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मैनपुरी में शॉर्ट सर्किट से फैक्ट्री में भीषण आग, मशरूम प्लांट जलकर खाक

मैनपुरी  मैनपुरी के बेवर क्षेत्र के करपिया गांव में शनिवार देर रात सात मंजिला मशरूम प्लांट में भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सात मंजिला था मशरूम प्लांट कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट संचालित हो रहा था। यहां सात मंजिलों में करीब 700 ब्लॉक बनाए गए थे, जहां मशरूम उत्पादन किया जाता था। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार रात करीब 12:30 बजे आग लगी, जिसकी जानकारी रविवार सुबह लगभग 5 बजे ग्रामीणों ने प्लांट से उठता धुआं देखकर दी।   पुलिस अधिकारी और दमकल मौके पर मौजूद सूचना पर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती प्रयासों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिलों से दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। जलकर स्वाह हुआ पूरा प्लांट प्लांट स्वामी मनोज कुमार सिंह के अनुसार, आग में मशरूम के बैग और गोदाम में रखी पूरी सामग्री जलकर खाक हो गई। रक्षाबंधन के कारण उस समय मजदूर अवकाश पर थे, जिससे आग की सूचना समय से नहीं मिल पाई। दमकल टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।  

अचानक भड़की आग ने मशरूम प्लांट को किया राख, वजह बना शॉर्ट सर्किट

मैनपुरी. बेवर क्षेत्र के गांव करपिया में संचालित सात मंजिला मशरूम प्लांट में शनिवार की देर रात शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। रविवार सुबह आग की लपटें देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। प्लांट संचालक की सूचना पर एएसपी नगर और सीओ सिटी ने दमकल टीमों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। विकराल आग को बुझाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाकर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लांट स्वामी ने आग लगने के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदेशा जताया है। काेल्ड स्टोर में चार साल से चल रहा था मशरूम प्लांट बेवर क्षेत्र के गांव करपिया स्थित कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट का संचालन हो रहा है। इस सात मंजिला प्लांट में मशरूम उत्पादन के लिए करीब सात सौ ब्लाक बनाए गए हैं। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार देर रात साढ़े 12 बजे के करीब शार्ट सर्किट से प्लांट में आग लग गई। इसकी जानकारी रविवार की सुबह लगभग पांच बजे स्थानीय ग्रामीणों ने प्लांट से धुआं निकलते देखकर दी। सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं  सूचना पाकर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। जहां टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिले से दमकल वाहनों को बुलाया। टीम में अभी भी आग बुझाने में जुटी हुई हैं। आग में जल गए मशरूम के बैग वहीं प्लांट मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आग के कारण उनके मशरूम के बैग सहित गोदाम में रखी मशरूम आदि सब कुछ जल गया है। जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रक्षाबंधन होने के कारण प्लांट में काम करने वाले मजदूर अवकाश पर थे। इसलिए आग लगने के बारे में समय से जानकारी नहीं मिल सकी थी।   

एक नाम, दो वोटर कार्ड— तेजस्वी का डिप्टी CM पर गंभीर आरोप

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में दो वोटर आईडी कार्ड वाले विवाद को लेकर सियासत काफी गर्म है। दरअसल बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पास दो ईपिक नंबर होने की जब बात सामने आई थी तब चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को खत लिख इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। अब राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर बड़ा आरोप लगाया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के नाम से दो वोटर आईकार्ड है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि लखीसराय और पटना के वोटर लिस्ट में विजय सिन्हा का नाम है और तो क्या प्रशासन या चुनाव आयोग उन्हें नोटिस भेजेगा? रविवार को अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास दो मतदाता पहचान पत्र है। एक लखीसराय तो दूसरा पटना का मतदाता पहचान पत्र है। अगर विजय सिन्हा ने खुद फॉर्म नहीं भरा तो आयोग बताए कि उनका दो जगह पहचान पत्र कैसे बना। दिलचस्प यह है की दोनों कार्ड में उनकी उम्र भी अलग-अलग है। इससे साफ है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया फर्जीवाड़ा है।

नई AI तकनीक से PM आवास योजना में धोखाधड़ी पर लगाम, नकली आवेदकों की होगी पहचान

मुरादाबाद मुरादाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों का चयन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए होगा, जहां जिला प्रशासन ने बताया है कि 44533 नए आवेदनों की जांच एआई के माध्यम से होगी। एआई सैटेलाइट इमेजिंग और लोकेशन ट्रैकिंग से यह परखेगी कि पोर्टल पर डाले गए घरों की तस्वीरें असली हैं या नहीं। सभी आवेदनों की सत्यता जांचने के बाद आखिर में एआई ही यह तय करेगा कि किन लोगों को आवास मिलना चाहिए और किन लोगों को नहीं। इस तरह की जांच से योजना में गड़बड़ी की गुंजाइश ना के बराबर रहेगी, साथ ही झूठा दावा करने वालों की छुट्टी हो जाएगी। एआई का फायदा यह होगा कि अगर किसी ने पक्के मकान में रहते हुए कच्चे मकान की फोटो दिखाकर योजना का लाभ लेने की कोशिश की है, तो यहां एआई तुरंत पकड़ लेगा और उसका आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। पूरी तरह निष्पक्ष होगी जांच इसको लेकर परियोजना निदेशक, डीआरडीए, निर्मल कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच में कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनके पास पहले से पक्का मकान है लेकिन योजना का लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक ऐसे लोगों को लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल व निष्पक्ष होगी और अंतिम सूची https://awaasplus.nic.in पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। तीन चरणों में होगी जांच एआई की यह जांच तीन चरणों में होगी, जहां पहले चरण में ग्राम स्तर पर बनाई गई टीमें जांच करेंगी। इसमें सहायक विकास अधिकारी, अवर अभियंता और बोरिंग टेक्नीशियन शामिल हैं। इनका काम गांव-गांव जाकर सत्यापन करना है और 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देनी है। दूसरे चरण में ब्लॉक रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और जमीनी तथ्यों का पुनः मूल्यांकन करेगी। तीसरे और आखिरी स्टेज में एआई तकनीक के जरिए फोटो व लोकेशन मिलान के आधार पर गलत सूचनाएं देने वालों को छांटा जाएगा और असली लाभार्थियों को लिस्ट में जोड़ा जाएगा।

अब राज्य कर विभाग के अधिकारी करेंगे ज्यादा काम, आने वाला है बड़ा बदलाव

मथुरा राज्य कर विभाग में सात अधिकारियों के निलंबन के बाद कार्य प्रभावित है। पहले ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहे राज्य कर विभाग में अब जिम्मेदारियां वितरित किए जाने की तैयारी है। अवकाश पर गए कुछ अधिकारियों को कार्यभार संभालने के लिए वापस बुलाया जा रहा है। शेष बचे सहायक आयुक्त, उपायुक्त व राज्य कर अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज देने की मंजूरी हाईकमान से मांगी गई है। राज्य कर विभाग में उत्पीड़न के आरोपों पर खंड एक के उपायुक्त कमलेश कुमार के साथ प्रकरण की जांच कर रहे छह और जीएसटी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। निलंबित किए अधिकारियों में चार उपायुक्त, दो सहायक आयुक्त व एक सीटीओ शामिल हैं। बड़ी संख्या में अधिकारियों के निलंबन से राज्य कर विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। दो मोबाइल टीमें, एक एसआइबी इकाई व तीन खंड खाली हो गए हैं। कर वसूली के साथ प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी कार्य को सुचारू कराने के लिए रिक्त हुए पदों की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को दे रहे हैं। अवकाश पर गए अधिकारियों को वापस बुलाया गया है। डीसी प्रशासन सुनील को खंड एक के डीसी कमलेश कुमार का अतिरिक्त चार्ज देने की तैयारी है। खंड पांच के डीसी संजीव कुमार की जिम्मेदारी डीसी प्रद्युम्न गुप्ता को दी जाएगी। एसी पूजा गौतम की जिम्मेदारी नीलेश को दी जा रही। अन्य अधिकारियों को भी खाली हुए पदो पर संयोजित किया जा रहा है। संयुक्त आयुक्त कार्यपालक राज्य कर विभाग रमेश सिंह ने बताया कि जब तक नए अधिकारी नहीं मिल जाते शेष अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा रही है। अलीगढ़ कार्यायल को अधिकारियों को सूची भेज दी गई है। अनुमति मिलते ही संबंधित अधिकारियों को चार्ज दे दिया जाएगा। 

यूपी में गंगा का कहर बरपा, खतरे के निशान से ऊपर पानी, प्रभावित हुए दर्जनों गांव

बुलंदशहर पहाड़ों में भूस्खलन, बादल फटने व यूपी के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। कई जिलों में नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बुलंदशहर के नरौरा बैराज पर शनिवार को गंगा में खतरे के निशान से ऊपर 2 लाख 81 हजार 676 क्यूसेक प्रति सेकंड का बहाव है। जबकि समुद्र तल से खतरे का जलस्तर 179.14 मीटर पर है। वहीं, मुरादाबाद गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गुन्नौर क्षेत्र के बबराला घाट, राजघाट और नरौरा गंगा बैराज पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यूपी में बारिश ने कई जिलों में आफत ला दी है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मुरादाबाद में गंगा किनारे बसे रघुपुर पुख्ता, मेगरा, नरुपुरा, शालिग की मढैया, मैदावली, तोतापुर, बझागी सहित दर्जनों गांवों में गंगा का पानी किनारे तक पहुंच चुका है। यदि जल स्तर यूं ही बढ़ता रहा तो गांवों में कटान और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने भले ही स्थिति नियंत्रण में बताई हो, लेकिन ग्रामीणों में खौफ है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की तैयारी में हैं। गंगा में उफान से बुलंदशहर जिले के गंगा किनारे ग्रामों की खादर की फसलें जलमग्न हो गई हैं। खादर में बाढ़ के खतरे को देख प्रशासन ने ग्रामीणों को गंगा किनारे जाने से मना किया है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व विभाग के कर्मचारियों की तैनाती कर प्रशासन गंगा के बढ़ते जलस्तर पर नजर रख रहा है। पिछले एक हफ्ते से गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। गत बुधवार को हरिद्वार और बिजनौर गंगा बैराज से 3 लाख से भी अधिक जल की निकासी दर्ज की गई थी जिसके चलते नरौरा में शुक्रवार रात 12 बजे गंगा ने खतरे का निशान पार कर दिया। बदायूं के तीन तहसीलों के 36 गांव बाढ़ की चपेट में गंगा एवं रामगंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते बाढ़ बदायूं के तीन तहसीलों के 36 गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं, इनमें उसहैत क्षेत्र के आठ गांवों में अंदर तक पानी पहुंच गया है। सहसवान के भी पांच गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रामगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग के ऊपर से पानी चल रहा है। नरौरा, बिजनौर, हरिद्वार से डिस्चार्ज बढ़ने के चलते लगातार गंगा नदी में उफान बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार के लिए गंगा नदी में जलस्तर खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गये। इससे जो गांव बाढ़ से दूर थे, उनमें भी पानी पहुंच गया है। गंगा नदी में आयी बाढ़ के चलते सदर, सहसवान, दातागंज तहसील के कुल 36 गांव प्रभावित हैं, इन गांवों के लोग इन दिनों समस्याओं का दंश झेल रहे हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है, उन गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना शुरू कर दी है।  

दंगों से जूझती बरेली से आध्यात्मिक नगरी बनी नाथ नगरी, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

बरेली 2017 से पहले का समय याद होगा। सपा की सरकार में बरेली दंगों के लिए बदनाम था, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने प्रदेश में विरासत के साथ विकास की गंगा बहाई है। पहले बरेली में जहां हर तीन माह में दंगा होता था, आज नाथ नगरी की आध्यात्मिक पहचान बन गई है। भाजपा सरकार में बरेली को दंगों के लिए नंहीं आध्यात्मिक नगरी के रूप में पहचाना जा रहा है। बरेली कॉलेज के मैदान पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित होते बरेली के स्वरूप को इस तरह जनसमूह के सामने रखा। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर, धार्मिक स्थलों के विकास और शांतिपूर्ण कांवड़ यात्राएं निकाले जाने से बरेली की तस्वीर बदल रही है। नाथ नगरी में बाबा अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, वनखंडीनाथ और पशुपतिनाथ मंदिरों को जोड़कर विकसित हो रहे नाथ कॉरिडोर से यहां की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई गति मिली है। शासन ने यहां के धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से संवारने के लिए 62 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके साथ ही रामनगर किला, दिगंबर जैन मंदिर और जैन तीर्थों के आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई दिशा दी जा रही है। बरेली को पार्श्वनाथ भगवान की पावन भूमि बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राम, कृष्ण, बुद्ध और जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमि और तपोभूमि है। आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित कर आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक नेतृत्व में अग्रणी बने। यहां शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी विकास हो रहा है। पूर्व की सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि तब नौकरियों में भाई-भतीजावाद हावी था। आज सरकार योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर नियुक्तियां दे रही हैं। बरेली में अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कालेज और वन प्रोडक्ट पर काम हो रहा है। पुराने अस्पताल भवनों का नवीनीकरण, यूनानी मेडिकल कालेज, हाईवे चौड़ीकरण, बीडीए, नगर निगम और ऊर्जा विभाग की कई परियोजनाएं शहर के विकास को गति देने का काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है, आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बरेली मंडल को विकास की उड़ान मिलने वाली है। विरासत के साथ विकास के सिद्धांत के तहत बरेली समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है। बोले, प्रदेश को माफिया मुक्त और भय मुक्त बनाया है। जनसभा में इनकी रही मौजूदगी मंत्री वित्त एवं संसदीय कार्य सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता जेपीएस राठौर, राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण डा. अरुण कुमार, राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय सिंह गंगवार, सांसद बरेली छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर डॉ. उमेश गौतम, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, विधायक फरीदपुर डा. श्याम बिहारी लाल, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ. राघवेंद्र शर्मा, विधायक मीरगंज डॉ. डीसी वर्मा, विधायक नवाबगंज डा. एमपी आर्य, भाजपा ब्रज प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, जिला अध्यक्ष बरेली सोमपाल शर्मा, जिला अध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।  

झोलाछाप डॉक्टर की तस्वीर से आहत होकर युवती ने किया आत्महत्या जैसा कदम

बरेली झोलाछाप ने गांव की एक युवती का फोटो एडिट कर अपने साथ फेसबुक स्टेटस पर लगा दिया। युवती और उसके स्वजन को जब इस बारे में जानकारी हुई तो झोलाछाप से फोटो हटाने की बात कही, लेकिन आरोपित ने गाली-गलौच कर और फोटो प्रसारित करने की धमकी दी। इससे आहत युवती ने शुक्रवार दोपहर फंदे से लटककर जान दे दी। मामले में स्वजन ने झोलाछाप के विरुद्ध शिकायती पत्र दिया है। सीबीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को बताया कि उनके घर के पास में ही नरेंद्र नाम का एक झोलाछाप क्लीनिक का संचालन करता है। उनकी बहन एक-दो बार क्लीनिक पर दवा लेने गई थी। इसके बाद से आरोपित नरेंद्र ने उनकी बहन को परेशान करना शुरू कर दिया। बहाने से उसका नंबर लेकर उसे फोन करता और परेशान करता था। जब इस बात की जानकारी युवती के स्वजन को हुई तो उन्होंने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपित नहीं माना। आरोप है कि गुरुवार को आरोपित नरेंद्र ने उनकी बहन का फोटो एडिट कर अपने साथ फेसबुक स्टोरी पर लगा दिया। इस बात की जानकारी जब युवती और उसके स्वजन को हुई तो उन्होंने झोलाछाप से उसे हटाने को कहा, लेकिन आरोपित उन्हें धमकी देने लगा। कहा कि यदि ज्यादा कहा तो और भी फोटो को इसी तरह से अपलोड करेगा। आरोप है कि आरोपित ने सभी को जान से मारने की धमकी दी। फोटो प्रसारित होने से युवती आहत हो गई और उसने शुक्रवार दोपहर कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वजन को जब पता चला तो उन्होंने आनन-फानन में उसे उतारा और डाक्टर के पास पहुंचे, लेकिन डाक्टर ने युवती को मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्वजन के शिकायती पत्र पर झोलाछाप के विरुद्ध प्राथमिकी लिखने की तैयारी है। मामले में एसपी सिटी मानुष पारीक का कहना है कि स्वजन की ओर से शिकायती पत्र दिया गया है। उसकी के आधार पर झोलाछाप पर प्राथमिकी लिखाई जाएगी। 

898 कैदियों ने मथुरा जेल में राखी बंधवाई, बहनों से मांगा अपराध मुक्त जीवन का वचन

मथुरा भाई-बहन के अटूट रिश्ते, विश्वास और प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन शनिवार को जिले भर में धूमधाम व शांतिपूर्वक तरीके से मनाया गया। भाई-बहन के प्रेम की मिठास की महक जिला कारागार में भी खूब रही। 898 बंदियों ने बहनों से राखी बंधवाकर अपराध छोड़ने का वचन दिया। जिला कारागार ने बहनों के लिए परिसर में टेंट, ठंडा पानी और शरबत आदि की व्यवस्था कराई। 1549 महिलाएं और 767 बच्चे के साथ 2316 स्वजन ने बंदियों से मुलाकात की। रक्षा बंधन पर्व पर शनिवार सुबह वर्षा कुछ देर के लिए बाधा बनी, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद जिला कारागार के बाहर बहनों व स्वजन की लंबी कतारें लगीं। हर चेहरे पर बंदी भाई से मिलने और उसकी कलाई पर राखी बांधने की उत्सुकता झलक रही थी। कारागार प्रशासन ने तेज़ धूप और गर्मी से बचाने के लिए टेंट लगाए गए और ठंडी हवा के लिए कूलर लगाए गए। उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारियों ने कारागार के बाहर ठंडा पानी और शरबत के काउंटर लगाए, ताकि मुलाकात के लिए आए लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। बहनों व बच्चों को एक-एक पैकेट बिस्कुट और चाकलेट दी गई। बहनों को जेल प्रशासन की ओर से राखी, रोली और चावल भी उपलब्ध कराए गए। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर जिला कारागार में 1549 महिलाएं और 767 बच्चे 898 बंदी भाइयों से मिलने पहुंचे। वहीं बाहर से आए 10 पुरुषों ने भी जेल में बंद बहनों से विशेष मुलाकात की और राखी बंधवाई।

लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो फ्लाइट पौने दो घंटे लेट, तकनीकी समस्या सामने आई

लखनऊ  रक्षाबंधन वाले दिन यानि शनिवार सुबह लखनऊ से देहरादून जा रही इंडिगो की फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण रोक दी गई। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यह फ्लाइट कुछ मिनटों में ही टेकऑफ करने वाली थी। इंडिगो की फ्लाइट 6E-515 लखनऊ से सुबह 8:55 बजे रवाना होकर 10:15 बजे देहरादून पहुंचनी थी। विमान में सफर करने वाले एक यात्री के मुताबिक, इस विमान की बोर्डिंग पूरी हो चुकी थी और उसमें क्रू मेंबर सहित 158 यात्री सवार थे। जब विमान उड़ान भरने के लिए टैक्सी वे से रनवे पर जा रहा था, तभी विमान में हल्का झटका लगा, पायलट ने तकनीकी गड़बड़ी पहचान ली। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना देते हुए विमान को रोक दिया। इसके बाद विमान को वापस टैक्सीवे पर लाया गया। विमान की खराबी दूर करने के लिए तत्काल इंजीनियरों की टीम बुलाई गई। यहां पर इंजीनियरों की टीम ने लगभग पौने दो घंटे की मेहनत के बाद विमान की खराबी दूर किया। इसके बाद विमान को रवाना किया। 8:55 पर रवाना होने वाला विमान सुबह 10.50 बजे उड़ान भर सका। विमान का देहरादून पहुंचने का समय 10.15 बजे है।