, महावीर शाह , महिपाल सिंह , दर्शन सिंह शाह, गंगा सिंह शाह, प्रदीप बुटोला, महिपाल शाह, विकास जोशी , हर्षवर्धन बुटोला , देवेंद्र सिंह शाह वस्वानन्द जोशी , हरेंद्र सिंह शाह , नरेंद्र सिंह शाह, जोशी टी स्टाल, आदि दुकानें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गयी है। बारिश बाद आए मलबे से चेपडों-से विजयपुर को जोड़ने वाला पिंडर नदी पर बना पुल भी मलबे से भर गया, जिससे आवाजाही प्रभावित रही। जबकि पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने ने नदी तट से लगे भवनों को पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना पहले ही दे दी थी। नारायणबगड़ नारायणबगड़ विकासखंड के जूड़ा गांव में ग्रामीणों की शुक्रवार रात दहशत में गुजरी। यहां हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। अचानक हुई इस आपदा में तीन आवासीय मकानों को गंभीर क्षति पहुंची, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं, संपर्क मार्ग, पेयजल लाइन और विद्युत लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण शिशुपाल सिंह, नवीन चंद्र डिमरी और गुड़ु गौड़ ने बताया कि शुक्रवार देर रात बादल फटने से नरेश डयूंडी के मकान का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही भारी मलबा रविदत्त मलेठा और हंसराम डुंयूडी के मकानों से टकराते हुए त्रिलोक सिंह के मकान के ऊपर जा पहुंचा। सौभाग्य से इन मकानों में उस समय कोई नहीं रह रहा था, अन्यथा यह हादसा बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना से पूरा गांव दहशत में रहा और लोग पूरी रात घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे और रात खुलने का इंतजार करते रहे। थराली ओर नारायणबगड़ में बादल फटने के बाद बिजली सप्लाई गुल होने से समस्या विकट बनी रही विद्युत लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से गांव में अंधेरा छा गया। थराली में सुबह बिजली आपूर्ति कुछ क्षेत्रों में बहाल हो ग,ई लेकिन पेयजल योजनाओं के टूट जाने से जलसंकट गहरा गया है।  

जान की परवाह किए बिना ड्यूटी निभाई, हिमाचल की नर्स ने दिखाई बहादुरी

शिमला  हिमाचल प्रदेश में बरसात कहर बरपा रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में पुल और सड़कें बह चुकी हैं और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसी बीच मंडी जिला की चौहारघाटी से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सबको हैरान कर दिया। वीडियो में स्टाफ नर्स कमला उफनते नाले को पत्थरों पर छलांग लगाकर पार करती नजर आ रही हैं। ड्यूटी पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डाली मंडी जिला की चौहारघाटी की सुधार पंचायत में तैनात स्टाफ नर्स कमला टिक्कर गांव की रहने वाली हैं। कमला ने बताया कि उन्हें रोजाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुधार में ड्यूटी देनी होती है। लेकिन भारी बारिश से क्षेत्र के छह फुट ब्रिज बह चुके हैं, जिससे रोजाना ड्यूटी पर पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में कमला ने जान की परवाह किए बिना उफनते गढ़ नाले को छलांग लगाकर पार किया और समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गईं। उन्हें ड्यूटी के लिए रोजाना करीब चार किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है। लेकिन जान की परवाह किए बगैर उन्होंने उफनते नाले को कूदकर पार किया। तब जाकर वह समय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ड्यूटी के लिए पहुंच पाई। हाल ही में भारी बारिश से चौहारघाटी की सिल्हबुधानी और तरस्वाण पंचायतों में भारी नुकसान हुआ है। यहां कई सड़कें और पुल बह गए हैं। मजबूरी में लोगों को नाले और खड्ड पैदल ही पार करने पड़ रहे हैं। यही कारण है कि नौकरीपेशा लोग भी रोजाना खतरों का सामना करने को मजबूर हैं। बारिश से मंडी में भारी तबाही इस मानसून सीजन में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। यहां बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बीते 30 जून की रात को ही करीब 12 जगह बादल फटने की घटनाएं हुई थीं। हाल ही में सराज क्षेत्र में भी एक महिला और पुरुष नाले को पार करते समय बह गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। प्रदेशभर में बंद पड़ी 338 सड़कें राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार को प्रदेशभर में 338 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से बंद हैं। इनमें मंडी जिला में 162, कुल्लू में 105 और कांगड़ा में 21 सड़कें शामिल हैं। कुल्लू जिले का नेशनल हाईवे 305 भी कई जगह बंद पड़ा है। इसके अलावा 172 बिजली ट्रांसफार्मर और 133 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। मानसून सीजन में अब तक 295 मौतें प्रदेश में 20 जून से शुरू हुए मानसून सीजन ने गहरे जख्म दिए हैं। अब तक 295 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें मंडी में 48, कांगड़ा में 47, चंबा में 35 और शिमला में 27 लोग शामिल हैं। इसके अलावा 37 लोग अभी भी लापता हैं और 350 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। 2,976 मकान क्षतिग्रस्त, 391 दुकानें गिरीं आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अब तक 2,976 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें 658 पूरी तरह ढह गए हैं। 391 दुकानें और 2,685 पशुशालाएं भी नष्ट हो चुकी हैं। 1,821 पालतू पशु और 25,755 पोल्ट्री पक्षी मारे गए हैं। प्रदेश को अब तक 2,326 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 1,306 करोड़ और जलशक्ति विभाग को 753 करोड़ का नुकसान हुआ है। 26 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 23 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 24 से 26 अगस्त तक भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट रहेगा। बीते 24 घंटों में सोलन के नालागढ़ और हमीरपुर के नादौन में 60-60 मिमी, जोगिंद्रनगर में 50 मिमी और जतौन बेरेज में 40 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

US नागरिकों से 130 करोड़ की ठगी, भारत में फर्जी कॉल सेंटर पर ED की छापेमारी

नई दिल्ली भारत में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से विदेशी, खासतौर से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। एक अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में हर साल इंटरनेट से जुड़ी ठगियों के कारण कई हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा भारत आधारित कॉल सेंटरों से जुड़ा है। इसी को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल ऑफिस टीम ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इससे पहले पुणे में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। जांच एजेंसी ने बुधवार को गुरुग्राम और नई दिल्ली में सात स्थानों पर छापेमारी की और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत अपने कब्जे में लिए। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई। जानकारी के मुताबिक, कुछ युवाओं ने मिलकर अमेरिकी नागरिकों से 2-3 वर्षों में 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (130 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी की। ईडी की जांच में सामने आया है कि तीन युवक- अर्जुन गुलाटी, दिव्यांश गोयल और अभिनव कालरा नोएडा और गुरुग्राम में अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। ये कॉल सेंटर तकनीकी सहायता के नाम पर मुख्यतः अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाकर पैसे विदेशी खातों में ट्रांसफर करते थे और बाद में जटिल लेनदेन के जरिए उन रकम को भारत में वापस लाते थे। 130 करोड़ रुपये की ठगी ईडी के मुताबिक, नवंबर 2022 से अप्रैल 2024 के बीच इस गिरोह ने लगभग 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपये) की ठगी की। जांच में अब तक 200 से अधिक बैंक खातों की जानकारी सामने आई है जिनका इस्तेमाल धन शोधन के लिए किया गया। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई अहम डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए। साथ ही, 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए, आठ लग्जरी कारें और महंगी घड़ियां जब्त की गईं। ईडी का कहना है कि आरोपी आलीशान मकानों में रहते थे और अवैध कमाई से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित कर चुके थे। यह जांच सीबीआई, आईओडी दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर में अज्ञात आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। आरोप था कि दिल्ली और आसपास अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को टेक सपोर्ट स्कैम के जरिए धोखा दिया जा रहा था। ईडी ने बताया कि आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है। पुणे में भी ऐसी ही कार्रवाई हाल ही में पुणे पुलिस ने भी एक बड़े साइबर अपराध का पर्दाफाश करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था, जिसके जरिए हजारों अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर पुणे के एक व्यावसायिक क्षेत्र में संचालित हो रहा था और इसमें शामिल लोग खुद को तकनीकी सहायता कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। पुणे पुलिस की साइबर क्राइम शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में एक अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा है। इसके बाद, पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान, कॉल सेंटर से कंप्यूटर, सर्वर, फर्जी दस्तावेज और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया। मई में एक गुप्त सूचना के आधार पर, एसीपी गणेश इंगले और वरिष्ठ निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे, शब्बीर सैय्यद और अजय वाघमारे के नेतृत्व में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की एक टीम ने रात करीब 10 बजे खराडी स्थित आलीशान प्राइड आइकॉन प्रोजेक्ट की नौवीं मंजिल पर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने पाया कि "मैग्नेटल बीपीएस एंड कंसल्टेंट्स एलएलपी" के नाम से कथित अवैध कॉल सेंटर में जुलाई 2024 से 12 महिलाओं और 111 पुरुषों सहित 123 कर्मचारी काम कर रहे थे। इस बीच, लगभग दस घंटे चली छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 64 लैपटॉप, 41 मोबाइल फोन, चार राउटर जब्त किए, जिनकी कीमत 13.74 लाख रुपये है। पुलिस को जब्त लैपटॉप में संदिग्ध ऑनलाइन एप्लिकेशन, वीपीएन सॉफ्टवेयर और लाखों अमेरिकी नागरिकों का डेटा मिला।  

राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: 62 लाख लोगों के खाते में आएंगे 3200-3200 रुपये

केरल  ओणम से पहले केरल के पेंशनर्स को राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। जुलाई महीने में रोकी गई सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर फंड पेंशन अब अगस्त में एक साथ दो महीने के भुगतान के रूप में दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लाखों लाभार्थी त्योहार के मौके पर किसी आर्थिक सहायता की उम्मीद कर रहे थे। दो महीने की पेंशन एक साथ राज्य के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने घोषणा की है कि अगस्त के महीने में 62 लाख पेंशन धारकों को एक साथ दो महीनों की पेंशन दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने कुल ₹1679 करोड़ की राशि मंजूर की है। प्रत्येक पात्र लाभार्थी को ₹3200 की पेंशन मिलेगी, जिसमें एक महीने की नियमित किश्त और एक महीने का लंबित भुगतान शामिल है। बैंक खातों में सीधी जमा राशि 23 अगस्त को, लगभग 26.62 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि सीधा ट्रांसफर कर दी जाएगी। शेष लाभार्थियों को यह राशि सहकारी बैंकों के माध्यम से उनके घर-द्वार पर पहुंचाई जाएगी। केंद्र सरकार की भागीदारी भी शामिल राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी इस योजना में सहयोग कर रही है। -राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत 8.46 लाख लाभार्थियों को केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में मदद मिलेगी। -इसके लिए केंद्र सरकार की पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए ₹48.42 करोड़ की राशि पहले ही मंजूर की जा चुकी है।  क्या है सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर पेंशन स्कीम? यह योजना समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित लोग शामिल होते हैं: -वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से ऊपर) -विधवाएं -दिव्यांगजन -अति निर्धन परिवार   इस स्कीम का संचालन मुख्य रूप से राज्य सरकारें करती हैं, हालांकि कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार भी आर्थिक सहयोग करती है। इसका लक्ष्य है कि ऐसे नागरिक, जिनके पास कोई नियमित आय का स्रोत नहीं है, उन्हें मासिक पेंशन के रूप में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता मिलती रहे।  

भारतीय व्हिस्की की बढ़ी विदेशों में धाक, अवॉर्ड्स जीतकर बनाए नए रिकॉर्ड

नई दिल्ली  भारतीय व्हिस्की ने बीते कुछ वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है। एक समय था जब उपभोक्ता केवल इंपोर्टेड ब्रांड्स को तरजीह देते थे, लेकिन अब भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी शानदार गुणवत्ता और स्वाद के लिए पहचानी जा रही हैं। वर्ष 2025 में भारतीय सिंगल मॉल्ट्स ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय ब्रांड्स का जलवा देवांस ज्ञानचंद आडम्बरा और मंषा आडम्बरा को लास वेगास में आयोजित IWC (International Whisky Competition) में "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट" और "बेस्ट इंडियन व्हिस्की" का खिताब मिला। वहीं मंषा ने जर्मनी के ISW (International Spirits Award) में "इंटरनेशनल व्हिस्की ऑफ द ईयर" का अवॉर्ड अपने नाम किया। इंद्री-त्रिणि द्रु इस दमदार कास्क-स्ट्रेंथ सिंगल मॉल्ट को मायामी ग्लोबल स्पिरिट्स अवॉर्ड्स 2025 में "बेस्ट वर्ल्ड व्हिस्की" का अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही इसे इंटरनेशनल स्पिरिट्स चैलेंज में गोल्ड मेडल भी हासिल हुआ।   पॉल जॉन "द ग्रेट इंडियन सिंगल मॉल्ट" के नाम से मशहूर पॉल जॉन को "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट", "बेस्ट एशियन व्हिस्की" और सैन फ्रांसिस्को वर्ल्ड स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन में "डबल गोल्ड" जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। गोडावन यह भारत की सबसे अधिक सम्मानित सिंगल मॉल्ट बन चुकी है, जिसे अब तक 85 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। लंदन स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन 2024 में इसे "सिंगल मॉल्ट व्हिस्की ऑफ द ईयर" का खिताब भी मिला है। तेजी से बढ़ रहा है भारतीय सिंगल मॉल्ट का बाजार भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल गुणवत्ता में विदेशी ब्रांड्स के बराबर खड़ी हैं, बल्कि कीमत के लिहाज से भी उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक विकल्प बन गई हैं। यही कारण है कि भारत में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। ग्लोबल लेवल पर भारतीय एल्कोहल इंडस्ट्री की मांग वर्ष 2025 तक 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह बाजार 2025 से 2035 के बीच 7.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 300 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। 2020 से 2025 तक यह बाजार 6.8 प्रतिशत की CAGR से बढ़ा था। देश में बदलती जीवनशैली, युवा आबादी की बढ़ती संख्या और सामाजिक स्वीकार्यता ने शराब उद्योग को नया रूप दिया है। आज युवा वर्ग शराब को सामाजिक मेलजोल और मनोरंजन का माध्यम मान रहा है। साथ ही, महिलाओं की वर्कफोर्स में बढ़ती भागीदारी और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता के चलते भी शराब की खपत में वृद्धि देखी जा रही है।  

टैरिफ तनाव और डाक सेवा रोक के बीच भारत की रणनीति

वाशिंगटन  अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगने के बाद नियमों में बदलाव भी हो रहा है. अब भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. भारत 25 अगस्‍त से अमेरिका के लिए ज्‍यादातर डाक सर्विस को बंद कर देगा. यह कदम अमेरिकी सरकार की ओर से 30 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश के बाद आया है, जिसमें 800 अमेरिकी डॉलर तक के आयातित सामानों पर टैरिफ छूट वापस ले ली गई है.  अमेरिकी सरकार के नियम के तहत 29 अगस्त से, अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी सामान इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमी पॉवर एक्‍ट (IEEPA) टैरिफ इंफ्रा के तहत सीमा शुल्क को आकर्षित करेंगे. हालांकि 100 अमेरिकी डॉलर तक की वस्‍तुएं टैरिफ छूट के तहत रहेंगी.    अमेरिकी आदेश के अनुसार, इंटरनेशनल डाक नेटवर्क के माध्‍यम से माल पहुंचाने वाले एयलाइंस या अमेरिकी सीमा शुल्‍क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) की ओर से अप्रूव अन्‍य पार्टी को भी डाक शिपमेंट पर टैरिफ वसूलने और उसका पेमेंट करना आवश्‍यक है. इस संबंध में CBP ने 15 अगस्‍त को एक दिशानिर्देश भी जारी किया है, लेकिन अभी टैक्‍स कलेक्‍शन और उसे भेजने की व्‍यवस्‍था जैसी कई चीजें अभी तय नहीं हुई हैं.  क्‍यों भारत ने रोकी डाक सर्विस जिस कारण अमेरिका जाने वाली एयरलाइंस ने परिचालन और तकनीकी तैयारी की कमी का हवाला देते हुए 25 अगस्त, 2025 के बाद डाक खेप स्वीकार करने में असमर्थता व्यक्त की है. इन सभी वजहों को ध्‍यान में रखते हुए डा‍क विभाग ने 25 अगस्‍त से अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक वस्‍तुओं की बुकिंग अस्‍थायी तौर से रोकने का फैसला किया है. लेकिन अभी 100 अमेरिकी डॉलर तक के डाक भेजे जा सकते हैं.  स्‍पष्‍टीकरण के बाद ही फिर शुरू होगी सर्विस  पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सीबीपी और यूएसपीएस से आगे स्पष्टीकरण मिलने के बाद, इन छूट प्राप्त श्रेणियों को अमेरिका में स्वीकार और भेजा जाता रहेगा. वहीं डाक विभाग सभी हितधारकों के साथ समन्वय में उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जल्द से जल्द सेवाओं को सामान्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. 

जयशंकर ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, कहा– समझौता नहीं होगा, अन्याय नहीं सहेंगे

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ पर ट्रंप को जमकर सुनाया है। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को जयशंकर ने पूरी तरह से गलत बताया है। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2025 में बोलते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करते वाला है। सीमा नहीं पार होनी चाहिए जयशंकर ने कहा कि कुछ सीमाए हैं, जिनका पालन करना होगा। हमारे लिए मुख्य तौर पर हमारे किसान और छोटे उत्पादक अहम हैं। इस मामले में हम पीछे नहीं हअ सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे सफल या अफसल होने की बात कह सकते हैं। लेकिन बतौर सरकार हम अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हम इसको लेकर दृढ़ हैं। जयशंकर ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिस पर हम समझौता नहीं कर सकते। टैरिफ और तेल विवाद एस जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि टैरिफ मुद्दे को गलत तरीके से तेल विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और अन्य यूरोपीय देश तो हमसे ज्यादा मात्रा में रूस से तेल आयात कर रहे हैं। लेकिन टैरिफ वाली बात उनके ऊपर लागू नहीं हो रही है। जयशंकर ने आगे कहा कि जब लोग कहते हैं कि भारत युद्ध के लिए रूस को पैसा दे रहा है, तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि रूस-यूरोपीय व्यापार भारत-रूस व्यापार से कहीं अधिक बड़ा है। इस बात में काफी विरोधाभास है। नए राजदूत से टिप्पणी पर इनकार जयशंकर ने साफ कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इसे रणनीतिक स्वायत्तता बताया। भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि तनाव के बावजूद बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि हम दो बड़े देश हैं… लाइनें कटी नहीं हैं, लोग एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, और हम देखेंगे कि यह कहां जाता है। वाशिंगटन के नए राजदूत के बारे में पूछे जाने पर, जयशंकर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।  

शिमला की सड़क पर नोटों की बारिश, दिल्ली निवासी ने 19 हजार रुपए बिखेरे

शिमला हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां के रिज मैदान इलाके में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एक शख्स ने शुक्रवार को नोटों की बारिश कर दी। जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ लग गई और वे उसका वीडियो बनाने लगे। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन नोटों को उठाने के लिए कोई इंसान आगे नहीं आया। बल्कि वहां मौजूद लोगों ने इस बारे में पुलिस को खबर कर दी। जिसके बाद पुलिस ने आकर सड़क पर पड़े उन नोटों को उठवाया और उन्हें उड़ाने वाले उस शख्स को अपने साथ थाने ले गई। हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने वह सारी राशि उसी व्यक्ति को वापस उसी शख्स को दे दी। पुलिस के अनुसार शख्स ने करीब 19 हजार रुपए की रकम उड़ाई थी, जो उसे वापस कर दी गई। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहां खड़े लोगों ने बिखरे नोटों को हाथ भी नहीं लगाया विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नोटों की यह बारिश दिल्ली से आए एक शख्स ने शिमला के रिज इलाके में स्थित 'टका बेंच' से महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास की थी। वह दोस्तों के साथ घूमने आया था। इस दौरान उसने 50, 100 और 200 रुपए के नोट के रूप में हजारों रुपए उड़ा दिए। लोगों ने जब इस बारे में वहां तैनात पुलिसकर्मियों को बताया तो उन्होंने उस शख्स को जाकर उसे ऐसा करने से रोका और उसे मालरोड पर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम ले गए। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद लोगों की मदद से वहां सड़क पर पड़े नोटों को उठवाया और उन्हें भी थाने ले गए। शख्स ने बताई इस हरकत को करने की वजह पुलिस ने जब उस शख्स से इस हरकत को करने की वजह के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह जरूरतमंदों की मदद के लिए यह राशि लेकर आया था, हालांकि जब उसे कोई ऐसा इंसान नहीं मिला, तो उसने उन्हें उड़ाते हुए रिज मैदान पर पैसों की बारिश कर दी। वहीं जब पुलिस ने उसके दोस्तों से उस शख्स के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है, और कुछ समय के अंतराम पर ऐसी हरकतें करता रहता है। जिसके बाद पुलिस ने उसे उसके उड़ाए 19 हजार रुपए के अलग-अलग नोट और समझाइश देकर चलता कर दिया।