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चाणक्य के 5 मंत्र: महीने के अंत तक पैसों की किल्लत से छुटकारा

नौकरीपेशा लोगों की अकसर खुद से यह शिकायत रहती है कि महीना खत्म होने से पहले ही उनकी जेब के पैसे खत्म हो जाते हैं। पूरे महीने मेहनत करके कमाया हुआ धन, खर्चों की कटौती करने के भी नहीं बच पाता है। अगर आपका हाल भी कुछ ऐसा ही है तो चाणक्य नीति में आपकी परेशानी का हल मौजूद है। चाणक्य नीति में धन के प्रबंधन और बचत के लिए कई उपयोगी सिद्धांत बताए गए हैं, जो आज के समय में भी बेहद असरदार हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य के ये 5 सिद्धांत व्यक्ति को को आर्थिक सुरक्षा देकर सम्मानित जीवन जीने में भी मदद करते हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य नीति के 5 सिद्धांत आय का एक हिस्सा अवश्य बचाएं चाणक्य के अनुसार, जिस तरह बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही छोटी-छोटी बचत से धन संचय होता है। व्यक्ति को चाहिए कि अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा, चाहे वह कितना भी कम क्यों ना हो, नियमित रूप से बचत के लिए अलग निकालकर रखें। यह धन भविष्य में आपातकाल या बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के काम आता है। अनावश्यक खर्चों से बचें चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अपनी आय से अधिक खर्च करता है, वह शीघ्र ही दरिद्र हो जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार, दिखावे के लिए अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए। केवल जरूरी और उपयोगी चीजों पर ही धन खर्च करें। उदाहरण के लिए ब्रांडेड कपड़ों या लग्जरी वस्तुओं पर खर्च करने के बजाय, गुणवत्तापूर्ण और किफायती विकल्प चुनें। धन का विवेकपूर्ण निवेश करें धन को केवल वहां उपयोग करें, जहां सुरक्षित रहते हुए वह अधिक बढ़ सके। चाणक्य की इस सलाह का मतलब है कि धन को बेकार एक जगह न पड़ा रहने दें, बल्कि जोखिम का आकलन करते हुए उसे ऐसी जगह निवेश करें जहां वह समय के साथ बढ़े, जैसे व्यापार, संपत्ति, या सुरक्षित निवेश योजनाएं। म्यूचुअल फंड, या सोने में निवेश धन को बढ़ाने का सुरक्षित तरीका हो सकता है। भविष्य के लिए योजना बनाएं जो व्यक्ति भविष्य की चिंता नहीं करता, वह एक दिन संकट में पड़ जाता है। चाणक्य के अनुसार, भविष्य की जरूरतों, जैसे शिक्षा, विवाह, या आपातकाल के लिए धन संचय करना चाहिए। इसके लिए नियमित बचत और दीर्घकालिक योजना बनाना जरूरी है। लालच और जोखिम से बचें लालच में आकर धन का दुरुपयोग करने वाला व्यक्ति अपना सर्वनाश कर लेता है। चाणक्य सलाह देते हैं कि जल्दी अमीर बनने की चाह में जोखिम भरे निवेश या जुआ जैसी गतिविधियों से बचें। धन को सुरक्षित और समझदारी से प्रबंधित करें।

नए घर में प्रवेश से पहले जानें ये वास्तु टिप्स, परिवार में रहेगी सुख-शांति

क्या आप भी परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव का सामना कर रहे हैं और घर में सुख-शांति का वास नहीं है, तो इसका कारण वास्तु दोष हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि घर में वास्तु दोष वास्तु शास्त्र के नियम का पालन न करने की वजह से होता है। कई लोग नए घर में शिफ्ट होते समय कई बातों का ध्यान नहीं रखते हैं, जिसकी वजह से व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप भी नए घर में शिफ्ट हो रहे हैं, तो इस आर्टिकल में वास्तु शास्त्र के बताए गए नियम का पालन जरूर करें। अगर आप नया घर ले रहे हैं, तो ध्यान रखें कि घर का मेन गेट उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा हो। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस नियम का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। किस दिशा में होना चाहिए बेडरूम घर के मेन गेट के अलावा बेडरूम की दिशा का भी ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना उत्तम माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में बेडरूम के होने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। किस दिशा में लगाएं शीशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिशा में रूम का होना उत्तम माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि सही दिशा में रूम होने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसके अलावा बेड के सामने भूलकर भी शीशा न लगाएं। इस गलती को करने से नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। साथ ही जीवन में दुखों का सामना करना पड़ सकता है। कहां होना चाहिए टॉयलेट वास्तु के अनुसार, घर में सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट का होना अच्छा नहीं माना जाता है। गलत दिशा में सीढ़ियों के होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव की समस्या बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व दिशा में टॉयलेट का होना उत्तम माना जाता है। वास्तु के इस नियम का पालन करने से धन में बरकत होती है।

आज महानवमी पर ऐसे करें कन्या पूजन, जानें शुभ समय और सही तरीका

1 अक्टूबर यानी आज शारदीय नवरात्र की महानवमी है और यह नवरात्र का आखिरी दिन है. इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. यह दिन अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ता है. भक्त इस दिन कन्या पूजन करके शारदीय नवरात्र का पारण करते हैं. तो चलिए जानते हैं कि आज शारदीय नवरात्र पर कितने से कितने बजे तक कन्या पूजन का मुहूर्त रहेगा और साथ ही हवन का मुहूर्त कितने बजे रहेगा.  शारदीय नवरात्र महानवमी 2025 तिथि और हवन मुहूर्त आश्विन मास की नवमी तिथि की शुरुआत 30 अक्टूबर यानी कल शाम 6 बजकर 06 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 1 अक्टूबर यानी आज शाम 7 बजकर 01 मिनट पर होगा. महानवमी पर देवी दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी रूप की पूजा-अर्चना की जाती है.  महानवमी की पूजा के बाद हवन करना भी शुभ माना जाता है, जो आज सुबह 6 बजकर 20 मिनट से लेकर सुबह 11 बजकर 40 मिनट तक करने का सबसे अच्छा मौका मिलेगा. इस समय हवन और कन्या पूजन करने से विशेष लाभ मिलता है.  महानवमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त  आश्विन मास की महानवमी का पहला कन्या पूजन मुहूर्त आज सुबह 5 बजकर 01 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. इसके बाद, दूसरा मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से लेकर 2 बजकर 57 मिनट पर रहेगा. महानवमी पर कैसे करें कन्या पूजन? महानवमी पर कन्याओं को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करें और उनका स्वागत करें. कन्याओं को आरामदायक स्थान पर बिठाकर उनके पैरों को दूध से धोएं और उनके माथे पर अक्षत, फूल या कुमकुम लगाएं. कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा और उपहार दें. कन्याओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें और मां भगवती की कृपा प्राप्त करें. महानवमी के दिन करें ये उपाय मां सिद्धिदात्री की पूजा में घी का दीपक जलाएं और उन्हें फूल अर्पित करें. मां सिद्धिदात्री को विभिन्न भोग जैसे मिश्री, गुड़, हरी सौंफ, केला, दही, देसी घी और पान का पत्ता अर्पित करें. इसके बाद देवी मां से प्रार्थना करें कि वे सभी ग्रहों को शांत करें और सुख-शांति प्रदान करें

दशहरे पर इन चीजों का दान करने से बढ़ेगी आपकी खुशहाली और समृद्धि

भारत में दशहरा या विजयादशमी (Dussehra 2025) का पर्व सिर्फ उत्सव ही नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंका के राक्षसराज रावण का वध कर अधर्म का अंत किया था। यही नहीं, इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर देवताओं और समस्त प्रजा को भयमुक्त किया था। हर वर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोग घरों में विशेष पूजा-पाठ करते हैं, शस्त्र पूजन का आयोजन होता है, और शाम को रावण दहन के माध्यम से बुराई को प्रतीकात्मक रूप से समाप्त किया जाता है। इसके साथ ही इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है।    इन वस्तुओं का करना चाहिए दान शास्त्रों में वर्णित है कि विजयादशमी के दिन किया गया दान अक्षय फल देने वाला होता है। यानी इस दिन जो भी पुण्य कार्य किया जाए, उसका फल लंबे समय तक बना रहता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि दशहरे के दिन किन वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है। अन्न और वस्त्र का गुप्त दान धार्मिक ग्रंथों में गुप्त दान को सर्वोत्तम माना गया है। विजयादशमी के दिन यदि कोई व्यक्ति किसी जरूरतमंद, गरीब अथवा ब्राह्मण को चुपचाप अन्न और वस्त्र का दान करता है, तो इससे घर की दरिद्रता दूर होती है। कहा जाता है कि इससे परिवार में स्थायी सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। झाड़ू का दान भारतीय परंपरा में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यह न केवल घर की सफाई का साधन है बल्कि नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को दूर करने का प्रतीक भी है। दशहरे के दिन किसी धार्मिक स्थल पर या किसी जरूरतमंद को नई झाड़ू दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और आर्थिक स्थिति में मजबूती आती है। पीले वस्त्र और मिठाई ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दशहरे पर पीले वस्त्रों का दान करना विशेष फलदायी होता है। पीला रंग सौभाग्य और समृद्धि का द्योतक है। इस दिन यदि कोई व्यक्ति पीले वस्त्र अथवा पीली मिठाई का दान करता है, तो उसके जीवन में रुके हुए कार्य पूरे होते हैं। यह कारोबार और करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने में भी सहायक माना गया है। सुहाग की सामग्री दशहरे पर विवाहित महिलाओं को सुहाग की सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, काजल, मेहंदी आदि का दान करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इस दान से पारिवारिक जीवन में खुशहाली और वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है। दान करते समय ध्यान रखने योग्य बातें दान हमेशा ब्राह्मणों, साधुओं, या फिर वास्तव में जरूरतमंद लोगों को ही करना चाहिए। इस दिन धारदार वस्तुओं, नुकीली चीजों और चमड़े से बनी वस्तुओं का दान करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ माना गया है। दान हमेशा विनम्र भाव से करना चाहिए। दान देने के बाद उसका दिखावा या घोषणा नहीं करनी चाहिए। दान करते समय मन में अहंकार या घमंड नहीं होना चाहिए।

1 अक्टूबर का दैनिक राशिफल: आज आपकी किस्मत में क्या है छुपा?

मेष राशि- आज का दिन आपके लिए आर्थिक रूप से अच्छा रहने वाला है। आज किसी करीबी दोस्त की मदद से कुछ व्यापारियों को धन लाभ होने की संभावना है। शाम के समय आपको किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए सफलता भरा दिन है, क्योंकि उन्हें लंबे समय से पहचान मिलेगी। आप अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन अपने जीवनसाथी के साथ बिताएंगे। वृषभ राशि- आज अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें। आज आपको प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कलीग आपके काम की तारीफ करेंगे। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। भाई-बहन के साथ रिश्ते में सुधार होगा। मिथुन राशि- आज खान पान में लापरवाही न बरतें। आज किसी पेंडिंग पेमेंट को कर सकते हैं और आर्थिक लाभ होने से आपकी धन की स्थिति में सुधार होगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। कार्यस्थल पर आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। कर्क राशि- आज आप अपना कर्ज चुकाने में सफल हो सकते हैं। कार्यस्थल पर आपको नई भूमिका अदा करने का अवसर मिलेगा। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार को उचित समय दें। जीवनसाथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। अपनी वाणी पर कंट्रोल रखने की कोशिश करें क्योंकि आपके कठोर शब्द घर की शांति को खराब कर सकते हैं। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है। सिंह राशि- आज प्रेग्नेंट महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत है। कारोबारियों की स्थिति मजबूत होगी। आप कोई अहम फैसले ले सकते हैं। आज आपके लिए प्यार हवा में रहने वाला है। शादीशुदा जातकों के लिए यह लव लाइफ के लिहाज से शानदार दिन रहने वाला है। सिंगल जातकों की लाइफ में किसी खास शख्स की एंट्री हो सकती है। हालांकि खर्च की अधिकता आपके मन को परेशान कर सकती है। कन्या राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। माता की सेहत का ध्यान रखें। धर्म में अतिवादी न बनें। पिता के सहयोग से आर्थिक लाभ हो सकता है। तुला राशि- आज आपको शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करनी चाहिए। निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। धन की स्थिति में सुधार होगा। व्यापार करने वालों के लिए नए ग्राहकों के साथ बातचीत करने का यह एक शानदार दिन है। यात्रा लाभकारी रहने वाली है। वृश्चिक राशि- आज आपके मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी। सुखद समाचार मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी संभव है लेकिन गृहकलह भी हो सकती है। धनु राशि- आज का दिन आपके लिए मौज-मस्ती वाला रहने वाला है। आपको धन लाभ होने की संभावना है। व्यापारियों को आज प्लानिंग के साथ अपने काम के विस्तार में बढ़ना चाहिए। जीवनसाथी की जरूरतों को पूरा करने में सफल रहेंगे। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा का योग बन सकता है। मकर राशि- आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी लेकिन आय से ज्यादा व्यय होने के कारण मन परेशान भी हो सकता है। माता की सेहत में सुधार होगा। कारोबार में किसी मित्र के सहयोग से बदलाव होगा। यात्रा में लाभ के संकेत हैं। कुंभ राशि- आज आपको प्रेम-संतान का साथ मिलेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। काम पर सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। आर्थिक रूप से आपके अच्छे दिनों की शुरुआत संभव है। रिश्तेदारों के कारण आज आपको मानसिक तनाव भी हो सकता है। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मीन राशि- आज आपको जीवनसाथी के साथ बहस से बचना चाहिए, वरना इसका असर रिश्ते पर पड़ सकता है। भविष्य के लिए धन बचाने पर जोर दें, वरना आर्थिक परेशानी का सामना करना प़ड़ सकता है। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे रहेंगे।

27 साल बाद शारदीय नवरात्र में बना अद्वितीय संयोग, जानें इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

आज शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी मनाई जा रही, जिस दिन मां महागौरी की उपासना होती है. 1 अक्टूबर यानी कल नवरात्र का समापन महानवमी के दिन होगा. यह पर्व हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नौ दिनों तक चलता है. इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसे ‘शारदीय नवरात्र’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह शरद ऋतु में आता है. शारदीय नवरात्र का महत्व सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी खास है. ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में साधना, पूजा और भक्ति करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्र में बहुत ही खास संयोगों का निर्माण हुआ है, तो चलिए जानते हैं उन शुभ संयोगों के बारे में. 9 की जगह 10 दिन के हैं नवरात्र  ज्योतिष जानकारी के मुताबिक, शारदीय नवरात्र इस बार 9 दिनों के बजाय 10 दिनों के हैं. दरअसल, इस बार तृतीया तिथि 2 दिन पड़ी, 27 साल बाद इस अद्भुत संयोग का निर्माण हो रहा है. इससे पहले ऐसे संयोग का निर्माण सन् 1998 में हुआ था. उस साल में चतुर्थी तिथि 2 दिनों की थी, उस दौरान 1998 में दो दिन कूष्मांडा मां की पूजा हुई थी. ज्योतिषियों के अनुसार, नवरात्र के दिनों में बढ़ती तिथि को शुभ और सकारात्मक माना जाता है, जबकि घटती तिथि को अशुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इन शुभ तिथियों में पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शक्ति की प्राप्ति हो सकती है. पंचांग के मुताबिक, इस बार शारदीय नवरात्र की बढ़ती तिथि के कारण 10वें दिन यानी 2 अक्टूबर को दशहरा का त्योहार मनाया जाएगा.   नवरात्र में बन रहे हैं ये संयोग इसके अलावा, ग्रह और नक्षत्रों के नजरिए से यह शारदीय नवरात्र बहुत ही विशेष मानी जा रही है क्योंकि इस दौरान 3 बार रवि योग का निर्माण हो रहा है, इसके अलावा, गजकेसरी योग का संयोग भी बन रहा है, बुधादित्य योग का निर्माण भी हो रहा है.    शारदीय नवरात्र 2025 उपाय  1. धन और बरकत के लिए शारदीय नवरात्र के दिनों में सुबह-शाम मां लक्ष्मी और मां दुर्गा को लाल फूल और सिंदूर चढ़ाएं. घर में लक्ष्मी माता के मंत्र का जाप करने से धन संबंधी रुकावटें दूर होती हैं. 2. परिवार में सुख-शांति के लिए शारदीय नवरात्र में रोजाना दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करना चाहिए. माना जाता है कि इससे व्यक्ति के जीवन की रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं. साथ ही, घर परिवार सुख शांति का आगमन होने लगता है. 3. सकारात्मक ऊर्जा के लिए शारदीय नवरात्र में देवी मां को नारियल चढ़ाकर लाल धागे में बांधकर घर में मुख्य दरवाजे पर लटकाएं. इससे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करेगी.

शमी पूजा क्यों है दशहरे पर विशेष? जानें ऐतिहासिक और धार्मिक कारण

दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व साल का सबसे शुभ दिन माना जाता है. इस दिन भगवान राम ने रावण का वध कर धर्म की रक्षा की थी. लेकिन यह दिन सिर्फ रावण दहन तक सीमित नहीं है. दशहरे पर एक और खास परंपरा निभाई जाती है शमी वृक्ष की पूजा. शमी पूजन को धर्म, पुराण और ज्योतिष—तीनों ही स्तर पर बेहद शक्तिशाली और फलदायी बताया गया है. महाभारत से जुड़ी कथा: पांडव और शमी वृक्ष शमी का महत्व महाभारत काल से जुड़ा है. जब पांडव अज्ञातवास पर निकले तो उन्होंने अपने सभी शस्त्र एक शमी के पेड़ में छिपा दिए थे. बारह साल बाद जब वे लौटे तो उनके शस्त्र वैसे ही सुरक्षित मिले. इसी वजह से शमी को शक्ति और विजय का प्रतीक माना गया. तभी से दशहरे के दिन शमी पूजन और शस्त्र पूजन की परंपरा चली आ रही है. शमी के पत्ते क्यों कहलाते हैं ‘सोना’ दशहरे पर शमी वृक्ष के पत्ते आपस में बांटने की परंपरा कई राज्यों में प्रचलित है. खासकर महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में इसे सोना बांटना कहा जाता है. मान्यता है कि शमी के पत्ते असली सोने के समान शुभ होते हैं. इन्हें घर में रखने से लक्ष्मी का वास होता है और धन-समृद्धि बढ़ती है. यही कारण है कि दशहरे पर लोग शमी के पत्ते घर ले जाकर पूजाघर या तिजोरी में रखते हैं. शमी और ज्योतिषीय महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शमी वृक्ष शनि ग्रह का प्रिय है. दशहरे पर शमी की पूजा करने से शनि दोष शांत होता है, साथ ही करियर और व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं. कहा गया है कि जो व्यक्ति नियमित शमी वृक्ष की पूजा करता है, उसके जीवन में स्थिरता आती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. शमी पूजन से मिलने वाले लाभ     शत्रु बाधा और संकटों से मुक्ति     शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव का नाश     घर में सुख-शांति और सौभाग्य की वृद्धि     धन और समृद्धि की प्राप्ति     कार्यक्षेत्र और व्यापार में सफलता     हर क्षेत्र में विजय और न्याय की प्राप्ति रावण और शमी का संबंध कहा जाता है कि लंका में रावण ने शमी वृक्ष की विशेष पूजा की थी. इसी कारण इसे युद्ध और विजय से जोड़ा जाता है. दक्षिण भारत में आज भी दशहरे के अवसर पर लोग शमी के वृक्ष के नीचे पूजा कर उसे प्रणाम करते हैं और युद्ध या कार्य की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगते हैं. दशहरा सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति और समृद्धि को आमंत्रित करने का अवसर भी है. इस दिन शमी पूजन करने से शत्रु पर विजय, शनि दोष का नाश और धन की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि दशहरे पर शमी की पूजा करना शुभ और आवश्यक माना गया है.

फटाफट परिणाम! बुरी नजर हटाने के लिए 3 वास्तु शास्त्र के टिप्स

घर परिवार की सबसे बड़ी संपत्ति होता है। जब घर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है, तभी जीवन में सफलता और संतोष मिलता है। लेकिन क्या होगा अगर बार-बार घर पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो, और बुरी नजर का साया आपके परिवार और संपत्ति पर पड़ता रहे ? ऐसे समय में वास्तु शास्त्र के सरल लेकिन प्रभावी उपाय आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं। वास्तु शास्त्र हमारे घर की ऊर्जा और वातावरण को संतुलित करने की एक प्राचीन विद्या है। जब घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, तो बुरी नजर का असर कम हो जाता है। वास्तु के अनुसार, घर के कुछ खास स्थान और चीजें ऐसी होती हैं जो बुरी नजर को रोकने और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर भगाने में मदद करती हैं। मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा लगाएं तुलसी का पौधा हमारे घर के लिए सबसे शुभ माना जाता है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार भी घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता है। तुलसी के पौधे में एक सकारात्मक ऊर्जा होती है जो बुरी नजर को रोकती है और घर में खुशहाली लाती है। मुख्य द्वार के समीप तुलसी का पौधा लगाएं। रोज सुबह तुलसी की पूजा करें और उसकी नियमित देखभाल करें। तुलसी की पत्तियां घर के मंदिर में भी रख सकते हैं। इससे घर में शांति, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। घर के कोनों में नींबू-मिर्च का टोटका यह एक बेहद लोकप्रिय और प्राचीन वास्तु उपाय है। नींबू और मिर्ची का टोटका नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने और बुरी नजर को टालने में कारगर होता है। यह टोटका घर में दरवाजे या खिड़कियों के पास लगाया जाता है ताकि किसी भी नकारात्मक नजर का प्रवेश रोका जा सके। नींबू के साथ हरी मिर्च को लटकाएं। इसे मुख्य द्वार के बाहर या घर के ऐसे स्थान पर लगाएं जहां से बाहर की नजर आती हो। कुछ लोगों का मानना है कि नींबू मिर्च का टोटका हर 15-20 दिन में बदलना चाहिए ताकि उसकी ऊर्जा बनी रहे। घर में गणेश जी और नारियल का पूजन गणेश जी को विघ्नहर्ता और शुभता का देवता माना जाता है। वास्तु में गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर घर के मुख्य द्वार के पास स्थापित करने से बुरी नजर से बचाव होता है। साथ ही, घर में नियमित नारियल का पूजन भी नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है। घर के पूजा स्थल पर गणेश जी की मूर्ति रखें। व्रत या शुभ कार्य के दिन नारियल का पूजन करें और गणेश मंत्र का जप करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बुरी नजर का प्रभाव समाप्त होता है।

महाअष्टमी पर कन्या पूजन का वक्त और विधि – जानिए शुभ मुहूर्त

 वैसे तो शारदीय नवरात्र के पूरे 9 दिन बहुत ही खास और विशेष माने जाते हैं, लेकिन महाअष्टमी और महानवमी नवरात्र के दो सबसे महत्वपूर्ण दिन होते हैं. इस बार महाअष्टमी 30 सितंबर, आज मंगलवार को मनाई जाएगी और महानवमी 1 अक्टूबर, बुधवार को मनाई जाएगी. ज्योतिषियों के मुताबिक, इन दोनों दिनों पर शारदीय नवरात्र के पारण के लिए कन्या पूजन किया जाता है. कन्या पूजन पर 9 कन्याओं को मां दुर्गा के रूप में पूजकर, उनको हलवा-पूरी का भोग लगाया जाता है. तो चलिए जानते हैं कि इन दोनों शुभ दिनों पर मां दुर्गा के किन स्वरूपों की पूजा होती है और क्या रहेगा कन्या पूजन का मुहूर्त. महाअष्टमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त महाअष्टमी के पूर्वी भारत में महा दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. महाअष्टमी दुर्गा पूजा का सबसे खास माना जाता है. शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि की शुरुआत इस बार 29 सितंबर को शाम 4 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 सितंबर की शाम 6 बजकर 06 मिनट पर होगा.  वहीं, महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का पहला मुहूर्त सुबह 5 बजकर 01 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 41 मिनट दोपहर 12 बजकर 11 मिनट रहेगा. साथ ही, अभिजीत मुहूर्त भी कन्या पूजन जैसे कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है, जो कि सुबह 11 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. इन तीनों मुहूर्तों में आप कन्या पूजन कर सकते हैं.  महाअष्टमी के दिन किसकी होती है पूजा? शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप माता महागौरी की उपासना की जाती है. माता महागौरी को उज्ज्वलता और पवित्रता की देवी माना गया है. मान्यता है कि मां महागौरी की उपासना से भक्त के जीवन से सभी दुख और कठिनाइयां दूर होती हैं और उसे नई ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.  महानवमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त  इस बार शारदीय नवरात्र की महानवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन का पारण भी कन्या पूजन से किया जाता है. पंचांग के मुताबिक, महानवमी के दिन कन्या पूजन का मुहूर्त 1 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 01 मिनट से सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त, दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से लेकर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. महानवमी के दिन किसकी होती है पूजा? महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ये मां दुर्गा का अंतिम स्वरूप है. जैसा की इनके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियां और मनचाही इच्छाएं प्रदान करती हैं. ऐसे करें कन्या पूजन नवरात्र की अष्टमी तिथि पर कन्याओं को आमंत्रित करें और उनका पूरे विधि-विधान के साथ स्वागत करें. कन्याओं को बिठाकर उनके पैरों को दूध से धोएं और उनके माथे पर कुमकुम लगाएं. मां भगवती का ध्यान करके कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा और उपहार दें. अंत में कन्याओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें.

आज का राशिफल: कुछ राशियों पर बरसेगी किस्मत, तो कुछ को करना होगा संभलकर काम

मेष राशि- आज आपका दिन जोश और उत्साह से भरा रहेगा। आपने जिन नये प्रोजेक्ट्स पर सोचा था, उनमें कुछ शुरुआत दिख सकती है। कामकाज के मोर्चे पर चुनौतियाँ तो होंगी, पर आपकी ऊर्जा और दृढ़ निश्चय उन्हें पार कर लेगी। वित्तीय दृष्टि से छोटी-छोटी आय के स्रोत सक्रिय रहेंगे, लेकिन बड़े निवेश में सतर्कता रखें। प्रेम जीवन में संवाद की भूमिका बढ़ेगी। खुली बातों से रिश्ते में सामंजस्य बनेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना जरूरी है। थकान या हल्की परेशानी हो सकती है। आज सावधानी और संतुलन दोनों साथ रखें। वृषभ राशि- आज आपके पारिवारिक और घरेलू मामले आपको चिंतित कर सकते हैं। घर के सदस्यों से मेलजोल बढ़ाना आवश्यक होगा। कामकाज में निरंतरता बनाए रखें। नौकरी या व्यापार में जो बाधाएँ आई हों, उन्हें धैर्य और बुद्धि से सुलझाएँ। आर्थिक पक्ष थोड़ा स्थिर रहेगा। कुछ अनपेक्षित खर्च हो सकते हैं, इसलिए बजट पर ध्यान दें। जो लोग निवेश की योजना बना रहे थे, उन्हें आज थोड़ा रुकना चाहिए। प्रेम में हल्के मनमुटाव हो सकते हैं, लेकिन समझौता संभव है। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या फायदेमंद रहेगी। मिथुन राशि- आज आपकी संचार शक्ति और बुद्धि दोनों साथ देंगे। नए विचार मन में आएंगे और आप उन्हें आगे बढ़ा सकते हैं। व्यापार या कामकाज में नई पहल सफल हो सकती है। सुनने और समझने की क्षमता आपको लोगों से जोड़ने में मदद करेगी। धन लाभ के मौके भी सामने आएंगे, लेकिन जांच पड़ताल अवश्य करें। प्रेम जीवन में रोमांच रहेगा। नए झगड़े नहीं, बल्कि मीठी बहसें होंगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हल्की थकावट हो सकती है। आज अपने विचारों को साझा करने में पीछे न हटें। कर्क राशि- आज आपके अंदर शांत रहने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। घर और मन दोनों जगह आपको शांति चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। इनका सामना धैर्य से करें। आर्थिक दृष्टि से, कुछ योजनाएँ अटक सकती हैं; अनियोजनित खर्चों से बचें। प्रेम संबंधों में भावनात्मक असमंजस हो सकता है। एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक तनाव से सावधान रहना है। ध्यान, योग या मेडिटेशन लाभ देगा। आज अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानें और उसे शांतिपूर्वक प्रयोग करें। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा। कामकाज में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी। आपको सम्मान और मान-सम्मान मिलने की संभावना है। आर्थिक मोर्चे पर कुछ लाभदायक अवसर हाथ आ सकते हैं — उन्हें समय रहते पहचानें और उपयोग करें। प्रेम जीवन में आकर्षण बना रहेगा, लेकिन अहंकार से दूरी रखें। स्वास्थ्य की दृष्टि से ऊर्जा बनी रहेगी, पर अधिक थकावट से बचें। आज असावधानी से चोट लग सकती है, तो सावधानी बरतें। कन्या राशि– आज आप अपने काम में अधिक सावधानी और तप देना चाहेंगे। छोटी-छोटी गलतियाँ बड़ा असर डाल सकती हैं। इस लिए काम को दुबारा चेक करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। व्यापार या नौकरी में आपके अनुरूप अवसर दिख सकते हैं। प्रेम संबंधों में कम-उच्च संवाद रहेगा। जरूरत हो तो क्षमा भाव रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पेट या पाचन से संबंधित समस्या हो सकती है। हल्का और पौष्टिक आहार लें। तुला राशि– आपका आज का दिन संतुलन और सौम्यता वाला रहेगा। सामाजिक संबंधों में आपको लाभ होगा। लोग आपकी राय सुनना चाहेंगे। कामकाज में सहयोगी मिलेंगे और बारीकियों पर ध्यान देने से सफलता संभव है। आर्थिक मोर्चे पर अच्छी गति बनी हुई है, लेकिन निवेशों में जल्दबाजी से बचें। प्रेम जीवन में रोमांच और मृदु भाव दोनों मिलेंगे। अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, हल्की-फुलकी सैर लाभदायक है। वृश्चिक राशि- आज आप गहरे विचारों में डूब सकते हैं। काम में एकाग्रता ज़रूरी होगी। चुनौतियाँ आएंगी, लेकिन अंत में आप वहाँ सफल होंगे। आर्थिक मामले में कुछ अनिश्चितता हो सकती है। जोखिम लेने से पहले सोच लें। प्रेम जीवन में भावनाएं तीव्र हों सकती हैं। नकारात्मकता से बचें और शांतिपूर्वक बात करें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मन और मस्तिष्क को शांत रखने की जरूरत है। तनाव न लें। आज अपने आत्मविश्वास और सूझ-बूझ पर भरोसा रखें। धनु राशि- आज आपका दायरा विस्तृत हो सकता है। यात्रा, अध्ययन या किसी नई योजना की शुरुआत हो सकती है। आपके अंदर उत्साह होगा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। आर्थिक मोर्चे पर अतिरिक्त स्रोत मिल सकते हैं, पर उन्हें अच्छी तरह जांच लें। प्रेम जीवन में हल्की मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आप समझौता करने में सक्षम रहेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से सक्रियता बनी रहेगी, पर नियंत्रण न रखने पर थकान हो सकती है। आज की चुनौतियां आपकी वृद्धि का साधन बनेंगी। मकर राशि- आपका आज का दिन व्यवस्थित रहेगा। कामकाज में आप योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे। आपके प्रयासों का परिणाम दिखाई देने लगेगा। आर्थिक दृष्टि से स्थिरता बनी रहेगी, और यदि आपने कोई निवेश या कोई बड़ा निर्णय स्थगित किया था, अब उस पर विचार कर सकते हैं। प्रेम जीवन में स्थिरता रहेगी। बढ़ती समझ आपके रिश्तों को मजबूती देगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से हड्डियों, जोड़ या पीठ संबंधी दर्द हो सकता है। व्यायाम और स्ट्रेचिंग करें। कुंभ राशि- आज आपकी सोच क्रिएटिव और इनोवेटिव होगी। आप सामान्य से हटकर काम करना चाहेंगे। कामकाज में नए विचार सफल हो सकते हैं, यदि उन्हें सही समय पर प्रस्तुत करें। आर्थिक रूप से अवसर मिलेंगे, पर उनका चयन सोच-समझकर करें। प्रेम जीवन में दोस्ती की झलक मिलेगी। पहले दोस्त बनें, फिर आगे बढ़ें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक थकान हो सकती है। विश्राम और नींद ठीक रखें। आज आपका प्रयोग और अन्वेषण लाभदायक रहेगा। मीन राशि- आज आपका संवेदनशील पक्ष सक्रिय रहेगा। आपकी अंतःदृष्टि आपको सही दिशा दिखाएगी। कामकाज में आपकी संवेदनशीलता और समझदारी लाभदायक होगी। आर्थिक रूप से आपको नए स्रोतों की जानकारी मिल सकती है, पर जल्दबाजी न करें। प्रेम जीवन में रोमांटिक भावनाएँ उभरेंगी। साथी को समय दें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक शांति जरूरी है। आज आपका मन शांत और रचनात्मक बने रहने की संभावना है।