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675 करोड़ की ई-बस योजना कागजों में फंसी, नोएडा एयरपोर्ट की उड़ान अब भी टिकी

लखनऊ  देश के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचे में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर को प्रस्तावित है, लेकिन एयरपोर्ट तक सुगम यातायात सुविधा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ई-बस सेवा अब भी कागजों में उलझी हुई है. बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से यात्रियों का सीधे एयरपोर्ट पहुंचना मुश्किल होगा. 500 बसों की योजना जिले में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना तैयार की गई थी जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्रों को शामिल किया गया है. योजना के मुताबिक नोएडा में 300, ग्रेटर नोएडा व यीडा क्षेत्र में 100-100 बसें चलाई जानी है. इसके लिए 25 रूट प्रस्तावित किए गए है.   कंपनी का गठन अधर में लटका अभी तक बस संचालन के लिए आवश्यक जरूरतें जैसे बस स्टैंड, ई-चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप आदि पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है. इतना ही नहीं तीनों प्राधिकरणों की सहमति के बावजूद बसों के संचालन के लिए गठित की जाने वाली संयुक्त कंपनी ग्रीन ट्रांसपोर्ट लिमिटेड का औपचारिक गठन भी अधर में लटका हुआ है. करीब 675 करोड़ की लागत इस योजना की लागत लगभग 675 करोड़ रुपये आंकी गई है इसे प्लान करके लागू करने पर विचार किया जा रहा है. शासन स्तर पर दो निजी कंपनियों ट्रैवल टाइम मोबिलिटी इंडिया प्रा. लि. और डेलबस मोबिलिटी का चयन कर लिया गया है, जो बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी. यात्रियों के बिना कैसे चलेंगी बसें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त यात्री संख्या के रूट पर बसें चलाने से तीनों प्राधिकरणों पर फाइनेंशियल बोझ बढ़ सकता है. इसलिए बसों के संचालन से पहले एक बार इस रूट का सर्वे करना जरूरी है. यीडा ने शुरू की तैयारी यीडा ने एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अपने ई-बस रूट में एयरपोर्ट को प्रमुख ठहराव बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से यात्रियों की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ई-बस रूट की शुरुआत नोएडा एयरपोर्ट से ही की जाएगी. एयरपोर्ट उद्घाटन के 45 दिनों के भीतर विमान सेवाएं शुरू होने की संभावना है. ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के बेहतर कनेक्टिविटी होनी जरूरी है.

देखिए भविष्य का भारत! UP Trade Show में 2047 की प्रगति का शानदार अनुभव

लखनऊ  ग्रेटर नोएडा के नाॅलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसमें विकसित भारत 2047 का विशेष झलक देखने को मिलेगी. इस शो में 5 लाख दर्शकों के आने की उम्मीद है. यहां 2500 एक्जीबिटर अलग-अलग उत्पाद प्रदर्शित करेंगे. कारोबारियों को यहां पर बड़ा कारोबार होने की उम्मीद है. शो में विदेशी खरीदार भी आएंगे। इससे यूपी को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी. शो में यह होगा खास इस बार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन निवेश, आर्थिक प्रगति को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा. एयरपोर्ट का एक विशेष स्टाॅल होगा. इसके अलावा 100 से अधिक नए स्टार्टअप को स्टाॅल आवंटित किया गया है. यहां पर छात्रों को बुलाया जाएगा. पहली बार शो में फैशन शो अलग स्तर का होगा. इस बार रूस कंट्री पार्टनर के रूप में यूपी ट्रेड शो में हिस्सा ले रहा है। यहां पर मुरादाबाद की कारीगरी से लेकर मुंबई तक के पकवान प्रदर्शित होंगे.   वन ट्रिलियन डाॅलर अर्थव्यवस्था है लक्ष्य यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से यूपी की अर्थव्यवस्था को उड़ान मिलेगी. वन ट्रिलियन डाॅगर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने में यह शो अहम साबित होगा. नीति निर्माता, वैश्विक निवेश, कारोबारी, शैक्षणिक प्रतिनिधि सहित पर्यटन क्षेत्र की कई नामी हस्ती इस शो में पहुंचेंगी. पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए विशेष पवेलियन तैयार किए गए है. आम जनता के लिए फ्री एंट्री शो का उद्घाटन 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे. 26 से 29 सितंबर के लिए यह शो आम जनता के लिए ओपन रहेगा. शो में जनता की एंट्री फ्री रहेगी. किसी तरह की कोई फीस नहीं लगेगी। लोगों को 2500 स्टाॅल पर घूमने का मौका मिलेगा.

सरकार ने बढ़ाया धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य, पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद

धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद लखनऊ, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में धान खरीद पहली नवंबर से होगी। इसके लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर कराना होगा पंजीकरण धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। धान की खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसी भी सहायता या जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   करीब 10 हजार किसानों ने करा लिया पंजीकरण धान खरीद के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो गया है। 20 सितंबर (दोपहर एक बजे) तक करीब 10 हजार किसानों ने धान विक्रय के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।

नालों की सफाई और प्लास्टिक प्रतिबंध: मंदाकिनी में सरकारी कार्रवाई बढ़ी

चित्रकूट मंदाकिनी नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति और वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर ने कहा कि मंदाकिनी की स्वच्छता और अविरलता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने होंगे। मंदाकिनी नदी में गिरने वाले नालों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिशासी अधिकारी कर्वी ने बताया कि नालों की टैपिंग के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और कार्य जल्द प्रारंभ होगा। सीडीओ ने निर्देश दिए कि नदियों के किनारे बसे गांवों में बनाई गई स्थायी समितियां स्वच्छता अभियान को सक्रिय रूप से चलाएं। उन्होंने नदियों के किनारे स्थित आश्रमों में प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया और भंडारों में वृक्षों के पत्तों से बने पत्तलों के उपयोग को अनिवार्य करने को कहा। साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक और थर्माकोल के उत्पादों की बिक्री व उपयोग पर जुर्माना लगाने और दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाने के आदेश दिए। सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों से क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया, ताकि लोग नदियों में कचरा न डालें और स्वच्छता में भागीदार बनें। एसडीओ वन ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रत्यूष कटिहार, प्रशिक्षु आईएफएस पृथ्वीराज, उप कृषि निदेशक राजकुमार, अधिशासी अभियंता अखिलेश सिंह, आशीष सिंह रघुवंशी व विवेक श्रीवास्तव रहे।

SSC परीक्षा सेंधमारी का पर्दाफाश: लखनऊ STF ने नोएडा में 11 आरोपियों को पकड़ा

लखनऊ  लखनऊ एसटीएफ ने केंद्र की एसएससी परीक्षा में सेंधमारी करने वाले 11 मुन्नाभाई को नोएडा के फेज 2 क्षेत्र से पकड़ा है. सभी एक से डेढ़ लाख रूपये लेकर विकलांग अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे थे. आरोपियों के कब्जे से मोटी रकम करीब 14 लाख से ज्यादा बरामद हुए है. इसके अलावा परीक्षा का टेंडर देख रही कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है. कर्मचारी भी पकड़े गए है. क्या है नियम केंद्र की एसएससी परीक्षा पास करने के लिए विकलांग अभ्यर्थी को ग्रेजुएट होना जरूरी है. उसके राइटर के रूप में सिर्फ वही व्यक्ति परीक्षा दे सकता है जो कि इंटरमीडिएट हो. इस मामले में आरोपी बीटेक पास है. मोटी रकम लेकर आरोपी विकलांग की जगह परीक्षा दे रहे थे. नियमों को ताख पर रखकर ऐसा किया जा रहा था. बीटेक पास है आरोपी लखनऊ एसटीएफ के सीओ प्रमेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बीटेक पास है. आरोपियों ने विकलांग अभ्यर्थियों से मोटी रकम ली और उनके स्थान पर परीक्षा दे रहे थे. सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. आरोपी लंबे समय से इस काम को अंजाम दे रहे थे. आरोपियों से पूछताछ जारी है.   सीएमओ के फर्जी प्रमाण पत्र मिले आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सीएमओ के फर्जी प्रमाण पत्र मिले है. इनका इस्तेमाल बीटेक पास राइटर को परीक्षा में बैठाने के लिए किया जाता था. आरोपी खुद की सीएमओ का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर लेते थे. आरोपी मुख्य रूप से साल्वर की भूमिका निभा रहे थे. कर्मचारी कराते थे एंट्री आरोपियों के गैंग में कंपनी के कर्मचारी भी शामिल है. इन कर्मचारियों की भूमिका साल्वर को परीक्षा केंद्र के अंदर एंट्री कराने की रहती थी. बिना कर्मचारी के मिलीभगत के केंद्र के अंदर एंट्री करना संभव नहीं है. इसके बदले में कर्मचारी मोटी रकम लेते थे.

पहले कक्षा की शिक्षिका, अब स्कूल शिक्षा महानिदेशक: जानें मोनिका रानी की कहानी

लखनऊ  सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर आईएएस बनीं मोनिका रानी ने बीते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग की महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया. उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण बदलाव लाने का संकल्प जताया. आईएएस बनने से पहले वह सरकारी स्कूल में टीचर थी. वह बहराइच जिले की डीएम भी रह चुकी है. आइए जानते हैं कि उन्हें कब और कितनी रैंक से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास किया था. महानिदेशक के रूप में पहले दिन उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी प्राथमिकताएं गिनाई. उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालयों व अभ्युदय कंपोजिट विद्यालयों का समय से निर्माण कराना मेरी प्राथमिकताएं होंगी. इसके साथ ही, उन्होंने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) लैब के बेहतर उपयोग, बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, और विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही. शिक्षकों को प्रोत्साहन और इनोवेशन पर जोर उन्होंने शिक्षकों को प्रोत्साहित करने और शिक्षण को रुचिकर बनाने पर बल दिया. आगे कहा कि शिक्षकों को आधुनिक और नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि पठन-पाठन का स्तर बेहतर हो सके. शिक्षक विभाग की रीढ़ हैं. हम उन्हें प्रेरित करेंगे कि वह न केवल पढ़ाएं, बल्कि बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें. इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिशन शक्ति, विकसित भारत जैसे महत्वपूर्ण आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा की. विभाग के विभिन्न यूनिट्स के कामकाज की जानकारी लेते हुए उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया. पहले टीचर, फिर बनी IAS आईएएस अधिकारी बनने से पहले वह सरकारी स्कूल में टीचर थी. 2004 से 2010 तक उन्होंने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षिका पद पर काम किया है.वह 2010 बैच यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. यूपीएससी सीएसई में उन्हें देश भर में 70वीं रैंक हासिल की थी और चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए किया गया था. कहां की रहने वाली हैं IAS मोनिका रानी? आईएएस मोनिका रानी मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली हैं. उन्होंने बीकाॅम और एमए इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल की है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी पहली तैनाती गाजियाबाद में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर 11 जुलाई 2012 को हुई थी. इसके बाद फरवरी 2014 में उन्हें शहारनपुर का सीडीओ बनाया गया था. वह चित्रकूट, बहराइच और फर्रुखाबाद की डीएम भी रह चुकी हैं.

यूपी में त्योहारों की सुरक्षा पर CM योगी का कड़ा रुख, शोहदों को सख्त चेतावनी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी पर्व और त्योहारों को लोग हर्ष उल्लास के साथ मनाएं आगामी पर्व-त्योहार, लोगों की सुरक्षा, सुविधा का रखें पूरा ध्यान रखा जाए. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों के सुचारु आयोजन, स्वच्छता, बेहतर कानून व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (ज़ोन), समस्त पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, आदि वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही. बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव से त्योहारों के दृष्टिगत उनकी विभागीय तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मिशन शक्ति कार्यक्रम नारी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को व्यक्त करता है. शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन आगामी 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत होगी. चरणबद्ध रूप से यह अभियान एक माह तक चलेगा. इसके लिए सभी संबंधित विभाग तैयारियां सुनिश्चित करें. लोगों को जागरूक करने के लिए 21 सितंबर को सायंकाल को महिला पुलिसकार्मिकों द्वारा हर जनपद में एक बाइक रैली निकाली जाए. 22 सितंबर से सार्वजनिक स्थलों, बालिका विद्यालयों इत्यादि जगहों पर एंटी रोमियो स्क्वायड द्वारा शोहदों को चिन्हित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला बीट अधिकारी ग्राम पंचायतों में लोगों को महिला सुरक्षा के संबंध में जागरूक करें तथा शासन की योजनाओं की जानकारी भी दें. पिंक बूथ सक्रिय रहें. मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं के चिन्हित कर उन्हें प्रदेश व जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाए. प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी हर कॉमन मैन को सुरक्षा देने की है. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सतत संवाद और सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग का ही परिणाम है कि हाल के वर्षों में प्रदेश में सभी पर्व-त्योहार शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो रहे हैं. बीते पर्व-त्योहार पर प्रदेश में सुखद माहौल रहा. इसी तरह आगामी पर्व त्योहारों- पितृ विसर्जन, शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, गांधी जयंती, लाला बहादुर शास्त्री जयंती, अग्रेसन जयंती, महर्षि वाल्मीकि जयंती, दीपोत्सव, दीपावली और काशी की देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे विशेष त्योहारों में बेहतर टीमवर्क और जनसहयोग का यह क्रम सतत जारी रखा जाए. सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति, सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है. पिछले अनुभवों से सीख लें. पर्व- त्योहारों के इस समय में पुलिस और प्रशासन सहित पूरी टीम यूपी को 24×7 अलर्ट रहना होगा. सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं. पिछले एक माह की गतिविधियों की समीक्षा करें और चिन्हित उपद्रवियों/अराजक तत्वों को पाबंद करें. माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए. प्रदेश में किसी भी प्रकार का उपद्रव स्वीकार नहीं किया जा सकता. अराजक तत्वों/उपद्रवियों को उनकी भाषा में ही जवाब दिया जाए. फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारीगण सोशल मीडिया पर चौकसी बढाएं. फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वाली अफवाह/फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. सोशल व डिजिटल मीडिया के माध्यम से घटनाओं के सही तथ्य समय पर लोगों के सामने लाया जाए. नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें. हर नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें. छोटी सी घटना लापरवाही के कारण बड़े विवाद का रूप ले सकती है. ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है. त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है. किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान जैसे वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे. संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें. मंदिरों में साफ-सफाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए- सीएम योगी पर्व एवं त्योहारों के दौरान पूरे प्रदेश में स्वच्छ्ता का माहौल हो, इसके लिए नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जाएं. लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि मंदिरों में साफ-सफाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए. साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत की आपूर्ति रोस्टर के अनुरूप निर्बाध रूप से हो. विभिन्न विभागों से संबंधित संड़कों की मरम्मत व नवीनीकरण निश्चित समय सीमा के अंदर पूरी कर ली जाए. जिससे त्योहारों में लोगों को परेशानी न हो. ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए. चिकित्सालयों में दवाओं की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में रहे तथा स्नेक वेनम व रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित रहे. अतिवृष्टि के कारण बाढ़ से प्रभावित जनपदों में राहत किट व सूखा खाद्य पदार्थ हर जरूरतमंद को प्राप्त हो. जनहानि पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के अंदर मुआवजा दिया जाए. निचले इलाकों में बाढ़ से जिनके घर गिरे हैं उनको उंचे स्थानों पर आवासीय पट्टे दिए जाएं, आवश्यकतानुसार लोगों को आवास की कॉलोनी की व्यवस्था की जाए और यह आवास परिवार की महिला मुखिया के नाम किए जाएं. निराश्रित गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं. कृषि विभाग सुनिश्चित करे कि किसानों को समय से खाद्य व उर्वरक की उपलब्धता हो. अधिकारी घटनाओं की दैनिक समीक्षा करें- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों में आईजीआरएस, सम्पूर्ण समाधान दिवस और सीएम हेल्पलाइन अथवा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों के स्तर से प्राप्त आम जनता की शिकायतों, आवेदनों के समयबद्ध और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए. अधिकारीगण घटनाओं की दैनिक समीक्षा करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा 300 से अधिक विद्वतजनों को जनपदों में लोगों से संवाद के लिए भेजा गया. इसी प्रकार हर जनपद में पांच से दस विद्वतजनों को चिन्हित कर विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संबंध में सुझावों के लिए कार्य किया … Read more

4 थानों में 7 FIR के बावजूद योगी पर टिप्पणी मामले में भोलेंद्र को राहत

गोरखपुर  मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में जेल गए भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह के भाई भोलेंद्र पाल सिंह को गुरुवार को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जेल में बंद रहते हुए भोलेंद्र ने अपनी गलती मान ली थी और मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया था। जल्द ही वह जेल से रिहा हो सकते हैं। 28 अगस्त की रात भोलेंद्र ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। पोस्ट वायरल होते ही 36 घंटे के भीतर उनके खिलाफ सात केस दर्ज कराए गए। ये केस साइबर थाना, रामगढ़ताल, चिलुआताल और पिपराइच थानों में दर्ज हुए थे। इसके अलावा आबकारी विभाग की कार्रवाई में उनके ईंट-भट्ठे से कच्ची शराब मिलने पर आबकारी एक्ट में भी केस लिखा गया था। पुलिस ने इस मामले में बीजेपी विधायक के भाई को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया था। भोलेंद्र पाल सिंह का अपने विधायक भाई महेंद्र पाल सिंह से कोई संबंध नहीं है। जेल में जिन लोगों से मिलने की सूची उन्होंने दी थी, उसमें भी विधायक का नाम शामिल नहीं था। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होते ही भोलेंद्र की रिहाई हो जाएगी। सपा के प्रतिनिधि मंडल से मिलने से कर दिया था इनकार जेल में भोलेंद्र से सपा का एक प्रतिनिधिमंडल मिलने आने वाला था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई में गठित इस दल में सांसद रामभुआल निषाद और रामप्रसाद चौधरी भी शामिल थे। लेकिन भोलेंद्र ने जेल प्रशासन को पत्र भेजकर साफ कहा था कि वे किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि मंडल से नहीं मिलना चाहते हैं। भोलेन्द्र पाल सिंह ने जिलाधिकारी और जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वह जेल में परिजनों के अलावा अन्य किसी से मुलाकात नहीं करना चाहता। लिहाजा, परिजनों के अलावा अन्य किसी को उससे मिलने की अनुमति न दी जाए।  

आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने कृषि अवशेष और जंगली घास से विकसित किया पर्यावरण-अनुकूल हरितअरोही कुटीर

कानपुर  आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने पर्यावरण के अनुकूल निर्माण के लिए एक नया कदम उठाया है। डॉ. दीपक कुमार मौर्य के नेतृत्व में, कुलदीप दीक्षित और श्याम बाबू की टीम ने प्रो. सी.एस. उपाध्याय के मार्गदर्शन में ‘हरितअरोही कुटीर’ नामक एक  ईको-फ्रेंडली हट बनाया है। इसका उद्घाटन प्रो. एस.एन. त्रिपाठी (डीन, कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी), प्रो. ए. गर्ग (हेड, सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग) और आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने किया। यह परियोजना कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के सहयोग से बनी है। खास बात यह है कि यह हट पूरी तरह से स्थानीय रूप से उपलब्ध जंगली केन घास और कृषि कचरे से बनाया गया है। इसके पैनल और ईको-ब्रिक की मजबूती, अग्निरोधक क्षमता (1100 डिग्री सेल्सियस तक परीक्षण), नमी प्रतिरोध होने के साथ ही पारंपरिक सामग्रियों की तुलना में अधिक भार सहन करने में सक्षम है।   इस हट की हर दीवार अलग-अलग प्रकार की टिकाऊ सामग्री जैसे कंस-स्ट्रक्ट ईंट, कंस-क्रीट ईंट, और कंस-बोर्ड। ये सब फसल अवशेष, पौधे से बने रेजिन, चूना, गुड़ और दाल के हैं। पैनल 6-32 टन तक का भार सहन कर सकते हैं, जिससे ये दो-तीन मंजिला भवनों के लिए उपयुक्त हैं। प्रो. सी.एस. उपाध्याय ने कहा, “हरितअरोही कुटीर केवल पर्यावरण अनुकूल हट नहीं है, बल्कि टिकाऊ निर्माण के लिए एक नया आयाम है। स्थानीय केन घास और कृषि कचरे का उपयोग करके हमने दिखाया है कि प्राकृतिक फाइबर आधारित सामग्री न केवल गर्मी से बचाव करती हैं, बल्कि मजबूत और अग्निरोधी भी हैं। ग्रामीण आवास, आपदा राहत केंद्र, और इको-रिसॉर्ट्स में ये एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।” यह सामग्री आग, बारिश, प्रभाव और पर्यावरणीय क्षरण के लिए परीक्षण की गई है और टर्माइट्स ही नहीं बल्कि मौसम से भी सुरक्षित है। यह पहल ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा देने के साथ ही कृषि अपशिष्ट का भी सदुपयोग करती है। IIT कानपुर के बारे में: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर की स्थापना 1959 में हुई थी और इसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह संस्थान विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है और दशकों से अनुसंधान एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है। IIT कानपुर का 1,050 एकड़ में फैला हरा-भरा परिसर शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों से भरपूर है। इसमें 19 विभाग, 26 केंद्र, 3 अंतरविषयी कार्यक्रम, और 2 विशेषीकृत स्कूल शामिल हैं, जो इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत हैं। संस्थान में 590 से अधिक पूर्णकालिक शिक्षक और 9,500 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें: www.iitk.ac.in

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो: सीएम योगी ने तैयारियों का जायजा लिया, उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो मार्ट के आगामी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) की तैयारियों का जायजा लिया. यह कार्यक्रम 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे. सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम में आने वाले प्रतिभागियों और मेहमानों के लिए सुरक्षा, सुविधाएं और सुगम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं. उन्होंने कहा कि यह ट्रेड शो केवल एक एग्ज़ीबिशन नहीं होना चाहिए, बल्कि यह एक वैश्विक मंच बने जहां उत्तर प्रदेश की संस्कृति, परंपराएं, स्किल्स और प्रोडक्ट्स दुनिया के सामने प्रस्तुत हों. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले को इसमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और ODOP (One District, One Product) के स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों तक पहुंचाना चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि इस आयोजन से युवाओं के लिए नए बिजनेस, निवेश और रोजगार के अवसर खुलेंगे. ब्रांडिंग और प्रमोशन पर फोकस करने का निर्देश सीएम ने निर्देश दिया कि UPITS-2025 का व्यापक ब्रांडिंग और प्रमोशन किया जाए. स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी कैंपसों में पोस्टर, डिजिटल स्क्रीन और इवेंट की जानकारी प्रदर्शित की जाए. विशेष तौर पर गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्रों को सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया, ताकि उन्हें हैंड्स-ऑन अनुभव और रोजगार के अवसर मिलें. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती सीएम योगी ने बताया कि शो के दौरान एक विशेष फैशन शो भी होगा जिसमें देशभर के प्रमुख फिल्म सिटी के एक्सपर्ट्स शामिल होंगे. इस फैशन शो में खादी, हैंडीक्राफ्ट और ग्रामोद्योग उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर फोकस होगा. उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि युवा डिज़ाइनर्स और स्थानीय कारीगरों को भी वैश्विक मार्केट से जुड़ने का मौका मिलेगा. विजिटर्स के लिए खास सुविधाएं देने का निर्देश मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग विजिटर्स के लिए विशेष सुविधाओं, शटल सर्विस, और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया. साथ ही विदेशी ख़रीदारों और मेहमानों की आतिथ्य, सुरक्षा और आवास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि उत्तर प्रदेश की वैश्विक छवि और मज़बूत हो. निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने ई-कार्ट से पूरे स्थल का दौरा किया. इस मौके पर एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, जिलाधिकारी मेधा रुपम, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.