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16 जनवरी 2026 का राशिफल: किस राशि के लिए होगी किस्मत की चमक, ग्रहों की चाल समझें

मेष राशि- आज आप खुद को पहले से ज्यादा ऊर्जावान और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करेंगे। कामकाज में आपकी मेहनत साफ नजर आएगी और अधिकारी आपके काम से खुश हो सकते हैं। पैसों के मामले में सुधार के संकेत हैं, लेकिन जल्दबाज़ी में कोई बड़ा खर्च करने से बचें। घर का माहौल सामान्य रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, बस गुस्से और तनाव को खुद पर हावी न होने दें। वृषभ राशि- आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का है। नौकरी और व्यापार में काम धीरे-धीरे सही दिशा में बढ़ेगा। खर्च थोड़े बढ़ सकते हैं, इसलिए फालतू खर्च से बचना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा। प्रेम संबंधों में स्थिरता बनी रहेगी। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। मिथुन राशि– आज आपकी बात करने की कला आपको फायदा दिला सकती है। नए लोगों से संपर्क बनेंगे, जो आने वाले समय में काम आ सकते हैं। करियर से जुड़े रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। दोस्तों का सहयोग मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन ज्यादा काम करने से थकान महसूस हो सकती है। कर्क राशि- आज आप भावनात्मक रूप से थोड़े संवेदनशील रह सकते हैं। कामकाज में धैर्य रखना ज़रूरी होगा। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन बातचीत से समाधान निकल आएगा। पैसों की स्थिति संतुलित रहेगी। सेहत के लिहाज से आराम जरूरी है, खुद को ज्यादा थकाने से बचें। सिंह राशि– आज का दिन आपके लिए अच्छे संकेत लेकर आया है। करियर से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी और लोग आपकी बातों को गंभीरता से लेंगे। पैसों की स्थिति मज़बूत होने के योग हैं। प्रेम जीवन में उत्साह और नयापन बना रहेगा। सेहत भी अच्छी रहेगी। कन्या राशि– आज जिम्मेदारियों का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन आप सब कुछ अच्छे से संभाल लेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और नतीजे आपके पक्ष में रहेंगे। पैसों की स्थिति मज़बूत रहेगी। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी ज़रूरी है। तुला राशि– आज आपको अपनी योजनाओं पर पूरा ध्यान बनाए रखना होगा। कामकाज में की गई मेहनत का पूरा लाभ मिलने की संभावना है। पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। घर का माहौल सुखद रहेगा। सेहत में धीरे-धीरे सुधार महसूस होगा। वृश्चिक राशि– आज नए विचार और योजनाएं आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। दोस्तों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। प्रेम जीवन में समझ और तालमेल बना रहेगा। मानसिक रूप से आज खुद को हल्का और शांत महसूस करेंगे। धनु राशि– आज रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाकर चलना जरूरी होगा। साझेदारी से जुड़े कामों में फायदा हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई ज़िम्मेदारी मिल सकती है। पैसों की स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी। मानसिक शांति के लिए खुद को थोड़ा समय देना फायदेमंद रहेगा। मकर राशि- आज मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है, लेकिन उसका नतीजा सकारात्मक रहेगा। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। पैसों को लेकर कोई भी फैसला सोच-समझकर लें। प्रेम संबंधों में भरोसा बनाए रखना ज़रूरी होगा। सेहत सामान्य रहेगी। कुंभ राशि– आज किस्मत आपका पूरा साथ देती नज़र आएगी। करियर और पढ़ाई के क्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं। यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत संभव है। पैसों का लाभ होगा। मन खुश रहेगा और दिन भर ऊर्जा बनी रहेगी। मीन राशि– आज आपका मन रचनात्मक कामों में लगा रहेगा। करियर में नई संभावनाएं बन सकती हैं। पैसों की स्थिति संतुलित बनी रहेगी। परिवार और रिश्तों में मिठास रहेगी। सेहत ठीक रहेगी और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।

हंस महापुरुष योग का महासंयोग: 12 साल बाद इन राशियों पर बरसेगा पैसा

12 साल बाद गुरु बृहस्पति अपनी राशि बदलने जा रहे हैं. इस गोचर के कारण हंस महापुरुष योग बनेगा. दरअसल, बृहस्पति कर्क राशि में 2 जून 2026 की रात को प्रवेश करेंगे. इससे तीन राशियों के लोगों को अधिक सौभाग्य प्राप्त होगा. उन्हें अपने कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे. हंस महापुरुष योग वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति की ओर से बनाया गया एक शक्तिशाली राज योग है, जो तब बनता है जब बृहस्पति अपनी ही राशि (मीन, धनु) या अपने लग्न भाव (कर्क) में केंद्रीय स्थिति (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम भाव) में होता है. हंस महापुरुष योग बनने से व्यक्ति को ज्ञान, धन, सम्मान और धार्मिक विनम्रता प्रदान हासिल होती है, ऐसे में आइए जानते हैं कि बारह राशियों में से वे कौनसी तीन भाग्यशाली राशियां हैं, जिनके लोगों के लिए ‘सोने पर सुहागा’ वाली कहावत सटीक बैठ रही है? कन्या राशि बृहस्पति द्वारा महापुरुष राजयोग बनने से कन्या राशिवालों को आय के मामले में सकारात्मक लाभ मिलेगा. चूंकि बृहस्पति आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहा है इसलिए इस दौरान आपकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. आप नए तरीकों से भी धन अर्जित करेंगे. शेयर बाजार, सट्टेबाजी और लॉटरी से लाभ होने की संभावना है. आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. आपका करियर ऊंचाइयों को छुएगा. व्यापारियों को बड़े व्यापारिक सौदे करने का अवसर मिलेगा. कन्या राशिवालों को अपने बच्चों से संबंधित खुशखबरी मिलेगी. तुला राशि तुला राशि के लोगों को गुरु-हंस महापुरुष राजयोग के बनने से अपार लाभ प्राप्त होगा. यह राजयोग आपके संचार कुंडली के कर्म भाव में बनेगा इसलिए इस दौरान आपको अपने काम और करियर में अच्छी तरक्की देखने को मिलेगी. काम करने वालों को कार्यालय में उनके काम की सराहना मिलेगी. इस राशि के जातकों को बड़ों का पूरा सहयोग मिलेगा. इस दौरान भविष्य की योजनाएं सुव्यवस्थित और मजबूत नजर आएंगी. सामाजिक सहयोग भी मिलेगा. इस दौरान व्यापारियों को अच्छा आर्थिक लाभ हो सकता है. नए व्यापारियों के लिए यह व्यवसाय शुरू करने का अच्छा समय है. वृश्चिक राशि इस राशि के लिए हंस महापुरुष राजयोग के अच्छे परिणाम मिलेंगे. यह राजयोग आपकी राशि से नौवें भाव में बनेगा. यहां मंगल की स्थिति बहुत मजबूत होगी इसलिए इस दौरान आप जो भी काम करेंगे, उसमें आपको सफलता मिलेगी. आप कुछ धार्मिक या शुभ आयोजनों में भी भाग ले सकते हैं. यह अवधि आध्यात्मिक और व्यक्तिगत विकास के लिए अनुकूल रहेगी. रचनात्मक कार्यों और कलात्मक गतिविधियों में आपको सफलता मिलेगी. यात्रा या नए संबंध इस दौरान नए अवसर प्रदान करेंगे. अपनी बढ़ी हुई रचनात्मकता के साथ आप जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त करेंगे.

जीवन बदल देने वाले नीम करौली बाबा के विचार, तनाव से दिलाएंगे मुक्ति

नीम करोली बाबा का नाम ज्यादातर लोग जानते हैं। कलियुग में हनुमान का अंश बोले जाने वाले ये बाबा इस धरती पर नही हैं। लेकिन उनकी शिक्षाएं और उपदेश लोगों को रास्ता जरूर दिखा रही हैं। जीवन में आगे बढ़ने, निराशा और असफलता को छोड़ कर आगे बढ़ने की सीख देने वाले उपदेशों को आप भी एक बार जरूर पढ़ लें। इन्हीं उपदेशों की बदौलत स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्क तक उनके आश्रम तक चले जाए और उपदेशों से प्रभावित हुए। अगर मन की शांति और सुकून छिन गया है तो पढ़ लें नीम करोली बाबा के ये उपदेश। नीम करोली बाबा के उपदेश 1) सबकी सेवा करो, सबको भोजन दो और सबसे प्यार करो। इन तीन कामों को करते हुए बस भगवान को याद करो। 2) चाहे किसी ने तुम्हें तकलीफ दी हो लेकिन सबको भगवान समझकर ही प्यार करो। 3) जब आप दुखी, बीमार या परेशान होते हैं तो उस समय आप जीवन की सच्चाईयों को सीख रहे होते हैं। इसलिए दुख-तकलीफ से घबराना नहीं चाहिए। ये आपके लिए किसी लेसन की तरह होते हैं। 4) कर्म की सबसे बड़ी पूजा है। इसलिए भागवद् गीता के इस उपदेश को मानना चाहिए। 5) बाहर की दुनिया देखने की बजाय अपने अंदर देखों, झांको और खुद को समझने की कोशिश करो। 6) किसी को माफ कर देना सबसे बड़ा हथियार होता है। क्योंकि संत अपने गुस्से को तुरंत ही छोड़ देते हैं। 7) हमेशा ऐसे लोगों की संगत में रहो जो पॉजिटिव सोचते हैं। ऐसे लोगों का साथ आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। 8) हर इंसान में ईश्वर को देखो। धर्म और कर्म के आधार पर शिक्षा देना पूरी तरह से गलत है। 9) खुद को साधारण मानों और अपने भगवान से पूछो क्या मैं कुछ नहीं कर सकता। इसके साथ ही ये मान कर चलो कि जो कुछ भी आप करते हैं वो सब भगवान कर रहा है।

घर के मंदिर में मौजूद 5 वस्तुएं रोक सकती हैं धन आगमन, आज ही हटाएं

सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। इसमें मंदिर से जुड़े नियम के बारे में विस्तार से बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि वास्तु के नियम का पालन न करने से साधक को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर में कुछ चीजों को रखने से साधक को पूजा का फल प्राप्त नहीं होता है। साथ ही घर में मां लक्ष्मी वास नहीं करती हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल आपको बताते हैं कि मंदिर में किन चीजों को रखने से बचना चाहिए। टूटी मर्तियां मंदिर में भूलकर भी देवी-देवताओं की टूटी हुई मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटी हुई मूर्तियों की पूजा करने से नकारात्मकता बढ़ती है और साधक को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही पूजा का फल नहीं मिलता। ऐसे में टूटी हुई मूर्तियां को पवित्र नदी में बहा दें। पितरों की तस्वीर वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि मंदिर में पितरों की तस्वीर भी नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि शास्त्रों में पितरों और देवताओं का स्थान अलग-अलग बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि मंदिर में पितरों की मूर्ति लगाने से घर में अशांति का माहौल हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्वजों की तस्वीर को घर की दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए। सूखे हुए फूल रोजाना पूजा के दौरान प्रभु को फूल अर्पित किए जाते हैं और अगले दिन सुबह उन फूलों को प्रभु के दौरान शृंगार के दौरान हटा दिया जाता है, लेकिन उन फूलों को मंदिर में न रखें। ऐसा माना जाता है कि मंदिर में सूखे हुए फूलों को रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इसलिए सूखे हुए फूलों को पवित्र नदी में बहा दें या फिर किसी पेड़ के नीचे दबा दें। कटी-फटी धार्मिक पुस्तक मंदिर में भूलकर भी कटी-फटी धार्मिक पुस्तकों को नहीं रखना चाहिए। इससे वयक्ति के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नुकीली चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर में कैंची और चाकू जैसी नुकीली चीजों को नहीं रखना चाहिए, क्योंकि नुकीली चीजों को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए वास्तु शास्त्र में वर्णित नियम का पालन करने की सलाह दी जाती है।  

विवाह निमंत्रण पत्र की ये चूक बन सकती है वैवाहिक जीवन में बाधा

शादी का कार्ड सिर्फ एक निमंत्रण पत्र नहीं होता, बल्कि यह आपके नए जीवन की शुरुआत का पहला औपचारिक संदेश होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, विवाह पत्रिका में रंग, शब्द और प्रतीकों का सही चयन घर में सुख-समृद्धि लाता है। अगर कार्ड बनवाते समय वास्तु के नियमों की अनदेखी की जाए, तो यह वैवाहिक जीवन में अनचाही बाधाएं पैदा कर सकता है। वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आइए जानते हैं कि शादी के कार्ड में क्या चीजें होनी चाहिए और क्या नहीं- रंगों का चुनाव वास्तु के अनुसार, शादी के कार्ड के लिए लाल, पीला, केसरिया या क्रीम रंग सबसे शुभ माने जाते हैं। लाल रंग: प्रेम और ऊर्जा का प्रतीक है। पीला रंग: ज्ञान और नई शुरुआत का सूचक है। क्या न करें: शादी के कार्ड में कभी भी काले या गहरे भूरे (Dark Brown) रंग का इस्तेमाल मुख्य रंग के तौर पर नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन्हें नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। शुभ प्रतीकों का महत्व कार्ड पर देवी-देवताओं और मंगल प्रतीकों का होना सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है। गणेश जी की प्रतिमा: किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजन से होती है, इसलिए कार्ड पर उनकी छवि अनिवार्य है। स्वास्तिक और कलश: ये चिन्ह सुख और वैभव का प्रतिनिधित्व करते हैं। ध्यान दें: आजकल मॉडर्न दिखने के चक्कर में लोग अजीबोगरीब आकृतियां बनवाते हैं, जिनसे बचना चाहिए। शब्दों और भाषा की शुद्धता 1. कार्ड पर लिखे शब्दों का प्रभाव गहरा होता है। 2. निमंत्रण की भाषा सौम्य और आदरपूर्ण होनी चाहिए। 3. ध्यान रखें कि कार्ड पर अपशब्द या भारी-भरकम शब्द न हों जो पढ़ने में नकारात्मक लगें। किन चीजों से बचें? नुकीले किनारे: वास्तु के अनुसार, कार्ड के कोने बहुत ज्यादा नुकीले नहीं होने चाहिए। गोलाई वाले या चौकोर किनारे बेहतर माने जाते हैं। अधूरी जानकारी: कार्ड पर शुभ मुहूर्त और तिथि साफ-साफ लिखें। अधूरी जानकारी भ्रम और वास्तु दोष पैदा करती है। चित्रों का चयन: कार्ड पर युद्ध, सूखे पेड़ या किसी भी उदास कर देने वाले चित्र का प्रयोग भूलकर भी न करें। वितरण का सही समय वास्तु शास्त्र कहता है कि शादी का पहला कार्ड हमेशा अपने कुलदेवता या भगवान गणेश को अर्पित करना चाहिए। इसके बाद ही सगे-संबंधियों को बांटना शुरू करें। शादी का कार्ड आपके खुशहाल भविष्य की नींव है। वास्तु के इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपने विवाह उत्सव को और भी मंगलमय बना सकते हैं।

सूर्यास्त के बाद मकर संक्रांति का महत्व: ये काम करें शुभ, इन गलतियों से बचें

मकर संक्रांति का पर्व हर साल माघ माह में सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. आज मकर संंक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं. उत्तरायण का काल देवताओं का माना जाता है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान का बहुत विशेष महत्व माना गया है. इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और जप-तप करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होते हैं. मकर संक्रांति के दिन उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में खिचड़ी खाई जाती है, इसलिए इसे खिचड़ी भी कहा जाता है. मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के बाद का समय भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. धर्म शास्त्रों में बताया गया है मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के समय कुछ काम करने बहुत शुभ होते हैं. साथ ही कुछ गलतियों से बचने के लिए भी कहा गया है. आइए इसके बारे में जानते हैं. मकर संक्रांति पर सूर्यास्त के बाद क्या करना होता है शुभ? मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के बाद शाम के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. इस दिन शाम के समय मंदिर या पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए. इस दिन सूर्यास्त के बाद शाम को लड्डू गोपाल के सामने घी का एक अखंड दापक जलाना चाहिए. ऐसा करने से परिवार में सुख-शांति आती है. इस दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन शाम को तुलसी के पास भी दीपक अवश्य जलाएं. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है. मकर संक्रांति पर न करें ये गलतियां मकर संक्रांति के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए. इस दिन भूलकर भी बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए. इस दिन मांस-मछली, शराब और लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन के सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन झूठ, क्रोध और कटु वाणी बोलने से बचना चाहिए. व्यवहार में सयंम रखना चाहिए.

15 जनवरी राशिफल: इस दिन की ग्रहों की चाल से जानें आपके लिए क्या लेकर आई है किस्मत

मेष-15 जनवरी के दिन सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। वृषभ-15 जनवरी का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में नौकरी करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। मिथुन-15 जनवरी का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आज आपके आय के साधन में वृद्धि होगी। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। दिन के बीच में नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नए अवसर मिलेंगे। कर्क-15 जनवरी के दिन आप संतान की किसी बात से परेशान रहेंगे। दिन के मध्य में किसी विशेष काम में आपको सफलता मिल सकती है। दिन की शुरुआत में खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। सिंह-15 जनवरी के दिन परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। सुख-सुविधा से जुड़ी किसी चीज में पैसे खर्च हो सकते हैं। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। जिसके कारण आपका आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। तुला-15 जनवरी के दिन आपको कुछ बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान छात्रों का मन पढ़ाई से उचट सकता है। धनु-15 जनवरी का दिन उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर प्रमोशन मिल सकता है। हालांकि दिन के मध्य में गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की जरूरत है। मकर-15 जनवरी का दिन कुछ बड़े खर्चे लेकर आ सकता है। जिससे आपका आर्थिक बजट हिल सकता है। इस दिन समय और धन दोनों को सोच-समझकर खर्च करें। कुछ लोग शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। कुम्भ-15 जनवरी के दिन आपकी किस्मत चमक सकती है। इस दौरान आपको मनचाही सफलता हासिल होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। आज के दिन दोपहर में किसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। कन्या-15 जनवरी के दिन नौकरी पेशा करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ साबित हो सकता है। स्ट्रेस मत लें। वृश्चिक-15 जनवरी के दिन गुस्से और वाणी पर काबू रखें। दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। हालांकि, दिन खत्म होते-होते आपको मनचाहा लाभ मिल सकता है। किसी भी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। मीन-15 जनवरी के दिन काम के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियों आएंगी, जिनका सामना करना पड़ सकता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए।

लोग पहली नजर में क्या नोटिस करते हैं? एटिकेट कोच की 5 अहम टिप्स

कभी ना कभी आपने ये तो जरूर सुना होगा कि 'फर्स्ट इंप्रेशन इज योर लास्ट इंप्रेशन'। कुछ हद तक ये बात सही भी है। अब कोई कितना भी कहे कि बाहरी लुक्स मैटर नहीं करते हैं, लेकिन प्रैक्टिकल लाइफ में लोग आपको इसी के बेसिस पर जज करते हैं। यहां लुक्स का मतलब आपके नैन-नक्श से नहीं है, बल्कि आपकी पर्सनेलिटी से है। आप कैसे खुद को कैरी करते हैं, कैसे ड्रेसअप करते हैं; ये छोटी-छोटी चीजें काफी मायने रखती हैं। एटिकेट कोच माणिक कौर एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताती हैं कि जब भी आप किसी रूम में एंटर करते हैं, किसी से मिलते हैं, तो आपके मुंह खोलने से पहले ही लोग कुछ चीजें नोटिस करते हैं और अपने दिमाग में आपको ले कर एक इंप्रेशन बना लेते हैं। आइए जानते हैं वो क्या चीजें हैं। आपके पैर नोटिस करते हैं लोग एटिकेट कोच कहती हैं कि आमतौर पर लोग सबसे पहले आपके पैरों को नोटिस करते हैं। अगर आप गंदे-फटे जूते या फुटवियर पहनते हैं, पैरों का ध्यान नहीं रखते हैं; तो इसका सामने वाले पर खराब इंप्रेशन पड़ता है। ये छोटी-छोटी चीजें आपकी पर्सनेलिटी पर काफी असर डालती हैं। आपके चेहरे के एक्सप्रेशन आपको कुछ कहने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि आपके फेशियल एक्सप्रेशन यानी चेहरे के भाव आपके बारे में काफी कुछ बयां कर देते हैं। अगर आप इरिटेट हैं या गुस्से में किसी से मिल रहे हैं, तो जाहिर है इसका अच्छा इंप्रेशन बिल्कुल नहीं पड़ेगा। आपको हर समय हंसने की जरूरत नहीं है, लेकिन चेहरे पर एक सॉफ्ट स्माइल रखें। इससे लोग आपके साथ जल्दी कनेक्ट कर पाते हैं और सेफ महसूस करते हैं। आपकी खुशबू माणिक कौर कहती हैं कि लोगों को आपका पहनावा बेशक याद ना रहे, लेकिन वो आपकी स्मेल को जरूर याद रखते हैं। अगर आप अच्छा स्मेल करते हैं, तो लोगों के माइंड पर एक अच्छा इंप्रेशन पड़ता है। ये छोटी सी ट्रिक आपको ज्यादा पॉलिश्ड और हाइजीनिक दिखाती है। आपका बॉडी पोस्चर आप खुद को किस तरह कैरी करते हैं, ये भी लोग पहली नजर में नोटिस करते हैं। किसी रूम में अगर आप कॉन्फिडेंस के साथ वॉक करते हैं, तो अपने आप एक स्ट्रांग और पॉजिटिव इंप्रेशन जाता है। वहीं खराब बॉडी पोस्चर आपके लुक्स और पर्सनेलिटी दोनों को नेगेटिव दिखा सकता है। आपका पहनावा कोच कहती हैं कि आपका पहनावा आपके बारे में बहुत कुछ बताता है। इसका मतलब ये नहीं है कि आपको हमेशा महंगे और डिजाइनर कपड़े ही पहनने चाहिए। बल्कि हमेशा साफ सुथरी, आयरन किए हुए कपड़े वियर करें। इससे सामने वाले पर ये इंप्रेशन जाता है कि आप खुद की रिस्पेक्ट करते हैं। आप खुद भी और ज्यादा कॉन्फिडेंट और बेहतर महसूस करते हैं।

खरमास का समापन आज, शादी और नए कामों की शुरुआत संभव

पंचांग के अनुसार, आज से एक बार फिर शुभ कार्यों की शुरुआत होने जा रही है. करीब एक महीने तक चले खरमास की अवधि अब समाप्त होने वाली है. पंचांग के मुताबिक, खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर 2025 से हुई थी, जो सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करते ही खत्म हो जाएगी. सूर्य 14 जनवरी की रात धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इसी के साथ खरमास का समापन हो जाएगा. किस समय खत्म हो रहा है खरमास? पंचांग और ज्योतिष गणना के अनुसार, पिछले साल 16 दिसंबर से खरमास की अवधि शुरू हुई थी. अब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. समाप्ति का समय: 14 जनवरी 2026, रात 9 बजकर 19 मिनट होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जैसे ही सूर्य मकर राशि में कदम रखेंगे, खरमास खत्म हो जाएगा और मकर संक्रांति का पुण्यकाल शुरू हो जाएगा. अब शुरू होंगे ये मांगलिक कार्य हिंदू धर्म में खरमास के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करने की मनाही होती है. लेकिन अब सूर्य के उत्तरायण होते ही ये सभी काम फिर से शुरू किए जा सकेंगे. विवाह संस्कार: शादियों के लिए शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगी. गृह प्रवेश: नए घर में शिफ्ट होने के लिए यह समय उत्तम है. मुंडन और जनेऊ: बच्चों के मुंडन और उपनयन संस्कार किए जा सकेंगे. नया बिजनेस: नई दुकान खोलना या व्यापार की शुरुआत करना शुभ रहेगा. गाड़ी और प्रॉपर्टी की खरीदारी: निवेश और खरीदारी के लिए अब रास्ते खुल गए हैं. क्यों अशुभ माना जाता है खरमास? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि यानी धनु या मीन में होते हैं, तो उनका प्रभाव थोड़ा कम हो जाता है. इसे ही खरमास या लोहड़ी मास कहा जाता है. मान्यता है कि इस समय किए गए कामों का पूरा फल नहीं मिलता. लेकिन जैसे ही सूर्य मकर राशि में आते हैं, वे शक्तिशाली हो जाते हैं और यहीं से देवताओं का दिन शुरू होता है जिसे उत्तरायण कहते हैं. धार्मिक दृष्टि से भी खास है यह समय मकर संक्रांति के दिन दान, स्नान और सूर्य उपासना का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान, तिल और गुड़ का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. सूर्यदेव की पूजा से स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

पोंगल क्यों है खास? जानिए दक्षिण भारत की परंपराएं

हर वर्ष जनवरी माह में मनाया जाने वाला पोंगल पर्व दक्षिण भारत की संस्कृति और कृषि परंपरा का प्रमुख उत्सव माना जाता है. वर्ष 2026 में पोंगल 14 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा. यह पर्व केवल नई फसल के स्वागत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, सूर्य और धरती के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर भी माना जाता है. पोंगल के दौरान की जाने वाली पूजा, अनुष्ठान और पारंपरिक विधियां जीवन में समृद्धि, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं. यही कारण है कि पोंगल को दक्षिण भारत का सबसे महत्वपूर्ण कृषि पर्व कहा जाता है. पोंगल पर्व का मुख्य उद्देश्य नई फसल के प्रति आभार व्यक्त करना है. इस दिन किसान अपनी पहली उपज को सूर्यदेव और धरती माता को अर्पित करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नई फसल की पूजा करने से अन्न की शुद्धता बनी रहती है और आने वाला वर्ष समृद्धि लेकर आता है. पोंगल शब्द का अर्थ ही उफनना या भरपूर होना है, जो समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. नई फसल की पूजा यह संदेश देती है कि मनुष्य और प्रकृति का संबंध संतुलन और सम्मान पर आधारित होना चाहिए. सूर्य उपासना और पोंगल का ज्योतिषीय पक्ष पोंगल का पर्व सूर्यदेव से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है. यह त्योहार सूर्य के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश के समय मनाया जाता है. ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय सकारात्मक ऊर्जा, नई शुरुआत और स्थिर प्रगति का प्रतीक माना गया है. सूर्यदेव को अन्न, ऊर्जा और जीवन का आधार माना जाता है, इसलिए पोंगल पर सूर्य उपासना का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्य को अर्घ्य देना, दीप जलाना और पोंगल अर्पित करना शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में स्पष्टता और आत्मबल बढ़ने के संकेत माने जाते हैं. पोंगल पर दक्षिण भारत की विशेष परंपराएं दक्षिण भारत में पोंगल चार दिनों तक अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है. पहले दिन भोगी पोंगल पर पुराने सामान का त्याग और नए जीवन की शुरुआत का संदेश दिया जाता है. दूसरे दिन थाई पोंगल पर नए चावल, दूध और गुड़ से पोंगल बनाकर सूर्यदेव को अर्पित किया जाता है. तीसरे दिन मट्टू पोंगल पर पशुधन की पूजा की जाती है, क्योंकि कृषि जीवन में उनका विशेष योगदान माना जाता है. चौथे दिन कानूम पोंगल पर परिवार और सामाजिक मेल-मिलाप को महत्व दिया जाता है. खान-पान, रंगोली और सामूहिक उत्सव पोंगल पर्व पर खान-पान और सजावट का विशेष महत्व होता है. घरों के सामने रंगोली या कोलम बनाई जाती है, जो शुभता और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है. पोंगल प्रसाद, गन्ना, नारियल और ताजे फल इस पर्व की पहचान होते हैं. लोग पारंपरिक वस्त्र पहनते हैं और सामूहिक रूप से उत्सव मनाते हैं. यह पर्व सामाजिक एकता, परिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का माध्यम माना जाता है. जीवन पर प्रभाव और संदेश पोंगल केवल एक कृषि पर्व नहीं, बल्कि जीवन दर्शन से जुड़ा उत्सव माना जाता है. नई फसल की पूजा यह सिखाती है कि परिश्रम, धैर्य और कृतज्ञता से ही जीवन में स्थायी सुख मिलता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पोंगल के समय किए गए संकल्प और पूजा जीवन में सकारात्मक दिशा देने वाले माने जाते हैं. कुल मिलाकर, पोंगल 2026 प्रकृति के साथ सामंजस्य, परंपरा के सम्मान और नए आरंभ का पर्व है, जो समृद्धि और संतुलन का संदेश देता है.