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मंगल-राहु की युति फरवरी के अंत में, इन 3 राशियों के लिए हो सकती है मुश्किलें

 वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में जाना सिर्फ खगोलीय घटना नहीं माना जाता, बल्कि इसका असर व्यक्ति के जीवन और आसपास की परिस्थितियों पर भी पड़ता है. जब ग्रह अपने गोचर के दौरान एक-दूसरे के साथ आते हैं, तो कई तरह के योग बनते हैं. इन्हीं में से एक योग फरवरी के अंत में बनने जा रहा है, जिसे ज्योतिष में अंगारक योग कहा जाता है. दरअसल, फरवरी के आखिरी दिनों में मंगल ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से राहु ग्रह मौजूद हैं. मंगल और राहु की इस युति को अशुभ योग माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों को आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए भी यह योग अनुकूल नहीं माना जा रहा है. यह योग आपकी राशि से आठवें भाव में बनेगा, जो अचानक परेशानियों का संकेत देता है. इस दौरान सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर जिन लोगों को पहले से हृदय या गुप्त रोग की समस्या है. चोट लगने या किसी छोटी दुर्घटना की संभावना भी बन सकती है. इस समय नए काम की शुरुआत करने से बचें. दांपत्य जीवन में भी मतभेद उभर सकते हैं, इसलिए बातचीत में संयम रखें. कन्या  कन्या राशि वालों के लिए राहु और मंगल की युति स्वास्थ्य और विवादों के लिहाज से परेशानी बढ़ा सकती है. यह योग आपकी गोचर कुंडली के छठे भाव में बन रहा है, जिससे बीमारी, तनाव और विरोधियों से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं. कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में सावधानी जरूरी है. गुप्त शत्रु नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. इसके अलावा रक्त से जुड़ी परेशानियां भी इस दौरान उभर सकती हैं, इसलिए सेहत को नजरअंदाज न करें. मीन  मीन राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. अंगारक योग आपकी राशि से बारहवें भाव में बन रहा है, जिससे खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं. धन से जुड़े मामलों में सावधानी न बरती तो नुकसान हो सकता है. किसी तरह के आरोप, विवाद या कानूनी उलझन का सामना भी करना पड़ सकता है. पारिवारिक मामलों में खासकर भाई-बहनों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर दबाव या परेशानी महसूस हो सकती है, इसलिए किसी भी काम में लापरवाही से बचना जरूरी है.  

17 जनवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल और किस राशि की किस्मत में आएगा बड़ा बदलाव

मेष राशि: आपको ना कहना मुश्किल लगता है, भले ही इससे अक्सर परेशानी हो जाती है। इस समय मेष राशि वालों को दूर से बात करना लाभ देगा। कल के दिन आप खश रहेंगेऔर आपको निवेश को लेकर खास सावधना रहना चाहिए। कुल मिलाकर आपका दिन आज बहुत अच्छा है। वृषभ राशि के लिए आज सोशल होना जरूरी है। आपको इस समय सोशल पार्टी या एक्टिविटी में भाग लेना चाहिए। इसमें शामिल होने से आपको निकट भविष्य में पहचान मिलेगी। आज आप महत्वपूर्ण लोगों से मिल करेंगे। इस समय आपको पॉलिटिक्ल चीजों में डिप्लोमेटिक होना है। अनावश्यक बहसों में न पड़ें। मिथुन पब्लिक लाइफ में आज मिथुन राशि वाले आज सफलता पाएंगे। आप आज पूरे दिन बिजी रहेंगे। आपके लिए थोड़ी बेचैनी भी रहेगी। इस दौरान आपको अपनी हेल्थ को लेकर खास ध्यान देना है। पारिवारिक नेटवर्क के कारण आपको नए बिजनेस ऑफर मिल सकते हैं। कर्क कर्क वालों की लवलाइफ आज अच्छी रहेगी आपको आज प्यार के पल मिलेंगे। सिगंल लोगों की लाइफ में कोई नया व्यक्ति आएगा, या संभवतः कोई पुराना प्यार जिससे आप अब भी आकर्षित हैं। इस समय धान लाभ के भी मौके बन रहे हैं। सिंह इस समय सिंह राशि के लोग लोगों की मदद करेंगे। आज अनावश्यक बहसों में न पड़ें। आप इस समय बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं, इसलिए जो आप चाहते हैं वो पा सकते हैं। आप डिटेल्स को अच्छे से देख लेते हैं, इसलिए बिजनेस आपके लिए अच्छा रहेगा। कन्या राशि वालों के लिए आज प्यार और समझदारी से काम लेने का दिन है। अगर आपका ब्रैकअप हुआ है, तो आपकी समझदारी अतीत के किसी टूटे रिश्ते को फिर से अच्छा करेगी। आज आप महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क करेंगे। आपके विरोधी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं। तुला राशि के लोगों को आज बहुत सावधान रहने की जरूरत है। आपको अप्रत्याशित स्रोत से धन प्राप्ति होगी। इस समय आपका साथी प्रेरणा का स्रोत है।नए प्रेम संबंध आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाएंगे और आपको नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे। धनु राशि के लोगों के परिवार में अचानक कॉम्पिटीशन बढ़ सकता है। आप इस पर ज्प्रयादा ना बोलें, रिएक्शन को शांत रखें। जमीन या संपत्ति खरीदने का अच्छा मौका आज आपको मिल सकता है। वृश्चिक अपनी घटती सेविंग्स लेकर आप स्ट्रैस महसूस कर रहे हैं। आप किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं जो आपके लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। इसलिए किसी को लेकर जल्दबाजी न करें, वरना आपको अपनी ईमानदारी से समझौता करना पड़ सकता है। मकर कोई ऊंची पोस्ट वाला व्यक्ति आपकी मदद करेगा। आज आपको लोग काफी पसंद करेंगे। आग और नुकीली चीजों से दूर रहें, चोट लग सकती है। आज खर्चे अधिक रहेंगे और अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिलेंगे। कुंभ आज लवलाइफ में थोड़ी दिक्कत आपके सामने आ सकतीहै। आपकी बात को आपका गलत समझ सकता है, इससे बात बिगड़ सकती है।किसी औपचारिक अवसर पर आपकी मुलाकात किसी खास व्यक्ति से हो सकती है। मीन राशि वालों के लिए आज हेल्थ को लेकर दिक्कत हो सकती है। आपको सिरदर्द और वायरल फीवर जैसा महसूस हो सकता है। आज धन की स्थिति पहले से अच्छी होगी। अचानक मिली अप्रत्याशित आय से आपके खातों में मौजूद घाटे की भरपाई हो सकती है।

आधी रात 12:03 बजे बदलेगी तिथि, माघ अमावस्या किस दिन पड़ेगी?

सनातन धर्म में साल भर में 12 अमावस्या की तिथियां पड़ती हैं. हर एक अमावस्या बहुत पावन और महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन हिंदी पंचांग के अनुसार 11वें माह माघ में पड़ने वाली अमावस्या अति विशेष मानी जाती है. इस अमावस्या को माघ या मौनी अमावस्या कहा जाता है. ये अमावस्या मौनी अमावस्या के नाम से ज्यादा लोकप्रिय है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान-दान, पूजा पाठ और मौन व्रत किया जाता है. मान्यता है कि इस गंगाजल अमृत के समान हो जाता है, इसलिए इस दिन स्नान-दान से पुण्य फल मिलते हैं. इस दिन प्रयागराज के माघ मेले में गंगा और संगम तट पर सबसे बड़ा स्नान किया जाता है. अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है, लेकिन इस साल लोगों के मन मेंं माघ अमावस्या को लेकर संशय हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये अमावस्या किस दिन है? कब है माघ अमावस्या? पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 3 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 19 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 21 मिनट पर हो जाएगा. इस तरह से उदय तिथि के अनुसार, इस साल माघ या कहें कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी. माघ अमावस्या पर क्या करें? माघ अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं, इसलिए इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय से पहले मौन रहकर स्नान करें. ब्राह्मणों को भोजन कराएं. जरूरतमंद व्यक्ति को उड़द और चावल का दान करें. दक्षिण दिशा की ओर शाम को सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएं. मुख्य द्वार पर भी दीपक रखें. पीपल के वृक्ष पर जल जरूर अर्पित करें. प्रयागराज और हरिद्वार में स्नान करें. पितरों का तर्पण, पिंडदान अवश्य करें. माघ अमावस्या पर क्या न करें? इस दिन भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे- मांस, मछली, लहसुन, प्याज आदि नहीं खाएं. क्रोध, लोभ और नकारात्मक विचारों से बचें. आसपास गंदगी न रहनें दें. भूलकर भी कुत्ता, गाय, कौवा आदि जानवरों को परेशान नहीं करें.

Vastu Tips: भाग्य चमकाना है तो सुबह की इन 3 गलतियों से रहें दूर

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त और सुबह का समय सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोकर उठने के बाद आपके द्वारा किए गए पहले कुछ काम यह तय कर सकते हैं कि आपका दिन सफल होगा या बाधाओं से भरा। अक्सर हम अनजाने में सुबह उठते ही कुछ ऐसी आदतों को दोहराते हैं जो घर में दरिद्रता लाती हैं और हमारी तरक्की के रास्ते बंद कर देती हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, सुबह के समय हमारी आभा बहुत संवेदनशील होती है और इस वक्त नकारात्मक चीजों का दर्शन हमारे भाग्य को सोख सकता है। तो आइए जानते हैं वे कौन से 3 काम हैं, जिनसे सुबह उठते ही दूरी बना लेना आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकता है। आईने में चेहरा देखना वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोकर उठते ही सबसे पहले आईना देखना बेहद अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि जब हम सोकर उठते हैं, तो शरीर में कुछ नकारात्मक ऊर्जा होती है। उठते ही आईना देखने से वह नकारात्मक ऊर्जा वापस हमारे भीतर चली जाती है, जिससे पूरे दिन स्वभाव में चिड़चिड़ापन और कार्यों में असफलता मिल सकती है। जूठे बर्तन या गंदगी देखना कई लोग रात को बर्तन साफ नहीं करते और सुबह उठते ही सबसे पहले रसोई में बिखरे हुए जूठे बर्तन देखते हैं। वास्तु के अनुसार, सुबह-सुबह गंदगी या जूठे बर्तन देखना दरिद्रता को आमंत्रण देना है। इससे घर की सुख-शांति भंग होती है और धन के आगमन में बाधा आती है। क्या करें : रात को ही रसोई साफ करके सोएं ताकि सुबह आपको स्वच्छता और सकारात्मकता मिले। बंद घड़ी या आक्रामक तस्वीरें देखना सुबह उठते ही किसी बंद घड़ी पर नजर पड़ना प्रगति में रुकावट का संकेत है। इसी तरह, बेडरूम में लगी हिंसक जानवरों या युद्ध की तस्वीरें सुबह-सुबह देखने से मन में नकारात्मक विचार पैदा होते हैं, जो आपकी निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। क्या करें : अपने कमरे में उगते सूरज, दौड़ते सफेद घोड़े या शांत फूलों की तस्वीरें लगाएं। तरक्की के लिए करें ये एक छोटा सा काम सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर उनके दर्शन करें। शास्त्र कहते हैं कि हथेली के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का वास होता है। ऐसा करने से आपका भाग्य चमक उठेगा और दिन भर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।

मकर में मंगल का प्रवेश, इन 5 राशि वालों को मिलेगा बड़ा फायदा

ज्योतिष शास्त्र में मंगल एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं. मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, शक्ति, पराक्रम, भूमि, भाई आदि का कारक कहा गया है. ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह के गोचर को बहुत विशेष माना गया है. मंगल के राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों और देश दुनिया में देखने को मिलता है. आज मंगल ने शनि देव की राशि मकर में प्रवेश किया है. मकर राशि में मंगल का प्रवेश सुबह 4 बजकर 36 मिनट पर हुआ है. मकर राशि में पहले से ही सूर्य, शुक्र विराजमान हैं. ऐसे में मंगल के मकर राशि में आने के बाद त्रिग्रही योग बन रहा है. इसके प्रभाव से 5 राशियों को तगड़ा लाभ होने वाला है. त्रिग्रही योग के प्रभाव से इन पांच राशि वालों के लाभ के योग बनेंगे और तरक्की करेंगे. आइए जानते हैं इन 5 लकी राशियों के बारे में जानते हैं. मेष राशि मेष राशि के लोगों को इस दौरान काम के शुभ अवसर मिल सकते हैं. नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है. व्यापार करने वाले लोगों को लाभ मिल सकता है. करियर में ग्रोथ हो सकती है. सरकारी काम में शुभ परिणाम मिल सकते हैं. कर्क राशि कर्क राशि के लोगों को इस दौरान साझेदारी के काम में लाभ मिल सकता है. प्यार के मामले में ये समय अच्छा रह सकता है. लव लाइफ बेहतर हो सकती है. करियर और परिवार में स्थिरता देखने को मिल सकती है. कन्या राशि कन्या राशि के लोगों का इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है. करियर के लिहाज से ये समय बहुत अच्छा रहने वाला है. कार्यस्थल पर जिम्मेदारी का काम मिल सकता है. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के मार्केटिंग, सेल्स और टीचिंग के प्रोफेशन से जुड़े लोगों के लिए ये समय बहुत अच्छा रहने वाला है. व्यापार में लाभ मिल सकता है. भाई-बहन का सहयोग प्राप्त हो सकता है. इस समय में कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं. मकर राशि मंगल का गोचर मकर राशि में ही हुआ है, इसलिए ये समय इस राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. मकर राशि के लोगों को इस गोचर के प्रभाव से लाभ मिल सकता है.

कहीं आपकी किस्मत आप खुद तो नहीं बिगाड़ रहे? बिस्तर पर भूलकर भी न करें ये 6 काम

जाहिर है बिस्तर हमारे सोने के लिए होता है। लेकिन मामला इतना सिंपल भी नहीं है। क्योंकि बिस्तर पर हम ढेरों ऐसी चीजें करते हैं, जो शायद नहीं करनी चाहिए। आपने घर के बड़े-बुजुर्गों से भी सुना होगा कि बिस्तर पर ये मत करो वो मत करो। दरअसल बिस्तर का वास्तु और एनर्जी से गहरा नाता है। कई बार जाने-अनजाने में आप कुछ ऐसी चीजें कर बैठते हैं, जो जीवन में नेगेटिविटी और परेशानियों का कारण बन सकती हैं। चलिए जानते हैं ऐसी ही एक्टिविटीज के बारे में, जो बिस्तर पर करने से बचना चाहिए। बिस्तर को बिखरा हुआ रखना रात में सोने के बाद कुछ लोग बिस्तर को यूं ही बिखरा हुआ छोड़ देते हैं। वहीं कुछ लोगों का बिस्तर आमतौर पर बिखरा हुआ ही रहता है। ये ना सिर्फ देखने में गंदा लगता है, बल्कि एक तरह की नेगेटिविटी भी ले कर आता है। कहते हैं कि जिसका बिस्तर गंदा रहता है, उसकी हेल्थ और फाइनेंस में भी परेशानियां आती रहती हैं। बिस्तर पर खाना खाना घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर बिस्तर पर खाना खाने से मना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि बिस्तर पर खाने से घर की बरकत चली जाती है। हेल्थ के लिहाज से भी देखें तो बिस्तर पर खाना खाना सही नहीं है, क्योंकि बिस्तर पर भोजन के कण रह सकते हैं, जो हेल्थ इश्यूज का कारण बन सकते हैं। ऑफिस का काम बेड पर बैठकर करना जब से वर्क फ्रॉम होम पॉपुलर हुआ है, तब से कई लोग अपना काम बेड पर बैठकर करना प्रिफर करने लगे हैं। जबकि ये आदत सही नहीं है। बिस्तर आराम के लिए होता है, आपके काम और वर्क प्रेशर के लिए नहीं। इससे आपकी ग्रोथ भी स्लो होती है और नींद पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। बेड पर बैठकर पढ़ना कई बच्चे बेड पर बैठकर पढ़ाई करते हैं, जो बिल्कुल सही नहीं है। ऐसा करने से पढ़ाई पर फोकस और कंसंट्रेशन ठीक से बैठ नहीं पाता, जिसका असर बच्चे के रिजल्ट पर भी पड़ सकता है। पढ़ाई के लिए हमेशा कुर्सी और टेबल का इस्तेमाल करें, वहां पढ़ाई ज्यादा बेहतर तरीके से हो पाती है। बिस्तर के सामने शीशा लगाना अगर आपने भी बिस्तर के सामने शीशा लगा रखा है, तो उसे तुरंत हटा दें। दरअसल जब आप सुबह सो कर उठते हैं, तो सबसे पहले शीशे पर ही नजर जाती है। कहते हैं ऐसा होने की वजह से नेगेटिविटी फैलती है। वास्तु की मानें तो रात के समय भी शीशे से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है। आसपास ये चीजें रखकर ना सोएं बिस्तर पर सोते समय अपना सिरहाने पर कुछ चीजें भूलकर भी ना करें। जैसे- पर्स या पैसे से जुड़ी चीजें, जूते-चप्पल, चाबियां, घड़ी, कॉपी-किताबें और मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण। ये ना सेहत के हिसाब से ठीक हैं और वास्तु के हिसाब से भी इन्हें नेगेटिविटी अट्रैक्ट करने वाला माना गया है।

अगर सोई किस्मत जगानी है तो अपनाएं कपूर के ये वास्तु उपाय, शिव मंत्र से मिलेगा लाभ

नई दिल्ली घर सिर्फ ईंट-पत्थर की दीवारें नहीं होता, बल्कि वहां मौजूद ऊर्जा हमारे स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों पर गहरा असर डालती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी-कभी घर में बिना किसी ठोस कारण के तनाव, भारीपन या कलह रहने लगती है। इसका मुख्य कारण घर में जमा 'नकारात्मक ऊर्जा' हो सकती है। इसे दूर करने के लिए कपूर और महादेव का एक सरल मंत्र अचूक उपाय माना जाता है। कपूर का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व वास्तु में कपूर को शुद्धता और सकारात्मकता का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। इसकी खुशबू न केवल मन को शांत करती है, बल्कि वातावरण में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं और नकारात्मक तरंगों को भी नष्ट करती है। उपयोग करने का सही तरीका: प्रतिदिन आरती: सुबह और शाम पूजा के समय कपूर जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। इससे घर का 'ऑरा' (Aura) साफ होता है। मुख्य द्वार पर प्रयोग: घर के मुख्य दरवाजे पर कपूर का धुआं दिखाने से बाहर की बुरी नजर और नकारात्मकता घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाती। बेडरूम की शुद्धि: अगर सोते समय बुरे सपने आते हों, तो सोने से पहले कमरे में कपूर जलाएं। इससे मानसिक शांति मिलती है और नींद अच्छी आती है। शिव मंत्र की असीम शक्ति भगवान शिव को 'नकारात्मकता का संहारक' माना जाता है। कपूर जलाते समय अगर "ॐ नमः शिवाय" का जाप किया जाए, तो इसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। इस मंत्र की ध्वनि से निकलने वाले कंपन घर के कोने-कोने से डर, दरिद्रता और उदासी को बाहर निकाल देते हैं। घर की सुख-शांति के लिए छोटे बदलाव सफाई का ध्यान: घर में टूटा हुआ कांच या बंद घड़ियां न रखें, ये तरक्की रोकती हैं।

मौनी अमावस्या की तिथि: 18 या 19 जनवरी? जानें सही तिथि और इस पर्व का महत्व

माघ मास की मौनी अमावस्या को सनातन धर्म में वर्ष की सबसे पवित्र और पुण्यदायी तिथियों में माना जाता है. इस दिन मौन व्रत, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से व्यक्ति के जीवन से नकारात्मक कर्मों का नाश होता है और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर किए गए पुण्य कर्म कई गुना फल देते हैं. यही कारण है कि माघ मेले के दौरान इस तिथि का विशेष महत्व होता है. इसी बीच श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि मौनी अमावस्या 2026 में 18 जनवरी को होगी या 19 जनवरी को? आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार सही तारीख और इस दिन के धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से. मौनी अमावस्या 2026 सही तारीख  वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 18 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 03 मिनट से शुरू होगी और 19 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगी. सनातन धर्म में पर्व और व्रत उदयातिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, यानी जिस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि होती है, उसी दिन पर्व माना जाता है. इस नियम के अनुसार, मौनी अमावस्या रविवार, 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी. मौनी अमावस्या पर स्नान का विशेष महत्व अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है और जब यह माघ मास में आती है, तो इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है. शास्त्रों में उल्लेख है कि माघ मास में किया गया स्नान अमृत के समान फल देता है. इस दिन गंगा, यमुना, सरस्वती या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से पाप कर्मों का नाश होता है. पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. जीवन के कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं. माघ मेले में संगम सहित देशभर के तीर्थ स्थलों पर लाखों श्रद्धालु मौनी अमावस्या के दिन आस्था की डुबकी लगाते हैं. मान्यता है कि इस दिन किया गया स्नान व्यक्ति को मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है. मौनी अमावस्या व्रत का धार्मिक महत्व मौनी अमावस्या का व्रत केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन, वाणी और कर्म की शुद्धि का दिन माना जाता है. इस दिन मौन रहकर आत्मचिंतन करने से मन की चंचलता शांत होती है और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन संयम और श्रद्धा के साथ व्रत करता है, उसके जीवन में मानसिक शांति और सकारात्मकता बनी रहती है. मौनी अमावस्या व्रत के नियम  – ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, यदि संभव हो तो पवित्र नदी में स्नान करें. – स्नान के बाद भगवान विष्णु, शिव या अपने इष्ट देव का ध्यान करें. – पूरे दिन मौन व्रत रखने का संकल्प लें. – मंत्र जाप मन ही मन करें, ऊंचे स्वर में बोलने से बचें. – नकारात्मक विचारों, क्रोध और व्यर्थ की बातों से दूर रहें. – धार्मिक ग्रंथों का पाठ, सत्संग, भजन और मंदिर दर्शन करना विशेष फलदायी माना जाता है.

बहुत लकी लोग होते हैं ये! जिन्हें मिल जाएं जीवन की ये चीजें, तरक्की तय है

अक्सर हम किसी इंसान से मिलते हैं और हमारे मन में यही आता है कि ये इंसान वाकई कितना भाग्यशाली है। दरअसल हम सभी की भाग्यशाली होने की परिभाषा बड़ी अलग-अलग होती है। किसी को एक अच्छी नौकरी होना भाग्यशाली होने की निशानी लगता है तो किसी को पुश्तैनी धन-दौलत होना या शानदार लव लाइफ होना। खैर, ये लोगों के अपने-अपने पैमाने हैं। हालांकि महान विद्वान और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कुछ ऐसे व्यक्तियों का जिक्र किया था, जो उनकी नजरों में वाकई बेहद भाग्यशाली होते हैं। आचार्य कहते हैं कि जिन लोगों के पास ये कुछ चीजें मौजूद हैं उन्हें तो खुद को किस्मत वाला ही समझना चाहिए क्योंकि हर इंसान के नसीब में यह नहीं होता। तो चलिए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भाग्यवान बनाने वाली ये चीजें कौन सी हैं। जिसके पास हो दान-पुण्य करने का सामर्थ्य आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में इस बात का जिक्र करते हैं कि जिस व्यक्ति में दान-पुण्य करने का सामर्थ्य है, वो भी बहुत किस्मतवाला ही होता है। दरअसल कोई भी व्यक्ति दान-पुण्य करने में सामर्थ्य तब होता है, जब उसके पास पर्याप्त धन होता है और उसे खर्च करते हुए, व्यक्ति को ज्यादा सोचना नहीं पड़ता। आचार्य कहते हैं कि पिछले कई जन्मों के पुण्य के कारण ही मनुष्य को ये सौभाग्य प्राप्त होता है। जिसका साथ दे उसकी सेहत आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन लोगों की सेहत उनका साथ देती है, उनसे ज्यादा भाग्यशाली भी दूसरा कोई नहीं। इस दुनिया में सबसे बड़ी दौलत इंसान की सेहत ही होती है। यदि व्यक्ति स्वास्थ्य ना हो और कोई ना कोई रोग उसे घेरे रहे, तो लाखों की धन संपदा भी बेकार ही जान पड़ती है। आचार्य कहते हैं कि अगर आप भरपेट भोजन कर पा रहे हैं और उसे पचाने में आपको कोई परेशानी भी हो रही है; तो आपको खुद को किस्मतवाला ही समझना चाहिए। अच्छे जीवनसाथी का होना है सौभाग्य की निशानी आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छे जीवनसाथी का मिलना भी सौभाग्य की निशानी है, जो हर किसी की किस्मत में नहीं होता। एक अच्छा जीवनसाथी आपके हर सुख-दुख में साथ खड़ा मिलता है और उसके साथ जीवनयात्रा थोड़ी आसान हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में एक अच्छा पार्टनर है और उसका दांपत्य जीवन सुखी है, तो वो इंसान यकीनन ही बेहद भाग्यशाली हैं। मेहनत से बना सकते हैं अपना भाग्य इन सभी बातों के साथ ही आचार्य चाणक्य का कहना यह भी है कि अगर किसी इंसान को किस्मत का साथ ना भी मिले, तो वो अपनी मेहनत के बल पर खुद को भाग्यवान बना सकते है। अपनी नीति में आचार्य कहते हैं कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है और जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे नहीं हटता, वो अपनी किस्मत खुद चमका देता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में कुछ बहुत बड़ा करते हैं, जो शायद सिर्फ भगवशाली लोगों के बस की भी बात नहीं।  

मौनी अमावस्या की सही तिथि क्या है? जानें स्नान-दान का शुभ समय और धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी तिथि माना गया है। वैदिक पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पड़ती है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। यह दिन पितरों को समर्पित माना जाता है। यह दिन पितरों की पूजा और तर्पण के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत, पूजा और स्नान-दान का विशेष महत्व है। इससे पुण्य लाभ मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या का स्नान सबसे बड़ा शाही स्नान माना जाता है। माना जाता है कि माघ मास पर हरिद्वार और प्रयागराज में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन लोग मौन व्रत रहकर भगवान की भक्ति में लीन हो जाते हैं। आइए, जानते हैं कि इस साल मौनी अमावस्या की तिथि, दान-स्नान का महत्व और शुभ मुहूर्त क्या है? मौनी अमावस्या 2026 कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत 17 जनवरी की रात 12 बजकर 4 मिनट पर होगी और इसका समापन अगले दिन 18 जनवरी की रात 1 बजकर 22 मिनट पर इसका समापन होगा। ऐसे में, उदयातिथि के अनुसार, मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार के दिन मनाई जाएगी। मौनी अमावस्या पर दान-स्नान का शुभ मुहूर्त मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय तक का समय सबसे उत्तम माना जाता है। ऐसे में, सुबह 04 बजकर 43 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 23 मिनट तक का समय शुभ रहेगा। इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा है। अगर गंगा स्नान करना संभव न हो, तो घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्य फलदायी होता है। मौनी अमावस्या पर स्नान का महत्व अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। मान्यता है कि माघ मास की अमावस्या पर पवित्र नदियों का जल अमृत के समान फल देता है। इसलिए मौनी अमावस्या पर बड़ी संख्या में लोग गंगा में डुबकी लगाते हैं और संगम किनारे ही दान करते हैं। इस दिन स्नान करने और दान देने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। साथ ही, मोक्ष की प्राप्ति होती है। मौन व्रत रखने के नियम अगर आप इस व्रत को रखना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी उठकर साफ पानी से स्नान कर लें और उसके बाद भगवान की पूजा करें और दिनभर मौन रहने का संकल्प भी लें। इसके साथ ही आप जिस भी भगवान इष्ट देव को मानते हैं, उनका मंत्र का जाप करें। लेकिन यह मंत्र मन ही मन में करें और मंत्र जाप करने के लिए बिल्कुल शांत जगह का ही चयन करें। मौनी अमावस्या पर दान मौनी अमावस्या वाले दिन स्नान के बाद दान का विशेष महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जरूरतमंदों को दान करने से सौ यज्ञों के बराबर पुण्य फल मिलता है। साथ ही, जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इस अन्न, धन और वस्त्र के साथ-साथ जरूरत की चीजों का भी दान करना चाहिए। इसके अलावा, आप पशु व पक्षियों को चारा भी दे सकते हैं। इससे पितरों की आत्मा तृप्त होती है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है।