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पांच साल में बांग्लादेश में 3582 हमलों की रिपोर्ट, 2024 में 2.06 लाख भारतीयों का नागरिकता त्याग

नई दिल्ली  संसद में शुक्रवार को पेश हुई सरकारी रिपोर्ट ने एक साथ कई अहम मुद्दों  नागरिकता त्याग, विदेशों में हिंदू समुदाय और भारतीयों पर हमले, चीन के साथ सीमा विवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं में अनियमितताएं और प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम से हुई कमाई पर विस्तृत जानकारी दी। 2.06 लाख भारतीयों ने 2024 में छोड़ी नागरिकता  विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लोकसभा में बताया कि वर्ष 2024 में  2,06,378 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ी जबकि 2023 में यह संख्या 2,16,219  थी। पिछले पांच वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर  8.96 लाख तक पहुंच गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकता छोड़ने या विदेशी नागरिकता अपनाने के कारण पूरी तरह व्यक्तिगत होते हैं और सरकार इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं रखती कि लोग किन वजहों से देश छोड़ रहे हैं।   विदेशों में हिंदुओं पर हमले और मंदिरों में तोड़फोड़      राज्यसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में 2021 से अब तक हिंदुओं पर 3,582 हमले  दर्ज किए गए हैं।      हमले विशेष रूप से रंगपुर और चटगांव जैसे इलाकों में अधिक हुए हैं।      पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हिंसा के  334 मामलों को भारत ने आधिकारिक तौर पर इस्लामाबाद के समक्ष उठाया है।      अमेरिका में 2024 में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ के  5 मामले सामने आए, जबकि कनाडा में 4 और ब्रिटेन में भी हमलों के मामले दर्ज हुए। चीन के कब्जे में  भारतीय जमीन  सरकार ने पुष्टि की कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के अंत में चीन ने 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया था और यह स्थिति अब तक बनी हुई है।भारत ने सीमा विवाद सुलझाने के लिए कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य वार्ताएं की हैं, लेकिन समाधान अभी भी दूर है। लालमोनिरहाट एयरबेस पर भारत की नजर  बांग्लादेश के लालमोनिरहाट एयरबेस को लेकर मिली रिपोर्टों का भारत ने संज्ञान लिया है। विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर सतर्क और सक्रिय है।संसद में सवाल पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश ने इस एयरबेस से चीन को सैन्य गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी है इस पर मंत्री ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

आरजी कर मामले में पुलिस की बदसलूकी, रेप पीड़िता की मां ने उठाए गंभीर सवाल

कोलकाता महानगर के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म व हत्या की पीड़िता डॉक्टर की मां ने शनिवार को आरोप लगाया कि जब वह अपनी बेटी के दुष्कर्म और हत्या की बरसी पर नवान्न (राज्य सचिवालय) की ओर एक मार्च में शामिल होने जा रही थीं, तो महिला पुलिसकर्मियों ने बिना उकसावे के उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान शंख से बनी पारंपरिक चूड़ियां टूट गईं और उनके सिर पर चोट भी लगी। पीड़िता की मां ने क्या कहा? पीड़िता की मां ने कहा कि हमें इस तरह क्यों रोका जा रहा है? हम बस नवान्न पहुंचकर अपनी बेटी के लिए न्याय मांगना चाहते हैं। रैली में शामिल लोगों ने यह कहते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की कि वह महिलाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही हैं। वहीं, पीड़िता के पिता ने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार को डोरिना क्रॉसिंग तक पहुंचने से रोका, जहां से उन्हें मार्च में शामिल होना था। जबकि, कोर्ट ने शांतिपूर्ण रैली की अनुमति दी थी। धरना के दौरान पीड़िता की मां हुई बीमार पीड़िता की मां रेसकोर्स के बगल वाले बैरिकेड के निकट धरना देने के दौरान बीमार हो गईं। कथित तौर पर, जब उन्होंने पुलिस से पानी मांगा तो उन्होंने नहीं दिया। बाद में, वहां मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने पानी लाया। लेकिन पानी देने और चेहरे पर पानी डालने के बाद भी पीड़िता की मां की तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पार्क स्ट्रीट बैरिकेड के निकट धरना पर बैठे नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने शिकायत की कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में 100 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया। विपक्षी नेता ने कहा कि मैं पीड़िता की मां को देखने अस्पताल जाऊंगा। पीड़िता के पिता का आरोप इससे पहले पीड़िता के पिता बैरिकेड से नीचे उतरे और बैरिकेड में एक गैप से पुलिस से बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "हाई कोर्ट ने हमें इजाजत दी है, आप मुझे क्यों रोक रहे हैं? हम शांतिपूर्वक जा रहे हैं। मुझे जाने दीजिए।" पुलिस से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पीड़िता के माता-पिता कई प्रदर्शनकारियों के साथ वहीं पर बैठ गए थे।  

NSA डोभाल की रूस में मुलाकात, साल के अंत में पुतिन करेंगे भारत का दौरा

नई दिल्ली  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ द्विपक्षीय सैन्य-तकनीकी संबंधों और रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा की। डोभाल द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा संबंधों पर महत्वपूर्ण वार्ता करने और इस वर्ष के अंत में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की तैयारी के लिए रूस में हैं। भारत स्थित रूसी दूतावास के अनुसार, डोभाल और मंतुरोव की मुलाकात शुक्रवार को हुई। दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस बैठक के दौरान भारत-रूस के बीच सैन्य-तकनीकी सहयोग से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही असैन्य विमान निर्माण, धातु उद्योग और रासायनिक उद्योग जैसे अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं को लागू करने पर भी बातचीत हुई।'' डोभाल ने बृहस्पतिवार को क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान, उन्होंने बाहरी दबाव के बावजूद रूस के साथ सभी मोर्चों पर सहयोग जारी रखने की नयी दिल्ली की प्रतिबद्धता दोहराई।   डोभाल की यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करके रूस से तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया है। इसके बाद कुल शुल्क 50 फीसदी हो गया है। सूत्रों के अनुसार, डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति पुतिन को इस वर्ष के अंत में भारत आने का निमंत्रण दिया। पुतिन ने आभार के साथ निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।    

चार दिन के इंतजार के बाद शुरू हुई केदारनाथ यात्रा, दो हजार से ज्यादा यात्री निकले रास्ते पर

रुद्रप्रयाग लगातार वर्षा और केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर गिरने के चलते पिछले चार दिनों से बंद केदारनाथ यात्रा शनिवार को शुरू हो गई। शनिवार को दो हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए। बीते दिनों वर्षा और जगह-जगह भूस्खलन के चलते यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चार दिन तक केदारनाथ यात्रा पर अस्थाई रूप से रोक लगाई हुई थी। गौरीकुंड व केदारनाथ के बीच हाईवे पर मुनकटिया व इसके आस-पास पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा था, जबकि पहाड़ी से बोल्डर भी गिर रहे थे। गौरीकुंड-केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग पर भी कई जगहों पर वर्षा के चलते बोल्डर गिर रहे थे। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अस्थाई रूप से रोक लगा दी थी।   मौसम पर निगरानी बनाए हुई थी पुलिस शनिवार को सोनप्रयाग में सुबह से पुलिस मौसम पर निगरानी बनाए हुई थी। मौसम अनुकूल रहने पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर पुलिस ने यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड जाने की अनुमति दी, जबकि गौरीकुंड से भी पैदल मार्ग की स्थिति का आकलन करने और सभी परिस्थितियां अनुकूल रहने पर यात्रियों को केदारनाथ जाने की अनुमति दी गई। सोनप्रयाग से दो हजार यात्री केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए। विशेष रूप से सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच संवेदनशील जगहों पर पुलिस सुरक्षा के बीच यात्रियों की आवाजाही कराई गई। कोतवाली निरीक्षक राकेंद्र कठैत ने बताया कि मौसम अनुकूल रहने पर यात्रियों को सुरक्षा के बीच गौरीकुंड भेजा गया। वहां से भी पैदल मार्ग की स्थिति के अनुसार ही यात्री आगे भेजे गए।

मौसम विभाग ने 10-15 अगस्त के लिए जारी किया रेड अलर्ट, इन राज्यों में होगी जोरदार बारिश

नई दिल्ली  देश के कई हिस्सों में मौजूदा मानसून की सक्रियता ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिल्ली-NCR में आज सुबह से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों को खासा झटका लगा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों को लेकर कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे खासकर त्योहार रक्षाबंधन पर कई इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले सात दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, 10 से 14 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में अत्यधिक बारिश का दौर शुरू हो सकता है। दिल्ली में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मध्य भारत और राजस्थान के कई इलाकों में हल्की बारिश के शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जो अगले चार-पांच दिनों तक जारी रह सकते हैं। पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून का असर तेज पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। 8 से 13 अगस्त तक इन राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने इन इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है, क्योंकि भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। राखी के दिन और उसके बाद मौसम का हाल     उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश: 10 अगस्त से भारी बारिश शुरू हो जाएगी, जो राखी के दिन भी जारी रहने की संभावना है। इन राज्यों में तेज बारिश के साथ कुछ जगहों पर बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा।     दिल्ली-NCR: राखी के दिन गरज के साथ बारिश हो सकती है, जिससे मौसम ठंडा रहेगा लेकिन कहीं-कहीं जलभराव की समस्या हो सकती है।     मध्य भारत और राजस्थान: अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी, जो त्योहार के दौरान भी जारी रह सकती हैं।     पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।     तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु: इन दक्षिणी राज्यों में भी 10 से 15 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की परेशानी हो सकती है।     बिहार और आसपास के जिलों: पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, दरभंगा, सुपौल, मधेपुरा और किशनगंज जैसे जिलों में भारी बारिश के चलते सतर्कता बरतनी होगी। मौसम विभाग की ओर से विशेष चेतावनी कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हाल ही में क्लाउड बर्स्ट (बादल फटना) हुआ है, जिससे कैलाश यात्रा पर निकले श्रद्धालु फंसे हुए हैं। इसी प्रकार, उत्तराखंड में भूस्खलन और दिल्ली-यूपी में बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर लोगों को सुरक्षित रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

अमेरिका से बांग्लादेश-पाकिस्तान तक, मंदिरों और अल्पसंख्यकों पर हमलों का केंद्र ने दिया ब्यौरा

नई दिल्ली विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि बांग्लादेश में 2021 से अब तक हिंदुओं पर 3,582 हमलों की घटनाएं हुई हैं। रंगपुर-चटगांव जैसे क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों पर हिंसा जारी है। उन्होंने शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई के सवाल के जवाब देते हुए कहा- भारत ने पाकिस्तान के सामने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के 334 प्रमुख मामले उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में हिंदुओं पर हमले और मंदिरों में तोड़फोड़ के मामले सामने आए, पिछले साल से अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ के 5 और कनाडा में 4 मामले सामने आए हैं। राज्यसभा में पूछे गए अन्य सवालों के जवाब     लालमोनिरहाट एयरबेस पर भारत ने संज्ञान लिया विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि बांग्लादेश के लालमोनिरहाट एयरबेस से जुड़ी रिपोर्टों का संज्ञान लिया है। भारत इस मामले पर सतर्क है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार से पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश ने चीन को लालमोनिरहाट एयरबेस से सैन्य गतिविधि शुरू करने की अनुमति दी है?     1962 में चीन का 38 हजार वर्ग किमी जमीन पर कब्जा था सरकार ने बताया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के अंत में चीन ने 38,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया था। विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए भारत ने कई कूटनीतिक प्रयास किए हैं।     1 जुलाई तक 6,774 भारतीय कामगार इजराइल गए इस वर्ष 1 जुलाई तक 6,774 भारतीय कामगार इजराइल गए हैं। ये सभी नवंबर 2023 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के तहत वहां काम करने गए। सरकार ने बताया कि मार्च 2024 में लेबनान से हुए एक हमले में एक भारतीय कृषि श्रमिक की मौत हो गई। 3 भारतीय घायल हुए।     आयुष्मान भारत में धोखाधड़ी, 1,504 अस्पतालों पर जुर्माना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर अब तक 1114 अस्पतालों को पैनल से हटाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि 1,504 अस्पतालों पर ₹122 करोड़ का जुर्माना लगाया और 549 अस्पतालों को निलंबित किया है।     देशभर में सिकल सेल के 2.16 लाख मामले मिले केंद्र सरकार ने बताया कि 17 राज्यों में 6.04 करोड़ लोगों की सिकल सेल रोग की जांच की गई, जिनमें 2.16 लाख संक्रमित पाए गए। स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने बताया कि यह जांच ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत हुई। UN का दावा-बांग्लादेश में हिंसा से 2024 में 1400 की मौत युक्त राष्ट्र (UN) ने बांग्लादेश में पिछले साल सरकार विरोधी छात्र प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई को लेकर फरवरी 2025 में एक रिपोर्ट जारी की थी। UN का दावा था कि इस कार्रवाई में 1400 लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोगों की मौत के पीछे सुरक्षा बलों की गोलीबारी जिम्मेदार है। रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले साल शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद हिंदुओं के घरों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और पूजा स्थलों पर हमले हुए। खासतौर पर ग्रामीण और तनाव वाले जिले जैसे ठाकुरगांव, लालमोनिरहाट, दिनाजपुर, सिलहट, खुलना और रंगपुर में हमले हुए। रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेशी सुरक्षा बलों ने आंदोलन को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर गोलीबारी, गिरफ्तारियां और प्रताड़ना का सहारा लिया। ये कार्रवाई राजनीतिक नेतृत्व और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के आदेश पर हुई। UN ने इसे 'मानवता के खिलाफ अपराध' करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने  लोकसभा में बताया कि साल 2024 में 2,06,378 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़कर दूसरे देशों की नागरिकता ले ली। कीर्ति सिंह ने कहा कि नागरिकता छोड़ने के कारण व्यक्तिगत होते हैं और यह वही व्यक्ति जानता है जिसने यह फैसला लिया हो। 

चेतक-चीता हेलिकॉप्टर की जगह नई हल्की मशीनें, इंडियन आर्मी और एयरफोर्स को बड़ा तोहफा

नईदिल्ली  इंडियन आर्मी और एयरफोर्स अपने पुराने चेतक और चीता हेलिकॉप्टरों को हटाकर करीब 200 नए हल्के हेलिकॉप्टर खरीदने की तैयारी कर रही है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन (RFI) जारी किया है। इन नए हेलिकॉप्टरों को रिकॉनेसेन्स और सर्विलांस हेलिकॉप्टर (RSH) के तौर पर बांटा गया है। इनमें से 120 हेलिकॉप्टर भारतीय सेना और 80 हेलिकॉप्टर वायुसेना को दिए जाएंगे। ये हेलिकॉप्टर दिन और रात दोनों समय में काम कर सकेंगे। रक्षा मंत्रालय का उद्देश्य तकनीकी जरूरतें तय करना, खरीद प्रक्रिया पर निर्णय लेना और संभावित आपूर्तिकर्ताओं की पहचान करना है। इसमें भारतीय कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा जो विदेशी कंपनियों (OEMs) के साथ साझेदारी करके हेलिकॉप्टर बना सकें। इनका उपयोग कई अन्य कामों के लिए किया जाएगा, जैसे…     दुश्मन की निगरानी और जानकारी जुटाना     कम संख्या में सैनिकों को मिशन पर ले जाना     जरूरत पड़ने पर जल्दी प्रतिक्रिया देने वाली टीमों को ले जाना     जमीन पर लड़ाई में मदद देना     घायल सैनिकों को निकालना और राहत-बचाव कार्य     जरूरत पड़ने पर नागरिक प्रशासन की मदद करना डिफेंस मिनिस्ट्री और भी हेलिकॉप्टर खरीदेगा डिफेंस मिनिस्ट्री ने अन्य प्लेटफॉर्म के साथ और भी यूटिलिटी हेलिकॉप्टर खरीदने की योजना बनाई है। संसद में पेश रक्षा मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, निम्न-स्तरीय रडार, हल्के लड़ाकू विमान (LCA), मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर, और मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी खरीदे जाएंगे। इसके अलावा, मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति ने हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से 156 हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर खरीदने की मंजूरी दी है, जिसकी कीमत 45,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। ये हेलिकॉप्टर भी सेना और वायुसेना में बांटे जाएंगे और चीन-पाकिस्तान सीमा पर तैनात होंगे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है। भारतीय वायुसेना देश में ही लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, ट्रेनर विमान, मिसाइल, ड्रोन और रडार बनाने पर जोर दे रही है, ताकि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। भारत ने अमेरिका से हथियार-विमानों की खरीद रोकी, रक्षा मंत्री का अमेरिका दौरा भी रद्द टैरिफ विवाद के बीच भारत ने अमेरिका से नए हथियार और विमान खरीद की योजना रोक दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 3 भारतीय अफसरों के हवाले से यह जानकारी दी है। ट्रम्प के 50% टैरिफ लगाने के बाद इसे भारत की पहली ठोस प्रतिक्रिया माना जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रक्षा मंत्री आने वाले हफ्तों में डिफेंस डील के लिए अमेरिका जाने वाले थे। अब यह दौरा रद्द कर दिया गया है। भारत अमेरिका से P8i निगरानी विमान, स्ट्राइकर कॉम्बैट व्हीकल्स और जैवलिन एंटी टैंक मिसाइल खरीदने वाला था। टैरिफ के चलते यह सौदा भी रोक दिया गया है।

दाल-सांभर सहित भारतीय सामानों की कीमतों पर US टैरिफ का प्रभाव क्या रहा?

नई दिल्ली अमेरिका ने भारत पर 7 अगस्‍त से 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया है और 25% एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ 27 अगस्‍त से लागू करने की बात कही है. भारत पर ये टैरिफ लागू होने से एक्‍सपोर्ट में गिरावट की आशंका है, जबकि भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है.  भारत से भारी मात्रा में कपड़ा, दवा, इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्‍पाद, अमेरिका भेजे जाते हैं. एक्‍सपर्ट्स बता रहे हैं कि Trump Tariff की वजह से इन सामानों से प्रॉफिट मार्जिन घट सकता है, जिसका असर अमेरिका में भारतीय प्रोडक्‍ट्स खरीदने वाले कस्‍टमर्स पर भी पड़ सकता है.  अमेरिका में भी ट्रंप के टैरिफ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और कई जगहों पर विरोध भी हुए हैं. बिजनेस टुडे के मुताबिक, हाल ही में एक NRI ने सोशल प्‍लेटफॉर्म रेडिट पर भारतीय आयात पर 25 से 50 फीसदी टैरिफ के संभावित नतीजों को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि क्‍या इससे अमेरिका में स्‍थानीय किराना दुकानें प्रभावित हुई हैं और क्‍या भारतीय सामानों की कीमत बढ़ी है? NRI ने लिखा, 'मैं कहीं पढ़ र‍हा था कि पटेल ब्रदर्स और बड़ी कंपनियां टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए दूसरे साउथ एशियाई देशों से दाल, अनाज और मसाले जैसी चीजें मंगा रही हैं. क्‍या आप अपने शहर की किराने की दुकानों में टैरिफ का कोई खास असर देख रहे हैं?  इस पोस्‍ट के बाद अमेरिका में रहने वाले कई यूजर्स के जवाब आए, जिन्‍होंने जानकारी दी कि अमेरिका के किराना स्‍टोर्स में भारतीय सामानों पर क्‍या असर हुआ है? एक यूजर ने लिखा कि मुझे ज्‍यादा कीमत चुकानी पड़ेगी. मैं बांग्‍लादेश से सांभर या किसी दूसरे देश से दाल नहीं खरीदूंगा. भारत और दूसरे देशों से आने वाले प्रोडक्‍ट्स की क्वालिटी में बहुत फर्क होता है. खासकर एक वेजिटेरियन होने के नाते मैं कभी भी नॉन-इंडियन फूड पर भरोसा नहीं करूंगा कि वे सात्विक है या मेरे परिवार के लिए सही है. लेकिन यह सिर्फ मेरी राय है.  दूसरे यूजर ने बताया कि 7 अगस्‍त से भारत के बंदरगाह से रवाना होने वाले जहाजों के लिए नए टैरिफ लागू होंगे. इसलिए मौजूदा सामान पर कीमतें नहीं बढ़ेंगी. एक तीसरे ने कहा कि ज्यादातर भारतीय किराना दुकानों का मुनाफा मार्जिन काफी अधिक है, इसलिए मुझे लगता है कि शुरुआत में वे इस नुकसान को झेल लेंगे. अगर महीनों तक कोई व्‍यापारिक समझौता नहीं होता है तो यह एक समस्‍या होगी. 

90 घंटे में पाक की हार, AIF चीफ ने उजागर की सीजफायर की वास्तविक कहानी

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर को लेकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कई खुलासे किए हैं। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की असली कहानी भी बताी। उन्होंने कहा, "यह एक उच्च तकनीक वाला युद्ध था। 80 से 90 घंटे के युद्ध में हम इतना नुकसान कर पाए कि उन्हें साफ पता चल गया था कि अगर वे इसे जारी रखेंगे तो उन्हें इसकी और भी अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी इसलिए वे आगे आए और हमारे DGMO को संदेश भेजा कि वे बात करना चाहते हैं। हमारी ओर से इसे स्वीकार कर लिया गया।" वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा, “युद्ध में लोग अपने अहंकार पर उतर आए। एक बार जब हमने अपना उद्देश्य हासिल कर लिया, तो हमें रुकने के सभी अवसर तलाशने चाहिए थे। मेरे कुछ बहुत करीबी लोगों ने कहा, 'और मरना था'। लेकिन क्या हम युद्ध जारी रख सकते हैं? राष्ट्र ने एक अच्छा निर्णय लिया है।” उन्होंने यह भी कहा, "हमारे पास बहावलपुर स्थित जैश के हेडक्वार्टर में पहुंचाए गए नुकसान की पहले और बाद की तस्वीरें हैं। यहां लगभग कुछ भी बचा नहीं है। आस-पास की इमारतें पूरी तरह सुरक्षित हैं। हमारे पास न केवल उपग्रह चित्र थे, बल्कि स्थानीय मीडिया से भी तस्वीरें थीं, जिनके माध्यम से हम अंदर की तस्वीरें प्राप्त कर सके।" वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि इस बार भारतीय वायुसेना ने न सिर्फ अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया बल्कि दुनिया को यह भी दिखा दिया कि उसने क्या हासिल किया है। उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा, “बालाकोट में हम अंदर से कोई ठोस सबूत नहीं ला पाए थे और अपने ही लोगों को यह बताना एक बड़ी चुनौती बन गया था कि हमने क्या हासिल किया है। हमारे पास पुख्ता खुफिया जानकारी थी। मानव स्रोतों के जरिए हमें अंदर की स्पष्ट तस्वीर मिली थी कि भारी नुकसान हुआ है और कई आतंकी मारे गए हैं, लेकिन हम अपने ही लोगों को यह विश्वास नहीं दिला पाए।” उन्होंने आगे कहा, “मैं खुश हूं कि इस बार हम ‘बालाकोट के भूत’ से छुटकारा पाने में सफल रहे। हमने दुनिया को दिखा दिया कि हमने क्या किया है।” पाकिस्तान के अंदर घुसकर मारा एपी सिंह ने बताया कि दुश्मन के विमान भारतीय वायुसेना की मारक सीमा में आने की हिम्मत नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, “उनके कोई भी विमान ‘आकाश’ और ‘एमआरएसएएम’ की सीमा के करीब तक नहीं आ सके। सभी विमान ‘एलआरएसएएम’ के निशाने पर आए क्योंकि वे दूर रहने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कई बार वे हमारी रेंज में आ जाते थे और तभी हमें उन्हें निशाना बनाने का मौका मिला।” एयर चीफ मार्शल ने बताया कि उस रात भारतीय वायुसेना ने पूरी तरह से आक्रामक रुख अपनाया था। उन्होंने कहा, “हमने तय किया कि हम ‘पैन फ्रंट’ पर हमला करेंगे और उनकी संसाधनों को फैला देंगे। मकसद किसी एक एयरफील्ड को तबाह करना नहीं था, बल्कि उन्हें यह संदेश देना था कि हम चाहें तो आपके अंदरूनी इलाकों में, जब और जहां चाहें, हमला कर सकते हैं।”  

ट्रंप का सीजफायर प्रस्ताव चर्चा में, अजरबैजान-आर्मेनिया ने बताया नोबेल योग्य

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच मं पिछले 37 साल से चली आ रही जंग को खत्म करवा कर समझौता करवा दिया है। दोनों देशों के नेताओं के बीच बैठे डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच में विवादित इलाके में ट्रांजिट कॉरिडोर बनाने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर एक बार फिर से अपनी पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि दोनों परमाणु संपन्न देश एक बड़े संघर्ष में उलझे हुए थे। वाइट हाउस में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल की मेजबानी कर रहे ट्रंप ने दोनों देशों के बीच में शांति और व्यापारिक समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। इस दौरान कॉरिडोर का नाम ट्रंप रूट फॉर इंटरनेशनल पीस एंड प्रॉस्पेरिटी नाम दिया जाएगा। यह कॉरिडोर आर्मेनिया के इलाके से निकलता हुआ अजरबैजान को उसके नखचिवान इलाके को जोड़ेगा। इस दौरान अजरबैजान और आर्मेनिया दोनों देशों के नेताओं ने इस लंबी और खूनी जंग को खत्म करवाने का श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को दिया। इसके अलावा उन्होंने इजरायल,पाकिस्तान, कंबोडिया की लिस्ट में शामिल होते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए शांति में नोबेल पुरस्कार की भी मांग की। इससे पहले कल ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दोनों देशों के बीच में शांति समझौते की बात दुनिया के सामने रखी थी। उन्होंने कहा था कि पिछले कई दशकों से कई नेताओं ने इस मुद्दे को हल करने की कोशिश की है लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ है। हमारी टीम ने मिलकर दोनों देशों को शांति समझौते पर आने के लिए मना लिया है। ट्रंप ने अभी तक जितने भी देशों के बीच में मध्यस्थता करवाने की बात कही है वह सभी इसे स्वीकार करते हैं। लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया है। यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप इससे पहले भी कई बार भारत और पाकिस्तान का सीजफायर करवाने की बात कह चुके हैं। हालांकि भारत की तरफ से इस बात से साफ इनकार किया जा चुका है कि सीजफायर में किसी तीसरे देश ने मध्यस्थता की है लेकिन पाकिस्तान की तरफ से यह पहले दिन ही स्वीकार किया गया था कि ट्रंप के नेतृत्व में मध्यस्थता हुई है। इसी अनबन के साथ शुरू हुए भारत और अमेरिका के संबंध आज इस मुकाम पर पहुंच चुके हैं कि ट्रंप ने भारत के ऊपर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है।