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ICMR अध्ययन में यूपी को हाई रिस्क जोन घोषित, स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ी

 गोरखपुर  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के अध्ययन ने उत्तर प्रदेश में हेपेटाइटिस ए के बढ़ते प्रकोप को लेकर गंभीर चिंता जताई है। देश के 21 राज्यों में कराए गए इस व्यापक सर्वेक्षण में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) गोरखपुर की भी अहम भूमिका रही। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में संक्रमण की दर अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इसलिए इस प्रदेश को हाई रिस्क जोन में रखा गया है। यहां 97 प्रतिशत नमूने पाजिटिव पाए गए। देश में संक्रमण दर 90 प्रतिशत पाई गई। सभी 21 राज्यों से 14778 नमूने लिए गए, इनमें से 12236 नमूने पाजिटिव मिले। उत्तर प्रदेश के नौ जिलों से कुल 1957 लोगों के नमूने एकत्र कर उनकी जांच की गई। इसमें से 1879 अर्थात 97 प्रतिशत नमूने हेपेटाइटिस ए पाजिटिव पाए गए। यह आंकड़ा राज्य में संक्रमण के व्यापक फैलाव की ओर संकेत करता है। इसके विपरीत, अन्य राज्यों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। सबसे कम केरल में 44.8 प्रतिशत और बंगाल में 63.1 प्रतिशत नमूने पाजिटिव मिले। अन्य राज्यों में संक्रमण दर इससे ज्यादा रही। इस महत्वपूर्ण अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। इसे दिसंबर 2025 में लंदन के जर्नल द लांसेंट रिजनल हेल्थ ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट के आधार पर आइसीएमआर ने भारत सरकार को सुझाव दिया है कि हेपेटाइटिस ए के टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में इस बीमारी के प्रकोप को रोका जा सके। विशेषज्ञ इसे नान अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) का बड़ा कारण मान रहे हैं। एनएएफएलडी पर आरएमआरसी की एक टीम लखनऊ के नगराम क्षेत्र में अध्ययन कर रही है। दूसरी टीम लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व महराजगंज के थारू समुदाय में हेपेटाइटिस की जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी होगी, राज्य बनेगा बड़ा निर्यात हब: एन. चंद्रशेखरन

उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की उपस्थिति होगी दोगुनी, राज्य बनेगा बड़ा निर्यात हब: एन. चंद्रशेखरन टाटा संस के चेयरमैन बोले- यूपी में अपार संभावनाएं, अगले पांच वर्षों में तेजी से बढ़ेगा निवेश और रोजगार लखनऊ  टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे संभावनाशील औद्योगिक राज्यों में एक है और आने वाले वर्षों में यहां टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी से अधिक होने जा रही है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत नेतृत्व के कारण उद्योगों के विस्तार के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। एन चंद्रशेखरन ने ये बातें राजधानी में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस के फ्लैग ऑफ अवसर पर कहीं। यूपी बनेगा देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यूपी में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत नीतिगत समर्थन और निवेश के अनुकूल वातावरण इसे औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बना रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की गति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। राज्य सरकार की नीतियों और सहयोग के कारण उद्योगों को विस्तार का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मौजूद अपार संभावनाएं, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और युवा कार्यबल इसे देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल औद्योगिक, बल्कि तकनीकी और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा। अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य उन्होंने कहा कि लखनऊ स्थित टाटा प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि सप्लायर्स, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय के साथ विकसित एक सशक्त इकोसिस्टम है, जो टाटा समूह और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विश्वास और साझेदारी का प्रतीक है। 34 वर्षों में 10 लाख वाहनों के उत्पादन का यह माइलस्टोन इस मजबूत संबंध और निरंतर विकास यात्रा को दर्शाता है। एन चंद्रशेखरन ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार अब तक की प्रगति हुई है, अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले दशकों में वैश्विक स्तर पर सबसे तेज गति से बढ़ेगी और उत्तर प्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा। टीसीएस की यूपी यूनिट्स में अगले 5 वर्षों में होंगे 40 हजार प्रोफेशनल्स एन चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा मोटर्स का पोर्टफोलियो तेजी से विस्तृत हो रहा है, जिसमें पारंपरिक डीजल वाहनों के साथ-साथ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहन भी शामिल होंगे। इससे उत्तर प्रदेश न केवल देश के लिए, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बन सकता है। टाटा समूह की अन्य कंपनियों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के वर्तमान में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में कार्यरत हैं, जिनकी संख्या अगले पांच वर्षों में 40,000 तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी समूह का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मथुरा व गोरखपुर में भी सक्रिय पहल, सीएम का जताया आभार उन्होंने कहा कि टाटा समूह केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। जल संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में पहल करते हुए समूह मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में एआई टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे कार्य कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सहयोग और दूरदर्शी नीतियों के कारण ही यह विकास संभव हो पाया है।

डीएम गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की बैठक आयोजित

डीएम गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की बैठक कार्मिक या श्रमिक के उपद्रवी व्यवहार पर संबंधित एजेंसी होगी ब्लैक लिस्ट, की जाएगी लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समस्त संविदाकार शासन की गाइडलाइंस के अनुसार निर्धारित वेतन देना करें सुनिश्चित राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध  गौतमबुद्धनगर जनपद में शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों के साथ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकार उद्योग को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्मिकों व श्रमिकों समेत शांति व्यवस्था बनाए रखें। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। अगर किसी भी एजेंसी द्वारा या एजेंसी के कार्मिक/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसे में उस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करते हुए एजेंसी का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है ।   जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए 13,690, अर्धकुशल श्रमिक के लिए 15,059 तथा कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपए प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार इन वेतन मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें एवं श्रमिक के बैंक खातों में पूर्ण वेतन हस्तांतरित करें। किसी भी प्रकार के नियमों का उलंघन व श्रमिकों का शोषण करने पर सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग, श्रमिक एवं नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, वहीं नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य भी सुनिश्चित होता है। यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है।   डीएम ने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए आपसी सहयोग एवं विश्वास के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान हेतु प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश, संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे।

आईपीएल सट्टेबाजी में वकील समेत कई गिरफ्तार, 100 करोड़ के लेनदेन का शक

 कानपुर  आईपीएल में सट्टा और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम खिलाने वाला गिरोह बेहद चालाक था। वे पकड़े न जाएं, इसलिए चलती कैब में आईपीएल सट्टा खिलाते और उसका लेनदेन करते थे। सोमवार को जेल गए आठ आरोपितों में एक वकील तो दूसरा वकील का बेटा है। वकील के बेटे ने इस काम के लिए खुद दो कारें खरीदकर कैब में लगा रखी थी। वहीं इस गिरोह के 15 आरोपित भागे हुए हैं, जिनमें से दो आरोपितों के नंबर की लोकेशन ट्रेस हुई है। उनकी तलाश में टीम लखनऊ और प्रयागराज पहुंची है। वहीं, आरोपितों के 150 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये के लेनदेन होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी जानकारी मांगी जाएगी। प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम लोटस 365, रेड्डी बुक, कार्तिके, दुबई ईएक्सएच आदि गेम व आईपीएल सट्टा खेलने के लिए क्लोन वेबसाइट बनाई गई है। इसमें दुबई में बैठे मास्टर माइंड ने बनवाई है। उसने देश के सभी राज्यों और जिलों में अपने गिरोह के हजारों सदस्यों को शामिल कर रहा है। शहर में इस गिरोह का मुख्य सदस्य मोहित और उसकी मानिटरिंग करने वाला लखनऊ का विमल है। बर्रा थाने की पुलिस ने साइबर व सर्विलांस टीम की मदद से मोहित के भाई बर्रा धर्मेंद्र नगर निवासी अभिषेक वर्मा, नेहरू नगर के वकील हितेश निगम, गुजैनी एफ ब्लाक निवासी सत्यम तिवारी, बर्रा पांच के अनमाेल विश्वकर्मा, साकेत नगर के नितिन गुप्ता, कैंट के बनिया बाजार निवासी स्नेहिल बजाज, हंसपुरम आवास विकास निवासी सुल्तान अहमद, नौशाद को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेजा गया था, जबकि मोहित, विमल समेत 15 आरोपित भागे हुए हैं। बर्रा थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुबई में बैठा मास्टर माइंड राज्यों व जिलों के अलग-अलग ब्रांच कोड आवंटित किए हैं, जिसकी जिम्मेदरी उस जिले के प्रमुख व्यक्ति को दी जाती है और उसे व उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों 50 हजार से एक लाख रुपये तक का वेतन दिया जाता है। कानपुर का ब्रांच 24 कोड आवंटित है। इन लोगों का काम सिर्फ इतना होता है कि जो भी वयक्ति सट्टा या गेम खेल रहा है और रुपये जीतता है तो उसकी आइडी के अकाउंट में बताई गई रकम ट्रांसफर करनी होती है। इस गिरोह के पास जो खाते हैं। उसमें मास्टर माइंड साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराता है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए गिरोह चलती कैब में लोगों को रुपये ट्रांसफर करते हैं, जिससे वे पकड़े न जाएं। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों के 26 मोबाइल फोन पर 52 खातों में 52 लाख अभी फ्रीज की प्रक्रिया की गई है, जबकि एक करोड़ रुपये तक होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी भी प्रक्रिया की जाएगी। मंगलवार को बैंक बंद होने से बरामद बैंक खातों व मोबाइल एप में लिंक खातों की जानकारी नहीं मिल सकी है। बुधवार को जानकारी मिलने की संभावना है।

गोरखपुर ने एआई जागरूकता के क्षेत्र में गिनीज बुक में नाम किया दर्ज

एआई जागरूकता पर गिनीज बुक में दर्ज हुआ गोरखपुर का नाम सीएम योगी के मार्गदर्शन में रची गई ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम की रूपरेखा, 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन को सौंपा प्रमाण पत्र गोरखपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता पर गोरखपुर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में तैयार किए गए ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम ने एक सप्ताह की समय सीमा में 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। एमपीआईटी (महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) और अन्य संस्थानों के सहयोग से इस प्रोग्राम को शुरू किया है। बुधवार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को इस प्रोग्राम के तहत पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान रचे जाने का प्रमाण पत्र सौंपा। यह प्रमाण पत्र एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह के मंच पर सौंपा गया। एमपीआईटी ने ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था। इसके लिए निर्धारित तिथि, 9 अप्रैल तक 764187 पंजीकरण हुए। इसके अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा, बीआईटी गीडा आदि को भी साझा पहल में शामिल किया गया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को कड़े मानकों पर परखने के बाद प्रमाण पत्र सौंपा गया है।  पूर्णतः निशुल्क इस एआई अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य, लाखों वाहन अभी भी बिना प्लेट

 लखनऊ बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) वाहनों की 15 अप्रैल से प्रदूषण जांच नहीं होगी। वाहनों में यह नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है, फिर भी प्रदेशभर में दो करोड़ वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगी है। प्रदूषण जांच न कराने पर वाहन मालिक का दस हजार रुपये और एचएसआरपी न होने पर पांच हजार रुपये यानी दोनों का कुल 15 हजार रुपये का चालान होगा। महानगरों में यह कार्रवाई यातायात विभाग, परिवहन व पुलिस तीनों करेंगे, जबकि अन्य जिलाें में परिवहन व पुलिस करेगी। प्रदेश में एक अप्रैल 2019 से पंजीकृत होने वाले सभी वाहनों में एचएसआरपी लग रही है। इसके पहले के पंजीकृत तीन करोड़ से अधिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया था, कई बार अभियान चलाकर लोगों को नंबर प्लेट लगवाने के लिए प्रेरित किया गया और बिना एचएसआरपी लगे वाहन मिलने पर चालान भी हुए उसके बाद भी करीब दो करोड़ वाहनों में अब तक विशेष नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश दोपहिया वाहनों में यह नंबर प्लेट नहीं लगी है। अपर परिवहन आयुक्त राजस्व राजेंद्र विश्वकर्मा ने बताया, परिवहन विभाग ने नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर यानी एनआइसी के माध्यम से पीयूसीसी यानी प्रदूषण जांच पोर्टल में ऐसी तकनीकी व्यवस्था की गई है ताकि 15 अप्रैल से पोर्टल इसका प्रमाणपत्र तभी जारी करेगा, जब वाहन में एचएसआरपी लगा होगा। क्या है एचएसआरपी यह प्लेट एल्युमीनियम से बनी होती है, जिसमें सुरक्षा के लिए अशोक चक्र होलोग्राम और 10 अंकों का पिन (लेजर कोड) होता है। इसमें वाहन की पूरी जानकारी जैसे इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि दी गई है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आ रहा जांच का ओटीपी फरवरी माह में ही वाहनों की प्रदूषण जांच में बदलाव हुआ। वाहन खरीदते समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया था, उसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आ रहा है। वाहन स्वामी ने पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया है या खो गया है तो नया नंबर अपडेट कराना होगा, उसके बाद ही प्रदूषण की जांच हो सकेगी। ऐसे लगवा सकते हैं एचएसआरपी वाहन में एचएसआरपी लगवाने के लिए सबसे पहले वेबसाइट bookmyhsrp.com पर जाएं और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट विद कलर स्टीकर का विकल्प चुनें। अपने राज्य का चयन करके वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर आदि दर्ज करें। प्लेट लगवाने के लिए नजदीकी डीलर या होम डिलीवरी का चयन करें। अपनी सुविधा के अनुसार, नंबर प्लेट लगवाने की तारीख व समय चुन सकते हैं। आवेदन फीस का आनलाइन भुगतान करना होगा। दोपहिया वाहनों के लिए लगभग 400 रुपये से और चार पहिया वाहनों के लिए 1100 रुपये तक का भुगतान करना होगा। इसमें वाहन स्वामी को अपने वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र यानी आरसी दस्तावेज के रूप में अपलोड करना होगा।

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त

मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद, छीना-झपटी में प्रतिमा क्षतिग्रस्त लखीमपुर खीरी में अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी आंबेडकर जयंती पर झड़प के बाद कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में, डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे लखीमपुर/लखनऊ लखीमपुर खीरी में आंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच हुए विवाद और झड़प के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। डीएम-एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हैं। क्षेत्र में शांति एवं सामान्य स्थिति बनी हुई है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। हालात पर लगातार सतर्क नजर रखी जा रही है। मूर्ति स्थापना के दौरान हुआ विवाद अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने बताया कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता एक स्थान पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे, जिसका उसी समाज के दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी और झड़प हो गई, जिसमें प्रतिमा को नुकसान पहुंचा। इसी दौरान कुछ लोगों ने अफवाहों से भ्रमित होकर पुलिस कर्मियों पर पथराव किया। मौके पर डटे वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पवन गौतम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अशांति फैलाने वालों पर सख्त नजर अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने बताया कि एक ही समाज के लोगों के बीच हुई इस घटना को लेकरकुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस मौके पर मौजूद है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।

चलती कार में अर्धनग्न स्टंट का वीडियो वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई

हापुड़ हापुड़ पुलिस ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे NH-9 पर चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर अर्धनग्न हालत में स्टंट करने वाले एक युवक के खिलाफ 21,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काटकर कार्रवाई की है. गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में युवक ने तेज रफ्तार कार में गाने बजाकर हंगामा किया, जिसका वीडियो पीछे चल रहे राहगीर ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. यातायात पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर तत्काल एमवी एक्ट के अंतर्गत गाड़ी का चालान किया. चलती कार की सनरूफ से किया स्टंट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि नेशनल हाईवे-9 पर एक कार तेजी से दौड़ रही है. इसी दौरान एक युवक कार की सनरूफ से आधा बाहर निकलकर खतरनाक तरीके से स्टंट कर रहा है. कार के भीतर तेज आवाज में गाने बज रहे थे और युवक लगातार हंगामा कर रहा था. राहगीरों द्वारा बनाए गए इस वीडियो के इंटरनेट पर फैलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और गाड़ी के नंबर के आधार पर कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने सिखाया सबक, काटा भारी चालान वीडियो का संज्ञान लेते हुए हापुड़ यातायात पुलिस ने इसे यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन माना. पुलिस ने बिना देरी किए एमवी एक्ट के तहत संबंधित वाहन का कुल 21,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काट दिया. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे स्टंटबाजों को कड़ा संदेश देना है जो सड़क पर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं. पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है. यातायात पुलिस की जनता से अपील हापुड़ के यातायात निरीक्षक नरेश कुमार ने इस घटना के बाद जिलेवासियों से विशेष अपील की है. उन्होंने कहा कि लोग यातायात नियमों के अनुरूप ही अपने वाहन का प्रयोग करें और ऐसी कोई हरकत न करें जिससे किसी की जान को खतरा हो. पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी चालक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी.

लखनऊ समेत पूरे यूपी में पारा चढ़ा, मौसम विभाग ने दी और गर्मी की चेतावनी

लखनऊ  यूपी में पड़ रही गर्मी अब अपने पूरे तेवर दिखाने लगी है। अभी अप्रैल का महीना आधा ही बीता है और तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में कुछ शहरों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस और कुछ का इसके भी पार पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल इस चुभती गर्मी से किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आने वाले अगले कुछ दिनों में ये गर्मी और सितम ढा सकती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को यूपी के पांच जिले ऐसे रहे, जिनमें तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। इनमें 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा जिला यूपी में सबसे ज्यादा गर्म रहा। इसके साथ ही झांसी में 40.5 डिग्री, प्रयागराज में 40.4 डिग्री, वाराणसी में 40.1 डिग्री और सुल्तानपुर में 40 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं, आगरा में 39.8 डिग्री और यूपी की राजधानी लखनऊ में भी मंगलवार को पारा 38.1 डिग्री तक पहुंच गया। दिनभर चली गर्म हवाओं ने लोगों को एहसास करा दिया कि इस बार यूपी में गर्मी जमकर पसीने छुड़ाएगी। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि अगले चार से पांच दिनों में इस गर्मी भरे मौसम में किसी तरह के बदलाव के संकेत नहीं है। फिलहाल कोई एक्टिव वेदर सिस्टम बनता हुआ नहीं दिख रहा है। यूपी में चलती रहेंगी पछुआ हवाएं मोहम्मद दानिश ने बताया कि अभी अगले चार-पांच दिन शुष्क पछुआ हवाएं चलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित प्रायद्वीपीय इलाकों के ऊपर एक एंटीसाइक्लोन बना हुआ है, जो मध्य भारत की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में अगले एक हफ्ते के भीतर, यूपी के अलग-अलग जिलों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। यूपी में अगले 7 दिनों की मौसम रिपोर्ट अनुमान है कि 18 अप्रैल के बाद यूपी के अलग-अलग जिलों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ेगा। मौसम विभाग की तरफ से बुधवार को जारी की गई 7 दिनों की वेदर रिपोर्ट में भी बताया गया है कि 15 अप्रैल से 21 अप्रैल तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मौसम शुष्क ही बना रहेगा। हालांकि, मौसम विभाग की इस रिपोर्ट में किसी तरह की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।  

मायावती का बयान: महिला आरक्षण बिल का BSP ने किया समर्थन, SC, ST और OBC को अलग से कोटा मिलना चाहिए

 लखनऊ  बसपा प्रमुख मायावती ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का स्वागत किया है. उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसमें SC, ST और OBC महिलाओं के लिए अलग से कोटा देने की मांग की. मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण के पक्ष में है।  मायावती ने कहा- "हमारी पार्टी देश की संसद, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 33% आरक्षण का और इसे आगे बढ़ाने के लिए उठाए गए सही और उचित कदम का स्वागत करती है. हालांकि इसमें काफी देरी हुई है, लेकिन देरी के बावजूद, हमारी पार्टी इसका स्वागत करती है. यदि वास्तव में शोषित और हाशिए पर पड़ी महिलाओं के लिए, विशेष रूप से SC, ST और OBC समुदायों की उन महिलाओं के लिए, जिन्हें सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है, अलग से आरक्षण प्रदान किया जाता है, तो यह उचित और ऐतिहासिक दोनों होगा।  बकौल मायावती- "जीवन के हर पहलू में महिलाओं को समानता और आत्म-सम्मान का अधिकार देने के साथ-साथ, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने 'हिंदू कोड बिल' के माध्यम से उन्हें मजबूत कानूनी अधिकार देने का भी प्रयास किया था. तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपने संकीर्ण जातिवाद से प्रभावित होकर इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया और बाद में इसे टुकड़ों-टुकड़ों में पारित किया. इस प्रकार, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को OBCs के लिए आरक्षण की कमी और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और बेहतरी के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने के विरोध में देश के पहले कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।  बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि हमारी पार्टी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के वर्तमान केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करती है. हालांकि, हमारी पार्टी हमेशा से महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण के पक्ष में रही है. हमारी पार्टी 33 प्रतिशत आरक्षण का भी स्वागत करती है।