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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, हजारों नौकरियों का रास्ता खुला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति PPP मॉडल के तहत चल रही परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का श्रेष्ठ उदाहरण बनने जा रहा है। यह विश्वस्तरीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा करते हुए इसके समयबद्ध निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, ताकि जिन किसानों और परिवारों ने अपनी भूमि देकर इस सपने को साकार किया है, उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।  पीएएफ परिवारों के हित रखे गए सर्वोपरि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर परियोजना प्रभावित परिवारों (PAF) को लाभ पहुंचाने के लिए विशेष कार्यक्रम लागू किए गए हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) के नेतृत्व में PPP मॉडल के तहत चल रही इस परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता है। लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल हैं। रोजगार और कौशल विकास का किया गया प्रबंध PAF युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण किया जा चुका है। तीन विशेष भर्ती शिविरों में 300 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 24 युवाओं को ऑफर लेटर जारी हुए हैं। यही नहीं, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ITI जेवर को आधुनिकीकृत किया गया है, जहां पैसेंजर हैंडलिंग और रैंप ऑपरेशंस जैसे कोर्स संचालित किए गए। 28 प्रशिक्षुओं में से 24 को सफलतापूर्वक रोजगार मिला है। इसके अलावा, लगभग 100 PAF युवाओं को इंग्लिश और सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इन सभी पहलों की निगरानी NIAL, जिला प्रशासन और YIAPL की संयुक्त समिति द्वारा की जा रही है। नेट-जीरो उत्सर्जन वाला विश्वस्तरीय एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य पर काम करने वाला अत्याधुनिक हवाईअड्डा होगा, जिसमें स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रारंभिक चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक आर्थिक हब का काम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनने वाला यह एयरपोर्ट न केवल बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलेगा।

गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात

जरूरतमंद के आवास, बीमार के उपचार की करेंगे व्यवस्था : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात करीब 300 लोगों की समस्याएं सुनी सीएम योगी ने, बोले – हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।  गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।  जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद के पास पक्का आवास हो। जनता दर्शन में एक महिला ने अपने पति की बीमारी में इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला को आश्वस्त किया कि वह अपने पति का अच्छे से इलाज कराएं, पैसे की व्यवस्था विवेकाधीन कोष से करा दी जाएगी। इलाज में आर्थिक मदद मांगने कई अन्य लोग भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। एक महिला ने अपनी ही जमीन पर काबिज होने के संबंध में कुछ लोगों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने की समस्या पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिला को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। जनता दर्शन में सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी पात्र को योजनाओं का लाभ मिलने में अड़चन आ रही हो तो इसकी जांच जरूर करें कि किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक सड़क हादसा, कांस्टेबल जावेद के परिवार के 5 सदस्य जिंदा जले

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस कांस्टेबल जावेद का पूरा परिवार खत्म हो गया. वैगन आर कार को पीछे से तेज रफ्तार ब्रेजा ने टक्कर मारी, जिससे कार का CNG टैंक फट गया और आग लग गई. इस भीषण हादसे में दो महिलाओं और तीन बच्चों समेत कुल 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. कांस्टेबल जावेद का पूरा परिवार खत्म  बाराबंकी में बीती शाम पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें आजमगढ़ में तैनात पुलिस कांस्टेबल जावेद की पत्नी और बच्चों समेत 5 लोगों की मौत हो गई. जावेद को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. उनका परिवार मऊ से लखनऊ जा रहा था. तभी एक तेज रफ्तार दिल्ली नंबर की ब्रेजा कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद कार का सीएनजी टैंक फट गया और भीषण आग लग गई. 5 लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हादसे में वैगन आर कार में बैठी दो महिलाएं और तीन बच्चे जिंदा जल गए. आग लगने के बाद वे कार का दरवाजा भी नहीं खोल पाए. पुलिस और स्थानीय लोगों ने 5 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी.  मृतकों की पहचान मृतकों की पहचान गुलिशता (49) पत्नी जावेद अशरफ, समरीन (22) पुत्री जावेद अशरफ, इलमा खान (12), इश्मा खान (6) और जियान (10) के रूप में हुई है. घायल जीशान पुत्र गफ्फार को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है. बाराबंकी के डीएम शशांक त्रिपाठी ने पुष्टि की कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण दुर्घटना में 5  लोगों की मौत हुई है और घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है. हादसे के बाद पुलिस ने दोनों कारों को अपने कब्जे में ले लिया है और जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगा रही है कि हादसा सिर्फ तेज रफ्तार की वजह से हुआ या ड्राइवर को नींद आ गई थी. इस भयावह मंज़र ने देखने वालों की रूह कंपा दी.

न्यायमूर्ति डा. डी.के. अरोड़ा का बयान: हर व्यक्ति की गरिमा और सुरक्षा है सर्वोच्च प्राथमिकता

हर व्यक्ति की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- न्यायमूर्ति डा. डी.के. अरोड़ा अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर बड़ा संदेश, बोलने के अधिकार पर प्रतिबंध भी हैं लखनऊ अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग, लखनऊ स्थित ऑडोटोरियम में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में माननीय न्यायमूर्ति डॉ. डी के अरोड़ा, विशिष्ट अतिथि माननीय न्यायमूर्ति सुधीर सक्सेना, आयोग के वरिष्ठ सदस्य माननीय न्यायमूर्ति श्री राजीव लोचन मेहरोत्रा एवं माननीय सदस्य श्री बृज भूषण, आयोग के पुलिस महानिदेशक श्री संदीप सालुन्के, सचिव महोदय संजय कुमार, विधि अधिकारी अल्पना शुक्ला, संयुक्त सचिव वेद प्रकाश द्विवेदी, वित्त एवं लेखाधिकारी अंकिता मिश्रा, अनु सचिव आलोक यादव एवं आयोग के समस्त कर्मचारीगण द्वारा इस पावन पर्व पर सहभाग किया गया। उपरोक्त समारोह अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस वर्ष 2025 का विषय "हमारी दैनिक आवश्यकताएं” रखा गया।  इसके अतिरिक्त उ.प्र. मानव अधिकार आयोग में शीतकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम भी चल रहा है जिसमें आए प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं भी कार्यालय का हिस्सा बनें। प्रशिक्षु आयुष पाठक, श्रुति मेहता, अन्तरा शुक्ला एवं दिव्यांशी द्वारा अंतराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस की थीम “हमारी दैनिक आवश्यकताएं” अपने विचार साझा किये गये। अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के विषय "हमारी दैनिक आवश्यकताएं” पर अपने विचार पर चर्चा करते हुए आयोग के सचिव महोदय संजय कुमार द्वारा मानव अधिकर दिवस के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए समारोह मे आये माननीय मुख्य अतिथि व माननीय विशिष्ट अतिथि महोदय सदस्यगण, अधिकारीगण, स्टाफ अवध बार एसोशिसन से पधारे अधिवक्तागण, मीडिया व प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के लिये स्वागत भाषण पढ़ा गया। माननीय मुख्य अतिथि महोदय द्वारा कहा गया कि बोलने का अधिकार या कोई भी मौलिक अधिकार अपने आप में निरपेक्ष नही हैं इन पर कुछ युक्ति-युक्त प्रतिबन्ध लगाये गयें हैं। कानून की दृष्टि में प्रत्येक व्यक्ति समान है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा किन प्रस्थितियों में मानवाधिकार की सार्वजानिक घोषणा की गयी है, पर बल दिया गया हैं समारोह में पधारे विशिष्ट अतिथि सुधीर कुमार सक्सेना द्वारा मानवाधिकार दिवस पर अभिव्यक्ति देते हुए कहा गया कि गरिमा की शुरूवात अपने घर से होनी चाहिए, समाज मे महिलाओं व बच्चियों की गरिमा को बनाये रखने पर विशेष बल दिया गया।  आयोग के वरिष्ठ सदस्य माननीय न्यायमूर्ति श्री राजीव लोचन मेहरोत्रा जी द्वारा इस शुभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा गया कि मानवाधिकार चाहे मौलिक हो या विधिक हो हमें सुनिश्चत करना होगा, स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार भी मानवाधिकार है, इसे परिभाषित करते हुए बल दिया गया। मानव अधिकार पथ पर बल देते हुए उनके द्वारा कहा गया कि यदि हम इस शपथ को हम आत्मार्पित कर लें तो हमें किसी अन्य कानून की आवश्यकता ही नहीं पड़गी। मानवाधिकार की शपथ अपने आप में सम्पूर्ण है। मानवाधिकार आयोग के सदस्य बृज भूषण द्वारा अपने बहुमूल्य विचारों को व्यक्त करते हुए कहा गया कि किसी भी प्रकार के अधिकार जो हमें उपलब्ध हैं वो मानवाधिकारों की श्रेणी के अन्तर्गत आते हैं प्रत्येक मनुष्य के मूलभूत अधिकार सुरक्षित होने चाहिए, महोदय द्वारा यह भी साझा किया गया कि कुछ दिव्यांग व निर्धन व्यक्ति जो धनाभाव के कारण न्याय से वंचित थे उनकी आयोग द्वारा मदद की गयी। आयोग के पुलिस महानिदेशक संदीप साळुंके द्वारा समारोह में पधारे माननीय मुख्य अतिथि महोदय, माननीय विशिष्ट अतिथि महोदय, माननीय सदस्यगण महोदय एवं आयोग के अधिकारीगण व समारोह में उपस्थित अवध-बार एसोसिएशन के अधिवक्तागण प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को मानवाधिकार दिवस पर समारोह में शिरकत करने तथा विचार साझा करने हेतु तथा आयोग स्टाफ को इस कार्यक्रम को मार्गदर्शन के अनुरूप सफल बनाने पर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  कार्यक्रम का संचालन आयोग मे कार्यरत विधि अधिकारी महोदया (उच्चतर न्यायिक सेवा उत्तर प्रदेश) अल्पना शुक्ला द्वारा किया गया। विधि अधिकारी महोदया के मार्गदर्शन व कुशल नेतृत्व में आयोग के गठन, कार्य, शक्ति व शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को ब्रोशर में समेटते हुए इसके माध्यम से समस्त जानकारी दिये जाने का प्रयास किया गया कि जन मानस में एक दृष्टि में उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग की जानकारी प्राप्त की जा सके। आम जन मानस में जागरूकता फैलाने हेतु विधि अधिकारी महोदया द्वारा इस ब्रोशर में यह भी संकलित किया गया कि मानवाधिकार उल्लघंन होने की दशा मे किस प्रकार मानवाधिकर आयोग से अनुतोष प्राप्त कर सकते हैं, इस ब्रोशर में यह भी संकलित किया गया और आयोग द्वारा ब्रोशर का वितरण भी किया गया ।

संभल को ‘संभाल’, तस्वीर बदल रही योगी सरकार

संभल के विकास के लिए पांच आयाम बनाकर कार्य कर रही योगी सरकार  संभल को ‘संभाल’, तस्वीर बदल रही योगी सरकार  सुरक्षा, शिक्षा, उद्योग, बुनियादी ढांचे में प्रगति कर रहा संभल  सार्वजनिक रूप से संवाद स्थापित कर संभल में शांति व सौहार्द बना रही पुलिस अब संभल में पलायन नहीं, विकास और कानून का राज हो चुका स्थापित  39 पुलिस चौकियों के साथ ही 1300 सीसीटीवी कैमरों के जरिये पुख्ता हो रही सुरक्षा व्यवस्था संभल में फरियादियों के लिए कारगर साबित हो रही ‘भरोसे की पर्ची’ लखनऊ सनातन आस्था के प्रमुख तीर्थ संभल को ‘संभाल’ कर योगी सरकार यहां की तस्वीर बदल रही है। पूर्ववर्ती सरकारों की अनदेखी के कारण दंगे, तनाव का दंश झेल रहा संभल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब सुरक्षा, शिक्षा, उद्योग व बुनियादी ढांचे के साथ ही हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। एक तरफ सार्वजनिक रूप से आमजन से संवाद स्थापित कर पुलिस संभल में शांति व सौहार्द बना रही है तो दूसरी तरफ पर्यटन, संस्कृति से समृद्ध संभल अपने गौरवशाली अतीत के साथ ही खुशहाल भविष्य की तरफ बढ़ रहा है। योगी सरकार संभल के विकास के लिए पांच आयाम बनाकर कार्य कर रही है। संभल आर्थिक दृष्टि से भी तेजी से बढ़ रहा है। अब संभल में पलायन नहीं होता है, क्योंकि यहां कानून का राज स्थापित हो चुका है।  हेरिटेज कंज़र्वेशन: संभल की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक महत्व को मिल रही नई पहचान  योगी सरकार संभल की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान दे रही है। कभी कूड़ेघर में तब्दील हो चुके और कब्जे के कारण अस्तित्व खो चुके ब्रह्मकूप को पुनर्जीवित कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर के दूसरे पखवाड़े में शासन व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर संभल के विकास की जानकारी ली थी। संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। योगी सरकार इनके जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विकास कार्यों के तहत पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों के पुनरुद्धार पर जोर दिया था। दूसरे चरण में उन्होंने म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस का निर्देश दिया था। 12 तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी भूमि क्रय प्रक्रिया चल रही है। इसमें से प्रमुख रूप से (कुरुक्षेत्र, नैमिषारण्य व मनोकामना तीर्थ) भी शामिल है। 12.94 करोड़ रुपये धनराशि अवमुक्त किए जाने का भी अनुरोध शासन से किया गया है।  इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: अब संभल में पलायन नहीं होता, कानून का राज स्थापित होने से आ रही खुशहाली योगी सरकार ने जनसुविधाओं के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर संभल में भी एकीकृत कलेक्ट्रेट भवन की स्थापना करने जा रही है। पिछले दिनों सीएम योगी ने बैठक कर राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति विभाग, नगर विकास, नमामि गंगे योजना, अतिरिक्त ऊर्जा विभाग आदि की समीक्षा की थी। यहां जिला न्यायालय, जिला कारागार व 24वीं वाहिनी पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से हो रही है। सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, टू लेन, फोर लेन निर्माण को लेकर संबंधित विभाग अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहना रहे हैं। नगर विकास विभाग द्वारा यहां के सभी नगर निकाय में वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, झील, पोखरा, तालाब योजना, नगरीय जल निकास योजना के साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत भी अनेक कार्य कराकर संभल को नया आयाम दे रही हैं। अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग द्वारा 11.328 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर सीबीजी प्लांट स्थापित करने की भी तैयारी हो रही है।  एजुकेशनल ग्रोथ: निजी स्कूलों को मात दे रहे सरकारी विद्यालय  संभल और बहजोई में 16 पीएमश्री विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों की सुविधाएं निजी स्कूलों को टक्कर दे रही हैं। यहां के स्कलों में हर विद्यार्थी समुचित गणवेश (प्रॉपर ड्रेस) में आते हैं। यहां हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन विद्यालयों में एजुकेशन पार्क, साइंस की आधुनिक लैब, भोजनालय, औषधीय वाटिका के साथ ही हरिश्चंद्र सभागार भी आकर्षण का केंद्र हैं। इन विद्यालयों में बच्चों का तेजी से दाखिला हो रहा है। यहां की दिन दिव्यांगों के लिए की गई प्रेरक व्यवस्था के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सम्मानित भी किया है।  टूरिज़्म प्रमोशन: सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करते हुए पर्यटन को दिया जा रहा बढ़ावा  योगी आदित्यनाथ सरकार सांस्कृतिक रूप से संभल को समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अयोध्या की तर्ज पर यहां भी 24 कोसी परिक्रमा मार्ग बनाने की तैयारी की जा रही है। यह मार्ग ही संभल की पहचान बनेगी। इसके जरिए श्रद्धालु 68 तीर्थों का भ्रमण कर सकेंगे। इस परिक्रमा मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग कराएगा। परिक्रमा मार्ग के बीच के अवरोध व अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। यहां सिसोना डांडा मेला में प्रतिवर्ष पांच लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। इसे भी प्रांतीय मेला का दर्जा देने की औपचारिकता को पूरा किया जा रहा है। महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर भी सरकार का फोकस है। दतावली गांव में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 5.565 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इस पर 16.15 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार संभल कल्कि तीर्थ विकास परिषद के गठन को लेकर भी सकारात्मक कदम उठा रही है।   कम्युनिटी इन्वॉल्वमेंट: विकास प्रक्रिया से जोड़े जा रहे संभलवासी  संभलवासियों को विकास प्रक्रिया से भी जोड़ा जा रहा है। योगी सरकार के कारण संभल के हालात भी बदल गए हैं। घर छोड़कर जा चुके परिवार अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं। दस्तावेज देने पर प्रशासन ने 15 से अधिक परिवारों की संपत्ति को पुनर्स्थापित कराया है। यह सभी लोग वापस भी आ चुके हैं। संवेदनशील इलाकों में जनता की सहूलियत के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। पुरानी बस्ती स्थित जामा मस्जिद व आसपास के इलाके संवेदनशील माने जाते हैं। यहां भी अवैध कब्जे हटाकर 39 चौकियां बनवाई गईं और 1300 से अधिक सीसीटीवी लगाए गए।   आर्थिक दृष्टि से तेजी से बढ़ रहा संभल संभल आर्थिक दृष्टि से भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024-25 में संभल में 2405 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। … Read more

सीएम योगी ने किया महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण, ठहरे जरुरतमंदों में वितरित किया कंबल और भोजन

हर जरूरतमंद को शीतलहर से बचाने को सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने किया महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण, ठहरे जरुरतमंदों में वितरित किया कंबल और भोजन पूरी क्षमता से संचालित होंगे रैन बसेरे, तहसीलों व निकायों ऊनी वस्त्र-कंबल वितरण के लिए पर्याप्त धन जारी : मुख्यमंत्री गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर जरूरतमंद को शीतलहर से बचाने और सम्मानजनक आश्रय देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए जहां रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है, वहीं तहसीलों और नगर निकायों को जरूरतमंदों में ऊनी वस्त्र एवं कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार देर शाम/रात गोरखपुर महानगर में दो रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जरूरतमंद को रैन बसेरों में अच्छी सुविधा दी जाए। प्रशासन को इसे प्राथमिकता पर लेते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर व कंबल का इंतजाम हो। साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यदि किसी के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है तो उसे भोजन भी उपलब्ध कराया जाए।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेलवे स्टेशन के पास, तथा झूलेलाल मंदिर के पास बने रैन बसेरों का निरीक्षण कर तथा वहां ठहरे लोगों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल की। रैन बसेरों में मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से जरूरतमंदों में कंबल व भोजन का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन के पास रैन बसेरे के बाहर भी सैकड़ो जरूरतमंद लोगों में कंबल व भोजन का वितरण कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सेवा को प्रतिबद्ध है।  रैन बसेरों में ठहरे लोगों से मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय संवाद सीएम योगी ने रैन बसेरों में ठहरे सभी लोगों से कुशलक्षेम जानने के साथ उनसे आत्मीय संवाद भी किया। रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा समेत पूर्वांचल के अलग अलग क्षेत्रों के नागरिकों के अलावा बिहार से आए लोग भी ठहरे थे। कोई परीक्षा के सिलसिले में आया था, कोई डॉक्टर को दिखाने के लिए तो कोई काम की तलाश या फिर किसी अन्य कार्य से गोरखपुर आया था। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यहां रैन बसेरों में कोई परेशानी तो नहीं। सबने व्यवस्था को लेकर संतोषजनक जवाब दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कुशलक्षेम और जरूरतों के बारे में पूछे जाने पर रैन बसेरों में ठहरे लोग भाव विह्वल हो गए। उन्हें सहसा यकीन नहीं हो रहा था कि उनके ठहरने और भोजन की जानकारी लेने खुद मुख्यमंत्री उनके पास आए हैं। हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य, कोई भी खुले में न लेटे : मुख्यमंत्री रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भीषण शीतलहर से आमजनमानस के बचाव के लिए शासन और प्रशासन संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है। सरकार की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति फुटपाथ, प्लेटफार्म या सड़क पर खुले में न लेटे। यदि कोई ऐसा पाया जाता है उसे रैन बसेरों में पहुंचाया जाए और इसकी निरंतर निगरानी भी की जाए। सभी रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा तहसीलों और निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में जरूरतमंदों को शीतलहर से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। निकायों और पंचायत को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे भीषण शीतलहर में जहां भी आवश्यकता हो, पर्याप्त अलाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। यह सभी व्यवस्था प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महानगर गोरखपुर में नगर निगम द्वारा 14 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, जहां 700 से 1000 तक जरूरतमंद आश्रय ले सकते हैं।  रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति पवन त्रिपाठी, पार्षद ऋषिमोहन वर्मा, धर्मदेव चौहान समेत प्रशासन, पुलिस व नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

यीडा का बड़ा अभियान, 4.6 हेक्टेयर (46,000 वर्ग मीटर) भूमि पर से हटाया अवैध कब्जा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर औद्योगिक विकास और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को गति देने के लिए जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की चल रही मुहिम नोएडा  यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बुधवार को ग्राम दनकौर (तहसील सदर, गौतम बुद्ध नगर) में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। खसरा नंबर 211 पर फैली 4.6 हेक्टेयर यानी लगभग 46,000 वर्ग मीटर बहुमूल्य सरकारी/प्राधिकरण की भूमि को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 500 करोड़ रुपये बताया गया है। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई कार्रवाई के दौरान मौके पर जेसीबी मशीनों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।  अवैध निर्माण का पूरी तरह ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान प्राधिकरण की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई टीनशेड, कच्ची-पक्की दीवारें, झोपड़ियां, स्थायी-अस्थायी निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इससे यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक एवं शहरी विकास के लिए आरक्षित भूमि पूरी तरह मुक्त हो गई है। शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यीडा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राधिकरण की किसी भी भूमि पर अवैध कब्जा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लागत वसूली के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा। विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति शैलेंद्र सिंह ने कहा कि दनकौर में 46,000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि, जिसकी कीमत लगभग 500 करोड़ रुपये है, को अतिक्रमण से मुक्त कराना यीडा के संकल्प का प्रतीक है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि योगी सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश, अवसंरचना विस्तार और पारदर्शी प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल के इंटरचेंज के किसानों के 7% आबादी भूमि एवं यीडा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकारी व प्राधिकरण की समस्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता है।

योगी सरकार के सहयोग से स्थानीय उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से गांव-गांव महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास अब जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। भदोही जिले के जगदीपुर गांव की 29 वर्षीय रेखा देवी इसी बदले हुए उत्तर प्रदेश की मिसाल हैं। कभी सिलाई कर घर चलाने में मदद करने वाली रेखा आज “प्रियल” नाम से अपना डिटर्जेंट पाउडर बना रही हैं। जिसके जरिए नियमित आय के साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार की जनउपयोगी योजनाओं के जरिए लोग व्यवसाय कर अपने साथ ही अन्य लोगों का भी जीवन बेहतर बना रहे हैं।  राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि बी.ए. तक पढ़ी रेखा देवी साधारण परिवार से हैं। पति बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं और तीन छोटे बच्चे हैं। बढ़ते खर्च और जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने तय किया कि अब परिवार की आय बढ़ाने के लिए कुछ बड़ा करना होगा। स्वयं सहायता समूह ‘जय हनुमान SHG’ से जुड़ने के बाद उन्हें ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (R-SETI) और परियोजना टीम के माध्यम से जानकारी मिली कि डिटर्जेंट पाउडर उत्पादन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जिसके लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूरी मदद कर रही है। सामुदायिक बैठकों और वर्कशॉप के दौरान उन्होंने अपनी योजना रखी। मूल्यांकन के बाद परियोजना टीम ने उन्हें "रंग दे एमएफआई" योजना के माध्यम से 80,000 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया। इसमें 20,000 रुपये अपनी तरफ से जोड़कर रेखा ने मशीनें खरीदीं, कच्चा माल लिया और पैकेजिंग के साथ “प्रियल” ब्रांड की शुरुआत कर दी। एक साल के भीतर ही रेखा देवी की आय 4,000 रुपये से बढ़कर 10,000 रुपये प्रतिमाह हो गई। आर्थिक स्थिति हुई सुदृढ़  ग्रामीणों के अनुसार रेखा देवी ने सिर्फ अपने घर की आर्थिक स्थिति ही नहीं सुधारी, बल्कि परिवार के हर सदस्य को इस काम से जोड़ा। आज वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भुगतान लेती हैं, वित्तीय लेन-देन खुद संभालती हैं और सिलाई से भी अतिरिक्त आय अर्जित करती हैं। रेखा की बदली जिंदगी का असर बच्चों पर भी पड़ा है। अब तीनों बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। गांव की महिलाएं बताती हैं कि रेखा देवी ने दिखा दिया कि सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और मेहनत मिल जाए तो गांव की महिलाएं भी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकती हैं। हर घर में आत्मनिर्भरता की रोशनी भविष्य को लेकर रेखा का उत्साह और बढ़ गया है। वह कहती हैं कि अगर योगी सरकार का सहयोग इसी तरह मिलता रहा तो आगे चलकर मैं डिटर्जेंट के साथ टॉयलेट क्लीनर और अन्य उत्पाद भी बनाना शुरू करूंगी। रेखा चाहती हैं कि और महिलाएं मेरे साथ जुड़ें और अपना जीवन बदलें। रेखा देवी की इस बात का संकेत है कि योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि गांवों में नई संभावनाएं गढ़ रही हैं। जहां हर घर में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी जल रही है। उन्होंने खुद को आत्मनिर्भर तो बनाया ही है, गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है।

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ये ऐतिहासिक फैसला – नरेंद्र कश्यप

दिव्यांगजन सशक्तिकरण और समावेशी विकास में अग्रणी राज्य होगा उत्तर प्रदेश लखनऊ दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 02 दिसंबर को प्रदेश कैबिनेट ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री, नरेंद्र कश्यप ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए योगी सरकार की कैबिनेट ने ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो कि दिव्यांगजनों के जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और उनके सशक्तिकरण के लिए सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता की परिचायक है।  डीडीआरसी केंद्रों की स्थापना के लिए रूपरेखा निर्माण शुरू  पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री, नरेंद्र कश्यप ने बताया कि कैबिनेट के फैसले को अमल में लाने के लिए विभाग के अधिकारियों ने कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस क्रम मई विचार किया जा रहा है की प्रत्येक डीडीआरसी केंद्र पर कम से कम 8 तकनीकी अधिकारी व कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान, परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास का कार्य करेंगे। साथ ही डीडीआरसी केंद्रों के माध्यम से बचपन से किसी भी उम्र तक के दिव्यांगजन की दिव्यांगता का पता लगाकर उसका समाधान कराया जाएगा। डीडीआरसी केंद्रों के पारर्दर्शी क्रियान्वयन के लिए डिजिटल पंजीकरण प्रणाली और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को भी लागू किया जाएगा। जिससे दिव्यांगजनों की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।  अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे डीडीआरसी केंद्र कैबिनेट निर्णय का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी 18 मंडलों पर दिव्यांगजनों को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, शिक्षा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध करना है। वर्तमान में प्रदेश के 11 मंडल मुख्यालयों पर डीडीआरसी पहले से ही संचालित हैं। इस निर्णय के तहत मौजूदा केंद्रों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा एवं शेष मंडल मुख्यालयों पर नये पुनर्वास केंद्र खोले जाएगें। प्रत्येक डीडीआरसी केंद्र में दिव्यांगजनों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कृत्रिम अंग व ऑर्थोटिक सहायता, उपकरण वितरण तथा यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) कार्ड निर्माण जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। डीडीआरसी केंद्रों में न केवल दिव्यांगजनों की जरूरी सुविधांए उपलब्ध करवाई जाएगी, साथ ही उन्हें व्यावसायिक कौशल सिखाकर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश सरकार की ये पहल सीएम योगी आदित्यनाथ के समावेशी विकास के विजन को साकार करने और दिव्यांग सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका निभाने में मील का पत्थर साबित होगी।

अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है दीपावली का त्योहार : मुख्यमंत्री

दीपावली का यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना गर्व की बात : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है दीपावली का त्योहार : मुख्यमंत्री दीपावली की वैश्विक मान्यता अयोध्या की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाणः सीएम योगी यूनेस्को सूची में शामिल होने से उत्तर प्रदेश की परंपरा को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचानः सीएम लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में सम्मिलित किए जाने को गर्व का पल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उस उत्सव की वैश्विक पहचान है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और नए आरंभ के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक शक्ति व परंपरा की महत्ता को विश्वपटल पर और अधिक मजबूती प्रदान करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' के माध्यम से विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के दृष्टिकोण से इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन भूमि है। यहीं पर दीपावली की पहली ऐतिहासिक उत्सव परंपरा की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहाकि अयोध्या केवल सांस्कृतिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं की आत्मा है। ऐसे में इस पर्व की वैश्विक मान्यता अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व को और भी प्रखर बनाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की बढ़ती सांस्कृतिक प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं और उत्सवों को विश्व समुदाय द्वारा अपनाया जाना सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा व्यक्त की कि अयोध्या का शाश्वत प्रकाश मानवता को सत्य और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उनके अनुसार यह पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि जीवन दर्शन है, जो समाज को एकता और संस्कारों की दिशा में अग्रसर करता है।