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जातीय खेमों में लड़ता भारत नहीं, हमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें बिखरा हुआ और जातीय खेमों में आपस में लड़ता भारत नहीं, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटना राष्ट्र और भारत माता के प्रति अपराध है। गुलामी के दौर में भी एक वर्ग समाज को बांटता था, जबकि दूसरा समाज को जोड़कर स्वाधीनता की हुंकार भरता था। आज भी वही प्रवृत्ति अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रही है। ऐसे में शिक्षक समाज की जिम्मेदारी है कि विभाजनकारी ताकतों को सफल न होने दे।   मुख्यमंत्री रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। गायत्री मंत्र के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।   व्यक्ति नहीं, विचार करता है लंबी यात्रा मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी को नमन करते हुए कहा कि गायत्री परिवार ने यज्ञ के माध्यम से समाज को जोड़कर सामाजिक एकता का आदर्श प्रस्तुत किया। पंडित श्रीराम शर्मा संगठन को अपना नाम दे सकते थे, लेकिन उन्होंने विचार को प्रधानता दी। व्यक्ति के नाम पर चलने वाले संगठन धराशायी हो जाते हैं, जबकि विचार लंबी यात्रा करता है। गायत्री परिवार की 100 वर्षों की साधना इसका प्रमाण है।   उन्होंने कहा कि 1923 में गीता प्रेस, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई। रास्ते अलग थे, लेकिन तीनों ने जनचेतना जगाने और समाज को सनातन मूल्यों, भारत और भारतीयता से जोड़ने का काम किया।   शिक्षक जागृत हुआ तो भारत बनेगा विश्व गुरु मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को समाज की चेतना और युग निर्माता बताते हुए कहा कि शिक्षक जागृत होकर ईमानदारी से दायित्व निभाए तो भारत को विश्व गुरु बनने में देर नहीं लगेगी। भारत की आचार्य और गुरुकुल परंपरा ने तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय दिए। इसी परंपरा ने चाणक्य-चंद्रगुप्त, महर्षि वशिष्ठ-श्रीराम और महर्षि सांदीपनि-कृष्ण दिए। इस परंपरा को फिर जीवंत करना होगा।   उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से 11 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का जुड़ना महत्वपूर्ण है। युवा पीढ़ी का सही मार्गदर्शन कर उसे प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाएंगे तो आज का युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनेगा।   समाज के साथ परिवारों को भी जोड़ें मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त परिवार भारत की ताकत रहे हैं। परिवार सीमित होने के साथ बिखराव और तनाव बढ़ा है। गायत्री परिवार को समाज के साथ परिवारों को जोड़ने का दायित्व भी निभाना होगा। प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती, इसलिए समाज में भी भेदभाव का स्थान नहीं होना चाहिए।   नदियों को अविरल-निर्मल बनाना होगा मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2017 से 2026 तक 275 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण हुआ। पौधों के संरक्षण और निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने नदियों को मानव शरीर की धमनियों जैसा बताते हुए कहा कि जीवनदायिनी नदियों को बचाकर उन्हें अविरल और निर्मल बनाना होगा।   2047 के भारत के लिए कर्तव्य को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष के लिए गुलामी की मानसिकता त्यागने, विरासत पर गौरव करने, सामाजिक समता और विकसित भारत के लिए काम करने का संकल्प लेना होगा। हर व्यक्ति अधिकार से अधिक कर्तव्य को महत्व दे तो भारत को दुनिया की कोई ताकत आंख नहीं दिखा सकती। उन्होंने गायत्री परिवार से अगले 100 वर्षों का लक्ष्य तय करने और शिक्षकों से 2047 के विकसित भारत के लिए युवा पीढ़ी को सही दिशा देने का आह्वान किया।   भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के टॉप-10 स्कूल सम्मानित कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के टॉप-10 स्कूलों को सम्मानित किया गया। इनमें सीतापुर के सीतापुर इंटर कॉलेज व आशुतोष बृजभवन लाल इंटर कॉलेज, रायबरेली का चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल, लखनऊ के लखनऊ पब्लिक स्कूल व सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गाजियाबाद का डॉ. केएन मोदी साइंस एंड वाणिज्य इंटर कॉलेज, अमेठी का शिव प्रताप इंटर कॉलेज, बुलंदशहर का अमर सिंह इंटर कॉलेज, चित्रकूट का चित्रकूट इंटर कॉलेज और मुजफ्फरनगर का एमजी पब्लिक स्कूल शामिल हैं।   शिक्षा में आया बड़ा बदलाव: राजेश्वर सिंह विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा का बजट बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर घटी है। मेरिट से शिक्षकों की नियुक्तियां हुईं और स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधाएं बढ़ी हैं। उन्होंने शिक्षा, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया।   नई पीढ़ी में स्थापित हों भारतीय संस्कृति के मूल्य: चिन्मय पंड्या डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, स्वार्थ और संकीर्णता आज मनुष्य के भीतर की चुनौती हैं। धर्म, न्याय, नीति, मूल्य और सदाचार को मजबूत करना होगा। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के मूल भाव को स्थापित करना है।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में डॉ. चिन्मय पंड्या, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, केंद्रीय जोन प्रभारी परमानंद द्विवेदी, समन्वयक राम यश तिवारी, गायत्री परिवार के स्वयंसेवक और प्रदेशभर से आए शिक्षक मौजूद रहे

CM योगी का बड़ा बयान- जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतों को रोकना शिक्षकों की जिम्मेदारी

लखनऊ यूपी के लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। सीएम योगी ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण और समाज के प्रति उनके दायित्वों पर चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है। सीएम योगी ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें समाज को विभाजित करने वाला बताया। सीएम योगी ने कहा कि युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनने वाला है। ये देखना होगा कि हम कैसा भारत चाहते हैं। क्या हमें बिखरा हुआ, बंटा हुआ और जातीय खेमों में लड़ता हुआ भारत चाहिए? हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत चाहिए। हम सबको मिलकर ऐसे भारत के लिए काम करना है। गुलामी के समय में भी एक तबका था जो समाज को बांट रहा था। आज भी वो तत्व समाज को जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटकर देश की एकता को छिन्न-भिन्न कर रहा है। ये राष्ट्रमाता के प्रति अपराध है, भारत माता के प्रति अपराध है, अपने पूर्वजों के प्रति अपराध है। ये भारत की स्वाधीनता को फिर से खतरे में डालने की चेष्टा है। जब भी राष्ट्र के ऊपर ऐसा संकट दिखाई देता है तब हमारे शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि इन विभाजनकारी ताकतों को किसी भी तरह से सफल नहीं होने देना है। सीएम योगी ने कहा कि आज हम तकनीकी अपना चुके हैं, पहले संसाधन कमी थी लेकिन, हमारी ताकत हमारा परिवार होता था। संयुक्त परिवार में संकट का सामना सब मिलकर करते थे लेकिन, आज परिवार सीमित हो गए हैं। एक छत के नीचे रह रहे हैं लेकिन, अलग-अलग दिशा हो जाती है। दुनिया के बहुत से देशों में तो बिखर रहे समाज और तबाह हो रहे परिवारों को बचाने के लिए उन्हें एक मंत्रालय का गठन करना पड़ रहा है। कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर आश्रम ने तोड़ी चुप्पी, अफवाहों से बचने की अपील

मथुरा उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के आठ दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से पहला लिखित बयान जारी हुआ। श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि साधक की मौत से महाराज और परिकर काफी आहत हैं। ट्रस्ट साधक के परिवार के प्रति अपनी पूरी संवेदना और सहानभूति व्यक्त करता है। कहा कि घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया जा रहा है। जांच पूरी होने तक सभी श्रद्धालु, साधक और आमजन किसी प्रकार की अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर महाराज की छवि धूमिल करने का प्रयास न करें। ट्रस्ट को पूर्ण विश्वास है कि पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच से वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएंगे। कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य आए समर्थन में उधर, चर्चित कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने संत प्रेमानंद का बचाव करते हुए मीडिया और सोशल मीडिया पर टीआरपी बटोरने वालों पर जमकर अपना गुस्सा निकाला है। अपनी कथा के दौरान दिए गए उनके इस बयान का वीडियो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कुछ लोग और मीडिया केवल टीआरपी और व्यूज पाने के लिए कुछ भी बोल देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, लोग पूरा विषय जानते-समझते नहीं हैं और खुद ही जज बनकर फैसला सुनाने लगते हैं। प्रेमानंद के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अनिरुद्ध आचार्य ने कहा कि महाराज जी ने करोड़ों लोगों को भक्ति मार्ग से जोड़ा है। दिनेश फलहारी बाबा ने बाल संरक्षण आयोग को लिखा पत्र वहीं, मथुरा, श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि श्रीधाम वृंदावन स्थित प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज आजकल युवाओं के लिए आध्यात्मिक केंद्र बने हुए हैं। कुछ भक्त बालक बालिकाएं आध्यात्मिक रस में डूबकर उनके आश्रम में ही रह जाते हैं। उनका परिवार समय-समय पर आश्रम में बालक-बालिकाओं की खोजबीन करते पाया गया है तथा कई मामले संदिग्ध भी प्रतीक होते हैं। उन्होंने मांग की कि लापता बच्चों के संबंध में जांच करा कर वास्तविक स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करायें। दिनेश फलाहारी ने कहा कि लोगों में चर्चा या कहें भ्रम है कि कहीं यह बालक-बालिकाएं अध्यात्म की आड़ में बंधक तो नहीं है। यदि उन नाबालिग बच्चों के साथ आश्रम परिसर में कोई घटना घटित हो जाए तो जवाबदेही के लिए आश्रम में किस व्यक्ति को जिम्मेदार माना जाए। घटना वाले दिन सुबह से तनाव में था रसिक उधर, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच जारी है। इस मामले में सीसीटीवी में जो सामने आया है, उससे लग रहा है कि मौत से पहले वो बहुत तनाव में था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीसीटीवी में है कि वो करीब दो घंटे कमरे में रहा। इसके बाद वह धोती पकड़े कमरे से निकलता सीसीटीवी में दिखता है और सीढ़ियों पर चढ़ता हुआ छत पर चला जाता है। छत पर लगे सीसीटीवी में वह बेचैन दिखता है। पहले छत की मुड़ेर पर बैठता है, फर छत पर लेटता है और इसके बाद तेजी से उठकर छत से छलांग लगा देता है। घटना के समय रूम पार्टनर जुगल शरण केली कुंज गया था। सवाल अभी यह भी है प्राइवेट पार्ट ग्राइंडर से काटते समय रसिक क्या चीखा नहीं होगा और वहां लोग आवाज सुन क्यों नहीं पहुंचे?

उत्तर प्रदेश में बढ़ेगा EV चार्जिंग नेटवर्क, 238 स्थानों पर स्टेशन मंजूर; दूसरे चरण में 1,500 का लक्ष्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग की टेंशन खत्म होने वाली है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश में 238 स्थानों पर नए चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की मंजूरी दे दी गई है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत यूपी रिन्यूएबल एनर्जी डवलपमेंट एजेंसी (यूपीआरईवी) चार्जिंग स्टेशन विकसित कर रहा है। योजना के मौजूदा चरण में 238 स्थान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 स्थानों के लिए समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 139 स्थानों पर समझौता ज्ञापन लंबित है। एनसीआर में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) में 39, गाजियाबाद में 6 और मेरठ में 35 स्थान चार्जिंग स्टेशन होंगे। गैर-एनसीआर क्षेत्र में आगरा 21, प्रयागराज 13, गोरखपुर 32, कानपुर 12, कानपुर देहात 2, लखनऊ 36, मथुरा 14 और वाराणसी 28 स्थान प्रस्तावित हैं। कुल 238 स्वीकृत स्थानों में 99 पर समझौता ज्ञापन हो चुके हैं। दूसरे चरण में 1500 स्थानों का रखा गया लक्ष्य चार्जिंग स्टेशन लगाने के दूसरे चरण में एनसीआर के आठ जिलों और माल परिवहन गलियारे को ध्यान में रखते हुए कुल 1,500 स्थानों का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नगर निगमों, यूपी रोडवेज, परिवहन विभाग, विद्युत वितरण कंपनियों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों समेत विभिन्न विभागों के स्थान शामिल हैं। इसके तहत अब तक 240 स्थानों की पहचान की जा चुकी है, जबकि 1,260 स्थानों की पहचान की जानी है। दूसरे चरण के तहत नगर निगम क्षेत्रों के लिए कुल 129 स्थान चिह्नित हैं। अलीगढ़ 22, अयोध्या 13, बरेली 16, फिरोजाबाद 15, झांसी 16, मुरादाबाद 7, सहारनपुर 5, शाहजहांपुर 10, आगरा 8, कानपुर नगर 11, मेरठ 5 तथा कानपुर देहात का एक स्थान शामिल है। इसके अलावा रोडवेज के लिए 74, गीडा के लिए 10 और विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 26 स्थानों की पहचान की गई है। मुख्य सचिव ने सभी डीएम को दिए आदेश चार्जिंग स्टेशन लगाने की इस योजना में मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्रों, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के औद्योगिक पार्कों, विश्वविद्यालयों, गन्ना संस्थान केंद्रों, मंडी समितियों तथा जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन और तहसील कार्यालयों जैसे स्थानों को भी शामिल किया गया है। प्रस्तावित सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों में 60 किलोवाट क्षमता के दो डीसी चार्जर और 12 किलोवाट क्षमता के एक एसी/डीसी चार्जर की व्यवस्था होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थलों, बड़े कार्यालयों, बस स्टेशनों, इंडस्ट्रियल पार्कों, शिक्षण संस्थानों, मॉल, ढाबों, पार्किंग स्थलों पर स्थान चिह्नित कर जल्द से जल्द सूचना भेजें।

यूपी 5वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य, भदोही के कालीन का बड़ा योगदान: मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रदेशवासियों से उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी साझा की। अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर सीएम ने लिखा कि भदोही का हुनर पहले अपनी राह तलाशता था, लेकिन आज सरकार उसके लिए विकास, बाजार और अवसर के नए द्वार खोल रही है। प्रदेश का निर्यात पिछले 10 वर्ष में लगभग 2.27 गुना बढ़कर ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश देश का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है। इस निर्यात में भदोही के कालीन का बड़ा योगदान है। यूपी के हुनर का लोहा मनवा रहा भदोही का कालीन सीएम ने लिखा, जिन हाथों ने अपने हुनर से भदोही के कालीन को दुनिया तक पहुंचाया, वर्ष 2017 से पहले वही हाथ बुनियादी सुविधाओं और अवसरों के लिए प्रतीक्षा करते रहे। आज डबल इंजन सरकार में वही हुनर विकास और वैश्विक बाजार से जुड़ रहा है। हाथ से बने भदोही के कालीनों की मांग आज दुनिया में सबसे अधिक है, जो वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश के हुनर का लोहा मनवा रहे हैं। निर्यातकों, विक्रेताओं एवं उद्यमियों से संवाद मुख्यमंत्री ने बताया कि वह आज एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेले 'इंडिया कारपेट एक्सपो' के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ कर कालीन उद्योग के निर्यातकों, विक्रेताओं एवं उद्यमियों से संवाद करेंगे। कारीगर के हाथ को सम्मान, उद्यम को विस्तार, युवाओं को रोजगार और भदोही को समृद्धि, यही नए उत्तर प्रदेश में विरासत और विकास के संगम की नई पहचान है। तीन विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगी विकास की सौगात मुख्यमंत्री ने लिखा कि इस अवसर पर भदोही, औराई एवं ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों को 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं की सौगात मिलेगी और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ प्रदान किए जाएंगे।

यूपी चुनाव की तैयारी: बीजेपी ने बदली मीडिया रणनीति, दोगुने किए गए प्रवक्ता

लखनऊ  वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव के लिए बयानों से लेकर इंटरनेट मीडिया तक पर छिड़ी जंग में भाजपा अब बढ़ी हुई ताकत के साथ विपक्ष के नैरेटिव की काट को जुटेगी। शनिवार को भाजपा ने अपनी नई मीडिया टीम घोषित कर दी है। इसमें प्रदेश प्रवक्ताओं की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। पहले के मुकाबले लगभग दोगुणा (16 से 31) प्रवक्ता बनाए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी पदाधिकारियों की सूची में पार्टी ने 31 प्रदेश प्रवक्ताओं, 25 प्रदेश मीडिया पैनलिस्टों तथा विभिन्न क्षेत्रों के मीडिया संयोजकों और सह-संयोजकों की भी घोषणा की है। हिमांशु दुबे व दीपक बघेल को जहां प्रदेश मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं डॉ. समीर सिंह, नवीन श्रीवास्तव, डॉ. अंकुश त्रिपाठी, अवनीश त्यागी, संजय चौधरी, हीरो बाजपेयी, मनीष शुक्ला, लालजी निर्मल, प्रियंक पाण्डेय सहित 31 प्रदेश प्रवक्ता बनाए गए हैं। दो को मीडिया वाच की भी जिम्मेदारी दी गई है। क्षेत्रीय स्तर पर भी मीडिया संगठन को मजबूत किया गया है। पश्चिम क्षेत्र में गजेंद्र शर्मा जबकि संजय महेश्वरी, निमित्त जायसवाल और नितिन शर्मा को सह मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिली है। ब्रज क्षेत्र में अंकित महेश्वरी को मीडिया संयोजक और अमित गुप्ता, शशि भूषण गुप्ता, श्याम सुंदर पराशर और नीशित शर्मा को सह मीडिया संयोजक बनाया गया है। कानपुर में अनूप अवस्थी मीडिया संयोजक और संजय सिंह सह मीडिया संयोजक होंगे। अवध में आकाश मिश्रा को मीडिया संयोजक तथा अमित वर्मा, सिद्धार्थ तिवारी, हिमालय वर्मा और दीपक तिवारी को सह मीडिया संयोजक बनाया गया है। काशी में मधुकर चित्रांश मीडिया संयोजक तथा संतोष सोलापुरकर और शैलेन्द्र मिश्रा सह मीडिया संयोजक होंगे। गोरखपुर में राहुल तिवारी मीडिया संयोजक तथा चंदन आर्य और समरेन्द्र विक्रम सिंह सह मीडिया संयोजक बनाए गए हैं।

25.32 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन, लिखित परीक्षा से लेकर शारीरिक दक्षता परीक्षा तक कई चरणों में हुई चयन प्रक्रिया

लखनऊ  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में होमगार्ड बल को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरबी) ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 41,424 पदों पर एनरोलमेंट-2025 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों की जनपदवार सूची बोर्ड की वेबसाइट uppbpb.gov.in पर उपलब्ध कराई जा रही है। होमगार्ड्स के इन पदों के लिए बोर्ड ने 18 नवंबर 2025 को विज्ञप्ति जारी कर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए निकाली गई इन रिक्तियों के सापेक्ष कुल 25,32,196 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 की यह प्रक्रिया आवेदन, लिखित परीक्षा, दस्तावेजों की जांच, शारीरिक मानक परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षा के विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद अंतिम चयन तक पहुंची है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में होमगार्ड बल के लिए निर्धारित रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। छह पालियों में हुई लिखित परीक्षा चयन प्रक्रिया के तहत प्रदेश के 74 जिलों में 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा कराई गई। परीक्षा कुल छह पालियों में हुई। अलग-अलग पालियों में परीक्षा होने के कारण नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों के अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय जिन अधिमानी योग्यताओं से जुड़े दस्तावेज लगाए थे, उनके निर्धारित अंक भी जोड़े गए। इन अंकों के आधार पर आगे की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया। 1.07 लाख अभ्यर्थी अगले चरण में पहुंचे बोर्ड ने 28 जून 2026 को जारी सूचना के माध्यम से कुल 1,07,221 अभ्यर्थियों को दस्तावेजों की जांच और शारीरिक मानक परीक्षण के लिए बुलाया। यह संख्या विज्ञापित पदों की करीब 2.6 गुना थी। दस्तावेजों की जांच और शारीरिक मानक परीक्षण की प्रक्रिया 13 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक पूरी की गई। इस दौरान अभ्यर्थियों के जरूरी दस्तावेजों की जांच के साथ निर्धारित शारीरिक मानकों को भी परखा गया। शारीरिक दक्षता परीक्षा भी सम्पन्न दस्तावेज जांच और शारीरिक मानक परीक्षण में सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल कराया गया। यह परीक्षा 15 से 26 सितंबर 2026 तक कराई गई। शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अंतिम चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया। जनपदवार मेरिट से हुआ चयन अंतिम चयन के लिए लिखित परीक्षा में मिले नॉर्मलाइज्ड स्कोर और अधिमानी योग्यता के लिए मिले निर्धारित अंकों को जोड़ा गया। इसके बाद प्रदेश में लागू आरक्षण नियमों के अनुसार जनपदवार मेरिट तैयार की गई। इसी मेरिट के आधार पर 41,424 पदों के सापेक्ष चयनित अभ्यर्थियों की सूची तैयार की गई है। चयनित अभ्यर्थी अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर देख सकते हैं। समान अंक वालों के लिए भी नियम तय बोर्ड के अनुसार, 3 नवंबर 2025 के शासनादेश में निर्धारित उत्तर प्रदेश राज्य होमगार्ड्स एनरोलमेंट मार्गदर्शिका के तहत समान अंक प्राप्त करने वाले दो या अधिक अभ्यर्थियों की जनपदवार श्रेष्ठता का निर्धारण नियमों के अनुसार किया गया। इसमें अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी गई तथा समान स्थिति में हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज नाम के अंग्रेजी वर्णमाला क्रम को आधार बनाया गया। प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 41,424 रिक्त पदों के सापेक्ष सभी 41,424 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।

हर छात्र को शिक्षा और आगे बढ़ने का समान अवसर देने को प्रतिबद्ध है डबल इंजन सरकार: सीएम योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शनिवार को पूर्वदशम और दशमोत्तर कक्षाओं की 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम में कई विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से प्रमाणपत्र दिए। इसके बाद सीएम ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को धनराशि के अभाव में स्कूली शिक्षा से वंचित न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि किसी भी छात्र को धनराशि के अभाव में अपनी स्कूली शिक्षा से वंचित न होना पड़े। हर छात्र को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले, इसके लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज लखनऊ में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम (कक्षा 9-10) तथा दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति/ शुल्क प्रतिपूर्ति का अंतरण किया। साथ ही, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।

वृंदावन से गायब बच्चों की तलाश तेज: प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंच रहे परेशान परिजन

लखनऊ प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता बताया जा रहा हाथरस के सादाबाद का 16 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी को हाथरस पुलिस ने बरसाना के एक आश्रम से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा किशोर से पूछताछ की जा रही है। अनुज के लापता होने का आरोप लगाते हुए उसके परिवारवालों ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरना शुरू कर दिया था। पुलिस ने खोजबीन का आश्वासन देकर किसी तरह परिवारीजनों को शांत कराया और धरना खत्म कराया था। उधर, संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर कई ऐसे लोग पहुंचने लगे हैं, जो अपने बच्चों के गायब होने का दावा कर रहे हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिवारीजन आश्रम के बाहर पहुंचे। उन्होंने अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की। बता दें कि सादाबाद के गांव बरामई खेड़ा के रहने वाले राजवीर चौधरी का बेटा अनुज (17) तीन जुलाई को वृंदावन के लिए निकला था। 26 जून को संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने के बाद वो घर लौट गया था। तीन जुलाई को फिर वृंदावन आ गया। तब से अनुज के परिजन उसे तलाश रहे थे। शुक्रवार को अनुज के परिजनों संग बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरना दिया था। करीब आठ घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस के आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था। शनिवार अनुज की सकुशल बरामदगी की ख़बर सामने आ गई। अनुज के परिजनों के अनुसार सादाबाद पुलिस ने अनुज को बरसाना के एक आश्रम से बरामद किया है। हालांकि पुलिस द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सादाबाद इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि किशोर को बरसाना से सकुशल बरामद कर लिया है। लापता बच्चों के घरवाले पहुंच रहे हैं आश्रम, सकुशल वापसी की मांग संत प्रेमानंद के राधा केलि कुंज आश्रम पर अब कई लोग ऐसे पहुंचने लगे हैं, जिनके बच्चे गायब हैं। शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिजन आश्रम के बाहर पहुंचे और अपने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग की। बताया जाता है कि कासगंज का रहने वाला मयंक सिंह चौहान पिछले सात अगस्त को वृंदावन आने की कहकर अपने घर से निकला था। जिसका काफी प्रयास के बाद भी कोई पता नहीं लग सका है। मयंक के पिता चंद्रपाल सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से मयंक सिर्फ प्रेमानंद महाराज की बातें करता था। पॉलीटेक्निक प्रथम वर्ष के छात्र मयंक तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का बच्चा है। पिता के अनुसार पूरा परिवार मयंक के गायब होने से परेशान है। इसी तरह की पीड़ा महाराष्ट्र की उज्वला ताक पिरे की है। 21 जुलाई से लापता है ओम परमेश्वर उन्होंने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा ओम परमेश्वर 21 जुलाई से लापता हैं। वो वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शनों की कहकर अपने घर से निकला था। 23 जुलाई को उसकी मां वृंदावन पहुंची और बेटे की तलाश शुरू कर दी। उज्वला ताकपिरे का कहना है कि उसे आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम परमेश्वर के होने की जानकारी मिली थी। लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। उज्वला अपने बेटे की तलाश में कई बार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से वृंदावन आ चुकी है। संभाजी नगर में उसकी गुमशुदगी का मामला दर्ज है। इसी तरह समीपवर्ती देवी आटस निवासी किशोरलाल का 14 वर्षीय बेटा नवनीत भी 10 सितम्बर से गायब है। नवनीत के परिजन भी उसे ढूंढने राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे थे।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा होगी और मजबूत, सिद्धार्थनगर में IB के लिए चार स्थान चिन्हित

शोहरतगढ़  भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो की इकाइयों के लिए भूमि चिह्नित की गई है। ककरहवा, खुनुआ, बढ़नी और डुमरियागंज में कार्यालय व आवास के लिए भूमि प्रस्तावित है। ककरहवा के भाटिनपार और खुनुआ 0.3000-0.3000 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है। डुमरियागंज के रूदौलिया बुजुर्ग में भी 0.3000 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। बढ़नी क्षेत्र के मधवापुर में 0.1052 हेक्टेयर भूमि आवास निर्माण तथा ढेबरुआ में 0.0910 हेक्टेयर भूमि कार्यालय निर्माण के लिए प्रस्तावित है। ककरहवा और डुमरियागंज की भूमि का निरीक्षण हो चुका है। खुनुआ में चिह्नित स्थल का शीघ्र निरीक्षण कराकर उपयुक्त पाए जाने पर पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। इससे सीमापार गतिविधियों पर स्थानीय निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है। सीमा सुरक्षा के लिहाज से अहम पड़ाव जनपद में भारत-नेपाल की 68 किलोमीटर की सीमा पूरी तरह से खुली होने के कारण सिद्धार्थनगर का सीमावर्ती क्षेत्र सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। खुनुआ और बढ़नी, ककरहवा जैसे प्रमुख सीमा बिंदुओं के आसपास आइबी इकाइयों की स्थापना से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को संस्थागत आधार मिलने की उम्मीद है। दो वर्षों के बीच खुनुवा एवं ककरहावा के रास्ते कई विदेशी भारत में प्रवेश करते हुए पकड़े गए हैं। इसको लेकर सीमा की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। बब्बर खालसा ग्रुप, इंडियन मुजाहिदीन ग्रुप से जुड़े आतंकी भारत-नेपाल के बढ़नी बार्डर से पकड़े भी जा चुके हैं। खुली सीमा के चलते दुश्मन देश भारत-विरोधी गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं। आतंकी संगठन बिहार और उत्तर प्रदेश के नेपाल से सटे इलाकों में उनकी नापाक गतिविधियों को बढ़ाने नए इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े किए जाने की आशंका है, जिसके जरिए भारत में अशांति फैलाई जा सके। नेपाल से सटे इलाकों में कट्टरपंथी गतिविधियों में काफी इजाफा नजर आ रहा है। बढ़नी बार्डर पर मिल चुका है पाकिस्तान कनेक्शन 1993 में बढ़नी में भारत-नेपाल सीमा पर अजमेर सिंह व भाग सिंह नामक उग्रवादी पकडे़ गए। वर्ष 2010 में बढ़नी बार्डर से इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी सलमान उर्फ छोटू को एटीएस ने पकड़ा था। वर्ष 2013 में बिहार के रक्सौल से इसी आतंकी संगठन का मास्टर माइंड अब्दुल करीम टुंडा पकड़ा गया था। पूछताछ में बढ़नी के आसपास रहकर देश विरोधी गतिविधि चलाने की बात सामने आई थी। इसी बीच इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े आतंकी यासिन भटकल को पकड़ा गया था। इसके अलावा पड़ोसी जनपद महराजगंज से हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी नासिर को पकड़ा गया था। बब्बर खालसा का खतरनाक उग्रवादी मक्कन सिंह भी बढ़नी में पकड़ा गया था