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महंगाई का झटका, चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड ₹4 लाख पार, सोने की कीमतें ₹2 लाख के करीब

इंदौर   MCX पर गुरुवार, 29 जनवरी को सुबह के सेशन में सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। MCX गोल्ड फरवरी वायदा करीब ₹10,000 या 6% बढ़कर ₹1,75,869 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 6 पर्सेंट उछलकर ₹4,06,863 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई। MCX गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स में करीब ₹10,000 और MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में ₹21,500 की तेजी आई। दूसरी ओर सिंगापुर में सुबह 8:02 बजे तक, सोना 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,461.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जिससे पहले यह 5,588.71 डॉलर के अपने रिकॉर्ड स्तर को छू चुका था। चांदी 0.9 प्रतिशत बढ़कर 117.119 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम दोनों में गिरावट रही। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.2 प्रतिशत नीचे था। फेड के फैसले का सोने पर असर नहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का सोने की कीमतों पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है, क्योंकि केंद्रीय बैंक की इस चाल को बाजार के सहभागियों ने पहले ही भांप लिया था। चांदी इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है?     इंडस्ट्रियल डिमांड बहुत तेज: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), AI डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G में चांदी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है. ये सेक्टर चांदी की 50% से ज्यादा डिमांड ले रहे हैं.     ग्लोबल तनाव और सेफ-हेवन: दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर और महंगाई से लोग चांदी को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं.     सप्लाई कम, डिमांड ज्यादा: चांदी का उत्पादन सीमित है, माइनिंग कॉस्ट बढ़ रही है. COMEX पर चांदी $113 के आसपास है और $115+ की तरफ जा रही है.     2026 में अब तक 40-50% उछाल: पिछले साल भी चांदी तेजी से बढ़ी थी, और इस साल ये रफ्तार जारी है. खरीदने वालों और व्यापारियों के लिए क्या मतलब?     अगर आप चांदी के सिक्के, बार या जेवर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अभी बहुत महंगा है.     शादी-त्योहार या निवेश के लिए चांदी लेने वालों का – बजट बढ़ गया है.     चांदी व्यापारी और ज्वेलर्स – ग्राहक कम आ रहे हैं, क्योंकि लोग महंगे होने से हिचक रहे हैं.     लेकिन जिनके पास पहले से चांदी है – उनकी संपत्ति बहुत बढ़ गई है. एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर सोलर, EV और AI की डिमांड जारी रही तो चांदी ₹4.5 लाख तक जा सकती है. लेकिन अगर ग्लोबल रिसेशन आया या मुनाफावसूली हुई तो थोड़ी गिरावट भी संभव है. अमेरिका-ईरान तनाव अब फेाकस अमेरिका और ईरान के बीच बदलते हालात पर केंद्रित है। दोनों देशों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने चेतावनी दी कि वह किसी भी अमेरिकी हमले का मजबूती से जवाब देगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बचने का समय खत्म हो रहा है। पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, "वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के कारण सोने और चांदी में शरण लेने वाली संपत्ति यानी सेफ-हेवन की खरीदारी मजबूत है। अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और संकेत दिया कि दरों में बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। डॉलर में गिरावट ने दिया सहयोग डॉलर इंडेक्स में 0.30% से अधिक की गिरावट आई, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर-आधारित सोना सस्ता हो गया। ब्लूमबर्ग के मुताबिक जापानी बॉन्ड बाजार में हाल की गिरावट भारी राजकोषीय खर्च को लेकर चिंताओं का नया उदाहरण है। साथ ही, यह अटकलें कि अमेरिका येन को सपोर्ट देने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है, ने डॉलर को कमजोर किया है। इससे अधिकांश खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया है। ट्रंप के बयान ने भी लगाई आग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह कहा कि उन्हें डॉलर में गिरावट की चिंता नहीं है, जिसने दुनिया की प्रमुख रिजर्व करेंसी को लगभग चार साल के अपने सबसे कमजोर स्तर पर पहुंचा दिया है। हालांकि, बाद में ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि प्रशासन मजबूत मुद्रा के पक्ष में है। ये भी हैं सोने की कीमतों की उड़ान के कारण पिछले दिनो व्हाइट हाउस के कदमों, जैसे ग्रीनलैंड को अपने में मिलाने की धमकी और वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप की बात ने भी बाजारों को अस्थिर किया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने और यदि ओटावा चीन के साथ व्यापार समझौता करता है तो कनाडा पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का वादा किया है। क्या सोना खरीदने का है सही समय? मनोज कुमार जैन का मानना है कि अमेरिकी बेरोजगारी दावा आंकड़े और भू-राजनीतिक तनावों से पहले, डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता के चलते आज के सेशन में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वह सुझाव देते हैं कि सोना तब तक खरीदा जा सकता है जब तक वह 10 ग्राम पर 1,64,400 रुपये के स्तर को बनाए रखता है, जिसके 1,70,000 और 1,75,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसी तरह, चांदी तब तक खरीदी जा सकती है जब तक वह 3,64,000 रुपये (समापन आधार पर) को बनाए रखती है, जिसके 4,00,000 और 4,10,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है।

‘जीरो’ टैरिफ एंट्री से भारत का फायदा, India-EU डील से Vedanta, UPL, SRF समेत 28 स्टॉक्स में तेजी का मौका

नई दिल्ली भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-EU FTA) हो गया है. मंगलवार को इस 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (Mother Of All Deals) कहे जा रहे वाले समझौते का ऐलान किया गया. ये भारत के लिए कई मायने में बड़े फायदे का सौदा है और सबसे बड़ा लाभ टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलता दिख रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि डील के तहत अब भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय संघ के देशों में जीरो टैरिफ एक्सपोर्ट (Zero Tariff Export) का एक्सेस मिलेगा. बता दें कि ईयू के कपड़ा बाजार का आकार 263.5 अरब डॉलर (करीब 22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) है.  एफटीए से टैरिफ फ्री निर्यात India-EU FTA के तहत भारत को कपड़ा और परिधान सेक्टर में जीरो टैरिफ एंट्री का लाभ मिलेगा. अभी तक भारत से यूरोपीय देशों में भेजे जाने वाले कपड़ों पर अलग-अलग कैटेगरी में 9 से 12% तक का टैरिफ लागू होता है, जिसे डील में हुए समझौते के तहत या तो शून्य या महज 2-3 फीसदी तक सीमित किया जाएगा. इससे यूरोपीय संघ का का आयात बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए आसान और फायदे वाला साबित होगा.  US के बाद दूसरा बड़ा बाजार EU गौरतलब है कि अमेरिका के बाद यूरोपीय संघ भारत के कपड़ा और परिधान निर्यात का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. ऐसे में ये डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के लिए भी एक बड़ा झटका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2024 में यूरोपीय संघ का इस सेक्टर में वैश्विक आयात 263.5 अरब डॉलर (करीब 22.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का रहा था. इस बड़े कपड़ा बाजार में Zero Tariff Entry से मुक्त व्यापार समझौते के तहत भारत के निर्यात और रोजगार दोनों में तगड़ा उछाल देखने को मिलेगा.  भारत करता है कितना कपड़ा निर्यात? भारत ग्लोबली हर साल 36.7 अरब डॉलर (करीब 3.19 लाख करोड़ रुपये) के कपड़ों का निर्यात करता है. इसमें यूरोपीय संघ को 62.7 हजार करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है. इस समझौते से सूत, कपास और मानव निर्मित फाइबर कपड़े, रेडीमेड कपड़े समेत अन्य टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स के निर्यात में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है. वेदांता, UPL, SRF समेत ये 28 स्‍टॉक… India-EU डील से आएगी तेजी India-EU ट्रेड डील ऐलान के बाद कुछ शेयरों में अच्‍छी तेजी आने की उम्मीद है. ब्रोकरेज फर्म एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने बुधवार को कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से मैन्युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए मौके बनेंगे. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि यह समझौता मध्यम से लंबी अवधि में डायरेक्‍ट विदेशी निवेश और विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश को बढ़ाएगा, जिस कारण कुछ शेयरों में अच्‍छी तेजी आ सकती है.  एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि केमिकल कंपनियों में PI इंडस्ट्रीज, रैलीस इंडिया, SRF लिमिटेड, सुमितोमो केमिकल इंडिया और यूपीएल लिमिटेड को लाभ मिल सकता है. वहीं हाउस मैटेरियल मैन्‍युफैक्‍चरिंग में ग्रीनलाम इंडस्ट्रीज और ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज को फायदा मिलने की उम्‍मीद है.  इंडस्ट्रियल सेक्‍टर की बात करें तो ABB India, अपार इंडस्ट्रीज, JE वर्नोवा टी एंड डी, Hitachi एनर्जी और सीमेंस एनर्जी इंडिया को इस व्यापार समझौते से लाभ मिलने की संभावना है. टेक्‍नोलॉजी कंपनियों में HCL Tech, कोफोर्ज लिमिटेड और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी भारतीय आईटी फर्मों ने वित्त वर्ष 2025 में यूरोपीय संघ से अपने राजस्व का 30 प्रतिशत से ज्‍यादा  अर्जित किया. मेटल और माइनिंग सेक्‍टर में वेदांता जैसे शेयरों को लाभ मिल सकता है.                                                वहीं फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सिप्ला, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और टॉरेंट फार्मास्यूटिकल्स का नाम शामिल है. केपीआर मिल और वेलस्पन लिविंग जैसे कपड़ा निर्यातकों को भी इस डील का लाभ मिल सकता है.  इससे दूसरा फायदा ये होगा कि यूरोप के बड़े बाजार में बेहतर और आसान पहुंच से लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को अपने परिचालन की ग्रोथ, रोजगार पैदा करने और एक विश्वसनीय सोर्स पार्टनर के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी. 4 करोड़ लोगों को रोजगार देता है ये सेक्टर भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बांग्लादेश, पाकिस्तान और तुर्की जैसे अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारत को लंबे समय से चली आ रही टैरिफ असमानता को दूर करने का मौका देता है. यूरोपीय संघ को भारत के कपड़ा निर्यात में रेडीमेड गारमेंट्स का हिस्सा करीब 60% है, इसके बाद सूती वस्त्रों का 17% और मानव निर्मित फाइबर (MMF) वस्त्रों का 12% हिस्सा है. इसके साथ ही हस्तशिल्प और कालीनों का हिस्सा 4-4%, जूट प्रोडक्ट्स का 1.5% हिस्सा है. वहीं भारत में कपड़ा उद्योग प्रत्यक्ष रूप से करीब 4 करोड़ लोगों को रोजगार देता है.  भारतीय वस्‍तुओं पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी समाप्‍त होगी एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं पर औसतन लगभग 3.8 प्रतिशत का शुल्क लगाता है. हालांकि, इसने यह भी बताया कि श्रम प्रधान क्षेत्रों में लगभग 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगता है, जिसे समझौते के तहत शून्य तक कम किए जाने की संभावना है.  इन कारोबार को होगा फायदा  ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कपड़ा, चमड़ा, जूते, कृषि और कीमती पत्थरों जैसे क्षेत्र ज्‍यादा प्रॉफिट में रहेंगे, क्योंकि भारत वर्तमान में इन श्रेणियों में यूरोपीय संघ के आयात का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जिससे आने वाले वर्षों में बाजार हिस्सेदारी में काफी ग्रोथ होने की गुंजाइश है.  ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ भारत का दूसरा सबसे बड़ा आईटी खर्च मार्केट है, जो कुल इनकम टैक्‍स रेवेन्‍यू में करीब 16 प्रतिशत का योगदान देता है. फर्म ने आगे कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्‍यापार India EU FTAसमझौते के इनडायरेक्‍ट प्रॉफिट में अनुपालन संबंधी बाधाओं में कमी और भारतीय कारोबारियों के लिए बेहतर पहुंच और गतिशीलता शामिल है, जिससे आईटी कंपनियों को अमेरिकी बाजार पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.  भारतीय एक्‍सपोर्ट को बड़ा लाभ  एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि व्यापार समझौते के तहत तत्काल शुल्क हटाने से लगभग 33 अरब डॉलर प्राइस के भारतीय निर्यात को लाभ होगा. टेक्‍सटाइल पर टैरिफ 12 फीसदी से कम होकर शून्‍य हो जाएगा. जिसमें रेडीमेड वस्त्र, सूती धागा और घरेलू वस्त्र शामिल हैं. चमड़ा और जूते पर 17 प्रतिशत तक का शुल्क पूरी तरह से हटा दिया गया, … Read more

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी उछाल आई. बीएसई सेंसेक्‍स 487.20 या 0.60 फीसदी चढ़कर   82,344.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 167.35 अंक या 0.66%  चढ़कर 25,342.75 पर क्‍लोज हुआ.   BSE टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर गिरवाट पर थे, बाकी 22 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. BEL के शेयर सबसे ज्‍यादा 8.90 फीसदी चढ़कर 453 रुपये पर पहुंच गए. इसके बाद  ETERNAL के शेयर 5 फीसदी चढ़कर 266 रुपये पर आ गए. बजाज फाइनेंस, फिनसर्व, ट्रेंट और पावरग्रिड शेयरों में 2 फीसदी की तेजी रही. मारुति सुजुकी, सनफार्मा, इंफोसिस, एयरटेल  जैसे शेयर गिरावट पर बंद हुए.   निवेशकों की हुई मोटी कमाई  शेयर बाजार में मिड और स्‍मॉलकैप में भी शानदार रैली देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 में 954 अंकों की तेजी देखने को मिली, जबकि निफ्टी स्‍मालकैप 100 में 371 अंकों की तेजी आई. जिस कारण निवेशकों के पोर्टफोलियों में भी जबरदस्‍त उछाल देखने को मिला.  बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 453.67 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 459.64 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 6 लाख करोड़ की उछाल है.  शेयर बाजार में क्‍यों आई तेजी?  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को आई तेजी का सबसे बड़ा कारण भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील को माना जा रहा है. जिसके तहत दोनों देश ज्‍यादातर समानों पर कम टैरिफ या शून्‍य टैरिफ लगाने पर सहमत हुए हैं. इस डील से भारत के एक्‍सपोर्ट में उछाल होने की उम्‍मीद है, जिससे कई कंपनियों को लाभ होगा. इस कारण शेयर बाजार का सेंटिमेंट बदल गया है.  वहीं लार्ज, मिड और स्‍मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी देखने को मिली, जिस कारण अच्‍छी खासी खरीदारी आई है. खासकर मार्केट बंद होने के कुछ ही घंटे पहले इन स्टॉक्‍स में बड़ी खरीदारी हुई.  इन शेयरों में 20 फीसदी की तेजी  स्‍टारलाइट शेयरों में आज 20 फीसदी की तेजी आई है, जो 103 रुपये पर पहुंच गया. तेजस नेटवर्क का शेयर 15 फीसदी चढ़ा, डेटा पैटर्न के शेयर में 13.63 फीसदी की उछाल आई. हिंदुस्‍तान कॉपर के शेयरों में 12.67 फीसदी की उछाल आई है. ऑयल इंडिया के शेयरों में 9 फीसदी की तेजी आई है. मोतीलाल ओसवाल के शेयरों में 8 फीसदी की उछाल आई है. 

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था और भारत-ईयू डील: क्यों पड़ सकता है पड़ोसी देश मुश्किल में?

नई दिल्ली भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच लंबे समय से अटका पड़ा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आखिरकार 27 जनवरी को साइन हो ही गया। इस समझौते के बाद भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए बड़े अवसर खुलते दिख रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि इस समझौते से भारत के वस्त्र निर्यात में तेज उछाल आ सकता है और यह सेक्टर मौजूदा करीब 7 अरब डॉलर से बढ़कर बहुत कम समय में 30 से 40 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता रखता है। इससे श्रम-प्रधान इस क्षेत्र में 60-70 लाख नई नौकरियों के सृजन की संभावना है। बांग्लादेश के प्रभुत्व को चुनौती और बराबरी का मौका पीयूष गोयल ने इस बात का जिक्र किया कि अक्सर यह सवाल पूछा जाता था कि बांग्लादेश कपड़ा निर्यात में भारत से इतना आगे क्यों है। दरअसल बांग्लादेश एक 'कम विकसित देश' (LDC) है, इसलिए उसे यूरोपीय बाजार में जीरो ड्यूटी (शून्य शुल्क) का लाभ मिलता है। इसी कारण बांग्लादेश ने यूरोपीय संघ के 250 अरब डॉलर के कपड़ा बाजार में से 30 अरब डॉलर पर कब्जा जमा लिया है। भारत अभी तक केवल 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है और भारतीय सामानों पर 12% तक की ड्यूटी लगती है। इस FTA के लागू होते ही भारत ड्यूटी के मामले में बांग्लादेश के बराबर आ जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा करना आसान होगा। केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा- अब जब FTA लागू होगा, भारत भी ड्यूटी के मामले में बांग्लादेश के बराबर हो जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को समान प्रतिस्पर्धी अवसर मिलेगा। वस्त्र उद्योग: कृषि के बाद सबसे बड़ा रोजगारदाता केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में वस्त्र उद्योग कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जिसमें लगभग 4 करोड़ लोग काम करते हैं। वर्तमान में भारत यूरोपीय संघ को सालाना करीब 7 अरब डॉलर के वस्त्र और परिधान निर्यात करता है, जिन पर 12 फीसदी तक आयात शुल्क लगता है। FTA लागू होते ही यह शुल्क समाप्त हो जाएगा, जिससे भारत का निर्यात तेजी से बढ़ सकता है। समझौते का दायरा और 'पहले दिन से' लाभ पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते के तहत भारतीय सामानों को अभूतपूर्व बाजार पहुंच मिलेगी। यह समझौता भारत से यूरोपीय संघ को होने वाले कुल निर्यात का लगभग 99% और यूरोपीय संघ से भारत को होने वाले निर्यात का 97% कवर करता है। कपड़ा, परिधान, गृह सज्जा और फर्निशिंग जैसे क्षेत्रों को, जिनमें श्रमिकों का हित सबसे ज्यादा है, उनको पहले दिन से शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। वर्तमान में यूरोपीय बाजार में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है (वस्तुओं में 1.5% और सेवाओं में 2.5%), जो अब तेजी से बढ़ने के लिए तैयार है। कार्बन टैक्स (CBAM) की चुनौती और समाधान समझौते में आधुनिक नियामक चुनौतियों, विशेष रूप से यूरोपीय संघ के 'कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म' (CBAM) पर भी ध्यान दिया गया है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि CBAM एक क्षैतिज विनियमन है जो दुनिया भर के सभी भागीदार देशों पर लागू होता है। इस समस्या से निपटने के लिए एक 'तकनीकी संवाद' स्थापित किया जाएगा। भारतीय एजेंसियों को मान्यता दी जाएगी ताकि वे यूरोपीय मानकों के अनुसार भारत में ही कार्बन उत्सर्जन का सत्यापन कर सकें। दोनों पक्ष तकनीकी प्रक्रियाओं पर सहयोग करेंगे ताकि भारतीय निर्यातकों को यूरोप में अपनाई जाने वाली माप पद्धतियों को लेकर कोई परेशानी न हो।  

28 जनवरी मार्केट अपडेट: सोना थोड़ा सस्ता हुआ, चांदी के दाम बढ़े

इंदौर   अगर आप आने वाले शादी सीजन की शॉपिंग या किसी खास के लिए ज्वेलरी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज आपके लिए एक छोटी सी मगर अच्छी खबर है. पिछले कुछ हफ्तों से रॉकेट की तरह ऊपर जा रहे सोने के भाव आज थोड़े शांत नजर आ रहे हैं. 28 जनवरी 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है, जबकि चांदी अभी भी अपनी चमक बिखेर रही है. हालांकि, आपको बता दें कि ये रेट्स 27 जनवरी को मार्केट बंद होने के समय और आज सुबह के शुरुआती रुझानों पर आधारित हैं.  गोल्ड के रेट्स में कितनी आई गिरावट? पिछले कुछ दिनों से रॉकेट की तरह बढ़ रहे सोने के दाम आज थोड़े स्थिर नजर आ रहे हैं. 24 कैरेट सोने की कीमत आज 16,194 रुपये प्रति ग्राम है, जो कल के मुकाबले महज 1 रुपये कम है. यानी कि कीमतों में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्लोबल टेंशन और डॉलर की मजबूती की वजह से सोना फिलहाल सस्ता होने के मूड में नहीं दिख रहा है.   गोल्ड टाइप आज का भाव (10 ग्राम) कल का भाव (10 ग्राम) बदलाव 24 कैरेट गोल्ड ₹1,61,940 ₹1,61,950 – ₹10 22 कैरेट गोल्ड ₹1,48,440 ₹1,48,450 – ₹10 18 कैरेट गोल्ड ₹1,21,450 ₹1,21,460 – ₹10 प्रमुख शहरों में सोने का दाम (1 ग्राम) सोने के मामले में चेन्नई में कीमतें बाकी शहरों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा बनी हुई हैं.  शहर 24K सोना (आज) 22K सोना (आज) 18K सोना (आज) मुंबई ₹16,194 ₹14,844 ₹12,145 दिल्ली ₹16,209 ₹14,859 ₹12,160 बैंगलोर ₹16,194 ₹14,844 ₹12,145 कोलकाता ₹16,194 ₹14,844 ₹12,145 चेन्नई ₹16,319 ₹14,959 ₹12,474 क्या चांदी खरीदना अब आउट ऑफ बजट है? सोने ने तो फिर भी थोड़ी राहत दी है, लेकिन चांदी की चमक आज और बढ़ गई है. आज चांदी की कीमत में 100 रुपये प्रति किलो का बढ़त हुआ है. अब 1 किलो चांदी की कीमत 3,70,100 रुपये तक पहुंच गई है. जनवरी की शुरुआत में जो चांदी करीब 2.38 लाख रुपये थी, वो अब 3.70 लाख के पार निकल चुकी है. निवेशकों के लिए तो यह अच्छी खबर है, लेकिन मिडिल क्लास खरीदारों के लिए चांदी खरीदना अब काफी महंगा सौदा साबित हो रहा है.  चांदी की मात्रा आज का भाव (28 Jan) बदलाव 1 ग्राम ₹370.10 + ₹0.10 100 ग्राम ₹37,010 + ₹10 1 किलोग्राम ₹3,70,100 + ₹100 प्रमुख शहरों में चांदी का दाम चांदी की कीमतों में भी शहर के अनुसार अंतर देखा जा सकता है, जहां चेन्नई में दाम सबसे ऊंचे स्तर पर हैं.  शहर 10 ग्राम चांदी 100 ग्राम चांदी 1 किलोग्राम चांदी मुंबई ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 दिल्ली ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 बैंगलोर ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 कोलकाता ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 चेन्नई ₹3,871 ₹38,710 ₹3,87,100 क्या अब और बढ़ेंगे दाम? मार्केट एक्सपर्ट्स (जैसे ICICI और Kotak Securities) का मानना है कि जब तक इंटरनेशनल मार्केट में तनाव कम नहीं होता, तब तक कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है. अगर आप इन्वेस्टमेंट के लिहाज से देख रहे हैं, तो सोना-चांदी अभी भी सबसे सुरक्षित विकल्प माने जा रहे हैं, लेकिन भारी खरीदारी के लिए आपको मार्केट के थोड़े स्टेबल होने का इंतजार करना चाहिए. 

शेयर बाजार का जलवा: India-EU समझौते से सेंसेक्स उड़ा 650 अंक, टॉप 10 स्टॉक्स में मची हलचल

मुंबई  भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता हो गया है. मंगलवार को इसका ऐलान कर दिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कॉस्टा ने इसे ऐतिहासिक करार बताया. इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (Mother Of All Deals) कहा जा रहा है. इसके तहत यूरोपीय देशों से भारत में आने वाले 90 फीसदी सामान अब Tariff Free होंगे या फिर इनपर लागू टैक्स में बड़ी कटौती की जाएगी. इस डील का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है और बुधवार को खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी ने लंबी छलांग लगा दी है. BSE Sensex ओपनिंग के साथ 650 अंक के आसपास उछल गया.  सेंसेक्स-निफ्टी पर EU Deal का असर  भारत और ईयू के बीच हुई डील के बाद सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को जब शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत हुई, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 81,857 की तुलना में बढ़कर 81,892 पर खुला और फिर तूफानी रफ्तार पकड़ते हुए उछलकर 82,503 के स्तर पर जा पहुंचा यानी 646 अंक की छलांग लगा गया.  Sensex की तरह ही एनएसई का निफ्टी इंडेक्स भी भागता हुआ नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 25,175 पर क्लोज हुआ था और बुधवार की इसकी ओपनिंग 25,258 के लेवल पर हुई. इसके बाद इसने सेंसेक्स की तरह ही रफ्तार पकड़ी और एक झटके में 197 अंक की तेज बढ़त लेकर 25,372 के स्तर पर कारोबार करने लगा. ये 10 शेयर बने बाजार की 'हीरो' बाजार में धुआंधार तेजी के बीच सबसे तेज रफ्तार के साथ भागने वाले स्टॉक्स के बारे में करें, तो BSE Sensex के टॉप-10 हीरो स्टॉक्स की लिस्ट में लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Axis Bank Share (3.10%), Reliance Share (1.70%), ITC Share (1.50%) सबसे आगे रहे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Phoenix Share (3.10%), Suzlon Share (2.80%), Supreme India Share (2.60%) और HP Share (2.10%) की छलांग लगाकर ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में MCX Share (5.50%), Reliance Power Share (4.80%), Zeel Share (4.30%) की बढ़त में था.  India-EU एफटीए के क्या लाभ?  India-EU मुक्त व्यापार समझौता भारत के लिए खास है और यही कारण है कि इस डील के डन होने के बाद शेयर बाजार ने भी इसे सलाम किया है. एग्रीमेंट के तहत जहां भारत यूरोपीय कारों पर टैरिफ को धीरे-धीरे घटाकर 10% कर देगा, तो वहीं भारत में आने वाले करीब 90% से अधिक यूरोपीय देशों के सामानों पर लगने वाले टैरिफ या तो खत्म या फिर कम किया जाएगा. मशीनरी (44%), केमिकल (22%), मेडिसिन (11%) पर ज्यादातर टैरिफ खत्म हो सकते हैं. बीयर पर टैरिफ 50%, शराब-वाइन पर 40% हो सकता है. जूस, प्रोसेस्ड फूड, एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट पर टैरिफ जीरो हो सकता है.   

सिलेंडर की बची गैस चेक करना हुआ सुपर आसान, ये ट्रिक आजमाएं

नई दिल्ली आज के समय में लगभग हर घर की रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भर है। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, गैस के बिना रसोई का काम रुक जाता है। ऐसे में अगर अचानक खाना बनाते वक्त गैस खत्म हो जाए, तो परेशानी बढ़ जाती है, खासकर सुबह की जल्दी या मेहमानों के आने पर। अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू तरीकों से बिना किसी मशीन या तकनीकी जानकारी के घर बैठे ही गैस का अंदाजा लगाया जा सकता है। गीले कपड़े से करें गैस की पहचान यह सबसे आसान और कारगर तरीका माना जाता है। एक साफ कपड़ा पानी में भिगोकर निचोड़ लें और उसे सिलेंडर के ऊपर से नीचे तक फेर दें। कुछ देर बाद सिलेंडर का जो हिस्सा जल्दी सूख जाए, वह खाली होता है, जबकि नीचे का ठंडा और गीला हिस्सा गैस की मौजूदगी दिखाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलेंडर आधा है या लगभग खत्म होने वाला है। वजन से भी जान सकते हैं गैस हर LPG सिलेंडर पर उसका खाली वजन यानी टेयर वेट लिखा होता है। अगर घर में वेट मशीन हो, तो सिलेंडर का कुल वजन नापें और उसमें से टेयर वेट घटा दें। जो वजन बचेगा, वही अंदर मौजूद गैस का होगा। घरेलू सिलेंडर में आमतौर पर 14.2 किलो गैस भरी जाती है। चूल्हे की लौ भी देती है संकेत अगर चूल्हे की लौ पहले जैसी तेज नहीं जल रही, बार-बार धीमी हो रही है या खाना पकने में ज्यादा समय लग रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि गैस कम हो रही है। हालांकि, यह तरीका पूरी तरह सटीक नहीं होता, लेकिन सतर्क रहने में मदद करता है।   गैस लेवल इंडिकेटर डिवाइस आजकल बाजार में गैस लेवल बताने वाले छोटे गैजेट्स भी उपलब्ध हैं। ये सिलेंडर के बाहर लगते हैं और रंग या डिजिटल संकेत के जरिए बताते हैं कि गैस ज्यादा है या खत्म होने वाली है। कुछ डिवाइस मोबाइल ऐप से भी जुड़ते हैं और समय रहते रीफिल बुक करने में मदद करते हैं।  

इतिहास में पहली बार सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल, नए रेट जारी

नई दिल्ली बाजार में इन दिनों कीमती धातुओं की चमक देखते ही बन रही है। सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सोना $5,000 प्रति औंस के जादुई आंकड़े को छू गया है, वहीं चांदी भी $110 प्रति औंस के ऊपर निकल गई है। भारतीय बाजार का हाल: 4 लाख की ओर चांदी घरेलू बाजार में भी कीमतें आसमान छू रही हैं: सोना: 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,61,960 रुपये (प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच गई है।      क्यों बढ़ रहे हैं दाम? कीमतों में इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां और वैश्विक तनाव जिम्मेदार हैं:     ट्रंप की नीतियां और राजनीतिक तनाव: ट्रंप के आक्रामक रुख के कारण अमेरिका का ईरान और यूरोपीय देशों के साथ विवाद बढ़ रहा है। साथ ही, कनाडा को टैरिफ की धमकी और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों ने निवेशकों को डरा दिया है।     डॉलर की कमजोरी: अमेरिकी करेंसी इंडेक्स में पिछले कुछ दिनों में 2% की गिरावट आई है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो लोग करेंसी की जगह सोने में पैसा लगाना सुरक्षित समझते हैं।     सुरक्षित निवेश की तलाश: दुनिया भर में जारी अस्थिरता (जैसे वेनेजुएला संकट और चीन के साथ ट्रेड वॉर की आशंका) के कारण निवेशक बॉन्ड और शेयर बाजार के बजाय गोल्ड को सबसे भरोसेमंद मान रहे हैं। मुनाफे का गणित और भविष्य का अनुमान इस साल अब तक सोने ने निवेशकों को 17% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों और ग्लोबलडेटा के अनुमान के मुताबिक, तेजी का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है:     2026 के अंत तक: सोना 1.75 लाख से 1.95 लाख रुपये तक जा सकता है।     चांदी का लक्ष्य: चांदी के 3.80 लाख से 4.60 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। जिस रफ्तार से कीमतें बढ़ रही हैं, मुमकिन है कि अगले कुछ ही महीनों में सोना 2 लाख रुपये और चांदी 4 लाख रुपये के नए शिखर को छू ले।  

पावरफुल इंजन और स्टाइलिश डिजाइन के साथ MG Majestor जल्द बाजार में

 नई दिल्ली MG Motor इंडियन एसयूवी मार्केट में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है. कंपनी अपनी नई फ्लैगशिप फुल साइज एसयूवी MG Majestor को लॉन्च करने जा रही है. नए MG Majestor को आगामी 12 फरवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा. यह एसयूवी मौजूदा Gloster से ऊपर पोजिशन करेगी. जाएगी और उन ग्राहकों को टारगेट करेगी जो दमदार, प्रीमियम और मजबूत SUV की तलाश में हैं. लॉन्च से पहले ही MG Majestor को लेकर ऑटो इंडस्ट्री में काफी चर्चा शुरू हो चुकी है. लुक और डिजाइन MG Majestor का डिजाइन इंटरनेशनल मार्केट में बिकने वाली Maxus D90 एसयूवी से काफी हद तक इंस्पायर्ड है. इसके फ्रंट में बड़ा ग्रिल दिया गया है, जिसमें ग्लॉस ब्लैक एलिमेंट्स देखने को मिलते हैं. वर्टिकल LED हेडलैंप और पतले आइब्रो स्टाइल DRL इसे एग्रेसिव लुक देते हैं. ब्लैक बंपर और सिल्वर इंसर्ट SUV के स्ट्रांग कैरेक्टर को और उभारते हैं. साइड प्रोफाइल की बात करें तो इसमें मोटी बॉडी क्लैडिंग, ड्यूल टोन 19 इंच अलॉय व्हील, ब्लैक डोर हैंडल और ब्लैक रूफ रेल्स मिलते हैं. रियर में कनेक्टेड LED टेललाइट, ब्लैक बंपर, सिल्वर स्किड प्लेट और ट्विन एग्जॉस्ट स्टाइल एलिमेंट्स इसे प्रीमियम फिनिश देते हैं. इंटीरियर और फीचर्स  ऑटो एक्सपो में MG Majestor का पूरा इंटीरियर सामने नहीं आया, लेकिन स्पाई तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसका केबिन Maxus D90 जैसा हो सकता है. इसमें 12.3 इंच का फ्लोटिंग टचस्क्रीन, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और 3 स्पोक स्टीयरिंग व्हील मिलने की उम्मीद है. गियर सेलेक्टर स्टीयरिंग कॉलम पर दिया जा सकता है. MG Majestor को Gloster से ऊपर रखा जाएगा, इसलिए इसमें और भी एडवांस फीचर्स मिलने की संभावना है. Gloster में पहले से ही पैनोरमिक सनरूफ, थ्री जोन क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस चार्जिंग, 12 स्पीकर साउंड सिस्टम, मसाज फंक्शन वाली पावर सीट्स और पावर्ड टेलगेट जैसे फीचर्स मिलते हैं. Majestor में इनसे भी ज्यादा प्रीमियम टेक्नोलॉजी देखने को मिल सकती है. इंजन और परफॉर्मेंस  इस एसयूवी में 2.0 लीटर ट्विन टर्बो डीजल इंजन मिलने की उम्मीद है. यह इंजन करीब 216 hp की पावर और 479 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसे 8 स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और 4WD सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा. कुल मिलाकर MG Majestor भारत के फुल साइज SUV सेगमेंट में कड़े प्रतिद्वंदी के तौर पर उतरेगी. क्या होगी कीमत हालांकि लॉन्च से पहले कीमत के बारे में कुछ भी कहना थोड़ा जल्दबाजी होगी. लेकिन इसे 40 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया जा सकता है. बाजार में MG Majestor का मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर, जीप मेरिडियन, स्कोडा कोडियाक जैसी लोकप्रिय SUV मॉडलों से होगी.

वैलेंटाइन डे पर थाईलैंड में छुट्टियां, कम बजट में मिलेगा सब कुछ इस पैकेज के साथ

मुंबई  IRCTC ने इस साल के वैलेंटाइन डे को यादगार बनाने के लिए "वैलेंटाइन स्पेशल फुकेत-क्राबी" (Phuket Krabi Tour Budget) नामक एक शानदार इंटरनेशनल टूर पैकेज (IRCTC Valentine Special Tour 2026) लॉन्च किया है। यह टूर 12 से 19 फरवरी 2026 के बीच संचालित किया जाएगा। छह दिनों के इस सफर में यात्रियों को थाईलैंड की प्राकृतिक सुंदरता और वहां के प्रसिद्ध द्वीपों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। पैकेज में शामिल मुख्य आकर्षण और सुविधाएं यात्रियों की सुविधा के लिए IRCTC ने एयर एशिया की उड़ानों का प्रबंध किया है। इसके अलावा सफर को आरामदायक बनाने के लिए कई विशेष सुविधाएं दी गई हैं…     होटल और भोजन: यात्रियों के लिए चार सितारा (4-Star) होटलों में ठहरने और स्वादिष्ट भारतीय भोजन की व्यवस्था रहेगी।     प्रमुख पर्यटन स्थल: पर्यटक विश्व प्रसिद्ध फि-फि आइलैंड, टाइगर केव टेम्पल, रेलै बीच और वहां के प्रसिद्ध रात्रि बाजारों (Night Markets) का आनंद ले सकेंगे। साथ ही क्राबी के चार प्रमुख आइलैंड्स की सैर भी कराई जाएगी। यात्रा का खर्च  बुकिंग के प्रकार के आधार पर पैकेज की कीमतें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं…     अकेले यात्रा (Single Occupancy): ₹1,02,500 प्रति व्यक्ति।     दो या तीन व्यक्ति (Double/Triple Occupancy): ₹82,800 प्रति व्यक्ति।     बच्चों के लिए: अभिभावकों की आवश्यकतानुसार ₹62,500 से ₹76,200 के बीच भुगतान करना होगा। बुकिंग के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है या विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों से संपर्क किया जा सकता है।