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अब्दू रोजिक का खुलासा: बिग बॉस से एक भी पैसा नहीं मिला, टीम पर लगाया धोखे का आरोप

सलमान खान के शो बिग बॉस में जो भी आया है, उसे फायदा जरूर मिला है. पैसा हो या काम, बिग बॉस शो ने हर किसी की किस्मत पलटी है. ताजिकिस्तान वाले अब्दू रोजिक भी साल 2022-23 में सलमान के शो पर आए थे. यहां उन्हें लोगों का बेशुमार प्यार मिला. लेकिन अब्दू ने बिग बॉस से एक भी रुपये की कमाई नहीं की थी. अब्दू को मिला धोखा हाल ही में अब्दू रोजिक ने हाउस ऑफ जेन पॉडकास्ट में बताया कि उनकी टीम ने उनका गलत फायदा उठाया. जो लोग उनके काम को मैनेज किया करते थे, उन्होंने अब्दू को ठगा और उनके सारे पैसे हड़प लिए. अब्दू ने कहा- इस दुनिया में लोगों को आपकी परवाह नहीं होती. मैंने उनके साथ तीन-चार साल काम किया. उन्होंने मुझे आगे बढ़ने में मदद की, लेकिन मैंने जो शो किए, उनसे मिलने वाला पैसा उन्होंने ले लिया. सोचिए, बिग बॉस के लिए मुझे एक डॉलर भी नहीं मिला. उन्होंने मुझे बुरी तरह धोखा दिया. उन्होंने मेरा सब कुछ ले लिया. अब्दू का ये भी कहना है कि कई लोग सोशल मीडिया पर उनकी लाइफस्टाइल देखकर ये सोचते हैं कि वो काफी अमीर हैं. मगर हकीकत एकदम उलटी है. बिग बॉस फेम ने कहा- जब लोग मुझे देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि मैं करोड़पति हूं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि मैं कितना बोझ ढो रहा हूं. कैमरे के सामने आप खुश, मुस्कुराते हुए, तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन घर जाते ही सारी परेशानियों का तनाव महसूस करते हैं. 'लोग सोचते हैं कि मैं बहुत अमीर हूं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि मेरे पास न तो कार है और न ही घर. अच्छे लोगों के साथ काम करना बहुत जरूरी है. मेरी बस यही गुजारिश है कि लोग ईमानदार रहें और साफ-सुथरा काम करें. मुझे धोखा न दें. शायद मेरी लंबाई की वजह सें लोग मुझे कम आंकते हैं और सोचते हैं कि वो मुझे बेवकूफ बना सकते हैं. लेकिन असल में, मैं उनकी हर चाल समझ जाता हूं. हमें बहुत सावधानी बरतनी चाहिए कि हम किस पर भरोसा करते हैं और किसके साथ व्यापार करते हैं.' हाईट बनी अड़चन अब्दू ने आगे ये भी बताया कि कैसे उनकी शारीरिक बनावट के कारण लोग अक्सर उन्हें कम आंकते हैं और धोखा देते हैं. उन्हें ग्रोथ हार्मोन डेफिशियेंसी नाम की बीमारी है, जिसमें उनका कद उम्र के हिसाब से छोटा है. उन्होंने कहा, 'जब भी मैं काम के लिए बाहर जाता हूं, लोग मुझसे सीधे बात नहीं करते. वो मान लेते हैं कि मुझे बातें समझ नहीं आतीं और वो अपनी टीम से बात करना पसंद करते हैं. मैं देखता हूं कि वो दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं और मेरे साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इसमें कितना अंतर है.'

‘पंचायत’ फेम रघुबीर यादव ने साझा किया जीवन संघर्ष, थिएटर से फिल्मी सफर तक की कहानी

पर्दे पर सच्चाई से किरदार में ढलने वाले कलाकार बहुत गिने-चुने होते हैं. एक्टर रघुबीर यादव उन्हीं में से एक हैं. पॉपुलर सीरीज 'पंचायत' में उनके शानदार और दिल को छू लेने वाले 'प्रधान जी' के किरदार को लोगों ने काफी पसंद किया. उनकी सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया. लेकिन पहचान हासिल करना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं रहा. इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मुश्किलों का सामना किया है. एक्टर का छलका दर्द हाल ही में एक्टर ने अपने लंबे और चैलेंजिंग सफर को याद किया. उन्होंने बताया कि एक समय पर वो दिन के महज ढाई रुपये पर गुजारा करते थे. कई दफा भूखे सोते थे मीडिया  बातचीत में उन्होंने अपने मुश्किल दिनों पर कहा- एक्टिंग आसान नहीं है, लेकिन इसमें मजा आता है. लोग इसे स्ट्रगल कहते हैं, लेकिन मैंने अपनी जिंदगी को कभी संघर्ष नहीं माना. मैंने कड़ी मेहनत की और इस पूरे प्रोसेस को एन्जॉय किया. उन्होंने ये भी कहा कई स्टार्स 'संघर्ष' शब्द को अक्सर ग्लोरिफाई करके दिखाते हैं. इसपर उन्होंने अपनी राय देते हुए कहा- हर आर्ट वर्क में प्रैक्टिस की जरूरत होती है. चाहे आप संगीतकार हों, डांसर हों या एक्टर.. आपको सीखते रहना पड़ता है और रिहर्सल करनी पड़ती है. आज भी मुझे लगता है कि अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है. मेरे लिए, जिंदगी हमेशा एक स्कूल रही है, सीखने की एक जगह. थिएटर जर्नी की कैसे हुई शुरुआत? उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनकी एकेडमिक जर्नी ने शुरुआत में ही एक ऐसा मोड़ लिया, जिसने आगे चलकर उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी. एक सिक्योर फ्यूचर की उम्मीद में उन पर साइंस पढ़ने का दबाव था, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हो गया था कि उनके लिए बोर्ड परीक्षाएं पास करना नामुमकिन है. इस एहसास ने उन्हें एक बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया था. इस बारे में बात करते हुए वो बोले- मुझे पहले से ही पता था कि मैं फेल होने वाला हूं. परीक्षा के नतीजों से घबराकर मैंने अपने एक दोस्त के साथ घर छोड़ने का फैसला किया और ललितपुर चला गया. वहां एक्टर अन्नू कपूर के पिता की एक थिएटर कंपनी परफॉर्म कर रही थी. ढाई रुपये पर किया गुजारा इस तरह थिएटर में उनकी शुरुआत हुई. मदनलाल कपूर की इस कंपनी ने उन्हें ढाई रुपये रोजाना पर रख लिया था. हालांकि, वो मामूली रकम भी हमेशा समय पर या पूरी नहीं मिलती थी. उन्होंने बताया- मुझे रोजाना ढाई रुपये मिलते थे, लेकिन कभी-कभी इससे भी कम मिलते थे. हम आटा और टमाटर खरीद लेते थे, फिर रोटी-चटनी खाकर गुजारा करते थे. जब कोई खाना चुरा लेता था और खाने को कुछ नहीं बचता था, तब हालात और भी ज्यादा मुश्किल हो जाते थे. 20 साल तक गांव से बनाई दूरी एक्टर ने बताया कि इसी दौरान उन्होंने उर्दू सीखी, अपनी प्रोनन्सिएशन सुधारी और खुद को संगीत और थिएटर में पूरी तरह डुबो दिया. उन्होंने उस दौर के काफी भावुक पल को भी याद किया. उन्होंने बताया कि घर छोड़ने के बाद उन्होंने अपने पिता को लेटर लिखकर भरोसा दिलाया था कि वो कभी भी परिवार का नाम बदनाम नहीं करेंगे. 6 महीने बाद वो कुछ समय के लिए घर लौटे थे, लेकिन एक रिश्तेदार के ताने ने उनकी राह फिर से बदल दी. रिश्तेदार ने उन्हें ताना मारते हुए कहा था- हमें लगा था कि अब तुम सीधे सिनेमा के पर्दे पर ही दिखोगे. ये सुनकर उन्हें इतनी शर्मिंदगी महसूस हुई कि वो उसी रात दोबारा घर छोड़कर चले गए. इसके बाद वो करीब 20 साल तक अपने गांव से दूर रहे.

‘माइकल’ ने रचा इतिहास: बनी दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली म्यूजिक बायोपिक

  माइकल जैक्सन पर बनी बायोपिक 'माइकल' दुनियाभर में जबरदस्त कमाई कर रही है। इस फिल्म ने एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा है। यह फिल्म ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली म्यूजिक बायोपिक बन गई है। इसने 'बोहेमियन रैप्सोडी' को पीछे छोड़ दिया है। 'माइकल' का कुल कलेक्शन 'माइकल' 24 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद से इस फिल्म ने दुनिया भर में 911.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। इसने 'बोहेमियन रैप्सोडी' की कुल ग्लोबल कमाई (910.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स के मर्जर से बढ़ेगा कंपटीशन, कंज्यूमर को होगा फायदा; एजेंसी ने निकाले ये निष्कर्ष घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कर रही कमाल दुनिया भर में मिली सफलता के अलावा, 'माइकल' घरेलू बॉक्स ऑफिस पर भी अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बायोपिक बन गई है। फिल्म की इस नई कामयाबी ने प्रोड्यूसर ग्राहम किंग के लिए एक और उपलब्धि जोड़ दी है। उन्होंने ऑस्कर जीतने वाली 'बोहेमियन रैप्सोडी' को भी प्रोड्यूस किया था। फिल्म की स्टारकास्ट 'माइकल' के निर्देशक एंटोनी फुक्वा हैं। फिल्म में माइकल जैक्सन के भाई जर्मेन जैक्सन के बेटे जाफर जैक्सन मुख्य भूमिका में हैं। जूलियानो क्रू वाल्डी ने युवा माइकल जैक्सन का किरदार निभाया है। क्या है फिल्म की कहानी? यह फिल्म 'किंग ऑफ पॉप' कहे जाने वाले दिवंगत माइकल जैक्सन के जीवन और करियर की कहानी दिखाती है। यह कहानी 1988 में खत्म होती है और इसमें जैक्सन के ग्लोबल सुपरस्टार बनने के सफर पर फोकस किया गया है।  

‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद पर कॉमेडियन प्रणित मोरे ने मांगी माफी

स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने गुरुग्राम में हुए अपने कॉमेडी शो से जुड़े '370 रुपये की बिरयानी' विवाद पर माफी मांगी है. हर तरफ से मिल रही नफरत और विवाद को बढ़ता देख प्रणित ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अब एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो अपनी गलती को स्वीकार करते दिखे. उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी भी मांगी है. प्रणित ने ये भी बताया कि उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया था, इसलिए वो अब सभी से माफी मांग रहे हैं. प्रणित ने मांगी माफी वीडियो में प्रणित ने कहा कि वो इस ट्र्रोलिंग के हकदार हैं, क्योंकि वो उस लड़के को ऐसे बयान देने से रोक सकते थे, लेकिन इसके बजाय उन्होंने उसे एक मंच दे दिया, जिससे चीजें और बढ़ गईं. उन्होंने दर्शकों से उन्हें एक मौका देने की रिक्वेस्ट की और भरोसा दिलाया कि वो एक बेहतर इंसान बनेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वो अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को लेकर अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं. माफी मांगते हुए प्रणित बोले- मैं यह बात काफी समय से करना चाहता था, लेकिन मेरा इंस्टाग्राम सस्पेंड हो गया था. आप सबने मेरा क्राउड वर्क देखा होगा, जिसकी वजह से मुझे काफी नफरत मिल रही है और मुझे लगता है कि मैं शायद यह नफरत डिजर्व भी करता हूं. प्रणित आगे बोले-  जब मैं उस लड़के के साथ क्राउड वर्क कर रहा था, उसने काफी अपमानजनक बातें बोली थीं और सब लोग उस पर हंस रहे थे, तो मैं भी बहक गया. मुझसे समझने में चूक हुई.  मुझे लगता है कि यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी. मैं चाहता तो उसे वहीं रोक सकता था, स्टैंड ले सकता था, जो मैं नहीं कर पाया. 'मैंने उसे एक प्लेटफॉर्म दिया जिससे चीजें इतनी बढ़ गईं. जिनको भी इस वजह से ठेस पहुंची है, उन सब से मैं माफी मांगना चाहता हूं. जो भी कानूनी कार्रवाई मेरे खिलाफ चल रही है, उनमें मैं अधिकारियों के साथ सहयोग भी कर रहा हूं. मैं आपसे बस यही रिक्वेस्ट करता हूं कि मुझे एक और चांस दें. मैं बेहतर इंसान बन कर दिखाऊंगा. 370 रुपये की बिरयानी पर क्यों छिड़ा विवाद? दरअसल, प्रणित मोरे के कॉमेडी शो में हिमांशु जांगड़ा नाम के एक लड़के ने कहा था कि उसने डेट पर एक लड़की को 370 रुपये की बिरयानी खिलाई थी, जिसके बदले वो लड़की संग फिजिकल रिलेशन बनाकर उससे वो पैसे वसूलना चाहता था. हिमांशु ने लड़की के लिए कहा था- मेरे 370 रुपये लगे हैं, उन्हें वसूल तो करूंगा. हिमांशु ने 370 रुपये वसूल करने के लिए लड़की संग इंटीमेट होने की कोशिश भी की. लड़की को लेकर हिमांशु के भद्दे कमेंट्स को प्रणित सपोर्ट करते दिखे थे. वो उसमें काफी दिलचस्पी ले रहे थे. वीडियो क्लिप देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर कई लोगों ने आपत्ति जताई और महिलाओं के प्रति इसे बड़ा अपमान मानते हुए प्रणित के खिलाफ लीगल एक्शन की मांग की. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही थी ये बात बता दें कि प्रणित मोरे का माफीनामा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद आया है. देवेंद्र फडणवीस ने प्रणित की कंट्रोवर्सी पर कहा था- हर कोई स्टैंड-अप कॉमेडी का आनंद लेता है और मैं खुद भी इसे देखता हूं, लेकिन मनोरंजन के चक्कर में सामाजिक सीमाओं या गरिमा का उल्लंघन करना सही नहीं है.

‘तुम देना साथ मेरा’ में बड़ा ट्विस्ट: अपराजिता को मिला सरप्राइज, रक्षित से बढ़ी दोस्ती

शो ‘तुम देना साथ मेरा’ की कहानी में इन दिनों लगातार नए ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं. एपिसोड की शुरुआत में अपराजिता, रक्षित पर नाराज होती नजर आती है. उसे लगता है कि रक्षित ने उसकी निजी कहानी पूरे ऑफिस में फैला दी है. लेकिन जल्द ही उसे सच्चाई का पता चलता है. दरअसल, ऑफिस के सभी कर्मचारी अपराजिता के लिए एक सरप्राइज प्लान कर रहे थे. सभी लोग तालियां बजाकर उसका स्वागत करते हैं. रक्षित सबके सामने अपराजिता की तारीफ करते हुए बताता है कि उसने कंपनी की कंसाइनमेंट और शास्त्री की साड़ी को बचाकर बड़ी जिम्मेदारी निभाई है. अपराजिता बनेगी रक्षित की दोस्त कर्मचारियों की तारीफ देखकर अपराजिता भावुक हो जाती है. बाद में सभी के कहने पर रक्षित और अपराजिता मिलकर सेलिब्रेशन केक काटते हैं. हालांकि यह सब देखकर इरा खुश नहीं होती. जश्न खत्म होने के बाद अपराजिता, रक्षित से उसके केबिन में मिलती है और हमेशा उस पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद कहती है. रक्षित उसे समझाता है कि उसकी नई जिंदगी का सफर आसान नहीं होगा. अपराजिता भी जवाब देती है कि वह हर मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार है. बातचीत के दौरान अपराजिता, रक्षित से दोस्ती का हाथ बढ़ाती है. ललित और उसकी मां ने बढ़ाई अपराजिता की मुश्किलें दूसरी तरफ मंदिर में सुधा और चंद्रभागा की मुलाकात होती है. बातचीत के दौरान चंद्रभागा, मालती को बुलाकर ललित की बदलती सोच और उसके प्रयास दिखाती है. अपराजिता को पता चलता है कि ललित और उसकी मां उसके पड़ोस में आकर रहने लगे हैं. आने वाले एपिसोड में मालती, अपराजिता को कुबेर कलेवा रस्म के लिए तैयार होने को कहेगी. वहीं ललित बिना बुलाए वहां पहुंच जाएगा और अपराजिता को साड़ी गिफ्ट करेगा. कहानी में बड़ा मोड़ तब आएगा जब अपराजिता ललित को तलाक का नोटिस थमा देगी. इसके बाद मालती कहेगी कि अगर अपराजिता केस वापस नहीं लेती है तो उसे घर छोड़ना पड़ेगा.

रवि किशन का रिएक्शन: रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से फिर चर्चा में आई पुरानी भोजपुरी फिल्म

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धु्रंधर के दोनों पार्ट पर दुनियाभर के लोगों ने जमकर प्यार लुटाया. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर चुन-चुनकर रिकॉर्ड तोड़ डाले. अब इस फिल्म के बीच एक्टर रवि किशन की भी मौज हो गई. इसके पीछे की वजह खुद एक्टर ने बताई है. दरअसल साल 2014 में आई रवि किशन की फिल्म 'धुरंधर: द शूटर', रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर के आने के बाद से अचानक सुर्खियों में आ गई. उस दौरान भोजपुरी 'धुरंधर' के सीन सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे थे. लोगों ने तो इसे ही बॉलीवुड की धुरंधर का रीमेक तक बता दिया. अब इस पर रवि किशन ने रिएक्ट किया है. रवि किशन ने क्या कहा? धमाल 4 के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान रवि किशन से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह मुस्कुराते हुए अपनी बात रखी. रवि किशन ने अपने खास और देसी अंदाज में जवाब देते हुए कहा, 'हां भाई, मुझे इस बात की पूरी खबर है. मेरी जिंदगी में ऐसी धमाकेदार और अजीबोगरीब चीजें अक्सर होती रहती हैं.' उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने बहुत पहले 'धुरंधर' नाम की फिल्म में काम किया था और उसका जोन भी कुछ वैसा ही था, जैसी 2025-26 में आई बॉलीवुड वाली 'धुरंधर' है. हालांकि, उनकी फिल्म भोजपुरी में थी और उसे एक सीमित बजट के साथ बनाया गया था. हंसते हुए रवि किशन ने आगे कहा कि आज के समय में बॉलीवुड की 'धुरंधर' को ढूंढने के चक्कर में या फिर उस फिल्म की जबरदस्त लहर की वजह से लोगों ने उनकी पुरानी भोजपुरी 'धुरंधर' को भी पूरा देख डाला. इसके लिए उन्होंने दर्शकों का हंसते हुए शुक्रिया अदा किया. मजाकिया लहजे में चुटकी लेते हुए रवि किशन बोले, 'मेरी इस फिल्म के जो प्रोड्यूसर्स और राइट्स होल्डर्स हैं, वो तो इस चक्कर में रातोरात अचानक करोड़पति बन गए हैं.' बता दें कि भोजपुरी फिल्म धुरंधर: द शूटर को दीपक तिवारी ने डायरेक्ट किया था. इसमें रवि किशन ने पुलिस ऑफिसर का रोल किया था. उनके किरदार का नाम रणवीर था. धमाल 4 का ट्रेलर हुआ रिलीज बीते दिन मुंबई के पास एक एम्यूजमेंट पार्क में जब फिल्म 'धमाल 4' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान मूवी की स्टारकास्ट जुटी. इस खास मौके पर अजय देवगन, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, उपेंद्र लिमये और मशहूर भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन के साथ-साथ बाल कलाकार रियांश डाभी और अक्षरा पडवाल भी मौजूद रहे. फिल्म के प्रोड्यूसर भूषण कुमार, अशोक ठकेरिया और डायरेक्टर इंद्र कुमार ने भी इस इवेंट में शिरकत की. फिल्म 10 जुलाई को रिलीज होने वाली है.

बिग बॉस 20 की तैयारियां शुरू, सलमान खान के शेड्यूल में फिल्म शूटिंग भी शामिल

सुपरस्टार होस्ट सलमान खान की वजह से बिग बॉस इंडियन टीवी के सबसे फेमस और सफल रियलिटी शो में से एक बना हुआ है. गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, अमाल मलिक, तान्या मित्तल और बसीर अली जैसे लोकप्रिय कंटेस्टेंट्स के साथ सुर्खियां बटोरने वाले बेहद सफल 19वें सीजन के बाद, मेकर्स अब अगले चैप्टर की तैयारी कर रहे हैं. इस जोश को बनाए रखने के लिए, वे आने वाले खास 20वें सीजन को और भी बड़ा और ड्रामैटिक बनाने की योजना बना रहे हैं. वैरायटी इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिग बॉस का नया सीजन 21 सितंबर को शुरू होने वाला है. रियलिटी शो के सेट पर लौटने से पहले, सलमान खान अपनी आने वाली एक्शन-थ्रिलर फिल्म का एक बड़ा हिस्सा शूट करने की योजना बना रहे हैं. इस मचअवेटेड बिना नाम वाली फिल्म का डायेरक्शन वामसी पैदिपल्ली कर रहे हैं और इसमें नयनतारा ली लीड एक्ट्रेस के तौर पर नजर आएंगी. रिपोर्ट में बताया गया है कि सलमान की टीम उनके शेड्यूल को बहुत सावधानी से मैनेज कर रही है.  उनका टारगेट यह सुनिश्चित करना है कि फिल्म की शूटिंग बिना किसी देरी के आगे बढ़े और साथ ही उन्हें रियलिटी शो को होस्ट करने के लिए भी पर्याप्त समय मिले. कैसा होगा बिग बॉस 20वां सीजन? बिग बॉस 20 की तैयारियां आधिकारिक तौर पर आगे बढ़ रही हैं. ऑडिशन और शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है, और कास्टिंग टीम ने पहले ही कई जाने-माने टेलीविजन स्टार्स से संपर्क करना शुरू कर दिया है. इस सीजन में, मेकर्स पारंपरिक टीवी सेलिब्रिटीज से आगे बढ़कर सोच रहे हैं.  ऐसी भी काफी चर्चा है कि पिछले सीजन के कुछ जाने-पहचाने चेहरे शो में वापसी कर सकते हैं. हालांकि प्रोड्यूसर्स अभी के लिए सटीक फॉर्मेट और थीम को गुप्त रख रहे हैं, लेकिन कंटेस्टेंट्स की अंतिम सूची और इस साल के बड़े ट्विस्ट प्रीमियर की तारीख के करीब बताए जाएंगे. सलमान के आने वाले प्रोजेक्ट्स सलमान खान अपनी अगली बड़ी फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' के लिए तैयारी कर रहे हैं. अपूर्व लाखिया के डायरेक्शन और चित्रांगदा सिंह के साथ बनी इस फिल्म में सुपरस्टार असल जिंदगी के दिवंगत हीरो, कर्नल बिक्कुमाला संतोष बाबू की वर्दी में नजर आएंगे. शुरू में इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ़ गलवान' रखा गया था. लेकिन 16 मार्च, 2026 को सलमान खान ने एक जबरदस्त नया पोस्टर जारी करके फैन्स को चौंका दिया.

‘डॉन 3’ विवाद: रणवीर सिंह के प्रोजेक्ट छोड़ने पर FWICE का हस्तक्षेप, अशोक पंडित का बड़ा खुलासा

फरहान अख्तर की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'डॉन 3' को लेकर फिल्म गलियारों में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म से सुपरस्टार रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने की खबरों ने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया था, जिसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) को इस मामले में दखल देना पड़ा.अब इन सब के बीच FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने पहली बार उन चौंकाने वाली घटनाओं का खुलासा किया है, जिनकी वजह से फेडरेशन को एक्शन मोड में आना पड़ा. अशोक पंडित ने एक बड़ा दावा करते हुए यह भी बताया कि मामला बढ़ने से पहले खुद मिस्टर परफेक्टनिस्ट यानी आमिर खान ने इस पूरे विवाद को सुलझाने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन उनकी कोशिशें भी नाकाम रहीं. फिल्ममेकर्स के डूब रहे थे 45 करोड़ रुपये हिंदी रश को दिए इंटरव्यू के दौरान अशोक पंडित ने बताया कि 'डॉन 3' के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भारी नुकसान की शिकायत लेकर फेडरेशन के पास पहुंचे थे. फिल्ममेकर्स ने FWICE को बताया कि वे फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही करीब 45 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च कर चुके थे. फिल्म की तैयारी पूरी थी और सेट पर शूटिंग शुरू होने ही वाली थी कि एन वक्त पर लीड एक्टर यानी रणवीर सिंह ने पैर पीछे खींच लिए. शूटिंग से ठीक कुछ हफ्ते पहले एक्टर के प्रोजेक्ट छोड़ने की वजह से मेकर्स के सामने करोड़ों रुपये डूबने का संकट खड़ा हो गया था. डेढ़ महीने तक रणवीर ने नहीं दिया कोई जवाब अशोक पंडित के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद फेडरेशन ने अपनी तय प्रक्रिया के तहत रणवीर सिंह से संपर्क किया ताकि इस मामले पर उनका पक्ष भी जाना जा सके. लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि एक्टर की तरफ से FWICE को कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. अशोक पंडित ने आरोप लगाया कि फेडरेशन करीब डेढ़ महीने तक लगातार रणवीर को रिमाइंडर्स भेजता रहा, लेकिन उस दौरान एक्टर या उनकी टीम की तरफ से पूरी तरह चुप्पी साधी गई. बैन नहीं, सिर्फ नियम के तहत हुई कार्रवाई जब रणवीर की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो FWICE ने उनके ऑडिटर्स द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और रिपोर्ट्स की जांच-पड़ताल की. अशोक पंडित ने बताया कि जिस दिन फेडरेशन रणवीर के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी करने की आखिरी तैयारी में था, ठीक उसी दिन उन्हें एक ईमेल मिला. इस ईमेल में बताया गया कि एक्टर की टीम के दो प्रतिनिधि इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए फेडरेशन से मिलेंगे. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए फेडरेशन ने अपने निर्देश को जारी रखने का फैसला किया. इसके साथ ही अशोक पंडित ने यह साफ किया कि FWICE ने रणवीर पर कभी कोई 'बैन' नहीं लगाया था, बल्कि यह सिर्फ एक नियम आधारित निर्देश था. आमिर खान ने भी की थी पैचअप की कोशिश विवाद को लेकर एक और बड़ा खुलासा करते हुए अशोक पंडित ने कहा कि यह मामला फेडरेशन तक पहुंचने से पहले ही इंडस्ट्री के भीतर इसे रफा-दफा करने की काफी कोशिशें हुई थी. आमिर खान समेत बॉलीवुड के कई बड़े दिग्गजों ने फिल्ममेकर्स और रणवीर के बीच सुलह कराने का प्रयास किया था, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका. उन्होंने कहा कि आज रणवीर सिंह हैं, कल कोई और एक्टर हो सकता है. फिलहाल एक्सेल एंटरटेनमेंट इस बड़े नुकसान का सामना कर रहा है, लेकिन अगर उनकी जगह कोई छोटा प्रोड्यूसर होता, तो वह बर्बाद हो जाता और उसे अपना घर तक बेचना पड़ जाता. आखिरी समय पर प्रोजेक्ट छोड़ा अशोक पंडित ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि काम के मामले में हर किसी की जवाबदेही तय होनी चाहिए. चाहे कोई बड़ा सुपरस्टार हो, डायरेक्टर हो, असिस्टेंट डायरेक्टर हो, कैमरामैन हो या फिर एक स्पॉट बॉय कोई भी व्यक्ति आखिरी समय पर अपनी मर्जी से किसी तय प्रोजेक्ट को इस तरह नहीं छोड़ सकता कि सामने वाले का नुकसान हो जाए. उन्होंने साफ कहा कि हो सकता है कि आपके पास फिल्म न करने की 10 जायज वजहें हों, लेकिन अगर आपने पहले किसी प्रोजेक्ट के लिए कमिटमेंट की थी और उस पर पैसा खर्च हो चुका है, तो उस आर्थिक नुकसान की भरपाई होनी ही चाहिए.

‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ भारत में पहले होगी रिलीज, 17 जून से शुरू होगी एडवांस बुकिंग

स्पाइडर मैन को पसंद करने वाले फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीटर पार्कर की अगली फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' भारत में अपनी तय तारीख से पहले रिलीज होने जा रही है। जानें यह फिल्म कब रिलीज होगी और कब शुरू होगी इसकी एडवांस बुकिंग? रिलीज की तारीख और एडवांस बुकिंग फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' अब भारत में 30 जुलाई, 2026 को रिलीज होगी, जबकि दुनिया भर में यह फिल्म 31 जुलाई को रिलीज हो रही है। इस फिल्म की एडवांस बुकिंग के लिए टिकटों की बुकिंग 17 जून से शुरू हो जाएगी। यह फिल्म भारत में 6 भाषाओं में रिलीज होगी- अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम। क्या है फिल्म की कहानी? यह फिल्म 'स्पाइडर-मैन: नो वे होम' की कहानी के आगे से शुरू होगी। पिछली फिल्म के आखिर में पूरी दुनिया पीटर पार्कर को भूल गई थी। इस बार पीटर बिल्कुल अकेला है और बिना किसी पुराने सहारे के खुद अपनी जिंदगी की मुश्किलें संभाल रहा है। वह भावनात्मक रूप से परेशान है, फिर भी न्यूयॉर्क की रक्षा कर रहा है। फिल्म की स्टार कास्ट 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' में टॉम हॉलैंड (स्पाइडर-मैन), जेंडाया (एमजे) और जैकब बैटलन (नेड लीड्स) के किरदार में फिर साथ दिखेंगे। टॉम हॉलैंड लगभग 5 साल बाद अपनी सोलो स्पाइडर-मैन फिल्म में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में जॉन बर्न्थेल और 'स्ट्रेंजर थिंग्स' फेम की सैडी सिंक भी नजर आएंगी। इस फिल्म के निर्देशक डेस्टिन डेनियल क्रेटन हैं, जिन्होंने 'शांग-ची' जैसी फिल्म बनाई है। एक नया रिकॉर्ड सोनी पिक्चर्स के मुताबिक, इस फिल्म के ट्रेलर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मिलाकर 1 अरब यानी 100 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। ऐसा रिकॉर्ड बनाने वाला यह दुनिया का पहला फिल्म ट्रेलर है।

‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ रिव्यू: मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग, लेकिन कहानी में रह गई कमी

1991 का आर्थिक संकट भारत के इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में से एक था. इसी अहम अध्याय को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश करती है मनोज बाजपेयी स्टारर 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर'. डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर की ये फिल्म एक ऐसे शख्स की कहानी दिखाती है, जिसने देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने में बड़ी भूमिका निभाई. दमदार विषय और अच्छे कलाकारों के बावजूद क्या फिल्म दर्शकों को बांधकर रख पाती है? आइए जानते हैं हमारे इस रिव्यू में. फिल्म में ए. रामनन (मनोज बाजपेयी) को अचानक राष्ट्रीय बैंक का गवर्नर बनाया जाता है. वो भी तब जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है. दिवालिया घोषित होने की कगार पर है. उनकी नियुक्ति पर सवाल उठते हैं क्योंकि उन्हें अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) का विशेषज्ञ नहीं माना जाता. लेकिन हालात ऐसे हैं कि देश को बचाने के लिए उन्हें बड़े और साहसी फैसले लेने पड़ते हैं. IMF से बातचीत, विदेशी कर्ज और देश के गोल्ड रिजर्व को गिरवी रखने जैसे फैसलों के जरिए कहानी आगे बढ़ती है. डायरेक्शन: इरादा बड़ा, असर थोड़ा कम डायरेक्टर चिन्मय डी. मांडलेकर ने एक बेहद महत्वपूर्ण विषय चुना है. इंस्पेक्टर जेंडे के बाद ये मनोज बाजपेयी और चिन्मय डी. मांडलेकर की साथ में दूसरी फिल्म है और दोनों की जोड़ी फिर से एक गंभीर विषय लेकर आई है. हालांकि, जहां कहानी में स्वाभाविक रूप से तनाव, राजनीतिक दबाव और सस्पेंस की भरपूर गुंजाइश थी, वहां फिल्म कई बार जरूरत से ज्यादा आसान और इंस्पायर करने वाली बन जाती है. देश आर्थिक संकट में है, लेकिन स्क्रीन पर वो बेचैनी और घबराहट पूरी ताकत से महसूस नहीं होती. फिल्म कई बार ऐसे आगे बढ़ती है जैसे कोई मुश्किल पहेली धीरे-धीरे सुलझ रही हो, जबकि असल में हालात कहीं ज्यादा गंभीर थे. स्क्रीनप्ले: दिलचस्प विषय, लेकिन कमजोर पकड़ फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका सब्जेक्ट है. आर्थिक संकट जैसी जटिल घटना को आसान भाषा में समझाने की कोशिश की गई है, जिससे आम दर्शक भी कहानी से जुड़ सके. लेकिन स्क्रीनप्ले कई जगहों पर सतही महसूस होता है. कई अहम राजनीतिक और प्रशासनिक टकरावों को सिर्फ छूकर छोड़ दिया गया है. संकट से जूझ रही पूरी टीम की बजाय कहानी लगभग पूरी तरह गवर्नर और उनके डिप्टी के इर्द-गिर्द घूमती रहती है. यही वजह है कि फिल्म का दायरा बड़ा होने के बावजूद उसका प्रभाव सीमित रह जाता है. एक्टिंग: मनोज बाजपेयी फिर भी संभाल लेते हैं मोर्चा मनोज बाजपेयी अपने किरदार में पूरी ईमानदारी के साथ नजर आते हैं. दक्षिण भारतीय लहजे और बॉडी लैंग्वेज को पकड़ने की उनकी कोशिश दिखती है, हालांकि ये हर जगह एक जैसी नहीं लगती. फिर भी जब भी फिल्म कमजोर पड़ती है, बाजपेयी अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से उसे संभालने की कोशिश करते हैं. डिप्टी गवर्नर के किरदार में नौशाद मोहम्मद कुंजू काफी प्रभाव छोड़ते हैं. उनके और बाजपेयी के बीच के दृश्य फिल्म के मजबूत हिस्सों में गिने जा सकते हैं. मधु शाह को ज्यादा स्क्रीन स्पेस नहीं मिला है, लेकिन वो अपने सीमित किरदार में सहज हैं. वहीं पत्रकार के रोल में अदा शर्मा का किरदार कहानी में बहुत खास योगदान नहीं दे पाता और कई बार गैरजरूरी सा महसूस होता है. फिल्म के यादगार पल फिल्म में कुछ छोटे लेकिन प्रभावशाली सीन हैं जो लंबे समय तक याद रहते हैं. ट्रैफिक सिग्नल पर एक बच्ची से पेन खरीदने वाला सीन हो या फिर ऑफिस के चपरासी की कर्ज मांगने की आदत से जन्म लेने वाला एक बड़ा आइडिया, ये पल कहानी में 'ह्यूमन टच' जोड़ते हैं और फिल्म को भावनात्मक गहराई देते हैं. फाइनल वर्डिक्ट: देखने लायक लेकिन अधूरी उड़ान 'गवर्नर' एक महत्वपूर्ण और कम चर्चा वाले ऐतिहासिक अध्याय को सामने लाती है. फिल्म का प्लॉट दमदार है, कलाकारों की मेहनत भी नजर आती है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और कम महसूस होने वाला तनाव इसे एक बेहतरीन फिल्म बनने से रोक देता है. अगर आपको भारत के आर्थिक इतिहास, राजनीतिक ड्रामा और मनोज बाजपेयी की परफॉर्मेंस पसंद है तो ये फिल्म देखी जा सकती है. लेकिन जिस रोमांच, गहराई और प्रभाव की उम्मीद इसके विषय से की जाती है, वहां 'गवर्नर' थोड़ी पीछे रह जाती है.