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योगी आदित्यनाथ ने किया बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के मंदिर में दर्शन

बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के दरबार में माथा टेका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर ने लोकमंगल और प्रदेश की खुशहाली की कामना की  मंदिर में श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा वाराणसी  मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह काशी पहुंचे। उन्होंने यहां बाबा विश्वनाथ धाम व काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में माथा टेक कर पूजन-अर्चन किया। उन्होंने लोकमंगल और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।  बाबा काल भैरव मंदिर में मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। साथ ही आसपास के घरों में नन्हे-मुन्नों को दुलारा। काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन करने आए भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर ‘हर-हर महादेव’ का जयकारा लगाया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।  इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री बुधवार सुबह बड़ा लालपुर स्थित चांदमारी निवासी राजीव कृष्ण के आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं।

तेज रफ्तार बस रेलिंग तोड़ रामगंगा नहर में पलटी, बचाव कार्य जारी

कानपूर उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के बिधनू थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सवारियों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए रामगंगा नहर में पलट गई। हादसे के वक्त बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए हैं और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस काफी तेज रफ्तार में थी। जैसे ही बस रामगंगा नहर के पुल के पास पहुंची, चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। बस पहले सड़क किनारे लगी लोहे की मजबूत रेलिंग से टकराई और उसे उखाड़ते हुए सीधे नहर में जा गिरी। अंदर बैठी सवारियां एक-दूसरे के ऊपर जा गिरीं। गनीमत यह रही कि बस पूरी तरह पानी में डूबने के बजाय किनारे पर अटक गई। कुछ लोग तत्काल शीशे तोड़कर बस के ऊपर आ गए। राहत और बचाव कार्य हादसे की जानकारी मिलते ही बिधनू थाना पुलिस और स्थानीय राहगीर बचाव कार्य में जुट गए। बस की खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करीब एक दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और हैलट अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने क्रेन मंगवाई है ताकि बस को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई यात्री नीचे न दबा हो। हाईवे पर लगा भीषण जाम इस हादसे के कारण कानपुर-सागर हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। एंबुलेंस को निकालने के लिए पुलिसकर्मी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालना और घायलों को इलाज मुहैया कराना है। प्रशासनिक सतर्कता कानपुर के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को त्वरित राहत कार्य और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, चालक की स्थिति स्पष्ट नहीं है कि उसे नींद की झपकी आई थी या बस में कोई तकनीकी खराबी हुई थी।

सामूहिक विवाह योजना से बेटियों को सम्मान, कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री की पहल

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: आर्थिक कमजोर परिवारों को बड़ा सहारा, बेटियों को मिल रहा सम्मानजनक जीवन योगी सरकार की पहल से सुनिश्चित हुआ प्रदेश की बेटियों का रीति-रिवाज के मुताबिक विवाह  खाने से लेकर जरूरी सामान तक की पूरी व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया से मदद सीधे लाभार्थियों तक लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश की लाखों बेटियों के विवाह को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से नई जिंदगी शुरू करने का अवसर भी दिया है। शादी जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन में होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न करा चुकी है। योगी सरकार की पहल से बढ़ा भरोसा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत वर्ष 2017-18 में की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित करना है। योजना के तहत प्रति जोड़े 1 लाख की सहायता दी जाती है। इसमें 60,000 सीधे वधू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि 25,000 के उपहार और आवश्यक सामान तथा 15,000 विवाह आयोजन की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत धनराशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है और लोगों का भरोसा इस योजना पर लगातार बढ़ा है। खाने से लेकर जरूरी सामान तक पूरी व्यवस्था इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि योगी सरकार विवाह की पूरी जिम्मेदारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करती है। सामूहिक विवाह समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट और अन्य व्यवस्थाएं सरकारी स्तर पर की जाती हैं। इसके साथ ही नवविवाहित जोड़े को कपड़े, बर्तन, पायल, बिछिया सहित अन्य जरूरी घरेलू सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इन सभी के चीजों लिए रुपये निर्धारित हैं। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और वह अपनी बेटियों की शादी बिना किसी तनाव के कर पाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया, सीधे खाते में सहायता योजना की पारदर्शिता इसकी सफलता का प्रमुख आधार है। लाभार्थियों का चयन निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाता है, जिसमें परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम होना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे इच्छुक परिवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सहायता राशि सीधे वधू के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है। लाखों बेटियों का हुआ सम्मानजनक विवाह योजना की लोकप्रियता और प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न कराए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना ने प्रदेश के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है और गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। इससे न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है। सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में समानता और एकता का संदेश दिया जा रहा है। अलग-अलग वर्गों और समुदायों के लोग एक ही मंच पर विवाह कर एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। पात्रता और आवेदन प्रक्रिया आसान समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम है। लाभार्थी शादी अनुदान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार योजना से जुड़ सकें।

गो सेवा से समृद्धि: यूपी की डेयरी सेक्टर बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

गो सेवा से समृद्धि का मॉडल, यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार मिनी नंदिनी योजना से गांव-गांव में रोजगार, सालाना 10–12 लाख की आय तक पहुंच रहे युवा सीएम योगी ने बदली तस्वीर, साहिवाल एवं गिर गोवंशों के जरिए बड़े पैमाने पर पैदा हो रहा रोजगार योगी सरकार ने तैयार की उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लाभार्थियों की जुबानी, धरातल पर योजनाओं की सफलता की कहानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी सरकार में डेयरी सेक्टर ने जिस तेजी से विस्तार किया है, उसने न केवल किसानों और युवाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा किए हैं। “मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” और “नंद बाबा दुग्ध मिशन” जैसी पहल ने इस बदलाव को जमीनी स्तर पर साकार किया है। आज प्रदेश के हजारों युवा डेयरी उद्यम के माध्यम से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं, जो पहले कभी पारंपरिक पशुपालन में आसान नहीं माना जाता था। योगी सरकार के सहयोग से देवेंद्र बने आत्मनिर्भर मथुरा जिले के गांव रदोई निवासी देवेन्द्र सिंह का चयन नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में हुआ। उन्होंने आठ साहिवाल एवं दो गिर गोवंश खरीदकर डेयरी यूनिट स्थापित की। सरकार ने उन्हें योजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया। वर्तमान में उनकी डेयरी से औसतन 100 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। देवेन्द्र का कहना है कि योगी सरकार के सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। दुग्ध उत्पादन में यूपी देश में पहले स्थान पर अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है। स्वदेशी नस्लों ने बदली तस्वीर साहिवाल और गिर नस्ल की गायें अधिक दूध उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। योगी सरकार ने इन नस्लों को बढ़ावा देकर डेयरी सेक्टर को नई दिशा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्थानीय स्तर पर आधुनिक डेयरी इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जिनसे न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा है बल्कि पशु आहार, परिवहन, दुग्ध संग्रहण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। गांवों में रुक रहा पलायन, बढ़ रही आय प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आर्थिक मुख्यधारा में लाया गया है। अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि यह वृद्धि योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री के जमीनी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में आई यह तेजी उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुकी है। आय बढ़ने से युवा गांवों से पलायन नहीं कर रहे हैं। अब गो सेवा से आर्थिक समृद्धि ग्रामीण युवाओं का कहना है कि पहले पशुपालन सीमित आय का जरिया माना जाता था, लेकिन अब यही क्षेत्र सम्मानजनक और स्थायी रोजगार का बड़ा माध्यम बन गया है। बड़े पैमाने पर युवा डेयरी यूनिट स्थापित कर खुद के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। गांवों में गो सेवा अब आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनती दिखाई दे रही है।

लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

हर जरूरतमंद का बनवाएं आयुष्मान कार्ड: मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा और आश्वस्त किया कि सरकार इलाज कराने में भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।  महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने अलग-अलग मामलों के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद निस्तारण होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह बुधवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उनसे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा, साथ ही भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। अस्पताल का एस्टीमेट मिलते ही विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।   जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्यार किया और उन्हें आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दी। इस दौरान उन्होंने एक महिला के साथ आए दो बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन कर उभरती स्वदेशी क्षमताओं की की सराहना

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उभरती स्वदेशी क्षमताओं को सराहा प्रदर्शनी में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित तकनीकों और उपकरणों ने दिखाई भारत की शक्ति भारतीय सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता का संगम रहा प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र प्रयागराज  नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए देश की उभरती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की सराहना की। तीन दिवसीय इस आयोजन में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।  प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री ने बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल गियर, अत्याधुनिक हेलमेट और मल्टी-टेरेन ऑपरेशंस के लिए विकसित सैन्य उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों से तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली और उत्पादों की उपयोगिता पर चर्चा की। विशेष रूप से ‘हेड-टू-बूट’ सुरक्षा प्रणाली, अत्यधिक विषम तापमान में पहने जाने वाले कपड़े और मॉड्यूलर प्रोटेक्शन सिस्टम जैसे इनोवेशन आकर्षण का केंद्र रहे। सिम्पोजियम में प्रदर्शित तकनीकों में ड्रोन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण और भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए विकसित एआई आधारित समाधान भी शामिल रहे। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर मल्टी-डोमेन वॉरफेयर यानी साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है।  प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा कंपनियों की भागीदारी ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती दी है। समापन अवसर पर समूह फोटो में सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की संयुक्त उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि भविष्य का युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और साझेदारी से तय होगा और प्रयागराज का यह मंच उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

पूर्वांचल-तराई में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। कहीं तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बादलों की आवाजाही, बारिश और तेज हवाएं राहत दे रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल लू जैसी स्थिति बनने के आसार नहीं हैं। लखनऊ में दिनभर बदलता रहा मौसम राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिन में तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट में येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 मई के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से अचानक मौसम बदलने और तेज आंधी-बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के अनुसार देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मौसमी गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और संभावित ओलावृष्टि का असर फसलों पर पड़ सकता है। 8 मई के बाद तेजी से बढ़ेगा तापमान वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने और आसमान साफ होने के बाद गर्मी का असर बढ़ेगा। हालांकि अभी प्रदेश में लू चलने की संभावना नहीं जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।  

प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति

योगी सरकार में बदली शिक्षामित्रों की तस्वीर प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति शिक्षा सुधार और गुणवत्ता में शिक्षामित्र बने व्यवस्था की मजबूत कड़ी लखनऊ  योगी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से शिक्षामित्रों को तकनीकी और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया। उन्हें सिर्फ 'सहयोगी' की भूमिका से बाहर निकाला और शिक्षा व्यवस्था का सक्षम एवं जिम्मेदार अंग बनाया। लगातार प्रशिक्षण, डिजिटल साधनों से जोड़ने और जिम्मेदारी तय करने के बाद जब शिक्षामित्रों ने खुद को इस नई भूमिका के अनुरूप साबित किया, तब सरकार ने उन्हें मानदेय बढ़ोतरी का लाभ देकर उनके योगदान को सम्मानित किया। सरकार ने सुधार को जमीन पर उतारते हुए शिक्षामित्रों की स्थिति और भूमिका दोनों को मजबूत किया है। सरकार ने सबसे पहले शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दिया। पहले जहां उन्हें ₹3,500 मानदेय मिलता था, उसे बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब 1 अप्रैल 2026 से यह ₹18,000 प्रतिमाह हो गया है। इससे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार आया है। यह बढ़ोतरी उनके वर्षों से किए जा रहे कार्य को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार के समन्वित प्रयासों ने दिखाया कि किसी वर्ग को सक्षम बनाकर सम्मान व आर्थिक संबल दिया जाए, तो वह व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है। शिक्षामित्रों की बदली हुई भूमिका इसका स्पष्ट उदाहरण है। प्रशिक्षण और डिजिटल सशक्तिकरण से बढ़ी क्षमता सरकार ने केवल मानदेय बढ़ाने तक ही काम सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षामित्रों को बेहतर शिक्षण के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्हें विषय आधारित प्रशिक्षण, बच्चों को समझकर पढ़ाने की तकनीक, बुनियादी साक्षरता और मूल्यांकन की विधियों से जोड़ा गया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षामित्रों को DIKSHA प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जहां उन्हें ई-कंटेंट, स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन शिक्षण का प्रशिक्षण मिला। इससे वे तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने में सक्षम हुए। जवाबदेही तय, भूमिका हुई स्पष्ट विद्यालयों में शिक्षामित्रों की भूमिका को स्पष्ट किया गया और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू की गई। नामांकन अभियान और मिशन प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसका सकारात्मक असर स्कूलों में बच्चों के नामांकन और पढ़ाई के स्तर पर देखने को मिला है। शिक्षा सुधार के केंद्र में शिक्षामित्र योगी सरकार की सुनियोजित नीति से आज शिक्षामित्र केवल सहायक नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उनकी तकनीकी समझ, प्रशिक्षण और जिम्मेदारी ने उन्हें शिक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है।

योगी सरकार की नई पहल: 34 सवालों के जवाब देकर बनाएं अपनी Census ID

लखनऊ उत्तर प्रदेश के निवासी गुरुवार से अपनी जनगणना खुद कर सकेंगे। जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले गुरुवार से स्वगणना शुरू होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम आवास पर अपनी जानकारी पोर्टल पर भरने के साथ स्वगणना का शुभारंभ करेंगे। स्वगणना की यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी, जिसके बाद 22 मई से प्रगणक खुद जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे। 22 मई से शुरू होने वाला यह चरण 20 जून तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल होगा। इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में की जा रही है। निदेशक व मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार से शुरू होने वाली स्वगणना में लोग विशेष तौर पर तैयार किए गए पोर्टल, se.census.gov.in पर जाकर जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। उन्हें 34 सवालों के जवाब देने होंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष स्वगणना आईडी (एसई आईडी) मिलेगी। जब प्रगणक उनके पास तक पहुंचेंगे तो वे उसकी तस्दीक करके आईडी जनगणना पोर्टल पर दर्ज करेंगे। एक रसोई – एक परिवार जनगणना के नियमों के मुताबिक एक साथ रहने वाले और एक रसोई में भोजन करने वालों को एक ही परिवार के तौर पर दर्ज किया जाएगा। परिवार की गिनती के लिए साझा रसोई को ही निर्णायक कारक माना जाएगा। वहीं, जनगणना की प्रक्रिया में मकान उसे माना जाएगा जिसमें आंगन, सड़क, सीढ़ी के इतर अलग से मुख्य प्रवेश द्वार होगा। स्वगणना के लिए अपनानी होगी ये प्रक्रिया -स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in खोलें -परिवार पंजीकरण करें (नाम व मोबाइल नंबर) -भाषा चुनें और ओटीपी सत्यापन करें -पता दर्ज करें और मानचित्र पर घर चिह्नित करें -जनगणना प्रश्नावली भरें और अंतिम सबमिट कर एसई आईडी प्राप्त करें -प्रगणक द्वारा एसई आईडी की प्रविष्टि व क्षेत्रीय सत्यापन इन 34 सवालों का देना होगा जवाब 1-मकान नंबर (स्थानीय या जनगणना नंबर)। 2-मकान की छत, दीवार और फर्श में इस्तेमाल की गई मुख्य सामग्री। 3-मकान का उपयोग (आवासीय, आवासीय-सह-अन्य, या गैर-आवासीय)। 4-मकान की स्थिति (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर)। 5-परिवार नंबर। 6-परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या। 7-परिवार के मुखिया का नाम। 8-मुखिया का लिंग (पुरुष/महिला/थर्ड जेंडर)। 9-क्या मुखिया अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) से है? 10-मकान के स्वामित्व की स्थिति (अपना, किराये का या अन्य)। बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल 11-परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या। 12-परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या। 13-पीने के पानी का मुख्य स्रोत। 14-पानी के स्रोत की उपलब्धता (परिसर के भीतर, पास में या दूर)। 15-प्रकाश (बिजली) का मुख्य स्रोत। 16-शौचालय की उपलब्धता (प्रकार और उपयोग)। 17-गंदे पानी की निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था। 18-स्नान सुविधा की उपलब्धता। 19-रसोई घर की उपलब्धता और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन। 20-खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन। संपत्ति और संसाधनों से जुड़े सवाल 21-रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता। 22-टेलीविजन (TV) की उपलब्धता। 23-इंटरनेट सुविधा (हाँ/नहीं)। 24-लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता। 25-टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन की उपलब्धता। 26-साइकिल की उपलब्धता। 27-स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड की उपलब्धता। 28-कार/जीप/वैन की उपलब्धता। 29-क्या परिवार के पास मुख्य रूप से खेती की जमीन है? 30-परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी 31-मोबाइल नंबर (संपर्क के लिए)। 32-क्या परिवार का कोई सदस्य शारीरिक/मानसिक रूप से अक्षम है? 33-परिवार के पास बैंक खाता/डाकघर खाता है या नहीं? 34-क्या परिवार किसी सरकारी आवास योजना का लाभ ले रहा है? ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को तबादला नीति से राहत नहीं राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है, जिसमें जनगणना में लगे कर्मचारियों को इससे अलग नहीं रखा गया है। तबादला सत्र की आखिरी तारीख 31 मई रखी गई है, जबकि तमाम राज्य कर्मचारी भी 22 मई से जनगणना कार्य में लगाए गए हैं। ऐसे में अगर इनका तबादला होता है तौर तत्काल प्रभाव से इन्हें नई तैनाती स्थल में पदभार ग्रहण करने के लिए कहा जाता है तो जनगणना कार्य प्रभावित हो सकता है। जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलना है। प्रशिक्षण कार्य में तेजी जनगणना के काम में प्रदेश भर से तकरीबन पांच लाख कर्मचारियों का इस्तेमाल होगा। इस संख्या में अतिरिक्त या रिजर्व में रखे गए कर्मचारी भी शामिल हैं। बड़े स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है। हालांकि अब भी प्रशिक्षण का काम पूरा नहीं हुआ है। स्वगणना प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब बचे हुए कर्मचारियों के प्रशिक्षण में तेजी लाई जा रही है। कर्मचारियों को संदेश भेजा जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

डॉक्टर के पास मिले छिपे रिकॉर्ड, बटला हाउस और शाहीन बाग का लिंक; आगरा धर्मांतरण रैकेट में खुलासा

 आगरा आगरा के कथित धर्मांतरण रैकेट की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं. आरोपियों से पूछताछ में बटला हाउस और शाहीन बाग तक जुड़े कनेक्शन के साथ फंडिंग नेटवर्क का सुराग मिला है, जबकि रिकॉर्ड एक डॉक्टर के यहां छिपाए जाने की बात भी सामने आई है. पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने इस मामले के चार आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए, जबकि रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग खारिज कर दी गई।  इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जाविश उर्फ जतिन और मौलाना हसन शामिल हैं. पुलिस ने रिमांड के दौरान इनसे पूछताछ की, जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में फंडिंग और कथित ब्रेनवॉशिंग से जुड़े पहलुओं पर जानकारी मिली है।  पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि कुछ अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड दिल्ली के बटला हाउस इलाके में एक डॉक्टर के यहां छिपाए गए थे. इसके अलावा शाहीन बाग में लेन-देन से जुड़े दस्तावेज होने की बात भी सामने आई है. इन जानकारियों के आधार पर पुलिस अब संबंधित स्थानों और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।  इस मामले में मुख्य सरगना अब्दुल रहमान और आयशा समेत कुल 14 आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क है, जो विभिन्न स्तरों पर काम कर रहा था. जांच एजेंसियां अब इस रैकेट की फंडिंग के सोर्स और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में लगी हैं. साथ ही, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं. वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं।