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सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी में लगाई हाजिरी, रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश

एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे सीएम योगी  जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत सीएम योगी ने श्री राम मंदिर निर्माण से जुड़े विकास कार्यों की ली जानकारी अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पहले संकट मोचन हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, आरती की और सीएम ने दर्शन-पूजन के उपरांत निकलते समय आमजन का अभिवादन भी स्वीकार किया। वहीं मंदिर परिसर की परिक्रमा कर राम मंदिर निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के दर्शन किए। उन्होंने श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की इसके साथ ही उन्होंने राम दरबार में भी दर्शन पूजन किये। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी भी ली। राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर जहां  महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर उन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी का सितम्बर महीने में पहला अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 9 जुलाई को पौधरोपण महा अभियान के शुभारंभ अवसर पर यहां आए थे।

लखनऊ में गुलिस्ता कालोनी स्थित उनके आवास पर ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया

लखनऊ समाजवादी पार्टी की महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नेहा यादव के नेतृत्व में भाजपा विधायक केतकी सिंह के गैर-जिम्मेदाराना, असंवेदनशील और मुद्दों से भटकाने वाले बयानों के खिलाफ राजधानी लखनऊ में गुलिस्ता कालोनी स्थित उनके आवास पर ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया।     डॉ. नेहा यादव ने कहा कि “हमारे नेता माननीय अखिलेश यादव जी पर कोई भी अभद्र टिप्पणी करेगा तो समाजवादी चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नौकरी, रोजगार, शिक्षा और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह असफल रही है। जनता के सवालों से ध्यान हटाने के लिए केतकी सिंह जैसी भाजपा विधायक अशोभनीय टिप्पणियाँ करती हैं, जो न केवल निंदनीय हैं बल्कि जनता का भी अपमान है।     डॉ. नेहा यादव स्पष्ट किया कि जब तक भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार, बेटियों को सुरक्षा और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं देती, समाजवादी पार्टी इस लड़ाई को सड़क से सदन तक जारी रखेगी। 2027 में जनता भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंककर समाजवादी सरकार बनाने का काम करेगी। प्रदर्शन में संजना पटेल, रिंकी शीला और जान्हवी सिंह सक्रिय रूप से शामिल रहीं।     प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करने समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती जूही सिंह, मीडिया पैनलिस्ट फखरूल हसन चांद, जिलाध्यक्ष जयसिंह जयंत, भारत यादव, पायल किन्नर, पूजा यादव बुंदेलखंडी, राजबाला रावत, शर्मीला महाराज, लता जायसवार,  सलमा, दीपा यादव, अर्चना रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता सभा राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी श्री प्रदीप यादव और अधिवक्ता सभा जिलाध्यक्ष अंजनी प्रसाद अधिवक्ताओं की पूरी टीम के साथ मिलने पहुंचे।

लॉ छात्रों के साथ हो रही धोखाधड़ी के खिलाफ राजभवन का किया घेराव

लखनऊ समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनीत कुशवाहा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने श्रीराम स्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में लॉ छात्रों के साथ हो रही धोखाधड़ी के खिलाफ राजभवन का घेराव किया। पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लेकर, बसो में भरकर इकोगार्डेन भेज दिया। छात्रों ने विभिन्न विश्वविद्यालयों में हो रहे छात्र उत्पीड़न के सम्बंध में राज्यपाल महोदय को ज्ञापन भेजा।     ज्ञापन में कहा गया है कि श्रीराम रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय बाराबंकी में विद्यार्थियों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लॉ की डिग्री की मान्यता न होने के बावजूद 2022 से छात्रों का प्रवेश लिया जा रहा है और अवैध वसूली की जा रही है। छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय से सवाल पूछने पर उन्हें डराया धमकाया जा रहा है और बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया जा रहा है। समाजवादी छात्र सभा ने राज्यपाल से मांग की है कि एसआरएमयू बाराबंकी के साथ-साथ सभी विश्वविद्यालयों की जाँच हों विश्वविद्यालयों पर कार्यवाही हो जहां छात्रों का उत्पीड़न हो रहा है।     प्रदर्शन में शामिल सर्वश्री रितेश सिंह प्रदेश महासचिव छात्र सभा, सिराज हुसैन प्रमुख महासचिव छात्र सभा, अवनीश कुमार यादव महासचिव, वैभव सैनी प्रदेश उपाध्यक्ष, अमर यादव प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदीप कुमार भोजवाल प्रदेश उपाध्यक्ष, सुनिधि यादव, ममता शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष, आभाश यादव ’कान्हा प्रदेश उपाध्यक्ष, शुभम यादव प्रदेश सचिव, अभिषेक यादव मऊ, शिवम् सिंह जिलाध्यक्ष सीतापुर, प्रवीन सिंह जिलाध्यक्ष बलिया, पंकज कुशवाहा जिलाध्यक्ष गाजीपुर, शुभम लोहिया जिलाध्यक्ष रायबरेली, कुनाल मौर्या जिलाध्यक्ष आजमगढ,़ ओम लोधी जिलाध्यक्ष लखनऊ, स्वदेश यादव प्रदेश उपाध्यक्ष झाँसी, पिं्रस कुमार इकाई अध्यक्ष ल०वि०वि०, शिवाजी यादव इकाई उपाध्यक्ष लखनऊ विश्वविद्यालय, सुमित यादव, रिंकल जोशी जिला उपाध्यक्ष सीतापुर, प्रवेश यादव प्रदेश कार्यकारी सदस्य, आयुश यादव इकाई सचिव ल०वि०वि०, शिव पूजन पाण्डेय इकाई प्रभारी ल०वि०वि०, सजय यादव, अंकुर यादव इकाई अध्यक्ष वि0वि0 नवीन परिसर, रामप्रकाश मौर्या जिलाध्यक्ष सुल्तानपुर  सूरज वर्मा प्रदेश सचिव, अभिषेक श्रीवास्तव (बाबू) राष्ट्रीय सचिव लोहिया वाहिनी, ऋषी यादव छात्र नेता, अजीत यादव प्रदेश उपाध्यक्ष, एड. अरविंद यादव प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदीप भोपाल प्रदेश उपाध्यक्ष, अभिषेक कटियार प्रदेश उपाध्यक्ष, शशांक यादव प्रदेश उपाध्यक्ष, दिव्यांशु सिंह छात्र नेता के.के.सी., अमित सक्सेना, आदित्य सक्सेना, राधेश्याम यादव मठिया शाहजहांपुर, टनन बाला, प्रदेश सचिव छात्र सभा लखनऊ, संदीप पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष समाजवादी छात्र सभा वाराणसी, सौरभ मौर्य रायबरेली, अरविन्द यादव प्रदेश सचिव मिर्जापुर, अमन यादव प्रदेश सचिव उन्नाव, इमरान प्रदेश सचिव, फैज खान, मोनू रावत जिलाध्यक्ष बाराबंकी, अमरेन्द्र वर्मा जिला उपाध्यक्ष, प्रभात सिंह जिला उपाध्यक्ष, हृदय सिंह यादव उपाध्यक्ष, संस्कार जैन उपाध्यक्ष, अभय वर्मा उपाध्यक्ष, रवि यादव उपाध्यक्ष, गुलजार रजा, अंशुल यादव विधानसभा अध्यक्ष, शिवम यादव ब्लाक अध्यक्ष, परवेज यादव फतेहपुर, सुशील यादव फतेहपुर, प्रतियोग प्रताप खेदू यादव आदि शामिल रहे।     इको गार्डन में सभी प्रदर्शनकारियों से सर्वश्री सुनील सिंह साजन पूर्व एमएलसी, अभिषेक यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष लोहिया वाहिनी, शकील नदवी प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी अल्पसंख्यक सभा, पूजा शुक्ला पूर्व प्रत्याशी उत्तर विधानसभा लखनऊ, फखरूल हसन चांद पैनलिस्ट ने मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

सामाजिक न्याय के राज की स्थापना और अन्याय को मिटाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना आवश्यक: अखिलेश यादव

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश से सामाजिक न्याय के राज की स्थापना और अन्याय को मिटाने के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना आवश्यक है। भाजपा सरकार में निर्दोषों को झूठे मुकदमें में फंसाया जाता है। संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर हैं प्रशासन का दुरुपयोग हो रहा है। भाजपा सरकार ने शिक्षा, और स्वास्थ्य व्यवस्था बर्बाद कर दिया। अस्पतालों में दवा, इलाज नहीं मिल पा रहा है। एम्बुलेंस सेवाएं ठप्प है।     समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आये नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार का तीसरा कार्यकाल है लेकिन देश की जनता को परेशानी और तबाही के सिवा क्या मिला? सरकार बताए कि नोटबंदी का परिणाम क्या रहा? प्रधानमंत्री जी के क्षेत्र में भी विकास क्यों नहीं हुआ? वाराणसी में आयी बाढ़ की भयावह स्थिति को सभी ने देखा। भाजपा ने झूठे सपने दिखाकर लोगों को विनाश के कगार पर पहुंचा दिया।     श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा इस्तेमाली पार्टी है। यह लोगों का इस्तेमाल करती है, फिर उन्हें बर्बाद कर देती है। भाजपा सरकार ने जीएसटी को जटिल बनाकर व्यापार और व्यापारियों को उलझा दिया है। व्यापार करना कठिन हो गया है। टैक्स की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए। भाजपा सरकार के फैसलों में भारी गड़बड़झाला है। इस सरकार के पास बेरोजगारी, महंगाई का कोई समाधान नहीं है। भाजपा सरकार के एजेंडे में नौकरी रोजगार नहीं है। आउटसोर्स से बेरोजगारी का स्थायी हल नहीं होगा। भाजपा सरकार ने प्रदेश की जनता के हित में कोई काम नहीं किया। भाजपा ने नौ साल की सरकार में एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ाया। बिजली का कोई कारखाना नहीं लगाया। भाजपा ने जनता का भरोसा खो दिया है। भाजपा पर किसी को भरोसा नहीं रह गया है। जनता को समाजवादी पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों पर भरोसा है। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में विकास के तमाम कार्य किए हैं। किसानों, नौजवानों समेत सभी वर्गो के हित में फैसले लिए। जनता समाजवादी पार्टी की तरफ उम्मीद भरी नज़रों से देख रही है। समाजवादी पार्टी की सरकार में सामाजिक न्याय के राज की स्थापना होगी। हर वर्ग को न्याय और सम्मान मिलेगा। सबका विकास होगा। प्रदेश में खुशहाली आयेगी। 2027 में भाजपा सरकार को कोई नहीं बचा पायेगा।     इस अवसर पर नेता विरोधी दल श्री माता प्रसाद पाण्डेय, राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल, शिक्षक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो0 बी पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्री नरेन्द्र वर्मा, श्रीमती विजमा यादव, श्री अताउर्रहमान, श्री कमला कांत राजभर, श्री शोएब अंसारी सभी विधायकगण, पूर्व मंत्री शेख सुलेमान एवं सलामतुल्ला आदि नेताओं सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

अखिलेश यादव से आज महंत श्री रमेश दास जी महाराज ने भेंट की

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से आज अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत श्री रमेश दास जी महाराज ने भेंट की और उनको सफलता तथा विजय का आशीर्वाद दिया। महंत रमेश दास जी महाराज ने श्री अखिलेश यादव को हनुमान मंदिर का प्रसाद भी दिया। महंत रामजी दास के साथ इंद्रसेन पहलवान ने भी श्री अखिलेश यादव से भेंट की। महंत रामजी दास हनुमानगढ़ी के महंत स्वर्गीय भवनाथ दास जी के उत्तराधिकारी हैं। श्री अखिलेश यादव के प्रति उनका भी बहुत स्नेहभाव रहता था।

योगी सरकार का रबी बीजों की समय से उपलब्धता एवं वितरण पर जोर

कृषि मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश किसानों को वितरण के लिए 25 अक्टूबर तक उपलब्ध करा दिए जाएं रबी फसलों के बीज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय से मिले किसानों को बीमा का लाभ: शाही लखनऊ योगी सरकार का रबी बीजों के समय से उपलब्धता व वितरण पर जोर है। इसे देखते हुए बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि निदेशालय में बैठक ली। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं/कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय समीक्षा बैठक की। कृषि मंत्री ने कहा कि किसान योगी शासन की प्राथमिकता में हैं। उन्नतशील बीजों का वितरण कृषकों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ समय से अवश्य सुनिश्चित किया जाये l  कृषि मंत्री द्वारा समस्त जनपद /मंडल के अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए गए  रबी फ़सलों (गेहूँ,जौ,चना, मटर,मसूर, सरसों, अलसी आदि) के सभी बीज दिनांक 25 अक्तूबर तक समस्त राजकीय बीज भंडारों पर कृषकों को वितरण हेतु उपलब्ध करा दिये जाएं l रबी फ़सलों के सभी अनुदानित बीजों का कृषकों को वितरण बुआई से पूर्व 25 नवम्बर तक अनिवार्य रूप से राजकीय कृषि बीज भंडारों के माध्यम से पूर्ण कर लिया जाये।  वर्तमान में बाढ़ प्रभावित/हानि वाले इलाकों में कृषकों को बीमा का लाभ समय से प्राप्त कराए जाने हेतु राजस्व, कृषि एवं बीमा के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा अविलंब पूर्ण कर प्रभावित कृषकों को तत्काल लाभ पहुंचाया जाये l रबी फ़सलों में विशेषकर दलहन (चना,मटर,मसूर आदि) एवं तिलहन (तोरिया,सरसों, राई, अलसी आदि) में फसल उत्पादकता बढ़ाए जाने के लिए जनपदीय उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी विशेष प्रयास करें l बैठक में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र जी, सचिव इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव टी.के. शीबू, ओ.पी. वर्मा, निदेशक पंकज त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह आदि की मौजूदगी रही।

मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़ा अभियान कार्यशाला को किया संबोधित, कार्यकर्ताओं का किया मार्गदर्शन

सीएम ने की वोकल फॉर लोकल की चर्चा, बोले- देश का पैसा यहां के कारीगरों को ही मिले, बाहर जाएगा तो भारत के खिलाफ आतंकवाद में होगा प्रयोग सीएम ने की अपीलः सभी कार्यक्रम भी हों और पर्व-त्योहार भी आसानी से मनाए जाएं  पीएम पर लिखी गईं पुस्तकें उपहार के रूप में देंः योगी  सीएम ने दिया मंत्रः जितनी मेहनत करेंगे, उतना ही बीमारियों से लड़ने का सामर्थ्य रखेंगे लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सेवा पखवाड़ा अभियान कार्यशाला को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने एक तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं की हौसलाअफजाई की, तो उनका मार्गदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़ा अभियान ( 17सितंबर से दो अक्टूबर) के तहत होने वाले कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा के कार्यक्रम स्वयं के लिए नहीं, बल्कि नेशन फर्स्ट के भाव के साथ होते हैं। हम संस्थापकों के विजन राष्ट्र प्रथम के भाव को जीवन का मिशन मानकर आगे बढ़ते हैं। हमारे कार्यकर्ता जब इसे अभियान मानकर बढ़ते हैं तो वे आमजन का विश्वास का हिस्सा बनते हैं। मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सभी कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर पहले उत्साहवर्धन किया, फिर अपील भी की कि दो अक्टूबर को विजयादशमी भी है। यह सभी कार्यक्रम भी अच्छे से हों और पर्व-त्योहार भी आसानी से मनाए जाएं।  देश का पैसा बाहर जाएगा तो भारत के खिलाफ आतंकवाद में प्रयोग होगा सीएम ने सेवा पखवाड़े के आयोजन और उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने वोकल फॉर लोकल को हस्तशिल्पियों का सम्मान बताया। कहा कि इसने यूपी के एक्सपोर्ट को कई गुना बढ़ाया है। यह आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। सीएम ने सभी से इसे बढ़ावा देने की अपील की और कहा कि देश का पैसा यहां के कारीगरों को ही मिले, बाहर जाएगा तो भारत के खिलाफ आतंकवाद में प्रयोग होगा।  यूपी से अधिक कोई नहीं समझ सकता स्वच्छता का महत्व मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कार्यक्रम का जिक्र करते हुए इसे जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसका महत्व यूपी से अधिक कोई नहीं समझ सकता। 11 वर्ष पहले इस सीजन में गांवों में पैदल चलना दूभर होता था। बदबू व गंदगी रहती थी, लेकिन आज हर गांव में पैदल जाया जा सकता है। स्वच्छता का ही असर है कि इंसेफेलाइटिस समाप्त हो गया। सीएम ने कहा कि बूथ स्तर की टीम मलिन बस्तियों में होने वाले कार्यक्रमों का हिस्सा बने। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्णतः बैन करने पर जोर दिया।  यूपी ने इस वर्ष 36 करोड़ पौधरोपण कर नया रिकॉर्ड बनाया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में यूपी की भागीदारी से आगंतुकों व कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम'  के तहत इस वर्ष भी एक दिन में 36 करोड़ से अधिक पौधरोपण का रिकॉर्ड बना। 8 वर्ष में 240 करोड़ पौधरोपण हुए। यूपी का फॉरेस्ट कवर बढ़ा। जिस प्रदेश में पहले 50 लाख पौधे नहीं मिलते थे, वहां की नर्सरियों में 52 करोड़ पौधे तैयार किए गए। सीएम ने नमो वन/पार्क का भी जिक्र किया।  जितनी मेहनत करेंगे, उतना ही बीमारियों से लड़ने का सामर्थ्य रखेंगे सीएम ने भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या से मुखातिब होते हुए कहा कि यूपी में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की लंबी फौज है। हर अभियान में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता जीजान से लगे रहते हैं। सीएम ने रक्तदान शिविर को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं की हौसला अफजाई की। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर रविवार को स्वास्थ्य मेला लगाता है। वहां केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का डिस्प्ले, उपचार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। सीएम ने स्वास्थ्य के प्रति आमजन को जागरूक करने की अपील की और मंत्र दिया कि जितनी मेहनत करेंगे, बीमारियों से उतना ही लड़ने का सामर्थ्य रखेंगे। सीएम ने कोविड के दौरान भारत के बेहतरीन प्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जितनी मौतें हुईं, उसकी तुलना में सुपर पॉवर अमेरिका में चार गुना अधिक मौतें हुईं।  सेवानिवृत्त अधिकारियों व विशेषज्ञों के साथ बैठकर विकसित-आत्मनिर्भर यूपी को बढ़ाने पर करेंगे चर्चा  मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 से अधिक सेवानिवृत्त आईएएस, आईएफएस, विभिन्न अधिकारियों व अलग-अलग विषय विशेषज्ञों के साथ बैठकर विकसित-आत्मनिर्भर यूपी के कार्यक्रम को बढ़ाने जा रहे हैं। विकसित व आत्मनिर्भर भारत के साथ विकसित यूपी को बढ़ाने के कार्यक्रम कॉलेजों, स्कूलों व अन्य संस्थाओं में होंगे, जनप्रतिनिधि भी उसका हिस्सा बनेंगे। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत की संकल्पना को संकल्प के रूप में दिया है। हम इसके अनुरूप कार्य करेंगे। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत दिव्यांगजनों को जनप्रतिनिधियों द्वारा कृत्रिम उपकरण वितरण करेंगे।  पीएम पर लिखी गईं पुस्तकें उपहार में दें  सीएम योगी ने कहा कि पीएम पर लिखीं गईं पुस्तकें उपहार के रूप में दें। पूरे पखवाड़े यह अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सांसद खेलकूद प्रतियोगिता से पहले विधायक खेलकूद प्रतियोगिता होगी। ग्राम पंचायत से लेकर संसदीय क्षेत्र की प्रतिभाएं इससे निखरेंगी। सीएम ने विकसित भारत चित्रकला प्रतियोगिता के जरिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइन आर्ट से जुड़े लोगों को भी इससे प्रेरित करें। यह प्रतियोगिता सावर्जनिक स्थानों पर करें, जिससे दीवारें भी सजेंगी और युवाओं का सम्मान भी होगा। सीएम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम,  पं. दीनदयाल उपाध्याय व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी की भी चर्चा की।  सीएम ने नमो मैराथन में तेजस्वी सूर्या को किया आमंत्रित  सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में नमो मैराथन कार्यक्रम पर जोर दिया। सीएम ने इसमें भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को भी आमंत्रित किया। सीएम ने मैराथन में 10 हजार से अधिक युवाओं को हिस्सा बनाने की अपील की।  इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष व सांसद तेजस्वी सूर्या,  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल आदि मौजूद रहे। संचालन प्रदेश महामंत्री व विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ल ने किया।

3 मिशन, 3 थीम और 12 सेक्टर पर आधारित है विकसित उत्तर प्रदेश का खाका

मिशन विकसित यूपी 2047: हर नागरिक को घर, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र में यूपी को मिलेगा आर्थिक नेतृत्व परंपरा और आधुनिकता के संगम से होगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण 12 सेक्टरों में कृषि, उद्योग, आईटी, पर्यटन, शिक्षा और सुशासन शामिल लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के विज़न को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ठोस कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने 3 मिशन, 3 थीम और 12 सेक्टर की मजबूत रूपरेखा तय की है। यह खाका न केवल राज्य की विकास आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि इसे आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखता है। योगी सरकार के तीन मिशन समग्र विकास मिशन : हर नागरिक को घर, पानी, बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना। यह मिशन जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और बुनियादी जरूरतों की पूर्ति पर केंद्रित होगा। आर्थिक नेतृत्व मिशन : उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बढ़त दिलाकर उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना। सांस्कृतिक पुनर्जागरण मिशन : परंपरा और आधुनिकता का संतुलित संगम प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार का गढ़ बनाना। योगी सरकार के तीन थीम अर्थ शक्ति : आर्थिक विकास और निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा। सृजन शक्ति : नवाचार, शिक्षा, कौशल और तकनीकी विकास पर जोर। जीवन शक्ति : नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, समाज कल्याण और जीवन स्तर को बेहतर बनाना। 12 प्रमुख सेक्टर और उनसे जुड़े विभाग कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र : कृषि विभाग, कृषि शिक्षा, उद्यान, गन्ना विकास, सिंचाई व सहकारिता विभागों की समग्र भूमिका। पशुधन संरक्षण : पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य विभाग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती। औद्योगिक विकास : औद्योगिक विकास, एमएसएमई और खनन विभाग के जरिए रोजगार और निवेश को गति। आईटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी : आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल और नवाचार आधारित विकास। पर्यटन एवं संस्कृति : पर्यटन, धर्मार्थ कार्य और संस्कृति विभाग से धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण व प्रसार। नगर एवं ग्राम्य विकास : नगर विकास, आवास-शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज और नमामी गंगे से संतुलित शहरी-ग्रामीण विकास। अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) : परिवहन, नागरिक उड्डयन, लोक निर्माण और ऊर्जा विभाग से बेहतर बुनियादी ढांचा। संतुलित विकास : पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों से सतत विकास। समाज कल्याण : समाज कल्याण, खाद्य एवं आपूर्ति, श्रम, महिला-बाल विकास, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग व दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से सर्वांगीण कल्याण। स्वास्थ्य क्षेत्र : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और आयुष विभाग से सुलभ व सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं। शिक्षा क्षेत्र : बेसिक, माध्यमिक, उच्च, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा तथा कौशल विकास विभाग से युवाओं को भविष्य के अनुरूप तैयार करना। सुरक्षा एवं सुशासन : गृह विभाग, होमगार्ड, भाषा और सामान्य प्रशासन विभाग से सुरक्षित व पारदर्शी शासन। विकास का बहुआयामी खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह खाका केवल कागज पर बनी योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर नागरिक को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य बने जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और सामाजिक रूप से समान व न्यायपूर्ण हो।

मुख्यमंत्री ने की “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047” महाअभियान की शुरुआत

– हमें कैसा भारत और यूपी चाहिए ये विजन में होना चाहिए, उसी तरह से हमें अपने युवाओं को तैयार करना होगा – सीएम योगी – बीते आठ वर्षों में हमने यूपी की निराशा को उत्साह में बदला- मुख्यमंत्री – देश में सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश की है- सीएम योगी – बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी- सीएम योगी – सभी प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करने और अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा- मुख्यमंत्री – 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था- सीएम – 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था, लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया- मुख्यमंत्री – यूपी 8 वर्ष में बीमारू से ग्रोथ इंजन बन सकता है, तो 2047 में विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल करेगा- सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि भारत और यूपी का भविष्य कैसा हो, यह हमें तय करना है। हमें अपने युवाओं को तैयार करना है, क्योंकि हम जिस मनोदशा में जिएंगे, उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे। हमें कैसा भारत और उत्तर प्रदेश चाहिए, यह हमारे विजन में होना चाहिए। सीएम योगी लोक भवन सभागार में "समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047" अभियान के शुभारंभ के अवसर पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘समर्थ उत्तर प्रदेश’ पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल प्रदेशवासियों को अपने सुझाव देने का मंच प्रदान करेगा, जो 12 प्रमुख सेक्टरों- कृषि, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी, पर्यटन, नगर व ग्राम्य विकास, आधारभूत संरचना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा व सुशासन- पर केंद्रित विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनेंगे। विजन डॉक्यूमेंट "अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति" थीम पर आधारित है। कार्यशाला में प्रशासन, पुलिस, वन सेवा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों से सेवानिवृत्त 400 से अधिक अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला की शुरुआत में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और विजन@2047 पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई। प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करना महत्वपूर्ण- सीएम योगी कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि  "विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश” शताब्दी संकल्प अभियान के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। इस अभियान में 25 करोड़ जनता को भागीदार बनाना है। आप सभी प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा। रिटायर्ड होने का मतलब टायर्ड होना नहीं है। आपका अनुभव इस अभियान को गति देगा। 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था- सीएम उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था, जो 1947 तक 2% रह गया। 2014 में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरी बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अगर यही गति रही, तो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य संभव है। बीते आठ वर्षों में हमने यूपी की निराशा को उत्साह में बदला- सीएम योगी उत्तर प्रदेश के संदर्भ में सीएम ने कहा कि 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था, लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया और यूपी आठवीं अर्थव्यवस्था बन गया। बीते आठ वर्षों में हमने निराशा को उत्साह में बदला। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की कृपा से यूपी के पास सब कुछ है, बस संकल्प की जरूरत है। जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा- सीएम योगी सीएम ने प्रख्यात वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का जिक्र करते हुए कहा कि जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा। बसु ने दो पौधों पर प्रयोग किया, एक को प्रेरित किया, तो वह बड़ा वृक्ष बना, जबकि दूसरे को धिक्कारा, तो वह मुरझा गया। उन्होंने कहा कि यह जीव मात्र पर लागू होता है। मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। यूपी और भारत की स्थिति भी यही थी। नकारात्मकता से निराशा बढ़ी, लेकिन अब उत्साह का माहौल है। 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया है। जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर इस वर्ष 35 लाख करोड़ होने जा रही है। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। कोविड काल में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना से एमएसएमई को बढ़ावा मिला, जिससे निर्यात 2 लाख करोड़ तक पहुंचा। कोविड में 1 करोड़ लोगों को रहने-खाने की व्यवस्था दी गई, जिसमें 40 लाख यूपी के कारीगर थे। एक भावुक किस्सा साझा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान एक गरीब व्यक्ति ने खाली डिब्बा दिखाकर उन्हें धन्यवाद दिया, जो कोविड के समय में यूपी में मिले भोजन का था। उन्होंने कहा कि यह सेवा का भाव है, जो लोगों के मन में विश्वास जगाता है। सीएम योगी ने बताई अभियान की रूपरेखा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभियान का पहला चरण प्रबुद्धजनों के साथ अकादमिक संस्थानों में गोष्ठियों से शुरू होगा।  

योगी सरकार के प्रयासों से 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया आमूलचूल बदलाव

शिक्षक दिवस पर विशेष  एक शिक्षक की तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमजोर शैक्षिक व्यवस्था को पहचाना और उसे दूर किया  निपुण भारत मिशन से लेकर डिजिटल स्टूडियों जैसी पहलों ने प्रदेश की शिक्षा को दी नई ऊर्जा और दिशा  निपुण भारत मिशन से 48,000 से अधिक विद्यालयों में रखी गई बच्चों की मजबूत नींव  4.33 लाख शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण, 2.61 लाख शिक्षकों को मिले टैबलेट पीएम श्री विद्यालय बने आधुनिक शिक्षा के मॉडल, 88,500 छात्रों को मिला वैज्ञानिक एक्सपोजर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में लगाए गए 27 लाख पौधे, सभी विद्यालयों में बने इको क्लब माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगात्मक शिक्षा, खोजी बॉक्स और शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम शुरू प्रत्येक विद्यालय को खेलकूद सामग्री के लिए बजट, समर कैम्प से बच्चों का समग्र विकास लखनऊ उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लंबे समय तक बदहाल स्थिति में रही। 2017 से पहले विद्यालयों में शिक्षक तो थे, लेकिन प्रशिक्षण और संसाधनों की भारी कमी थी। अधिकांश विद्यालयों में न तो पुस्तकालय थे और न ही बच्चों के लिए खेलकूद या डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाएं। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में तो बच्चों को बुनियादी पठन-पाठन सामग्री तक उपलब्ध नहीं होती थी। विद्यालयों में पर्यवेक्षण की व्यवस्था लगभग निष्क्रिय थी और शिक्षकों को पढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधन नहीं मिलते थे। परिणामस्वरूप साक्षरता दर और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही थीं। वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने शिक्षा सुधार को मिशन मोड में लेकर काम किया। एक शिक्षक की तरह उन्होंने कमजोर शैक्षिक व्यवस्था की नस को पकड़ा और‘निपुण भारत मिशन’ से लेकर ‘पीएम श्री विद्यालय’, ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ से लेकर ‘डिजिटल स्टूडियो’ तक ऐसी नई पहलों को शुरू किया जिसकी मदद से आज यूपी की शिक्षा व्यवस्था नए आयाम गढ़ रही है। योगी सरकार के प्रयासों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा और दिशा दी है। जहां पहले विद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित थे, वहीं अब वे डिजिटल नवाचार, विज्ञान, खेलकूद और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के केंद्र बन गए हैं। निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही बच्चों की नींव सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक प्राथमिक स्तर पर सार्वभौमिक साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करना है। अब तक 48,061 विद्यालय ‘निपुण विद्यालय’ घोषित किए जा चुके हैं। यह पहले की स्थिति से बिल्कुल अलग तस्वीर है, जब बच्चों की नींव कमजोर रह जाती थी। यही नहीं,  शिक्षक सशक्तीकरण बन रहा शिक्षा सुधारों की धुरी 2017 से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग बेहद सीमित था। आज स्थिति बदल चुकी है। अब तक 4.33 लाख शिक्षकों और शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरित किए गए हैं। साथ ही गणित किट, टीएलएम, बिग बुक्स, संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई गई है, जिससे कक्षा-शिक्षण अधिक प्रभावी हुआ है। स्मार्ट क्लास से डिजिटल स्टूडियो तक शिक्षा का डिजिटलीकरण पहले ज्यादातर विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड ही शिक्षा का एकमात्र माध्यम था। आज प्रदेश के 25,790 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित हो चुकी हैं। 4,688 विद्यालयों में आईसीटी लैब्स, 880 विकासखंडों में आईसीटी लेब्स और पीएम श्री योजना के तहत 1,129 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इतना ही नहीं, लखनऊ में ₹10 करोड़ की लागत से डिजिटल स्टूडियो बना है और विद्या समीक्षा केंद्र से डेटा आधारित मॉनिटरिंग की जा रही है। सुपरविजन और नवाचार जहां पहले निरीक्षण का काम औपचारिकता मात्र रह गया था, वहीं अब सरकार ने एक संगठित तंत्र विकसित किया है। प्रत्येक विकासखंड में एआरपी, प्रत्येक जनपद में एसआरजी और डायट मेंटर्स नियमित रूप से विद्यालयों का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करते हैं। शिक्षक संकुल बैठकें मासिक एजेंडा आधारित होती हैं और इनमें बेस्ट प्रैक्टिस साझा की जाती हैं। पीएम श्री विद्यालय और राष्ट्रीय आविष्कार अभियान पीएम श्री विद्यालय आधुनिक संसाधनों और शिक्षण पद्धतियों का मॉडल बन चुके हैं। इनमें लाइब्रेरी, खेलकूद सामग्री, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत अब तक 88,500 विद्यार्थियों का एक्सपोजर विजिट कराया गया है। 2025-26 में 150 मेधावी छात्रों को इमरी, बार्क, अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। सभी 10 मंडलों में साइंस पार्क भी स्थापित हो रहे हैं। इको क्लब और हरित पहल जहां पहले शिक्षा और पर्यावरण का कोई खास तालमेल नहीं था, वहीं अब सभी विद्यालयों में इको क्लब बनाए गए हैं। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 27 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। माध्यमिक विद्यालयों में बड़ा सुधार पहले माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगात्मक शिक्षा का अभाव था। अब यहाँ गणित किट, खोजी बॉक्स, टीएलएम प्रदर्शनी, शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम और उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है और अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों के लिए एसआरजी समूह बनाए गए हैं। खेलकूद और समग्र विकास पहले खेलकूद की सुविधाएं केवल चुनिंदा विद्यालयों तक सीमित थीं। अब प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय को ₹5,000 और प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय को ₹10,000 खेलकूद सामग्री के लिए दिए गए हैं। साथ ही 45,614 उच्च प्राथमिक/कम्पोजिट विद्यालयों में समर कैम्प आयोजित कर बच्चों को खेल, कला, संस्कृति और टीमवर्क का अनुभव कराया गया है।