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रियल एस्टेट पर बजट 2026 का असर — घर खरीदने वालों और निम्न-मध्य वर्ग की उम्मीदें

भागलपुर केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट 2026-27 पेश करने जा रही है, जिसमें अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। बजट से पहले देशभर के अलग-अलग सेक्टर्स में उम्मीदों और सुझावों की चर्चा तेज हो गई है। रियल एस्टेट, शेयर बाजार, एमएसएमई, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को लेकर बजट से क्या अपेक्षाएं हैं, इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपनी राय रखी है। ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि रियल एस्टेट ऐसा सेक्टर है जो हर आम आदमी को सीधे प्रभावित करता है। यह सेक्टर देश की जीडीपी में करीब 7 प्रतिशत का योगदान देता है और कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार भी देता है। उन्होंने कहा कि बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा पर दोबारा विचार होना चाहिए। अभी 45 लाख रुपए तक के घर को अफोर्डेबल माना जाता है, लेकिन आज के समय में यह सीमा बढ़ाकर 75 लाख रुपए की जानी चाहिए, ताकि ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की भी मांग की। उनका कहना है कि बिल्डर्स को इनपुट टैक्स का लाभ नहीं मिलने से निर्माण लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर घर की कीमतों पर पड़ता है। अगर सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट देती है तो मकानों की कीमत घटेगी और मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना आसान होगा। इसके अलावा, उन्होंने ब्याज दरों में कटौती और इनकम टैक्स में होम लोन पर अतिरिक्त राहत देने की भी उम्मीद जताई। इसके अलावा, भागलपुर के सीए और अर्थशास्त्री प्रदीप झुनझुनवाला ने कहा कि बजट आम जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष टैक्स राहत की मांग की। उनका कहना है कि सीनियर सिटीजन्स के लिए टीडीएस की सीमा और टैक्स-फ्री इनकम की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर कम से कम एक करोड़ रुपए करने की मांग की। उन्होंने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में भी बदलाव की जरूरत बताई। मौजूदा समय में एक लाख रुपए की छूट बहुत कम है, जिसे बढ़ाकर कम से कम पांच लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने भागलपुर के बुनकरों, टेक्सटाइल सेक्टर, कृषि आधारित उद्योग और टूरिज्म सेक्टर को भी बजट में विशेष प्राथमिकता देने की मांग की। वहीं टैक्स एक्सपर्ट और सीए संजय कुमार सकल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चलते वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और टैरिफ तनाव के चलते शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। पिछले कुछ समय से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से बाजार लगातार गिर रहा है, पहले युद्ध का प्रभाव था फिर टैरिफ ने बाजार को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "हम इस बजट से ये उम्मीद करते हैं कि कुछ ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे निवेशकों को फायदा हो, खासकर कैपिटल गेन टैक्स को लेकर। पहले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता था। फिर इस पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाया गया, बाद में इसे और बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया।" उन्होंने कहा कि अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को कम किया जाता है या खत्म किया जाता है, तो इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार को सहारा मिलेगा। इसके साथ ही महिला उद्यमी प्रिया सोनी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। हालांकि, ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में अभी भी जागरूकता की कमी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में बड़े पोस्टर्स और अभियानों के जरिए दी जानी चाहिए, ताकि हर महिला इसका लाभ उठा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई बढ़ने के मुकाबले महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई है। मातृत्व वंदन योजना और पोषण योजनाओं की राशि बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही, महिला उद्यमियों के लिए सिर्फ फंडिंग ही नहीं, बल्कि मार्केटिंग सपोर्ट और अलग महिला बाजार की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि वे अपने उत्पाद आसानी से बेच सकें।

UPI से सीधे PF निकालें! EPFO का नया नियम 1 अप्रैल से लागू

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अहम बदलाव की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 से PF का पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। नए सिस्टम के तहत कर्मचारी अपने PF अकाउंट से सीधे UPI के जरिए पैसा निकाल सकेंगे। इसका मतलब यह है कि अब लंबी प्रक्रिया, फॉर्म भरने और कई दिनों तक इंतजार करने की परेशानी काफी हद तक खत्म हो सकती है। इस फैसले से करीब 8 करोड़ EPFO मेंबर्स को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। PF निकासी की प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह आसान होगी, जैसे रोजमर्रा में मोबाइल से UPI पेमेंट किया जाता है। UPI से PF निकालने की सुविधा कैसे काम करेगी नई व्यवस्था में EPFO मेंबर अपने बैंक अकाउंट से जुड़े UPI ID का इस्तेमाल कर सकेंगे। PF से जितनी रकम निकालने के लिए वे पात्र होंगे, वह उन्हें पहले ही सिस्टम में दिखाई देगी। इसके बाद UPI पिन डालकर रकम सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। पैसा खाते में आने के बाद मेंबर उसे UPI पेमेंट, ATM से कैश निकालने या किसी भी जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। तकनीकी तैयारी अंतिम चरण में लेबर मिनिस्ट्री और EPFO मिलकर इस नए सिस्टम को लागू करने पर काम कर रहे हैं। फिलहाल कुछ सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है, ताकि लॉन्च के बाद किसी तरह की रुकावट न आए। योजना यह भी है कि PF की पूरी रकम एक साथ निकालने के बजाय एक हिस्सा खाते में सुरक्षित रहे और बाकी जरूरत के समय UPI के जरिए निकाला जा सके। इससे एक तरफ रिटायरमेंट के लिए बचत बनी रहेगी और दूसरी तरफ तुरंत पैसों की जरूरत भी पूरी हो सकेगी। अभी PF निकालने का क्या है तरीका वर्तमान में PF निकालने के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लेम फाइल करना पड़ता है। हालांकि ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम लागू होने के बाद अब क्लेम आमतौर पर तीन दिन के भीतर निपटा दिए जाते हैं। सरकार पहले ही ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर चुकी है। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में PF की आंशिक निकासी के नियमों को भी आसान किया गया। पहले जहां 13 अलग-अलग नियम थे, उन्हें अब तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है। बीमारी, पढ़ाई, शादी, घर खरीदने या खास परिस्थितियों में योग्य राशि का 100 प्रतिशत तक PF निकाला जा सकता है। नए नियमों से क्या होगा फायदा नए नियमों के अनुसार, शिक्षा के लिए कर्मचारी 10 बार और शादी के लिए 5 बार PF निकाल सकते हैं। किसी भी तरह की आंशिक निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की नौकरी पूरी होना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि मेंबर के PF खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनी रहनी चाहिए, ताकि उस पर 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहे। समय से पहले फाइनल PF सेटलमेंट के लिए वेटिंग पीरियड 12 महीने और पेंशन निकासी के लिए 36 महीने तय किया गया है।  

सोने और चांदी के रेट में बदलाव: 20, 22, 24 कैरेट का भाव क्या है, चांदी में हफ्तेभर में कितना बदलाव

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में बीते हफ्तेभर में बड़ा चेंज आया है, जहां सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोना मामूली सस्ता हुआ, तो चांदी का भाव भी टूटा था. वहीं अगर पूरे हफ्ते में दोनों कीमती धातुओं के दाम में उतार-चढ़ाव की बात करें, तो ये महंगी ही हुई हैं. अगर आप सोना-चांदी खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो इनके New Rates जान लेना जरूरी है. बीते पांच कारोबारी दिनों में एमसीएक्स पर सोना 13000 रुपये से ज्यादा महंगा हुआ है. आइए जानते 1 Kg Silver Price के बारे में…  आखिरी दिन फिसला, फिर भी इतना महंगा Gold  मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत में आए साप्ताहिक बदलाव पर नजर डालें, तो बीते 16 जनवरी को 5 फरवरी की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव 1,42,517 रुपये था, जो पिछले शुक्रवार को 74 रुपये की गिरावट लेकर 1,55,963 रुपये पर बंद हुआ था. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो हफ्ते के पांच कारोबारी दिनों में सोने की कीमत (Gold Price) में 13,446 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया है.  वहीं सोने के हाई लेवल से देखें, तो ये काफी सस्ता मिल रहा है. दरअसल, एमसीएक्स पर गोल्ड का लाइफ टाइम हाई लेवल 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जहां से ये अभी भी 3,263 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है.  चांदी भी महंगी, लेकिन हाई से इतना कम रेट   सोना के बाद बात करें, चांदी की कीमत (Silver Rates) के बारे में, तो इसकी कीमत भी बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को मामूली 99 रुपये फिसलकर 3,34,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई. पिछले हफ्ते के पांच कारोबारी दिनों को देखें, तो 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी की वायदा कीमत 16 जनवरी को 2,87,762 रुपये प्रति किलो थी. ऐसे में पांच दिन में 1 Kg Silver Rate में तगड़ा 46,838 रुपये का उछाल आया है.  अगर चांदी के हाई लेवल की बात करें, तो ये कीमती धातु ताबड़तोड़ तेजी के साथ 3,39,927 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर जा पहुंची थी और यहां से अभी भी ये सस्ती बनी हुई है. फिलहाल हाई से इसकी कीमत 5,326 रुपये प्रति किलो कम है.  घरेलू मार्केट में कितना बदला Gold-Silver इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो बीते हफ्तेभर में 10 Gram 24 Karat Gold की कीमत 1,41,593 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर बीते शुक्रवार को 1,54,310 रुपये पर क्लोज हुई थी. ऐसे में घरेलू बाजार में सोना पांच दिन में 12,717 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है. अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट पर नजर डालें, तो…  क्वालिटी गोल्ड     गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम) 24 Karat Gold     1,54,310 रुपये/10 ग्राम 22 Karat Gold     1,50,610 रुपये/10 ग्राम 20 Karat Gold     1,37,340 रुपये/10 ग्राम 18 Karat Gold     1,24,990 रुपये/10 ग्राम 14 Karat Gold     99,530 रुपये/10 ग्राम चांदी की धरेलू मार्केट में कीमत पर नजर डालें, तो यहां पर ये भी महंगी हुई है. इसका प्राइस 2,81,890 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 3,17,705 रुपये पर पहुंचकर बंद हुआ. यानी चांदी का भाव 35,815 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया.  ज्वेलरी पर GST+Making Charge बता दें कि IBJA की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले गोल्ड-सिल्वर रेट्स देशभर में समान होते हैं, लेकिन जब आप ज्वेलरी खरीदने के लिए दुकान पर जाते हैं, तो फिर आपको इसपर लागू जीएसटी के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है. इनके जुड़ने से कीमत में इजाफा भी देखने को मिलता है. Gold Making Charge अलग-अलग शहरों और राज्यों में अलग-अलग हो सकते हैं.

2026 में बाजार पर दबाव, एफपीआई ने अब तक 36,500 करोड़ रुपए किए निकाले

मुंबई  इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में 2.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह मुनाफावसूली, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंताएं रहीं। इस सप्ताह के दौरान सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमें रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा गिरा, जिसमें 11.33 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, टेलीकॉम और कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी सेक्टर भी 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटे। हफ्ते के दौरान निफ्टी में 2.51 प्रतिशत की गिरावट आई और आखिरी कारोबारी दिन यह 0.95 प्रतिशत फिसलकर 25,048 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स आखिरी दिन 769 अंक यानी 0.94 प्रतिशत गिरकर 81,537 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में सेंसेक्स 2.43 प्रतिशत नीचे रहा। स्मॉल और मिडकैप शेयरों पर दबाव ज्यादा देखने को मिला, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 में 4.58 प्रतिशत, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 5.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बैंक निफ्टी भी कमजोर रहा और यह एक अहम सपोर्ट लेवल 58,800 के नीचे फिसल गया, जिससे बाजार में नकारात्मक संकेत मिले। विशेषज्ञों के अनुसार, हफ्ते की शुरुआत में कुछ आईटी और बैंकिंग कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजों से बाजार को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन बाद में कई कंपनियों के कमजोर नतीजों ने निवेशकों की धारणा को फिर से कमजोर कर दिया।दुनिय भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव खासकर अमेरिका की तरफ से ग्रीनलैंड और टैरिफ को लेकर सख्त बयान, ने वैश्विक बाजारों को परेशान किया। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा और बिकवाली बढ़ गई। इसके अलावा, वैश्विक बॉन्ड यील्ड बढ़ने और अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ मामलों की समीक्षा को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति को और भी सीमित कर दिया। 1 जनवरी 2026 से अब तक, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इस दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने करीब 36,500 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इस बीच भारतीय रुपया भी कमजोर होकर लगभग 92 रुपए प्रति डॉलर के पास पहुंच गया, जिससे आयात महंगा होने और महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ी है। निवेशक अब केंद्रीय बजट 2026 और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट से पहले कुछ समय के लिए बाजार में तेजी की छोटी लहर देखने को मिल सकती है, क्योंकि कई विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजिशन पहले से बनी हुई है। हालांकि, बाजार में स्थायी सुधार तभी आएगा जब वैश्विक हालात बेहतर होंगे, कंपनियों के नतीजे अच्छे आएंगे और बजट से निवेशकों को भरोसा मिलेगा।

लुक में किलर, स्टाइल में पावर! Black Theme वाली Thar Roxx Star की कीमत आई सामने

  नई दिल्ली        महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर एसयूवी थार रॉक्स का नया स्टार एडिशन (Thar Roxx Star) भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है. आकर्षक लुक और दमदार इंजन से लैस इस लाइफस्टाइल एसयूवी की शुरुआती कीमत 16.85 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. यह एडिशन नाम के साथ ही नहीं, बल्कि नए लुक और फील के साथ पेश किया गया है. ये नया थार रॉक्स स्टार एडिशन एसयूवी के टॉप-स्पेक AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें ब्लैक थीम के साथ कुछ नए कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे ज्यादा बोल्ड और प्रीमियम बनाते हैं. एक्सटीरियर में ब्लैक टच Thar Roxx Star एडिशन को रेगुलर थार रॉक्स से अलग पहचान देने के लिए महिंद्रा ने इसमें ग्लॉस-ब्लैक फिनिश वाली ग्रिल और अलॉय व्हील्स दिए हैं. रेगुलर मॉडल में जहां बॉडी कलर ग्रिल और सिल्वर अलॉय मिलते हैं, वहीं स्टार एडिशन ज्यादा एग्रेसिव नजर आता है. इसके साथ ही थार रॉक्स रेंज में नया सिट्रीन येलो कलर भी जोड़ा गया है, जो ब्लैक एलिमेंट्स के साथ काफी यूनिक दिखता है. इसके अलावा यह एडिशन टैंगो रेड, एवरेस्ट व्हाइट और स्टील्थ ब्लैक कलर ऑप्शन में भी उपलब्ध है. इस एसयूवी के C-पिलर पर स्टार एडिशन बैज दिया गया जो इसे बाकी वेरिएंट्स से अलग बनाता है. कीमत और वेरिएंट  महिंद्रा थार रॉक्स स्टार एडिशन तीन वेरिएंट में पेश की गई है. डीजल मैनुअल वेरिएंट की कीमत 16.85 लाख रुपये है. पेट्रोल ऑटोमैटिक वेरिएंट 17.85 लाख रुपये में आता है. वहीं डीजल ऑटोमैटिक वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 18.35 लाख रुपये रखी गई है. वेरिएंट   फ्यूल और ट्रांसमिशन  कीमत (एक्स-शोरूम) थार स्टार एडिशन पेट्रोल-ऑटोमेटिक 17.85 लाख थार स्टार एडिशन डीजल-मैनुअल 16.85 लाख थार स्टार एडिशन डीजल-ऑटोमेटिक 18.35 लाख इंटीरियर में ऑल-ब्लैक थीम  Thar Roxx Star एडिशन के केबिन के अंदर भी खास ट्रीटमेंट मिला है. पहले मिलने वाली हल्के रंग की अपहोल्स्ट्री की जगह अब ऑल-ब्लैक इंटीरियर दिया गया है. इसमें ब्लैक लेदरेट सीट्स के साथ सुएड टच देखने को मिलता है, जो इसे ज्यादा स्पोर्टी फील देता है. फीचर्स के मामले में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें ऑल-एलईडी लाइटिंग, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और टचस्क्रीन के लिए दो 10.25 इंच की स्क्रीन, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, 360 डिग्री कैमरा, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो, पैनोरमिक सनरूफ, 9-स्पीकर हरमन कार्डन साउंड सिस्टम और टेरेन मोड्स जैसे फीचर्स मिलते हैं. इंजन और परफॉर्मेंस स्टार एडिशन में वही पावरट्रेन दिए गए हैं, जो स्टैंडर्ड थार रॉक्स में मिलते हैं. इसमें 2.0 लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 177 एचपी की पावर और 380 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है. इसके अलावा 2.2 लीटर डीजल इंजन मिलता है, जो 175 एचपी की पावर और 400 एनएम टॉर्क जनरेट करता है. पेट्रोल इंजन केवल ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है, जबकि डीजल इंजन में मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों विकल्प मिलते हैं. खास बात यह है कि स्टार एडिशन में 4×4 सिस्टम नहीं दिया गया है और यह केवल रियर-व्हील ड्राइव में ही उपलब्ध है. महिंद्रा थार रॉक्स साल 2024 में लॉन्च हुई थी और तब से यह कंपनी के लिए एक बेस्ट सेलर बनी हुई है. स्टार एडिशन के जरिए महिंद्रा ने इस मॉडल में नई ताजगी भरने की कोशिश की है. खासकर ऐसे समय में, जब एसयूवी बाजार में टाटा सिएरा, नई जनरेशन किआ सेल्टॉस और मारुति सुजुकी विक्टोरिस जैसी नई गाड़ियां दस्तक दे रही हैं. स्टाइल और प्रीमियम टच के साथ थार रॉक्स स्टार एडिशन ग्राहकों को एक नया विकल्प देने का काम करेगी.    

सोना-चांदी की रफ्तार तेज, आज फिर बढ़े दाम, जानें ताजा कीमतें

इंदौर   देशभर में सोने-चांदी के भाव साल के पहले महीने जनवरी में ही सारे रिकॉर्ड तोड़ते नजर आ रहे हैं. बीते दिन ही जहां सोने में ₹3 हजार रुपये की गिरावट दर्ज हुई थी तो वहीं चांदी भी ₹10 हजार सस्ती हुई थी. लेकिन इसके अगले हीं दिन एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार (23 जनवरी) को फिर सोने-चांदी ने रफ्तार पकड़ ली है.  फिर बढ़े सोने-चांदी के दाम राजधानी भोपाल समेत देशभर में बीते दिन सोने-चांदी के भाव में तेज गिरावट दर्ज हुई थी लेकिन इसके अगले ही दिन यानी आज फिर सोने के रेट में बाजार खुलते ही ₹1,930 की बढ़त दर्ज हुई है. इसके साथ ही आज चांदी भी सुबह ही ₹9,440 रुपये महंगी हुई है. अब बाजार शुरू होने के साथ ही सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं. भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 1,59,080 रुपए प्रति 10 ग्राम भोपाल में चांदी का भाव आज: 3,36,470 रुपए प्रति 1 किलो देशभर में सोने-चांदी फिर महंगे सोने-चांदी के दाम की बात करें तो आज फिर देशभर के बाजारों में सोने-चांदी के भाव ने रफ्तार पकड़ ली है. इसी बीच जानें नई दिल्ली में सोने-चांदी का ताजा भाव, जो कुछ इस प्रकार हैं. नई दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 1,58,710 रुपए प्रति 10 ग्राम भारत में चांदी का भाव आज: 3,35,510 रुपए प्रति 1 किलो हालमार्क ही है असली सोने की पहचान अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI का बड़ा फैसला, 9.7 अरब डॉलर की बिक्री

नई दिल्ली डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में जारी कमजोरी को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा बाजार में आक्रामक हस्तक्षेप किया है. केंद्रीय बैंक ने नवंबर महीने के दौरान कुल 9.7 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री की. आरबीआई के मासिक बुलेटिन के अनुसार, नवंबर में उसने 14.35 अरब डॉलर की खरीद की, जबकि 24.06 अरब डॉलर की बिक्री की गई. इससे पहले अक्टूबर में भी रिज़र्व बैंक ने बाजार में 11.88 अरब डॉलर बेचे थे. नवंबर के दौरान रुपये पर दबाव लगातार बना रहा. 21 नवंबर को रुपया डॉलर के मुकाबले 89.49 के स्तर तक फिसल गया था, जो उस समय का ऐतिहासिक निचला स्तर माना गया. इसकी प्रमुख वजह अमेरिका से जुड़े व्यापारिक मोर्चे पर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी रही. पूरे महीने में रुपये में करीब 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. हालात और बिगड़ते हुए बुधवार को रुपया 91.7425 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया. यह पिछले दो महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट रही. वैश्विक बाजारों में “रिस्क-ऑफ” माहौल, यानी निवेशकों का जोखिम से बचना, और घरेलू शेयर बाजार से पूंजी की निरंतर निकासी ने दक्षिण एशियाई मुद्राओं, खासकर रुपये, पर अतिरिक्त दबाव डाला. रुपये पर दबाव के कारण विशेषज्ञों के अनुसार, मेटल इंपोर्टर्स की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग रुपये की कमजोरी का एक बड़ा कारण है. इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा भारतीय बाजार से पूंजी निकालना भी मुद्रा पर नकारात्मक असर डाल रहा है. एक अन्य अहम वजह अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड है. जैसे-जैसे अमेरिकी बॉन्ड ज्यादा रिटर्न देने लगते हैं, वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका जैसे सुरक्षित और अधिक यील्ड वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं. इससे डॉलर मजबूत होता है और रुपये जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं कमजोर पड़ती हैं. आम लोगों पर असर रुपये में गिरावट का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ता है. कमजोर रुपया आयात को महंगा बनाता है, जिससे ईंधन, खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं. इसका नतीजा महंगाई के रूप में सामने आता है. इसके अलावा, विदेश में पढ़ाई करने की लागत भी बढ़ जाती है, क्योंकि ट्यूशन फीस और रहने का खर्च डॉलर में चुकाना पड़ता है. चूंकि कच्चा तेल और कई अन्य जरूरी वस्तुएं अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में खरीदी जाती हैं, इसलिए रुपये की कमजोरी देश की आर्थिक चुनौतियों को और गहरा कर सकती है.

गोल्‍ड और सिल्‍वर ETFs में आई बड़ी गिरावट, 12% तक गिरे भाव, जानें क्यों हुआ क्रैश

नई दिल्‍ली गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ के दाम में गुरुवार को भारी गिरावट आई है. दोपहर के कारोबार के दौरान सिल्‍वर ईटीएफ 12 फीसदी तक और गोल्‍ड ईटीएफ 8 फीसदी तक गिर गए. यह गिरावट सुबह के कारोबार के दौरान सोने-चांदी के रेट में बड़ी गिरावट के कारण आया है.  वायदा बाजार MCX पर सोना और चांदी के दाम गुरुवार की सुबह तेजी से गिरे थे. चांदी 20 हजार रुपये तक टूट गई थी और सोने की कीमतों में 4000 रुपये तक की गिरावट आई. हालांकि कुछ देर बाद सोने और चांदी के दाम रिकवर कर गए. दोपहर 12.20 बजे एमसीएक्‍स पर सिल्‍वर 600 रुपये गिरकर 3,17,951 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था. वहीं गोल्‍ड के दाम 400 रुपये टूटकर 1,60,029 रुपये पर था. लेकिन सोना और चांदी ETFs अभी भी बड़ी गिरावट पर थे.  इंट्राडे के दौरान टाटा सिल्‍वर ईटीएफ करीब 25 फीसदी टूट गया था, लेकिन अभी 13 फीसदी गिरकर कारोबार कर रहा है. सिल्‍वर बीस में 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो अभी 285 पर करोबार  कर रहा है.  गोल्‍ड बीस में भी 8 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. टाटा गोल्‍ड 9 फीसदी टूट गया है. HDFC, ICICI, SBI जैसे सिल्‍वर और गोल्‍ड ईटीएफ भी करीब 9 प्रतिशत त‍क गिरे हैं.  सोना-चांदी के दाम क्‍यों गिरे?  सोने और चांदी के दाम में गुरुवार को भारी गिरावट की वजह ट्रंप को माना जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत की अच्‍छी डील जल्‍द होने जा रही है. उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्‍छा दोस्‍त बताया है. Donald Trump ने कहा कि PM Narendra Modi को लेकर उनके मन में बहुत सम्मान है, वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है. इस बयान के बाद शेयर बाजार में शानदार तेजी आई और गोल्‍ड सिल्‍वर के दाम क्रैश हो गए, जिस कारण ईटीएफ भी तेजी से टूटे.  ग्रीनलैंड पर क्‍या दिया बयान?  अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड पर ऐसा समझौता किया जाएगा, जो अमेरिका और नाटो दोनों के लिए अच्‍छा हो. हालांकि उन्‍होंने यह भी स्‍वीकार किया है कि ग्रीनलैंड पर कब्‍जे की कार्रवाई से अमेरिका में यूरोपीय देशों के निवेश पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ सकता है.  ग्‍लोबल टेंशन में कटौती  ट्रंप के इन दोनों बयान के कारण ग्‍लोबल टेंशन थोड़ा कम होते हुए दिखाई दे रहा है. जिस कारण सेफ असेट माने जाने वाले Gold Silver के दाम में गिरावट आई है और सिल्‍वर-गोल्‍ड ईटीएफ के दाम में बिखर गए हैं.  मुनाफावसूली भी वजह  गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ के दाम अपने रिकॉर्ड हाई पर बने हुए थे, लेकिन जैसे ही सोने और चांदी के दाम में गिरावट शुरू हुई निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग करनी शुरू कर दी. सोने और चांदी में प्रॉफिट बुकिंग के साथ ही इनके ईटीएफ में भी प्रॉफिट बुकिंग जारी है. 

नए फीचर्स के साथ 2026 Jeep Meridian एसयूवी लॉन्च, जानें इसकी कीमत और प्रमुख अपडेट्स

मुंबई   प्रीमियम एसयूवी निर्माता कंपनी Jeep India ने 2026 के लिए अपनी Jeep Meridian SUV का अपडेटेड वर्नज लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस एसयूवी को 23.33 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उतारा है. एक बड़ा बदलाव यह भी है कि इस SUV में स्लाइडिंग सेकंड रो सीट्स तक होंगी, लेकिन यह अपडेट SUV के कुछ तीन-रो वेरिएंट तक ही सीमित है, जिनमें Limited और Overland वेरिएंट शामिल हैं. Jeep Meridian को क्या मिला अपडेट जहां पहले वाले वेरिएंट की कीमत 30.01 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है, जबकि इसके टॉप-स्पेक Overland ट्रिम की कीमत 35.61 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. कार की दूसरी लाइन की सीटों में 60:40 स्प्लिट और रिक्लाइन फंक्शन पहले की तरह ही मिलने वाले हैं, हालांकि अब इनमें स्लाइडिंग फंक्शन जोड़ा गया है, जिसके चलते यह सीट 140/130 mm तक आगे-पीछे की जा सकती है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपकी सभी सात सीटें भरी हुई हैं, तो अब आपके पास दूसरी लाइन की सीटों की पोज़िशन को एडजस्ट करने और तीसरी लाइन में बैठने वालों को ज़्यादा आराम देने के लिए ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी है. इससे तीसरी पंक्ति में बैठना और उतरना भी आसान हो जाएगा. Stellantis India के बिजनेस हेड और डायरेक्टर – ऑटोमोटिव ब्रांड्स, कुमार प्रियेश ने कहा कि, "Limited और Overland वेरिएंट में स्लाइडिंग सेकंड-रो सीटों की शुरुआत कस्टमर फीडबैक का सीधा जवाब है, जिसमें तीसरी रो में ज़्यादा आराम की मांग की गई थी, खासकर साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए. यह अपडेट Jeep Meridian की प्रीमियम पोजीशनिंग को पूरा करता है और सोच-समझकर, कस्टमर से प्रेरित सुधार देने पर हमारे फोकस को मज़बूत करता है." Jeep Meridian के फीचर्स इसके अलावा, लुक या फीचर्स के मामले में कार में और कोई बदलाव नहीं किए गए हैं. वेरिएंट के हिसाब से, इस SUV में पैनोरमिक सनरूफ, डुअल-ज़ोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, 12-वे पावर्ड फ्रंट वेंटिलेटेड सीटें और प्रीमियम अपहोल्स्ट्री मिलती रहेगी. कार में 10.25-इंच का फुल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम भी मिलता है, और इसके साथ ही ADAS समेत कई स्टैंडर्ड सेफ्टी टेक्नोलॉजी भी मिलती हैं. Jeep Meridian का इंजन इंजन की बात करें तो, इस SUV में पहले वाला ही 2.0-लीटर टर्बो-डीजल इंजन इस्तेमाल किया गया है, जो 168 bp की पावर और 350 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. ग्राहकों को मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों का ऑप्शन मिलता है, और इसके साथ ही हायर ट्रिम्स में Jeep का सेलेक्ट-टेरेन 4×4 सिस्टम भी मिलता है.

बाजार में लौटी रौनक: निफ्टी 25,340 को पार, सेंसेक्स में 800 अंकों की बढ़त

मुंबई   पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने 22 जनवरी को मजबूती के साथ शुरुआत की. निफ्टी 25,300 के ऊपर खुला, जबकि सेंसेक्स में करीब 600 अंकों की तेजी देखी गई. स्टॉक मार्केट में पिछले दो दिनों से गिरावट देखने को मिल रही थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय साझेदारों पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने के बाद ट्रेड वॉर की चिंताएं कम हुईं हैं. इसके चलते वॉल स्ट्रीट में तेजी आई थी और उसी के साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली. आज GIFT निफ्टी से संकेत मिल रहे थे कि भारत के प्रमुख इंडेक्स में पॉजिटिव शुरुआत हो सकती है. निफ्टी में लगभग 193 अंक या 0.77% की तेजी के साथ शुरुआती कारोबार देखा गया. निफ्टी फ्यूचर्स लगभग 25,368.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे. इससे पहले भारतीय शेयर बाजार ने 21 जनवरी को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रखी. ग्लोबल संकेत कमजोर रहे, जिसमें ग्रीनलैंड को लेकर भू-राजनीतिक तनाव और जापानी सरकारी बॉन्ड में तेज बिकवाली शामिल थी. लगातार बिकवाली के दबाव ने प्रमुख इंडेक्स को आठ महीने में पहली बार उनके 200-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे ला दिया. क्लोजिंग पर सेंसेक्स 270.84 अंक या 0.33% गिरकर 81,909.63 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक या 0.30% की गिरावट के साथ 25,157.50 पर बंद हुआ. इन सेक्टर्स में खरीदारी सभी सेक्टोरल इंडेक्स में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. ऑटो, आईटी, मीडिया, मेटल सेक्टर्स 1 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं. Nifty PSU Bank Index ने 3 दिन की गिरावट तोड़ते हुए 2% की तेजी दिखाई है. निफ्टी में Eternal, Dr Reddy’s Labs, Tata Motors Passenger Vehicles, Asian Paints, Adani Enterprises निफ्टी टॉप गेनर्स हैं, जबकि Nestle, UltraTech Cement, Max Healthcare, NTPC टॉप लूजर्स में शामिल हैं. सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें PSU बैंक और कैपिटल गुड्स इंडेक्स 2% की तेजी के साथ सबसे आगे हैं. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.6% की बढ़त के साथ मजबूती दिखा रहे हैं. एनालिस्ट ने कहा- ‘बाजार में राहत’ मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, VK Vijayakumar, Chief Investment Strategist, Geojit Investments ने कहा, “एक बार फिर ट्रंप अपने पुराने रुख से पीछे हटते दिखे हैं. ग्रीनलैंड को जबरन अपने कब्जे में लेने की धमकी से हटकर अब उन्होंने दावोस में कहा है कि इस पर भविष्य के समझौते का स्टक्चर तैयार हो गया है. इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि अमेरिका ने यूरोप पर टैरिफ न लगाने का संकेत दिया है, जिससे अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर का खतरा टल गया है, जो बाजारों पर दबाव बना रहा था. इसका असर आज बाजार में राहत की तेजी के रूप में दिख सकता है, क्योंकि बाजार में करीब 2 लाख शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स हैं और शॉर्ट-कवरिंग के लिए हालात अनुकूल हैं. तीसरी तिमाही में कंपनियों के मुनाफे पर नए लेबर कोड से जुड़ी एक बार की प्रोविजनिंग का असर पड़ा है, लेकिन बाजार इसे नजरअंदाज करेगा. कल आए नतीजों में Eternal कंपनी बेहतर रही, जहां क्विक कॉमर्स बिजनेस से उम्मीद से ज्यादा रेवेन्यू और मुनाफा देखने को मिला.”