samacharsecretary.com

रुपया मचाने लगा धमाल: एक हफ्ते में शानदार तेजी, India-US ट्रेड डील का प्रभाव

 नई दिल्‍ली ,    शुक्रवार को डॉलर की संभावित निकासी और व्यापारियों द्वारा लॉन्ग पोजीशन कम करने के कारण भारतीय रुपया गिरावट पर बंद हुआ, लेकिन इस सप्‍ताह के दौरान भारतीय करेंसी ने शानदार तेजी दिखाई है. इस सप्‍ताह की तेजी ने 3 साल में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्ज किया है.  डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 90.6550 पर बंद हुआ, जो दिन में 0.3% की गिरावट के साथ सप्ताह में 1.4% की तेजी को दिखाता है. जनवरी 2023 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी वीकली ग्रोथ है. यह तेजी भारत और अमेरिका के बीच डील पर सहमति बनने के बाद आई है.  आरबीआई का बड़ा फैसला रुपया में तेज उछाल के साथ ही भारत के केंद्रीय बैंक (RBI) ने पॉजिटिव आर्थिक नजरिया, अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के बाद कम हुए दबावों से उत्साहित होकर रेपो दर को अपरिवर्तित रखा है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हमारा मानना ​​है कि एमपीसी बदलती व्यापक आर्थिक स्थितियों और नई श्रृंखला के आंकड़ों पर आधारित नजरिए से मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा तय करेगी.  वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई रेपो रेट को कम रखकर बैंकों और लोन लेने वाले लोगों को सपोर्ट देना चाहता है. यह लोन लेने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी. वहीं व्‍यापारियों का कहना है कि रेपो रेट में अनचेंज रखने से रुपया के गिरावट में ज्‍यादा योगदान नहीं रहेगा.  मंगलवार को आई थी उछाल मंगलवार को अमेरिका और भारत द्वारा महीनों की बातचीत के बाद व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय करेंसी में बड़ी उछाल आई थी, लेकिन शुक्रवार को  इसमें थोड़ी कमी आई.  हालांकि व्यापारियों और विश्लेषकों का कहना है कि इस व्यापारिक सफलता ने रुपये पर छाए संकट को दूर किया है. एक स्थायी तेजी विदेशी निवेश में उछाल पर निर्भर करेगी.  4 अरब डॉलर के शेयर बेचे गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने 4 अरब डॉलर के स्थानीय शेयरों की नेट सेलिंग के बाद फरवरी में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर के स्थानीय शेयर खरीदे हैं. वैश्विक बाजारों में, डॉलर सूचकांक थोड़ा नीचे 97.8 पर था, जबकि एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला असर देखने को मिला.  बता दें शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी पर बंद हुआ. निफ्टी 50 अंक ऊपर चढ़कर 25,693 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्‍स 266 अंक चढ़कर 83580 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक भी 56 अंक चढ़कर क्‍लोज हुआ. 

महिंद्रा का ‘सुपर प्लांट’ बनेगा इस राज्य में, 15,000 करोड़ का निवेश और हजारों नौकरियां

मुंबई  महाराष्ट्र के लिए महिंद्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा अब महाराष्ट्र में अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने जा रही है. कंपनी ने नागपुर में कार और ट्रैक्टर के लिए अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट पर अगले दस साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. महिंद्रा का ये इन्वेस्टमेंट विदर्भ इलाके की तस्वीर बदल देगा. क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. महिंद्रा ने इस तगड़े इन्वेस्टमेंट का ऐलान एडवांटेज विदर्भ (Advantage Vidarbha) कार्यक्रम के दौरान की. यह तीन दिन का आयोजन विदर्भ को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश करने के लिए किया गया था. इस मौके पर कंपनी ने साफ किया कि यह प्लांट न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अहम साबित होगा. 1500 एकड़ में बनेगा मेगा प्लांट नागपुर के पास बनने वाला यह नया प्लांट करीब 1,500 एकड़ में फैला होगा. इसके साथ ही संभाजीनगर में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी तैयार किया जाएगा. साल 2028 से इस फैक्ट्री में ऑपरेशन शुरू होने की योजना है. यहां हर साल 5 लाख से ज्यादा कारें और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनेंगे. इसके बाद यह महिंद्रा की भारत में सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बन जाएगी. इस प्लांट में महिंद्रा के नेक्स्ट जेनरेशन के वाहन प्लेटफॉर्म जैसे NU_IQ आर्किटेक्चर को सपोर्ट किया जाएगा. यहां पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन किया जाएगा. ये गाड़ियां घरेलू बाजार के साथ साथ दुनिया भर के बाजारों के लिए भी बनाई जाएंगी. इसके लिए फैक्ट्री में आधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे. महाराष्ट्र में और जमीन खरीदेगी कंपनी महिंद्रा यहीं नहीं रुकेगी. कंपनी इगतपुरी नासिक एरिया में भी जमीन खरीदेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके. साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी बिजनेस को भी मजबूत किया जाएगा. कुल मिलाकर महिंद्रा महाराष्ट्र में तीन जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन लेने की योजना बना रही है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि, "महिंद्रा का यह निवेश राज्य के मजबूत औद्योगिक माहौल और प्रगतिशील नीतियों पर भरोसे का संकेत है. इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और विदर्भ व आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होगा. साथ ही महाराष्ट्र देश के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगा." महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि, "यह प्लांट कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग जर्नी में एक बड़ा कदम है. यह फैसिलिटी मॉडर्न कार और ट्रैक्टर बनाने के लिए तैयार की जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा. उन्होंने कहा कि यह निवेश मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के टार्गेट को और मजबूत करेगा.

चांदी में 1.91 लाख रुपये की गिरावट, सोने के दाम भी हुए कम – क्या फिर से ऊंचे दाम होंगे?

इंदौर  सोना और चांदी के भाव में शुक्रवार को भी गिरावट देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम भरभराकर टूटे हैं. चांदी सुबह 11.30 बजे 5000 रुपये गिरकर 2.38 पर पहुंच गई थी, वहीं सोने के भाव में 1000 रुपये की गिरावट आई थी, जो 1.50 लाख रुपये के ऊपर थे. हालांकि शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत 12000 रुपये टूट गई थी और सोना 1800 रुपये गिर गया था.  वहीं रिकॉर्ड हाई से देखें तो सोना और चांदी काफी सस्‍ते हो चुके हैं. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्‍या फिर कभी चांदी और गोल्‍ड वापस उस लेवल पर आएंगे? आइए जानते हैं सोने और चांदी के भाव में इतनी गिरावट क्‍यों आ रही है.  रिकॉर्ड हाई से चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती  29 जनवरी को चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये पर थी, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है और आज चांदी 2.29 लाख रुपये पर आ गई थी. ऐसे में देखा जाए तो चांदी के भाव में 1.91 लाख रुपये तक की गिरावट आई है. इसके अलावा, गोल्‍ड प्राइस में भी बिग फाल हुआ है. सोने की कीमत 29 जनवरी को 1.93 लाख रुपये पर थी, लेकिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1.49 लाख रुपये पर आ गई. इसका  मतलब है कि सोने की कीमत में 44 हजार रुपये की गिरावट आई है.  गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ भी गिरा सोना और चांदी ईटीएफ प्राइस में शुक्रवार को 10 फीसदी तक की गिरावट आई. यह गिरावट ग्‍लोबल स्‍तर पर आईटी और टेक कंपनियों में बिकवाली हावी होने के बाद आई है, क्‍योंकि अमेरिकी इससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई. एआई घबराहट और अर्निंग को लेकर आईटी और टेक शेयरों में गिरावट आई.   कोटक सिल्वर ETF को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ, यह 10% गिर गया, जबकि HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF में से हर एक में लगभग 9% की गिरावट आई. बंधन सिल्वर ETF में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, यह लगभग 6% नीचे रहा. गोल्ड ETF में एंजेल वन गोल्ड ETF 8% गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में 5% की गिरावट आई. क्‍यों आ रही गोल्‍ड सिल्‍वर में गिरावट?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्‍ताह के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई थी, जिससे अस्थिरता बनी हुई है. यह गिरावट केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीदों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और सीएमई द्वारा मार्जिन में की गई भारी बढ़ोतरी के कारण हुई है. इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमत के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली आई है, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सोने-चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट पर ज्‍यादा पार्टिसिपेट नहीं कर रहे हैं. इंटरनेशनल लेवल पर सोने-चांदी का भाव  गुरुवार को इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सोना 4 फीसदी गिरा और चांदी के भाव में 9 फीसदी की गिरावट आई. सोना अभी 4,887 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है और चांदी की कीमत $78 प्रति औंस पर बनी हुई है.  क्‍या वापस रिकॉर्ड हाई पर जाएंगे सोने-चांदी के दाम?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी ग्‍लोबल अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में सोने और चांदी की कीमातों में उछाल आ सकता है. Goldman Sachs जैसे बड़े बैंकों का कहना है कि सोने के $4,900 प्रति औंस तक 2026 में पहुंचने की संभावना है. वहीं चांदी के मामले में ब्रोकरेज और विश्लेषक मानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्‍लोबल अनिश्चितता के कारण चांदी  एक बार फिर रिकॉर्ड हाई के करीब या इससे ऊपर जा सकती है.  Bank of America का कहना है कि चांदी 135 डॉलर के ऊपर भी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लाई और मांग बना रहना जरूरी है. ऐसे में अगर जियो -पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जारी रहती है तो  सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकती हैं. 

Mercedes-Benz V-Class की भारत में 3 मार्च को होगी लॉन्च, क्या होंगे फीचर्स?

मुंबई  लगभग तीन साल पहले लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने अपनी Mercedes-Benz V-Class की बिक्री भारतीय बाजार में बंद कर दी थी, जिसके बाद अब कंपनी आगामी 3 मार्च, 2026 को एक बार फिर से लॉन्च करने वाली है. कंपनी की इस बड़ी पैसेंजर कार का लेटेस्ट मॉडल 2024 में ग्लोबल मार्केट में बिक्री के लिए उतारा गया था और यह असल में V-Class का फेसलिफ्ट वर्जन है जो पहले भारत में बिकता था. Mercedes-Benz V-Class का डिजाइन फेसलिफ्ट अपडेट के साथ इस कार के डिज़ाइन में कुछ अपडेट किए गए, जिसमें एक बड़ी, ज़्यादा आकर्षक ग्रिल, नए हेडलैंप, बदले हुए बंपर और पीछे की तरफ़ नई टेल लाइट्स शामिल हैं, हालांकि केबिन में काफ़ी सुधार किया गया था. वहीं पुराने मॉडल के पुराने केबिन डिज़ाइन की जगह ज़्यादा मॉडर्न लुक दिया गया है, जो GLE जैसे मॉडलों में देखने को मिलता था, जिसमें डैशबोर्ड के ऊपर फ्री-स्टैंडिंग बेज़ल-लेस ट्विन स्क्रीन लगी थीं – यह पिछले V-क्लास के एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और COMAND इंफोटेनमेंट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव था. भारत के लिए आने वाली यह वैन अपने स्ट्रेच्ड एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस ट्रिम में पेश की जाएगी, जिसे पीछे के दरवाज़े और पिछले पहिये के बीच ज़्यादा जगह से पहचाना जा सकता है. पूरी दुनिया में, खरीदार Mercedes-Benz V-Class को लॉन्ग व्हीलबेस और एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस वर्ज़न में खरीद सकते हैं. Mercedes-Benz V-Class का इंटीरियर सीटिंग की बात करें तो, Mercedes-Benz V-Class तीन-रो कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध होगी. कंपनी ने इस कार का टीज़र जारी किया है, जिससे पता चलता है कि हमें V-Class स्टैंडर्ड कम्फर्ट सीटों के साथ मिलती है, जो दूसरी रो में 180 डिग्री तक घूम सकती हैं, हालांकि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि कंपनी इसके साथ एक ज़्यादा अपमार्केट वेरिएंट भी पेश कर सकती है. इस बीच, इस टॉप मॉडल में ज़्यादा शानदार फ़ीचर्स हो सकते हैं, जैसे कि दूसरी रो में ऑप्शनल (ग्लोबल मार्केट में) लग्ज़री सीटें जिनमें पावर एडजस्टमेंट, सीट वेंटिलेशन, मसाज फ़ंक्शन और भी बहुत कुछ शामिल है. Mercedes-Benz V-Class का इंजन इंजन की बात करें तो, दुनिया भर में Mercedes-Benz V-Class स्टैंडर्ड तौर पर 2.0-लीटर डीजल इंजन के साथ आती है, जो 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा होता है. संभावित खरीदार 250d और ज़्यादा पावरफुल 300d स्पेसिफिकेशन में से चुन सकते हैं, हालांकि यह देखना बाकी है कि भारत में कौन सा मॉडल लाया जाएगा. कीमत की बात करें तो इसे 1 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) से ज़्यादा की कीमत पर उतारा जा सकता है.

Silver Price Crash: चांदी में मचा हंगामा, 40% गिरावट, भारत में तेजी से हुआ क्रैश

  नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतें जिस तेजी से बीते कुछ समय में भागी थीं, अब उससे तेज रफ्तार से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. खासतौर पर चांदी की कीमतों में तो ग्लोबल कोहराम मचा हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में Silver Price हाई से 40 फीसदी तक टूट चुका है, तो भारत में भी ये लगातार क्रैश होती जा रही है. सिर्फ गुरुवार को ही कॉमेक्स में सिल्वर प्राइस में 20% की बड़ी गिरावट आ गई और ये सस्ती होकर 64 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.  चांदी में निवेश करने वालों का बुरा हाल चांदी जिस तेज रफ्तार से भाग रही थी, उसे देखकर इसे खरीदने में पीछे रह गए लोग चिंता में थे, लेकिन अब इसमें निवेश करने वाले दाम और बढ़ने की आस में बेहाल है, क्योंकि ये हाई पर पहुंचने के बाद हर रोज क्रैश (Silver Price Crash) हो रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को स्पॉट सिल्वर एक झटके में करीब 20 फीसदी के आसपास डाउन हो गई और इस तरह से ये अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से करीब 40 फीसदी की गिरावट के साथ 64 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) पर आ गई. इसका भाव बीते महीने 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था.  भारत में चांदी का क्या होगा?  Silver Price  में मचे इस ग्लोबल कोहराम का असर भारत में इस कीमती धातु के दाम में और तेज गिरावट के रूप में दिखने की आशंका जताई जा रही है, जबकि पहले से ही ये दनादन क्रैश हो रही है. बता दें कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बीते 29 जनवरी को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 4,30,048 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुंच गया था और अब तक इस स्तर से ये 1,76,233 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है.  कल इतना टूटी थी भारत में चांदी  एमसीएक्स पर सिल्वर प्राइस में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को आई गिरावट पर गौर करें, तो शुरुआती कारोबार में ही 1 Kg Silver Price गिरकर 2,30,499 रुपये पर आ गया था. हालांकि, कारोबार के अंत में इसकी कीमत में कुछ सुधार भी देखने को मिला, लेकिन फिर भी ये अपने हाई से काफी नीचे 2,43,815 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई.  इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी एक ही दिन में 25,035 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई.  इसके बीते 4 फरवरी का बंद भाव 2,68,850 रुपये था.  सोना भी संभल नहीं पा रहा चांदी के अलावा अगर Gold Rate Crash पर नजर डालें, तो बीते कुछ दिनों में ही ये भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता हो चुका है. बीते 29 जनवरी को चांदी की तरह ही तूफानी तेजी के साथ भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold का रेट भी 1,93,096 रुपये पर पहुंच गया था और इस हाई लेवल से एमसीएक्स पर सोना अब तक 41,025 रुपये सस्ता है, बीते कारोबारी दिन गुरुवार को ये 1,52,071 रुपये पर क्लोज हुआ था. 

भारत में चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स पायलट प्रोडक्शन में, आईएसएम 2.0 से इकोसिस्टम को मिलेगी ताकत

नई दिल्ली   केंद्र सरकार की ओर से देश में अब तक 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी गई है। इसमें से चार प्लांट्स में उत्पादन पायलट स्टेज में पहुंच गया है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की ओर से बुधवार को दी गई। लोकसभा में एक प्रश्न का लिखित में जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "देश में अब तक केंद्र द्वारा 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी जा चुकी हैं, जिनमें अनुमानित निवेश 1.6 लाख करोड़ रुपए है और इसमें से चार में उत्पादन शुरू हो चुका है।" आधिकारिक बयान में आगे कहा गया कि मंजूर प्रोजेक्ट्स में दो फैब और आठ पैकेजिंग यूनिट्स जैसे सीएमओएस (सिलिकॉन) फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, उन्नत पैकेजिंग और मेमोरी पैकेजिंग यूनिट्स शामिल हैं। स्टार्टअप्स के माध्यम से 24 चिप-डिजाइन परियोजनाओं को समर्थन दिया गया है, जिनमें से 16 ने टेपआउट पूरा कर लिया है और 13 को वेंचर कैपिटल फंडिंग प्राप्त हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि 350 विश्वविद्यालयों को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है, जिनका उपयोग 65,000 इंजीनियर कर रहे हैं। सरकार ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से 76,000 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें डिजाइन, निर्माण से लेकर असेंबली, परीक्षण, पैकेजिंग और मॉड्यूल निर्माण और फैब्रिकेशन तक सब कुछ शामिल है। सरकार ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन पिछले पांच वर्षों में सुधरा है, और 2020-21 से 2024-25 के बीच निर्यात 152 अरब डॉलर से बढ़कर 224.4 अरब डॉलर हो गया है। मंत्रालय ने बताया कि इसी अवधि में कुल आय 196 अरब डॉलर से बढ़कर 283 अरब डॉलर हो गई। विश्लेषकों का अनुमान है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षमताओं के एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और देश का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम काफी मजबूत होगा, जिससे भारत अगली पीढ़ी के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी देश के रूप में स्थापित होगा। सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) योजना से रणनीतिक सामग्रियों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करके भारत की व्यापक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षाओं को बल मिलने की उम्मीद है।  

Volkswagen Tayron R-Line की प्री-बुकिंग अब शुरू, लॉन्च डेट क्या है?

मुंबई  कार निर्माता कंपनी Volkswagen India ने अपनी आने वाली फ्लैगशिप SUV Volkswagen Tayron R-Line के लिए प्री-बुकिंग शुरू कर दी है. इस नई 3-पंक्ति वाली SUV को Tiguan Allspace के सक्सेसर के तौर पर लॉन्च किया जाएगा, जो Tiguan का 7-सीटर वर्जन है और पहले से ही भारत में R-Line वेरिएंट में बिक्री के लिए उपलब्ध है. Volkswagen Tiguan की तरह, आने वाली नई VW Tayron R-Line भी एक फुली लोडेड वेरिएंट में पेश की जाएगी. संभावित ग्राहक इस SUV को 51,000 रुपये की टोकन राशि के साथ प्री-बुक कर सकते हैं, हालांकि इसकी कीमत की घोषणा फरवरी 2026 में बाद में की जाएगी. इसके बारे में जानकारी देते हुए Volkswagen India के ब्रांड डायरेक्टर नितिन कोहली ने कहा कि, "हम, भारत के सबसे पसंदीदा, जर्मन कार ब्रांड के तौर पर, अपने कस्टमर्स के लिए सबसे वर्सेटाइल, एडवांस्ड और मज़ेदार लग्ज़री SUV पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, ताकि उनकी सभी लाइफस्टाइल ज़रूरतों को पूरा किया जा सके." उन्होंने आगे कहा कि, "प्रीमियम 7-सीटर SUV मार्केट में समझदार खरीदार होते हैं, इसलिए ऐसा प्रोडक्ट होना ज़रूरी है, जो स्टाइल और सब्सटेंस के साथ-साथ फंक्शनैलिटी भी दे." दिलचस्प बात यह है कि Volkswagen Tiguan R-Line के उलट, आने वाली VW Tayron R-Line को कंपनी के महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर प्लांट में ही असेंबल किया जाएगा. इसका मतलब है कि VW Tayron R-Line असल में Tiguan R-Line के काफी करीब हो सकती है, जिससे यह भारत में खरीदारों के लिए ज़्यादा आसानी से उपलब्ध होगी. Volkswagen Tayron R-Line का आर्किटेक्चर और इंजन जानकारी के अनुसार, नई Tayron R-Line, VW Tiguan के जैसे ही MQB Evo आर्किटेक्चर पर ही बनाई गई है, ऐसे में इसमें कुछ समानताएं देखने को मिलेंगी. खासकर, कंपनी की EA888 फैमिली का 2.0-लीटर TSI EVO पेट्रोल इंजन इसमें देखने को मिलेगा. दुनिया भर में, यह कई अलग-अलग ट्यूनिंग में मिलती है, लेकिन भारत में यह इंजन 200 bhp की पावर और 320 Nm का पीक टॉर्क देने के लिए ट्यून किया जाएगा. इंजन से पावर चारों व्हील्स तक 7-स्पीड DSG ऑटोमैटिक और Volkswagen के 4Motion AWD के ज़रिए पहुंचती है. Volkswagen Tayron R-Line का एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो यह एक ही फैमिली की गाड़ी लगेगी, जो प्रॉपर यूरोपियन SUV स्टाइलिंग को दिखाती है. इस कार में LED DRLs वाली LED हेडलाइट्स, कनेक्टेड LED टेललैंप्स, और स्पोर्टी डुअल-टोन अलॉय व्हील्स का इस्तेमाल किया जाएगा. इस SUV का प्रोफाइल सिल्हूट चेक रिपब्लिक की इसकी राइवल-सिबलिंग Skoda Kodiaq से मिलता-जुलता लगता है. आकार की बात करें तो इस कार की लंबाई 4,792 मिमी और चौड़ाई 1,866 मिमी है, जबकि इसका व्हीलबेस 2,789 मिमी रखा गया है. यह कार Skoda Kodiaq से थोड़ी बड़ी है. Volkswagen Tayron R-Line का इंटीरियर केबिन की बात करें तो इसका डैशबोर्ड VW Tiguan R-Line जैसा ही देखने को मिलता है, जिसमें वही 15-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.25-इंच का डिजिटल कॉकपिट और पैनोरमिक सनरूफ मिलता है. कंपनी इसमें ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले (AR HUD), 30 तरह की एम्बिएंट लाइटिंग और 12-वे पावर-एडजस्टेबल फ्रंट सीट्स भी दे रही है. अच्छी बात यह है कि VW Tiguan R-Line के मुकाबले, इसमें आपको वेंटिलेशन फंक्शन भी मिलता है. Volkswagen Tayron R-Line के सेफ्टी फीचर्स अन्य फीचर्स पर नजर डालें तो इसमें 3-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, जेस्चर कंट्रोल पावर्ड टेलगेट और हरमन कार्डन सराउंड साउंड सिस्टम शामिल हैं. सेफ्टी फीचर्स के तौर पर इस कार में नौ एयरबैग, EBD के साथ ABS, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और चढ़ाई और ढलान के लिए हिल असिस्ट कंट्रोल मिलता है.

टीवीएस की जनवरी 2026 में रिकॉर्ड बिक्री, EV की डिमांड में 50% से अधिक वृद्धि, ग्राहक झिझक के बिना कर रहे इलेक्ट्रिक वाहनों का चुनाव

मुंबई  टीवीएस मोटर कंपनी का दमदार आगाज़ जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंपनी ने इस महीने कुल 5.12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में टीवीएस की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और ग्राहक इसके उत्पादों पर भरोसा जता रहे हैं। घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात कारोबार ने भी इस ग्रोथ को मजबूती दी है। घरेलू दोपहिया बाजार में मजबूत पकड़ जनवरी 2026 में टीवीएस की कुल दोपहिया बिक्री लगभग 4.94 लाख यूनिट्स रही। सालाना आधार पर इसमें करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में टीवीएस ब्रांड की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। मोटरसाइकिल और स्कूटर सेगमेंट का अहम योगदान टीवीएस की इस मजबूत ग्रोथ में मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों सेगमेंट की बड़ी भूमिका रही। जनवरी 2026 में मोटरसाइकिल बिक्री में सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं स्कूटर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कम्यूटर से लेकर फैमिली और युवा ग्राहकों तक, टीवीएस के मॉडल्स की डिमांड बनी रही, जिससे कुल बिक्री को मजबूती मिली। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 50% से ज्यादा उछाल जनवरी 2026 टीवीएस के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिहाज से भी बेहद खास रहा। कंपनी की EV बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह साफ दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर ज्यादा गंभीर और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। टीवीएस का EV पोर्टफोलियो इस बदलाव का सीधा फायदा उठाता नजर आ रहा है। निर्यात बाजार में भी स्थिर ग्रोथ घरेलू बिक्री के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टीवीएस ने संतुलित प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में कंपनी के कुल निर्यात में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहिया वाहनों की विदेशी मांग बनी रही, जिससे ग्लोबल मार्केट में टीवीएस की मौजूदगी और मजबूत हुई। तीन-पहिया सेगमेंट ने चौंकाया जनवरी 2026 में टीवीएस के तीन-पहिया सेगमेंट ने भी सभी का ध्यान खींचा। इस कैटेगरी में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खासतौर पर कमर्शियल उपयोग और ई-रिक्शा सेगमेंट में बढ़ती मांग ने इस ग्रोथ को गति दी है, जो आने वाले समय में और विस्तार के संकेत देती है। भविष्य के लिए मजबूत संकेत कुल मिलाकर जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए एक बेहद सफल महीना रहा। मजबूत घरेलू मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और निर्यात में स्थिर प्रदर्शन ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मौजूदा रुझान यह संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में भी टीवीएस की ग्रोथ की रफ्तार बनी रह सकती है।

Gold-Silver Price Crash: चांदी में भारी गिरावट, ₹24000 सस्ती, सोना भी ₹4500 टूटा

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में बीते दो दिन के उछाल के बाद अचानक फिर से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) देखने को मिला है. गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोनों कीमती धातुओं की कीमत ओपनिंग के साथ ही धड़ाम नजर आई. MCX पर चांदी का वायदा भाव एक झटके में 24,000 रुपये प्रति किलो तक कम (Silver Price Crash) हो गया, तो वहीं सोने की कीमत ने भी अचानक ही 4500 रुपये से ज्यादा का गोता लगा दिया और ये सस्ता (Gold Cheaper) हो गया.  चांदी की कीमत में फिर बड़ी गिरावट सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में गुरुवार को आई बड़ी गिरावट के बारे में, तो एमसीएक्स पर बीते कारोबारी दिन 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 Kg Silver Price 2,68,850 रुपये पर क्लोज हुआ था और जब वायदा कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये एक झटके में गिरकर 2,44,654 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो चांदी सीधे 24,196 रुपये तक सस्ती हो गई.  हाई से अभी कितनी सस्ती है Silver बीते महीने के आखिर में 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने तूफानी रफ्तार से भागते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये का नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. लेकिन इसके बाद से ही सिल्वर प्राइस क्रैश (Silver Crash) होने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो बजट के बाद रुका नजर आया. लेकिन महज दो दिन के ब्रेक के बाद ये फिर तेजी से फिसली है. हाई से तुलना करें, तो फिलहाल वायदा चांदी 1,75,394 रुपये सस्ती मिल रही है.  Gold का भी चांदी जैसा हाल  अब बात करें, सोने की कीमत में आई गिरावट के बारे में, तो चांदी की तरह ये भी गुरुवार को खुलने के साथ ही क्रैश (Gold Rate Crash) हुआ है. बीते कारोबार दिन 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,53,046 रुपये पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को खुलने के साथ ही ये गिरकर 1,48,455 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से ये 4,591 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया.  सोना अपने हाई से इतना सस्ता  चांदी की तरह गोल्ड रेट भी 29 जनवरी को अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था और तेज रफ्तार के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था और यहां से इसमें भी लगातार तेज गिरावट आई थी, जो बजट के एक दिन बाद तक जारी रही थी. बीते दो दिन में आया उछाल भी गुरुवार को साफ हो गया और अगर इस हाई लेवल से गोल्ड प्राइस क्रैश (Gold Price Crash) देखें, तो फिलहाल सोना 44,641 रुपये सस्ता मिल रहा है.

क्रैश के बाद कमबैक! चार दिन की गिरावट के बाद सोना-चांदी ने मचाया गदर

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों लगातार चार दिन क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद आखिरकार मंगलवार को तेज उछाल आया था और ये सिलसिला तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी जारी रहा. एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही Gold-Silver रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं महंगी हो गई. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price अपने पिछले बंद के मुकाबले 15,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं 10 Gram 24 Karat Gold भी अचानक 5000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. दो दिन में इतनी महंगी हुई चांदी सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत के बारे में, तो बीते 2 फरवरी तक महज चार दिन में ही करीब 2 लाख रुपये तक सस्ती हो गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें जोरदार रिकवरी देखने को मिली है. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव तेज उछाल के बाद 2,68,801 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ये खुलते ही 2,84,094 रुपये पर पहुंच गई. यानी एक झटके में ये 15,293 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई.  बीते सोमवार तक 1 Kg Silver Price गिरते हुए 2.25 लाख रुपये के आसपास आ गया था, लेकिन इस लो-लेवल से इसके भाव में जो रैली शुरू हुई, उसने महज दो कारोबारी दिनों में ही चांदी का भाव करीब 60,000 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिया है. Gold भी चांदी से कुछ कम नहीं  बात करें, सोने की कीमत के बारे में, तो ये कीमती धातु भी चांदी की तरह ही बीते कुछ दिनों में लगातार क्रैश के बाद अब तूफानी तेजी से भाग रही है. बीते कारोबारी दिन MCX Gold Rate 1,53,809 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार वायदा कमोडिटी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट उछलकर 1,60,755 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. यहां ये 6,946 रुपये तक महंगा हो गया. हाई से सोना-चांदी अब इतना सस्ता Gold-Silver Rate के हाई लेवल से अगर तुलना करें, तो ये हालिया तेजी के बाद भी अभी काफी सस्ते मिल रहे हैं. बता दें कि बीते 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन इस स्तर को छूने के बाद ये बिखरती चली गई थी. हालांकि इस हाई लेवल से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी 1,35,954 रुपये प्रति किलो तक सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.   चांदी की तरह ही सोने की कीमत ने भी 29 जनवरी को ही अपना नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी. इस स्तर से सोना भी अब तक गिरते हुए 32,341 रुपये तक सस्ता हो चुका है.