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2527 युवाओं को मिला जॉब ऑफर, महिलाओं की सशक्त भागीदारी, 473 युवतियों ने विभिन्न सेक्टरों में पाई नौकरी

योगी सरकार के ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ में युवाओं को मिला अवसर 2527 युवाओं को मिला जॉब ऑफर, महिलाओं की सशक्त भागीदारी, 473 युवतियों ने विभिन्न सेक्टरों में पाई नौकरी ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के 56 युवाओं को मिला रोजगार, आईटीआई और कौशल प्रशिक्षण का विस्तार, नई संस्थाओं से बढ़ेंगे अवसर कौशल विकास को डिजिटल बढ़ावा देते हुए ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ प्लेटफॉर्म हुए लॉन्च 116 कंपनियों ने दिए रोजगार के अवसर, टाटा, हीरो, स्विगी, फ्लिपकार्ट सहित बड़ी कंपनियों ने किया प्रतिभाग लखनऊ  योगी सरकार द्वारा  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया, जिसमें चार मंडलों के हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया तथा 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस वृहद रोजगार मेले में दिव्यांगजनों, महिलाओं और 'जीरो पावर्टी' (अत्यधिक गरीब) श्रेणी के युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। मेले में 116 कम्पनियों के द्वारा रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 2527 युवाओं को जॉब ऑफर मिला। इसमें 473 महिलाओं ने भी मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में अपनी योग्यता से नौकरी पाई। 'जीरो पावर्टी' श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवारों के 56 युवाओं के लिए यह दिन उनके जीवन का 'टर्निंग पॉइंट' साबित हुआ, उन्हें यहां से एक सम्मानित करियर शुरू करने का मौका मिला। दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा और आकर्षक अवसर मेले में टाटा, हीरो,स्विगी, फ्लिपकार्ट समेत लॉजिस्टिक्स व हेल्थकेयर सेक्टर की 116 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया। इन कंपनियों ने आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक और कौशल विकास मिशन से ट्रेनिंग ले चुके युवाओं का इंटरव्यू लिया। चयनित अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर 35-40 हजार तक के आकर्षक सैलरी पैकेज ऑफर किए गए। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने आईटीआई एवं कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं स्वरोजगार हासिल कर चुके युवाओं से संवाद किया और उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए युवाओं का उत्साहवर्धन किया तथा कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि चयनित अभ्यर्थियों को उसी दिन जॉब लेटर प्रदान किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि वेतन, कार्यस्थल, रहने की व्यवस्था एवं अन्य शर्तों की पूरी जानकारी पहले ही पारदर्शी रूप में दी जाए, ताकि युवाओं को किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति न रहे। इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास तंत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ का शुभारंभ किया। ‘कौशल दृष्टि’ एक निरीक्षण आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है, जिसके माध्यम से प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी रियल-टाइम में की जा सकेगी। इस ऐप के जरिए प्रशिक्षुओं की उपस्थिति, प्रशिक्षण केंद्रों की आधारभूत संरचना तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त होगी। वहीं, ‘कौशल दर्पण’ एक उन्नत एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से संबंधित विभिन्न सूचनाओं को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें उत्तर प्रदेश का डिजिटल मानचित्र, कुल जनसंख्या, सक्रिय प्रशिक्षण प्रदाताओं की संख्या तथा प्रमुख रोजगारपरक सेक्टरों की झलक उपलब्ध होती है। इसी तरह ‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट आधारित डिजिटल सुविधा है, जो यूपीएसडीएम पोर्टल पर 24×7 उपलब्ध रहकर उपयोगकर्ताओं को त्वरित सहायता प्रदान करती है। इसके माध्यम से अभ्यर्थी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं, पंजीकरण प्रक्रिया एवं रोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।  कार्यक्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद क्षमता से मिलती है। युवा झिझक और आत्मसंकोच को त्यागकर अपनी क्षमता पर विश्वास करें और पूरी ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। कड़ी मेहनत, अनुशासन और कार्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। मंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने करियर को लेकर धैर्य रखें और बिना बेहतर अवसर के नौकरी छोड़ने से बचें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनाना है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उद्योगों की बदलती मांग के अनुरूप तैयार किया जा सके। प्रमुख सचिव डॉ हरिओम ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी हैं, जबकि कुछ निजी सहभागिता के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। इस वर्ष 22 नई आईटीआई तैयार हो चुके हैं, जिनमें लगभग 10,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि आगामी सत्र में 30 और आईटीआई प्रारंभ करने की योजना है। आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक तकनीकी कार्यशालाओं की स्थापना और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि रोजगार मेले में डिजिटल पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को लंबी कतारों से राहत मिली है। मेले में लगभग 80 बड़ी कंपनियां और 30-40 स्थानीय कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्रदान कर रही हैं। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद योग्य अभ्यर्थियों को उसी दिन ऑफर लेटर प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश भर में लगभग 2000 प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से लाखों युवाओं को अल्पकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें शीघ्र रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

9 साल पूरे होने पर Yogi Adityanath का दावा- यूपी में नवरात्र और रमजान शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाते हैं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में 'नव निर्माण के 9 वर्ष' पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं। उन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

नवदुर्गा-नवशक्ति की मिसाल : गांव की बेटियां बनीं गांव की अर्थव्यवस्था की ताकत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनता जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों की तस्वीर बदल रही है। आज नवदुर्गा-नवशक्ति की मिसाल बनकर गांव की बेटियां गांव की अर्थव्यवस्था की ताकत बन रही हैं। “नारी तू नारायणी” की भावना को साकार करती बलिया जनपद के बहुआरा गांव की दुर्गेश तिवारी आज उस बदलाव की प्रतीक बन गई हैं, जहां गांव की बेटी अब परिवार ही नहीं, विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश की रीढ़ बन रही है। मात्र दो वर्षों में दूध व्यवसाय से 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित कर दुर्गेश ने ‘काशी की लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए हो रहे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की जीवंत मिसाल भी है। संघर्ष की जमीन से सफलता की उड़ान बलिया के बहुआरा गांव की रहने वाली दुर्गेश तिवारी एक साधारण परिवार से हैं। शादी के बाद उनका जीवन पति, दो बेटियों और सास के साथ सीमित दायरे में था। परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती और 3-4 पशु थे, लेकिन दूध बेचने पर न तो उचित कीमत मिलती थी और न ही समय पर भुगतान। 20–25 रुपये प्रति लीटर के औने-पौने दाम और भुगतान की अनिश्चितता ने उनके सपनों को जैसे रोक दिया था। दुर्गेश बताती हैं "उस समय घर का खर्च और बेटियों की पढ़ाई की चिंता में नींद उड़ गई थी। काशी डेयरी से बदली किस्मत इसी दौरान गांव में काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, वाराणसी की जानकारी मिली। यहां गुणवत्ता आधारित उचित मूल्य और 365 दिन सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था ने दुर्गेश के जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने सदस्यता लेकर दूध आपूर्ति शुरू की। जहां पहले उनका दूध औने-पौने दाम पर बिकता था, वहीं अब उन्हें सही कीमत मिलने लगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने पशुपालन का दायरा बढ़ाकर 20 से अधिक पशु तक कर लिया। ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर लगातार मेहनत और सही प्लेटफॉर्म मिलने से दुर्गेश ने दो वर्षों में 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित की। इसी उपलब्धि ने उन्हें ‘काशी की लखपति दीदी’ का सम्मान दिलाया। यह आय केवल आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी बनी। दुर्गेश ने अपनी बड़ी बेटी की शादी सम्मानपूर्वक की और छोटी बेटी को पुलिस अधिकारी बनाना चाह रही हैं। गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा आज दुर्गेश तिवारी पंचदेवी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में गांव की अन्य महिलाएं भी पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनका अगला लक्ष्य आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित करना और गोबर से जैविक खाद बनाकर अतिरिक्त आय के स्रोत तैयार करना है। योगी सरकार के विजन से बदलता ग्रामीण परिदृश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में ठोस काम हुआ है। स्वयं सहायता समूहों और डेयरी जैसे रोजगार से महिलाएं अब गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख शक्ति बन रही हैं।

योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास पर जनता की मुहर, 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाएगी- पंकज चौधरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ समाप्त करके ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसा बदलाव करने का प्रशंसनीय काम किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले 9 साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास का परिणाम है कि जनता ने 2017 के बाद 2022 में भी हमें जिताया और 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाने जा रही है। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और उन्होंने वैश्विक स्तर से लेकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक का उत्थान करने का काम किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और सनातन संस्कृति में नौ को बहुत ही दिव्य माना जाता है। 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की जनता ने मेवा वालों को हटाकर सेवा वालों को मौका देने का काम किया था। परिवारवाद वालों को हटाकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सबका विश्वास, सबका प्रयास’ वालों को मौका दिया था। दंगा वालों को हटाकर गंगा वालों को आशीर्वाद दिया था। गुंडाराज और माफियाराज वालों को उत्तर प्रदेश की जनता दोबारा नहीं आने देगी। समाजवादी पार्टी भ्रम और अफवाह फैलाकर दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रही है लेकिन जनता दोबारा माफियाराज नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। किसी भी प्रदेश की तरक्की के लिए उद्योगों की बड़ी आवश्यकता होती है। योगी जी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करके इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर ध्यान दिया है। आज देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं उसका 55 फीसदी हिस्सा केवल उत्तर प्रदेश में है। हमारी सरकार गांवों में भी 18 से 20 घंटे बिजली दे रही है। गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को योगी सरकार ने 9 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामना दी।

2017 के पहले प्रदेश में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और अव्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज वही प्रदेश विकास, सुशासन और विश्वास का नया मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों ने युवाओं, किसानों और आम जनता को निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया। पहले भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नौकरी निकलते ही महाभारत के सारे रिश्ते वसूली के लिए निकल पड़ते थे,” जिससे प्रतिभाशाली युवा हताश होकर या तो पलायन करते थे या खुद को कोसने पर मजबूर होते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत लाखों युवाओं को रोजगार देने का काम किया है। सीएम ने विपक्ष पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जाति और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जिससे प्रदेश का समग्र विकास बाधित हुआ। हमारी सरकार ने 25 करोड़ जनता को एक परिवार मानकर कार्य किया और दलितों, वंचितों, अति पिछड़ों व गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया। धार्मिक आस्था के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम और भारतीय परंपराओं को “अंधविश्वास” बताते थे, आज वही अयोध्या और काशी के विकास को देख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था का सम्मान ही उत्तर प्रदेश की पहचान है और सरकार ने इसे पुनर्स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल समस्याओं को चिह्नित नहीं किया, बल्कि उन्हें समाप्त कर प्रदेश को “बॉटलनेक” की स्थिति से निकालकर “ब्रेकथ्रू” की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी तरह के सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में और मजबूत होकर उभरेगा।

मुर्मु के स्वागत को तैयार वृंदावन, गोवर्धन में सुरक्षा कड़ी, दौड़-भाग में प्रशासन

वृंदावन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय प्रवास पर गुरुवार की शाम वृंदावन आ रही हैं। राष्ट्रपति अपनी धार्मिक यात्रा की शुरुआत इस्कॉन मंदिर से करेंगी तो अंतिम दिन गिरिराजजी की सात कोसीय परिक्रमा करने के साथ दौरा संपन्न होगा। राष्ट्रपति वृंदावन के विभिन्न आश्रम, मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचेंगी। ऐसे में राष्ट्रपति जिस रूट से गुजरेंगी, वहां तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। स्वागत के लिए वृंदावन को सजाया जा रहा है। तीन दिन के प्रवास पर गुरुवार को वृंदावन आएंगी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु राष्ट्रपति 19 मार्च गुरुवार की शाम करीब पांच बजे वृंदावन पहुंचेंगी। यहां होटल रेडिशन में पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सबसे पहले साढ़े छह बजे इस्कॉन मंदिर से अपनी धार्मिक यात्रा शुरू करेंगी। राष्ट्रपति का दौरा प्रेममंदिर, नीबकरौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम का भी रहेगा। दीवारों पर रंग और रोगन के साथ चित्रकारी सभी कार्यक्रम स्थलों तक साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की कमान नगर निगम ने संभाली है। दीवारों पर रंग और रोगन करने के साथ चित्रकारी हो रही है। डिवाइडरों पर रंग लगाने के साथ जीर्ण-शीर्ण पड़े फुटपाथों पर नई टाइलें बिछाई जा रही हैं। तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे अधिकारी राष्ट्रपति जहां भी कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी। यहां की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआइजी शैलेष कुमार पांडेय, डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार ने वृंदावन का दौरा किया। जहां-जहां राष्ट्रपति जाएंगी, वहां व्यवस्थाएं देखीं। राष्ट्रपति आगमन से पहले गोवर्धन में हाई अलर्ट, अफसरों ने संभाली कमान गोवर्धन। गोवर्धन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को मंडलायुक्त, एडीजी, डीएम समेत आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंडलायुक्त, एडीजी, डीआइजी व डीएम, एसएसपी ने दानघाटी मंदिर में तैयारी देखी। फिर गोल्फ कार्ट से परिक्रमा मार्ग का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था देखी।

प्रदेश में पहली बार 06 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए गए

लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ की छवि से निकलकर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुका है। स्वास्थ्य व पर्यावरण के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। ये बातें बुधवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज गोरखपुर और रायबरेली में एम्स संचालित है और काशी के बीएचयू में वर्ल्ड क्लास कैंसर इंस्टीट्यूट बन चुका है। इससे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश सरकार की प्रगति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लगभग 06 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और हर पीएचसी पर प्रत्येक रविवार को आरोग्य मेले आयोजित हो रहे हैं। इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण सीएम योगी ने कहा कि आज इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है और वेक्टर बॉर्न डिजीज के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की गई है। बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मेडिकल ढांचे के विकास और योजनाओं की पहुंच ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है।  व्यापक पौधरोपण अभियानों से पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ किया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ग्रीन कवर बढ़ाने और व्यापक पौधरोपण अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पौधरोपण करने वाले राज्यों में शामिल हुआ है।

इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल वैल्यू चेन, फार्म से फैशन तक एक ही प्लेटफॉर्म पर उद्योग

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक और टेक्सटाइल केंद्र के रूप में उभर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्‍सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) योजना के अंतर्गत लखनऊ में विकसित हो रहा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई गति देने वाला साबित हो रहा है। लखनऊ में स्थापित किए जा रहे इस पीएम मित्र पार्क के लिए 1,000 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। यहां कोर और बाहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 990.71 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। यह प्रदेश सरकार की उद्योगोन्मुखी नीति और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को प्रदर्शित करता है। टेक्सटाइल वैल्यू चेन का इंटीग्रेटेड मॉडल यह पार्क ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैब्रिक और फैब्रिक टू फैशन’ की संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही स्थान पर विकसित करेगा। इससे उत्पादन लागत घटेगी और उत्तर प्रदेश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति में आएगा। निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियों के चलते पीएम मित्र पार्क निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। देशभर के 7 पार्कों में कुल 63,177 करोड़ रुपये का निवेश इन्ट्रेस्ट प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही प्रत्येक पार्क में लगभग 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर योगी सरकार लखनऊ पीएम मित्र पार्क को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी और सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, बिजली, जलापूर्ति और लॉजिस्टिक्स के मजबूत नेटवर्क से यह पार्क निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में बड़ा कदम यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य’ बनाने के विजन को मजबूती देती है। पीएम मित्र पार्क के जरिए टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क के रूप में लखनऊ में विकसित हो रहा यह मेगा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जो आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और निर्यात के नए आयाम स्थापित करेगा।

कांग्रेस, सपा-बसपा ने किसान को बनाया कर्जदार, हमारी सरकार ने उसे फिर उत्पादक श्रेणी में खड़ा किया: मुख्यमंत्री

लखनऊ ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किसानों को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहला निर्णय ही किसानों के लिए लिया था। ऋण माफी से किसान सम्मान निधि तक की यात्रा में यूपी की कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है। देश में यूपी कृषि विकास में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य है। अब यहां किसान आत्महत्या नहीं करता है।  सरकार ने 3.16 लाख करोड़ से अधिक किया गन्ना भुगतान  गन्ना किसानों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने यूपी में आए परिवर्तन से भी सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 2012 से 2017 के मध्य कुल 95,000 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। जबकि, हमने 2017 से अब तक 9 वर्ष में 3,16,800 करोड़ का भुगतान किया। 2017 में किसानों को 300 रुपये प्रति कुंतल गन्ने का दाम मिलता था, आज 400 रुपये मिल रहा है। घटलौती बंद और पर्ची की समस्या का समाधान भी हो गया। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान, गेहूं, सरसों, तिलहन, दलहन, मिलेट्स, बाजरा, मक्का की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। हमने किसानों से यह भी कहा है कि बाजार में अच्छा दाम मिले तो वहां अपनी फसल बेचें, लेकिन कम दाम मिले तो अपने उत्पाद क्रय केंद्रों पर बेचें। हमारी सरकार ने किसानों को राहत भी दी,  पिछली सरकार में किसानों से मंडी शुल्क ढाई से तीन फीसदी लिया जाता था, जो अब महज एक फीसदी लिया जा रहा है। सपा-बसपा व कांग्रेस सरकारों ने किसानों को बनाया कर्जदार, डबल इंजन सरकार ने फिर उसे उत्पादक की श्रेणी में खड़ा किया सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 99 हजार करोड़ रुपये भेजे हैं। कांग्रेस व सपा-बसपा सरकारों ने किसानों को कर्जदार बना दिया था, डबल इंजन सरकार ने उसे कर्ज से उबारकर फिर से उत्पादक की श्रेणी में लाकर खुशहाली की ओर बढ़ाया है। अब हमारा किसान तीन-तीन फसलें ले रहा है। प्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा हुई है। सरकार पहली बार प्राइवेट ट्यूबवेल में फ्री बिजली की सुविधा दे रही है। अभी 23 लाख ट्यूबवेल डीजल से संचालित हो रहे हैं, किसानों को सोलर पैनल देकर उन्हें इससे भी मुक्त कराएंगे। इसके लिए बजट में पैसा भी दिया गया है। सरकार अन्नदाता किसान को खुशहाल करने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाती रहेगी।

सीएम ने कहा, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश बना उत्तर प्रदेश, इसी महीने पूरा हो रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन पर अपने संबोधन में कहा कि यूपी अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश बना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। सर्वाधिक सात शहरों (लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ) में मेट्रो चल रही है। देश की पहली रैपिड रेल मेरठ से दिल्ली के बीच प्रारंभ हो चुकी है। देश का पहला रोपवे वाराणसी में बन रहा है। देश में पहला इनलैंड वाटर वे यूपी (वाराणसी से हल्दिया) में बना है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। यूपी का पांचवां अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर में तैयार है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। हमने 28 मार्च को इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है, उन्हें आमंत्रित किया है। जेवर एयरपोर्ट से अर्थव्यस्था में ग्रोथ होगी और उप्र सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की आय होगी।  इसी महीने पूरा हो रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य  सीएम योगी ने 2017 के पहले राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की दुर्दशा का जिक्र किया, फिर अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी महीने पूरा हो रहा है। इसके पश्चात यूपी का शेयर 60 फीसदी हो जाएगा। यूपी ने इंटरस्टेट, इंटरनेशनल, फोरलेन कनेक्टिविटी को बेहतर किया है। मैत्रीद्वार बनाए गए हैं। सीएम ने यूपी में आए परिवर्तनों को भी इंगित किया और कहा कि हर जिला मुख्यालय फोरलेन, ब्लॉक-तहसील मुख्यालय टू लेन-फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ा है।  सिंगापुर, जापान व जर्मनी से बड़े पैमाने पर आने वाले हैं निवेशक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी हम लोग जापान और सिंगापुर की यात्रा पर गए थे। मेरे साथ वित्त व औद्योगिक विकास मंत्री भी थे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व आईटी मंत्री जर्मनी की यात्रा पर गए थे। उन देशों में सभी वरिष्ठ मंत्री व इंडस्ट्री लीडर्स कहते थे कि हम यूपी में इसलिए आ रहे हैं, क्योंकि वहां जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीति है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी निवेश का बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। सिंगापुर, जापान और जर्मनी से बड़े निवेशक यूपी आने वाले हैं। अभी से पत्र आने प्रारंभ हो गए हैं। सरकार ने इस पर कार्य भी शुरू कर दिया है। जिस प्रदेश में कोई निवेशक नहीं आता था, वहां अब तक 15 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी हैं। छह लाख करोड़ रुपये का निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार है। हर जिले में निवेश हो रहा है। हमारे पास व्यापक लैंडबैंक है। 34 सेक्टोरल पॉलिसीज, निवेश मित्र व निवेश सारथी जैसी उद्यम सर्मथित व्यवस्थाएं है। प्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ा है।  सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत नहीं होने से 2017 के पहले नहीं आते थे निवेशक सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले निवेशक नहीं आता था, क्योंकि यहां सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत भी नहीं थी। 1947 से 2017 तक बमुश्किल 14 हजार से कम उद्योग थे, आज राज्य में अब तक 31 हजार बड़े उद्योग लग चुके हैं। यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं, जिसमें 3.11 करोड़ लोग कार्यरत हैं। 31 हजार से अधिक उद्योगों में 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। निवेश तब आता है, जब सरकार की नीयत अच्छी होती है।  नोएडा जाने के अपशकुन को हमने उखाड़ फेंका सीएम ने पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे। उन्हें लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी चली जाएगी। मुझे दायित्व मिला तो मैंने कहा कि नोएडा जाएंगे। लोगों ने कहा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाते हैं, उनकी कुर्सी चली जाती है। मैंने कहा कि कुर्सी आज चली जाए, लेकिन प्रदेश का भला होगा तो नोएडा जाएंगे और विकास पर लगे बैरियर को हटाएंगे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा आज देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। यदि हम लोग नोएडा नहीं जाते तो देश में 55 फीसदी मोबाइल की मैन्युफेक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 फीसदी निर्माण यूपी में नहीं हो पाता। नोएडा जाना यूपी के लिए अपशकुन बना दिया गया था, तब के मुख्यमंत्री उसका माध्यम बने थे। हमने कहा कि अपशकुन को उखाड़ फेकेंगे और इसे विकास में बाधा नहीं बनने देंगे।