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सीबीआई का बड़ा कदम: अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी पर धोखाधड़ी का आरोप

मुंबई  केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अनिल अंबानी के खिलाफ गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को करीब ₹228 करोड़ का नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। बैंक की शिकायत के अनुसार, अनमोल अंबानी ने अपनी समूह की एक कंपनी के जरिए बैंक से ऋण लिया था। आरोप है कि कंपनी ने समय पर लोन की किस्तें चुकाने में विफलता दिखाई, जिससे बैंक को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ। ₹450 करोड़ की क्रेडिट सुविधा बैंक की शिकायत में बताया गया है कि RHFL ने मुंबई स्थित बैंक की शाखा से अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए ₹450 करोड़ की क्रेडिट लिमिट ली थी। बैंक ने ऋण देते समय कंपनी के लिए कई शर्तें तय की थीं, जैसे: समय पर किस्तें चुकाना, ब्याज और अन्य शुल्क का भुगतान, सभी बिक्री आय को बैंक खाते के माध्यम से रूट करना, ऋण चूक और फंड डायवर्जन। कंपनी ने इन शर्तों का पालन नहीं किया और समय पर किस्तों का भुगतान नहीं किया। 30 सितंबर 2019 को यह खाता NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर दिया गया। बैंक के आदेश पर ग्रांट थॉर्नटन ने 1 अप्रैल 2016 से 30 जून 2019 तक फोरेंसिक ऑडिट किया। ऑडिट में पाया गया कि उधार लिया गया पैसा गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और मूल व्यावसायिक उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में लगाया गया। जय अनमोल अंबानी का रोल क्या था? जब लोन लेकर फंड डायवर्ड किया गया तब जय अनमोल रिलायंस होम फाइनेंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। CBI का कहना है कि उन्होंने और अन्य डायरेक्टर्स ने मिलकर बैंक को गलत जानकारी दी और लोन की शर्तों का उल्लंघन किया। इसके चलते बैंक को 228.06 करोड़ का नुकसान हुआ। CBI ने RHFL, RCFL, अनमोल और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के साथ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। यूनियन बैंक ने खुद इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। ADA ग्रुप पर अलग-अलग बैंकों से धोखाधड़ी को आरोप यूनियन बैंक के अलावा अनिल अंबानी ग्रुप पर SBI, यस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक और PNB जैसे बैंकों के साथ बड़े फ्रॉड केस चल रहे हैं। जून 2025 में SBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित किया, जहां 40,000 करोड़ से ज्यादा लोन डिफॉल्ट हुए। SEBI ने अगस्त 2024 में अनिल अंबानी और 24 अन्य को 5 साल के लिए मार्केट से बैन कर दिया, क्योंकि RHFL से 5,000 करोड़ से ज्यादा फंड्स लोन के नाम पर डायवर्ट किए गए। ED ने अनिल अंबानी को अगस्त और नवंबर 2025 में पूछताछ के लिए बुलाया, जहां 17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड पर सवाल किए गए। धोखाधड़ी का आरोप बैंक ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रमोटर और निदेशक ने खातों में हेरफेर कर फंड का ग़लत इस्तेमाल किया। बैंक की राशि को गलत तरीके से डायवर्ट कर अन्य कार्यों में लगाया गया, जिससे बैंक को ₹228 करोड़ का नुकसान हुआ। CBI अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फंड के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं की तह तक जाएगी। अनिल अंबानी की कंपनियों पर कई मामले चल रहे अनिल अंबानी की कंपनियां पिछले कुछ सालों से लगातार कर्ज और डिफॉल्ट के मामलों में घिरी रही हैं। रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया हो चुकी है। रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंफ्रा भी NCLT में हैं। रिलायंस होम फाइनेंस को भी 2022 में RBI ने स्पेशल ऑडिट के बाद पेनल्टी लगाई थी। अनिल अंबानी की कुल ₹10,117 करोड़ की संपत्ति जब्त पिछले हफ्ते शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों की 1,120 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां अटैच की थी। इससे पहले ED ने 20 नवंबर को अनिल अंबानी से जुड़ी करीब 1,400 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टीज अटैच की थी। वहीं, अलग-अलग कई मामलों में ग्रुप से जुड़ी 10,117 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

भारत को अपनी विकास राह खुद तय करनी होगी: गौतम अदाणी

धनबाद  आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी समारोह के मौके पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने अपने भाषण में संस्थान के छात्रों से कहा कि आज जब वैश्विक गठबंधन टूट रहे हैं और देश अपने हितों को सर्वोपरि मान रहे हैं, ऐसे समय में भारत को अपनी विकास की राह खुद तय करनी होगी। उन्होंने कहा, "भारत की संप्रभुता अब दो स्तंभों पर निर्भर करती है—हमारे पैरों के नीचे की संपदा और वह ऊर्जा जो विकास को गति देती है।" 'नैरेटिव कॉलोनाइजेशन' से सतर्क रहने की जरूरत अपने भाषण में गौतम अदाणी ने चेताया कि "नैरेटिव कॉलोनाइजेशन" से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "जिन देशों ने ऐतिहासिक रूप से सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन किया है, वे अब भारत को यह बताना चाहते हैं कि उसे कैसे विकसित होना चाहिए, जबकि भारत की प्रति व्यक्ति उत्सर्जन दर दुनिया में सबसे कम है।" उन्होंने देश को दूरसे स्वतंत्रता संग्राम के लिए तैयार रहने की बात कही। उन्होंने कहा, "भारत को बाहरी दबावों के आगे नहीं झुकना चाहिए, जो हमारे सपनों को अवैध ठहराते हैं। यह समय भारत के लिए आर्थिक और संसाधन स्वतंत्रता का 'दूसरा स्वतंत्रता संग्राम' है।" उन्होंने कहा, "लोग खनन को पुरानी अर्थव्यवस्था कह सकते हैं। लेकिन इसके बिना, कोई नई अर्थव्यवस्था नहीं है।" आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ऐतिहासिक भूमिका गौतम अदाणी ने इस मौके पर आईएसएम धनबाद के स्वर्णिम इतिहास को भी सराहा। उन्होंने कहा, "आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की स्थापना देश की दूरदृष्टि का परिणाम थी। ब्रिटिश शासन के दौरान भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस संस्थान की स्थापना की सिफारिश की थी, ताकि भारत खनन और भूविज्ञान में अपनी क्षमताएं विकसित कर सके।" अदाणी ग्रुप की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया के कारमाइकल प्रोजेक्ट को कई चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक संचालित किया और गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित किया। गौतम अदाणी ने दिया छात्रों को तोहफा इस मौके पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में नया 'अदाणी 3S माइनिंग एक्सीलेंस सेंटर' शुरू करने की घोषणा की। यह माइनिंग एक्सिलेंस सेंटर TEXMiN के साथ साझेदारी में विकसित किया जाएगा, जिसमें मेटावर्स लैब, ड्रोन बेड़े, भूकंपीय सेंसिंग सिस्टम और सटीक खनन प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। इसके गौतम अदाणी ने छात्रों के लिए पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा भी की। इसके तहत हर साल तीसरे वर्ष के 50 छात्रों को पेड इंटर्नशिप प्रदान की जाएंगी। इसके बाद, इनमें से कम से कम 25% छात्रों को अदाणी समूह के लिए रोजगार-पूर्व प्रस्ताव प्राप्त मिलेंगे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "निर्भीक होकर सपने देखें, लगातार प्रयास करें, इनोवेशन को अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।"

सोने में आई गिरावट, चांदी के बढ़े भाव: MCX पर सोना ₹1,29,684 प्रति 10 ग्राम, ज्वेलरी खरीददारों के लिए राहत की खबर

इंदौर  मंगलवार (9 दिसंबर) को गोल्ड ज्वेलरी खरीदने वालों को थोड़ी राहत मिली है। आज सोने की कीमतों में 0.21 फीसदी की गिरावट आई है जबकि चांदी की कीमत में 0.31 फीसदी की तेजी आई है। खबर लिखे जाने के समय MCX पर सोना 1,29,684 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,82,300 रुपए प्रति किलोग्राम पर है। इंटरनेशनल मार्केट में दोनों धातुओं की कीमत में तेजी जारी है।  कमजोर मांग से दिल्ली में सोना गिरकर 1,32,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर  सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें 300 रुपए गिरकर 1,32,600 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार को 1,32,900 रुपए प्रति 10 ग्राम रही थी। हालांकि, चांदी की कीमतें 1,500 रुपए बढ़कर 1,85,000 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी कर मिलाकर) हो गईं, जो लगातार दूसरे दिन की बढ़त दर्शाता है। पिछले कारोबार सत्र में यह 1,83,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना भाव 0.18 प्रतिशत बढ़कर 4,205.26 डॉलर प्रति औंस हो गया।  मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 10 दिसंबर को नीतिगत बैठक के पहले हाजिर सोना में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया। यह लगभग 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,210 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।'' पीएल वेल्थ मैनेजमेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इंदरबीर सिंह जॉली ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के बीच सोना एक महत्वपूर्ण संपत्ति वर्ग के रूप में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।''

4500 फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद इंडिगो संकट गहरा, एयरपोर्ट्स पर बढ़ी अफरातफरी

 नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संकट आठवें दिन भी जारी है और कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले एक हफ्ते में 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. संकट को लेकर बेशक इंडिगो की तरफ से तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है. दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर अभी भी कई सारे पैसेंजर्स कई घंटे से अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं. यह संकट पायलट्स की फ्लाइट ड्यूटी और रेगुलेशन में बदलाव के बाद शुरू हुआ था. शमशाबाद एयरपोर्ट से आज भी 38 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं जिसकी वजह से यात्री बेहद परेशान दिखे. इससे पहले सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट से 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं थी. वहीं लखनऊ एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की 26 फ्लाइट्स कैंसिल हुई. हालांकि बीते चार दिनों से कैंसिल हो रही उड़ानों की संख्या में कमी आ रही है. इंडिगो मामले में हवाई अड्डे पर हालात पर नज़र रखने के लिए उड्डयन मंत्रालय ने 10 अधिकारियों को अलग-अलग हवाई अड्डे भेजा है. ये अधिकारी अगले 2-3 दिन वहां रहेंगे लोगो को की मदद के लिए जो भी कदम उठाये गए है उसकी निगरानी करेंगे. -चेन्नई एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 42 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 39 रही. -हैदराबाद एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 14 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 44 रही. – यह वीडियो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है जहां इंडिगो की फ्लाइट्स में रुकावट और कैंसलेशन से यात्री परेशान नजर आए. -सूत्रों के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय आज सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स के साथ बैठक करेगा. बीते रोज राम मोहन नायडू द्वारा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की गई थी.  आज सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के शीर्ष अधिकारियों को राजीव भवन में रिव्यू मीटिंग के लिए बुलाया गया है. – बैठक का मुख्य फोकस- इडिगो फियास्को जैसी किसी भी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने पर होगा.रिव्यू के दौरान इंडिगो के संचालन, पैसेंजर लोड, यात्रियों की देखभाल और रिफंड प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी. इंडिगो अपनी सेवाओं को फुल स्ट्रेंथ पर कैसे बहाल करेगा, इस पर भी चर्चा होगी.एयरफेयर कैपिंग के कार्यान्वयन पर अपडेट भी बैठक में लिया जा सकता है. यदि एयरलाइन ऑपरेटरों की कोई चिंता या सुझाव हैं, तो वे भी राजीव भवन की इस बैठक में लिए जाएंगे. सरकार करेगी सख्ती इस बीच सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार IndiGo के विंटर फ्लाइट शेड्यूल में कटौती करेगी और उसके स्लॉट अन्य ऑपरेटरों को आवंटित किए जाएंगे. उन्होंने  कहा, "हम IndiGo के रूट में कटौती करेंगे. वे वर्तमान में 2,200 उड़ानें संचालित कर रहे हैं. हम निश्चित रूप से उनमें कटौती करेंगे." नायडू ने यह भी बताया कि 1 दिसंबर से 8 दिसंबर (शाम 5 बजे तक) के बीच रद्द हुए 7,30,655 पीएनआर (PNR) के लिए 745 करोड़ रुपये का रिफंड दिया जा चुका है. इसके अलावा, 9,000 यात्री बैग में से 6,000 वितरित किए जा चुके हैं, और शेष आज रात या मंगलवार सुबह तक वितरित कर दिए जाएंगे. IndiGo ने मांगी माफी, DGCA करेगा कार्रवाई विमानन सुरक्षा नियामक DGCA ने सोमवार को कहा कि उसे IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोरक्वेरास से कारण बताओ नोटिस का जवाब मिल गया है. नियामक ने बताया कि एयरलाइन ने "गहरा खेद" व्यक्त किया है और ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है. DGCA अब जवाब की जाँच कर रहा है, और उचित माने जाने पर प्रवर्तन कार्रवाई करेगा.

IndiGo के शेयरों में भारी गिरावट, सात दिनों में कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹38,000 करोड़ घटी – निवेशकों के लिए क्या है अगला कदम?

 नई दिल्ली शेयर बाजार में मंगलवार को भी बड़ी गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश (Stock Market Crash) हो गए. वहीं दूसरी ओर भारी संकट से जूझ रही इंडिगो एयरलाइंस के शेयर में गिरावट की रफ्तार थमी जरूर दिखी, लेकिन ये आज भी रेड जोन में बना हुआ है. बीते सात दिनों से जारी IndiGo Crisis के कंपनी का तगड़ा नुकसान हो चुका है और इसके मार्केट कैप (IndiGo Market Value) में 4.3 अरब डॉलर (करीब 38000 करोड़ रुपये से ज्यादा) की गिरावट आ चुकी है. निवेशकों को तगड़ा नुकसान कराने वाले इस शेयर में पैसे लगाने वालों के सामने अब बड़ी उलझन ये है कि इसे बेच दें, होल्ड रखें या फिर और खरीदें?  7 दिन में इंडिगो को बड़ा घाटा  शेयर मार्केट में गिरावट के बीच मंगलवार को IndiGo की पेरेंट कंपनी Interglobe Aviation का शेयर भी लाल निशान पर करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है. बीते कारोबारी दिन इस एयरलाइन स्टॉक ने 9% का गोता लगाया था. इंडिगो फ्लाइट संकट को सात दिन बीत चुके हैं और परिचालन अब तक सामान्य नहीं हो सका है. जहां इस संकट के बीच यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है, तो IndiGo Share में पैसे लगाने वालों को भी तगड़ा घाटा हुआ है.  रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, IndiGo संकट के कारण पिछले सात दिनों में इसके शेयरों में लगभग 17% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है और इसका मार्केट कैप घटकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है. ऐसे में महज 7 दिन में ये 4.3 अरब डॉलर घट गया है. भारतीय रुपये में कैलकुलेशन करें, तो शेयर फिसलने से इसमें पैसे लगाने वालों की दौलत में सीधे 38,708 करोड़ रुपये कम हो गए हैं.  इंडिगो की इनकम में आएगी गिरावट!  फ्लाइट कैंसिलेशन, रेग्युलेटरी एक्शन और शेयर क्रैश के साथ ही अब लगातार इंडिगो एयरलाइंस के लिए झटके वाली खबरें आ रही हैं. ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि अगर ये संकट कुल मिलाकर लगभग 15 दिनों तक चलता है, तो अगले मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी की इनकम में 8-9% की गिरावट आ सकती है और इसमें सरकार द्वारा लगाए जाने वाले किसी भी जुर्माने को शामिल नहीं किया जाएगा. मूडीज रेटिंग्स (Moody's Rating) ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि इंडिगो को बड़ा वित्तीय नुकसान हो सकता है. कई ब्रोकरेज दे रहे शेयर खरीद की सलाह एक ओर जहां IndiGo Sharez निवेशकों का नुकसान करा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर दुनिया के दिग्गज ब्रोकरेज इस स्टॉक को खरीदने की सलाह भी दे रहे हैं. भारतीय एविएशन मार्केट में 65% हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो एयरलाइंस की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के लिए विदेशी ब्रोकरेज UBS ने Buy Rating दी है, लेकिन इसका टारगेट प्राइस घटाकर 6,350 रुपये कर दिया है. तो वहीं जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह देते हुए टारगेट को  31 फीसदी के करीब बढ़ाकर 7,025 रुपये कर दिया है. 

डोनाल्ड ट्रंप का संकेत: चावल पर लग सकता है Tariff, शेयर बाजार में भारी गिरावट

मुंबई  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी कर ली है और इस बार सीधा निशाना भारत समेत कई देशों से किया जाने वाला एग्रीकल्चर इंपोर्ट है. रिपोर्ट की मानें, तो ट्रंप अमेरिका को चावल निर्यात करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल भारत, थाईलैंड और चीन जैसे देशों पर नए टैरिफ (Trump Rice Tariff) लगाने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं. ट्रंप के इन संकेतों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है और खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी बिखर गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 600 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा है, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते ही 200 अंक से ज्यादा फिसल गया.  सेंसेक्स 85000 के नीचे फिसला शेयर बाजार में ट्रंप के नए टैरिफ का डर साफ देखने को मिला है और खुलने के साथ ही दोनों इंडेक्स बिखरे हुए नजर आए. बात बीएसई के सेंसेक्स की करें, तो ये अपने पिछले बंद 85,102.69 की तुलना में फिसलकर 84,742.87 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में तेजी से फिसलते हुए 610 अंक टूट गया और 84,492 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया.  सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी का भी हाल बेहाल दिखा. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद  25,960.55 के मुकाबले फिसलकर 25,867.10 पर खुला और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट आने लगी और सेंसेक्स की तरह ये भी 200 अंक से ज्यादा टूटकर 25,758 पर आ गया.  ट्रंप की नई टैरिफ धमकी का दिखा असर! बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने के संकेत दिए हैं और इस बार उनका निशाना एग्रीकल्चर इंपोर्ट पर है. चावल की डंपिंग से अमेरिकी किसोनों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ बम फोड़ सकते हैं. इसके बाद से चावल निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है. कुछ शेयरों का जिक्र करें, तो LT Foods Share अचानक 7.80% की गिरावट के साथ 362 रुपये पर आ गया, तो वहीं KRBL Ltd Share करीब 2 फीसदी फिसल गया.  1343 शेयर खुलते ही हुए धड़ाम शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की खराब शुरुआत के बीच जहां करीब 847 कंपनियों के शेयरों ने हरे निशान पर शुरुआत की, तो वहीं 1343 कंपनियों के शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले हल्की या तेज गिरावट लेकर खुले. वहीं 164 शेयरों की स्थिति में कोई चेंज देखने को नहीं मिला. बाजार में गिरावट बढ़ने पर BSE Large Cap कैटेगरी में शामिल 30 में से 28 शेयर गिरावट के साथ रेड जोन में ट्रेड कर रहे थे. ये 10 शेयर सबसे ज्यादा फिसले बात करें, सबसे ज्यादा टूटने वाले 10 बड़े शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप में शामिल Asian Paint Share (3.50%), Trent Share (2%), BEL Share (1.35%) गिरकर कारोबार कर रहा था. वहीं दूसरी ओर मिडकैप  कंपनियों में ITC Hotels Share (4.72%), Coforge Share (4.11%), IPCA Lab Share (3.62%), GoDigit Share (3.53%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Panorama Share (10%), LT Foods Share (7.80%), Tanaa Share (7%) तक टूट गया. 

स्मार्ट टीवी और स्मार्टफोन की कीमतों में जल्द ही बढ़ोतरी, इन कारणों से होंगे महंगे

नई दिल्ली सितंबर 2025 में GST कट में कई प्रोडक्ट्स की कीमत कम हुई. इन प्रोडक्ट्स की लिस्ट में Smart TV भी हैं, जिन पर पहले 28 फीसदी GST लगता था. अब इन स्मार्ट टीवी पर 18 परसेंट GST लगता है. GST कम होने के साथ ही स्मार्ट टीवी भी सस्ते हुए है, लेकिन अब इनकी कीमत बढ़ सकती है.  स्मार्ट टीवी की कीमत बढ़ने की दो वजह हैं. एक तो स्मार्ट टीवी में इस्तेमाल होने वाले AI चिप और दूसरा लगातार गिरता रुपया. दोनों ही वजह से टीवी की कीमत आने वाले दिनों बढ़ सकती है.  डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया सबसे पहले बात करते हैं रुपया की, जो अपने निचले स्तर पर पहुंचा हुआ है. रुपया डॉलर के मुकाबले 90 के पार पहुंच गया है. जिन प्रोडक्ट्स को इंपोर्ट किया जाता है, उनकी कीमत पर इसका असर होगा. SPPL के CEO अवनीत सिंह मरवाह ने बताया कि रुपये के गिरने और मेमोरी चिप्स की कीमत बढ़ने से GST का जो फायदा लोगों को मिला था, उसके पूरी तरह से खत्म होने का डर नजर आने लगा है.  उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों में मेमोरी चिप्स की कीमत 6 गुना तक बढ़ गई है. इसकी वजह से टीवी की कीमतों में GST कट की वजह से जो रियायतें मिली थी, वो खत्म हो सकती हैं. इसकी वजह से टीवी की मांग जो हाल में बढ़ी थी, उसे झटका लग सकता है.  फ्लैश मेमोरी की शॉर्टेज दरअसल, पिछले कुछ वक्त से बाजार में फ्लैश मेमोरी की शॉर्टेज है. इसका असर सिर्फ टीवी के बाजार पर ही नहीं बल्कि स्मार्टफोन्स पर भी देखने को मिल रहा है. बीते कुछ दिनों में लॉन्च हुए ज्यादातर फोन्स अपने पिछले वर्जन से मुकाबले काफी ज्यादा कीमत पर आए हैं.  इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि DDR3 और DDR4 मेमोरी चिप्स की सप्लाई कम हुई है. इसकी वजह AI डेटा सेंटर हैं. AI डेटा सेट्स में DDR6 और DDR7 चिप्स का इस्तेमाल होता है. लेकिन मांग बढ़ने से चिप मेकर्स सप्लाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं.  ऐसे में चिप्स की कमी को पूरा करने के लिए AI डेटा सेंटर्स को DDR3 और DDR4 चिप्स भी सप्लाई किए जा रहे हैं. इसकी वजह से स्मार्टफोन और स्मार्ट टीवी मेकर्स को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. ज्यादातर फ्लैश मेमोरी चीन से इंपोर्ट होती हैं. इनका इस्तेमाल टीवी, मोबाइल, लैपटॉप, फ्लैश ड्राइव और USB डिवाइसों में होता है.

Starlink का सैटेलाइट इंटरनेट भारत में उपलब्ध, कीमतें इतनी

नई दिल्ली Elon Musk का स्टारलिंक दुनिया भर में पॉपुलर है. भारत लॉन्च को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही है. अब फाइनली इस सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के प्लान सामने आ चुके हैं. जो लोग सोच रहे थे कि ये सस्ता इंटरनेट होगा, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. Starlink India की वेबसाइट के मुताबिक भारत में Starlink के प्लान्स 8600 रुपये से स्टार्ट होंगे. इतना ही नहीं, हार्डवेयर किट के लिए यूजर्स को 34000 रुपये अलग से देने पड़ेंगे. खरीदने के बाद आप इसे खुद से भी सेटअप कर सकते हैं. कंपनी के मुताबिक सेटअप करने के बाद आपका इंटरनेट काम करना शुरू कर देगा. हालांकि कंपनी 30 दिन का ट्रायल भी दे रही है. Starlink का दावा है कि ये सर्विस 99.9% अपटाइम के साथ आती है और इंटरनेट डिसरप्शन का सवाल ही नहीं है. इतना ही नही कंपनी ने स्टेब्लिटी का भी बड़ा दावा किया है. इसे देश के किसी कोने में लगाया और यूज किया जा सकता है. क्योंकि ये इंटरनेट Elon Musk के स्टारलिंक सैटेलाइट बेस्ड है. हालांकि ये अभी लिमिटेड जगहों पर है. 30 दिन के ट्रायल के दौरान यूजर्स को अनलिमिटेड डेटा मिलेगा. Stralink India वेबसाइट पर जा कर आप प्लान और एवेलिब्लिटी चेक कर सकते हैं. वेबसाइट पर लोकेशन के हिसाब से अलग अलग प्लान और प्रोमोशनल ऑफर्स देख सकते हैं. गौरतलब है कि ये प्लान सिर्फ रेसिडेंशियल यूजर्स के लिए है, क्योंकि ये कंपनी अलग अलग प्लान्स ऑफर करती है. उदाहरण के तौर पर Starlink का Roam प्लान भी है. इसके तहत यूजर्स Starlink एंटेना किट अपने साथ ले कर कहीं भी जा सकते हैं. Starlink के एंटेना किट कोे कार के ऊपर भी माउंट करने की सुविधा होती है. हालांकि भारत में कंपनी कौन कौन सी सर्विस ऑफर करेगी ये पूरी तरह से साफ नहीं है. लेकिन दूसरे देशों में ये सर्विसेज मिलती हैं.  Starlink India की वेबसाइट पर एवेलिब्लिटी के लिए आपको पिन कोड डालना होगा. हालांकि जितने पिन कोड्स हमने ट्राई किए हैं सभी में ये बताया जा रहा है कि अभी आपके लोकेशन पर सर्विस एवेलेबल नहीं है. ईमेल आईडी एंटर करने पर जैसे ही ये सर्विस स्टार्ट होगी आपको नोटिफिकेशन के जरिए कंपनी इनफॉर्म करेगी.     

उड़ानों में रद्दीकरण का सिलसिला जारी, इंडिगो ने अब तक दिए 827 करोड़ रुपये रिफंड

मुंबई  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन सोमवार को भी सामान्य नहीं हो सका है। हालिया उड़ान संकट के बीच एयरलाइन ने बताया है कि वह अब तक यात्रियों को ₹827 करोड़ रुपये का रिफंड जारी कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है। दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट से 500 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। एक दिन पहले भी इंडिगो ने 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी थीं। हालांकि कंपनी का दावा है कि उसने अपनी कुल 2,300 दैनिक उड़ानों में से लगभग 1,650 उड़ानें संचालित की हैं। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि हालात धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं और 10 दिसंबर तक संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। संसद में उठा मामला राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ कहा कि इंडिगो में उत्पन्न संकट की वास्तविक वजह इसके क्रू रोस्टरिंग और आंतरिक प्लानिंग सिस्टम में गंभीर दिक्कतें थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि इससे यात्रियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। मंत्री ने चेतावनी दी- “हम इसे हल्के में नहीं लेंगे। जांच जारी है और हम ऐसा कड़ा कदम उठाएंगे जो अन्य एयरलाइनों के लिए मिसाल बने।” सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार किया इधर, इंडिगो के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में पहले ही कदम उठा चुकी है। अब याचिका की सुनवाई 10 दिसंबर को होगी। पायलट पर्याप्त, लेकिन ‘बफर’ स्टाफ की कमी : इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि मौजूदा संकट के कारणों की पहचान के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) व्यवस्था लागू होने से क्रू प्लानिंग में बफर की कमी गंभीर समस्या बन गई। उन्होंने दावा किया “हमारे पास पायलटों की कमी नहीं है। बस अन्य एयरलाइनों की तुलना में बफर स्टाफ कम था।” संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी समिति भी जल्द ही इंडिगो और DGCA अधिकारियों को तलब कर सकती है। DGCA ने इंडिगो के CEO को 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया DGCA ने इंडिगो के सीईओ और accountable manager को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे और दे दिए हैं। कंपनी प्रबंधन ने समय बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसके बाद उन्हें सोमवार शाम तक जवाब देने की अनुमति दी गई।

लोन लेने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, इन 5 बैंकों ने इंटरेस्ट रेट कम किया

नई दिल्ली भारतीय रिज़र्व बैंक की चौथी रेपो कटौती के बाद देशभर में लोन मार्केट तेजी से बदल गया है. 25 बेसिस पॉइंट की ताज़ा कमी ने बैंकों को ब्याज दरें घटाने पर मजबूर किया है, जिससे ग्राहकों की होम, कार और पर्सनल लोन EMI में सीधी राहत मिल रही है. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों के मोर्चे पर लगातार अपनी आक्रामक नीति जारी रखी है. बीते सप्ताह केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती किए जाने के बाद, देश में ऋण लेने का माहौल बदल गया है. इस कदम ने बैंकों को अपनी दरों को समायोजित करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे आम ग्राहकों के लिए होम, कार और पर्सनल लोन की लागत कम हो गई है. चौथी कटौती के बाद रेपो रेट कितना हुआ? RBI का यह फैसला साल 2025 में रेपो रेट में चौथी बार की गई कटौती है. फरवरी में शुरू हुई इस कटौती की श्रृंखला ने नीतिगत दर को अब 5.25% के स्तर पर ला दिया है. कुल मिलाकर, इस वर्ष अब तक 1.25% की संचयी कमी दर्ज की गई है. RBI ने मुद्रास्फीति को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने के बाद यह कदम उठाया है, जिससे विकास को बढ़ावा देने का रास्ता साफ हुआ है. किन 5 बैंकों ने सस्ता किया लोन?    बैंक का नाम कटौती नई दरें लागू मुख्य विवरण बैंक ऑफ इंडिया (BOI) RBLR में 25 bps की कटौती 5 दिसंबर से RBLR 8.35% से घटकर 8.10% हुई. इंडियन बैंक (Indian Bank) RBLR में 25 bps; MCLR में 5 bps की कटौती 6 दिसंबर से RBLR 8.20% से घटकर 7.95% हुई. बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) रेपो-बेस्ड लेंडिंग रेट में 25 bps की कटौती 6 दिसंबर से दर 8.15% से घटकर 7.90% हुई. करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) MCLR में 10 bps की कटौती 7 दिसंबर से MCLR 9.55% से घटकर 9.45% हुई. बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM) रेपो-लिंक्ड रिटेल लोन में 25 bps की कटौती 6 दिसंबर से होम लोन 7.10% से और कार लोन 7.45%से शुरू. यह ब्याज दर कटौती उन सभी ग्राहकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जिनके ऋण रेपो रेट से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी मंथली किस्तें (EMIs) कम होंगी और लोन लेना अब अधिक आकर्षक हो जाएगा.