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‘जो बाला साहेब नहीं कर पाए वो आज हुआ…’, मुंबई में राज ठाकरे ने किया शक्ति प्रदर्शन

20 साल बाद एक मंच पर आए ठाकरे बंधु, राज बोले- महाराष्ट्र को तिरछी नजर से कोई नहीं देखेगा 'आप किसी पर हिंदी नहीं थोप सकते', मुंबई की रैली से गरजे राज ठाकरे  'जो बाला साहेब नहीं कर पाए वो आज हुआ…', मुंबई में राज ठाकरे ने किया शक्ति प्रदर्शन मुंबई से राज ठाकरे की हुंकार, बोले – महाराष्ट्र के लिए जो कर सकते हैं वो करेंगे    ठाकरे ब्रदर्स के एक मंच पर आने को लेकर संजय राउत बोले- यह पूरे महाराष्ट्र के लिए त्यौहार जैसा दिन मुंबई  महाराष्ट्र की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. लंबे समय से जिस तस्वीर को लेकर कयासबाजी चल रही थी वो आज देखने को मिली जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एकसाथ एक मंच पर दिखे, वो भी परिवार के साथ में.   दोनों भाई वर्ली में मराठी विजय दिवस मनाने के नाम पर मंच साझा कर हैं, लेकिन सियासी पंडित इस बात का आकलन कर रहे हैं कि महाराष्ट्र की सियासत दोनों भाइयों की साथ आना क्या बड़ा बदलाव साबित होने वाला है? – दक्षिण में स्टालिन, कनमोझी, जयललिता, नारा लोकेश, आर रहमान, सूर्या, सभी ने अंग्रेजी में पढ़ाई की है? रहमान ने डायस छोड़ दिया जब एक वक्ता ने हिंदी में बोलना शुरू किया.बालासाहेब और मेरे पिता श्रीकांत ठाकरे ने अंग्रेजी में पढ़ाई की है, लेकिन वे मातृभाषा मराठी के प्रति बहुत संवेदनशील थे. बालासाहेब ठाकरे ने अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की, लेकिन उन्होंने मराठी भाषा से समझौता नहीं किया. किसी को भी मराठी को तिरछी नज़र से नहीं देखना चाहिए: राज ठाकरे – हमारे बच्चे इंग्लिश मीडियम जाते है तो हमारे मराठी पर सवाल उठते है , लालकृष्ण आडवाणी मिशनरी स्कूल में पढ़े है तो क्या उनके हिंदुत्व पर सवाल उठाए क्या? हम हिंदी थोपना बर्दाश्त नहीं करेंगे. वे बस मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करना चाहते हैं, यही उनका एजेंडा है. लेकिन वे ऐसा करने की हिम्मत करते हैं.. तब उन्हें मराठी मानुस की ताकत समझ में आएगी.वे मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. अब वे यह मुद्दा उठा रहे हैं कि ठाकरे के बच्चे अंग्रेजी में पढ़े हैं. यह क्या बकवास है? कई भाजपा नेताओं ने अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की है.. लेकिन किसी को उनके हिंदुत्व पर संदेह है: राज ठाकरे -इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा,'ये त्रिभाषा सूत्र कहा से लेकर आए? छोटे-छोटे बच्चों से जबरदस्ती करोगे क्या? महाराष्ट्र को कोई तिरछी नजर से नहीं देखेगा. हिंदी अच्छी भाषा है, सारी भाषा अच्छी हैं. किसी की हिम्मत है तो मुंबई पर हाथ डालकर देख लें.' -राज ठाकरे ने कहा, "मैंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरा महाराष्ट्र किसी भी राजनीति और लड़ाई से बड़ा है. आज 20 साल बाद मैं और उद्धव एक साथ आए हैं. जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया… हम दोनों को साथ लाने का काम…" -राज ठाकरे अपनी पत्नी शर्मिला और बेटे अमित, बेटी उर्वशी के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे. साथ ही उद्धव अपनी पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य, तेजस के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे हैं. -उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे वर्ली में ‘विजय सभा’ में आने से पहले शिवाजी पार्क में स्थित बाल ठाकरे के स्मारक ‘स्मृति स्थल’ पर जा सकते हैं. -रैली को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "… यह महाराष्ट्र में हम सभी के लिए एक त्यौहार की तरह है कि ठाकरे परिवार के दो प्रमुख नेता, जो अपनी राजनीतिक विचारधाराओं के कारण अलग हो गए थे, आखिरकार 20 साल बाद एक मंच साझा करने के लिए एक साथ आ रहे हैं. हमारी हमेशा से यह इच्छा रही है कि हमें उन लोगों से लड़ना चाहिए जो महाराष्ट्र के लोगों के खिलाफ हैं. आज एक साथ आकर उद्धव और राज ठाकरे निश्चित रूप से मराठी मानुष को दिशा देंगे."  -यह पुनर्मिलन सियासी भूचाल जैसा माना जा रहा है क्योंकि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) लंबे समय से अलग-अलग राह पर हैं. लेकिन केंद्र में लाए गए त्रिभाषा फार्मूले का ठाकरे बंधुओं ने मिलकर विरोध किया, जिसके चलते राज्य सरकार को प्रस्तावित नीति फिलहाल टालनी पड़ी. महाराष्ट्र में आज कई सालों बाद एक सियासी तस्वीर नजर आ रही है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे आज पूरे 19 साल के बाद एक स्टेज पर एक साथ नजर आ रहे हैं. मराठी भाषा के लिए दोनों भाई सारे गिले-शिकवे भुलाकर एक मंच पर साथ आ चुके हैं. दोनों भाई एक साथ विक्ट्री रैली में शामिल हुए. महाराष्ट्र में भाषा के छिड़े विवाद के बाद यह रैली निकाली जा रही है. दोनों भाइयों को मराठी भाषा से प्यार ने एक बार फिर एक स्टेज पर एक साथ आने का मौका दिया है. इससे पहले यह दोनों आखिरी बार साल 2005 में चुनाव के समय प्रचार करने के लिए एक मंच पर दिखे थे. इसी के बाद इसी साल राज ठाकरे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. परिवार के साथ रैली में पहुंचे राज-उद्धव रैली में शामिल होने के लिए राज ठाकरे अपने घर शिवतीर्थ से एनएससीआई डोम में पहुंच गए हैं. राज ठाकरे के साथ उनके बेटे अमित और उनकी पत्नी शर्मिला भी पहुंची हैं. तो वही उद्धव ठाकरे भी रैली में पहुंच चुके हैं. उद्धव के साथ उनके बेटे आदित्य उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे भी साथ रहेंगे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों भाई मुंबई के शिवाजी पार्क में स्थित बालासाहेब ठाकरे की समाधि स्थल पर जा सकते हैं. इसी के चलते आज विक्ट्री रैली निकाली जा रही है. इस रैली में कई नेता जुड़ेंगे. राज ठाकरे ने सरकार पर साधा निशाना सही में तो मोर्चा निकालना चाहिए था. मराठी आदमी कैसे एक साथ आता है, लेकिन सिर्फ मोर्चा की चर्चा हुई तो उससे सरकार बैकफुट पर आगई. किसी भी झगड़े से बड़ा महाराष्ट्र है. 20 साल बाद उद्धव और राज ठाकरे एक मंच पर साथ है. उन्होंने आगे कहा, बालासाहेब हमें एक नहीं कर पाए, लेकिन फडणवीस ने कर दिया. उन्होंने सवाल पूछा, हिंदी किसके लिए, छोटे-छोटे बच्चों के साथ जबरदस्ती करोगे? कोई दूसरा एजेंडा नहीं, सिर्फ मराठी एजेंडा है. उन्होंने आगे कहा, आप हिंदी किसी … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने शून्य-बैलेंस खातों ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की नींव रखी इसका फायदा सीधे गरीबों के खातों में पहुंचा :CM यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह पर तंज कसा। अपनी टिप्पणी में डॉ. यादव ने कहा कि शून्य-बैलेंस खाता (zero balance account) क्या होता है, देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ये भी नहीं जानते थे। बकौल डॉ. मोहन यादव, वह (मनमोहन सिंह) आरबीआई के गवर्नर और वित्त मंत्री भी रहे, बहुत बड़े अर्थशास्त्री थे, विदेश की डिग्री थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा कि बिना पैसे के भी जीरो बैलेंस में बैंक में खाता खोला जा सकता है, लेकिन नरेन्द्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने, उन्होंने यह बात सोची और जीरो बैलेंस में खाते खुलवाए। आगे कहा, उनके कार्यकाल में डीबीटी का शुभारंभ हुआ, जिससे शासन की कार्यशैली में व्यापक स्तर पर पारदर्शिता आई है। आज हितग्राहियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पूरा पैसा पहुंच रहा है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनमोहन सिंह कहते थे- गांवों में सड़क क्यों बनाएं, गांव के लोग तो बैलगाड़ी से चलते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू हुई। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से देश की चारों दिशाओं को जोड़ गया। उन्होंने शिक्षित वर्ग की ओर संकेत करते हुए जोड़ा कि जिनके पास बड़ी-बड़ी डिग्रियां हैं, उन्हें समझना चाहिए कि जब जमीन बदलती है, तो किताबों से नजर हटाकर थोड़ा जमीन की हकीकत भी देख लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे- केंद्र सरकार एक रुपये भेजती है तो आम आदमी तक केवल 15 पैसे पहुंचता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस व्यवस्था को नीति नहीं, बल्कि नीयत से ठीक किया। वर्ष 2013 से पहले इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया था। अब 25,000 रुपये सीधे मेधावी विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे हैं।  

भाजपा एक मात्र ऐसा दल है, जो अपने देवतुल्य कार्यकर्ताओं की ताकत से चलता है: खंडेलवाल

सीहोर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद आष्टा, जावर, डोडी, कोठरी और सीहोर में स्वागत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में बहुत सारे दल होते हैं। कई दल परिवार चलाते हैं। कई दल जात, समाज बेश चलाते हैं। भाजपा एक मात्र ऐसा दल है, जो अपने देवतुल्य कार्यकर्ताओं की ताकत से चलता है। कार्यकर्ता चाह ले तो हर चुनाव के परिणाम सकारात्मक आते हैं। अगर कार्यकर्ता में थोड़ा सा भी निराशा का भाव हो तो परिणाम सकारात्मक नहीं आ पाते हैं। भाजपा के हम सब कार्यकर्ता एक परिवार की तरह हैं। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता ही भाजपा की असली पूंजी है। सब कार्यकर्ता उत्साह से रहें, एक रहें, अनुशासन में रहें और अपनी क्षमता का उपयोग पार्टी को मजबूत करने में करें। मातृशक्ति का सम्मान करें। हम सब मिल कर कार्य करेंगे भाजपा एक पार्टी नहीं, एक परिवार है। मेरा पूरा प्रयास होगा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता का सम्मान होगा, आदर होगा, सभी कार्यकर्ता मिलजुलकर कार्य करेंगे। हर कार्यकर्ता की बात सुनने, उनसे मिलने का प्रयास करूंगा। हम सब का कर्तव्य है कि पार्टी को और मजबूत बनाने की दिशा में हम सब मिल कर कार्य करें और एक नया इतिहास रचें। हमारी पार्टी आज भी बुलंदियों पर है, इसे हम सबको मिल कर और आगे ले जाना हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम दुनिया के सिरमौर बनने जा रहे हैं। हमारे प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। सरकार के कार्य, योजनाओं को जनता तक, घर घर पहुंचाना हम सब कार्यकर्ताओं का दायित्व है। मध्यप्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाकर विकसित बना रहे खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता देश की अखंडता व आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा को और मजबूत बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्योग व रोजगार की नई परंपरा विकसित कर मध्यप्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाकर विकसित बना रहे हैं। मैं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सत्ता और संगठन में संतुलन बनाकर डबल इंजन सरकार के जनहितैषी कार्यों से जनता को लाभ दिलाकर प्रदेश को विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के परिश्रम, प्रतिबद्धता से ही भाजपा को लंबे समय से जनता की सेवा करने का अवसर मिला। भाजपा संगठन कार्यकर्ताओं को क्षमता और योग्यता के आधार पर दायित्व सौंपता है। स्वागत सम्मान कार्यक्रम को जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाडा, सीहोर विधायक सुदेश राय ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जिला मीडिया प्राभारी सुशील संचेती ने बताया की प्रदेश भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष के सीहोर जिले में आगमन पर जावर जोड़, आष्टा में बाईपास पर, कोठरी मेन रोड पर एवं सीहोर में रेस्टहाउस पर आयोजित स्वागत सम्मान समारोह रखे गये थे। सीहोर जिले की सीमा में प्रवेश के बाद प्रदेश अध्यक्ष का जावर, डोडी, आष्टा कोठरी, सीहोर मंडलों में सभी मंडल अध्यक्षों ने मंच बना कर स्वागत, सम्मान कर स्मृति चिह्न भेंट किये। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, जिला भाजपा के प्रभारी बहादुरसिंह मुकाती, विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,सुदेश राय उपस्थित रहे।  

भाजपा के नए अध्यक्ष की घोषणा अगले कुछ दिनों में, सूत्रों के मुताबिक तीन प्रमुख महिला नेताओं के नाम चर्चा में

नई दिल्ली  लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर चल रही खींचतान के बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि भाजपा पहली बार किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा ने हाल के वर्षों में महिला मतदाताओं को लुभाने में सफलता पाई है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में यह सफलता मिली है। आपको बता दें कि जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो चुका था, लेकिन पार्टी ने उन्हें जून 2024 तक का विस्तार दिया था। अब नए अध्यक्ष की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक तीन प्रमुख महिला नेताओं के नाम चर्चा में हैं। निर्मला सीतारमण वर्तमान वित्त मंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पार्टी संगठन में गहरी पैठ और केंद्र सरकार में लंबे अनुभव के चलते सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। हाल ही में उन्होंने भाजपा मुख्यालय में जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष के साथ बैठक की थी। उनका दक्षिण भारत से आना भाजपा के दक्षिण विस्तार रणनीति के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है। डी. पुरंदेश्वरी आंध्र प्रदेश भाजपा की पूर्व अध्यक्ष डी पुरंदेश्वरी काफी अनुभवी और बहुभाषी नेता हैं। कई राजनीतिक दलों के साथ काम करने का अनुभव और पार्टी में व्यापक स्वीकार्यता है। उन्हें ऑपरेशन सिंदूर जैसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक अभियान का हिस्सा भी बनाया गया था। वनाथी श्रीनिवासन तमिलनाडु की कोयंबटूर दक्षिण सीट से विधायक और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी वनाथी श्रीनिवासन 1993 से भाजपा से जुड़ीं और संगठन में कई पदों पर रही हैं। 2022 में केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य बनीं और ऐसा करने वाली पहली तमिल महिला नेता। संघ का समर्थन सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इस विचार को समर्थन दिया है कि भाजपा को अब एक महिला को शीर्ष नेतृत्व में लाना चाहिए। यह कदम 33% महिला आरक्षण विधेयक की भावना के अनुरूप भी होगा, जिसका प्रभाव अगले परिसीमन के बाद लोकसभा में दिखेगा।

अवध ओझा का आरोप: विरोधी के समर्थन में प्रधानमंत्री तक को झुकना पड़ा

नई दिल्ली मशहूर कोचिंग टीचर और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अवध ओझा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी हार को लेकर कहा है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके विरोधी (रविंद्र सिंह नेगी) के पैर छू लिए थे। ओझा ने कोचिंग क्लास में पटपड़गंज सीट पर हुए मुकाबले का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने इस दौरान बहुत मेहनत की। मशहूर शिक्षक ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते थे कि वह किसी तरह सदन में ना जाएं और इसके लिए उन्होंने नेगी के पैर छू लिए। अवध ओझा ने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया होता तो वह जीत जाते। अवध ओझा ने कहा, 'मुझे हराने के लिए इस देश के प्रधानमंत्री को मेरे विरोधी का पैर छूना पड़ा था। देख लेना वीडियो। अगर वह पैर नहीं छूते ना तो मैं नहीं हारता। मुझे हराने के लिए… इस देश के प्रधानमंत्री को…।' ओझा ने कहा कि उन्होंने चुनाव में बहुत मेहनत की। सुबह, शाम, दिन-रात, क्या झुग्गी, क्या बाजार, क्या घर, क्या लोग हर आदमी से मिलता था। सिर्फ चार घंटे सोते थे। 2 से 6। अवध ओझा ने कहा कि लड़ने वाले का ही नाम होता है। उन्होंने कहा, 'मुझसे एक साहब ने कहा कि मास्टर साहब हार गए। मैंने कहा कि तुम्हारे पापा प्रधानी लड़े हैं। इतिहास में दो ही आदमी का नाम है, अकबर और महराणा प्रताप क्योंकि दोनों लड़ रहे थे।' आप नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नहीं चाहते थे कि वह जीतकर सदन पहुंचें क्योंकि वह वहां बवाल काटते। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम की इज्जत की दुहाई देकर भाजपा ने वोट मांगा और लोगों को मन बदल गया। उन्होंने कहा, 'मेरे विरोधी का तीन बार पैर छुआ प्रधानमंत्री ने कि यह आदमी सदन में नहीं जाना चाहिए। वहां पहुंच गया तो बहुत बवाल काटेगा। इतना चिल्लाएगा यह। मैं दूसरे दिन जब लोगों से मिला तो विश्वास हो गया कि इनका मन बदल गया कि प्रधानमंत्री की इज्जत का सवाल है। उनकी पार्टी के लोग घर-घर जाकर कहने लगे कि उन्होंने इज्जत दांव पर लगा दी।' उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वह तभी जीत सकते थे जब अमेरिका का राष्ट्रपति उनका तीन बार पैर छू लेता और इतनी तैयारी उन्होंने कर नहीं रखी थी। उन्होंने नेगी को मजबूत उम्मीदवार बताया। क्यों छुआ था पीएम ने पैर दरअसल इस साल फरवरी में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा के दौरान मंच पर पटपड़गंज सीट से भाजपा के उम्मीदवार रविंद्र सिंह नेगी उर्फ रवि नेगी के पैर छू लिए थे। दरअसल, पहले नेगी ने पीएम के पैर छू लिए थे, जिसके बाद पीएम मोदी ने पलटकर उनके भी पैर छू लिए। पीएम पहले भी कई मौकों पर इस तरह दूसरों के पैर छूते देखे गए हैं। वह दूसरों को अपना चरणस्पर्श करने से रोकते हुए दिखते हैं। चुनाव में रवि नेगी ने अवध ओझा को 28 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।  

बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर सियासी घमासान मचा, पप्पू यादव ने उठाए सवाल

पटना बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर सियासी घमासान मचा है। पूर्णिया सांसद राजेश रंजन यानि पप्पू यादव ने बिहार चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग के इस अभियान पर सवाल उठाया है। साथ ही इंडी अलायंस से नाता तोड़ने का ऐलान कर चुके आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी आड़े हाथों लिया। मीडिया से बात करते हुए पूर्णिया सांसद ने कहा, “चुनाव आयोग आरएसएस का दफ्तर है, उसको रोकना चाहिए। जो संवैधानिक दायित्व के लिए खतरा बन जाए, उसके लिए जनता तैयार है। आज हम लोग तय करेंगे। कांग्रेस प्रभारी से भी इसे लेकर बातचीत हुई है।” चुनाव आयोग मुलाकात नहीं कर रही है वाले सवाल को लेकर उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग अलाद्दीन का चिराग है क्या? आर-पार की लड़ाई होगी। बिहार और बिहारी की अस्मिता के लिए जान भी देनी पड़ेगी तो देंगे।” अरविंद केजरीवाल के बिहार चुनाव अकेले लड़ने को लेकर उन्होंने कहा, “यह अच्छी बात है, चुनाव लड़ना सबका अधिकार है। वे बिहार आकर चुनाव लड़ें।” केजरीवाल को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि ‘रस्सी जल गई पर ऐंठन नहीं गई।’ बिहार में महज कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। बिहार की विपक्षी पार्टियों ने इस कदम की तीखी आलोचना की। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे ‘लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश’ बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर लिखा है, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचन आयोग को बिहार की समस्त मतदाता सूची को निरस्त कर केवल 25 दिन में 1987 से पूर्व के कागजी सबूतों के साथ नई मतदाता सूची बनाने का निर्देश दिया है। चुनावी हार की बौखलाहट में ये लोग अब बिहार और बिहारियों से मतदान का अधिकार छीनने का षड्यंत्र कर रहे हैं।” वहीं, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने सवाल उठाया कि क्या 2003 के बाद से अब तक बिहार में चार-पांच चुनाव हो चुके हैं, क्या वे सब गलत हैं, अपूर्ण या अविश्वसनीय थे?  

निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में अत्यधिक हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया

नई दिल्ली बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और इंदिरा गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 1970 के दशक में प्रस्तावित लड़ाकू विमान सौदे में राजीव गांधी ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। दुबे ने 2013 की विकीलीक्स रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि स्वीडिश राजनयिक ने अमेरिकी सरकार को सूचित किया था कि साब-स्कैनिया कंपनी भारत को विगेन लड़ाकू विमान बेचना चाहती थी, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पायलट बेटे राजीव गांधी मध्यस्थ थे। इसके साथ ही, दुबे ने इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में अत्यधिक हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया। निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह खुलासा 2013 में हुआ, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार सत्ता में थी। उन्होंने सवाल उठाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने इन आरोपों के सामने आने पर अमेरिकी या स्वीडिश सरकार के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। दुबे ने कहा, 'यह तब सामने आया जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। इसके बावजूद तत्कालीन भारतीय सरकार ने अमेरिकी या स्वीडिश सरकार के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया?' भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के आरोप बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे लगातार कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर भ्रष्टाचार व राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के आरोप लगाते रहे हैं। इससे पहले, 1 जुलाई को उन्होंने दावा किया था कि गांधी परिवार के नेतृत्व में भारत को सोवियत संघ को 'बेच' दिया गया था। उन्होंने सीआईए दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता एचकेएल भगत के नेतृत्व में 150 से अधिक कांग्रेस सांसदों को सोवियत संघ ने वित्तीय मदद दी थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व अमेरिकी राजदूत मोयनिहान ने अपनी किताब में उल्लेख किया है कि उन्होंने इंदिरा गांधी को पैसे दिए थे।

राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य को मिली कमान, भाजपा ने बनाया बंगाल अध्यक्ष

कोलकाता  राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल भाजपा के नए अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने उनके नाम का एलान किया।  वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य को आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल इकाई का नया अध्यक्ष घोषित किया गया। वह 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेंगे। कोलकाता में साइंस सिटी में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भट्टाचार्य को निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपा। नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कसा टीएमसी पर तंज प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि  टीएमसी शासन में बंगाल की संस्कृति, बहुलवाद, विरासत खतरे में है। 2026 का विधानसभा चुनाव इनके अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने विधानसभा चुनावों में भ्रष्ट टीएमसी सरकार के कुशासन को समाप्त करने का मन बना लिया है। बंगाल भाजपा अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंसा और सांप्रदायिकता की राजनीति का विरोध करती है।  यह एक सतत रिले रेस-  सुकांत मजूमदार भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य के पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष चुने जाने पर पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह एक सतत रिले रेस है। पहले, लड़ाई मेरे नेतृत्व में होती थी, अब लड़ाई एक नए अध्यक्ष के नेतृत्व में होगी। हम ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।  समिक भट्टाचार्य का चुनाव पहले से ही तय माना जा रहा था, क्योंकि उनके खिलाफ किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। रविशंकर प्रसाद ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन दाखिल हुआ है। इससे पहले, भट्टाचार्य ने बुधवार दोपहर साल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में निवर्तमान अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। गौरतलब है कि 2026 के विधानसभा चुनाव बहुत दूर नहीं हैं, इसलिए भाजपा संगठनात्मक बदलाव के लिए कमर कस रही है और भट्टाचार्य की नियुक्ति को उस बड़ी योजना का हिस्सा माना जा रहा है।  

AAP बिहार में लड़ेगी चुनाव, केजरीवाल बोले -India ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था, अब हमारा किसी से कोई गठबंधन नहीं

पटना  आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने  अहमदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गुजरात में पार्टी के विस्तार और कांग्रेस-बीजेपी दोनों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने साफ किया कि हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है और आगामी विधानसभा चुनावों में 'AAP' अकेले दम पर मैदान में उतरेगी. केजरीवाल ने ऐलान किया कि बिहार में आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा, India ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था. अब हमारा किसी से कोई गठबंधन नहीं है. विसावदर उपचुनाव में हमने कांग्रेस से अलग लड़कर तीन गुना ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है. यह जनता का सीधा संदेश है कि अब विकल्प आम आदमी पार्टी है. केजरीवाल का कहना था कि हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है, इसलिए विसावदर में हम अलग लड़े. गुजरात में चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे. दिल्ली में हार पर कहा, ऊपर-नीचे होता रहेगा. पंजाब में हमारी सरकार दोबारा बनेगी. केजरीवाल ने कहा, पिछले 30 साल से गुजरात में भाजपा की सरकार है. इस राज्य को बर्बाद करने में बीजेपी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. सूरत में जो बाढ़ आई, वो मानव सृजित बाढ़ है, बीजेपी के भ्रष्टाचार का फल है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. किसानों को यूरिया नहीं मिलता है. सभी वर्ग भाजपा से नाराज हैं. फिर भी भाजपा लगातार जीत रही है क्योंकि लोगों के पास विकल्प नहीं था. सब लोग जानते हैं कि कांग्रेस उनकी जेब में है. कांग्रेस पर लोगों का भरोसा नहीं है. केजरीवाल ने आगे कहा, पहले तो कांग्रेस का उम्मीदवार जीतेगा नहीं और जीता तो जीतने के बाद भाजपा में चला जाएगा. लोगों ने मन बना लिया है कि भाजपा के जाने का टाइम आ गया है. आम आदमी पार्टी आज से गुजरात जोड़ो अभियान शुरू कर रही है. चुनाव में 2.5 साल बाकी हैं. हम लोगों के बीच जा रहे हैं. गुजरात के हर घर तक 5-5 बार पहुंचना है. जो युवा भ्रष्टाचार मुक्त विकास देखना चाहते हैं, वो AAP के साथ जुड़ें. गुजरात को तरक्की के लिए अपनी अपनी पार्टी छोड़कर युवा AAP में आएं. हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है, इसलिए विसावदर में हम अलग लड़े. India गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए ही था. गुजरात उपचुनाव का दिया उदाहरण उन्होंने अपने बयान में गुजरात उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन का अनुभव अच्छा नहीं रहा। “गुजरात उपचुनाव के समय तय हुआ था कि कांग्रेस और AAP आपसी सहमति से सीटों का बंटवारा करेंगे, लेकिन आखिरी समय में कांग्रेस ने उस सीट पर भी उम्मीदवार खड़ा कर दिया, जहां से AAP पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी थी। यह राजनीतिक विश्वासघात था। उन्होंने बताया कि इसी कड़वे अनुभव के बाद पार्टी ने यह फैसला लिया कि भविष्य में वह किसी भी राज्य में गठबंधन की राजनीति से दूर रहेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बिहार में भी आम आदमी पार्टी अब पूरी तैयारी के साथ अकेले मैदान में उतरेगी। सौरभ भारद्वाज ने कहा- बिहार की जनता हमें स्वीकार करेगी सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी की नीति साफ है- जनता से जुड़े मुद्दे, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी और रोजगार जैसे बुनियादी सवालों को चुनावी एजेंडे में शामिल करना। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार की जनता आम आदमी पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्वीकार करेगी।  

युवा कांग्रेस चुनाव में अभिषेक परमार और यश घनघोरिया के बीच सीधा मुकाबला

भोपाल   मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव के चलते कांग्रेस में सरगर्मी तेज है। सरगर्मी इसलिए भी है क्योंकि इस चुनाव में युवाओं से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता दिख रही है। उनका प्रयास यही है कि उनके लोगों को मौका मिले, वे आगे बढ़ें। नामांकन हो चुका है, मतदान और सदस्यता एक साथ चल रही है। अध्यक्ष पद के लिए 18 दावेदार अध्यक्ष पद के लिए 18 उमीदवार मैदान में हैं। वे अपने-अपने तरीके से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। युवा कांग्रेस चुनाव में अभिषेक परमार और यश घनघोरिया के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के समर्थक माने जाते हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, कुणाल चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का इन्हें अंदरूनी समर्थन माना जा रहा है। वहीं यश घनघोरिया पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के पुत्र हैं। अंदरूनी तौर पर इनको भी कई नेताओं का समर्थन है। हालांकि इस चुनाव में वरिष्ठ नेता सामने तो नहीं हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी सक्त्रिस्यता बनी है। ऐसे में यह चुनाव और भी रोचक हो गया है। 4 लाख से अधिक हो चुके हैं सदस्य युवा कांग्रेस के लिए चार लाख से अधिक युवा सदस्यता ले चुके हैं। सदस्यता अभी भी जारी है। युवा कांग्रेस में यह पहली बार हो रहा है कि मतदान के साथ ही संगठन की सदस्यता भी चल रही है। सदस्यता और मतदान प्रक्रिया ऑनलाइन है। ऑनलाइन ही 50 रुपए निर्धारित फीस के साथ कोई भी युवा सदस्यता ले सकता है।