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योगी आदित्यनाथ, देश के 21 प्रतिशत खाद्यान्न का अकेले उत्पादन करता है उत्तर प्रदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। यहां पर दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत की कुल आबादी की 16-17 फीसदी जनसंख्या उत्तर प्रदेश में निवास करती है। राज्य के पास देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है पर इस 11 फीसदी भूमि में भारत के कुल खाद्यान्न का 21 फीसदी उत्पादन उत्तर प्रदेश करता है। उन्होंने कहा कि थोड़ा प्रयास करने पर परिणाम कैसे आते हैं ये बीते नौ वर्षों में देखा जा सकता है। हमने बीते नौ साल में कृषि विकास दर को उत्तर प्रदेश में 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में  छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां जितने कृषि वैज्ञानिक और शोधार्थी हैं उन्होंने भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम की गाथा को सुना होगा। यह भारत के आनंदमठ उपन्यास का एक पार्ट है। जो कि बंगाल की त्रासदी पर आधारित गीत है। बंगाल में जब अकाल पड़े थे। लोग भूखे मर रहे थे। वहां के एक जमीदार महेंद्र नाथ के परिवार पर किस प्रकार जुल्म हुआ था। इससे पता चलता है। फिर सन्यासी विद्रोह हुआ। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में किस प्रकार शोषण होता था, उसकी पूरी गाथा आनंदमठ में समाहित की गई है। भारत के उत्पादक किसान को कर्जदार बना दिया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब भारत का दुनिया की 44-45 फीसदी अर्थव्यवस्था पर अधिकार था तब उसका आधार भारत की कृषि थी। अन्नदाता किसान और कारीगर इसका आधार थे। किसान सिर्फ खेती तक सीमित नहीं थे। वह कारीगर भी था। दोनो काम मिलकर होते थे। किसान उत्पादक था और जब कारीगर बनकर कार्य करता था तो उद्यमी के रूप में भी खुद को स्थापित करता था।उन्होंने कहा कि भारत की कृषि उत्पादक से उद्यमी बनने की गाथा है। आक्रांताओं ने खेती पर ही हमला नहीं किया था बल्कि यहां की उद्यमिता पर भी हमला किया।  

कानपुर: टाइपिंग में गड़बड़ी पर तीन बाबुओं का डिमोशन, क्लर्क से चपरासी बना दिया गया

कानपुर  कानपुर कलेक्ट्रेट से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दफ्तरों में कामकाज की पोल खोल दी है. यहां तीन जूनियर क्लर्क (बाबू) का इसलिए डिमोशन कर दिया गया, क्योंकि वे तय मानक के अनुसार टाइपिंग नहीं कर सके. सरकारी नियमों के मुताबिक जूनियर क्लर्क के पद पर तैनात कर्मचारी को एक मिनट में कम से कम 25 शब्द टाइप करना आना चाहिए. यह उनकी बुनियादी कार्यकुशलता का हिस्सा है. कलेक्ट्रेट में तैनात तीन कर्मचारी प्रेमनाथ यादव, अमित कुमार यादव और नेहा श्रीवास्तव दो बार हुई इस परीक्षा में पास नहीं हो पाए.  मानक को पूरा नहीं कर सके।  साल 2024 में जब टाइपिंग परीक्षा हुई, तब ये तीनों कर्मचारी निर्धारित गति हासिल नहीं कर पाए. प्रशासन ने उस समय उन्हें सीधी सजा देने के बजाय सुधार का मौका दिया. कार्रवाई के तौर पर उनकी सैलरी इंक्रीमेंट रोक दिया गया था और उम्मीद जताई गई कि अगली बार वे अपनी कमी दूर कर लेंगे।  दूसरी बार भी नहीं बदली स्थिति इसके बाद वर्ष 2025 में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई. यह उनके लिए निर्णायक मौका था. लेकिन इस बार भी नतीजा वही रहा. तीनों कर्मचारी एक मिनट में 25 शब्द टाइप करने की अनिवार्य गति तक नहीं पहुंच सके. लगातार दूसरी बार असफल रहने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पूरे मामले की समीक्षा के बाद सख्त फैसला लिया. डीएम कैंप कार्यालय में तैनात प्रेमनाथ यादव और कलेक्ट्रेट में कार्यरत  अमित कुमार यादव व नेहा श्रीवास्तव को कनिष्ठ लिपिक के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी बना दिया गया. यह आदेश लागू होते ही तीनों कर्मचारियों का पद घटा दिया गया।  मृतक आश्रित कोटे से मिली थी नौकरी इन तीनों की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे के तहत हुई थी. यानी परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उन्हें नौकरी दी गई थी. ऐसे मामलों में सहानुभूति जरूर रहती है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी होता है कि कर्मचारी अपने काम की न्यूनतम योग्यता पूरी करें. नियम के अनुसार, नियुक्ति के एक साल के भीतर टाइपिंग परीक्षा पास करना अनिवार्य था, लेकिन यह शर्त पूरी नहीं हो सकी।  प्रशासन का स्पष्ट रुख प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है. अगर कोई कर्मचारी अपने पद की बुनियादी जिम्मेदारी ही पूरी नहीं कर पाता, तो कामकाज प्रभावित होता है. कलेक्ट्रेट जैसे कार्यालयों में फाइलों का काम, नोटिंग और दस्तावेज तैयार करना टाइपिंग पर ही निर्भर करता है. ऐसे में दक्षता की कमी सीधे काम पर असर डालती है. इसी वजह से यह सख्त कदम उठाया गया।  पूरे विभाग में गया संदेश इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट और अन्य विभागों में भी हलचल है. कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि अब कामकाज को लेकर सख्ती बढ़ सकती है. कई लोग इसे जरूरी कदम मान रहे हैं, क्योंकि इससे कार्यकुशलता बढ़ेगी. वहीं कुछ का कहना है कि कर्मचारियों को और समय या प्रशिक्षण दिया जा सकता था। 

ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी – विकास परियोजनाओं से बदलेगा आगरा का नक्शा, दस पवित्र नदियों के नाम पर होंगे 'ग्रेटर आगरा' के सेक्टर – 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी आगरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजनगरी आगरा को ऐतिहासिक सौगात दी। आगरा इनर रिंग रोड के समीप रहनकलां में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ब्रजभूमि को नमन करते हुए सीएम योगी ने आगरा के शहरी विस्तार को नई दिशा देने के लिए 'ग्रेटर आगरा' टाउनशिप का भूमिपूजन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया शहर केवल स्मार्ट ही नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी होगा। सरकार का लक्ष्य आगरा को सिर्फ एक पर्यटन स्थल तक सीमित न रखकर इसे एक आधुनिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। ग्रेटर आगरा जल्द ही दूसरा नोएडा बनकर उभरेगा। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां आएंगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘नए शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा इस महत्वाकांक्षी टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा। करीब 5142 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर और रहन कलां क्षेत्र में 449.65 हेक्टेयर भूमि पर इसे विकसित किया जाएगा। इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सेक्टरों का नामकरण गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर किया जाएगा। रेरा से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें, सीवरेज, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह आस्था और आधुनिक शहरीकरण का एक अनूठा संगम होगा। मौसम खराब होने का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि उन्हें मथुरा- वृंदावन के रास्ते से वापस लौटना पड़ा और वह 3:30 बजे तक आगरा एयरपोर्ट पर रुके रहे। उन्हें लगा कि देरी के कारण भीड़ कम हो जाएगी, लेकिन जनता का भारी उत्साह देखकर वह अभिभूत हो गए। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि आगरा की जनता ने 9 विधायक, मेयर, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष दिए हैं, जिसके बदले में सरकार ने शहर को आगरा मेट्रो जैसी बड़ी सुविधा दी है। 325 परियोजनाओं की सौगात और भविष्य का खाका इस कार्यक्रम में कुल 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया, जो शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यटन, आवास और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए कहा कि आगरा एयरपोर्ट के विकास को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा और इस साल के अंत तक इसे नया सिविल टर्मिनल मिल जाएगा। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के विकास पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहेगा। इसके अलावा यदि समय से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाती है, तो शहर में रबर डैम निर्माण की योजना को भी धरातल पर उतारा जाएगा। वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक हालात और भारत की प्रगति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध के कारण तबाही और भयंकर महंगाई है। अमेरिका जैसे देश में पेट्रोल के दाम चार गुना तक बढ़ गए हैं और पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरी तरह तबाह हो चुका है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। देश में सरकार ने उत्पाद कर को कम करके महंगाई को बढ़ने नहीं दिया। आज भारत पूरी दुनिया को नेतृत्व प्रदान करता हुआ दिखाई दे रहा है। आतंकवाद का खात्मा, माफिया मिट्टी में और सनातन का गौरव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर आतंकवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोंक दी गई है और देश से नक्सलवाद- माओवाद खत्म हो रहा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले माफियाओं को संरक्षण मिलता था, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने उन्हें मिट्टी में मिला दिया है। अयोध्या, मथुरा और संभल को उनका पुराना सांस्कृतिक गौरव लौटाया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता से सनातन के गौरव के लिए एकजुट रहने की अपील की और वादा किया कि वह आगरा में छत्रपति शिवाजी स्मारक, म्यूजियम और मेट्रो के दूसरे फेज के उद्घाटन के लिए जल्द ही फिर लौटेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री/सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, पर्यटन मंत्री/प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, रानी पक्षालिका सिंह, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, छोटे लाल वर्मा, एमएलसी विजय शिवहरे, एमएलसी डॉ.मानवेंद्र प्रताप सिंह, उ.प्र. लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

असमय वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी क्षतिपूर्ति, योगी सरकार का बड़ा फैसला

लखनऊ असमय वर्षा, ओलावृष्टि तथा कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बुधवार प्रातः इस संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विपरीत परिस्थिति में अन्नदाता का चिंतित होना स्वाभाविक है और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाए, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनियों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं किसानों से संपर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे अधिकतम राहत उपलब्ध हो सके। राजस्व विभाग को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जनपद को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से सहायता प्रदान की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां राहत शिविर स्थापित किए जाएं तथा मंडी समितियों के माध्यम से भी किसानों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। अग्निकांड की घटनाओं पर विशेष संवेदनशीलता बरतते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनहानि एवं पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक किसान, कृषक परिवार एवं बटाईदार के साथ पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

सीएम योगी का बयान: सनातनी एकजुट हों तो हिंदू विरोधी षड्यंत्र नहीं कर सकते भारत का कुछ भी

सनातनी एकजुट हों तो हिंदू विरोधी षड्यंत्र करने वाले भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगेः सीएम योगी संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1916 में राष्ट्रपिता ने बताई थी काशी की दुर्दशा, आज 50 हजार लोग एक साथ कर सकते हैं बाबा विश्वनाथ के दर्शन: योगी संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते, हमारी सरकार ने ही संभल को संभालाः मुख्यमंत्री मथुरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों की उपस्थिति में सनातन समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। रामनगरी का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि 2017 के पहले अयोध्या में तीन घंटे बिजली मिलती थी। जय श्रीराम बोलने पर लड्डू नहीं, डंडे-लाठियां मिलती थीं। गलियां संकरी थीं और भवन जर्जर। आवागमन के साधन भी सीमित थे, लेकिन आज अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कराती है। पूज्य संत एक मंच पर आए, एक स्वर में बोले तो 500 वर्ष का कलंक मिट गया और अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो गया। जब संतों की एकता में इतनी शक्ति है तो सभी सनातनी एकजुट होकर ताकत का अहसास कराना प्रारंभ कर दें तो कोई भी विधर्मी और विधर्मी की आड़ में उनकी जूठन खाकर हिंदू विरोधी षड्यंत्र करने वाले भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित श्रीसीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव कार्यक्रम में वृंदावन पहुंचे। श्रीमलूकपीठ आश्रम में मुख्यमंत्री ने दर्शन-पूजन किया, फिर गोपूजन कर गायों को गुड़ खिलाया।  किसी का भी हित सनातन व देशहित से बड़ा नहीं हो सकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिना रुके, थके, डिगे, झुके इस यात्रा को चरैवेति-चरैवेति के संकल्प के साथ निरंतर बढ़ाना होगा। व्यक्तिगत स्वार्थ भारत राष्ट्र और सनातन धर्म के मार्ग में बाधा नहीं बनना चाहिए। मेरा हित सनातन व देशहित से बड़ा नहीं हो सकता। पूज्य संतों ने जब व्यक्तिगत, आश्रम, संप्रदाय व पंथ हित को एक तरफ रखकर सनातन हित के बारे में सोचना प्रारंभ किया, तब यह व्यापक जागृति, दिव्य तेज, चमत्कार देखने को मिला। कई पीढ़ियां चली गईं, लेकिन राम मंदिर का दर्शन नहीं कर पाईं। हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है, जो अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन, जन्मभूमि की मुक्ति, श्रीराम मंदिर निर्माण और फिर भव्य प्राण-प्रतिष्ठा की साक्षी बनी। 1528 में राम मंदिर को बाबर के सिपहसालार मीर बांकी ने तोड़ा था। 500 वर्ष पूरे भी नहीं हुए और हमने भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया। यही भारत का गौरव है और यह तब होता है, जब संतों का आशीर्वाद और सशक्त नेतृत्व होता है। डबल इंजन की स्पीड होती है तो ताकत भी देखने को मिलती है।  हमारी सरकार ने संभल को संभाला मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में 1526 में श्रीहरिहर मंदिर को बाबर की औलादों ने तोड़ा था। वहां 67 तीर्थ, 19 कूप थे, सब कुछ मिट गया था। 1976-78 में दंगे हुए, सैकड़ों हिंदुओं को मार दिया गया। 1995-96 में सपा सरकार में दरिंदों के मुकदमे वापस कर दिए गए। मुझे उस परिवार का एक सदस्य मिला। उसने बताया कि हमारी प्रॉपर्टी को लूट लिया गया। हम दिल्ली भागकर जान बचा रहे हैं। तब मैंने उनसे कहा कि कागज लेकर आओ, आपकी प्रॉपर्टी पर फिर से कब्जा कराएंगे। हमारी सरकार ने 84 कोसी परिक्रमा के लिए पैसा दिया। प्रशासन से कहा कि टू-लेन सड़क, सराय, धर्मशाला बनाओ और यात्रा प्रारंभ कराओ। 67 तीर्थों व 19 कूपों से कब्जे हटवाए।  संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते सीएम योगी ने संत राजेंद्रदास जी महाराज के कथन का जिक्र करते हुए कहा कि मलूकदास जी ने चार मुगल बादशाहों (अकबर, जहांगीर, शाहजहां व औरंगजेब) के कालखंड की क्रूरता को देखा। भारत के संतों की दिव्य परंपरा कभी किसी विधर्मी के सामने अपने मूल्यों व आदर्शों से विचलित नहीं होती। उन्होंने उस समय जिस चेतना को जागरूक किया, आज का आध्यात्मिक व सांस्कृतिक भारत उसी पर आधारित है।  गोस्वामी तुलसीदास ने कहा था, भारत के राजा एक ही– प्रभु श्रीराम सीएम ने संत तुलसीदास की चर्चा की और कहा कि अकबर के नवरत्न उन्हें लालच देकर अकबर व मुगल बादशाहों के पास ले जाना चाहते थे, लेकिन संत तुलसीदास ने कहा कि मैं किसी बादशाह को नहीं जानता-पहचानता। भारत के राजा एक ही हैं। रामलीला में हम आज भी यही कहते हैं कि राजा रामचंद्र जी की जय। मुगलकालखंड में यह नारा संत तुलसीदास ने दिया था, यानी भारत का राजा कोई विधर्मी नहीं हो सकता। भारत के एक ही सनातन राजा हैं, वह हैं प्रभु श्रीराम, उनके अलावा कोई नहीं। तुलसीदास जी को गरीण ब्राह्मण कहने वालों पर सीएम ने तंज कसा और कहा कि उनसे बड़ा धनी कौन था, जिसने सबसे बड़े बादशाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। रामलीलाओं के माध्यम से उन्होंने भारत में जिस जनचेतना को जागरूक किया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा बनी। श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत महापुराण, शिव महापुराण की कथा भारत की कथा मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत महापुराण, शिव महापुराण की कथा भारत की कथा है। कोई फिल्म बनती है तो दो-चार, 10-15 दिन चलती है, फिर लोग भूल जाते हैं। लेकिन भारत की दिव्य चेतना, आध्यात्मिक-सांस्कृतिक प्रभाव है कि संतों की कथा में लाखों श्रद्धालु उपस्थित होते हैं। हर सनातन धर्मावलंबी जानता है कि अगला प्रसंग कौन सा आने वाला है, फिर भी कथा व्यास इन प्रसंगों के साथ समसामयिकता को जोड़कर मजबूती के साथ प्रस्तुत करते हैं तो लाखों श्रद्धालु घंटों बैठकर उसे श्रवण-अंगीकार करते हैं और उससे जीवन पथ को आलोकित करते हुए आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।  हर गांव में रामलीला, जाति या मत-संप्रदाय का भेद नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर तक उत्तर भारत के हर गांव में देर रात तक रामलीला होती है। इसमें सरकार सहयोग नहीं करती। गांव के लोग ही चंदा एकत्र करते हैं। रामलीला के पात्र भी गांव के लोग बनते हैं। पूरा गांव एकजुट होकर रामलीला का मंचन करता है और इसके संवाद के माध्यम से श्रीराम के साथ अपना तारतम्य स्थापित करता है। उसमें जाति, मत, संप्रदाय का भी भेद नहीं होता है। एक जगह पर पुरुष, महिला, … Read more

उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम, तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद समेत इक्यावन जिलों में बुधवार को तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इतना ही नहीं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। ऐसा मौसम विभाग का पूर्वानुमान है। भारतीय मौसम विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने चेतावनी जारी किया है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस.एन. सुनील पांडेय ने बताया कि मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए आंधी, हल्की बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, 8 अप्रैल की सुबह तक प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में हल्की गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, संत रविदास नगर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, ललितपुर, झांसी, इटावा, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, देवरिया, अयोध्या, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली और पीलीभीत सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, खुले स्थानों पर खड़े न रहने तथा आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी फसलों और कटाई कार्य को लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है।  

त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 आज से

त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 आज से  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ, वैज्ञानिकों को भी करेंगे सम्मानित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में होगा आयोजन, तकनीकी सत्रों में शामिल होंगे देश के नामचीन कृषि वैज्ञानिक व विशेषज्ञ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ, वैज्ञानिकों को मिलेगा सम्मान लखनऊ उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) की ओर से बुधवार से त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन होगा। 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे। ट्रांसफॉर्मिंग एग्रीकल्चर फॉर विकसित कृषि- विकसित भारत@ 2047 विषयक छठवीं उप्र कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में होगा।  यह जानकारी “उपकार” के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने दी। समारोह में उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना (2025-26) के अंतर्गत चयनित 15 वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई तकनीकी सत्र भी होंगे, जिसमें अनेक कृषि वैज्ञानिक व विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे।  उद्घाटन समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन (सेवानिवृत्त) विकास गुप्ता आदि मौजूद रहेंगे।

डीएम को फोन पर दी घेरकर मारने की धमकी, किसान यूनियन का प्रदेश सचिव चढ़ा पुलिस के हत्थे, भेजा गया जेल

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में जिलाधिकारी को फोन पर धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि पूरनपुर मंडी आने पर जिलाधिकारी को घेरकर मारपीट करने की धमकी भी दी. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जानकारी के अनुसार 6 अप्रैल को कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में बर्ड फ्लू की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक चल रही थी. इसी दौरान उनके सीयूजी नंबर पर एक कॉल आई, जिसे उनके आशुलिपिक ने रिसीव किया. फोन करने वाले ने खुद को बलजिंदर सिंह बताया और गेहूं खरीद को लेकर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. आरोपी ने कहा कि यदि डीएम पूरनपुर मंडी आए तो उसे घेरकर मारा जाएगा और यह बात रिकॉर्ड कर लेने की भी बात कही. हैरानी की बात यह रही कि आरोपी ने खुद इस कॉल की रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की. तहरीर के आधार पर पूरनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपी बलजिंदर सिंह, निवासी मुझा कला, को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी खुद को किसान यूनियन (अन्नदाता गुट) का प्रदेश सचिव बताता है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि कॉल के दौरान अभद्र भाषा और धमकी दी गई थी. जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया है. घटना के बाद आरोपी का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह माफी मांगता नजर आ रहा है. उसने कहा कि उसके पिता कई दिनों से गेहूं बेचने के लिए केंद्र पर परेशान थे, इसी तनाव में उससे गलत शब्द निकल गए. इधर, इस घटना के बाद पूरनपुर मंडी में हलचल बढ़ गई है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर पहुंचे. वहीं थाने के बाहर किसान नेताओं की भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने नारेबाजी भी की. किसानों का आरोप है कि जिले में गेहूं की सरकारी खरीद न होने से वे परेशान हैं हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी को धमकी देना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

नोएडा प्राधिकरण का ₹10,290 करोड़ का बजट, नई योजनाओं को मिली मंजूरी

नोएडा नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए है.  इस बैठक में शहर के विकास, रियल एस्टेट, आम लोगों के सुविधाओं और वित्तीय योजनाओं से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. इस बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की. बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बड़े अधिकारी भी शामिल हुए।  आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बजट योजना तैयार कर ली गई है. इस बार करीब 10,290 करोड़ रुपये कमाने और 10,004 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है. अगर पिछले साल (2025-26) की बात करें, तो सरकार ने बहुत बड़ा लक्ष्य रखा था, लेकिन असलियत में केवल 6,589 करोड़ रुपये की ही कमाई हो पाई. पिछले साल की इस कमी को देखते हुए, इस बार के लक्ष्य ज्यादा व्यावहारिक रखे गए हैं।  नोएडा के 50 साल पूरे होने के मौके पर प्राधिकरण ने हजारों परिवारों के घर का सपना पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. सरकार की नीतियों के चलते अब लंबे समय से अटकी 57 में से 36 हाउसिंग परियोजनाओं के काम में तेजी आने की उम्मीद है. इसी कड़ी में, बकाया भुगतान के विवादों को सुलझाने के लिए 'वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026' को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, जिसे शासन की अंतिम अनुमति के बाद लागू कर दिया जाएगा। . स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट लेआउट पास इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के संशोधित लेआउट प्लान को भी पास कर दिया गया है. इन फैसलों से न केवल रुकी हुई स्कीमों को नई जिंदगी मिलेगी, बल्कि बरसों से पजेशन का इंतजार कर रहे लोगों को भी जल्द राहत मिल सकेगी. साथ ही पहले की बोर्ड बैठकों में लिए गए कुछ फैसलों को वापस भी लिया गया है, जिससे इस प्रोजेक्ट में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।    पानी के बकाया बिल पर ब्याज से परेशान लोगों को राहत देने के लिए प्राधिकरण ने 3 महीने की एमनेस्टी स्कीम शुरू करने का फैसला किया है. इसमें तय समय के भीतर भुगतान करने पर 20% से 40% तक ब्याज में छूट मिलेगी. यह योजना 16 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी. इसके अलावा, आवासीय और औद्योगिक प्लॉट्स में “मिश्रित उपयोग” की अनुमति देने का फैसला भी लिया गया है।  यानी अब कुछ शर्तों के साथ एक ही प्लॉट पर अलग-अलग तरह के उपयोग किए जा सकेंगे, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा. उन लोगों के लिए भी राहत दी गई है, जिन्होंने वर्षों से अपने प्लॉट पर निर्माण नहीं कराया है. 12 साल से ज्यादा समय से निर्माण अधूरा छोड़ने वालों को अब 3 महीने का आखिरी मौका दिया जाएगा, जिसमें वे शुल्क देकर समय बढ़ा सकते हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फायर डिपार्टमेंट को भी बड़ा बजट दिया गया है. नोएडा में आग और भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए करीब 154 करोड़ रुपये से नए उपकरण और मशीनें खरीदी जाएंगी।  शहर की साफ-सफाई और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए रोज निकलने वाले करीब 100 टन ग्रीन वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की योजना भी बनाई गई है. इसके लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे. वहीं, सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल और ग्रीन गार्डन के रखरखाव और मरम्मत के लिए 107.77 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। 

खौफनाक मंजर: यूपी में अचानक गिरने लगे गिद्ध, 28 की दर्दनाक मौत से मचा हड़कंप

 बिजुआ (लखीमपुर) भीरा वन रेंज के पड़रिया बीट क्षेत्र में लापरवाही और जहरखुरानी ने प्रकृति के संतुलन पर सीधा हमला कर दिया। सेमरिया गांव के पास एक किसान के खेत में जहर देकर मारे गए कुत्ते के शव को खाने से करीब 40 गिद्धों के झुंड में से 28 की तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जो गिद्ध पर्यावरण को साफ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, वही इंसानी लापरवाही का शिकार हो गए। सुबह जब खेत में गिद्धों का झुंड मरे कुत्ते को नोचता दिखा तो लोगों में उत्साह था, कई प्रकृति प्रेमी उन्हें कैमरे में कैद कर रहे थे, लेकिन कुछ ही देर में यह दृश्य भयावह हो गया। एक-एक कर गिद्ध बेहोश होकर गिरने लगे और देखते ही देखते पूरा झुंड मौत के मुंह में समाने लगा, जिसने भी यह मंजर देखा वह सन्न रह गया। जांच में सामने आया कि पास के गांव में आवारा कुत्तों को जहर दिया गया था, उन्हीं में से एक कुत्ता खेत के पास आकर मर गया, जिसे खाने पहुंचे गिद्ध जहर की चपेट में आ गए, नतीजा ये हुआ कि एक साथ 28 गिद्धों की मौत हो गई जबकि कई अन्य खेतों और पेड़ों के नीचे तड़पते मिले। गिद्ध, जिन्हें ‘प्रकृति के सफाईकर्मी’ कहा जाता है, पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन उनकी इस तरह हो रही मौतें वन्यजीव संरक्षण पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं, स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों ने वन विभाग की सुस्ती पर भी नाराजगी जताई, उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो कई गिद्धों की जान बचाई जा सकती थी। घटना की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृत गिद्धों को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है, कि आखिर कब तक जहरखुरानी से वन्यजीवों की यूं ही मौत होती रहेगी, और जिम्मेदार महकमे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे?