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AI टूल आते ही बाजार में भूचाल, क्या सच में सबकी छुट्टी करेगा? IT शेयरों में भारी गिरावट

 नई दिल्ली बीते सोमवार को रिकॉर्ड हाई पर बंद होने के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों ने मंगलवार को अपनी सारी बढ़त गंवा दी और इंडेक्स भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुए. खासतौर पर टेक शेयरों में हाहाकार मचा हुआ नजर आया और कई IT Stocks तो 10 से 25 फीसदी तक क्रैश हो गए. US Stock Market में इस गिरावट के पीछे का बड़ा कारण आईटी सेक्टर में Antropic AI Tool की एंट्री को माना जा रहा है. एंथ्रोपिक ने कॉर्पोरेट और लीगल कार्यों को ऑटोमेटिक करने के लिए एक नया एआई टूल लॉन्च किया है. उम्मीद है कि यह नया टूल सॉफ्टवेयर कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक वर्कफ़्लो ऑटोमेशन में बड़ा बदलाव लाएगा. IT Stock क्रैश, NASDAQ धड़ाम अमेरिकी बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नैस्डैक फिसला, जो कि आईटी और टेक शेयरों से भरा हुआ इंडेक्स है. इसमें मंगलवार को 1.4 फीसदी की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके पीछे रिपोर्ट्स में एंथ्रोपिक एआई टूल को जिम्मेदार बताया जा रहा है, क्योंकि निवेशकों ने एनवीडिया (NVIDIA), माइक्रोन (Micron) और एएमडी (AMD) जैसी हाई वैल्यू वाली चिप कंपनियों के शेयरों से हटकर इसकी ओर रुख किया है. NASDAQ के अलावा डॉउ जोन्स (Dow Jones) और एसएंडपी 500 (S&P Index) भी मंगलवार को क्रमशः 0.3% और 0.8% गिरकर बंद हुआ. एंथ्रोपिक के आते ही बिखरे ये बड़े शेयर  US Stock Market में Anthropic AI Tools की एंट्री से मचे कोहराम की बात करें, तो इसके चलते मंगलवार को कॉग्निजेंट, गार्टनर, एक्सेंचर और ईपीएएम जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 10% से 25% तक की गिरावट देखने को मिली. यही नहीं भारत के लिए भी ये चिंता का विषय नजर आ रहा है, क्योंकि इस सेक्टर की दिग्गज भारतीय कंपनियों इंफोसिस और विप्रो के एडीआर (Infosys-Wipro ADR) में भी मंगलवार को 6% तक की गिरावट दर्ज की गई. Anthropic AI टूल ने विश्लेषकों के बीच सासपोकैलिप्स की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे ग्लोबल आईटी मार्केट हिल गए हैं. बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने पर इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसे दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर है.  यहां दिखा सबसे बुरा असर Anthropic AI Tools की एंट्री का सबसे ज्यादा बुरा असर लीगल और डेटा सर्विस प्रोवाइडर्स पर देखने को मिला है. लीगलजूम के शेयर 20% तक फिसल गए, तो वहीं थॉमसन रॉयटर्स के स्टॉक में भी 15% तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा लेक्सिसनेक्सिस की पैरेंट कंपनी RELX का शेयर 14% गिर गया था. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसके आने से लोगों की सोच में बदलाव आया है. पहले जो कहते थे कि AI इन कंपनियों की मदद करता है, वही अब कहते नजर आ रहे हैं कि AI इन कंपनियों की जगह लेता जा रहा है. 

10 लाख बाइक्स का मील का पत्थर! Royal Enfield का सबसे पसंदीदा मॉडल, 8 लाख लोगों की पसंद

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड ने 2025 में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है, जिसमें रिकॉर्ड 10,71,809 बाइक बेची गईं। चेन्नई स्थित इस कंपनी ने पहली बार घरेलू बाजार में एक कैलेंडर वर्ष में दस लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया है। यह 2024 में हासिल की गई 8,57,378 यूनिट की तुलना में 25 प्रतिशत की शानदार वार्षिक वृद्धि है। कंपनी ने पिछले वर्ष 1,32,132 मोटरसाइकिलों का निर्यात भी किया, जो 2024 की 97,371 यूनिट की तुलना में 36 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है। वर्तमान में, रॉयल एनफील्ड चार अलग-अलग इंजन प्लेटफॉर्म पर 14 मॉडल बेचती है। रॉयल एनफील्ड की 2025 में होने वाली बिक्री का विवरण तालिका प्रारूप में दिया गया है। पिछले 13 वर्षों के रॉयल एनफील्ड के थोक बिक्री आंकड़ों (ऊपर दी गई तालिका देखें) का गहन विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 2025 लगातार तीसरा वर्ष है जब बाइक निर्माता ने 8,00,000 का आंकड़ा पार किया है। वार्षिक बिक्री पहली बार 2018 में 8,00,000 (8,37,669 यूनिट) तक पहुंची थी, लेकिन अगले वर्ष इसमें 17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 6,90,913 यूनिट रह गई, जबकि महामारी से प्रभावित 2020 में यह अपने सबसे निचले स्तर (5,38,889 यूनिट) पर पहुंच गई। तब से, कंपनी ने नए मॉडलों और प्रीमियम मोटरसाइकिलों के लिए बाजार में आए पुनरुत्थान के दम पर वापसी की है। 2022 में मांग में 28 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यह 7,03,156 यूनिट तक पहुंच गई, 2023 में 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,22,295 यूनिट और 2024 में 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वर्ष एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। 2025 में, अगस्त से अक्टूबर तक लगातार तीन महीनों तक मासिक बिक्री 1,00,000 यूनिट से अधिक रही, जिसमें रॉयल एनफील्ड ने अक्टूबर में 1,16,844 यूनिट की अपनी अब तक की सबसे अधिक मासिक थोक बिक्री दर्ज की। भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में जीएसटी 2.0 की दर में कमी का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की घोषणा करने वाली पहली कंपनियों में से एक, इस कंपनी ने अपने सबसे अधिक बिकने वाले 350 सीसी मॉडल की कीमतों में 22,000 रुपये तक की कटौती की। रॉयल एनफील्ड की सबसे अधिक बिकने वाली बाइक क्लासिक 350 बनी हुई है और अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान इस श्रेणी में बेची गई मोटरसाइकिलों में इसकी हिस्सेदारी 37 प्रतिशत थी । 350-650cc श्रेणी में रॉयल एनफील्ड का दबदबा है। रॉयल एनफील्ड की मिडसाइज़ मोटरसाइकिल बाज़ार में मज़बूत पकड़ उसके 350cc मॉडलों से ही आती है, यह बात आंकड़ों से स्पष्ट है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों (अप्रैल-दिसंबर 2025) के लिए SIAM उद्योग थोक बिक्री आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 8,21,908 यूनिट तक पहुंच गई। रॉयल एनफील्ड की 250-350cc श्रेणी पर मज़बूत पकड़ है – चालू वित्त वर्ष में बेची गई 7,58,458 बाइक (पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत की वृद्धि) ने इस श्रेणी की कुल 8,01,250 मोटरसाइकिलों की घरेलू बाज़ार बिक्री में 95 प्रतिशत की अजेय हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके पांच मॉडलों में से, क्लासिक 350 40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है, इसके बाद बुलेट 350 (25 प्रतिशत हिस्सेदारी) का स्थान आता है। हंटर 350 और मेटियोर 350 शेष 35 प्रतिशत का योगदान करते हैं। रॉयल एनफील्ड की इन 3 बाइक्स का युवाओं में क्रेज आम तौर पर टॉप सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350 टॉप 10 में रहती ही है, लेकिन साल 2025 के आखिरी महीने दिसंबर में तो इस देसी कंपनी की 3-3 बाइक्स ने सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल की टॉप 10 लिस्ट में रही। इनमें जहां क्लासिक 350 छठे स्थान पर रही और इसकी 34,958 यूनिट बिकी, वहीं रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 आठवें स्थान पर रही और इसकी 24,849 यूनिट बिकी। टॉप 10 बेस्ट सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में आखिरी पायदान पर रॉयल एनफील्ड हंटर रही और इसकी 20,654 यूनिट बिकी। रॉयल एनफील्ड की इन बाइक्स की बिक्री में बीते दिसंबर सालाना तौर पर अच्छी-खासी बढ़ोतरी दिखी। क्लासिक 350 की बिक्री में सालाना तौर पर करीब 18 फीसदी, बुलेट 350 में करीब 77 फीसदी और हंटर 350 की सेल में 50 फीसदी की एनुअल ग्रोथ दर्ज की गई। रॉयल एनफील्ड की क्लासिक, बुलेट और हंटर की कीमतें अब आपको रॉयल एनफील्ड की 3 सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल्स की कीमतों के बारे में बताएं तो Hunter 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.38 लाख रुपये से शुरू होकर 1.67 लाख रुपये तक जाती है। इसके बाद रॉयल एनफील्ड की आइकॉनिक बाइक Bullet 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.62 लाख रुपये से शुरू होकर 2.04 लाख रुपये तक जाती है। कंपनी की टॉप सेलिंग बाइक Classic 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.83 लाख रुपये से शुरू होकर 2.18 लाख रुपये तक जाती है। क्लासिक का एक खास मॉडल Goan Classic 350 भी है, जिसकी एक्स शोरूम प्राइस 2.20 लाख रुपये से शुरू होकर 2.23 लाख रुपये तक जाती है।

निवेशकों की चांदी! भारत-अमेरिका ट्रेड डील से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड उछाल

मुंबई  भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से मंगलवार को शेयर बाजार रॉकेट बन गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स और निफ्टी में जबरदस्‍त तेजी देखने को म‍िली. मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई बीएसई सेंसेक्स ने 2500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा दी. निफ्टी भी 700 अंक की तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया. शेयर बाजार में आई तेजी से प‍िछले कुछ महीने से लगा ग्रहण छंटता नजर आया. शेयर बाजार में आई तेजी पिछले कुछ महीने की अन‍िश्‍च‍ितता को खत्म करने वाली है. प‍िछले कुछ महीने से बाजार ट्रंप के टैरिफ को लेकर दबाव में चल रहा था. सभी इंडेक्‍स में जबरदस्‍त तेजी ट्रंप के टैर‍िफ घटाने का असर न‍िफ्टी 50 के अलावा बैंक न‍िफ्टी, न‍िफ्टी फाइनेंस, न‍िफ्टी म‍िड कैप और न‍िफ्टी स्‍मॉलकैप समेत सभी इंडेक्‍स में देखने को म‍िला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद ट्रेड डील का ऐलान कर द‍िया. अमेरिका की तरफ से भारत से न‍िर्यात क‍िये जाने वाले प्रोडक्‍ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. इसके अलावा रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ भी हटा द‍िया. GIFT निफ्टी ने सुबह ही द‍िया था संकेत डील की खबर आते ही GIFT निफ्टी (भारतीय बाजार का पूर्वानुमान देने वाला इंडेक्‍स) में 700-800 अंक की मजबूत छलांग देखी गई थी. सुबह 6-7 बजे ही यह 3 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर था. बाजार खुलते ही सेंसेक्स 83,000-84,000 के स्तर पर पहुंच गया और 2500 अंक से ज्‍यादा की तेजी देखी गई. निफ्टी भी चढ़कर 25,800 के पार चला गया. किन सेक्‍टर में होगी न‍िवेशकों की चांदी? ट्रेड डील से एक्‍सपोर्ट बेस्‍ड सेक्टर में भारी उछाल देखा गया. टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और मशीनरी कंपनियों के शेयरों में तगड़ी खरीदारी देखने को म‍िल रही है. इन सेक्टर से जुड़ा सामान अब अमेरिका में पहले से सस्ते दाम पर म‍िल सकेगा, जिससे कंपनियों के प्रॉफ‍िट में बढ़ोतरी का अनुमान है. जानकारों का कहना है कि यह डील इंड‍ियन इकोनॉमी और शेयर मार्केट के लिए बड़ा बूस्ट है. टैरिफ कम होने से निर्यात बढ़ेगा, विदेशी निवेश आएगा और रुपये पर भी दबाव कम होगा.   पीएम मोदी ने ट्रंप का धन्यवाद किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत किया और ट्रंप को धन्यवाद दिया. उन्होंने बताया कि “Made in India उत्पादों पर अब केवल 18% टैरिफ लगेगा” और यह निर्णय 1.4 अरब भारतीयों के लिए एक शानदार घोषणा है। ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील पर सहमत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे भारत के साथ डील पर सहमत हैं, जिसमें टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। भारत रूस से आयल खरीद बंद करेगा और वर से ज्यादा एनर्जी, टेक्नोलॉजी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स खरीदेगा। एशियाई-अमेरिकी बाजार में तेजी जापान का निक्केई इंडेक्स 3.14 फीसदी चढ़कर 53,186 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.02 प्रतिशत ऊपर 5,198 कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.20 फीसदी चढ़कर 26,830 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.38 प्रतिशत ऊपर 4,031 पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका का डाउ जोंस 1.05 फीसदी चढ़कर 49,407 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.94 फीसदी और एसएंडपी 500 0.54 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सोना-चांदी इतना हुआ महंगा शेयर बाजार में तूफानी के साथ ही मंगलवार को कमोडिटी मार्केट में जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। एमसीएक्स पर कारोबार की ओपनिंग होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी झटके में 21000 रुपए से ज्यादा महंगी हो गई। मंगलवार को खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना भी चांदी की तरह ही 5,494 रुपए महंगा होकर 1,49,485 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। भारतीय रुपया ने दिखाया दम भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनने और टैरिफ में कटौती किए जाने के ट्रंप के ऐलान का असर Indian Currency पर भी देखने को मिला है और मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.2% की तेजी लेकर 90.40 पर खुला. बता दें कि इसका पिछला बंद भाव 91.5125 था। शुरुआती कारोबार में ये Top गेनर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत में टॉप-10 गेनर स्टॉक्स की बात करें, तो Adani Ports, Reliance के अलावा, बजाज फाइनेंस (6.50%), इटरनल शेयर (4.50%), बजाज फिनसर्व (4.31%), इंडिगो (3.99%), महिंद्रा एंड महिंद्रा शेयर (3.95%), सनफार्मा (3.63%), इंफोसिसि (3.50%), टाइटन (3%) और मारुति (2.94%) की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। रिलायंस-अडानी समेत ये शेयर बने रॉकेट India-US Trade Deal और टैरिफ 18% पर आने के असर से गदगद हुए शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। अडानी पोर्ट का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा उछल गया, तो वहीं देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर भी करीब 4 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया। भारत के पड़ोसी देशों पर कितना टैरिफ?     बांग्लादेश: 20%     वियतनाम: 20%     मलयेशिया: 19%     कंबोडिया: 19%     थाईलैंड: 19%     पाकिस्तान: 19% ज्यादा टैरिफ वाले देश     चीन: 34%     ब्राजील: 50%     दक्षिण अफ्रीका: 30%     म्यांमार: 40%     लाओस: 40% भारत से कम टैरिफ वाले प्रमुख देश     यूरोपीय यूनियन: 15%     जापान: 15%     दक्षिण कोरिया: 15%     स्विट्जरलैंड: 15%     यूनाइटेड किंगडम: 10%  

ग्राहकों की पहली पसंद बनी 7-सीटर! रेनो इंडिया ने जनवरी 2026 में दर्ज की 33% ग्रोथ

मुंबई    रेनो इंडिया ने साल 2026 की शुरुआत दमदार प्रदर्शन के साथ की है। कंपनी ने जनवरी 2026 में कुल 3,715 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल जनवरी की तुलना में करीब 33 प्रतिशत से अधिक की सालाना बढ़त को दर्शाती है। यह ग्रोथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के औसत आंकड़ों से कहीं बेहतर मानी जा रही है और इससे साफ संकेत मिलता है कि रेनो के प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है। Triber और Kiger बनी ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह रेनो की बिक्री में इस उछाल के पीछे Triber और Kiger की लगातार मजबूत डिमांड अहम कारण रही है। किफायती कीमत, भरोसेमंद परफॉर्मेंस और फैमिली-फ्रेंडली डिजाइन के चलते इन दोनों मॉडलों ने ग्राहकों का भरोसा जीता है। खासतौर पर करीब ₹5.76 लाख की शुरुआती कीमत वाली 7-सीटर Triber बजट सेगमेंट में बड़ी पसंद बनकर उभरी है, जिससे शोरूम्स पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। डस्टर की वापसी से बढ़ा ब्रांड का उत्साह जनवरी 2026 के आखिर में पेश की गई नई जेनरेशन Duster ने भी रेनो ब्रांड को लेकर ग्राहकों के उत्साह को नई ऊर्जा दी है। यह SUV कंपनी की ग्लोबल रणनीति का अहम हिस्सा है और इसे भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नई Duster को लेकर डीलरशिप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर पूछताछ में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। फीचर्स और पावरट्रेन ने बढ़ाई उम्मीदें नई Duster को आधुनिक सेफ्टी स्टैंडर्ड, एडवांस टेक्नोलॉजी और बड़े बूट स्पेस के साथ उतारा गया है। इसमें मल्टीपल इंजन विकल्प दिए जाने की बात कही गई है, जिनमें बेहतर माइलेज पर फोकस करने वाला हाइब्रिड वेरिएंट भी शामिल है। यही वजह है कि SUV सेगमेंट के खरीदारों के बीच इसे लेकर खास दिलचस्पी बनी हुई है। मैन्युफैक्चरिंग और नेटवर्क से मिली मजबूती रेनो इंडिया की चेन्नई स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट देश में कंपनी की उत्पादन जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही, भारतभर में फैला सेल्स और सर्विस नेटवर्क ग्राहकों को बेहतर पहुंच और भरोसा देता है, जिससे ब्रांड की पकड़ और मजबूत होती जा रही है। जनवरी 2026 की बिक्री के आंकड़े और नए प्रोडक्ट्स को मिल रही प्रतिक्रिया से यह साफ है कि रेनो इंडिया एक बार फिर भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। अगर यही रफ्तार आगे भी बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में कंपनी कॉम्पैक्ट और SUV सेगमेंट में अपनी मौजूदगी और प्रभावशाली बना सकती है।

मार्केट में भूचाल! गिरावट के बाद सोना-चांदी की जबरदस्त वापसी, चांदी ₹21 हजार महंगी

 इंदौर / नई दिल्ली    सोना-चांदी की कीमतों में बीते कुछ दिनों से क्रैश होने का सिलसिला देखने को मिल रहा था, लेकिन मंगलवार को इसपर ब्रेक लग गया. एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Gold-Silver की कीमतों में तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग हुई. चांदी बीते सोमवार को गिरकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, लेकिन पिछले बंद की तुलना में एक झटके में 21,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गई. सोना भी कम नहीं दिखा और खुलने ही 5,000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. चांदी की कीमतों में फिर उछाल  सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार शुरू होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में तगड़ा उछाल देखने को मिला. 1 Kg Silver Price एक झटके में अपने पिछले बंद भाव से 21,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई.सोमवार को MCX Silver Price 2,36,261 रुपये था और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.  तेजी के बाद भी हाई से इतनी सस्ती Silver मंगलवार को आई तूफानी तेजी के बावजूद अभी चांदी का वायदा भाव अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुई है. बता दें कि 29 जनवरी को MCX Silver Price ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था और 4,30,048 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. इस स्तर से अभी भी चांदी का भाव 1,62,568 रुपये सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  Gold Rate में भी तगड़ी तेजी चांदी के अलावा सोने की कीमत में भी तेजी आई है और MCX Gold Rate सोमवार के अपने बंद 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर शुरुआती कारोबार में ही 1,49,485 रुपये पर पहुंच गया. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 5,494 रुपये बढ़ गया.  सोने का लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये भी उच्चतम स्तर के काफी सस्ता मिल रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का हाई रेट 1,93,096 रुपये है, जो इसने चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही छुआ था और इसके बाद लगातार ये Silver Price की तरह ही क्रैश होता जा रहा था. वहीं अब मंगलवार को अचानक आई बड़ी तेजी के बाद भी ये अभी इस स्तर से 43,611 रुपये कम पर मिल रहा है.

EV सेक्टर को राहत: बजट में PM E-Drive स्कीम के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान

 नईदिल्ली  इस बार के बजट को लेकर जहां आम आदमी इस बात से निराश है, उसे कुछ ख़ास नहीं मिला. वहीं कुछ सेक्टर को राहत भी मिली है. बजट 2026 में सरकार ने साफ कर दिया है कि EV सिर्फ भविष्य की बात नहीं, बल्कि आज की जरूरत है. पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना को एक बार फिर बजट में तगड़ा सपोर्ट मिला है. 1,500 करोड़ रुपये का नया ऐलान बताता है कि सरकार अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को धीमे नहीं, बल्कि पूरी रफ्तार से आगे बढ़ाना चाहती है. केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये का ऐलान किया है. यह योजना देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ाने और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा रही है. बजट दस्तावेजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में पीएम ई-ड्राइव योजना के लिए 993 करोड़ रुपये दिए गए थे. वहीं वित्त वर्ष 2026 में इसका बजट अनुमान 4,000 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसे बाद में रिवाइज़्ड कर के 1,300 करोड़ रुपये कर दिया गया. अब वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. PM E-Drive ने किया FAME को रिप्लेस बता दें कि, 10,900 करोड़ रुपये की पीएम ई-ड्राइव योजना की शुरुआत 1 अक्टूबर 2024 में हुई थी. इस योजना ने पहले चल रही फेम योजना (FAME Scheme) को रिप्लेस किया था. जिसे आमतौर पर लोग फेम सब्सिडी भी कहते हैं. इसके तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, ट्रक, बस और एंबुलेंस की खरीद पर सब्सिडी दी जाती है. इसके साथ ही देशभर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने पर भी जोर दिया जा रहा है. सरकार द्वारा दी जाने वाली इस सब्सिडी से इलेक्ट्रिक वाहनों की अपफ्रंट कीमत कम हो जाती है. जिससे खरीदार पर कम बोझ पड़ता है. अब नई राशि के प्रावधान के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी. सरकार चाहती है कि, इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का रूझान बढ़े और लोग पारंपरिक (पेट्रोल-डीजल) वाले वाहनों के बजाय ईवी की तरफ मुखर हो. किस व्हीकल कैटेगरी में कितना फंड कुल बजट में से 2,679 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए रखे गए हैं. इलेक्ट्रिक बसों के लिए 4,391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इलेक्ट्रिक ट्रक और इलेक्ट्रिक एंबुलेंस के लिए 500-500 करोड़ रुपये तय किए गए हैं. इसके अलावा देशभर में पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन डेवलप करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का फंड अलग से रखा गया है. 30 दिसंबर तक इस योजना के तहत कुल 21.24 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी जा चुकी है. खास बात यह है कि L5 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का टार्गेट तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है. 26 दिसंबर 2025 को 2.88 लाख यूनिट का टार्गेट हासिल होने के बाद इलेक्ट्रिक तिपहिया L5 वाहनों पर सब्सिडी बंद कर दी गई है. 30 दिसंबर 2025 तक 18.40 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को सब्सिडी दी गई, जबकि इस स्कीम का कुल टार्गेट 24.79 लाख यूनिट का है. वहीं ई-रिक्शा और ई-कार्ट की बात करें तो 39,034 यूनिट के टार्गेट के मुकाबले अब तक 5,267 वाहनों को सब्सिडी दी जा चुकी है. हाल ही में सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना की अवधि दो साल बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दी है. हालांकि इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को 31 मार्च 2026 तक धीरे-धीरे खत्म करने की योजना है. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हाल ही में दिशानिर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक इसके तहत प्रोत्साहन राशि नहीं बांटी गई है. योजना के तहत 22,100 फास्ट चार्जर चारपहिया वाहनों के लिए, 1,800 चार्जर इलेक्ट्रिक बसों के लिए और 48,400 चार्जर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए लगाए जाने का टार्गेट है. इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. इलेक्ट्रिक वाहनों की स्लो डिमांड के पीछे एक बड़ा कारण चार्जिंग इंफ्रा भी है. ज्यादातर नए वाहन खरीदार सिर्फ इस बात से EV खरीदने से कतराते हैं क्योंकि उनका मानना है कि, देश में चार्जिंग इंफ्रा उस स्तर की नहीं है. दूसरी ओर रेंज एंजॉयटी भी एक बड़ा कारण है.  

क्यों आई शेयर बाजार में तेजी? सेंसेक्स 940 अंक उछला, बाजार पूंजीकरण में 5 लाख करोड़ का इजाफा

मुंबई  सोमवार को दिनभर शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हावी रहा, लेकिन मार्केट बंद होने के आखिरी घंटे में शेयर बाजार में शानदार तेजी आई. बीएसई सेंसेक्‍स 944 अंक या 1 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 263 या 1 फीसदी चढ़कर 25,088.40 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक में भी 200 अंकों की तेजी रही. शेयर बाजार में अचानक आई तेजी की बड़ी वजह लास्‍ट टाइम में निवेशकों की खरीदारी रही. खासकर लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में अच्‍छी खरीदारी हुई, क्‍योंकि रिलायंस इंडस्‍ट्रीज जैसे शेयर 3 फीसदी तेजी आई है. इस तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैप‍िटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये चढ़ गया. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 5 शेयर ही 2 फीसदी की गिरावट पर बंद हुए. बाकी 25 शेयरों में अचछी तेजी रही. पावरग्रिड जैसे शेयरों में 7 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई. Adani Port का शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ा और मुकेश अंबानी का शेयर 3 फीसदी चढ़ा.     अचानक क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी? जब निवेशकों को लगता है कि शेयर बाजार में हैवी बिकवाली आ चुकी है और अब खरीदने का मौका है तो वह अपने पसंदीदा शेयरों में खरीदारी करते हैं. सोमवार को वही दिन नजर आया है. हैवीवेट शेयरों जैसे RIL, पावरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एल एंड टी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा में 7 फीसदी तक की तेजी रही, जो अच्‍छी खरीदारी का संकेत है. 

Yamaha EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर: 169 किलोमीटर की रेंज और आकर्षक कीमत, जानिए सब कुछ

मुंबई  यामाहा इंडिया ने भारतीय बाजार में अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha EC-06 आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.67 लाख रुपये रखी गई है. कंपनी ने इसे सबसे पहले नवंबर 2025 में मुंबई के एक इवेंट में पेश किया था. अब यह स्कूटर देश के चुनिंदा शहरों मे यामाहा के प्रीमियम 'ब्लू स्क्वायर' शोरूम के जरिए ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा. डिजाइन इस स्कूटर का डिजाइन यामाहा की खास पहचान और आधुनिक स्टाइल का मिश्रण है. इसमें शार्प बॉडी लाइन्स और एक मजबूत बनावट दी गई है जो इसे सड़क पर प्रीमियम लुक देती है. राइडिंग को मजेदार बनाने के लिए इसमें तीन मोड दिए गए हैं- इको, स्टैंडर्ड और पावर. इसके अलावा, तंग जगहों पर पार्किंग को आसान बनाने के लिए इसमें 'रिवर्स मोड' की सुविधा भी स्टैंडर्ड तौर पर दी गई है. परफॉरमेंस परफॉरमेंस की बात करें तो EC-06 में 4 kWh की दमदार बैटरी लगी है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 169 किलोमीटर की रेंज देती है. इसकी मोटर 9 bhp की पावर और 26 Nm का टॉर्क जनरेट करती है, जिससे यह स्कूटर 79 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड तक पहुँच सकता है. इसकी बैटरी और मोटर को पानी और धूल से बचाने के लिए IP65 और IP67 रेटिंग दी गई है. फीचर्स  फीचर्स के मामले में यामाहा ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. इसमें 24.5 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जहाँ आप अपना सामान आसानी से रख सकते हैं. सुरक्षा के लिए इसमें आगे और पीछे 200mm के डिस्क ब्रेक दिए गए हैं, जो 'कॉम्बी ब्रेक सिस्टम' (CBS) के साथ आते हैं. साथ ही, इसमें LED हेडलाइट्स और एक रंगीन LCD डिस्प्ले भी मिलता है जो राइडर को जरूरी जानकारी देता है. कनेक्टिविटी के शौकीनों के लिए इस स्कूटर को "Yamaha Motor Connect R" ऐप के जरिए स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है. इससे राइडर रियल-टाइम डेटा और अन्य स्मार्ट फीचर्स का लाभ उठा सकते हैं. चार्जिंग की बात करें तो इसे घर पर नॉर्मल प्लग से चार्ज किया जा सकता है, जिसमें फुल चार्ज होने में लगभग 8 घंटे का समय लगता है. कंपनी बैटरी पर 3 साल या 30,000 किमी की वारंटी भी दे रही है. 

गैजेट इंडस्ट्री को बजट से मिला बूस्टर डोज, मोबाइल और टीवी की कीमतों में आएगी गिरावट

नई दिल्ली  केंद्रीय बजट 2026 का ऐलान हो चुका है और भारत सरकार ने इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत खर्च को लगभग दोगुना करने का ऐलान कर दिया है. इस रकम को करीब 23 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया है.  इस भारी-भरकम बजट से भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री मजबूत होगी. इससे भारतीय घरेलू सप्लाई चेन को स्ट्रांग किया जाएगा. साथ ही भारत में विदेशी कंपनियां भारत में अपनी यूनिट लगाएंगी और भारत में निवेश करेंगी.  फोन टीवी, AC आदि को होगा फायदा  इस स्कीम से स्मार्टफोन, लैपटॉप और माइक्रोवेव, फ्रिज, टोस्टर जैसे घरेलू प्रोडक्ट के मैन्युफैक्चरिंग पर विदेशों पर निर्भरता कम होगी. इससे प्रोडक्ट सस्ते होंगे या नहीं, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. हालांकि अगर टीवी, स्मार्टफोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट तैयार करने वाले मैन्युफैक्चरर को सस्ते कंपोनेंट मिलते हैं तो आने वाले दिनों में सस्ते प्रोडक्ट भी भारत में दस्तक देंगे. साथ ही यहां नौकरियों के भी नए अवसर प्राप्त होंगे.  वित्त मंत्री ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम अप्रैल 2025 में 22,919 करोड़ रुपये की रकम के साथ शुरू की गई थी. इस स्कीम के तहत मिले इनवेस्टमेंट प्रपोजल और टारगेट को देखते हुए सरकार ने रकम बढ़ाने का फैसला किया है.  उन्होंने कहा कि इस स्कीम की रकम को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है.  केंद्रीय कैबिनेट ने मार्च में इस स्कीम के लिए 22,919 करोड़ रुपये की रकम के साथ मंजूरी दी थी. इस स्कीम के तहत बड़े आउटकम की उम्मीद है. इससे 4.56 लाख करोड़ रुपये का प्रोडक्शन होगा और करीब 59,350 करोड़ रुपये का एडिशनल इनवेस्टमेंट मिलेगा.  46 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है अब तक स्कीम के तहत 46 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें कुल प्रोपजल इनवेस्टमेंट 54,567 करोड़ रुपये का है. इससे लगभग 51,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है.  आईटी मंत्रालय ने बीते महीने ही Foxconn, Tata Electronics, Samsung, Dixon Technologies और Hikalco Industries जैसी कंपनियों के 22 आवेदन को अप्रूवल दिए हैं.  इन इलेक्ट्रोनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा  सरकार इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत इलेक्ट्रोनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहते हैं. इसमें कई पार्ट्स शामिल हैं, जिनकी लिस्ट ये है.      डिस्प्ले मॉड्यूल     सब-असेंबली कैमरा मॉड्यूल     प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (PCBA)     लिथियम सेल एनक्लोजर      रेजिस्टर      कैपेसिटर      फेराइट्स आदि  इन कंपोनेंट का इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप और माइक्रोवेव, फ्रिज, टोस्टर जैसे घरेलू उपकरणों में होता है.  PLI से कितनी अलग है कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, सरकार की पहले की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से अलग है. PLI में सब्सिडी प्रोडक्शन से कनेक्टेड होती है, जबकि  इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में इंसेंटिव तीन अहम पैमानों पर तय किए गए हैं     सालाना रोजगार सृजन     पूंजीगत खर्च (कैपेक्स)     सालाना उत्पादन Apple और Samsung जैसी कंपनियों के भारत में एक्स्ट्रा असेंबली यूनिट्स लगाने केबाद भी देश में वैल्यू एडिशन 15-20% के आसपास है. सरकार इसको बढ़ाकर 30-40% तक करना चाहती है. 

कब तक चलेगी चांदी की कीमतों में गिरावट? सोने का भी हुआ नुकसान

 इंदौर  सोना-चांदी की कीमतें क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. बजट के दिन भर-भराकर टूटने के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुएं और सस्ती (Gold-Silver Cheaper) हो गईं. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price झटके में करीब 16,000 रुपये गिर गया, तो वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4000 रुपये से ज्यादा कम हो गया.  इतना रह गया 1 किलो चांदी का भाव चांदी की कीमतें बीते सप्ताह के गुरुवार को इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के पार निकलने के बाद से ही लगातार क्रैश (Silver Price Crash) हो रही हैं. रविवार को Budget 2026 वाले दिन करीब 9 फीसदी से ज्यादा टूटने के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जब MCX पर कमोडिटी ट्रेडिंग की शुरुआत हुई, तो चांदी खुलते ही और भी सस्ती हो गई.  बीते कारोबारी दिन सिल्वर प्राइस तगड़ी गिरावट और फिर रिकवरी के बाद अंत में 2,65,652 रुपये पर क्लोज हुआ था और सोमवार को जैसे ही कारोबार ओपन हुआ, तो ये गिरकर 2,55,652 रुपये प्रति किलो पर आ गया और फिर इसके कुछ ही मिनटों बाद ये 2,49,713 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि चांदी वायदा 15,943 रुपये और सस्ती हो गई. अपने हाई से अब इतनी सस्ती Silver चांदी में जिस रफ्तार से बीते कुछ दिनों में तेजी देखने को मिली थी, उससे तेज रफ्तार इसके फिसलने की है. बता दें कि पिछले गुरुवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते 4,20,048 रुपये के नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था, लेकिन इस स्तर से अब तक Silver Price 1,70,335 रुपये कम हो चुका है.  सोने का भी चांदी जैसा हाल Silver Price Crash होने से साथ ही सोना भी धड़ाम नजर आ रहा है. बजट वाले दिन ये भी 13,000 रुपये तक टूट गया था, हालांकि फिर थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली थी. रविवार को ये 1,47,753 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ था और सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार की शुरुआत होते ही ये फिसलकर 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. यानी 10 Gram 24 Karat Gold Rate 4432 रुपये तक सस्ता हो गया.  हाई से अब कितना सस्ता Gold सोने की कीमत ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते गुरुवार को अपना नया हाई लेवल छुआ था और तूफानी तेजी के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गई थी. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Gold Rate बिखरता हुआ चला गया और अब तक ये 49,775 रुपये सस्ता मिल रहा है.